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                <title>IPS - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>IPS RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>दिल्ली पुलिस मुख्यालय में सम्मान का विशेष समारोह</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली, । </strong> दिल्ली पुलिस मुख्यालय पीएचक्यू स्थित आदर्श सभागार में मंगलवार को आयोजित गरिमामय पिपिंग समारोह में सेवानिवृत्त हो रहे दिल्ली पुलिस के 179 पुलिसकर्मियों को मानद पदोन्नति योजना के तहत अगले उच्च मानद पद से सम्मानित किया गया। समारोह में वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों को नए पदों के प्रतीक चिह्न पिप्स लगाकर उनके लंबे और उत्कृष्ट सेवाकाल का सम्मान किया।समारोह की अध्यक्षता विशेष पुलिस आयुक्त कार्मिक एवं वित्त राजेश खुराना, आईपीएस ने की।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सेवानिवृत्त हो रहे पुलिसकर्मियों को सम्मानित करते हुए उनके अनुकरणीय योगदान की सराहना की।अपने संबोधन में राजेश खुराना ने कहा</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182368/special-ceremony-of-honor-at-delhi-police-headquarters"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260630-wa0001.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली, । </strong> दिल्ली पुलिस मुख्यालय पीएचक्यू स्थित आदर्श सभागार में मंगलवार को आयोजित गरिमामय पिपिंग समारोह में सेवानिवृत्त हो रहे दिल्ली पुलिस के 179 पुलिसकर्मियों को मानद पदोन्नति योजना के तहत अगले उच्च मानद पद से सम्मानित किया गया। समारोह में वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों को नए पदों के प्रतीक चिह्न पिप्स लगाकर उनके लंबे और उत्कृष्ट सेवाकाल का सम्मान किया।समारोह की अध्यक्षता विशेष पुलिस आयुक्त कार्मिक एवं वित्त राजेश खुराना, आईपीएस ने की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सेवानिवृत्त हो रहे पुलिसकर्मियों को सम्मानित करते हुए उनके अनुकरणीय योगदान की सराहना की।अपने संबोधन में राजेश खुराना ने कहा कि दिल्ली पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने पूरे सेवाकाल में समर्पण, निष्ठा और कर्तव्यपरायणता के साथ जनता की सेवा की है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराधों की जांच करने तथा अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए उन्होंने विभाग की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि जनसेवा का ऐसा दायित्व है जिसमें अधिकारी और कर्मचारी अपने सहकर्मियों के साथ परिवार से भी अधिक समय बिताते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कठिन परिस्थितियों में साथ काम करने से उनके बीच गहरा विश्वास सहयोग और आत्मीयता विकसित होती है। इसी भावना के कारण "दिल्ली पुलिस परिवार" केवल एक संबोधन नहीं, बल्कि आपसी भाईचारे और एकजुटता का जीवंत प्रतीक है।विशेष पुलिस आयुक्त ने सभी सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों के स्वस्थ, सुखी और समृद्ध जीवन की कामना करते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस भविष्य में भी आवश्यकता पड़ने पर हरसंभव सहयोग के लिए उनके साथ खड़ी रहेगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">समारोह में कुल 179 पुलिसकर्मियों को मानद पदोन्नति प्रदान की गई। इनमें 11 हेड कांस्टेबलों को मानद सहायक उप-निरीक्षक, 48 सहायक उप-निरीक्षकों को मानद उप-निरीक्षक तथा 120 उप-निरीक्षकों को मानद निरीक्षक के पद पर पदोन्नत किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी और उनके परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सम्मान, गौरव और भावनाओं से ओतप्रोत यह समारोह सभी के लिए यादगार बन गया।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
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</div>
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<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 17:45:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Success Story: 33 बार फेल, फिर भी नहीं मानी हार: हिंदी मीडियम से पढ़े आदित्य कुमार बने IPS अफसर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>Success Story: जीवन में संघर्ष और असफलताएं अक्सर हमें कमजोर बना देती हैं, लेकिन कुछ लोग इन्हीं असफलताओं को सीढ़ी बनाकर सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंच जाते हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है आदित्य कुमार की, जो 33 बार परीक्षा में फेल होने के बावजूद UPSC पास करके IPS अफसर बने।</p>
<p>आदित्य राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के अजीतपुरा गांव के रहने वाले हैं। वे हिंदी मीडियम से पढ़े हुए हैं और एक साधारण ग्रामीण परिवेश से आते हैं। लेकिन उन्होंने बचपन से ही तय कर लिया था कि UPSC परीक्षा पास करनी है।</p>
<p>12वीं के बाद उन्होंने विभिन्न सरकारी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/163855/success-story-failed-33-times-but-still-did-not-accept"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/news-2025-06-23t122040.787-780x470.webp" alt=""></a><br /><p>Success Story: जीवन में संघर्ष और असफलताएं अक्सर हमें कमजोर बना देती हैं, लेकिन कुछ लोग इन्हीं असफलताओं को सीढ़ी बनाकर सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंच जाते हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है आदित्य कुमार की, जो 33 बार परीक्षा में फेल होने के बावजूद UPSC पास करके IPS अफसर बने।</p>
<p>आदित्य राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के अजीतपुरा गांव के रहने वाले हैं। वे हिंदी मीडियम से पढ़े हुए हैं और एक साधारण ग्रामीण परिवेश से आते हैं। लेकिन उन्होंने बचपन से ही तय कर लिया था कि UPSC परीक्षा पास करनी है।</p>
<p>12वीं के बाद उन्होंने विभिन्न सरकारी नौकरी परीक्षाओं में हाथ आजमाना शुरू किया। वे 30 बार विभिन्न परीक्षाओं जैसे बैंक, KVS, इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में फेल हुए। इसके बाद उन्होंने UPSC की परीक्षा देने का फैसला किया और यहां भी तीन बार असफलता का सामना किया। कुल मिलाकर वे 33 बार असफल हुए, लेकिन कभी भी अपने लक्ष्य से भटके नहीं।</p>
<p>वर्ष 2013 में आदित्य ने अपने गांव को छोड़कर दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी शुरू की। 2014 में पहले अटेम्प्ट में  प्रीलिम्स भी पास नहीं हुआ। 2015 में दूसरा प्रयास  में प्रीलिम्स और मेंस तो पास हुए, लेकिन इंटरव्यू में ओवरकॉन्फिडेंस के चलते फेल हो गए।</p>
<p>2016 में तीसरा प्रयास में एक बार फिर असफलता हाथ लगी। लेकिन 2017 में चौथे प्रयास में उन्होंने सफलता हासिल की और 630वीं रैंक के साथ यूपीएससी पास किया।</p>
<p>2018 के UPSC रिजल्ट में 630वीं रैंक के साथ IPS कैडर मिला। आज आदित्य कुमार पंजाब के संगरूर जिले में एएसपी (असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस) के पद पर तैनात हैं। आदित्य के माता-पिता दोनों शिक्षक हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Dec 2025 13:12:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>IAS Success Story: डॉक्टरी छोड़ 2 बार पास की UPSC परीक्षा, कड़ी मेहनत से पहले IPS और फिर बनीं IAS</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>IAS Success Story:</strong> यूपीएससी को देश की सबसे मुश्किल परीक्षा में से एक माना जाता है। इस परीक्षा को पास करने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है। इसी तरह, पूर्व IPS अधिकारी मुद्रा गैरोला जो बाद में आईएएस अफसर बनीं। अपने पिता का सपना पूरा करते हुए सिविल सेवा में अपना करियर बनाने के लिए मेडिकल करियर छोड़ दिया।</p>
<p>IAS मुद्रा गैरोला, मूल रूप से उत्तराखंड के चमोली के कर्णप्रयाग की रहने वाली हैं। हालांकि, अब वह अपने परिवार के साथ दिल्ली में रहती हैं। कम उम्र से ही पढ़ाई में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए, उन्होंने लगातार अपनी कक्षा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/163322/ias-success-story-left-medicine-and-passed-upsc-exam-twice"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/ias-mudra-gairola-(2)1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>IAS Success Story:</strong> यूपीएससी को देश की सबसे मुश्किल परीक्षा में से एक माना जाता है। इस परीक्षा को पास करने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है। इसी तरह, पूर्व IPS अधिकारी मुद्रा गैरोला जो बाद में आईएएस अफसर बनीं। अपने पिता का सपना पूरा करते हुए सिविल सेवा में अपना करियर बनाने के लिए मेडिकल करियर छोड़ दिया।</p>
<p>IAS मुद्रा गैरोला, मूल रूप से उत्तराखंड के चमोली के कर्णप्रयाग की रहने वाली हैं। हालांकि, अब वह अपने परिवार के साथ दिल्ली में रहती हैं। कम उम्र से ही पढ़ाई में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए, उन्होंने लगातार अपनी कक्षा में टॉप रैंक हासिल की। उल्लेखनीय सफलता प्राप्त करते हुए, मुद्रा ने अपनी कक्षा 10वीं की परीक्षा में 96% और कक्षा 12वीं में 97% अंक प्राप्त किए। उन्हें भारत की पहली महिला IPS अधिकारी किरण बेदी से उनकी उपलब्धियों के लिए पुरस्कार भी मिला था।</p>
<p>अपनी स्कूली शिक्षा के बाद, उन्होंने मुंबई के एक मेडिकल कॉलेज में बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी (BDS) की पढ़ाई की, जहां उन्होंने गोल्ड मेडल भी जीता। इसके बाद, अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद, वह मास्टर ऑफ डेंटल सर्जरी (MDS) का कोर्स करने के लिए दिल्ली चली गईं।</p>
<p>उनके पिता अरुण गैरोला, जिन्होंने 1973 में यूपीएससी परीक्षा दी थी, लेकिन सफल नहीं हो पाए थे, वह चाहते थे कि उनकी बेटी भी सिविल सेवा परीक्षा दे और आईएएस अधिकारी का प्रतिष्ठित पद हासिल करे।</p>
<p>अपने पिता की आजीवन आकांक्षा को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए, मुद्रा गैरोला ने अपनी मास्टर की पढ़ाई बीच में ही छोड़ने और यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए खुद को समर्पित करने का साहसी निर्णय लिया। साल 2018 में अपने पहले प्रयास में इंटरव्यू राउंड तक पहुंचने के बावजूद, 2019 और 2020 में असफल प्रयासों के बावजूद, मुद्रा ने हार नहीं मानी।</p>
<p>उनके अटूट दृढ़ संकल्प ने 2021 में उन्हें सफलता दिलाई। उन्होंने परीक्षा में सफलतापूर्वक 165वीं रैंक हासिल की, जिससे उनका आईपीएस अधिकारी बनने का सपना पूरा हुआ। लेकिन वह आईपीएस के पद से संतुष्ट नहीं थी, इसलिए साल 2022 में मुद्रा ने यूपीएससी परीक्षा फिर से दी और इस बार 53वीं रैंक हासिल करते हुए आईएएस अधिकारी का प्रतिष्ठित पद प्राप्त किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/163322/ias-success-story-left-medicine-and-passed-upsc-exam-twice</link>
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                <pubDate>Sun, 14 Dec 2025 15:24:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Success Story: 33 बार फेल, फिर भी नहीं मानी हार: हिंदी मीडियम से पढ़े आदित्य कुमार बने IPS अफसर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>Success Story: जीवन में संघर्ष और असफलताएं अक्सर हमें कमजोर बना देती हैं, लेकिन कुछ लोग इन्हीं असफलताओं को सीढ़ी बनाकर सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंच जाते हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है आदित्य कुमार की, जो 33 बार परीक्षा में फेल होने के बावजूद UPSC पास करके IPS अफसर बने।</p>
<p>आदित्य राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के अजीतपुरा गांव के रहने वाले हैं। वे हिंदी मीडियम से पढ़े हुए हैं और एक साधारण ग्रामीण परिवेश से आते हैं। लेकिन उन्होंने बचपन से ही तय कर लिया था कि UPSC परीक्षा पास करनी है।</p>
<p>12वीं के बाद उन्होंने विभिन्न सरकारी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/162830/success-story-failed-33-times-but-still-did-not-accept"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/news-2025-06-23t122040.787-780x470.webp" alt=""></a><br /><p>Success Story: जीवन में संघर्ष और असफलताएं अक्सर हमें कमजोर बना देती हैं, लेकिन कुछ लोग इन्हीं असफलताओं को सीढ़ी बनाकर सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंच जाते हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है आदित्य कुमार की, जो 33 बार परीक्षा में फेल होने के बावजूद UPSC पास करके IPS अफसर बने।</p>
<p>आदित्य राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के अजीतपुरा गांव के रहने वाले हैं। वे हिंदी मीडियम से पढ़े हुए हैं और एक साधारण ग्रामीण परिवेश से आते हैं। लेकिन उन्होंने बचपन से ही तय कर लिया था कि UPSC परीक्षा पास करनी है।</p>
<p>12वीं के बाद उन्होंने विभिन्न सरकारी नौकरी परीक्षाओं में हाथ आजमाना शुरू किया। वे 30 बार विभिन्न परीक्षाओं जैसे बैंक, KVS, इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में फेल हुए। इसके बाद उन्होंने UPSC की परीक्षा देने का फैसला किया और यहां भी तीन बार असफलता का सामना किया। कुल मिलाकर वे 33 बार असफल हुए, लेकिन कभी भी अपने लक्ष्य से भटके नहीं।</p>
<p>वर्ष 2013 में आदित्य ने अपने गांव को छोड़कर दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी शुरू की। 2014 में पहले अटेम्प्ट में  प्रीलिम्स भी पास नहीं हुआ। 2015 में दूसरा प्रयास  में प्रीलिम्स और मेंस तो पास हुए, लेकिन इंटरव्यू में ओवरकॉन्फिडेंस के चलते फेल हो गए।</p>
<p>2016 में तीसरा प्रयास में एक बार फिर असफलता हाथ लगी। लेकिन 2017 में चौथे प्रयास में उन्होंने सफलता हासिल की और 630वीं रैंक के साथ यूपीएससी पास किया।</p>
<p>2018 के UPSC रिजल्ट में 630वीं रैंक के साथ IPS कैडर मिला। आज आदित्य कुमार पंजाब के संगरूर जिले में एएसपी (असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस) के पद पर तैनात हैं। आदित्य के माता-पिता दोनों शिक्षक हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Dec 2025 18:43:02 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>IAS Success Story: डॉक्टरी छोड़ 2 बार पास की UPSC परीक्षा, कड़ी मेहनत से पहले IPS और फिर बनीं IAS</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>IAS Success Story:</strong> यूपीएससी को देश की सबसे मुश्किल परीक्षा में से एक माना जाता है। इस परीक्षा को पास करने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है। इसी तरह, पूर्व IPS अधिकारी मुद्रा गैरोला जो बाद में आईएएस अफसर बनीं। अपने पिता का सपना पूरा करते हुए सिविल सेवा में अपना करियर बनाने के लिए मेडिकल करियर छोड़ दिया।</p>
<p>IAS मुद्रा गैरोला, मूल रूप से उत्तराखंड के चमोली के कर्णप्रयाग की रहने वाली हैं। हालांकि, अब वह अपने परिवार के साथ दिल्ली में रहती हैं। कम उम्र से ही पढ़ाई में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए, उन्होंने लगातार अपनी कक्षा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/162775/success-story-left-medicine-and-passed-upsc-exam-twice-with"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/ias-mudra-gairola-(2).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>IAS Success Story:</strong> यूपीएससी को देश की सबसे मुश्किल परीक्षा में से एक माना जाता है। इस परीक्षा को पास करने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है। इसी तरह, पूर्व IPS अधिकारी मुद्रा गैरोला जो बाद में आईएएस अफसर बनीं। अपने पिता का सपना पूरा करते हुए सिविल सेवा में अपना करियर बनाने के लिए मेडिकल करियर छोड़ दिया।</p>
<p>IAS मुद्रा गैरोला, मूल रूप से उत्तराखंड के चमोली के कर्णप्रयाग की रहने वाली हैं। हालांकि, अब वह अपने परिवार के साथ दिल्ली में रहती हैं। कम उम्र से ही पढ़ाई में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए, उन्होंने लगातार अपनी कक्षा में टॉप रैंक हासिल की। उल्लेखनीय सफलता प्राप्त करते हुए, मुद्रा ने अपनी कक्षा 10वीं की परीक्षा में 96% और कक्षा 12वीं में 97% अंक प्राप्त किए। उन्हें भारत की पहली महिला IPS अधिकारी किरण बेदी से उनकी उपलब्धियों के लिए पुरस्कार भी मिला था।</p>
<p>अपनी स्कूली शिक्षा के बाद, उन्होंने मुंबई के एक मेडिकल कॉलेज में बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी (BDS) की पढ़ाई की, जहां उन्होंने गोल्ड मेडल भी जीता। इसके बाद, अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद, वह मास्टर ऑफ डेंटल सर्जरी (MDS) का कोर्स करने के लिए दिल्ली चली गईं।</p>
<p>उनके पिता अरुण गैरोला, जिन्होंने 1973 में यूपीएससी परीक्षा दी थी, लेकिन सफल नहीं हो पाए थे, वह चाहते थे कि उनकी बेटी भी सिविल सेवा परीक्षा दे और आईएएस अधिकारी का प्रतिष्ठित पद हासिल करे।</p>
<p>अपने पिता की आजीवन आकांक्षा को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए, मुद्रा गैरोला ने अपनी मास्टर की पढ़ाई बीच में ही छोड़ने और यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए खुद को समर्पित करने का साहसी निर्णय लिया। साल 2018 में अपने पहले प्रयास में इंटरव्यू राउंड तक पहुंचने के बावजूद, 2019 और 2020 में असफल प्रयासों के बावजूद, मुद्रा ने हार नहीं मानी।</p>
<p>उनके अटूट दृढ़ संकल्प ने 2021 में उन्हें सफलता दिलाई। उन्होंने परीक्षा में सफलतापूर्वक 165वीं रैंक हासिल की, जिससे उनका आईपीएस अधिकारी बनने का सपना पूरा हुआ। लेकिन वह आईपीएस के पद से संतुष्ट नहीं थी, इसलिए साल 2022 में मुद्रा ने यूपीएससी परीक्षा फिर से दी और इस बार 53वीं रैंक हासिल करते हुए आईएएस अधिकारी का प्रतिष्ठित पद प्राप्त किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Dec 2025 10:49:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Success Story: कौन है IAS अफसर Farah Hussain, हर तरफ हो रही चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>Success Story: भारत में UPSC की सिविल सेवा परीक्षा सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है। हर साल देशभर के लाखों छात्र IAS, आईपीएस (IPS) या आईएफएस (IFS) अधिकारी बनने का सपना देखते हैं, लेकिन, उन्हें से कुछ लोग ही इस सपने को पूरा कर पाते हैं।</p>
<p>आज हम आपको ऐसी ही आईएएस अधिकारी फराह हुसैन (IAS Farah Hussain के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने यूपीएससी का एग्जाम पास किया और आईएएस अधिकारी बनकर अपने परिवार का सपना पूरा किया। खास बात यह है कि Farah Hussain ऐसे परिवार से आती हैं जो उपलब्धियों से भरा हुई है,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/162418/success-story-who-is-ias-officer-farah-hussain-is-being"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/ias-farrah-hussain.jpg" alt=""></a><br /><p>Success Story: भारत में UPSC की सिविल सेवा परीक्षा सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है। हर साल देशभर के लाखों छात्र IAS, आईपीएस (IPS) या आईएफएस (IFS) अधिकारी बनने का सपना देखते हैं, लेकिन, उन्हें से कुछ लोग ही इस सपने को पूरा कर पाते हैं।</p>
<p>आज हम आपको ऐसी ही आईएएस अधिकारी फराह हुसैन (IAS Farah Hussain के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने यूपीएससी का एग्जाम पास किया और आईएएस अधिकारी बनकर अपने परिवार का सपना पूरा किया। खास बात यह है कि Farah Hussain ऐसे परिवार से आती हैं जो उपलब्धियों से भरा हुई है, जिनमें से पहले से ही कई लोग टॉप सरकारी पदों पर तैनात है।</p>
<p>मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, Farah Hussain का जन्म राजस्थान के झुंझुनू जिले में हुआ था। वह नवान गांव में एक मुस्लिम परिवार से आती हैं, जिसकी जड़ें सार्वजनिक सेवा में गहरी हैं। Farah Hussain ने हायर एजुकेशन की और इसके बाद IAS अधिकारी अपने परिवार का नाम रौशन किया।</p>
<p>बताया जा रहा है कि Farah Hussain ने राजस्थान के झुंझुनू में ही अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की और इसके बाद वह मुंबई चली गईं। जहां पर उन्होंने गवर्नमेंट लॉ कॉलेज से कानून की पढ़ाई की। खबरों की माने, तो शुरू में Farah Hussainडॉक्टर बनना चाहती थीं, लेकिन समय के साथ उनके लक्ष्य बदल भी गए।</p>
<p>वह पहले एक क्रिमिनल वकील बनीं और बाद में उन्होंन UPSC की तैयारी करना शुरू कर दिया। Farah Hussain ने 26 साल की उम्र में 2016 में यूपीएसई परीक्षा दूसरा अटेंप्ट दिया और एग्जाम पास कर लिया। इसके साथ ही उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 267 हासिल की।</p>
<p><strong>फराह खान के परिवार के अधिकतर लोग हैं सरकारी अधिकारी</strong></p>
<p>बताया जाता है कि फराह खान एक ऐसे परिवार से आती हैं। जहां अधिकतर लोग सरकारी अधिकारी है। उनके पिता का नाम अशफाक हुसैन हैं, जो एक जिला कलेक्टर के रूप में कार्यरत थे और साल 2016 में IAS के रूप में पदोन्नत हु। वहीं उनके चाचा का नाम लियाकत खान हैं।</p>
<p>वह एक सीनियर IPS अधिकारी थे और जो IG के रूप में रिटायर हुए। इसके अलावा वह वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष भी रहे। वहीं उनके दूसरे चाचा का जाकिर खान है। वह ङी एक IAS अधिकारी हैं।</p>
<p>इसके अलावा आईएएस अधिकारी फराह की बड़ी बहन राजस्थान हाईकोर्ट में वकील हैं। उनके चचेरे भाई और ससुराल वाले भी अहम पदों पर कार्यरत हैं ।</p>
<p><strong>पति भी हैं आईएसएस अधिकारी</strong></p>
<p>खबरों की मानें, तो फराह खान के पति कमर उल जमान चौधरी भी एक IAS अधिकारी हैं, वह अभी जोधपुर में तैनात हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Dec 2025 13:13:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Success Story: 33 बार फेल, फिर भी नहीं मानी हार: हिंदी मीडियम से पढ़े आदित्य कुमार बने IPS अफसर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>Success Story: जीवन में संघर्ष और असफलताएं अक्सर हमें कमजोर बना देती हैं, लेकिन कुछ लोग इन्हीं असफलताओं को सीढ़ी बनाकर सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंच जाते हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है आदित्य कुमार की, जो 33 बार परीक्षा में फेल होने के बावजूद UPSC पास करके IPS अफसर बने।</p>
<p>आदित्य राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के अजीतपुरा गांव के रहने वाले हैं। वे हिंदी मीडियम से पढ़े हुए हैं और एक साधारण ग्रामीण परिवेश से आते हैं। लेकिन उन्होंने बचपन से ही तय कर लिया था कि UPSC परीक्षा पास करनी है।</p>
<p>12वीं के बाद उन्होंने विभिन्न सरकारी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/161615/success-story-failed-33-times-but-still-did-not-accept"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/news-2025-06-23t122040.787-780x470.webp" alt=""></a><br /><p>Success Story: जीवन में संघर्ष और असफलताएं अक्सर हमें कमजोर बना देती हैं, लेकिन कुछ लोग इन्हीं असफलताओं को सीढ़ी बनाकर सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंच जाते हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है आदित्य कुमार की, जो 33 बार परीक्षा में फेल होने के बावजूद UPSC पास करके IPS अफसर बने।</p>
<p>आदित्य राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के अजीतपुरा गांव के रहने वाले हैं। वे हिंदी मीडियम से पढ़े हुए हैं और एक साधारण ग्रामीण परिवेश से आते हैं। लेकिन उन्होंने बचपन से ही तय कर लिया था कि UPSC परीक्षा पास करनी है।</p>
<p>12वीं के बाद उन्होंने विभिन्न सरकारी नौकरी परीक्षाओं में हाथ आजमाना शुरू किया। वे 30 बार विभिन्न परीक्षाओं जैसे बैंक, KVS, इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में फेल हुए। इसके बाद उन्होंने UPSC की परीक्षा देने का फैसला किया और यहां भी तीन बार असफलता का सामना किया। कुल मिलाकर वे 33 बार असफल हुए, लेकिन कभी भी अपने लक्ष्य से भटके नहीं।</p>
<p>वर्ष 2013 में आदित्य ने अपने गांव को छोड़कर दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी शुरू की। 2014 में पहले अटेम्प्ट में  प्रीलिम्स भी पास नहीं हुआ। 2015 में दूसरा प्रयास  में प्रीलिम्स और मेंस तो पास हुए, लेकिन इंटरव्यू में ओवरकॉन्फिडेंस के चलते फेल हो गए।</p>
<p>2016 में तीसरा प्रयास में एक बार फिर असफलता हाथ लगी। लेकिन 2017 में चौथे प्रयास में उन्होंने सफलता हासिल की और 630वीं रैंक के साथ यूपीएससी पास किया।</p>
<p>2018 के UPSC रिजल्ट में 630वीं रैंक के साथ IPS कैडर मिला। आज आदित्य कुमार पंजाब के संगरूर जिले में एएसपी (असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस) के पद पर तैनात हैं। आदित्य के माता-पिता दोनों शिक्षक हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Nov 2025 11:20:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Success Story: 33 बार फेल, फिर भी नहीं मानी हार: हिंदी मीडियम से पढ़े आदित्य कुमार बने IPS अफसर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>Success Story: जीवन में संघर्ष और असफलताएं अक्सर हमें कमजोर बना देती हैं, लेकिन कुछ लोग इन्हीं असफलताओं को सीढ़ी बनाकर सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंच जाते हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है आदित्य कुमार की, जो 33 बार परीक्षा में फेल होने के बावजूद UPSC पास करके IPS अफसर बने।</p>
<p>आदित्य राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के अजीतपुरा गांव के रहने वाले हैं। वे हिंदी मीडियम से पढ़े हुए हैं और एक साधारण ग्रामीण परिवेश से आते हैं। लेकिन उन्होंने बचपन से ही तय कर लिया था कि UPSC परीक्षा पास करनी है।</p>
<p>12वीं के बाद उन्होंने विभिन्न सरकारी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/161243/success-story-failed-33-times-but-still-did-not-accept"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/news-2025-06-23t122040.787-780x470.webp" alt=""></a><br /><p>Success Story: जीवन में संघर्ष और असफलताएं अक्सर हमें कमजोर बना देती हैं, लेकिन कुछ लोग इन्हीं असफलताओं को सीढ़ी बनाकर सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंच जाते हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है आदित्य कुमार की, जो 33 बार परीक्षा में फेल होने के बावजूद UPSC पास करके IPS अफसर बने।</p>
<p>आदित्य राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के अजीतपुरा गांव के रहने वाले हैं। वे हिंदी मीडियम से पढ़े हुए हैं और एक साधारण ग्रामीण परिवेश से आते हैं। लेकिन उन्होंने बचपन से ही तय कर लिया था कि UPSC परीक्षा पास करनी है।</p>
<p>12वीं के बाद उन्होंने विभिन्न सरकारी नौकरी परीक्षाओं में हाथ आजमाना शुरू किया। वे 30 बार विभिन्न परीक्षाओं जैसे बैंक, KVS, इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में फेल हुए। इसके बाद उन्होंने UPSC की परीक्षा देने का फैसला किया और यहां भी तीन बार असफलता का सामना किया। कुल मिलाकर वे 33 बार असफल हुए, लेकिन कभी भी अपने लक्ष्य से भटके नहीं।</p>
<p>वर्ष 2013 में आदित्य ने अपने गांव को छोड़कर दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी शुरू की। 2014 में पहले अटेम्प्ट में  प्रीलिम्स भी पास नहीं हुआ। 2015 में दूसरा प्रयास  में प्रीलिम्स और मेंस तो पास हुए, लेकिन इंटरव्यू में ओवरकॉन्फिडेंस के चलते फेल हो गए।</p>
<p>2016 में तीसरा प्रयास में एक बार फिर असफलता हाथ लगी। लेकिन 2017 में चौथे प्रयास में उन्होंने सफलता हासिल की और 630वीं रैंक के साथ यूपीएससी पास किया।</p>
<p>2018 के UPSC रिजल्ट में 630वीं रैंक के साथ IPS कैडर मिला। आज आदित्य कुमार पंजाब के संगरूर जिले में एएसपी (असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस) के पद पर तैनात हैं। आदित्य के माता-पिता दोनों शिक्षक हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Nov 2025 14:46:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>Success Story: 33 बार फेल, फिर भी नहीं मानी हार: हिंदी मीडियम से पढ़े आदित्य कुमार बने IPS अफसर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>Success Story: जीवन में संघर्ष और असफलताएं अक्सर हमें कमजोर बना देती हैं, लेकिन कुछ लोग इन्हीं असफलताओं को सीढ़ी बनाकर सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंच जाते हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है आदित्य कुमार की, जो 33 बार परीक्षा में फेल होने के बावजूद UPSC पास करके IPS अफसर बने।</p>
<p>आदित्य राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के अजीतपुरा गांव के रहने वाले हैं। वे हिंदी मीडियम से पढ़े हुए हैं और एक साधारण ग्रामीण परिवेश से आते हैं। लेकिन उन्होंने बचपन से ही तय कर लिया था कि UPSC परीक्षा पास करनी है।</p>
<p>12वीं के बाद उन्होंने विभिन्न सरकारी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/160596/success-story-failed-33-times-but-still-did-not-accept"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/news-2025-06-23t122040.787-780x470.webp" alt=""></a><br /><p>Success Story: जीवन में संघर्ष और असफलताएं अक्सर हमें कमजोर बना देती हैं, लेकिन कुछ लोग इन्हीं असफलताओं को सीढ़ी बनाकर सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंच जाते हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है आदित्य कुमार की, जो 33 बार परीक्षा में फेल होने के बावजूद UPSC पास करके IPS अफसर बने।</p>
<p>आदित्य राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के अजीतपुरा गांव के रहने वाले हैं। वे हिंदी मीडियम से पढ़े हुए हैं और एक साधारण ग्रामीण परिवेश से आते हैं। लेकिन उन्होंने बचपन से ही तय कर लिया था कि UPSC परीक्षा पास करनी है।</p>
<p>12वीं के बाद उन्होंने विभिन्न सरकारी नौकरी परीक्षाओं में हाथ आजमाना शुरू किया। वे 30 बार विभिन्न परीक्षाओं जैसे बैंक, KVS, इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में फेल हुए। इसके बाद उन्होंने UPSC की परीक्षा देने का फैसला किया और यहां भी तीन बार असफलता का सामना किया। कुल मिलाकर वे 33 बार असफल हुए, लेकिन कभी भी अपने लक्ष्य से भटके नहीं।</p>
<p>वर्ष 2013 में आदित्य ने अपने गांव को छोड़कर दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी शुरू की। 2014 में पहले अटेम्प्ट में  प्रीलिम्स भी पास नहीं हुआ। 2015 में दूसरा प्रयास  में प्रीलिम्स और मेंस तो पास हुए, लेकिन इंटरव्यू में ओवरकॉन्फिडेंस के चलते फेल हो गए।</p>
<p>2016 में तीसरा प्रयास में एक बार फिर असफलता हाथ लगी। लेकिन 2017 में चौथे प्रयास में उन्होंने सफलता हासिल की और 630वीं रैंक के साथ यूपीएससी पास किया।</p>
<p>2018 के UPSC रिजल्ट में 630वीं रैंक के साथ IPS कैडर मिला। आज आदित्य कुमार पंजाब के संगरूर जिले में एएसपी (असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस) के पद पर तैनात हैं। आदित्य के माता-पिता दोनों शिक्षक हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 16 Nov 2025 21:55:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>IAS Success Story: कौन है IAS अफसर फराह हुसैन, हर तरफ हो रही चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>IAS Success Story: भारत में UPSC की सिविल सेवा परीक्षा सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है। हर साल देशभर के लाखों छात्र IAS, आईपीएस (IPS) या आईएफएस (IFS) अधिकारी बनने का सपना देखते हैं, लेकिन, उन्हें से कुछ लोग ही इस सपने को पूरा कर पाते हैं।</p>
<p>आज हम आपको ऐसी ही आईएएस अधिकारी फराह हुसैन (IAS Farah Hussain के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने यूपीएससी का एग्जाम पास किया और आईएएस अधिकारी बनकर अपने परिवार का सपना पूरा किया। खास बात यह है कि Farah Hussain ऐसे परिवार से आती हैं जो उपलब्धियों से भरा हुई</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/160315/ias-success-story-who-is-ias-officer-farah-hussain-is"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/ias-farah-hussain.jpg" alt=""></a><br /><p>IAS Success Story: भारत में UPSC की सिविल सेवा परीक्षा सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है। हर साल देशभर के लाखों छात्र IAS, आईपीएस (IPS) या आईएफएस (IFS) अधिकारी बनने का सपना देखते हैं, लेकिन, उन्हें से कुछ लोग ही इस सपने को पूरा कर पाते हैं।</p>
<p>आज हम आपको ऐसी ही आईएएस अधिकारी फराह हुसैन (IAS Farah Hussain के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने यूपीएससी का एग्जाम पास किया और आईएएस अधिकारी बनकर अपने परिवार का सपना पूरा किया। खास बात यह है कि Farah Hussain ऐसे परिवार से आती हैं जो उपलब्धियों से भरा हुई है, जिनमें से पहले से ही कई लोग टॉप सरकारी पदों पर तैनात है।</p>
<p>मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, Farah Hussain का जन्म राजस्थान के झुंझुनू जिले में हुआ था। वह नवान गांव में एक मुस्लिम परिवार से आती हैं, जिसकी जड़ें सार्वजनिक सेवा में गहरी हैं। Farah Hussain ने हायर एजुकेशन की और इसके बाद IAS अधिकारी अपने परिवार का नाम रौशन किया।</p>
<p>बताया जा रहा है कि Farah Hussain ने राजस्थान के झुंझुनू में ही अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की और इसके बाद वह मुंबई चली गईं। जहां पर उन्होंने गवर्नमेंट लॉ कॉलेज से कानून की पढ़ाई की। खबरों की माने, तो शुरू में Farah Hussainडॉक्टर बनना चाहती थीं, लेकिन समय के साथ उनके लक्ष्य बदल भी गए।</p>
<p>वह पहले एक क्रिमिनल वकील बनीं और बाद में उन्होंन UPSC की तैयारी करना शुरू कर दिया। Farah Hussain ने 26 साल की उम्र में 2016 में यूपीएसई परीक्षा दूसरा अटेंप्ट दिया और एग्जाम पास कर लिया। इसके साथ ही उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 267 हासिल की।</p>
<p><strong>फराह खान के परिवार के अधिकतर लोग हैं सरकारी अधिकारी</strong></p>
<p>बताया जाता है कि फराह खान एक ऐसे परिवार से आती हैं। जहां अधिकतर लोग सरकारी अधिकारी है। उनके पिता का नाम अशफाक हुसैन हैं, जो एक जिला कलेक्टर के रूप में कार्यरत थे और साल 2016 में IAS के रूप में पदोन्नत हु। वहीं उनके चाचा का नाम लियाकत खान हैं।</p>
<p>वह एक सीनियर IPS अधिकारी थे और जो IG के रूप में रिटायर हुए। इसके अलावा वह वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष भी रहे। वहीं उनके दूसरे चाचा का जाकिर खान है। वह ङी एक IAS अधिकारी हैं।</p>
<p>इसके अलावा आईएएस अधिकारी फराह की बड़ी बहन राजस्थान हाईकोर्ट में वकील हैं। उनके चचेरे भाई और ससुराल वाले भी अहम पदों पर कार्यरत हैं ।</p>
<p><strong>पति भी हैं आईएसएस अधिकारी</strong></p>
<p>खबरों की मानें, तो फराह खान के पति कमर उल जमान चौधरी भी एक IAS अधिकारी हैं, वह अभी जोधपुर में तैनात हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Nov 2025 17:03:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Success Story: 33 बार फेल, फिर भी नहीं मानी हार: हिंदी मीडियम से पढ़े आदित्य कुमार बने IPS अफसर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>Success Story: जीवन में संघर्ष और असफलताएं अक्सर हमें कमजोर बना देती हैं, लेकिन कुछ लोग इन्हीं असफलताओं को सीढ़ी बनाकर सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंच जाते हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है आदित्य कुमार की, जो 33 बार परीक्षा में फेल होने के बावजूद UPSC पास करके IPS अफसर बने।</p>
<p>आदित्य राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के अजीतपुरा गांव के रहने वाले हैं। वे हिंदी मीडियम से पढ़े हुए हैं और एक साधारण ग्रामीण परिवेश से आते हैं। लेकिन उन्होंने बचपन से ही तय कर लिया था कि UPSC परीक्षा पास करनी है।</p>
<p>12वीं के बाद उन्होंने विभिन्न सरकारी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/159438/success-story-failed-33-times-but-still-did-not-accept"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/news-2025-06-23t122040.787-780x470.webp" alt=""></a><br /><p>Success Story: जीवन में संघर्ष और असफलताएं अक्सर हमें कमजोर बना देती हैं, लेकिन कुछ लोग इन्हीं असफलताओं को सीढ़ी बनाकर सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंच जाते हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है आदित्य कुमार की, जो 33 बार परीक्षा में फेल होने के बावजूद UPSC पास करके IPS अफसर बने।</p>
<p>आदित्य राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के अजीतपुरा गांव के रहने वाले हैं। वे हिंदी मीडियम से पढ़े हुए हैं और एक साधारण ग्रामीण परिवेश से आते हैं। लेकिन उन्होंने बचपन से ही तय कर लिया था कि UPSC परीक्षा पास करनी है।</p>
<p>12वीं के बाद उन्होंने विभिन्न सरकारी नौकरी परीक्षाओं में हाथ आजमाना शुरू किया। वे 30 बार विभिन्न परीक्षाओं जैसे बैंक, KVS, इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में फेल हुए। इसके बाद उन्होंने UPSC की परीक्षा देने का फैसला किया और यहां भी तीन बार असफलता का सामना किया। कुल मिलाकर वे 33 बार असफल हुए, लेकिन कभी भी अपने लक्ष्य से भटके नहीं।</p>
<p>वर्ष 2013 में आदित्य ने अपने गांव को छोड़कर दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी शुरू की। 2014 में पहले अटेम्प्ट में  प्रीलिम्स भी पास नहीं हुआ। 2015 में दूसरा प्रयास  में प्रीलिम्स और मेंस तो पास हुए, लेकिन इंटरव्यू में ओवरकॉन्फिडेंस के चलते फेल हो गए।</p>
<p>2016 में तीसरा प्रयास में एक बार फिर असफलता हाथ लगी। लेकिन 2017 में चौथे प्रयास में उन्होंने सफलता हासिल की और 630वीं रैंक के साथ यूपीएससी पास किया।</p>
<p>2018 के UPSC रिजल्ट में 630वीं रैंक के साथ IPS कैडर मिला। आज आदित्य कुमार पंजाब के संगरूर जिले में एएसपी (असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस) के पद पर तैनात हैं। आदित्य के माता-पिता दोनों शिक्षक हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 09 Nov 2025 12:29:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Success Story: छोटे से गांव के किसान की बेटी बनीं IAS अफसर, सेल्फ स्टडी से ऐसे बनीं टॉपर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Success Story: </strong>यूपीएससी को देश की सबसे मुश्किल परीक्षा माना जाता है। इस परीक्षा को पास करने के दिन-रात मेहनत करनी पड़ती है। आज हम आपको ऐसी IAS अफसर के बारे में बताने जा रहे है जो छोटे से गांव से निकलकर IAS अफसर बनीं। जानिए सफलता की कहानी...</p>
<p><strong>बेटी बनीं अधिकारी</strong></p>
<p>तपस्या परिहार का जन्म मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के जोबा गांव में हुआ। उनके पिता एक किसान है। तपस्या अपने मजबूत इरादों और मेहनत के दम पर सफलता हासिल करने में कामयाब हुई।</p>
<p><strong>कानून की पढ़ाई</strong></p>
<p>तपस्या की स्कूली पढ़ाई KV से हुई। इसके बाद उन्होंने पुणे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/158318/success-story-farmers-daughter-from-a-small-village-became-an"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/latest-news---2025-10-26t121046.779.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Success Story: </strong>यूपीएससी को देश की सबसे मुश्किल परीक्षा माना जाता है। इस परीक्षा को पास करने के दिन-रात मेहनत करनी पड़ती है। आज हम आपको ऐसी IAS अफसर के बारे में बताने जा रहे है जो छोटे से गांव से निकलकर IAS अफसर बनीं। जानिए सफलता की कहानी...</p>
<p><strong>बेटी बनीं अधिकारी</strong></p>
<p>तपस्या परिहार का जन्म मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के जोबा गांव में हुआ। उनके पिता एक किसान है। तपस्या अपने मजबूत इरादों और मेहनत के दम पर सफलता हासिल करने में कामयाब हुई।</p>
<p><strong>कानून की पढ़ाई</strong></p>
<p>तपस्या की स्कूली पढ़ाई KV से हुई। इसके बाद उन्होंने पुणे स्थित इंडियन लॉ सोसायटी कॉलेज से कानून की पढ़ाई की। इसी दौरान उनके अंदर UPSC का सपना पनपने लगा। लॉ की डिग्री के बाद उन्होंने UPSC की तैयारी शुरु की।</p>
<p><strong>नहीं मानी हार</strong></p>
<p>पहले प्रयास में तपस्या UPSC प्रीलिम्स में भी सफलता हासिल नहीं कर पाई। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। इस असफलता के बदा उन्होंने खुद को ज्यादा मेहनत के लिए तैयार किया।</p>
<p><strong>ऐसे बनीं टॉपर</strong></p>
<p>पहले प्रयास में फेल होने के बाद तपस्या ने कोचिंग नहीं लेने का फैसला लिया और पूरी तरह से सेल्फ स्टडी की। उन्होनें पुराने पेपर, नियमित रिवीजन और समय प्रबंधन को प्राथमिकता दी। इस बाह उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने UPSC 2017 में ऑल इंडिया 23वीं रैंक हासिल कर IAS बनने का सपना सच कर दिखाया।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Oct 2025 12:11:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
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