<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/12561/awaidh--kabja" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>Awaidh  kabja - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/12561/rss</link>
                <description>Awaidh  kabja RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नगर पालिका द्वारा बनाये गए करोड़ों की लागत से नाले पर अवैध कब्जा</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong></div>
<div><strong>सीतापुर।</strong> प्रदेश सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में अवैध कब्जेदारों पर व्यापक पैमाने पर जबरजस्त तरीके से बुलडोज़र की कार्यवाही की गई है जिससे प्रदेश के मुखिया की पहचान बुलडोज़र बाबा से बन गयी। उन्ही की तर्ज़ पर खैराबाद नगर पालिका प्रशासन के द्वारा कस्बे में अवैध अतिक्रमण कारियों पर बिलडोज़र की कार्यवाही ने कहर बरपाया है</div>
<div>  </div>
<div>जिससे अवैध अतिक्रमण कारियों के हौसले पस्त हो गए है। उसके बावजूद अवध धर्मकांटा संचालक ने दबंगई दिखाते हुए सड़क के किनारे तक मौरंग, गिट्टी, राबिश डाल कर सरकारी जमीन पर कब्ज़ा किया जा रहा है जिससे राहगीरों के</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/139348/illegal-encroachment-on-drain-constructed-by-municipality-at-a-cost"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-03/img-20240313-wa0010.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong></div>
<div><strong>सीतापुर।</strong> प्रदेश सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में अवैध कब्जेदारों पर व्यापक पैमाने पर जबरजस्त तरीके से बुलडोज़र की कार्यवाही की गई है जिससे प्रदेश के मुखिया की पहचान बुलडोज़र बाबा से बन गयी। उन्ही की तर्ज़ पर खैराबाद नगर पालिका प्रशासन के द्वारा कस्बे में अवैध अतिक्रमण कारियों पर बिलडोज़र की कार्यवाही ने कहर बरपाया है</div>
<div> </div>
<div>जिससे अवैध अतिक्रमण कारियों के हौसले पस्त हो गए है। उसके बावजूद अवध धर्मकांटा संचालक ने दबंगई दिखाते हुए सड़क के किनारे तक मौरंग, गिट्टी, राबिश डाल कर सरकारी जमीन पर कब्ज़ा किया जा रहा है जिससे राहगीरों के लिए समस्याये उतपन्न हो रही है</div>
<div> </div>
<div>    गौरतलब हो खैराबाद से लहरपुर मार्ग के किनारे स्थित अवध धर्मकांटे के सामने पड़ी सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने की नीयत से नगर पालिका के द्वारा पूर्व में बनवाये गए करोड़ों की लागत से सरकारी नाले को पाट दिया गया है और उसपर बगैर किसी अनुमति के कब्जा कर लिया गया है।</div>
<div> </div>
<div>बताते है यह नाला बुनियाद हुसैन डिग्री कॉलेज से बीसीएम हॉस्पिटल के निकट तक नगर पालिका के द्वारा बनवाया गया था। जिसको पाट कर अवैध अतिक्रमण किया गया है और इसी नाले से दर्जनों की संख्या में भार वाहन गुजरते हुए गाड़ी का लोड होकर पुनः वापस चली जाती है। जिससे सैकड़ों टन भार वाहन का इसी नाले से प्रतिदिन होकर गुज़रते रहेंगे तो वोह दिन दूर नही जब सरकारी नाला ध्वस्त हो कर पूर्ण रूप से कांटा संचालक के कब्जे में होगा।</div>
<div> </div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/139348/illegal-encroachment-on-drain-constructed-by-municipality-at-a-cost</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/139348/illegal-encroachment-on-drain-constructed-by-municipality-at-a-cost</guid>
                <pubDate>Thu, 14 Mar 2024 16:15:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-03/img-20240313-wa0010.jpg"                         length="69011"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गांव सभा सुन्दरवल में सरकारी तालाब की जमीन पर दिन-दहाड़े कब्जा, जिम्मेदारों ने साधी संदिग्ध चुप्पी</title>
                                    <description><![CDATA[काश इस अवैध कब्जे पर चल जाता बाबा का बुलडोजर और की जाती अवैध कब्जा धारक के विरुद्ध कठोर कार्यवाही]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/139236/those-responsible-occupied-the-government-pond-land-in-broad-daylight"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-03/फोटो-01-.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div><strong>लखीमपुर-खीरी। </strong>जहां एक और उत्तर प्रदेश के सरकार और मुख्यमंत्री सरकारी विज्ञापनों के माध्यम से शासकीय संपत्तियों के अवैध अवैध कब्जों के खिलाफ जनता को जागरुक करते हुए विभिन्न पोर्टल और शासकीय नंबर जारी कर रहे हैं ताकि जनता सीधे सरकार को अन अवैध कब्जेदारों के संदर्भ में सूचना दे सके वहीं दूसरी तरफ इसी यूपी का खीरी जिला अजब गजब है कारनामे दिखा रहा है। प्रदेश सरकार का प्रशासन टीवी विज्ञापन व समाचार पत्रों के जरिए प्रदेश की छवि चमकाने में जुटा है लेकिन प्रदेश में रसूखदार लोगों ने जिस तरह अफसरों से साठ-गांठ कर बड़े पैमाने पर बेशकीमती जमीनों पर अवैध कब्जा किया है, उसमें उत्तर प्रदेश वाकई अजब-गजब नजर आता है।</div>
<div> </div>
<div>जानकारी मुताबिक फूलबेहड क्षेत्र के गांव सुन्दरवल में समिति सचिव के नाम से विख्यात भू-माफियाओं के अवैध कब्जे से हर कोई परेशान है जानकारी मुताबिक कई लोगों ने इसकी शिकायत जिला प्रशासन और तहसील प्रशासन से की, लेकिन हाकिम की उदासीनता कहे या फिर मिलीभगत फिलहाल अवैध कब्जादारो पर कार्रवाई ढाक के तीन पात की तरह ही रही।</div>
<div> </div>
<div>काश, बाबा का बुलडोजर एक बार ब्लाक फूलबेहड के गांव सुन्दरवल में भी चल जाता दरअसल, दबंग भू माफियाओं ने प्रधान व राजस्व विभाग के जिम्मेदारों को अपने पाले में मिलाकर पंचायत की बेशकीमती तालाब कीजमीन पर रातोंरात दूकाने बनाकर अपने कब्जे मे लिया है। इस प्रकरण को लेकर शिकायतें भी की गई लेकिन अवैध कब्जाधारियों से उक्त सरकारी जमीनों को मुक्त कराने में प्रशासन विफल दिख रहा। नतीजतन ग्राम प्रधान समेत तहसील के कर्मचारियों की भी बड़ी भूमिका है। सभी साक्ष्य सामने होने के बाद भी अवैध कब्जा हटाने की दिशा में तहसील प्रशासन की ओर से कोई कड़ा एक्शन नहीं लिया जा रहा है।</div>
<div> </div>
<div><strong>जमीनों पर कब्जेदारो के पास नहीं हैं स्वामित्व संबंधी कोई दस्वावेज</strong></div>
<div>सुन्दरवल गांव के स्थानीय लोगो ने नाम न छापने की शर्त पर दबी जुबान में मुस्कुराते हुए बताया कि इस समय गांव में ग्राम प्रधान सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा कराकर चांदी काट रहा है अगर प्रशासन निष्पक्ष जांच कर दे तो ग्राम प्रधान समेत अन्य ( अवैध कब्जा धारक) लोग सरकारी भूमि पर अपना अधिकार जमाए कब्जेदार स्वामित्व संबंधित अभिलेख नहीं दिखा पाएंगें ।फिलहाल यह लोग गिरोह बनाकर इसी तरह सरकार की बेशकीमती जमीनों पर अवैध कब्जा करते हैं।</div>
<div> </div>
<div><strong>__एक तरफ कार्यवाही तो दूसरी ओर कब्जे का खेला...</strong></div>
<div>एक ओर जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा करने वालों पर बुलडोजर की कार्रवाई कर सरकारी जमीनों को कब्जा मुक्त कराया जा रहा है तो वहीं, दूसरी ओर लखीमपुर खीरी की तहसील के गांव सुन्दरवल में ही ग्राम प्रधान व लेखपाल की जुगलबंदी से खुलेआम दबंगों द्वारा जमीन कब्जाई जा रही है।</div>
<div> </div>
<div>बता दें कि जिला प्रशासन ने अब तक एंटी भू-माफिया अभियान के तहत तालाब, चरागाह, ऊसर, बंजर जैसी सरकार की बेशकीमती जमीनें भू-माफियाओं से कब्जामुक्त कराई है। जिसकी कीमत करोड़ों रुपये है, लेकिन फूलबेहड क्षेत्र के गांव सुन्दरवल में सरकारी ,तालाब की भूमि पर कब्जा संबंधी शिकायत करने के बाद सरकारी जमीन समेत तालाब की जमीन बेचने वाले प्रधान तहसील कर्मियों समेत दबंग भू-माफियों पर कार्रवाई नहीं हुई क्योकि इन तालाब व अन्य भूमि समेत बेशकीमती सरकारी जमीनों पर बने मकान, दुकानें बने है। </div>
<div> </div>
<div>सरकारी जमीन के कब्जेदारो की शिकायतें जैसे जैसे वैसे वैसे ऊंचे रसूखदारों के दबाव व धन-बल की परते खुलती जा रही इससे साफ जाहिर होता कि प्रधान समेत कब्जेदार अशोक मिश्रा सचिव साधन सहकारी समिति लि सरवा व अन्य लोगों की बेचैनी बढ़ रही है ।फिलहाल सुन्दरवल प्रधान व सरकारी मशीनरी का फायदा उठाकर ग्राम पंचायत सुंदरवल कस्बा में सड़क के किनारे पर स्थित तालाब को पाटकर उसपर चार दुकाने खड़ी कर दी है।</div>
<div> </div>
<div>फिलहाल अवैध कब्जाधारियों की फेहरिस्त लंबी है सरकारी जमीन हड़पने का नया अध्याय खुला है जिम्मेदारो की सरपरस्ती में अशोक मिश्रा ने ने तालाब में व्यावसायिक दुकाने खड़ी कर दी है। भूमाफिया सरकार की बेशकीमती जमीनों को अपनी पुस्तैनी जमीन समझकर उस पर अवैध कब्जा कर दुकानें बनाकर कब्जा ली है ।सूत्रों से मिली जानकारी मुताबिक ग्राम प्रधान समेत गांव के प्रभावशाली लोगों ने करोड़ों की जमीन कब्जा ली है ।जो एक निष्पक्ष जांच का विषय है यह जानते हुए जिम्मेदार उच्चाधिकारियों को सच से अवगत कराने की बजाय दूसरे गाटा नंबर की पैमाइश व चिन्हीकरण कर गुमराह करने में जुटे हुए है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/139236/those-responsible-occupied-the-government-pond-land-in-broad-daylight</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/139236/those-responsible-occupied-the-government-pond-land-in-broad-daylight</guid>
                <pubDate>Mon, 11 Mar 2024 16:12:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-03/%E0%A4%AB%E0%A5%8B%E0%A4%9F%E0%A5%8B-01-.jpg"                         length="409260"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मकानों को ध्वस्त करना तो दूर पोखर पर हो रहे कब्जों को हटाने से क्यों हिचकिचा रहे अधिकारी</title>
                                    <description><![CDATA[भूमाफिया वेदप्रकाश गुप्ता ने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से मिट्टी का भराव कर पोखर की जमीन पर की प्लाटिंग शुरू]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/138902/%E0%A4%AE%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%A7%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%A4%E0%A5%8B-%E0%A4%A6%E0%A5%82%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A5%8B%E0%A4%96%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B9%E0%A5%8B-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%AC%E0%A5%8D%E0%A4%9C%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B9%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%9A%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%9A%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%87-%E0%A4%85%E0%A4%A7%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-02/25pli01.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong><br /><strong>सत्यवीर सिंह यादव</strong><br /><strong>अलीगढ़,।</strong> जिले की पोखरों का धार्मिक स्थलों से कोई न कोई जुड़ाव रहा। यहां की अधिकांश पोखर और तालाब धार्मिक स्थलों से जुड़े रहे हैं। इसी तरह की स्थिति करीब 250 साल पुरानी महेंद्र नगर की कालीदह पोखर की है। यहां पर काली मंदिर से लगी 250 बीघा जमीन पर पोखर बनाई गई थी। पहले यह पोखर शहर से दूर थी लेकिन जैसे - जैसे आबादी बढ़ी वैसे - वैसे लोगों ने पोखर पर कब्जे करके मकान बनाने शुरू कर दिए।</p>
<p>यह सिलसिला करीब 50 साल से चला आ रहा है। अब तो भूमाफिया वेदप्रकाश गुप्ता ने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से मिट्टी का भराव कर इस पोखर की जमीन पर प्लाटिंग शुरू कर दी है। जिसकी वजह से यह पोखर मात्र पांच बीघा तक ही सिमट कर रह गई है। इसी से अंदाज लगाया जा सकता है कि इस पोखर पर महेंद्र नगर के नाम से पूरा क्षेत्र बस गया है।</p>
<p><br />इस पोखर के संरक्षण के लिए शहर के लोगों ने सुप्रीम कोर्ट तक पहल की। तब जाकर सुप्रीम कोर्ट ने नगर निगम को आदेश दिए कि अवैध कब्जे करने वालों के खिलाफ दंडनीय कार्रवाई की जाए। नगर निगम के अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का महज इतना पालन किया है कि वहां पर एक बोर्ड लगा दिया है। जिसमें यह लिख दिया है कि इस पोखर की जमीन पर कब्जा न करें, अवैध कब्जा करना दंडनीय अपराध है।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-02/25pli02.jpg" alt="25pli02"></img><br />हालत यह है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद नगर निगम के अधिकारी पोखर की इस जमीन से अवैध कब्जे नहीं हटा पा रहे हैं। पूर्व में बने मकानों को ध्वस्त करना तो दूर इन दिनों हो रहे कब्जों को भी हटाने से हिचकिचा रहे हैं। शहर के जागरूक नागरिकों ने इस पोखर से कब्जे हटाने के बारे में नगर निगम को कई बार लिखित और मौखिक तौर पर कहा लेकिन सुनवाई नहीं हुई।</p>
<p><br />स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध कब्जों के खिलाफ पूरे प्रदेश भर में अभियान चल रहा है, लेकिन कालीदह पोखर पर लगातार कब्जे हो रहे हैं। इस और प्रशासनिक अधिकारियों का बिल्कुल भी ध्यान नहीं है। यहां भी अतिक्रमण के खिलाफ योगी जी का बुलडोजर चलना चाहिए। लोगों ने बताया कि पोखर पर अवैध कब्जों का सिलसिला जारी है। 250 बीघा की पोखर सिकुड़कर अब पांच बीघा तक सिमट गई है ।</p>
<p>शिकायतों के बाद भी अफसर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। केवल नगर निगम ने कब्जे करना दंडनीय अपराध का बोर्ड लगाकर अपने कर्तव्यों को पूरा कर लिया है।कालीदह पोखर पर पिछले कई सालों से लगातार अवैध कब्जे हो रहे हैं। कई बार शिकायत भी की गई है, लेकिन कुछ समय बाद फिर से अतिक्रमण होना शुरू हो जाता है। इस ओर अधिकारियों को ध्यान देना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/138902/%E0%A4%AE%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%A7%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%A4%E0%A5%8B-%E0%A4%A6%E0%A5%82%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A5%8B%E0%A4%96%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B9%E0%A5%8B-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%AC%E0%A5%8D%E0%A4%9C%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B9%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%9A%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%9A%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%87-%E0%A4%85%E0%A4%A7%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/138902/%E0%A4%AE%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%A7%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%A4%E0%A5%8B-%E0%A4%A6%E0%A5%82%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A5%8B%E0%A4%96%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B9%E0%A5%8B-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%AC%E0%A5%8D%E0%A4%9C%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B9%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%9A%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%9A%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%87-%E0%A4%85%E0%A4%A7%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80</guid>
                <pubDate>Mon, 26 Feb 2024 10:49:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-02/25pli01.jpg"                         length="206496"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सरवराकार सेवक है। ना कि मालिक , तो कैसे बिक गई राधाकृष्ण मंदिर की परिसंपत्तियां?</title>
                                    <description><![CDATA[राम राज में राधाकृष्ण मंदिर खीरी टाउन की परिसंपत्तियों के अस्तित्व पर मंडरा रहे संकट के बादल।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/138853/he-is-a-government-servant"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-02/0.00411.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div><strong>लखीमपुर खीरी </strong>मामला तहसील लखीमपुर के कस्बा खीरी टाउन अन्तर्गत मोहल्ला पट्टी रामदास का है। जहां पर सैकड़ो वर्ष पुराना राधा कृष्ण मंदिर स्थित है। उक्त मंदिर के नाम सैकड़ो बीघा जमीन व अन्य भूमि राजस्व अभिलेखों में दर्ज कागजात है। उक्त मंदिर के सरवराकार कृष्ण मोहन माथुर थे और राधाकृष्ण मंदिर की परिसंपत्तियों की देखरेख करते आ रहे थे। काफी समय पहले सरवराकार रहे कृष्ण मोहन माथुर की मृत्यु हो गई थी।</div>
<div> </div>
<div>सरवराकार कृष्ण मोहन माथुर ने अपनी मृत्यु के पहले एक रजिस्टर्ड वसीयत की थी जिसमें अपने पुत्र महेश चंद्र माथुर को राधा कृष्ण मंदिर का सरवराकार नियुक्त किया था। उपरोक्त राधा कृष्ण मंदिर के सर्वांकर रहते महेश चंद्र माथुर ने अपने परिजनों के साथ मिलकर राधा कृष्ण मंदिर की काफी जमीनों की बिक्री कर दी । ऐसे आरोप उन्हीं के परिवार के सदस्यों में से एक जीतू माथुर द्वारा लगाए गए हैं जीतू माथुर द्वारा शासन प्रशासन को दिए जा रहे शिकायती प्रार्थनापत्रो में राधा कृष्ण केनाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज जमीनों का नियम विपरीत किये गये बिक्री नामों को प्रभाव शुन्य करते हुए मंदिर के नाम दर्ज जमीन राधाकृष्ण मंदिर को वापस दिलाए जाने की मांग की है।</div>
<div> </div>
<div>उपरोक्त मंदिर की जमीन की देखरेख करने का अधिकार सरवराकार को है ना कि क्षेत्रीय लेखपाल और दबंग लोगों के साथ मिलकर राधाकृष्ण मंदिर के नाम दर्ज कागजात जमीन को बेच दिया जाय। यहां पर भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा को पार करते हुए तहसील प्रशासन के चंद जिम्मेदारों ने अपना जमीर बेच दिया। जिसके चलते मंदिर की जमीन की बिक्री होती रही और जिम्मेदार मौन साधे बैठे सबकुछ देखते रहे। बिक्रीत जमीनो के दाखिल खारिज में रिपोर्ट क्रेता के मुताबिक लगाकर दाखिल खारिज करवाने में सहयोग करने में लगे रहे यह आरोप जीतू माथुर ने तहसील प्रशासन सहित क्षेत्रीय लेखपाल और कानून गो पर लगाए हैं।</div>
<div> </div>
<div>मामला यहीं पर नहीं रूकता है। महेश चंद्र माथुर ने अपने परिवार को मिलाकर काफी जमीन और आवासीय प्लाट आफताब खान को बेच दिया गया  जिसकी जीतू माथुर ने एक दर्जन छाया प्रति देते हुए बताया कि प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है।और शिकायतो में भ्रामक व फर्जी आख्या लगा कर दबंग लोगों को संरक्षण दिया जा रहा है। लेखपाल साहब ने कार्यवाही करने के बजाय पुलिस बल के साथ में रात को विवादित भूमि पर कब्जा भी करवा दिया जो सरासर नाइंसाफी है।और मंदिर की जमीन पर दबंगों को कब्जा कराकर अपूर्णनीय क्षति पहुंचाए जाने जैसा लग रहा है।</div>
<div> </div>
<div>नियमानुसार मंदिर केनाम दर्ज जमीन और मंदिर परिसर की समस्त जमीन मंदिर में बैठी मूर्तियों की है। मंदिर का सरवराकार मंदिर का सेवक है मालिक नहीं हो सकता है। ऐसा ही एक आदेश जिला अधिकारी फतेहपुर ने बिन्दकी तहसील में मंदिरो के सरवराकारो और तहसील प्रशासन के साथ हुई बैठक में दिए हैं  उन्होंने कहा कि मंदिर से जुड़ी जमीन और खेती आदि मंदिर और मंदिर में बैठी मूर्तियों की है इसके आय व्यय का हिसाब भी देना होगा  ऐसा न करना गैर कानूनी होने की बात कही है।</div>
<div> </div>
<div>यदि जनपद खीरी में भी जिला अधिकारी ने मंदिरों की परिसंपत्तियों और सरवराकारी तथा वरासत सहित आय व्यय की कराई गई जांच तो एक बड़े फर्जीवाडे व गड़बड़ झाले का खुलासा होना होगा तय,और की लोगों पर भी आयेगी कार्यवाही की आंच।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/138853/he-is-a-government-servant</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/138853/he-is-a-government-servant</guid>
                <pubDate>Thu, 22 Feb 2024 17:41:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-02/0.00411.jpg"                         length="499647"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तालाब की सरकारी जमीन हड़पने की होड़ में लगा अशोक मिश्रा सचिव साधन सहकारी समिति सरवा।</title>
                                    <description><![CDATA[शिकायत दर शिकायत के वावजूद कथित भू माफिया अशोक मिश्रा सचिव सरवा साधन सहकारी समिति के विरुद्ध नहीं हुई कार्यवाही।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/138760/ashok-mishra-secretary-means-cooperative-society-sarva-is-in-a"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-02/0.0046.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div><strong>लखीमपुर-खीरी।</strong> जहां एक और उत्तर प्रदेश के सरकार और मुख्यमंत्री सरकारी विज्ञापनों के माध्यम से शासकीय संपत्तियों के अवैध अवैध कब्जों के खिलाफ जनता को जागरुक करते हुए विभिन्न पोर्टल और शासकीय नंबर जारी कर रहे हैं ताकि जनता सीधे सरकार को अन अवैध कब्जेदारों के संदर्भ में सूचना दे सके वहीं दूसरी तरफ इसी यूपी का खीरी जिला अजब गजब है कारनामे दिखा रहा है। प्रदेश सरकार का प्रशासन टीवी विज्ञापन व समाचार पत्रों के जरिए प्रदेश की छवि चमकाने में जुटा है लेकिन प्रदेश में रसूखदार लोगों ने जिस तरह अफसरों से साठ-गांठ कर बड़े पैमाने पर बेशकीमती जमीनों पर अवैध कब्जा किया है, उसमें उत्तर प्रदेश वाकई अजब-गजब नजर आता है।</div>
<div> </div>
<div>मिली  जानकारी के अनुसार फूलबेहड क्षेत्र के गांव सुन्दरवल में सचिव अशोक मिश्रा के नाम से विख्यात कथित भू-माफियाओं के अवैध कब्जे से हर कोई परेशान है। जानकारी मुताबिक कई लोगों ने इसकी शिकायत जिला प्रशासन और तहसील प्रशासन से की, लेकिन हाकिम की उदासीनता कहे या फिर मिलीभगत फिलहाल अवैध कब्जादारो पर कार्रवाई ढाक के तीन पात की तरह ही रही।</div>
<div> </div>
<div>काश, बाबा का बुलडोजर एक बार ब्लाक फूलबेहड के गांव सुन्दरवल में भी चल जाता दरअसल, दबंग भू माफियाओं ने प्रधान व लेखपाल को अपने पाले में मिलाकर पंचायत की बेशकीमती सरकारी तालाब को पाटकर उस पर  दुकानें रातोंरात  बनाकर अपने कब्जे में ले लिया। इस प्रकरण को लेकर शिकायतें भी की गई लेकिन अवैध कब्जाधारियों से उक्त सरकारी जमीनों को मुक्त कराने में प्रशासन विफल दिख रहा। नतीजतन ग्राम प्रधान समेत तहसील के कर्मचारियों की भी बड़ी भूमिका है। सभी साक्ष्य सामने होने के बाद भी अवैध कब्जा हटाने की दिशा में तहसील प्रशासन की ओर से कोई कड़ा एक्शन नहीं लिया जा रहा है।</div>
<div> </div>
<div><strong>जमीनों पर कब्जेदारो के पास नहीं हैं स्वामित्व संबंधी कोई दस्वावेज,</strong></div>
<div> </div>
<div>सुन्दरवल गांव के स्थानीय लोगो ने नाम न छापने की शर्त पर दबी जुबान में मुस्कुराते हुए बताया कि इस समय गांव में ग्राम प्रधान सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा कराकर चांदी काट रहा है अगर प्रशासन निष्पक्ष जांच कर दे तो ग्राम प्रधान समेत अशोक मिश्रा सचिव साधन सहकारी समिति सरवा वअन्य  लोग सरकारी भूमि पर अपना अधिकार जमाए कब्जेदार स्वामित्व संबंधित अभिलेख नहीं दिखा पाएंगें। फिलहाल यह लोग गिरोह बनाकर इसी तरह सरकार की बेशकीमती जमीनों पर अवैध कब्जा करते हैं।</div>
<div> </div>
<div><strong>एक तरफ कार्यवाही तो दूसरी ओर कब्जे का खेला............</strong></div>
<div>एक ओर जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा करने वालों पर बुलडोजर की कार्रवाई कर सरकारी जमीनों को कब्जा मुक्त कराया जा रहा है तो वहीं, दूसरी ओर लखीमपुर खीरी की तहसील के गांव सुन्दरवल में ही ग्राम प्रधान व लेखपाल की जुगलबंदी से खुलेआम दबंगों द्वारा जमीन कब्जाई जा रही है। बता दें कि जिला प्रशासन ने अब तक एंटी भू-माफिया अभियान के तहत तालाब, चरागाह, ऊसर, बंजर जैसी सरकार की बेशकीमती जमीनें भू-माफियाओं से कब्जामुक्त कराई है।</div>
<div> </div>
<div>जिसकी कीमत करोड़ों रुपये है, लेकिन फूलबेहड क्षेत्र के गांव सुन्दरवल में सरकारी तालाब की भूमि पर कब्जा संबंधी शिकायत करने के बाद भी क्षेत्रीय लेखपाल समेत दबंग भू-माफियों पर कार्रवाई नहीं हुई क्योकि इन तालाब व अन्य  भूमि समेत बेशकीमती सरकारी जमीनों पर बने मकान, दुकान ,  बने है। सरकारी जमीन के कब्जेदारो की शिकायतें जैसे जैसे वैसे वैसे ऊंचे रसूखदारों के दबाव व धन-बल की परते खुलती जा रही इससे साफ जाहिर होता कि प्रधान  समेत कब्जेदार अशोक मिश्रा सचिव साधन सहकारी सरवा   व अन्य की बेचैनी बढ़ रही है।</div>
<div> </div>
<div>फिलहाल सुन्दरवल प्रधान  सरकारी मशीनरी का फायदा उठाकर ग्राम पंचायत सुंदरवल के स्थानीय कस्बा में सड़क के किनारे स्थित तालाब की भूमि के नाम पर दर्ज है ।उसमे आधा दर्जन दुकानें खड़ी कर दी गयी है।फिलहाल अवैध कब्जाधारियों की फेहरिस्त लंबी है सरकारी जमीन हड़पने का नया अध्याय खुला है। जिम्मेदारो की सरपरस्ती में अशोक मिश्रा व एक अन्य व्यक्ति ने तालाब में व्यावसायिक दुकाने खड़ी कर दी है।</div>
<div> </div>
<div> भूमाफिया सरकार की बेशकीमती जमीनों को अपनी पुस्तैनी जमीन समझकर उस पर  दुकानें बनाकर कब्जा ली है सूत्रों से मिली जानकारी मुताबिक ग्राम प्रधान के अप्रत्यक्ष संरक्षण में  प्रभावशाली लोगों ने करोड़ों की जमीन कब्जा ली है। जो एक निष्पक्ष जांच का विषय है यह जानते हुए जिम्मेदार उच्चाधिकारियों को सच से अवगत कराने की बजाय दूसरे गाटा नंबर की पैमाइश व चिन्हीकरण कर गुमराह करने में जुटे हुए है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/138760/ashok-mishra-secretary-means-cooperative-society-sarva-is-in-a</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/138760/ashok-mishra-secretary-means-cooperative-society-sarva-is-in-a</guid>
                <pubDate>Wed, 14 Feb 2024 16:53:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-02/0.0046.jpg"                         length="657526"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ग्राम  सभा सुन्दरवल में सरकारी तालाब की जमीन पर दिन-दहाड़े कब्जा, जिम्मेदारों ने साधी संदिग्ध चुप्पी</title>
                                    <description><![CDATA[काश इस अवैध कब्जे पर चल जाता बाबा का बुलडोजर और की जाती अवैध कब्जा धारक के विरुद्ध कठोर कार्यवाही]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/138658/those-responsible-occupied-the-government-pond-land-in-broad-daylight"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-02/download.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div><strong>लखीमपुर-खीरी।</strong> जहां एक और उत्तर प्रदेश के सरकार और मुख्यमंत्री सरकारी विज्ञापनों के माध्यम से शासकीय संपत्तियों के अवैध कब्जों के खिलाफ जनता को जागरुक करते हुए विभिन्न पोर्टल और शासकीय नंबर जारी कर रहे हैं ताकि जनता सीधे सरकार को अन अवैध कब्जेदारों के संदर्भ में सूचना दे सके वहीं दूसरी तरफ इसी यूपी का खीरी जिला अजब गजब है कारनामे दिखा रहा है। प्रदेश सरकार का प्रशासन टीवी विज्ञापन व समाचार पत्रों के जरिए प्रदेश की छवि चमकाने में जुटा है लेकिन प्रदेश में रसूखदार लोगों ने जिस तरह अफसरों से साठ-गांठ कर बड़े पैमाने पर बेशकीमती जमीनों पर अवैध कब्जा किया है, उसमें उत्तर प्रदेश वाकई अजब-गजब नजर आता है।</div>
<div> </div>
<div>जानकारी मुताबिक फूलबेहड क्षेत्र के गांव सुन्दरवल में समिति सचिव के नाम से विख्यात भू-माफियाओं के अवैध कब्जे से हर कोई परेशान है जानकारी मुताबिक कई लोगों ने इसकी शिकायत जिला प्रशासन और तहसील प्रशासन से की, लेकिन हाकिम की उदासीनता कहे या फिर मिलीभगत फिलहाल अवैध कब्जादारो पर कार्रवाई ढाक के तीन पात की तरह ही रही।</div>
<div> </div>
<div>काश, बाबा का बुलडोजर एक बार ब्लाक फूलबेहड के गांव सुन्दरवल में भी चल जाता दरअसल, दबंग भू माफियाओं ने प्रधान व राजस्व विभाग के जिम्मेदारों को अपने पाले में मिलाकर पंचायत की बेशकीमती  तालाब कीजमीन पर  रातोंरात  दूकाने बनाकर अपने कब्जे मे लिया है। इस प्रकरण को लेकर शिकायतें भी की गई लेकिन अवैध कब्जाधारियों से उक्त सरकारी जमीनों को मुक्त कराने में प्रशासन विफल दिख रहा।</div>
<div>नतीजतन ग्राम प्रधान समेत तहसील के कर्मचारियों की भी बड़ी भूमिका है। सभी साक्ष्य सामने होने के बाद भी अवैध कब्जा हटाने की दिशा में तहसील प्रशासन की ओर से कोई कड़ा एक्शन नहीं लिया जा रहा है।</div>
<div> </div>
<div> </div>
<div><strong>जमीनों पर कब्जेदारो के पास नहीं हैं स्वामित्व संबंधी कोई दस्वावेज</strong></div>
<div> </div>
<div>सुन्दरवल गांव के स्थानीय लोगो ने नाम न छापने की शर्त पर दबी जुबान में मुस्कुराते हुए बताया कि इस समय गांव में ग्राम प्रधान सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा कराकर चांदी काट रहा है अगर प्रशासन निष्पक्ष जांच कर दे तो ग्राम प्रधान समेत अन्य ( अवैध कब्जा धारक) लोग सरकारी भूमि पर अपना अधिकार जमाए कब्जेदार स्वामित्व संबंधित अभिलेख नहीं दिखा पाएंगें ।फिलहाल यह लोग गिरोह बनाकर इसी तरह सरकार की बेशकीमती जमीनों पर अवैध कब्जा करते हैं।</div>
<div> </div>
<div><strong>__एक तरफ कार्यवाही तो दूसरी ओर कब्जे का खेला...</strong></div>
<div> </div>
<div>एक ओर जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा करने वालों पर बुलडोजर की कार्रवाई कर सरकारी जमीनों को कब्जा मुक्त कराया जा रहा है तो वहीं, दूसरी ओर लखीमपुर खीरी की तहसील के गांव सुन्दरवल में ही ग्राम प्रधान व लेखपाल की जुगलबंदी से खुलेआम दबंगों द्वारा जमीन कब्जाई जा रही है। बता दें कि जिला प्रशासन ने अब तक एंटी भू-माफिया अभियान के तहत तालाब, चरागाह, ऊसर, बंजर जैसी सरकार की बेशकीमती जमीनें भू-माफियाओं से कब्जामुक्त कराई है। जिसकी कीमत करोड़ों रुपये है, लेकिन फूलबेहड क्षेत्र के गांव सुन्दरवल में सरकारी ,तालाब की भूमि पर कब्जा संबंधी शिकायत करने के बाद सरकारी जमीन समेत तालाब की जमीन  बेचने वाले प्रधान  तहसील कर्मियों समेत दबंग भू-माफियों पर कार्रवाई नहीं हुई क्योकि इन तालाब व अन्य भूमि समेत बेशकीमती सरकारी जमीनों पर बने मकान, दुकानें बने है। </div>
<div> </div>
<div>सरकारी जमीन के कब्जेदारो की शिकायतें जैसे जैसे वैसे वैसे ऊंचे रसूखदारों के दबाव व धन-बल की परते खुलती जा रही इससे साफ जाहिर होता कि प्रधान  समेत कब्जेदार अशोक मिश्रा सचिव साधन सहकारी समिति लि सरवा व अन्य लोगों  की बेचैनी बढ़ रही है ।फिलहाल सुन्दरवल प्रधान  व सरकारी मशीनरी का फायदा उठाकर ग्राम पंचायत सुंदरवल कस्बा में सड़क के किनारे पर स्थित तालाब  को पाटकर उसपर चार दुकाने खड़ी कर दी है। फिलहाल अवैध कब्जाधारियों की फेहरिस्त लंबी है सरकारी जमीन हड़पने का नया अध्याय खुला है जिम्मेदारो की सरपरस्ती में अशोक मिश्रा ने ने तालाब में व्यावसायिक दुकाने खड़ी कर दी है। भूमाफिया सरकार की बेशकीमती जमीनों को अपनी पुस्तैनी जमीन समझकर उस पर अवैध कब्जा कर  दुकानें बनाकर कब्जा ली है ।सूत्रों से मिली जानकारी मुताबिक ग्राम प्रधान समेत गांव के प्रभावशाली लोगों ने करोड़ों की जमीन कब्जा ली है ।जो एक निष्पक्ष जांच का विषय है यह जानते हुए जिम्मेदार उच्चाधिकारियों को सच से अवगत कराने की बजाय दूसरे गाटा नंबर की पैमाइश व चिन्हीकरण कर गुमराह करने में जुटे हुए है।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/138658/those-responsible-occupied-the-government-pond-land-in-broad-daylight</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/138658/those-responsible-occupied-the-government-pond-land-in-broad-daylight</guid>
                <pubDate>Sat, 10 Feb 2024 15:06:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-02/download.jpg"                         length="12628"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रस्ट की जमीन की कैसे हो गई बिक्री अहम सवाल, सरवराकार  को जमीन की बिक्री करने का अधिकार ही नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[भाजपा सरकार में राधा कृष्ण मंदिर ट्रस्ट का अस्तित्व खतरे में आधिकारी साधे मौन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/138603/how-was-the-trust-land-sold-important-question-sarvakar-has"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-02/01.....,.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>लखीमपुर खीरी</strong> एक तरफ प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ मंदिरों पर आरती पूजा एवं कथा भागवत के आयोजनों को बढ़ावा देने की पुरजोर कोशिश करते हुए प्रदेश में राम राज्य काम करने के बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं। साथ ही साथ दूसरे की जमीनों व सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वाले दबंग भू माफियाओं पर कठोर कार्रवाई किए जाने तथा जमीनों से अवैध कब्जा हटवाकर जमीनों को कब्जा मुक्त करने के आदेश अपने मातहतों को दे रहे हैं।</div>
<div>इसके ठीक उल्टा कार्य जनपद खीरी में करते हुए भूमाफिया द्वारा योगी के आदेशों की धज्जियां उड़ाते देखे जा रहे हैं। और तहसील प्रशासन के साथ-साथ जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन मौन साधे बैठा सब कुछ देख रहा है। जिसके परिणाम स्वरुप भू माफियाओं द्वारा ट्रस्टों की जमीनों की खरीद फरोख्त करके ट्रस्ट व उसे पर बने धार्मिक स्थलों का अस्तित्व समाप्त करने का कुत्सित  प्रयास किया जा रहा है। ऐसा ही एक मामला कस्बा खीरी टाउन के मोहल्ला पट्टी रामदास में प्रकाश में आया है।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-02/02.....,.jpg" alt="02.....,"></img> </div>
<div>जहां पर भूमाफिया गणों आफताब खान व सलीम अंसारी द्वारा राधा कृष्ण मंदिर ट्रस्ट के सर्वराकार रहे मृतक महेश चंद्र माथुर से सांठगांठ करके नियम कानून को ताक पर रखकर राधा कृष्ण मंदिर के नाम दर्ज जमीन की बिक्री अपने पक्ष में करवा कर उस पर प्रशासन की मिली भगत करके कब्जा कर लिया गया। ऐसा आरोप जीतू माथुर पुत्र संजय माथुर निवासी पट्टी रामदास ने लगाया है ।जीतू माथुर ने मुख्यमंत्री पोर्टल उप जिला अधिकारी सदर तहसील एवं जिला अधिकारी खीरी सहित पुलिस अधीक्षक खीरी को कई प्रार्थना पत्र देकर राधा कृष्ण मंदिर की जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा करने वाले उक्त दबंग एवं हेकड किस्म लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करते हुए राधा कृष्ण मंदिर की जमीन को कब्जा मुक्त कराए जाने की मांग की। पर आज तक प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई। और ना ही कब्जा ही हटवाया गया।</div>
<div>पुलिस अधीक्षक खीरी को 24 जनवरी 2024 को दिए गए लिखित शिकायती प्रार्थना पत्र में जीतू माथुर ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भू माफियाओं को संरक्षण देने व मंदिर की जमीन पर अवैध कब्जा करवाने के आरोप स्थानीय पुलिस प्रशासन पर लगाए हैं। जीतू माथुर के बताएं अनुसार मृतक महेश चंद्र माथुर ने राधा कृष्ण मंदिर ट्रस्ट की जमीन को भू माफिया आफताब खान और सलीम अंसारी को बेच डाली। जिसकी उसने जनसुनवाई और ऑनलाइन शिकायतें भी की थी।</div>
<div>जिसमें भू माफिया आफताब ने तहसील प्रशासन से मिली भगत करके सुलहनामा होने की फर्जी आख्या लगवा दी ।उसमें जमीन की गाटा संख्या 373, 803 ,804 ,797 ,261 दिखाई गई ।जबकि 373 की गाटा वाली जमीन पर साफ-साफ लिखा हुआ है कि यह जमीन राधा कृष्ण जी सरबराकारी फिर सुलहनामा में साफ-साफ लिखा है कि राधा कृष्ण मंदिर बनाम सुलहनामा दर्जनों प्रार्थना पत्र दिए जाने के बाद भी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है।</div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-02/03.......jpg" alt="03......"></img></div>
<div>जिसके चलते उक्त विपक्षी गणों व भू माफियाओं ने राधा कृष्ण मंदिर की जमीन पर दीवाल खड़ी करके मंदिर का अस्तित्व समाप्त करने पर आमादा है। शासन प्रशासन को प्रेषित शिकायत में शिकायतकर्ता ने दीवाल तुड़वाकर राधा कृष्ण मंदिर की जमीन वापस ट्रस्ट को दिलवाए जाने की मांग की है ।अब देखना यह है कि प्रशासन उक्त टस्ट की जमीन से अवैध कब्जा हटवाकर राधा कृष्ण मंदिर को आवाद करवाता है। या फिर भूमाफियाओं के हाथों में सौंप देता है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/138603/how-was-the-trust-land-sold-important-question-sarvakar-has</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/138603/how-was-the-trust-land-sold-important-question-sarvakar-has</guid>
                <pubDate>Thu, 08 Feb 2024 17:55:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-02/01.....%2C.jpg"                         length="475038"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        