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                <title>akhilesh yadav sp supremo - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>akhilesh yadav sp supremo RSS Feed</description>
                
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                <title>उपचुनाव चुनाव तय करेंगे प्रदेश की भावी राजनीति </title>
                                    <description><![CDATA[<div>प्रदेश में उपचुनाव की तारीख पास आते ही राजनैतिक तापमान बढ़ना शुरू हो गया है। बहुजन समाज पार्टी ने अपने सभी नौ प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। जब कि समाजवादी पार्टी ने पहले ही छै प्रत्याशी घोषित कर दिए थे। भारतीय जनता पार्टी की लिस्ट आज या कल आ सकती है। कल देर शाम प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या व ब्रिजेश पाठक को आलाकमान ने दिल्ली बुलाया था। सूत्र बताते हैं कि लिस्ट फाइनल करने के लिए उनकी भी राय ली जा रही है। वहीं कल तक सपा से नाराज़ दिखाई दे रही कांग्रेस ने आज मीटिंग बुलाई</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/145705/by-elections-will-decide-the-future-politics-of-the-state%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-10/up-bypoll.jpg" alt=""></a><br /><div>प्रदेश में उपचुनाव की तारीख पास आते ही राजनैतिक तापमान बढ़ना शुरू हो गया है। बहुजन समाज पार्टी ने अपने सभी नौ प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। जब कि समाजवादी पार्टी ने पहले ही छै प्रत्याशी घोषित कर दिए थे। भारतीय जनता पार्टी की लिस्ट आज या कल आ सकती है। कल देर शाम प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या व ब्रिजेश पाठक को आलाकमान ने दिल्ली बुलाया था। सूत्र बताते हैं कि लिस्ट फाइनल करने के लिए उनकी भी राय ली जा रही है। वहीं कल तक सपा से नाराज़ दिखाई दे रही कांग्रेस ने आज मीटिंग बुलाई है। क्योंकि समाजवादी पार्टी ने कांग्रेस के लिए एक और तीसरी सीट देने को कह दिया है। कल तक सपा कांग्रेस को केवल दो सीट ही दे रही थी। मायावती की लिस्ट पर गौर करें तो वह कहीं सपा तो कहीं भाजपा को नुकसान पहुंचा सकती है। लेकिन ऐसा कम ही नजर आ रहा है कि बसपा को जीत मिल सके। लेकिन वह अच्छा खासा नुकसान कर सकने में सक्षम है।</div>
<div> </div>
<div>बसपा ने कानपुर की सीसामऊ सीट और प्रयागराज की फूलपुर सीट से अपने प्रत्याशी बदल दिये हैं। सीसामऊ से पहले रवि गुप्ता को टिकट दिया गया था लेकिन अब उनका टिकट काटकर वीरेंद्र शुक्ला को टिकट दिया गया है जबकि फूलपुर से पहले शिवबरन पासी को टिकट दिया गया था अब उनका टिकट काट कर जितेन्द्र ठाकुर को दिया गया है। कुंदरकी से रफतउल्ला उर्फ नेता को टिकट दिया है। मंझवा से दीपू तिवारी, कटेहरी से अमित उर्फ जितेन्द्र वर्मा को टिकट दिया है। जबकि मीरापुर से शाह नजर और गाजियाबाद से पीएन गर्ग तथा करहल से अवनीश कुमार शाक्य को टिकट दिया गया है। इस तरह यदि देखा जाए तो बसपा ने दो मुस्लिम,चार सवर्ण, दो पिछड़े वर्ग को टिकट दिया है अलीगढ़ की खैर सीट पर अभी संशय बरकरार है। चार सीटों पर बसपा ने जो सवर्ण नीति चली है ये कहीं न कहीं भारतीय जनता पार्टी के लिए मुश्किल पैदा करेगी। इसके अलावा जिन दो सीटों पर मुस्लिम और दो पर पिछड़ी जातियों के उम्मीदवारों को उतारा है यहां बसपा कुछ हद तक समाजवादी पार्टी का नुक़सान कर सकती है।</div>
<div> </div>
<div>लेकिन बसपा की लिस्ट देखकर यह तय है कि ये सपा से ज़्यादा भाजपा का नुक़सान करती दिखाई दे रही है। पूरा गणित तभी समझ में आ सकेगा जब भारतीय जनता पार्टी अपने उम्मीदवारों की लिस्ट घोषित कर देगी। मैनपुरी की करहल सीट वैसे तो सपा का गढ़ मानी जाती है लेकिन बसपा ने जिस तरह से शाक्य उम्मीदवार को चुनाव मैदान में उतारा है वह सपा के लिए चिंता का विषय है क्योंकि यादव बाहुल्य इस सीट पर यादवों के बाद दलित और शाक्य वोटों की संख्या अधिक है। यहां अब यह देखना है कि भारतीय जनता पार्टी किस वर्ग के चेहरे को उतार रही है। इधर सपा और कांग्रेस के मनमुटाव पर भी नरमी दिखने लगी है क्योंकि कल तक सपा कांग्रेस को केवल दो सीट गाजियाबाद और खैर ही देने को तैयार थी लेकिन अब फूलपुर सीट देने के भी संकेत दे दिए हैं और आज प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने बैठक बुलाई है जिसमें प्रत्याशियों के नामों का चयन किया जा सकता है। साथ ही अखिलेश यादव ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में सपा कांग्रेस का गठबंधन बना रहेगा।</div>
<div> </div>
<div>अब जब प्रदेश की दो प्रमुख पार्टियों ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा लगभग कर दी है तब सभी की निगाहें भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों की लिस्ट पर लग गई है। भारतीय जनता पार्टी प्रदेश संगठन और सभी वरिष्ठ नेताओं से विचार-विमर्श करने के उपरांत ही प्रत्याशी घोषित करना चाहती है। क्योंकि ये उपचुनाव भारतीय जनता पार्टी के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हैं और वह चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा सीटों पर उसके प्रत्याशी जीत हासिल करें। अभी हाल ही में सम्पन्न हुए लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को उत्तर प्रदेश में करारी हार का सामना करना पड़ा था। जब 80 सीटों में से भारतीय जनता पार्टी केवल 33 सीटों पर सिमट कर रह गई थी जब कि उसकी प्रतिद्वंद्वी समाजवादी पार्टी उससे आगे निकल कर 37 सीटें जीतने में कामयाब हो गई। 2027 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव होने हैं। और सपा ने लोकसभा चुनाव में मिली सफलता का डंका पीटना शुरू कर दिया है। राजधानी में अखिलेश यादव की फोटो के साथ जगह जगह पोस्टर लग गए हैं जिसमें लिखा है कि 2027 के महारथी अखिलेश यादव।</div>
<div> </div>
<div>उत्तर प्रदेश में मुकाबला अब एनडीए और सपा कांग्रेस गठबंधन के बीच ही रह गया है। बसपा इन दोनों पार्टियों को नुकसान तो पहुंचा सकती है लेकिन सरकार बनाने की रेस से वह बिल्कुल अलग हट चुकी है। उपचुनाव उत्तर प्रदेश की आगे की दिशा तय कर सकते हैं। कि क्या मतदाताओं का मूड लोकसभा चुनाव जैसा ही है अथवा उसमें परिवर्तन हुआ है। वैसे तो चुनाव की कोई गारंटी नहीं ले सकता क्योंकि हर चुनाव अपने आप में अलग होता है। पिछले चुनावों के परिणामों से उसको तौलकर नहीं देखा जा सकता। लेकिन यह निश्चित है कि भारतीय जनता पार्टी का जो जादू उत्तर प्रदेश में चला था वह कुछ कम हुआ है। इसमें सरकार और संगठन के बीच चली आ रही कुछ लड़ाई भी आड़े आ रही है। हालांकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज भी भारतीय जनता पार्टी में मुख्यमंत्री के रूप में अभी भी पहली पसंद हैं। क्यों कि उनका हिंदुत्ववादी चेहरा लोगों को पसंद आ रहा है। जिससे आरएसएस भी इन्कार नहीं कर सकता।</div>
<div> </div>
<div><strong>जितेन्द्र सिंह पत्रकार </strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Oct 2024 16:55:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीलीभीत समाजवादी पार्टी के के माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष *माननीय श्री अखिलेश यादव जी* के निर्देशानुसार आज</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>पीलीभीत </strong> दिनांक 15-10-2024  नकटादाना स्थित समाजवादी पार्टी पीलीभीत कार्यालय पर प्रसिद्ध लेखक, महान वैज्ञानिक, मिसाइल मैन एवं भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम जी के चित्र पर माल्यार्पण कर जयंती मनाई. कार्यक्रम की अध्यक्षता सपा जिला अध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा एवं कार्यक्रम का संचालन सपा जिला महासचिव नफीस अहमद अंसारी ने किया...</div>
<div>  </div>
<div>कार्यक्रम में मुख्य रूप से सपा जिला उपाध्यक्ष अकबर अहमद अंसारी,अशोक शमशा एडवोकेट,सपा प्रवक्ता एडवोकेट अमित पाठक,सपा महिला सभा प्रदेश उपाध्यक्ष ठाकुर कमलेश परिहार,129 विधानसभा पूरनपुर अध्यक्ष संजय सिंह यादव,सपा महिला सभा 129 विधानसभा पूरनपुर अध्यक्ष ठाकुर मीता सिंह,सपा जिला सचिव पवन यादव एडवोकेट,नरेश</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/145569/as-per-the-instructions-of-honorable-national-president-of-pilibhit"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-10/img-20241015-wa0483.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>पीलीभीत </strong> दिनांक 15-10-2024  नकटादाना स्थित समाजवादी पार्टी पीलीभीत कार्यालय पर प्रसिद्ध लेखक, महान वैज्ञानिक, मिसाइल मैन एवं भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम जी के चित्र पर माल्यार्पण कर जयंती मनाई. कार्यक्रम की अध्यक्षता सपा जिला अध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा एवं कार्यक्रम का संचालन सपा जिला महासचिव नफीस अहमद अंसारी ने किया...</div>
<div> </div>
<div>कार्यक्रम में मुख्य रूप से सपा जिला उपाध्यक्ष अकबर अहमद अंसारी,अशोक शमशा एडवोकेट,सपा प्रवक्ता एडवोकेट अमित पाठक,सपा महिला सभा प्रदेश उपाध्यक्ष ठाकुर कमलेश परिहार,129 विधानसभा पूरनपुर अध्यक्ष संजय सिंह यादव,सपा महिला सभा 129 विधानसभा पूरनपुर अध्यक्ष ठाकुर मीता सिंह,सपा जिला सचिव पवन यादव एडवोकेट,नरेश कुमार सागर ,बरखेड़ा अध्यक्ष विनोद कुमार वर्मा,रामनाथ वर्मा,दिनेश कुमार वर्मा,चंद्रप्रकाश यादव,डिम्पल गौड़,संदीप सक्सेना,प्रभात रमन,बाकें लाल,चंद्र कुमार,अनीता शर्मा,शरद जायसवाल,अर्जुन भारती,शेरा, जहीर,शराफत यार खां,जयपाल सिंह,रहीस खां,मुश्ताक अली,सदाकत अली खान,रजनीश यादव, आदि तमाम सम्मानित नेतागण पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल रहे...!</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
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                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/145569/as-per-the-instructions-of-honorable-national-president-of-pilibhit</link>
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                <pubDate>Wed, 16 Oct 2024 17:31:38 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>उ.प्र. में उपचुनाव का महत्व कितना है भाजपा के लिए</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भारतीय जनता पार्टी में गुटबाजी और बयान बाजी को दरकिनार करते हुए उत्तर प्रदेश में होने वाले दस विधानसभा के लिए उप चुनाव इतना महत्वपूर्ण हो गया है कि शायद इतनी गंभीरता से भाजपा ने लोकसभा चुनाव भी नहीं लड़ा होगा। इस उपचुनाव के कई मायने निकाले जा रहे हैं। एक तो यह 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की दिशा तय कर देंगे दूसरा प्रदेश सरकार की नीतियों और निर्णयों क भी आंकलन हो जाएगा। क्यों कि लोकसभा चुनाव में हार के बाद उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी में जिस तरह से गुटबाजी और बयान बाजी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/143283/how-important-is-the-by-election-in-uttar-pradesh-for-bjp"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-07/66769f36b32a2-up-by-election-22535589-16x9.jpg" alt=""></a><br /><p>भारतीय जनता पार्टी में गुटबाजी और बयान बाजी को दरकिनार करते हुए उत्तर प्रदेश में होने वाले दस विधानसभा के लिए उप चुनाव इतना महत्वपूर्ण हो गया है कि शायद इतनी गंभीरता से भाजपा ने लोकसभा चुनाव भी नहीं लड़ा होगा। इस उपचुनाव के कई मायने निकाले जा रहे हैं। एक तो यह 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की दिशा तय कर देंगे दूसरा प्रदेश सरकार की नीतियों और निर्णयों क भी आंकलन हो जाएगा। क्यों कि लोकसभा चुनाव में हार के बाद उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी में जिस तरह से गुटबाजी और बयान बाजी हो रही है उससे पार्टी की और फजीहत हो रही है। और इसी लिए हर समय चर्चा में रहने वाले उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को दिल्ली तलब किया गया था। और जब केशव प्रसाद मौर्या दिल्ली में थे तब लखनऊ में मुख्यमंत्री कैबिनेट मीटिंग ले रहे थे। हालांकि केशव प्रसाद मौर्या लखनऊ लौट आए हैं लेकिन उनको क्या आश्वासन मिला है यह अंदर की बात है। इधर मुख्यमंत्री की कैबिनेट मीटिंग में दोनों उपमुख्यमंत्री उपस्थित नहीं थे। और न ही योगी आदित्यनाथ द्वारा उपचुनाव के लिए दोनों उप मुख्यमंत्रियों को कोई उपचुनाव को लेकर कोई प्रभार सौंपा गया है। केशव प्रसाद मौर्या को जो भी दिशा-निर्देश मिलें हैं वह दिल्ली आलाकमान से ही मिले हैं। इसका मतलब साफ है कि उत्तर प्रदेश में एक धड़ा मुख्यमंत्री के निर्देशन में काम कर रहा है तो दूसरा धड़ा दिल्ली संगठन के कहने पर। और शायद इसी लिए केशव प्रसाद मौर्या ने कहा था कि सरकार से बड़ा संगठन होता है। दिखाई भी यही रहा है कि केशव प्रसाद मौर्या को जो भी डायरेक्शन मिल रहे हैं वह केंद्र से ही मिल रहे हैं। फिलहाल शायद उनको यही बोला गया है कि अभी सारे मतभेद छोड़ कर उप चुनाव की तैयारी में जुट जाएं। क्यों कि उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव में पिछड़ी भारतीय जनता पार्टी के लिए यह उपचुनाव बहुत ही मायने रखते हैं। इस उपचुनाव में वह हर संभव कोशिश कर रही है कि उसके प्रदर्शन में सुधार हो।</p>
<div> </div>
<div>उत्तर प्रदेश की जिन दस विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं उनमें से पांच पर समाजवादी पार्टी के विधायक थे जब कि पांच सीटों पर एनडीए गठबंधन के विधायक थे। भारतीय जनता पार्टी की कोशिश है कि दस में से ज्यादा से ज्यादा सीटों पर उसे विजय प्राप्त हो जिससे के उत्तर प्रदेश की जनता के बीच भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में एक अच्छा संदेश पहुंचाया जा सके कि लोकसभा चुनाव में वह भले ही पीछे रह गई लेकिन विधानसभा चुनाव के लिए वह पूरी तैयारी में हैं। दिल्ली से लौटने के बाद केशव प्रसाद मौर्या शायद अब कोई सरकार विरोधी बयानबाज़ी नहीं करेंगे। क्यों कि अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी और केशव प्रसाद मौर्या के ऊपर जो तंज कसा था उसका जबाब केशव प्रसाद मौर्या ने अखिलेश यादव को दे दिया है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकारें केन्द्र और राज्य दोनों में मजबूत स्थिति में हैं और वह यह भूल जाएं कि समाजवादी पार्टी की सरकार दुबारा सत्ता में आयेगी। भारतीय जनता पार्टी ने आगामी उपचुनाव और 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए समाजवादी के विरोध में एक फार्मूला सैट किया है और उसी के प्रचार-प्रसार के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को जुट जाने के लिए कहा गया है। लखनऊ की कैबिनेट मीटिंग में इस बात पर जोर दिया गया कि वह जनता के बीच जाकर अखिलेश यादव सरकार के समय के गुंडाराज को जनता को याद दिलाएं और उसी का प्रचार-प्रसार करें। लेकिन अब यह देखने वाली बात होगी कि लोकसभा चुनाव में जिस तरह उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सीटें घटी हैं वह केंद्र सरकार की कमी से घटी हैं या उत्तर प्रदेश सरकार की। दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी ने एक और बात खोजी है वह है कार्यकर्ताओं की नाराज़गी। क्यों कि प्रदेश के अफसरों ने भाजपा कार्यकर्ताओं की नहीं सुनी है और इसी लिए भाजपा कार्यकर्ता नाराज थे और वो घरों से नहीं निकले जिसका खामियाजा लोकसभा चुनाव में पार्टी को भुगतना पड़ा। अब उपचुनाव के लिए जो प्रभारियों की नियुक्ति की गई है उनसे यही कहा गया है कि सभी प्रभारी अपने अपने क्षेत्रों में जाकर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं की नाराज़गी को दूर करें।</div>
<div> </div>
<div>यह उपचुनाव भारतीय जनता पार्टी के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दस उपचुनाव की सीटों के लिए पार्टी ने 30 मंत्रियों को प्रभारी बनाया है। मतलब एक औसत के अनुसार एक विधानसभा क्षेत्र के लिए 3 प्रभारी मंत्री तय किए गए हैं। विधानसभा उपचुनाव मुजफ्फरनगर की मीरापुर, संभल की कुंदरकी, गाजियाबाद सदर, अलीगढ़ की खैर, मैनपुरी की करहल, कानपुर की सीसामऊ, प्रयागराज की फूलपुर, अयोध्या की मिल्कीपुर, अंबेडकरनगर की कटेहरी और मिर्जापुर की मझवा सीट के लिए होना है। इनके लिए जो प्रभारी बनाए गए हैं उनमें मीरापुर के लिए कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार राज्यमंत्री सोमेन्द्र तोमर और केपी मलिक, कुंदरकी के लिए कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह तथा राज्य मंत्री जेपीएस राठौर, गुलाब देवी और जसवंत सैनी, गाजियाबाद सदर के लिए कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा राज्यमंत्री कपिल देव, ब्रजेश सिंह और सुनील शर्मा, खैर के लिए कैबिनेट मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी राज्यमंत्री संदीप सिंह पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के पौत्र संदीप सिंह, करहल के लिए कैबिनेट मंत्री जयवीर सिंह व योगेन्द्र उपाध्याय तथा राज्य मंत्री अजीत पाल सिंह, सीसामऊ सीट के लिए कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना तथा राज्य मंत्री नितिन अग्रवाल, फूलपुर के लिए कैबिनेट मंत्री राकेश सचान राज्यमंत्री दया शंकर सिंह, मिल्कीपुर के लिए कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही राज्यमंत्री राज्यमंत्री गिरीश यादव,मंयकेश्वर सिंह,व सतीश शर्मा, कटेहरी के लिए कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह व संजय निषाद राज्यमंत्री दया शंकर सिंह, मझवा के लिए कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर आशीष पटेल राज्यमंत्री रवीन्द्र जायसवाल व रामकेष निषाद शामिल हैं। कहने का मतलब इस उप चुनाव में भारतीय जनता पार्टी अपनी पूरी ताकत झोंक दे रहे है जब कि उप चुनाव को कोई भी पार्टी इतनी गंभीरता से नहीं लेती है लेकिन इस उपचुनाव को उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों से जोड़ कर देखा जा रहा है। इतनी लंबी चौड़ी मंत्रियों की लिस्ट भाजपा की चिंता को उजागर कर रही है। </div>
<div> </div>
<div>लखनऊ की कैबिनेट मीटिंग में कुछ फैसले ऐसे भी लिए गए जिनको जनता और कर्मचारियों से जोड़ कर देखा जा रहा था। जनता और शिक्षकों में इससे रोष व्याप्त था। या विपक्ष द्वारा कुछ ऐसा भ्रम फैला दिया गया था जिसमें जनता सरकार से नाराज़ थी। सबसे पहला फैसला जो योगी आदित्यनाथ सरकार ने लिया वह यह था कि अभी हाल फिलहाल शिक्षकों को डिजिटल हाजिरी नहीं देनी होगी जब तक कि सरकार के प्रतिनिधि मंडल और शिक्षकों के प्रतिनिधि मंडल के बीच वार्ता के बाद कोई ठोस निर्णय नहीं निकले। इसको लेकर शिक्षकों में बहुत रोष व्याप्त था। दूसरा यह कि बुल्डोजर का प्रयोग केवल अवैध गतिविधियों पर ही होगा। क्यों कि बुल्डोजर को लेकर विपक्ष ने सरकार के ऊपर एक ग़लत संदेश जनता के बीच डाल दिया गया था। लखनऊ में कुकरैल नदी के किनारे केवल अवैध निर्माण ही हटाए जाएंगे। जब कि नगर निगम और एलडीए के अधिकारी कुछ ऐसे मकानों पर भी लाल चिन्ह लगा आए थे जो वैध थे। सरकार ने बहुत कुछ अपने ऐसे निर्णयों को स्पष्ट किया है जिनको लेकर जनता में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। यह सब निर्णय उपचुनाव को देखकर ही लिए गए हैं। दिल्ली से केशव प्रसाद मौर्या से ऐसी उम्मीद लगाई जा रही है कि शायद उपचुनाव तक वह इस तरह के स्टेटमेंट से बचेंगे जो सरकार के विरोध में जाते हों। समाजवादी पार्टी भी उपचुनाव में दो-दो हाथ करने के लिए तैयार है।</div>
<div> </div>
<div>लोकसभा चुनाव के परिणाम को देखते हुए सपा के हौसले बुलंद हैं। लेकिन उनको यह देखना होगा कि बहुजन समाज पार्टी इस चुनाव को कितनी गंभीरता से ले रही है। यदि बहुजन समाज पार्टी ने इस चुनाव को वास्तव में गंभीरता से लड़ा तो सपा के लिए यह नुकसान दायक हो सकता है। और इसका सीधा फायदा भारतीय जनता पार्टी को मिल सकता है। तलवार सभी की फंसी हुई है देखना यह है कि समय पर कौन इसका स्तेमाल सही तरीके से कर सकता है। बहुजन समाज पार्टी ने कभी भी उपचुनाव को गंभीरता से नहीं लिया है। लेकिन इस बार बहुजन समाज पार्टी की स्तिथि काफी लचर है। उत्तर प्रदेश विधानसभा में उसका केवल एक सदस्य है और लोकसभा में वह शून्य हो गई है। भारतीय गठबंधन के पास इनमें से जितनी विधानसभा सीटें थीं उनसे बढ़कर वह जीतने की कोशिश कर रही है। लेकिन अब इसमें वह कितनी सफल हो पाएगी यह वक्त पर ही पता चल सकेगा। </div>
<div> </div>
<div><strong>जितेन्द्र सिंह पत्रकार </strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jul 2024 16:15:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>3 सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग हाथरस पहुंचा, जल्द से जल्द रिपोर्ट तैयार करने- कहा </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हाथरस</strong> में हुई भगदड़ की घटना के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित तीन सदस्यीय न्यायिक जांच कमेटी ने उस स्थान का निरीक्षण किया जहां 2 जुलाई को भगदड़ मची थी जिसमें 121 लोगों की जान चली गई थी। तीन सदस्यीय न्यायिक जांच कमेटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति बृजेश कुमार श्रीवास्तव (सेवानिवृत्त) ने कहा कि हमने घटनास्थल का निरीक्षण किया, हमने निकास बिंदु देखें। जिससे भी जरूरत होगी उससे पूछताछ करेंगे। हमें 2 महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट देने का आदेश दिया गया है, हम जल्द से जल्द रिपोर्ट तैयार करने की कोशिश करेंगे।</p>
<p>समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/142871/3-member-judicial-inquiry-commission-reached-hathras-to-prepare-report"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-07/untitled.png" alt=""></a><br /><p><strong>हाथरस</strong> में हुई भगदड़ की घटना के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित तीन सदस्यीय न्यायिक जांच कमेटी ने उस स्थान का निरीक्षण किया जहां 2 जुलाई को भगदड़ मची थी जिसमें 121 लोगों की जान चली गई थी। तीन सदस्यीय न्यायिक जांच कमेटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति बृजेश कुमार श्रीवास्तव (सेवानिवृत्त) ने कहा कि हमने घटनास्थल का निरीक्षण किया, हमने निकास बिंदु देखें। जिससे भी जरूरत होगी उससे पूछताछ करेंगे। हमें 2 महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट देने का आदेश दिया गया है, हम जल्द से जल्द रिपोर्ट तैयार करने की कोशिश करेंगे।</p>
<p>समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने शनिवार को कहा कि अगर हाथरस में हुई भगदड़ की घटना में प्रशासनिक चूक से सबक नहीं लिया गया तो भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएं और होंगी। यादव ने अरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश सरकार भगदड़ की घटना में मामूली गिरफ्तारियां करके अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी उत्तर प्रदेश के हाथरस में दो जुलाई को मची भगदड़ में मारे गये लोगों के परिवारों से मिलने के लिए पहुंचे। </p>
<p>हाथरस पुलिस प्रमुख निपुण अग्रवाल ने बताया कि मुख्य आरोपी देवप्रकाश मधुकर को 5 जुलाई को दिल्ली के नजफगढ़ से गिरफ्तार किया गया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि हाथरस भगदड़ का मुख्य आरोपी मधुकर सत्संग के लिए फंड जुटाता था और उससे हाल में कुछ राजनीतिक दलों ने संपर्क किया था। पुलिस मधुकर को उसकी हिरासत में देने का अदालत से अनुरोध करेगी ; उसके वित्तीय लेन-देन, कॉल रिकार्ड की पड़ताल की जा रही। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jul 2024 16:49:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> पराजय पर विलाप,जनादेश का अपमान</title>
                                    <description><![CDATA[<div>जनादेश 2024 तो ज़रूर आ चुका है परन्तु 'षड़यंत्रकारी एक्ज़िट पोल' की हवा निकलने के बाद आये आश्चर्यचकित करने वाले इस जनादेश ने ख़ास तौर पर उन लोगों के मुंह का स्वाद बिगाड़ कर रख दिया है जो 'अबकी बार 400 पार' जैसे फ़र्ज़ी नारों और गोदी मीडिया द्वारा प्रचारित झूठे एक्ज़िट पोल में दिखाई गयी मोदी के नेतृत्व में भाजपा की धमाकेदार वापसी की पूरी उम्मीद लगाये बैठे थे। सत्ता की दलाली करने वाले एक चैनल ने तो अपने एक्ज़िट पोल में एन डी ए को 400 पार करा भी दिया था। परन्तु भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में इस</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/142062/lament-over-defeat-insult-to-mandate"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-06/ayodhya.jpg" alt=""></a><br /><div>जनादेश 2024 तो ज़रूर आ चुका है परन्तु 'षड़यंत्रकारी एक्ज़िट पोल' की हवा निकलने के बाद आये आश्चर्यचकित करने वाले इस जनादेश ने ख़ास तौर पर उन लोगों के मुंह का स्वाद बिगाड़ कर रख दिया है जो 'अबकी बार 400 पार' जैसे फ़र्ज़ी नारों और गोदी मीडिया द्वारा प्रचारित झूठे एक्ज़िट पोल में दिखाई गयी मोदी के नेतृत्व में भाजपा की धमाकेदार वापसी की पूरी उम्मीद लगाये बैठे थे। सत्ता की दलाली करने वाले एक चैनल ने तो अपने एक्ज़िट पोल में एन डी ए को 400 पार करा भी दिया था। परन्तु भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में इस बार के परिणाम कुछ ऐसे आये हैं कि एन डी ए बहुमत के आंकड़ों को पार करने के बावजूद विलाप कर रहा है जबकि बहुमत के आंकड़ों से दूर रहने के बाद भी विपक्षी गठबंधन में जश्न का माहौल है। चुनाव परिणाम जो भी हों परन्तु परिपक्व राजनीति का तक़ाज़ा तो यही है कि भारतीय लोकतंत्र में जनमत चाहे जो भी हो जैसा भी हो उस का सम्मान किया जाना चाहिये व उसे विनम्रतापूर्ण स्वीकार किया जाना चाहिये। </div>
<div> </div>
<div> परन्तु इस बार के चुनाव परिणामों के बाद ख़ासतौर पर कुछ विशेष सीटों पर मिली पराजय या उनके अप्रत्याशित नतीजों के बाद पराजित पक्ष के लोगों ने अपना ग़ुस्सा मतदाताओं पर निकालना शुरू कर दिया है। कई पराजित लोग तो मतदाताओं के निर्णय की खुलकर आलोचना कर रहे हैं। इनमें सबसे अधिक व तीखी प्रतिक्रिया फैज़ाबाद संसदीय सीट को लेकर सुनाई दी। इसी लोकसभा सीट के अन्तर्गत अयोध्या विधानसभा क्षेत्र भी आता है जहां निर्मित राम मंन्दिर को लेकर भारतीय जनता पार्टी न केवल फैज़ाबाद,न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के मतदाताओं से यह आस लगाये बैठी थी कि इसी वर्ष 22 जनवरी को हुये राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद उसे ऐतिहासिक बहुमत हासिल होगा। इसी सीट से लल्लू सिंह जो कि बाल्य्काल से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े हैं तथा पांच बार अयोध्या से विधायक और दो बार फैज़ाबाद लोकसभा सीट से ही लोकसभा का चुनाव भी जीत चुके हैं वह तीसरी बार भी बड़े ही आत्मविश्वास के साथ इसी लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में थे।</div>
<div> </div>
<div>परन्तु यहाँ के मतदाताओं ने एक अप्रत्याशित जनादेश देते हुए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी अर्थात इंडिया गठबंधन के संयुक्त प्रत्याशी अवधेश प्रसाद को 54,567 मतों से जिता दिया। केवल अयोध्या  ही नहीं बल्कि चित्रकूट,मेहंदीपुर बालाजी,सलासर धाम जैसी और भी अनेक धर्म नगरियां हैं जहाँ भाजपा 'धर्म ध्वजा ' के सहारे जीत हासिल करना चाहती थी परन्तु ऐसे सभी क्षेत्रों से भाजपा प्रत्याशियों को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा है। हद तो यह है कि स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिन्होंने स्वयं को 'अवतारी' होने का भ्रम पाल रखा था और  2019 के चुनाव में काशी से ही 4 लाख 71 हज़ार के अंतर से जीत हासिल की थी वे इस बार कांग्रेस के प्रत्याशी अजय राय को मात्र 152513 मतों से ही पराजित  सके। जबकि ऐतिहासिक रोड शो, प्रेस कॉन्फ़्रेंस और गंगा में क्रूज़ यात्रा जैसी शो बाज़ियों के सहारे वे इस बार 10 लाख से अधिक मतों से जीतने का सपना देख रहे थे। राजनैतिक विश्लेषकों का तो यहाँ तक कहना है कि यदि कांग्रेस ने मोदी के मुक़ाबले प्रियंका गांधी को उतारा होता तो शायद इस बार वे प्रधानमंत्री बनना तो दूर सांसद भी नहीं बन पाते। </div>
<div> </div>
<div>ठीक इसके विपरीत कांग्रेस समाजवादी गठबंधन ने उत्तर प्रदेश में वह धमाका कर दिया जिसकी शायद इण्डिया गठबंधन को भी उम्मीद नहीं थी। यहाँ इण्डिया गठबंधन ने 42 सीटों पर जीत हासिल की। उधर भाजपा द्वारा 'पप्पू ' प्रचारित किये गए राहुल गाँधी जहां  वायनाड से 3.64 लाख वोटों से जीते वहीँ  उन्होंने उत्तर प्रदेश के मंत्री बीजेपी के प्रत्याशी दिनेश प्रताप सिंह को रायबरेली से 3.90 लाख वोटों से पराजित किया। उपरोक्त जनादेश निश्चित रूप से न केवल मंहगाई,बेरोज़गारी,साम्प्रदायिकता तथा धर्म के नाम पर समाज को विभाजित कर जन सरोकार के मूल मुद्दों से जनता जनार्दन का ध्यान भटकाकर उसे धार्मिक  भावनाओं में उलझाकर रखने के विरुद्ध था बल्कि यह जनादेश जनता द्वारा सत्ता का घमंड चूर कर देने के लिये भी था। परन्तु जनता के हाथों अपनी मुंह की खाने वाले भाजपाइयों को जो 400 पार और 370 पार जैसे नारों में जी रहे थे उन्हें यह जनादेश क़तई नहीं भाया। इसलिये न केवल अंधभक्तों ने बल्कि साम्प्रदायिक विद्वेष के बल पर अपनी नैय्या पार करने की इच्छा पाले कई पराजित उम्मीदवारों ने भी मतदाताओं को ही गरियाना शुरू कर दिया। </div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-06/ayodhya1.webp" alt="ayodhya1" width="1200" height="1373"></img></div>
<div> अयोध्या-फैज़ाबाद के मतदाताओं को तो इतना कोसा गया व उनके लिये ऐसी अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया मानो इस लोकसभा सीट की भाजपा ने अपने नाम 'रजिस्ट्री' ही करा ली थी जिसे जनता ने छीन  लिया। आख़िर अयोध्या की जनता ने किन कारणों से यह जनादेश दिया ? क्या 'जो राम को लाये हैं हम उनको लायेंगे' जैसा नारा जो भाजपाई लगाते फिर रहे थे वह नारा पूरे देश का सर्वस्वीकार्य नारा है ? क्या शंकराचार्यों से लेकर अयोध्या के साधु संत तक इस अहंकारी नारे से सहमत हैं ? अब तो लोग यही मान रहे हैं कि भगवन राम ने ही अहंकारियों को आईना  दिखाया है और चेताया है कि धर्म किसी भी व्यक्ति की निजी आस्था व विश्वास का विषय है राजनीति व सत्ता के लिये दुरूपयोग का नहीं। इसी तरह रायबरेली की जनता के हाथों पराजित भाजपा उम्मीदवार दिनेश प्रताप सिंह तो अपनी शर्मनाक पराजय से रायबरेली के मतदाताओं से इतना आग बबूला हुये कि उन्होंने घोषणा कर दी कि वे 'एक वर्ष के अवकाश पर रहेंगे और रायबरेली की जनता का कोई काम ही नहीं करेंगे। जिसे काम कराना हो वह राहुल गाँधी के पास ही जाये।' </div>
<div> </div>
<div>इसी तरह साम्प्रदायिकतावादी भक्तजन भाजपा के सपने टूटने के लिये कहीं मुस्लिम मतदाताओं को ज़िम्मेदार ठहराते हुये अपशब्द कह रहे हैं तो कहीं दलितों व पिछड़ों को गालियां रहे हैं। सवाल यह है कि क्या देश का मतदाता किसी भी दल या राजनेताओं का ग़ुलाम है जो उनकी इच्छाओं के अनुरूप ही मतदान करे ? क्या यह ज़रूरी है कि भक्तों,साम्प्रदायिकतावादियों की नज़रों में जो सबसे ज़रूरी विषय हो मतदाता भी उसे वैसी ही प्राथमिकता दें ? हिमाचल प्रदेश दिल्ली,उत्तरांचल,मध्यप्रदेश,कर्नाटक, उड़ीसा जैसी कई जगहों पर भाजपा ने निश्चित रूप से अच्छा प्रदर्शन किया है। विपक्षी दलों के नेता उन राज्यों के मतदाताओं को तो गलियां नहीं दे रहे हैं ? बल्कि वहां आत्म मंथन की बात कर रहे हैं। एन डी ए ख़ासकर भाजपाई नेताओं व 'अंधभक्तों ' को भी मतदाताओं को गरियाने या परिणाम पर विलाप करने के बजाय आत्म मंथन ही करना चाहिये। पराजय पर इस तरह का विलाप व मतदाताओं को कोसना व गालियां देना तो दरअसल जनता जनार्दन द्वारा दिये गये जनादेश का अपमान ही कहा जायेगा। </div>
<div> </div>
<div><strong>तनवीर जाफ़री  </strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 09 Jun 2024 16:54:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपी की प्रतिष्ठा वाली सीटों पर क्या होगा </title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div>वैसे तो उत्तर प्रदेश में 80 लोकसभा सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं लेकिन कुछ विशेष सीटें ऐसी हैं जहां राजनेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। कुछ सीटें तो ऐसी हैं जहां मुकाबला न के बराबर है उसमें से एक सीट है वाराणसी की सीट जहां से देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चुनाव लड़ रहे हैं। हालांकि नरेंद्र मोदी का किसी से कोई मुकाबला नहीं दिखाई दे रहा है। लेकिन कल अजय राय के नेतृत्व में प्रियंका गांधी और डिंपल यादव के रोड में जिस तरह से भीड़ टूटी थी उसके कई मायने हो सकते एक तो बड़े</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141594/what-will-happen-on-the-prestigious-seats-of-up%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/sfsdf.webp" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>वैसे तो उत्तर प्रदेश में 80 लोकसभा सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं लेकिन कुछ विशेष सीटें ऐसी हैं जहां राजनेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। कुछ सीटें तो ऐसी हैं जहां मुकाबला न के बराबर है उसमें से एक सीट है वाराणसी की सीट जहां से देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चुनाव लड़ रहे हैं। हालांकि नरेंद्र मोदी का किसी से कोई मुकाबला नहीं दिखाई दे रहा है। लेकिन कल अजय राय के नेतृत्व में प्रियंका गांधी और डिंपल यादव के रोड में जिस तरह से भीड़ टूटी थी उसके कई मायने हो सकते एक तो बड़े नेताओं को देखने की ललक लोगों में दिखाई देती है लेकिन इसको हल्के में लेना भी भूल होगी। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। लेकिन क्या वह प्रधानमंत्री की लोकप्रियता और उनके द्वारा वाराणसी में कराये गये विकास कार्यों का सामना कर सकेंगे। वैसे तो ऐसा मुश्किल ही लग रहा है। लेकिन अजय राय वहां के स्थानीय नेता हैं और गठबंधन के प्रत्याशी हैं आप बिल्कुल उनको हल्के में नहीं ले सकते और फिर इतिहास गवाह है कि इंदिरा गांधी और अटल बिहारी वाजपेई जैसे नेताओं को भी हार का सामना करना पड़ा है। लेकिन वाराणसी में ऐसा होना अभी तो असंभव ही लग रहा है।</div>
<div> </div>
<div>वाराणसी के बाद यदि चर्चा में कोई सीट है तो वह है अमेठी और रायबरेली। यहां हम दो सीटों की एक साथ बात इसलिए कर रहे हैं कि आज की परिस्थिति में दोनों का एक दूसरे से परस्पर संबंध है। अमेठी से भारतीय जनता पार्टी से केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी चुनाव लड़ रहीं हैं। जब कि यह सीट गांधी परिवार की परंपरागत सीट है राहुल गांधी यहां से तीन बार सांसद चुने जा चुके हैं लेकिन 2019 के चुनाव में वह स्मृति ईरानी से चुनाव हार गए। कांग्रेस ने बड़ी चतुराई से राहुल गांधी को रायबरेली से प्रत्याशी बनाया जब कि स्मृति ईरानी के खिलाफ अपने साधारण कार्यकर्ता को चुनाव मैदान में उतारा।</div>
<div> </div>
<div>अब यह साधारण कार्यकर्ता हैं कौन जिनसे स्मृति को हार का डर सता रहा है। वैसे इस बार अमेठी में चुनाव बड़ा पेचीदा है। कांग्रेस ने गांधी परिवार के खासमखास किशोरी लाल को चुनाव मैदान में उतारा है। किशोरी लाल वहां के स्थानीय निवासी हैं और राहुल गांधी की अनुपस्थिति में वह ही अमेठी का संसदीय कार्य देखते थे। किशोरी लाल वहां काफी लोकप्रिय नेता हैं। यदि स्मृति ईरानी किशोरी लाल से चुनाव हारती हैं तो यह बहुत बड़ी बात होगी। जब कि यदि राहुल गांधी से चुनाव हारती तो कोई बड़ी बात नहीं होती। इसलिए कांग्रेस गठबंधन ने किशोरी लाल को एक रणनीति के तहत वहां से प्रत्याशी बनाया है।</div>
<div> </div>
<div>राहुल गांधी चाहते तो अमेठी से चुनाव लड़ सकते थे लेकिन इसकी पटकथा बहुत पहले से तैयार हो चुकी थी जब सोनिया गांधी जो कि हमेशा से रायबरेली से सांसद रहीं हैं उन्होंने अपने स्वास्थ्य का हवाला देते हुए चुनाव न लड़ने का फैसला किया और राज्य सभा के लिए चुन ली गईं। दरअसल यह सीट उन्होंने राहुल गांधी के लिए ही छोड़ी थी। राहुल गांधी को वैसे तो यहां पर कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए लेकिन चुनाव में कुछ भी नहीं कहा जा सकता। इसलिए कांग्रेस कार्यकर्ता काफी मेहनत कर रहे हैं। अब हम बात करते हैं कन्नौज लोकसभा क्षेत्र की जहां से पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव चुनाव लड़ रहे हैं उनके खिलाफ भारतीय जनता पार्टी के नेता वर्तमान सांसद सुब्रत पाठक चुनाव मैदान में हैं। ये वही सुब्रत पाठक हैं जो पहले अखिलेश यादव के खिलाफ चुनाव हार चुके हैं लेकिन 2019 के चुनाव में उन्होंने अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव को हरा दिया था। इसलिए सुब्रत पाठक के हौसले बुलंद हैं। वैसे कन्नौज काफी पहले से ही समाजवादियों का गढ़ माना जाता रहा है। यहां से राम मनोहर लोहिया और मुलायम सिंह यादव जैसे नेता चुनाव जीत कर संसद में पहुंचे हैं।</div>
<div> </div>
<div>कन्नौज में समाजवादी पार्टी ने पहले अपने भतीजे तेज़ प्रताप यादव को चुनाव मैदान में उतारा था लेकिन अंतिम समय में फेरबदल हुआ और तेज प्रताप यादव को हटाकर अखिलेश यादव खुद प्रत्याशी बन गये। अखिलेश यादव की साख यहां दांव पर लगी है। अखिलेश यादव पहली बार कन्नौज से सी सांसद चुने गये थे लेकिन अब पहले से परिस्थितियां काफी बदल चुकी हैं। अखिलेश यादव के लिए भी चुनाव इतना आसान नहीं है। और इसीलिए यहां से तेज प्रताप यादव को हटाया गया था। तेज प्रताप यादव एक बार मैनपुरी से सांसद रह चुके हैं। लेकिन बदली हुई परिस्थितियों में कन्नौज में वो सुब्रत पाठक से हल्के पड़ रहे थे क्योंकि इन पांच वर्षों में सांसद रहते सुब्रत पाठक ने अपनी स्थिति काफी मजबूत कर ली है लेकिन अखिलेश यादव के सामने शायद वह हल्के नजर आ रहे हैं। क्यों कि अखिलेश यादव ने अपने मुख्यमंत्रित्व काल में वहां बहुत से विकास कार्य कराए हैं। इससे पहले भी मुलायम सिंह यादव ने भी कन्नौज के लिए काफी कुछ किया है। अब देखना है कि कन्नौज की जनता ने किसको आशीर्वाद दिया है। </div>
<div> </div>
<div>मैनपुरी लोकसभा सीट भी भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के लिए प्रतिष्ठित सीट बन गई है। सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव की मृत्यु के बाद डिंपल यादव मैनपुरी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ी थीं और बहुत ही अच्छे मार्जिन से चुनाव जीतीं थीं। यह भी माना जा सकता है कि उस उपचुनाव में डिंपल यादव को सहानुभूति की लहर मिली होगी लेकिन मैनपुरी लोकसभा सीट का जो जातीय समीकरण है वह समाजवादी पार्टी के ही पक्ष में जाता है। भारतीय जनता पार्टी ने इस बात अपने वर्तमान मैनपुरी विधायक और उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह को चुनाव मैदान में उतारा है। चुनाव के बाद जयवीर सिंह काफी सहज दिखाई दे रहे हैं। लेकिन मैनपुरी लोकसभा सीट में जसवन्तनगर विधानसभा क्षेत्र करहल विधानसभा क्षेत्र और किशनी विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं जो हार जीत का फैसला कर देते हैं। यह एक बहुत बड़ी यादव बैल्ट है लेकिन शाक्य मतदाताओं की संख्या भी यहां कम नहीं है। मैनपुरी से बहुजन समाज पार्टी ने शाक्य उम्मीदवार उतारकर डिंपल यादव के लिए कुछ मुश्किलें खड़ी की हैं। लेकिन वहां समाजवादी पार्टी को हराना इतना आसान नहीं है।</div>
<div> </div>
<div>लखनऊ लोकसभा सीट से केन्द्रीय रक्षामंत्री और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह चुनाव लड़ रहे हैं। राजनाथ सिंह यदि इस बार चुनाव जीत जाते हैं तो यह उनकी हैट्रिक होगी। समाजवादी पार्टी ने राजनाथ सिंह के खिलाफ रविदास मेहरोत्रा को चुनाव मैदान में उतारा है। रविदास मेहरोत्रा स्थानीय प्रत्याशी हैं और काफी लोकप्रिय भी हैं लेकिन राजनाथ सिंह के सामने कुछ कमजोर ही नजर आ रहे हैं। प्रतापगढ़ लोकसभा सीट और कौशांबी लोकसभा सीट पर राजा भैया की प्रतिष्ठा दांव पर है। हालांकि राजा भैया की पार्टी जनसत्ता दल से कोई भी प्रत्याशी चुनाव मैदान में नहीं है लेकिन उन्होंने अंदर ही अंदर समाजवादी पार्टी के कैंडिडेट को समर्थन दे दिया है। दरअसल राजा भैया ने राज्यसभा चुनाव में बिना किसी शर्त के भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी को समर्थन दिया था और लोग सभा में भी भारतीय जनता पार्टी से गठबंधन करना चाहते थे लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने उनको एक सीट भी देना उचित नहीं समझा। इसलिए राजा भैया ने अपने समर्थकों से एलान कर दिया कि वह स्वतंत्र हैं और अपना वोट किसी को भी दे सकते हैं। लेकिन जब राजा भैया का यह स्टेटमेंट आया कि भारतीय जनता पार्टी के वर्तमान सांसद से जनता खुश नहीं है तो यह निश्चित हो गया कि वह अंदर ही अंदर समाजवादी पार्टी को अपना समर्थन दे चुके हैं। प्रतापगढ़ की समाजवादी पार्टी की रैली में अखिलेश यादव ने भी यह घोषणा कर दी कि कभी-कभी जो हमसे नाराज़ रहते थे वह आज हमारे साथ हैं। उनका सीधा इसारा राजा भैया के समर्थकों पर था।</div>
<div> </div>
<div><strong>जितेन्द्र सिंह पत्रकार </strong></div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 May 2024 15:43:23 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कन्नौज में डिंपल का बदला लेंगे पाएंगे अखिलेश </title>
                                    <description><![CDATA[<div>कन्नौज लोकसभा क्षेत्र हमेशा से हाट सीट रही है यहां से बड़े बड़े नेता चुनकर संसद पहुंचे हैं। उसमें भी कन्नौज ने समाजवादी पार्टी को हमेशा अत्यधिक प्यार दिया है यदि पिछले 2019 के चुनाव को छोड़ दें। कन्नौज में पिछले चुनाव में एक बड़ा उलटफेर हुआ था जब अखिलेश यादव की पत्नी और मुलायम सिंह यादव की बहू डिंपल यादव को सुब्रत पाठक ने मात्र 12315 मतों से पराजित किया था। सुब्रत पाठक की यह जीत बहुत बड़ी नहीं थी लेकिन जीत तो जीत ही होती है। यहां से अखिलेश यादव, मुलायम सिंह यादव और डिंपल यादव बहुत बड़े</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141053/akhilesh-will-be-able-to-take-revenge-of-dimple-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/akhilesh.jpg" alt=""></a><br /><div>कन्नौज लोकसभा क्षेत्र हमेशा से हाट सीट रही है यहां से बड़े बड़े नेता चुनकर संसद पहुंचे हैं। उसमें भी कन्नौज ने समाजवादी पार्टी को हमेशा अत्यधिक प्यार दिया है यदि पिछले 2019 के चुनाव को छोड़ दें। कन्नौज में पिछले चुनाव में एक बड़ा उलटफेर हुआ था जब अखिलेश यादव की पत्नी और मुलायम सिंह यादव की बहू डिंपल यादव को सुब्रत पाठक ने मात्र 12315 मतों से पराजित किया था। सुब्रत पाठक की यह जीत बहुत बड़ी नहीं थी लेकिन जीत तो जीत ही होती है। यहां से अखिलेश यादव, मुलायम सिंह यादव और डिंपल यादव बहुत बड़े मार्जिन से चुनाव जीतते रहे हैं। लेकिन इस बार अखिलेश यादव ने इस सीट को हल्के में नहीं लिया। समाजवादी पार्टी ने पहले इस सीट से तेज प्रताप यादव को उतारा था परंतु बाद में यहां से अखिलेश यादव स्वयं प्रत्याशी बन गये। क्या अखिलेश यादव पिछले चुनाव में डिंपल को मिली हार का बदला लेने के लिए यहां से खड़े हुए हैं। और क्या अखिलेश डिंपल की हार का बदला ले सकेंगे यह एक प्रश्नचिन्ह है। जो कि चुनाव बाद ही पता चलेगा।</div>
<div> </div>
<div>कन्नौज लोकसभा क्षेत्र की बात करें तो यह तीन जनपदों की विधानसभा सीटों से मिलकर बना है जिनमें छिबरामऊ, तिर्वा, कन्नौज ये जनपद कन्नौज में आती हैं जब कि विधूना विधानसभा सीट औरैया जनपद में आती है और रसूलाबाद विधानसभा सीट कानपुर देहात जनपद में आती है। छिबरामऊ से भारतीय जनता पार्टी की अर्चना पांडेय विधायक हैं, तिर्वा से कैलश सिंह राजपूत भारतीय जनता पार्टी से विधायक हैं, कन्नौज से पूर्व पुलिस आयुक्त कानपुर असीम अरुण भारतीय जनता पार्टी से विधायक हैं रसूलाबाद कानपुर देहात से भारतीय जनता पार्टी की ही पूनम शंखबार विधायक हैं जब कि विधूना से समाजवादी पार्टी की रेखा वर्मा विधायक हैं। 1967 में यहां से पहली बार संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी से डा. राम मनोहर लोहिया चुनाव जीत कर संसद पहुंचे थे। मतलब अपने शुरुआती समय से ही यह गढ़ समाजवादी रहा है। यहां से दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री शीला दीक्षित भी 1984 में चुनाव जीत चुकी हैं।</div>
<div> </div>
<div>कन्नौज लोकसभा क्षेत्र यादव बैल्ट में आता है और यह समाजवादी पार्टी का गढ़ माना जाता है। यहां से 1999 में मुलायम सिंह यादव, सन् 2000,2004,2009 में अखिलेश यादव चुनकर संसद पहुंचे थे। जब कि 2012 और 2014 के लोकसभा चुनाव में डिंपल यादव यहां से जीतकर संसद पहुंच चुकी हैं। और पिछले चुनाव में सुब्रत पाठक को 563087 वोट मिले थे जब कि डिंपल यादव को 550734 मत मिले थे और डिंपल यादव 12315 के मामूली अंतर से चुनाव हार गईं थीं। सपा प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री की पत्नी का हार जाना एक बहुत बड़ी बात थी। लेकिन उस समय शिवपाल सिंह यादव समाजवादी पार्टी से अलग हो गए थे जिससे समाजवादी पार्टी को कई सीटों पर भारी नुक़सान उठाना पड़ा था। वर्तमान चुनाव में शिवपाल सिंह यादव समाजवादी पार्टी के साथ हैं। और पूरी तरह से एक्टिव दिखाई दे रहे हैं।</div>
<div> </div>
<div>अखिलेश यादव के कन्नौज लोकसभा क्षेत्र से खड़े हो जाने से सुब्रत पाठक पर हार का संकट गहरा गया है। यह बात सुब्रत पाठक को स्वयं महसूस हो रही है। जिस तरह उन्होंने इलेक्शन कमीशन को पत्र लिखा है कि समाजवादी पार्टी ने कन्नौज में बाहरी लोगों का जमावड़ा लगा दिया है और वह गड़बड़ी पैदा कर सकते हैं। सोचने वाली बात यह है कि प्रदेश और देश में सरकार भारतीय जनता पार्टी की है पुलिस और सारे प्रशासनिक अधिकारी भारतीय जनता पार्टी के अंडर में हैं तो कोई दूसरी पार्टी का नेता कैसे उन्माद मचा सकता है। क्या उत्तर प्रदेश की पुलिस और प्रशासन इतना कमजोर है कि वह चुनाव में गड़बड़ी करने देगा। खैर राजनीति में यह आरोप प्रत्यारोप चलते रहते हैं। कन्नौज में अखिलेश यादव के मंदिर में पूजा करने पर भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने जिस तरह से उस मंदिर को गंगाजल से धोया था। यह एक अच्छी मानसिकता नहीं है। राजनैतिक विरोध अपनी जगह है और आस्था अपनी जगह। दरअसल यह चुनाव ही अब पूरी तरह से धर्म और जाति की राजनीति पर उतर आया है।</div>
<div> </div>
<div>कन्नौज लोकसभा क्षेत्र के राजनीतिक समीकरण कुछ इस तरह से हैं यदि मुकाबला सीधे हो जाए तो समाजवादी पार्टी को हराना बहुत मुश्किल है लेकिन यदि बहुजन समाज पार्टी वोट काटने में कामयाब होती है तो नतीजा कुछ भी हो सकता है। लेकिन वहां से जो जमीनी रिपोर्ट आ रही है उसमें समाजवादी पार्टी को ही दावेदार माना जा रहा है। पिछले 2019 के लोकसभा चुनाव में डिंपल यादव की हार को समाजवादी पार्टी भूल नहीं पाई है और इसीलिए अंत समय में प्रत्याशी बदलकर अखिलेश यादव को स्वयं चुनाव मैदान में उतरना पड़ा। अब सवाल यह उठता है कि क्या अखिलेश यादव 2019 की डिंपल यादव की हार का बदला ले सकेंगे। अभी तो केवल कयास ही लगाए जा सकते हैं असली परिणाम तो 4 जून को ही पता चल सकेंगे। लेकिन यह निश्चित है कि कन्नौज लोकसभा सीट समाजवादी पार्टी के लिए प्रतिष्ठा की सीट है और इस सीट के परिणाम की आवाज दूर दूर तक जाएगी। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी मुख्य विपक्षी दल है और कन्नौज से समाजवादी पार्टी का मुखिया चुनाव मैदान में है तो पूरे देश की नजर भी इस लोकसभा सीट के परिणाम पर रहेगी। यदि इस बार भी यह सीट समाजवादी पार्टी के हाथ से जाती है तो यह समाजवादी पार्टी के लिए विचारणीय प्रश्न रहेगा।</div>
<div> </div>
<div><strong> जितेन्द्र सिंह पत्रकार </strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 May 2024 15:40:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रयागराज, में अखिलेश, डिंपल और जया बच्चन की डिमांड!।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>प्रयागराज।</strong></div>
<div>सपा ने भाजपा की तर्ज पर अपने और गठबंधन प्रत्याशी का चुनाव प्रचार तेज कर दिया है। प्रयागराज की फूलपुर, इलाहाबाद संसदीय सीट पर नामांकन प्रक्रिया के बाद पार्टी यहां अपने अभियान को और तेज करेगी। इस दौरान पार्टी नेताओं की तैयारी है कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव के साथ सांसद डिंपल यादव और राज्यसभा सदस्य जया बच्चन को भी प्रयागराज में बुलाया जाए।</div>
<div>  </div>
<div>प्रयागराज में 25 मई को चुनाव होना है। स्थानीय पदाधिकारियों ने यहां सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, डिंपल यादव, जया बच्चन, पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव, प्रो. राम गोपाल यादव आदि की चुनावी सभाएं</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/140586/demand-of-akhilesh-dimple-and-jaya-bachchan-in-prayagraj"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-04/img-20240426-wa0145.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>प्रयागराज।</strong></div>
<div>सपा ने भाजपा की तर्ज पर अपने और गठबंधन प्रत्याशी का चुनाव प्रचार तेज कर दिया है। प्रयागराज की फूलपुर, इलाहाबाद संसदीय सीट पर नामांकन प्रक्रिया के बाद पार्टी यहां अपने अभियान को और तेज करेगी। इस दौरान पार्टी नेताओं की तैयारी है कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव के साथ सांसद डिंपल यादव और राज्यसभा सदस्य जया बच्चन को भी प्रयागराज में बुलाया जाए।</div>
<div> </div>
<div>प्रयागराज में 25 मई को चुनाव होना है। स्थानीय पदाधिकारियों ने यहां सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, डिंपल यादव, जया बच्चन, पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव, प्रो. राम गोपाल यादव आदि की चुनावी सभाएं नामांकन प्रक्रिया संपन्न होने के बाद करवाने की तैयारी की है। इन नेताओं में अखिलेश, डिंपल और जया बच्चन की यहां खासी डिमांड भी है। इसे देखते हुए पार्टी की तैयारी है कि डिंपल यादव और जया बच्चन यहां रोड शो में शिरकत करें। इसके लिए इन दोनों ही नेताओं से संपर्क भी किया जा रहा है। रोड शो के संभावित रूट पर मंचन भी किया जा रहा है।</div>
<div> </div>
<div>वहीं, दूसरी ओर चर्चा इस बात की है कि इलाहाबाद संसदीय सीट से कांग्रेस प्रत्याशी उज्ज्वल रमण सिंह और फूलपुर संसदीय सीट से सपा प्रत्याशी अमर नाथ मौर्य के समर्थन में राहुल गांधी और अखिलेश यादव दोनों का संयुक्त रोड शो करवाया जाए। रोड शो 20 मई के बाद ही करवाए जाने की पैरवी सपा के नेताओं ने की है। इसका रूट भी इस तरह से रखा जाए कि दोनों संसदीय सीट की कम से कम एक-एक विधानसभा कवर हो जाए। इसी तरह गंगापार और यमुनापार में भी 20 मई के बाद ही अखिलेश यादव की एक-एक चुनावी जनसभा करवाने का भी अनुरोध पार्टी नेताओं ने किया है।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>लोक सभा चुनाव</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Apr 2024 16:34:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>समाजवादी पार्टी ने शिवेंद्र यादव को बनाया गया युवजन सभा का प्रदेश सचिव </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong></div>
<div>
<div>  </div>
<div><strong>महमूदाबाद-सीतापुर</strong> नगर के मोहल्ला मोतीपुर चौराहे पर रहने वाले पूर्व सभासद शिवेंद्र यादव को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के दिशा निर्देशन मे समजवादी युवजन सभा के प्रदेश का भार सौंपा गया उनके मनोनीत होने पर समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री नरेंद्र सिँह वर्मा, जिला अध्यक्ष छत्रपाल यादव, विधायक लहरपुर अनिल वर्मा,पूर्व विधायक अनूप गुप्ता, पूर्व मंत्री रामपाल राजवंशी,</div>
<div>  </div>
<div>पूर्व जिला अध्यक्ष शमीम कौसर सिद्दीकी, अफ़ज़ाल अंसारी, हरगोविंद भार्गव,महेंद्र सिँह झीन,दिग्विजय सिँह देव,जिला पंचायत अध्यक्ष जितेंद्र यादव, शांति यादव, रामेन्द्र यादव, तौकीर खान अल्लान, नूर नेता, डॉ शफीक, शकील खान, ज़ीशान अहमद खान,हसन सभासद, एजाज राइन,</div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/140118/samajwadi-party-made-shivendra-yadav-the-state-secretary-of-yuvjan"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-04/img-20240403-wa0001.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong></div>
<div>
<div> </div>
<div><strong>महमूदाबाद-सीतापुर</strong> नगर के मोहल्ला मोतीपुर चौराहे पर रहने वाले पूर्व सभासद शिवेंद्र यादव को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के दिशा निर्देशन मे समजवादी युवजन सभा के प्रदेश का भार सौंपा गया उनके मनोनीत होने पर समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री नरेंद्र सिँह वर्मा, जिला अध्यक्ष छत्रपाल यादव, विधायक लहरपुर अनिल वर्मा,पूर्व विधायक अनूप गुप्ता, पूर्व मंत्री रामपाल राजवंशी,</div>
<div> </div>
<div>पूर्व जिला अध्यक्ष शमीम कौसर सिद्दीकी, अफ़ज़ाल अंसारी, हरगोविंद भार्गव,महेंद्र सिँह झीन,दिग्विजय सिँह देव,जिला पंचायत अध्यक्ष जितेंद्र यादव, शांति यादव, रामेन्द्र यादव, तौकीर खान अल्लान, नूर नेता, डॉ शफीक, शकील खान, ज़ीशान अहमद खान,हसन सभासद, एजाज राइन, आज़ाद राइन, मो आफताब, लवकुश यादव, विनीत यादव, अमर शुक्ला, संजय शुक्ला,मो समीर, मेराज अहमद, एम वी राजा, परवेज़ महाराजा, मोईन अहमद, साकेंद्र यादव, पुष्कर शुक्ला, रोहित यादव ने भी बधाई दी, शिवेंद्र यादव ने पिछले कई सालो से पार्टी की नीतियों और पार्टी के लिए वफादारी करते हुवे पार्टी को आगे बढ़ाने का काम किया है,</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Apr 2024 18:06:53 +0530</pubDate>
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                <title>समाजवादी पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ताओं ने अपना दल एस पार्टी का थामा दामन।  </title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div>  अपना दल एस के वरिष्ठ  नेता जस्करन पटेल के अनुसार  जनपद लखीमपुर खीरी के वरिष्ठ एवं कनिष्ठ कार्यकर्ता सपा को छोड़कर करीब एक दर्जन लोग अपना दल एस में हुए शामिल। उनको अपना दल एस.की विचारधारा एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष  अनुप्रिया पटेल एवं केंद्रीय राज्य मंत्री भारत सरकार सांसद मिर्जापुर के सानिध्य में तथा कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष  आशीष पटेल कैबिनेट मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार राष्ट्रीय महासचिव के.के.पटेल एवं राष्ट्रीय सचिव विनोद गंगवार तथा राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष ओ.पी.कटियार प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार पाल के नेतृत्व में  प्रदेश कार्यकारिणी व्यापर मंच एवं जिला प्रभारी महानगर लखनऊ में जसकरन पटेल की अगुवाई में समाजवादी पार्टी</div>
</div>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/138606/active-workers-of-samajwadi-party-joined-their-party-s-party"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-02/04......jpg" alt=""></a><br /><div>
<div> अपना दल एस के वरिष्ठ  नेता जस्करन पटेल के अनुसार  जनपद लखीमपुर खीरी के वरिष्ठ एवं कनिष्ठ कार्यकर्ता सपा को छोड़कर करीब एक दर्जन लोग अपना दल एस में हुए शामिल। उनको अपना दल एस.की विचारधारा एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष  अनुप्रिया पटेल एवं केंद्रीय राज्य मंत्री भारत सरकार सांसद मिर्जापुर के सानिध्य में तथा कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष  आशीष पटेल कैबिनेट मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार राष्ट्रीय महासचिव के.के.पटेल एवं राष्ट्रीय सचिव विनोद गंगवार तथा राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष ओ.पी.कटियार प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार पाल के नेतृत्व में  प्रदेश कार्यकारिणी व्यापर मंच एवं जिला प्रभारी महानगर लखनऊ में जसकरन पटेल की अगुवाई में समाजवादी पार्टी के पूर्व नगर अध्यक्ष अब्दुल मतीन निवासी नीची भूड़ विधानसभा गोला एवं राहुल कनौजिया निवासी छितौनियां विधान सभा गोला तथा अंबेश कनौजिया निवासी गोला ने पार्टी की सदस्यता ली और पार्टी को आश्वासन दिया कि पार्टी में हम लोग  ईमानदारी से कार्य करेंगे और पार्टी को निरंतर आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे और माननीय  अनुप्रिया पटेल एवं माननीय आशीष पटेल तथा पार्टी की विचारधारा को बूथ स्तर तक पहुंचाने का काम करें</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 08 Feb 2024 18:13:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>समाजवादी पार्टी ने जनता की टटोली नब्ज,लोकसभा की तैयारी तेज</title>
                                    <description><![CDATA[<div>  </div>
<div><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div><strong>बस्ती l </strong>जनपद मेें समाजवादी पार्टी द्वारा महादेवा विधानसभा क्षेत्र के सेल्हरा घाट में पीडीए पखवाड़ा जन पंचायत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पीडीए पखवाड़ा  कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं लोकसभा बस्ती के प्रभारी राम प्रसाद चौधरी ने कहा कि यूपी में नौजवानों को नौकरी नहीं मिल रही है, किसान परेशान है, खाद की कीमतें बढ़ गई, सिंचाई महंगी हो गई लेकिन यह सरकार किसानों, नौजवानों की बात नहीं सुन रही है। उन्होंने भाजपा सरकार पर जनता से झूठे वादे करने का आरोप लगाते हुये सपा की जीत सुनिश्चित करने का आवाहन किया। कहा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/138502/samajwadi-party-polled-the-public-and-intensified-preparations-for-lok"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-01/img-20240131-wa0156.jpg" alt=""></a><br /><div> </div>
<div><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div><strong>बस्ती l </strong>जनपद मेें समाजवादी पार्टी द्वारा महादेवा विधानसभा क्षेत्र के सेल्हरा घाट में पीडीए पखवाड़ा जन पंचायत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पीडीए पखवाड़ा  कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं लोकसभा बस्ती के प्रभारी राम प्रसाद चौधरी ने कहा कि यूपी में नौजवानों को नौकरी नहीं मिल रही है, किसान परेशान है, खाद की कीमतें बढ़ गई, सिंचाई महंगी हो गई लेकिन यह सरकार किसानों, नौजवानों की बात नहीं सुन रही है। उन्होंने भाजपा सरकार पर जनता से झूठे वादे करने का आरोप लगाते हुये सपा की जीत सुनिश्चित करने का आवाहन किया। कहा कि भाजपा की सरकार में दवाई, पढाई मंहगी हो गई और सभी वर्गो के लोग परेशान हैं।सपा पिछड़ा वर्ग के प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष राजपाल कश्यप ने कहा कि यूपी की योगी सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।</div>
<div>धर्म के नाम पर लोगों को लड़ाकर सत्ता की कुर्सी हासिल करने वाली सरकार का मुखौटा उजागर हो चुका है। उन्होंने योगी सरकार पर निषाद समाज को आरक्षण का झांसा देकर धोखा देने का भी आरोप लगाया। आवाहन किया कि भाजपा के जुमलों की सरकार को उखाड़ फेंकने<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-01/img-20240131-wa0156.jpg" alt="IMG-20240131-WA0156"></img> के लिये लोग एकजुट हों। आगामी लोकसभा चुनाव में सपा के जीत का आवाहन करते हुये राजपाल ने कहा कि भाजपा के साम्प्रदायिक षड़यंत्र और जुमलों से सावधान रहना होगा। कहा कि निषाद समाज के लोग भाजपा को सबक सिखायेंगे।सपा जिलाध्यक्ष एवं सदर विधायक महेंद्र नाथ यादव ने कहा कि भाजपा पूंजीपतियों का विकास कर रही है और किसान, नौजवान बदहाल है। सपा की सरकार में गरीबों के हितों के लिए जो योजनाएं शुरू की गई थी उसे बंद कर दिया गया। आने वाले लोकसभा के चुनाव में मतदाता झूठ और जुमले वाली भाजपा सरकार को करारा जबाब देंगे। सपा की जीत से ही खुशहाली और विकास का रास्ता निकलेगा। उन्होने उपस्थित लोगों का आवाहन किया कि वे सपा की नीति, कार्यक्रमों को जन-जन तक पहुंचाएं जिससे सत्ता और व्यवस्था परिवर्तन का लक्ष्य पूरा हो।</div>
<div>    इसी क्रम में डॉक्टर कश्यप ने सितंबर 2023 में रुदौली विधानसभा के नगर पंचायत के दंपति के जहर खाकर खुदकुशी करने के मामले में पीड़ित परिवार से मुलाकात की, इस मामले में मृतक के भाई ने बताया कि घटना के बाद कई राजनीतिक लोग और प्रशासनिक अधिकारियों ने तमाम आश्वासन दिए थे लेकिन अभी तक किसी भी योजना का लाभ परिजनों या बच्चों को नहीं मिल पाया, मृतक दंपति के बच्चों का किसी भी विद्यालय में दाखिला नहीं हो पाया। बच्चों की पढ़ाई बाधित चल रही है कहा कि अराजक तत्व आए दिन बच्चों को गाली देते हुए परेशान करते तथा धमकी देते रहते हैं।</div>
<div> </div>
<div>मंगलवार सुबह सदर विधानसभा के पुलिस लाइन स्थित डाक बंगले पर प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर कश्यप ने प्रेस वार्ता करने के दौरान कहा कि आगामी लोकसभा में समाजवादी पार्टी 80 सीट जीतने जा रही है। भाजपा सरकार अंतिम पड़ाव पर है। डॉक्टर राजपाल कश्यप ने हरैया विधानसभा क्षेत्र के विक्रमजोत ब्लॉक में मलौली गांव में अजय निषाद के घर पर पीडीए पंचायत कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम के दौरान डॉक्टर कश्यप ने कहा कि भाजपा ने निषाद समाज के सहयोग दो बार केंद्र और प्रदेश में सरकार बना ली, लेकिन आज भी निषाद समाज किसी भी प्रकार के सरकारी सहायता से वंचित है भाजपा से सरकार ने वादा किया था कि सरकार बनने पर निषादों को आरक्षण देगी लेकिन आज तक निषाद बिरादरी आरक्षण के लिए भटक रहा है। हमें अपना मत समाजवादी पार्टी को देकर सभी सीटों पर जीत दिलाना है।</div>
<div>इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार गुप्ता, जिला अध्यक्ष प्रमोद यादव, जिला महासचिव आर.डी. निषाद, प्रदेश सचिव प्रशांत यादव, प्रदेश सचिव राम करन चौरसिया, पवन मोदनवाल, पुष्पेंद्र सिंह राजन, संदीप निषाद, रामचंद्र यादव, प्रभाकर वर्मा, महंत यादव, यदुरम यादव, सुभाष निषाद, नरसिंह यादव एवं स्थानीय लोगों में विजय विक्रम आर्य, धीरेन्द्र निषाद, अंगद चौहान, विजय मौर्य, राजेश प्रजापति, राधेश्याम चौधरी, कन्हैया निषाद, राजेश चौधरी, मंगल निषाद, रमेश निषाद, दीपक साहनी, रमेश निषाद, रामपाल निषाद, मायाजाल निषाद, रामकोला निषाद, झिनकान निषाद, श्याम लाल, रोहित निषाद, यदुरम यादव, रामस्वरूप निषाद, प्रदीप यादव, रवि यादव, फूलों निषाद, चंदन मौर्य, अभिषेक प्रजापति, आदेश मौर्य, राजा रामपाल आदि भारी संख्या मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>लोक सभा चुनाव</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 31 Jan 2024 17:52:55 +0530</pubDate>
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