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                <title>Taiwan - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Taiwan RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title> चीन ने 33 लड़ाकू विमानों और 6 नौसेनिक जहाजों को लेकर ताइवान पर बढ़ाया दबाव </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>ताइवान</strong>   को अपना क्षेत्र साबित करने के लिए  चीन  लगातार उस पर सैन्य व कूटनीतिक दबाव बढ़ा रहा है।  चीन की घुसपैठ को लेकर ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने बड़ा दावा किया है। ताइवान ने चीन पर आरोप लगाया कि चीन ने   26 जनवरी सुबह से अगले सुबह तक तकएसयू-30 लड़ाकू विमानों और छह नौसेना जहाजों समेत 33 विमानों  और 6 नौसेना के जहाज तैनात कर  द्वीप राष्ट्र को घेर लिया।</p>
<p>उनका दावा है कि 33 विमानों में से 13 युद्धक विमानों ने ताइवान जलडमरूमध्य को लांघा है। बता दें चीन और ताइवान के बीच यह जल संधि एक अनौपचारिक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/138436/china-increases-pressure-on-taiwan-with-33-fighter-planes-and"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-01/2023_9image_10_49_175730806taiwan-ll.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>ताइवान</strong>  को अपना क्षेत्र साबित करने के लिए  चीन  लगातार उस पर सैन्य व कूटनीतिक दबाव बढ़ा रहा है।  चीन की घुसपैठ को लेकर ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने बड़ा दावा किया है। ताइवान ने चीन पर आरोप लगाया कि चीन ने   26 जनवरी सुबह से अगले सुबह तक तकएसयू-30 लड़ाकू विमानों और छह नौसेना जहाजों समेत 33 विमानों  और 6 नौसेना के जहाज तैनात कर  द्वीप राष्ट्र को घेर लिया।</p>
<p>उनका दावा है कि 33 विमानों में से 13 युद्धक विमानों ने ताइवान जलडमरूमध्य को लांघा है। बता दें चीन और ताइवान के बीच यह जल संधि एक अनौपचारिक सीमा है। मीडिया  रिपोर्ट के मुताबिक ये सब तब हुआ जब चीन विदेश मंत्री वांग यी ने शनिवरा को इस पर जोर देते हुए कहा था कि ताइवान की स्वतंत्रता चीन और अमेरिका संबंधों के लिए एक बड़ा खतरा बन सकता है। पिछले वर्ष सैन फ्रांसिस्कों में एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग शिखर सम्मेलन के मौके पर अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन और चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग की मुलाकात हुई थी।</p>
<p>28 जनवरी को चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने बैंकॉक में अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार(एनएसए) जेक सुलिवन से मुलाकात की। चीन के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, वांग ने सुलिवन के साथ बैठक में इस बात पर जोर दिया कि ताइवान चीन का आंतरिक मामला है। ताइवान के क्षेत्रीय  चुनाव इस बात को नहीं बदल सकते की ताइवान चीन का हिस्सा नहीं है। सुलिवन ने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका और चीन में प्रतिस्पर्धा हैं, लेकिन दोनों देशों को इसे संघर्ष या टकराव में बदलने से रोकने की जरूरत है।  </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>एशिया</category>
                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jan 2024 15:00:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चीन ने फिर की ताइवान के सुरक्षा जोन सेंध लगाने की कोशिश , 28 लड़ाकू विमानों ने हवाई क्षेत्र में भरी उड़ान</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></p>
<p><strong>ताइवान के रक्षा क्षेत्र में उड़ते दिखे 28 चीनी लड़ाकू विमान </strong></p>
<p><strong>चीन</strong> का ताइवान के प्रति आक्रामक रवैया दिन ब दिन उग्र रूप धारण करता जा रहा है। यही वजह है कि आए दिन  ताइवान के सुरक्षा जोन म्ं  में  घुसपैठ की कोशिश करता रहता है। ताइवान  काफी बार चीन के इस रवैये का विरोध जता चुका है ।ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने आरोप लगाया कि बुधवार को चीन ने एक बार फिर ताइवान में घुसपैठ की कोशिश की। ताइवानी रक्षा मंत्रालय के अनुसार  बुधवार सुबह अपने वायु रक्षा क्षेत्र में 28 चीनी वायु सेना के विमानों को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/134682/china-again-tried-to-breach-taiwans-security-zone-28-fighter"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-09/taiwan-scrambles-to-ward-off-chinese-jets-37.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></p>
<p><strong>ताइवान के रक्षा क्षेत्र में उड़ते दिखे 28 चीनी लड़ाकू विमान </strong></p>
<p><strong>चीन</strong> का ताइवान के प्रति आक्रामक रवैया दिन ब दिन उग्र रूप धारण करता जा रहा है। यही वजह है कि आए दिन  ताइवान के सुरक्षा जोन म्ं  में  घुसपैठ की कोशिश करता रहता है। ताइवान  काफी बार चीन के इस रवैये का विरोध जता चुका है ।ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने आरोप लगाया कि बुधवार को चीन ने एक बार फिर ताइवान में घुसपैठ की कोशिश की। ताइवानी रक्षा मंत्रालय के अनुसार  बुधवार सुबह अपने वायु रक्षा क्षेत्र में 28 चीनी वायु सेना के विमानों को देखा गया।</p>
<p>बता दें कि लोकतांत्रिक रूप से शासित ताइवान को चीन हमेशा से अपने क्षेत्र के रूप में देखता है। हाल के वर्षों में ताइवान ने द्वीप के पास चीनी सैन्य गतिविधियों में वृद्धि की शिकायत की है। बीजिंग बार-बार इस क्षेत्र पर अपनी संप्रभुता के दावों पर जोर देना चाहता है। बीजिंग की इन हरकत का ताइपे ने हमेशा विरोध कियाऔर इसे नियमित उत्पीड़न  बताता रहा है।</p>
<p>ताइवान रक्षा मंत्रालय के अनुसार, स्थानीय समयानुसार मंगलवार सुबह लगभग 6 बजे चीनी लड़ाकू विमान द्वीप के दक्षिण-पश्चिम कोने में वायु रक्षा पहचान क्षेत्र और ADIZ में दिखाई दिए।मंत्रालय ने जानकारी देते हुए कहा कि कुछ चीनी विमानों ने प्रशांत क्षेत्र में चीनी विमानवाहक पोत शेडोंग के साथ अभ्यास करने के लिए बाशी चैनल को पार किया।मंत्रालय ने आगे कहा कि ताइवान की सेनाओं ने स्थिति की निगरानी की, जिसमें अपने स्वयं के वायु सेना के विमानों को भेजना और वायु रक्षा प्रणालियों को सक्रिय करना शामिल है। </p>
<p>लोकतांत्रिक रूप से शासित ताइवान को चीन हमेशा से अपने क्षेत्र के रूप में देखता है। हाल के वर्षों में ताइवान ने द्वीप के पास चीनी सैन्य गतिविधियों में वृद्धि की शिकायत की है। बीजिंग बार-बार इस क्षेत्र पर अपनी संप्रभुता के दावों पर जोर देना चाहता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>एशिया</category>
                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 Sep 2023 15:25:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ड्रैगन की नई चाल: ताइवान को भयभीत करने के लिए शुरू किया सैन्य अभ्यास, तइपे रक्षा क्षेत्र में भेजे  71 चीनी विमान और 9 जहाज</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>International: </strong>दुनिया पर राज करने का सपना पूरा करने के लिए चीन अपनी विस्तारवादी व आक्रमक नीतियों को लगातार बढ़ाता जा रहा है। इसके तहत चीन अपने पड़ोसी देशों उकसाने की कोशिश में लगा रहता है। ताइवान न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार को शाम 4 बजे तक 71 चीनी सैन्य विमानों और 9 नौसैनिक जहाजों को ट्रैक किया गया है।</p>
<p>चीन ने यह कदम वेन और अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष केविन मैक्कार्थी के बीच हुई मुलाकात से नाराज होकर उठाया है। ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग-वेन की हालिया अमेरिका यात्रा से बिदके चीन ने शनिवार को ताइवान जलडमरूमध्य</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/128654/dragons-new-trick-started-military-exercise-to-intimidate-taiwan-sent"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-04/2023_4image_13_22_202184475china1-ll.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>International: </strong>दुनिया पर राज करने का सपना पूरा करने के लिए चीन अपनी विस्तारवादी व आक्रमक नीतियों को लगातार बढ़ाता जा रहा है। इसके तहत चीन अपने पड़ोसी देशों उकसाने की कोशिश में लगा रहता है। ताइवान न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार को शाम 4 बजे तक 71 चीनी सैन्य विमानों और 9 नौसैनिक जहाजों को ट्रैक किया गया है।</p>
<p>चीन ने यह कदम वेन और अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष केविन मैक्कार्थी के बीच हुई मुलाकात से नाराज होकर उठाया है। ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग-वेन की हालिया अमेरिका यात्रा से बिदके चीन ने शनिवार को ताइवान जलडमरूमध्य की तरफ युद्धपोत और दर्जनों लड़ाकू विमान भेजे।</p>
<p>चीन दावा करता है कि ताइवान उसका हिस्सा है। ताइवान राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय (MND) ने कहा कि इसमें 45 विमान शामिल हैं जो शायद ताइवान स्ट्रेट की मध्य रेखा को पार कर गए या फिर दक्षिण-पश्चिम से ताइवान के वायु रक्षा पहचान क्षेत्र (ADIZ) में प्रवेश कर गए हैं। राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय (MND) की ओर से शनिवार को निगरानी की गई। निगरानी में पाया गया कि चीनी विमानों में J-10, J-11, और J-16 लड़ाकू जेट, शीआन Y-20 परिवहन विमान, H-6K रणनीतिक बमवर्षक और KJ-500 वॉर्निंग विमान शामिल थे।</p>
<p>इससे पहले शुक्रवार को चीन की तरफ से घोषणा की गई थी कि ताइवान की सीमा के आसपास तीन दिन का सैन्य अभ्यास चलेगा है। ये युद्ध अभ्यास 8 अप्रैल से 10 अप्रैल के बीच चलेगा। जानकारी के मुताबिक, इस सैन्य अभ्यास के जरिए चीन ताइवान को अपनी सैन्य ताकत दिखाकर फिर से युद्ध की चेतावनी देने की कोशिश में है। इस सैन्य अभ्यास में चीन के लड़ाकू विमान ताइवान के पानी के क्षेत्रों के आसपास उत्तर, दक्षिण और पूर्व में अभ्यास करेंगे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>एशिया</category>
                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/128654/dragons-new-trick-started-military-exercise-to-intimidate-taiwan-sent</link>
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                <pubDate>Mon, 10 Apr 2023 01:52:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चीन के साथ तनातनी के बीच एक और अमेरिका का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा ताइवान</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></p>
<p>चीन के साथ तनाव के बीच एक और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ताइवान   पहुंचा । ताइवान के पांच दिवसीय दौरे पर यहां पहुंचे अमेरिकी सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को स्वशासित द्वीप की संसद के प्रमुख से मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे समय हुई जब हाल में जासूसी गुब्बारों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप के बीच अमेरिका और चीन के रिश्ते तनावपूर्ण बने हुए हैं। रविवार को पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में कैलिफोर्निया के प्रतिनिधि रो खन्ना, टेक्सास के टोनी गोंजालेस, मैसाचुसेट्स के जेक ऑचिनक्लोस और इलिनॉय के जोनाथन जैक्सन शामिल हैं। </p>
<p>उनके राष्ट्रपति साई इंग-वेन के साथ-साथ व्यवसायियों से भी मिलने की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/127488/another-us-delegation-reached-taiwan-amid-tensions-with-china"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-02/1514.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></p>
<p>चीन के साथ तनाव के बीच एक और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ताइवान   पहुंचा । ताइवान के पांच दिवसीय दौरे पर यहां पहुंचे अमेरिकी सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को स्वशासित द्वीप की संसद के प्रमुख से मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे समय हुई जब हाल में जासूसी गुब्बारों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप के बीच अमेरिका और चीन के रिश्ते तनावपूर्ण बने हुए हैं। रविवार को पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में कैलिफोर्निया के प्रतिनिधि रो खन्ना, टेक्सास के टोनी गोंजालेस, मैसाचुसेट्स के जेक ऑचिनक्लोस और इलिनॉय के जोनाथन जैक्सन शामिल हैं। </p>
<p>उनके राष्ट्रपति साई इंग-वेन के साथ-साथ व्यवसायियों से भी मिलने की उम्मीद है। सोमवार को उन्होंने ‘ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी' के संस्थापक मॉरिस चांग के साथ बातचीत की। चांग को द्वीप के चिप उद्योग का जनक माना जाता है। सिलिकॉन वैली का प्रतिनिधित्व करने वाले डेमोक्रेट खन्ना ने कहा कि वह सेमीकंडक्टर उद्योग में द्वीप की भूमिका के बारे में जानने के लिए ताइवान में हैं। खन्ना और ऑचिनक्लोस दोनों चीन के साथ प्रतिस्पर्धा पर केंद्रित सदन की नई प्रवर समिति के सदस्य हैं। उन्होंने उनकी यात्रा के निहित खतरे का भी उल्लेख किया क्योंकि ताइवान और अन्य देशों की सरकारों के बीच किसी भी प्रकार के आदान-प्रदान का चीन विरोध करता है।</p>
<p>चीन इस द्वीप पर अपने क्षेत्र के हिस्से के रूप में दावा करता है और यदि आवश्यक हो तो बल प्रयोग द्वारा उसे देश में शामिल करने की बात करता है। इस उद्देश्य से उसने ताइवान का सैन्य और राजनयिक उत्पीड़न बढ़ा दिया है। खन्ना ने कहा, “यहां आने के हमारे प्रयास किसी भी तरह से चीन को उकसाने के लिए नहीं हैं, बल्कि राष्ट्रपति की विदेश नीति के अनुरूप हैं, जो ताइवान के संबंधों के महत्व को पहचानती हैं व अंतत: क्षेत्र में शांति चाहती है।”</p>
<p>ताइवान की संसद युआन के प्रमुख यो सी-कुन ने अपने संबोधन का इस्तेमाल चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के सबसे वरिष्ठ विदेश नीति के अधिकारी वांग यी पर पलटवार करने के लिये किया।  पेंटागन के एक प्रवक्ता ने चीन मामलों के लिए उप सहायक रक्षा मंत्री माइकल चेस की यात्रा पर कोई टिप्पणी नहीं की। उन्होंने दोहराया कि “ताइवान के प्रति हमारी प्रतिबद्धता दृढ़ है और ताइवान जलडमरूमध्य और क्षेत्र के भीतर शांति और स्थिरता बनाए रखने में योगदान देता है।” ताइवान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसके पास ऐसे किसी दौरे की कोई जानकारी नहीं है।  </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>एशिया</category>
                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Feb 2023 15:40:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चीन के साथ युद्ध कोई विकल्प नहीं-ताइवानी राष्ट्रपति</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></p>
<p>ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग-वेन ने पोप फ्रांसिस को लिखे एक पत्र में कहा है कि चीन के साथ युद्ध कोई विकल्प नहीं है। साई इंग-वेन ने कहा कि चीन के साथ सार्थक बातचीत तभी संभव है जब बीजिंग स्वशासित ताइवान के लोकतंत्र का सम्मान करे। वेटिकन सिटी चीन के बजाय ताइवान के साथ राजनयिक संबंध रखने वाली अंतिम यूरोपीय सरकार है। हालांकि, अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों ने ताइवान के साथ व्यापक अनौपचारिक संबंध बनाए रखते हैं।</p>
<p><br />चीन के साथ संबंध विकसित करने के वेटिकन के प्रयासों को लेकर ताइवान के नेता असहज हैं। ताइवान की राष्ट्रपति</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/127047/war-with-china-is-not-an-option-%E2%80%93-taiwan-president"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-01/38.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></p>
<p>ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग-वेन ने पोप फ्रांसिस को लिखे एक पत्र में कहा है कि चीन के साथ युद्ध कोई विकल्प नहीं है। साई इंग-वेन ने कहा कि चीन के साथ सार्थक बातचीत तभी संभव है जब बीजिंग स्वशासित ताइवान के लोकतंत्र का सम्मान करे। वेटिकन सिटी चीन के बजाय ताइवान के साथ राजनयिक संबंध रखने वाली अंतिम यूरोपीय सरकार है। हालांकि, अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों ने ताइवान के साथ व्यापक अनौपचारिक संबंध बनाए रखते हैं।</p>
<p><br />चीन के साथ संबंध विकसित करने के वेटिकन के प्रयासों को लेकर ताइवान के नेता असहज हैं। ताइवान की राष्ट्रपति के कार्यालय की ओर से जारी पत्र के मुताबिक उन्होंने यूक्रेन के खिलाफ रूस के युद्ध, "प्रवासी अनुकूल नीतियों" और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर वेटिकन के रुख के प्रति समर्थन व्यक्त किया है।</p>
<p>वर्ष 1949 में गृह युद्ध के बाद ताइवान और चीन अलग हो गए थे और उनके बीच कोई आधिकारिक संबंध नहीं है लेकिन वे अरबों डॉलर के व्यापार और निवेश से जुड़े हुए हैं। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार नियमित रूप से ताइवान के पास लड़ाकू विमानों और बमवर्षकों विमानों को उड़ाती है ताकि वह अपने रुख को लागू कर सके कि ताइवान चीन के साथ एकजुट होने के लिए बाध्य है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>एशिया</category>
                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Jan 2023 13:07:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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                <title>जिनपिंग की वजह से मानसिक रोग का शिकार हो रहे चीनी सैनिक </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></p>
<p><strong>वास्तविक</strong> नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत, दक्षिण चीन सागर और ताइवान पर अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव से चीनी सेना टेंशन व खौफ में है। इस कारण चीन की सेना को मानसिक स्वास्थ्य संकट का सामना करना पड़ रहा है। बीते महीने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी द्वारा प्रकाशित पीएलए डेली की रिपोर्ट में यह उल्लेख किया गया कि कुछ चीनी अधिकारी और सैनिक गहन युद्ध प्रशिक्षण में तनावग्रस्त पाए गए थे। इस रिपोर्ट में यह जिक्र किया गया कि PLA सैनिकों को यह सीखने की जरूरत है कि युद्ध क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए दबाव से कैसे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/126474/chinese-soldiers-suffering-from-mental-illness-because-of-jinping"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2022-12/28.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></p>
<p><strong>वास्तविक</strong> नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत, दक्षिण चीन सागर और ताइवान पर अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव से चीनी सेना टेंशन व खौफ में है। इस कारण चीन की सेना को मानसिक स्वास्थ्य संकट का सामना करना पड़ रहा है। बीते महीने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी द्वारा प्रकाशित पीएलए डेली की रिपोर्ट में यह उल्लेख किया गया कि कुछ चीनी अधिकारी और सैनिक गहन युद्ध प्रशिक्षण में तनावग्रस्त पाए गए थे। इस रिपोर्ट में यह जिक्र किया गया कि PLA सैनिकों को यह सीखने की जरूरत है कि युद्ध क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए दबाव से कैसे निपटा जाए।</p>
<p>हांगकांग स्थित समाचार पत्र साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार "पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने सैनिकों को उनके काम के तनाव से निपटने और युद्ध में सामना करने में मदद करने के लिए परामर्श सेवाएं, नियमित मूल्यांकन और पाठ्यक्रम पेश किए हैं।" भारतीय रक्षा और सुरक्षा प्रतिष्ठान के सूत्रों ने बताया कि यह कुछ-कुछ मानसिक संकट जैसा था। LAC पर चल रहे संकट के कारण चीनी सैनिकों को भारी तनाव का सामना करना पड़ रहा है। द प्रिंट की रिपोर्ट के मुताबिक चीनी सेना के अत्यधिक ठंड और बेहद ऊंचाई वाले ठिकानों पर तैनात होने के कारण उनकी बेहतर चिकित्सा जांच और ठीक से देखभाल नहीं हो पा रही है।चीनी सैनिक एक जगह टिक कर ड्यूटी नहीं कर पाते क्योंकि विषम परिस्थितियों में उनकी लंबे समय तक तैनाती से शारिरिक स्वास्थ्य संकट गहरा सकता है। लेकिन इस जरूरी रोटेशन पॉलिसी से उनके मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ता है। उत्तरी सेना के पूर्व कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल डी एस हुड्डा (सेवानिवृत्त) ने इस रिपोर्ट पर सहमति जताते हुए कहा कि यह आश्चर्य की बात नहीं है कि पीएलए सैनिक तनाव और अन्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं।</p>
<p> डी एस हुड्डा ने द प्रिंट से बात करते हुए कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने खुद कहा था कि उनकी सेना "शांति रोग" से ग्रस्त है, जो मूल रूप से युद्ध के अनुभव की कमी है। दरअसल चीनी सैनिक, भारतीय सैनिकों की तुलना में कम अनुभवी हैं। उन्हें लंबे समय तक वास्तविक युद्ध परिस्थियों से जूझने का अनुभव नहीं मिला है। चीनियों को इतनी अधिक ऊँचाई वाली परिस्थितियों में कभी तैनात नहीं किया गया है और इसलिए ये मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे कोई आश्चर्य की बात नहीं हैं। उन्होंने कहा कि एक बच्चे की नीति, भर्ती और चीन में युवा आबादी में कमी जैसे कई कारकों का मनोवैज्ञानिक प्रभाव पड़ा है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>एशिया</category>
                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 21 Dec 2022 10:34:12 +0530</pubDate>
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