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                <title>Human trafficking - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Human trafficking RSS Feed</description>
                
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                <title>पतनः 13 साल की नाबालिग बच्ची चार होटल और 32! दरिंदे</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>मनोज कुमार अग्रवाल</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">राजस्थान के श्रीगंगानगर में उस समय बेटी पढ़ाओ और बेटी बचाओ अभियान व नारी सशक्तिकरण के तमाम नारे धूल धुसरित हो गए जब एक तेरह साल की नाबालिग बच्ची को चार होटलों में ले जाकर तीस से अधिक नर पिचाश दरिंदों ने बेरहमी से दरिंदगी की। जहां एक शर्मनाक और खौफनाक वारदात ने इंसानियत और कानून व्यवस्था दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. महज 13 साल की एक बच्ची के साथ ऐसी हैवानियत की गई, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया. इस घिनौनी वारदात के सामने आने के बाद पूरे जिले में गुस्सा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182840/fall-13-year-old-minor-girl-four-hotels-and-32"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/images-(3)1.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>मनोज कुमार अग्रवाल</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">राजस्थान के श्रीगंगानगर में उस समय बेटी पढ़ाओ और बेटी बचाओ अभियान व नारी सशक्तिकरण के तमाम नारे धूल धुसरित हो गए जब एक तेरह साल की नाबालिग बच्ची को चार होटलों में ले जाकर तीस से अधिक नर पिचाश दरिंदों ने बेरहमी से दरिंदगी की। जहां एक शर्मनाक और खौफनाक वारदात ने इंसानियत और कानून व्यवस्था दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. महज 13 साल की एक बच्ची के साथ ऐसी हैवानियत की गई, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया. इस घिनौनी वारदात के सामने आने के बाद पूरे जिले में गुस्सा फूट पड़ा और लोग सड़कों पर उतर आए हैं. पुलिस प्रशासन, संगठित अपराधियों और अवैध होटलों के नेटवर्क को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं. मगर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या उस मासूम को इंसाफ मिल पाएगा?</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">आपको बता दें 18 जून 2026 के दिन  जब इस खौफनाक कहानी की शुरुआत हुई. पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, 13 साल की पीड़ित बच्ची अपनी एक सहेली से मिलने श्रीविजयनगर गई थी. परिवार को उम्मीद थी कि वह जल्द घर लौट आएगी, लेकिन अचानक घरवालों से उसका संपर्क टूट गया. और वो लौटकर घर नहीं आई. उसे तलाश किया गया,  लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला. उसकी कोई खबर ना मिलने से घरवालों की चिंता बढ़ती गई और कुछ ही घंटों में यह मामला एक रहस्यमय गुमशुदगी में बदल गया.घरवाले पुलिस के पास पहुंचे. मदद की गुहार लगाई. तहरीर लेने के बाद पुलिस हरकत में आ गई. पुलिस जांच के मुताबिक, उसी रात बच्ची श्रीगंगानगर पहुंची थी और घर जाने के लिए एक ई-रिक्शा में बैठी. शैतान की एंट्री - आरोप है कि उसी दौरान रामबाबू नाम का एक ई-रिक्शा चालक उसे मिल गया.</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> उसने बच्ची को बातों ही बातों में विश्वास में ले लिया और उसे घर छोड़ने का भरोसा दिया. लड़की उसके साथ ई रिक्शा में बैठ गई. उसे इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि अगले कुछ मिनटों में उसके साथ क्या होने वाला है. रामबाबू उसे घर पहुंचाने के बजाय एक होटल में ले गया. जहां उसने लड़की को होटल संचालक के हवाले कर दिया. बताया जा रहा है कि इसके बदले उसे अच्छे खासे पैसे मिले. अब वो मासूम बच्ची ऐसे जाल में फंस चुकी थी, जहां से निकलना उसके लिए नामुमकिन सा हो गया था.इस मामले की तफ्तीश में जुटी पुलिस बताती है कि जांच में सामने आया कि बच्ची को सबसे पहले 'होटल जॉय इन' ले जाया गया था. इसके बाद अगले कई दिनों तक उसे एक होटल से दूसरे होटल में ले जाया जाता रहा. शुरुआती जांच में तीन होटलों की जानकारी पुलिस को मिली थी, लेकिन बाद में बीरबल चौक के पास मौजूद 'ड्रीम' नाम के चौथे होटल का भी पता चला. पुलिस के अनुसार, एक बाद एक इन सभी होटलों में बच्ची को छिपाकर रखा गया था. और वहीं उसकी आबरू लूटी गई.</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जिस्म का धंधा - आरोप है कि होटल मालिकों और मैनेजरों ने पांच दिनों के भीतर उस मासूम बच्ची को 30 से ज्यादा लोगों के सामने परोसा किया. आरोपों के मुताबिक, दिन के समय भी कई कई लोग उसके साथ रेप करते थे. कहा जाए तो उसके साथ लगातार गैंग रेप किया गया. दरिदों ने मौका मिलते ही उसके साथ दरिंदगी की. मामले में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब दरिंदगी के दौरान वो बच्ची दर्द से तड़पती थी, तब उसे शांत करने और सुलाने के लिए जबरन उसे शराब पिलाई जाती थी. और फिर उसकी इज्जत को तार तार किया जाता था. बताया जा रहा है कि होटल मालिकों ने एक एक दिन में कई लोगों को बच्ची के साथ दरिंदगी करने की छूट दी थी.</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> इस पूरी कहानी ने प्रदेश को ही नहीं देश को झकझोर दिया है.वहशीपन की ये कहानी यहीं खत्म नहीं हो जाती. इस मामले में एक और सनसनीखेज आरोप तब सामने आया, जब जांच एजेंसियों को पता चला कि एक होटल मैनेजर ने उस बच्ची की तस्वीरें खींचकर सोशल मीडिया पर भेजी थीं. इसी के बाद दरिंदगी का वो शर्मनाक खेल शुरू हुआ, जिसके चलते कई लोगों ने उस बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाया. इसी तरह से कई अन्य लोग भी इस गुनाह की कड़ी से जुड़ते चले गए. ये वही लोग थे, जो बच्ची की आबरू का सौदा करने के लिए बारी-बारी से होटल पहुंचे थे. </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">पुलिस का शिकंजा - पुलिस के अनुसार, बच्ची की उन्हीं तस्वीरों के जरिए कई अहम सुराग जांच करने वाली टीम के हाथ लगे.उधर, बच्ची के लापता होने के बाद परिवार ने पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. पुलिस ने जांच शुरू की और 22 जून को 'होटल जॉय इन' से बच्ची को बरामद कर लिया गया. इसके बाद मामले की परतें खुलनी शुरू हुईं. जांच आगे बढ़ी तो यह मामला कथित तौर पर संगठित अपराध और मानव तस्करी के एंगल तक पहुंच गया.पुलिस ने इस मामले में अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">गिरफ्तार किए गए लोगों में ई-रिक्शा चालक रामबाबू, होटल मालिक मयंक सैन, होटल मैनेजर हरदीप नाथ और सचिन सहित कई अन्य आरोपी शामिल हैं. इसके अलावा दीपक और तरुण नामक दो अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है. पुलिस का कहना है कि कुछ आरोपियों ने सीधे अपराध किया, जबकि कुछ ने इस गुनाह में सहयोग किया है। बुलडोजर एक्शन - होटलों पर चला बुलडोजर जिला प्रशासन ने उन होटलों को चिन्हित किया जहां इस वारदात को अंजाम दिया गया था और जो अवैध रूप से निर्मित थे। इनमें होटल जॉय इन , होटल सफायर और होटल ड्रीम लैंड शामिल हैं, जिन्हें पूरी तरह जमींदोज कर दिया गया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">सवाल सिर्फ एक नाबालिग बालिका के साथ दरिंदगी का नहीं है सवाल उस घिनौनी मानसिकता का है जो तेरह साल की एक मासूम बच्ची के अपरिपक्व और अविकसित शरीर को भूखे गिद्धों के झुंड की तरह नौंचने में पुलिस कानून सजा अदालत अथवा समाज और ईश्वर किसी का भी भय नहीं मानती है। क्या ईरिकशा वाले की करतूत से यह जाहिर नहीं होता है कि वह पहले भी इसी तरह मासूम लड़कियों को फंसा कर बहला फुसला कर इन होटल वालों के हाथों बेचता रहा होगा? एक शहर में होटल से होटल मासूम नाबालिग लड़की के जिस्म को दरिंदे नोचते रहे और पुलिस को भनक तक नहीं लगी?</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> दरअसल पुलिस ऐसे धंधेबाजो से बंधी रकम माहवार वसूल कर इनके कारनामों से आंखें बंद कर लेती है इसी का नतीजा है कि इस तरह होटल वाले एक मासूम लडकी के जिस्म को भेड़ियों को परोसते रहे। ऐसे घृणित और समाज विरोधी अपराध के लिए सख्त से सख्त कार्यवाही की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Jul 2026 22:10:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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                <title>महिला एवं बाल विकास विभाग और झारखंड पुलिस को बड़ी कामयाबी</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>रांची </strong>मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के सार्थक प्रयास से लगातार मानव तस्करी के शिकार बालक/बालिकाओं को मुक्त कराकर उनके घरों में पुनर्वासित किया जा रहा है। उसी कड़ी में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित एकीकृत पुनर्वास सह संसाधन केंद्र,  नई दिल्ली एवं साहिबगंज  पुलिस द्वारा दो मानव तस्कर को पकड़ा गया एवं उनके घर से बरामद दस्तावेज के आधार पर 19 लड़कियों को मुक्त कराया गया। उनमें 12 से 15 साल के बीच की 14 बच्चियां एवं पांच लड़कियां 18 वर्ष से ज्यादा की पाई गईं। सभी झारखंड के साहिबगंज जिला के बोरियो प्रखंड की निवासी हैं। इन्हें नई</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/138451/big-success-for-women-and-child-development-department-and-jharkhand"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-01/img-20240128-wa0125(1).jpg" alt=""></a><br /><div><strong>रांची </strong>मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के सार्थक प्रयास से लगातार मानव तस्करी के शिकार बालक/बालिकाओं को मुक्त कराकर उनके घरों में पुनर्वासित किया जा रहा है। उसी कड़ी में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित एकीकृत पुनर्वास सह संसाधन केंद्र,  नई दिल्ली एवं साहिबगंज  पुलिस द्वारा दो मानव तस्कर को पकड़ा गया एवं उनके घर से बरामद दस्तावेज के आधार पर 19 लड़कियों को मुक्त कराया गया। उनमें 12 से 15 साल के बीच की 14 बच्चियां एवं पांच लड़कियां 18 वर्ष से ज्यादा की पाई गईं। सभी झारखंड के साहिबगंज जिला के बोरियो प्रखंड की निवासी हैं। इन्हें नई दिल्ली के विभिन्न  क्षेत्रों से अभियान चलाकर मुक्त कराया गया।</div>
<div> </div>
<div>इस कार्य में  झारखंपुलिस को झारखंड भवन, नई दिल्ली  और दो स्थानीय एनजीओ  मिशन मुक्ति फाउंडेशन के संचालक श्री वीरेंद्र कुमार एवं रेस्क्यू फाउंडेशन के श्री अक्षय पांडे ने काफी मदद की। एकीकृत पुनर्वास सह संसाधन केंद्र नई दिल्ली की नोडल ऑफिसर श्रीमती नचिकेता ने बताया कि उन्हें झारखंड के बोरियो पुलिस द्वारा यह सूचना दी गई थी कि एक मानव तस्कर कई लड़कियों को बहला फुसलाकर दिल्ली लाया है। पुलिस द्वारा दी गई सूचना के आधार पर स्थानीय पुलिस थाने से संपर्क स्थापित कर दो मानव तस्करों को पकड़ा गया। तस्करों के घर पर ही एक बच्ची मिली, जिसे वह मानव तस्करी कर दिल्ली लाया था।</div>
<div> </div>
<div>मानव तस्करों के मिलते ही साहेबगंज के एसपी कुमार गौरव को सूचना दी गई। उन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए तुरंत एक पुलिस टीम को दिल्ली के लिए रवाना किया। राजेश कुमार के नेतृत्व में दिल्ली आई बोरियो पुलिस ने मानव तस्करों के घर से मिले  दस्तावेज के आधार पर दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में छापामारी कर लड़कियों को मुक्त कराया।</div>
<div>सभी को दिल्ली के विभिन्न जिले के सीडब्ल्यूसी ( बाल कल्याण समिति ) में प्रस्तुत किया जाएगा एवं वैधानिक कार्रवाही के बाद उन्हें झारखंड महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा वापस उनके घरों में पुनर्वासित किया जाएगा। ज्ञात हो कि एकीकृत पुनर्वास सह संसाधन केंद्र , झारखंड भवन, नई दिल्ली का एक अभिन्न अंग है, जिसे महिला एवं बाल विकास विभाग झारखंड सरकार द्वारा संचालित किया जाता है। सारी कार्यवाही झारखंड भवन के स्थानिक आयुक्त श्री मस्त राम मीणा के निर्देश पर की गई।</div>
<div> </div>
<div> झारखंड महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सभी जिलों को सख्त निर्देश दिया गया है कि ऐसे मामले मिलने पर त्वरित कार्रवाई की जाए। साथ ही संबंधित जिले के जिला समाज कल्याण पदाधिकारी एवं जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी को भी आदेश दिया गया है कि ऐसे मामले मिलते ही टीम बनाकर नई दिल्ली रवाना की जाए एवं बच्चों को सुरक्षित तरीके से उनके घरों में पुनर्वासित करते हुए झारखंड सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का उन्हें लाभ दिया जाए। वहीं इनकी सतत निगरानी भी की जाए।</div>
<div> </div>
<div>महिला एवं बाल विकास विभाग मानव तस्करी के मामले में बहुत ही संवेदनशील है, उसी का परिणाम है कि झारखंड के तस्करी के शिकार सैकड़ों बच्चों को देश के अलग- अलग क्षेत्रों से मुक्त करा कर उनके घरों में पुनर्वासित किया गया है। उन्हें झारखंड सरकार की कई योजनाओं का लाभ भी दिया गया है। एकीकृत पुनर्वास सह संसाधन केंद्र के राहुल सिंह एवं निर्मला खालको द्वारा बताया गया कि टोल फ्री नंबर 10582 नंबर  के माध्यम से भी झारखंड की तस्करी के शिकार बच्चों-बच्चियों की सूचना प्राप्त होती है।</div>
<div> </div>
<div>मुक्त की गईं बच्चियों की काउंसेलिंग की जाएगी एवं उनके संबंधित जिले के डीसीपीओ के माध्यम से  होम वेरिफिकेशन करा कर साहेबगंज जिले के जिला समाज कल्याण पदाधिकारी द्वारा पुनर्वासित किया जाएगा। दिल्ली में मुक्त करायी गईं  बच्चियों को दलाल के माध्यम से लाया गया था। झारखंड में ऐसे दलाल बहुत सक्रिय हैं, जो छोटी बच्चियों को बहला-फुसलाकर दिल्ली में अच्छी जिंदगी जीने का लालच देकर उन्हें  दिल्ली लाते हैं और विभिन्न घरों में उन्हें काम पर लगाने के बहाने से बेच देते हैं। इससे उन्हें एक मोटी रकम प्राप्त होती है और इन बच्चियों की जिंदगी नर्क से भी बदतर बना दी जाती है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jan 2024 15:03:45 +0530</pubDate>
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