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                <title>GANGA SNAN - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>GANGA SNAN RSS Feed</description>
                
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                <title>अक्षय पुण्य का पर्व: गंगा जयंती</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong> महेन्द्र तिवारी </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">गंगा सप्तमी भारतीय संस्कृति और आस्था का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, जो वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाया जाता है। यह दिन माँ गंगा के पुनः प्रकट होने का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि इसी दिन गंगा जी का पृथ्वी पर पुनः अवतरण हुआ था, इसलिए इसे गंगा जयंती के रूप में भी जाना जाता है। गंगा केवल एक नदी नहीं है, बल्कि भारतीय जनमानस की आत्मा, श्रद्धा और जीवन का आधार है। सदियों से यह नदी करोड़ों लोगों के जीवन को पोषित करती आई है और आध्यात्मिक दृष्टि से भी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176915/ganga-jayanti-the-festival-of-renewable-virtue"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/25_04_2023-ganga_jayanti.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong> महेन्द्र तिवारी </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गंगा सप्तमी भारतीय संस्कृति और आस्था का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, जो वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाया जाता है। यह दिन माँ गंगा के पुनः प्रकट होने का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि इसी दिन गंगा जी का पृथ्वी पर पुनः अवतरण हुआ था, इसलिए इसे गंगा जयंती के रूप में भी जाना जाता है। गंगा केवल एक नदी नहीं है, बल्कि भारतीय जनमानस की आत्मा, श्रद्धा और जीवन का आधार है। सदियों से यह नदी करोड़ों लोगों के जीवन को पोषित करती आई है और आध्यात्मिक दृष्टि से भी इसका महत्व अतुलनीय है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पौराणिक कथाओं के अनुसार गंगा का संबंध राजा भगीरथ की कठोर तपस्या से जुड़ा हुआ है। कहा जाता है कि उनके पूर्वजों का उद्धार तभी संभव था जब गंगा पृथ्वी पर आकर उनके अस्थि अवशेषों को स्पर्श करे। इसके लिए भगीरथ ने वर्षों तक तपस्या की, जिसके फलस्वरूप गंगा का अवतरण हुआ। किंतु गंगा की तीव्र धारा को पृथ्वी सहन नहीं कर सकती थी, इसलिए भगवान शिव ने उसे अपनी जटाओं में धारण किया और धीरे धीरे पृथ्वी पर प्रवाहित किया। यह कथा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह मानव के धैर्य, तप और संकल्प का भी उदाहरण प्रस्तुत करती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गंगा सप्तमी का धार्मिक महत्व अत्यंत गहरा है। इस दिन गंगा स्नान करने से सभी पापों से मुक्ति मिलने की मान्यता है। लोग प्रातःकाल उठकर पवित्र नदी में स्नान करते हैं, सूर्य को अर्घ्य देते हैं और गंगा माता की पूजा करते हैं। विशेष रूप से उत्तर भारत में इस दिन गंगा के तटों पर भारी भीड़ उमड़ती है। वाराणसी, हरिद्वार, प्रयागराज और गंगासागर जैसे तीर्थ स्थलों पर लाखों श्रद्धालु एकत्र होकर स्नान और पूजा करते हैं। यह दृश्य भारतीय संस्कृति की एकता और आस्था की गहराई को दर्शाता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गंगा सप्तमी केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व भी है। यह पर्व हमें जल के महत्व का स्मरण कराता है। गंगा भारत की सबसे महत्वपूर्ण नदियों में से एक है, जो लगभग 2525 किलोमीटर की लंबाई में बहती है और करोड़ों लोगों को जल उपलब्ध कराती है। यह नदी कृषि, उद्योग और घरेलू उपयोग के लिए जल का प्रमुख स्रोत है। इसके बिना भारत के विशाल भूभाग की कल्पना भी नहीं की जा सकती।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गंगा के किनारे बसे शहर और गाँव सदियों से इसकी कृपा पर निर्भर रहे हैं। यह नदी केवल जीवन ही नहीं देती, बल्कि सभ्यता का निर्माण भी करती है। प्राचीन काल से लेकर आज तक गंगा के तटों पर अनेक महत्वपूर्ण नगर विकसित हुए हैं। यहाँ शिक्षा, व्यापार और संस्कृति का विकास हुआ। इस प्रकार गंगा भारतीय सभ्यता की धुरी रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गंगा सप्तमी के अवसर पर लोग दान और पुण्य कार्य भी करते हैं। इस दिन अन्न, वस्त्र और धन का दान विशेष फलदायी माना जाता है। लोग जरूरतमंदों की सहायता करते हैं और समाज में प्रेम और सहयोग की भावना को बढ़ावा देते हैं। यह पर्व हमें यह सिखाता है कि केवल पूजा करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि हमें अपने आसपास के लोगों के प्रति भी संवेदनशील होना चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज के समय में गंगा की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। बढ़ते प्रदूषण, औद्योगिक कचरे और प्लास्टिक के कारण इसका जल दूषित हो रहा है। यह स्थिति केवल पर्यावरण के लिए ही नहीं, बल्कि मानव जीवन के लिए भी खतरा है। गंगा सप्तमी हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि हम अपनी इस पवित्र नदी को कैसे बचा सकते हैं। सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन जब तक आम जनता इसमें भागीदारी नहीं करेगी, तब तक स्थिति में सुधार संभव नहीं है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गंगा को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। हमें यह समझना होगा कि यह केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं है, बल्कि यह हमारे अस्तित्व का आधार है। यदि गंगा प्रदूषित होगी, तो इसका प्रभाव हमारे स्वास्थ्य, कृषि और पर्यावरण पर पड़ेगा। इसलिए हमें प्लास्टिक का उपयोग कम करना चाहिए, कचरा नदी में नहीं फेंकना चाहिए और जल संरक्षण के उपाय अपनाने चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गंगा सप्तमी का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह हमें प्रकृति के प्रति सम्मान और संतुलन का संदेश देती है। भारतीय संस्कृति में नदियों को देवी के रूप में पूजा जाता है। यह परंपरा हमें यह सिखाती है कि प्रकृति का दोहन नहीं, बल्कि संरक्षण करना चाहिए। यदि हम प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर चलेंगे, तभी हमारा भविष्य सुरक्षित रहेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस पर्व के माध्यम से हमें अपनी जड़ों से जुड़ने का अवसर मिलता है। आधुनिक जीवन की भागदौड़ में हम अक्सर अपनी परंपराओं और मूल्यों को भूल जाते हैं। गंगा सप्तमी हमें यह याद दिलाती है कि हमारी संस्कृति कितनी समृद्ध और गहन है। यह पर्व केवल एक दिन का उत्सव नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक दिशा देता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गंगा का जल केवल शरीर को ही नहीं, बल्कि आत्मा को भी शुद्ध करता है, ऐसी मान्यता है। यह विश्वास लोगों के मन में सकारात्मकता और आशा का संचार करता है। कठिन परिस्थितियों में भी लोग गंगा के किनारे जाकर शांति और सुकून महसूस करते हैं। यह नदी मानो जीवन के हर दुख को अपने में समेट लेती है और बदले में हमें नई ऊर्जा प्रदान करती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गंगा सप्तमी का महत्व समय के साथ और भी बढ़ता जा रहा है। आज जब पर्यावरण संकट गहराता जा रहा है, तब इस तरह के पर्व हमें जागरूक करने का कार्य करते हैं। यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक आंदोलन भी बन सकता है, यदि हम सभी मिलकर इसके संदेश को समझें और अपनाएं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अंततः गंगा सप्तमी हमें यह सिखाती है कि आस्था और जिम्मेदारी दोनों का संतुलन आवश्यक है। केवल गंगा को माता मान लेना पर्याप्त नहीं है, बल्कि हमें उनकी रक्षा भी करनी चाहिए। यदि हम इस पर्व के वास्तविक संदेश को समझें, तो हम न केवल अपनी संस्कृति को बचा सकते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर भविष्य भी सुनिश्चित कर सकते हैं। गंगा की निर्मल धारा की तरह ही हमारे जीवन में भी शुद्धता, प्रेम और करुणा का प्रवाह बना रहे, यही इस पावन पर्व का सच्चा उद्देश्य है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 18:33:19 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी ने सरसैयाघाट एवं बिठूर घाट का निरीक्षण किया</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>  कानपुर।</strong> जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने आगामी कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान के दृष्टिगत आज सरसैयाघाट एवं बिठूर घाट का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नगर निगम अधिकारियों को निर्देशित किया कि घाटों पर निरंतर साफ-सफाई बनी रहे। इसके लिए सफाई कर्मियों की ड्यूटी शिफ्टवार लगाई जाए और उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि पब्लिक एड्रेस सिस्टम, कंट्रोल रूम तथा हेल्थ कैंप की स्थापना कराई जाए, साथ ही घाटों पर पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेटिंग, और महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  जिलाधिकारी ने कहा कि जिन</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/158941/district-magistrate-inspected-sarsaiyaghat-and-bithoor-ghat-regarding-the-preparations"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/1001333670.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong> कानपुर।</strong> जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने आगामी कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान के दृष्टिगत आज सरसैयाघाट एवं बिठूर घाट का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नगर निगम अधिकारियों को निर्देशित किया कि घाटों पर निरंतर साफ-सफाई बनी रहे। इसके लिए सफाई कर्मियों की ड्यूटी शिफ्टवार लगाई जाए और उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि पब्लिक एड्रेस सिस्टम, कंट्रोल रूम तथा हेल्थ कैंप की स्थापना कराई जाए, साथ ही घाटों पर पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेटिंग, और महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> जिलाधिकारी ने कहा कि जिन अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी घाटों पर लगाई गई है, वे समय से अपने ड्यूटी स्थल पर उपस्थित रहें, अन्यथा अनुपस्थिति की स्थिति में कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि घाटों पर की गई सभी व्यवस्थाओं का फ्लैक्स बोर्ड लगाया जाए ताकि आमजन को जानकारी प्राप्त हो सके। तत्पश्चात जिलाधिकारी ने बिठूर घाट का निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं का भी बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत बिठूर को निर्देशित किया कि सभी घाटों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे, एवं कंट्रोल रूम की स्थापना कराई जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि प्रत्येक प्रमुख घाट पर मेडिकल हेल्थ कैंप लगाया जाए तथा उसके संबंध में स्पष्ट सूचना फ्लैक्स/बोर्ड लगाए जाएं। साथ ही उन्होंने उप जिलाधिकारी सदर / ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को निर्देशित किया कि सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी और उपस्थिति नियमित रूप से सुनिश्चित की जाए, और लापरवाही पाए जाने पर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी व्यवस्थाएं समय से पूर्ण की जाएं, ताकि कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/158941/district-magistrate-inspected-sarsaiyaghat-and-bithoor-ghat-regarding-the-preparations</link>
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                <pubDate>Tue, 04 Nov 2025 18:26:31 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>मौनी अमावस्या पर स्नान के लिए गंगा घाटों पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ </title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>कानपुर।</strong> आज यहां बुधवार को मौनी अमावस्या पर डुबकी के लिए सभी गंगा घाटों पर भारी भीड़ उमड़ी। इसके लिए प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई अहम कदम उठाए गए। सभी घाटों में सुरक्षाबल भी तैनात रहे, ताकि गंगा स्नान में कोई व्यवधान उत्पन्न न हो।</div>
<div>  </div>
<div>आज शहर के बिठूर, अटल, परमट, सरसैया, मैस्कर, सिद्धनाथ, शुक्लागंज समेत सभी 14 घाटों पर श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने के लिए हजारों की संख्या में पहुंचें। इसके लिए घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के पूरे इंतजाम किये गये थे। आचार्य अश्वनी तिवारी ने बताया कि माघ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/147947/crowds-of-devotees-gathered-at-ganga-ghats-for-bathing-on"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-01/img-20250129-wa0044.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>कानपुर।</strong> आज यहां बुधवार को मौनी अमावस्या पर डुबकी के लिए सभी गंगा घाटों पर भारी भीड़ उमड़ी। इसके लिए प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई अहम कदम उठाए गए। सभी घाटों में सुरक्षाबल भी तैनात रहे, ताकि गंगा स्नान में कोई व्यवधान उत्पन्न न हो।</div>
<div> </div>
<div>आज शहर के बिठूर, अटल, परमट, सरसैया, मैस्कर, सिद्धनाथ, शुक्लागंज समेत सभी 14 घाटों पर श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने के लिए हजारों की संख्या में पहुंचें। इसके लिए घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के पूरे इंतजाम किये गये थे। आचार्य अश्वनी तिवारी ने बताया कि माघ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या मौनी अमावस्या के नाम से जानी जाती है। इस अमावस्या को लेकर श्रद्धालुओं में बड़ी ही आस्था है। </div>
<div> </div>
<div>जबकि शास्त्रों के अनुसार भगवान शिव और पितरों के साथ-साथ भगवान विष्णु का पूजन किया जाता है। मान्यता है कि मौन रहकर गंगा स्नान करने से सुख समृद्धि और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। यदि किसी के ऊपर पितृ दोष भी हैं, तो आज के दिन गंगा स्नान कर दान-पुण्य करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jan 2025 17:01:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महाकुंभ पवित्र गंगा स्नान का  महा-आयोजन।</title>
                                    <description><![CDATA[<div>प्रयागराज में 144 वर्ष में आने वाले महाकुंभ के आयोजन ने यह तो सिद्ध कर दिया है की लगभग देश और विदेश के नागरिक इस महाकुंभ की पवित्र अवसर पर गंगा में स्नान करेंगे एवं पुण्य लाभ उठाने का प्रयास भी करेंगेl भारत के ही लगभग 45 से 50 करोड़ श्रद्धालु इस पुण्य महाकुंभ में गंगा के संगम में पुण्य स्नान करने का लाभ उठाने वाले हैं। विश्व में इस अनूठे आयोजन को देखने विदेश के हजारों,लाखों पर्यटक गंगा में डुबकी लगाने लगातार प्रयागराज आ रहे हैं एवं पुण्य गंगा स्नान का लाभ उठा रहे हैं।</div>
<div>  </div>
<div>इस महाकुंभ के गंगा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/147942/mahakumbh-holy-ganga-bathing-maha-kumbh"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-01/download-(2)2.jpg" alt=""></a><br /><div>प्रयागराज में 144 वर्ष में आने वाले महाकुंभ के आयोजन ने यह तो सिद्ध कर दिया है की लगभग देश और विदेश के नागरिक इस महाकुंभ की पवित्र अवसर पर गंगा में स्नान करेंगे एवं पुण्य लाभ उठाने का प्रयास भी करेंगेl भारत के ही लगभग 45 से 50 करोड़ श्रद्धालु इस पुण्य महाकुंभ में गंगा के संगम में पुण्य स्नान करने का लाभ उठाने वाले हैं। विश्व में इस अनूठे आयोजन को देखने विदेश के हजारों,लाखों पर्यटक गंगा में डुबकी लगाने लगातार प्रयागराज आ रहे हैं एवं पुण्य गंगा स्नान का लाभ उठा रहे हैं।</div>
<div> </div>
<div>इस महाकुंभ के गंगा स्नान एवं गंगा पूजन ने इस बात को सिद्ध कर दिया है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सफल धार्मिक प्रशासक वैश्विक स्तर पर निर्विवाद नेतृत्व कर्ता के रूप में स्थापित हो चुके हैं और इस महाकुंभ के आयोजन से यह भी स्थापित कर दिया है कि भारत का सनातन वैभव और सांस्कृतिक संपदा और परंपरा विश्व में स्थापित होने जा रही है भारत वैश्विक सनातनी गुरु बनने की ओर मार्ग प्रशस्त कर चुका है इस आयोजन ने पूरे विश्व को  धर्म के प्रति आस्था एवं समर्पण से अभिभूत कर दिया है अब भारत को आध्यात्मिक विश्व गुरु बनने से कोई रोक नहीं सकता है।</div>
<div> </div>
<div>मनुष्य को धर्म के साथ ही कर्म की वेदी पर अपने श्रम की की आहुति देनी चाहिए, जिससे मानवीय जीवन अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है। जीवन में लक्ष्य की प्राप्ति और सफलता के लिए मनुष्य को निरंतर कर्म,धर्म की प्रधानता रखकर संयम तथा मनोबल भी रखना होगा lइसके अलावा मनुष्य अपनी इच्छाओं का दास ना होकर उस पर नियंत्रण रख स्वामी बनने का प्रयास करना होगा तब सोची गई सफलता आपके सामने होगीl</div>
<div> </div>
<div>कठिन तथा विषम परिस्थितियों में मनुष्य को अपने मनोबल को सदैव विनम्रता,संयम और साहस के साथ ऊंचा रखना चाहिए।अपने द्वारा की गई मेहनत पर विश्वास एवं निरंतरता रखनी होगी। तब जाकर ही जीवन में सफलता के पल आपके सामने आएंगे l निराशा, हताशा और हीन भावना को कठोर श्रम के बलबूते पर ही विजय प्राप्त की जा सकती हैl</div>
<div> </div>
<div>जीवन में उतार-चढ़ाव, कठिन समय और विषम परिस्थितियां आती ही रहती हैंl संकट का समय विषम परिस्थितियां जीवन के अलग-अलग पहलू हैं ।इनसे जूझ कर जो मानव आगे बढ़ता है, वह उच्च मनोबल वाला साहसी व्यक्ति होता है। व्यक्ति के जीवन में साहस, उच्च मनोबल ही सफलता की कुंजी है। जिस भी व्यक्ति ने विषमताओं में रास्ता निकलने का साहस करके आगे बढ़ने का प्रयास किया है वही सफल हुआ है। हमेशा सफलता का मूल आत्मविश्वास, कठिन श्रम और उच्च आदर्श वाले व्यक्ति की प्रेरणा ही सफलता दिलाने वाली होती है।</div>
<div> </div>
<div>मनुष्य को कभी भी किसी भी परिस्थिति में मन से हार नहीं माननी चाहिए। उसे सदैव प्रयासरत रहकर परिश्रम तथा जुझारू पन से हर परिस्थिति का सामना कर सदैव अपने लक्ष्य के प्रति अग्रसर होते रहना चाहिए। मनुष्य को अपनी हर हार, हर पराजय से कुछ ना कुछ सीख लेनी चाहिए एवं इससे अनुभव प्राप्त कर फिर से खड़ा होने एवं उस पराजित मनोदशा से छुटकारा पाकर फिर से लड़ने की ऊर्जा एवं शक्ति प्राप्त करनी चाहिए, यह सफलता का बड़ा मंत्र है।</div>
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<div>सर्वप्रथम मनुष्य अपने मनोबल से किन्हीं भी परिस्थितियों को जीतने का साहस रखता है, इसीलिए मनोबल मनुष्य की पहली आवश्यकता है। मनोबल ही साहस को जन्म देता है और साहस, आत्मबल को और आत्मबल से ही मनुष्य किन्हीं भी परिस्थितियों से जूझना एवं टकराने की क्षमता पैदा करता है। जब मनुष्य के पास खोने के लिए कुछ ना हो तो वह निश्चिंत होकर साहस, क्षमता एवं संयम से आगे बढ़ने का प्रयास करता है, क्योंकि वह जानता है की पीछे पलट कर उसके पास खोने के लिए कुछ भी नहीं है, शिवाय आगे बढ़ने एवं सफलता के लिए अग्रसर होने के।</div>
<div> </div>
<div>मनुष्य का मनोबल एवं दृढ़ प्रतिज्ञा ही मनुष्य को सदैव आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा देते रहते हैं। मनुष्य के जीवन का एक तथ्य और भी अत्यंत महत्वपूर्ण है वह है सकारात्मक सोच, जो उसे हमेशा आगे बढ़ने की ओर उत्साहित करती रहती है। सकारात्मक सोच एवं किसी भी परिस्थिति को अपने नियंत्रण में लाने की सुनियोजित योजना मनुष्य में आशाओं को भर देती है एवं परिस्थितियों को चुनौती देने की क्षमता का विकास करती है। यह मनुष्य ही है जो हर परिस्थिति में साहस और मनोबल के दम पर उससे विजय प्राप्त करता है।</div>
<div> </div>
<div>मनुष्य के जीवन और पशु के जीवन में यही फर्क है कि मनुष्य के पास सोचने के लिए मस्तिष्क होता है और वह उसके सकारात्मक उपयोग के साथ आगे बढ़ने की क्षमता रखता है। मनुष्य मुस्कुराता, हंसता और खिलखिलाता है। जबकि पशु में मुस्कुराने हंसने की क्षमता नहीं होती, और यही कारण है कि मनुष्य ने विषम परिस्थितियों पर सदैव विजय प्राप्त करने का प्रयास किया है, वह काफी हद तक सफलता पाने में सफल भी हुआ है।</div>
<div> </div>
<div>मनुष्य यदि परिस्थितियों में अन्य प्रतियोगिताओं में, खेल में, या युद्ध में पराजित होकर भी प्रेरणा लेकर पुनः साहस के साथ पुनःतैयार होता है तो वह आने वाले समय में सफलता का सही हकदार भी होता है, क्योंकि उसने पूरी क्षमता, साहस ,मनोबल के साथ पराजय को स्वीकार कर के उससे कुछ सीखने का प्रयास किया है। अपनी कमियों को दूर करने की हर संभव कोशिश भी की है ।इस तरह वह अगली परीक्षा में जरूर सफल होता है और यही मानव जीवन का सफल अध्याय भी होता है।</div>
<div> </div>
<div>कुल मिलाकर परिस्थितियां तथा घटनाएं ,दुर्घटनाएं मनुष्य को परिस्थितियों के सामने पराजित करने, झुकाने की कोशिश करती हैं किंतु मानव अपने शारीरिक, मानसिक, नैतिक, चारित्रिक एवं मानसिक आत्मबल से उसे सफलता में बदल देता है। अनवरत प्रयासरत व्यक्ति अपने साहस परिश्रम से हर चुनौतियों का सामना कर परिस्थितियों में विजय प्राप्त कर अपने जीवन को सफलता के शिखर पर पहुंचाता है। जीवन में कठिन परिस्थितियों से जूझ कर जो मानव सदैव सफल होता है वह पूरे समुदाय और समाज के लिए एक प्रेरणादाई व्यक्तित्व बन कर पूरे समाज एवं देश को मार्गदर्शन भी प्रदान करता है।</div>
<div> </div>
<div>इसीलिए मनुष्य को किन्हीं भी परिस्थितियों में, खासकर विषम परिस्थितियों में अपने मनोबल और साहस को त्यागना नहीं चाहिए। उच्च मनोबल और साहस की ऊर्जा ही मनुष्य को नई दिशा, नए प्रकाश पुंज की ओर अग्रसर करती है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jan 2025 16:41:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मकर संक्रांति पर कानपुर में लाखों ने लगाई गंगा में आस्था की डुबकी</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>कानपुर। </strong>आज मंगलवार को यहां मकर संक्रांति का पर्व धूमधाम से मनाने के साथ ही लाखों लोगों ने गंगा में डुबकी लगाई। आज मकर संक्रांति के पावन पर्व पर शहर के  बिठूर, अटल, परमट, सरसैया, मैस्कर, सिद्धनाथ, शुक्लागंज समेत सभी 14 घाटों पर श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने के लिए हजारों की संख्या में पहुंचे्। इसके लिए घाटों पर श्रद्धालुओं के कपड़े बदलने के साथ ही उनके सुरक्षा के पूरे इंतजाम किये गये थे।</div>
<div>  </div>
<div>आज मकर संक्रांति के पर्व के लिए अटल घाट से सरसैया घाट के बीच जल पुलिस के जवान के साथ ही 10 गोताखोरों तैनाती रहे। बैरीकेडिंग</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/147395/lakhs-of-people-took-a-dip-of-faith-in-ganga"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-01/img-20250114-wa0380.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>कानपुर। </strong>आज मंगलवार को यहां मकर संक्रांति का पर्व धूमधाम से मनाने के साथ ही लाखों लोगों ने गंगा में डुबकी लगाई। आज मकर संक्रांति के पावन पर्व पर शहर के  बिठूर, अटल, परमट, सरसैया, मैस्कर, सिद्धनाथ, शुक्लागंज समेत सभी 14 घाटों पर श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने के लिए हजारों की संख्या में पहुंचे्। इसके लिए घाटों पर श्रद्धालुओं के कपड़े बदलने के साथ ही उनके सुरक्षा के पूरे इंतजाम किये गये थे।</div>
<div> </div>
<div>आज मकर संक्रांति के पर्व के लिए अटल घाट से सरसैया घाट के बीच जल पुलिस के जवान के साथ ही 10 गोताखोरों तैनाती रहे। बैरीकेडिंग के साथ ही सरसैया घाट पर गंगा तट तक पहुंचाने के लिये 5 वैकल्पिक मार्ग भी तैयार किये गये थे। साथ ही स्नान को लेकर अटल, परमट और सरसैया घाट पर विशेष तैयारी की गई थी। यहां घाटों को सजाया गया था। बल्लियां लगाकर झालर लगाई गईं थीं। सरैसाया घाट पर विशेष गंगा आरती के लिये स्थल भी बनाया गया था। </div>
<div> </div>
<div>मकर संक्रांति के इस मौके यहां भजनों और आरती की रसधार भी बहती नजर आई। श्रद्धालुओं के कपड़े बदलने के लिये 23 आस्थायी चेजिंग रूम और पूजा कराने के लिए 25 से 30 कुटिया भी बनाई गईं थीं। साथ ही कुंड भी तैयार किया गया था। इस मकर संक्रांति पर श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुये पुलिस बल के साथ ही 4 कंपनी पीएसी भी तैनात रही।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Jan 2025 17:07:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कार्तिक पूर्णिमा मेला की तैयारी सिर्फ कागजों पर, हकीकत कुछ और ही- </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>डलमऊ रायबरेली-</strong> डलमऊ के ऐतिहासिक कार्तिक पूर्णिमा मेला की तैयारीयो को लेकर प्रशासन की सुस्ती साफ तौर से दिखाई पड़ रही है।डलमऊ के महाकुंभ कहे जाने वाले विशाल कार्तिक पूर्णिमा मेला की तैयारी को लेकर प्रशासन द्वारा कागजों पर तैयारियां पूर्ण दिखाई जा रही हैं जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।कार्तिक पूर्णिमा को लेकर ना तो अभी तक घाटों के रंग रोगन की तैयारी की गई हैं और ना ही दिशा निर्देश एवं जागरूकता के संदेश दिखाई पड़ रहे हैं।लाखों की संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन द्वारा रात्रि विश्राम के लिए कोई सुविधा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/146019/preparation-for-kartik-purnima-fair-is-only-on-paper-reality"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-11/img-20241106-wa0436.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>डलमऊ रायबरेली-</strong> डलमऊ के ऐतिहासिक कार्तिक पूर्णिमा मेला की तैयारीयो को लेकर प्रशासन की सुस्ती साफ तौर से दिखाई पड़ रही है।डलमऊ के महाकुंभ कहे जाने वाले विशाल कार्तिक पूर्णिमा मेला की तैयारी को लेकर प्रशासन द्वारा कागजों पर तैयारियां पूर्ण दिखाई जा रही हैं जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।कार्तिक पूर्णिमा को लेकर ना तो अभी तक घाटों के रंग रोगन की तैयारी की गई हैं और ना ही दिशा निर्देश एवं जागरूकता के संदेश दिखाई पड़ रहे हैं।लाखों की संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन द्वारा रात्रि विश्राम के लिए कोई सुविधा नहीं की गई है ना ही पार्किंग की कोई व्यवस्था की गई है।घाटों की साफ सफाई एवं बैरिकेटिंग की व्यवस्था कहीं दिखाई नहीं पड़ रही है।</div>
<div> </div>
<div>विशाल कार्तिक पूर्णिमा मेला के कुछ ही दिन शेष बचे हुए हैं आने वाली 15 तारीख को कार्तिक पूर्णिमा मेला का आयोजन होना है जिसमें जनपद एवं गैर जनपदों से लाखों की संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए गंगा तट डलमऊ पहुंचते हैं।प्रशासन की कागजी तैयारी के बीच गंगा स्नान को लाखों की संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को खुले आसमान के नीचे रात्रि विश्राम करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।वही गंगा नदी में बैरिकेटिंग ना होने के चलते श्रद्धालुओं के साथ अनहोनी होने की आशंका बनी रहेगी।मेला को जाने वाले मार्ग पर कटीली जंगली झाड़ियां की साफ सफाई नहीं हुई है।</div>
<div> </div>
<div>वही कस्बे के मुख्य मार्गों का दुरुस्तीकरण का कार्य अभी तक शुरू नहीं किया गया है।डलमऊ में लगने वाला ऐतिहासिक पशु मेला इस बार प्रशासन द्वारा स्थगित कर दिए जाने से संत समाज एवं स्थानीय लोगों में भारी रोष दिखाई पड़ रहा है।एक माह तक चलने वाले ऐतिहासिक पशु मेला को लेकर दूर-दूर से आने वाले पशु व्यवसाई इस बात की जानकारी न होने के कारण पशुओं की खरीद फरोक्त के लिए मेला स्थल पहुंच रहे हैं जहां पर अव्यवस्थाओं का अंबार दिखाई पड़ रहा है।जिसके चलते पशुओं एवं व्यापारियों को बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।</div>
<div> </div>
<div>एक माह पूर्व कार्तिक पूर्णिमा तैयारी को लेकर सभी विभागों की बैठक डलमऊ तहसील सभागार में आयोजित की गई थी जिसमें विभागों के अधिकारियों को समय रहते कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए थे।कार्तिक पूर्णिमा तैयारी को लेकर बुधवार को उप जिलाधिकारी डलमऊ अभिषेक वर्मा,अधिशासी अधिकारी आरती श्रीवास्तव ने मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया और कर्मचारियों को मेला की तैयारी में तेजी लाने के लिए निर्देशित किया।कार्तिक पूर्णिमा मेला के 9 दिन शेष बचे हुए हैं उसके बाद भी जमीनी स्तर पर तैयारी आधी अधूरी दिखाई पड़ रही है। ऐसे में कार्तिक पूर्णिमा सकुशल निपटाना प्रशासन के लिए टेढ़ी खीर होगा।अब देखने वाली बात होगी की आधी अधूरी तैयारी के बीच कार्तिक पूर्णिमा मेला प्रशासन कैसे संपन्न कराता है।</div>
<div> </div>
<div><strong>कार्तिक पूर्णिमा मेले को लेकर कागजों पर पूर्ण दिखाई पड़ रही है तैयारीयां : स्वामी दिव्यानंद जी महाराज</strong></div>
<div>सनातन धर्म पीठ बड़ा मठ डलमऊ के स्वामी दिव्यानंद जी महाराज ने बताया कि विशाल ऐतिहासिक प्रांतीय कार्तिक पूर्णिमा मेला डलमऊ की तैयारी कागजों पर पूरी दिखाई जा रही है जबकि जमीनी हकीकत कुछ भी नहीं हैं।लाखों की संख्या में गंगा स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को ठहरने के लिए रैन बसेरे की व्यवस्था प्रशासन द्वारा नहीं की गई है।घाटों के रंग रोगन, बैरीकेटिंग,पार्किंग की व्यवस्था नहीं की गई है जिससे गंगा स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को अपने वाहन को खड़ा करने में भारी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। स्वामी दिव्यानंद जी ने बताया कि गंगा स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को गंगा तट तक पहुंचाने के लिए अस्थाई बस अड्डा बनाया जाए।</div>
<div> </div>
<div>तथा बैलगाड़ियों से आने वाले श्रद्धालुओं को गंगा तट के करीब ठहरने एवं रात्रि विश्राम की उचित व्यवस्था किया जाए। कार्तिक पूर्णिमा मेला से पूर्व डलमऊ में लगने वाले ऐतिहासिक पशु मेला प्रशासन द्वारा रद्द कर देना बहुत ही निंदनीय है।मेला की तैयारीयों की अव्यवस्था की शिकायत उन्होंने उप जिलाधिकारी डलमऊ से की है।इसके बाद भी इस पर कोई कार्यवाही नहीं हो रही है।उन्होंने कहा कि जल्द ही वह जिलाधिकारी से मिलकर मेले के तैयारियों की अव्यवस्थाओं  की शिकायत करेंगे।</div>
<div> </div>
<div><strong>उप जिलाधिकारी डलमऊ ने कहा</strong></div>
<div>उप जिलाधिकारी डलमऊ अभिषेक वर्मा ने बताया कि मेला की तैयारियां बहुत तेजी से चल रही हैं।कार्तिक पूर्णिमा मेला को 5 जोन और 37 सेक्टर में बांटा गया है।जिसमें तहसील एवं जिले स्तर के अधिकारियों की तैनाती की गई है।स्नान घाटों एवं मेला मार्गों की साफ सफाई की जा रही है।प्रकाश आदि की व्यवस्था की तैयारियां जोरों पर हैं।मेला को लेकर सभी अधिकारी एवं कर्मचारी तैयारी में जुटे हुए हैं।गंगा तट पर श्रद्धालुओं को आसानी से पहुंचने के लिए गंगा तट के निकट बस स्टॉप बनाए जाने के लिए स्थान का चयन कर लिया गया है।ट्रैफिक एवं शांति व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली गई हैं।लाखों की संख्या में गंगा स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को गंगा स्नान में किसी प्रकार की कोई समस्या ना हो इसके लिए तैयारी की जा रही।</div>
<div> </div>
<div><strong>क्या कहती हैं अधिशाषी अधिकारी आरती श्रीवास्तव</strong></div>
<div>नगर पंचायत डलमऊ की अधिशाषी अधिकार आरती श्रीवास्तव ने बताया कि कार्तिक पूर्णिमा मेला को लेकर तैयारियां जोरों से की जा रही है। घाटों एवं मेला मार्गों की साफ सफाई एवं प्रकाश की व्यवस्था की जा रही है।गंगा में बैरिकेटिंग का कार्य कार्तिक पूर्णिमा स्नान किए दो दिन पूर्व पूरा कर लिया जाएगा।कार्तिक पूर्णिमा मेला को लेकर सभी संबंधित कर्मचारी लगे हुए हैं।कार्तिक पूर्णिमा स्नान पूर्व सारी तैयारियां पूरी कर ली जाएगी।गंगा स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो यह हम सब की प्राथमिकता होगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 Nov 2024 16:34:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वसंत पंचमी  पर हल्की ठंड के बीच लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी।</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>  प्रयागराज।</strong></div>
<div>    माघमेला प्रयागराज के पावन भूमि पर ज्ञान की देवी मॉ सरस्वती के प्राकट्य उत्सव बसंत पंचमी पर आज गंगा,यमुना व अदृश्य सरस्वती के पवित्र पावन संगम में हल्की ठंड हवाओं के मध्य लाखों  श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगायी।</div>
<div>  </div>
<div>माघ मेला के चतुर्थ स्नान बंसत पंचमी पर श्रद्धालुओं/स्नानार्थियों का संगम की रेती पर जमावड़ा एक दिन पूर्व से ही प्रारम्भ हो गया, संगम स्नान का सिलसिला प्रातः काल शुभ मुहूर्त के साथ प्रारम्भ हुआ जो दिनभर अनवरत जारी रहा। </div>
<div>  </div>
<div><strong>बड़े हनुमान जी का  दर्शन के लिए उमड़ी भीड़।</strong></div>
<div>  </div>
<div>संगम स्नान के उपरान्त श्रद्धालुओं/स्नानार्थियों ने लेटे हनुमान जी का दर्शन</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/138778/lakhs-of-devotees-took-a-dip-of-faith-amidst-mild"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-02/img-20240214-wa0214.jpg" alt=""></a><br /><div><strong> प्रयागराज।</strong></div>
<div>  माघमेला प्रयागराज के पावन भूमि पर ज्ञान की देवी मॉ सरस्वती के प्राकट्य उत्सव बसंत पंचमी पर आज गंगा,यमुना व अदृश्य सरस्वती के पवित्र पावन संगम में हल्की ठंड हवाओं के मध्य लाखों  श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगायी।</div>
<div> </div>
<div>माघ मेला के चतुर्थ स्नान बंसत पंचमी पर श्रद्धालुओं/स्नानार्थियों का संगम की रेती पर जमावड़ा एक दिन पूर्व से ही प्रारम्भ हो गया, संगम स्नान का सिलसिला प्रातः काल शुभ मुहूर्त के साथ प्रारम्भ हुआ जो दिनभर अनवरत जारी रहा। </div>
<div> </div>
<div><strong>बड़े हनुमान जी का  दर्शन के लिए उमड़ी भीड़।</strong></div>
<div> </div>
<div>संगम स्नान के उपरान्त श्रद्धालुओं/स्नानार्थियों ने लेटे हनुमान जी का दर्शन भी किया तथा अक्षय फल की कामना हेतु अन्न, वस्त्र, फल का दान भी किया। स्नानार्थियों में संगम स्नान को लेकर काफी उत्साह देखा गया। इस दौरान श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन व सुरक्षित स्नान हेतु व्यापक पुलिस प्रबन्ध किये गये। श्रद्धालुओं के सुरक्षा के दृष्टिगत सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर नागरिक पुलिस, यातायात पुलिस, घुड़सवार पुलिस, महिला पुलिस, अग्निशमन दल, पीएसी के जवान, एटीएस के कमाण्डों व्यवस्थापित कर सतर्क दृष्टि रखी गई। </div>
<div> </div>
<div> </div>
<div><strong>जल पुलिस गोता खोर रहे सतर्क।</strong></div>
<div> </div>
<div>पवित्र संगम में जल पुलिस के साथ मोटर बोट व गोताखोर/डीप डाइवर की नियुक्ति कर स्नानार्थियों/ श्रद्धालुओं की सुरक्षा के कड़े प्रबन्ध किये गये। इस दौरान स्टीमर के माध्यम से संगम क्षेत्र का लगातार निरीक्षण किया गया एवं एसडीआरएफ/फ्लड कम्पनी के जवानों द्वारा घाटों/जल पर लगातार सतर्क दृष्टि रखी गयी। सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे व ड्रोन के माध्यम से चप्पे चप्पे पर नजर रखी गयी। </div>
<div> </div>
<div> </div>
<div><strong>डीआईजी भ्रमण सील रहकर पुलिस कर्मियो का लेते रहे जायजा।</strong></div>
<div> </div>
<div>इस अवसर पर वरिष्ठ अधिकारीयों द्वारा घुड़सवारी के माध्यम से भी संगम क्षेत्र का भ्रमण/निरीक्षण किया गया। प्रभारी माघ मेला डॉ0 राजीव नारायण मिश्र IPS द्वारा ड्यूटी पर तैनात समस्त पुलिस कर्मियों की कुशलता ली गयी तथा उनका उत्साहवर्धन किया गया व कमाण्ड सेन्टर के माध्यम से लगातार मेला क्षेत्र में सतर्क दृष्टि रखी गयी। पुलिस कर्मियों में मेला क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ व्यवहार में भी सेवा का भाव दिखाई पड़ा | <img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-02/img-20240214-wa0218.jpg" alt="IMG-20240214-WA0218"></img></div>
<div> </div>
<div>  मेला क्षेत्र में नव निर्मित खोया पाया केन्द्रों के माध्यम से भूले भटकों को उनके परिजनों से मिलाया गया स्नानार्थियों में धर्म आस्था के प्रति काफी उत्साह देखने को पाया गया तथा मेले की व्यवस्था देखकर देश के कोने-कोने से आये श्रद्धालुओं ने अत्यन्त प्रसन्नता व्यक्त की।  फल स्वरूप बसंत पंचमी का यह स्नान पर्व भी शान्ति और सुगमता के साथ सकुशल सम्पन्न हुआ। </div>
<div> </div>
<div><strong>छः बजे सायं काल तक 40लाख लोगो ने किया स्नान।</strong></div>
<div> </div>
<div>सायं 6:00 बजे तक लगभग 42 लाख  स्नानार्थियों व श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना एवं अदृश्य सरस्वती के पवित्र संगम तट पर बनाये गये विभिन्न घाटों पर आस्था की डुबकी लगायी एवं पुण्य लाभ अर्जित किया। </div>
<div> श्रद्धालुओं को मेले में भटकना न पड़े, इसके लिए संगम जाने का मार्ग वापस लौटने का मार्ग व अन्य मार्गों को प्रदर्शित करते हुए साइन बोर्ड रास्तों पर लगाये गये है। माघ मेला क्षेत्र में सुरक्षा की व्यवस्था चाक-चैबंद रही।</div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-02/img-20240214-wa0217.jpg" alt="IMG-20240214-WA0217"></img></div>
<div> </div>
<div><strong>समस्त उच्चाधिकारी डटे रहे मेला छेत्र में।</strong></div>
<div> </div>
<div> एडीजी जोन भानु भाष्कर, मण्डलायुक्त श्विजय विश्वास पंत, पुलिस आयुक्त  रमित शर्मा, पुलिस महानिरीक्षक  प्रेम कुमार गौतम, कुम्भ मेलाधिकारी  विजय किरण आनन्द, पुलिस उपमहानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक माघ मेला डाॅ0 राजीव नारायण मिश्र, जिलाधिकारी  नवनीत सिंह चहल, प्रभारी अधिकारी माघ मेला  दयानन्द प्रसाद, अपर जिलाधिकारी मेला  विवेक चतुर्वेदी सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी निरंतर भ्रमणशील रहकर व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। वसंत पंचमी के अवसर पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की काफी भीड़ रही। </div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/138778/lakhs-of-devotees-took-a-dip-of-faith-amidst-mild</link>
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                <pubDate>Thu, 15 Feb 2024 16:50:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मौनी अमावस्या पर लाखों श्रद्धालुओं ने नारायणी गंगा में लगाई श्रद्धा की डुबकी</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div><strong>कुशीनगर। </strong></div>
<div>पौराणिक मान्यताओं के अनुसार मौनी अमावस्या के दिन ऋषि मनु का जन्म हुआ था, इसलिए इसे मौनी अमावस्या कहते हैं, ऐसी मान्यता है आज के दिन मौन रहकर ईश्वर की आराधना करने से विशेष फल मिलता है,इस दिन भगवान शिव और भगवान विष्णु की पूजा करना बेहद शुभ होता है और स्नान दान देने से ग्रह दोष खत्म हो जाते हैं। इस दिन सूर्यदेव को अर्घ्य देने से भक्त के जीवन में तेज, ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार होता है, गंगा स्नान करने से अश्वमेध यज्ञ करने के समान फल मिलता है, इस दिन दान करने से</div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/138666/lakhs-of-devotees-take-a-dip-in-narayani-ganga-on"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-02/फोटो-12.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div><strong>कुशीनगर। </strong></div>
<div>पौराणिक मान्यताओं के अनुसार मौनी अमावस्या के दिन ऋषि मनु का जन्म हुआ था, इसलिए इसे मौनी अमावस्या कहते हैं, ऐसी मान्यता है आज के दिन मौन रहकर ईश्वर की आराधना करने से विशेष फल मिलता है,इस दिन भगवान शिव और भगवान विष्णु की पूजा करना बेहद शुभ होता है और स्नान दान देने से ग्रह दोष खत्म हो जाते हैं। इस दिन सूर्यदेव को अर्घ्य देने से भक्त के जीवन में तेज, ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार होता है, गंगा स्नान करने से अश्वमेध यज्ञ करने के समान फल मिलता है, इस दिन दान करने से अनिष्ट ग्रहों की पीड़ा का शमन होता है तथा दान करने से सब प्रकार के पापों का क्षय होता है और सब प्रकार की व्याधियों का निवारण होता है।</div>
<div> </div>
<div>जनपद के थाना जटहां बाजार के जटहां नारायणी घाट, थाना हनुमानगंज के पनियहवा घाट आदि स्थानों पर आज शुक्रवार को मौनी अमावस्या पर्व पर लाखों श्रद्धालुओं ने पवित्र मां नारायणी की गंगा में डुबकी लगाई तथा स्नान दान देकर पुण्य के भागी बने।</div>
<div>जटहां घाट पर लगी मेले में सुरक्षा व्यवस्था इंतजाम ऐसी रही कि एक परिंदा भी पर न मार सके वाली रही। मेले में श्रद्धालुओं की खासियत ये दिखा कि सर्वधर्म समभाव तरीके से मेला करते हुए श्रद्धालु नजर आए। बच्चे मेले में आए झूला का खूंंब आनंद लेते हुए दिखे तो इस मेले की खास आनंदी भुजा तेजपत्ता की खूब बिकी आलम ये रहा कि ये दोनों समान पहले ही मेले में समाप्त हो गया जो प्रसाद के रूप में कहे या वार्षिक स्वाद खास होता हैं। खेल खिलौने , बच्चों के लिए झूला, मिष्ठान आदि सामाग्री लेकर मेले में दूरदराज से आए दुकानदारों की दुकानदारी खूब चली, वह खुश होकर घर लौटे।</div>
<div><strong><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-02/%E0%A4%AB%E0%A5%8B%E0%A4%9F%E0%A5%8B2.jpg" alt="फोटो2"></img></strong></div>
<div>जटहां बाजार थानाध्यक्ष ओम प्रकाश तिवारी मय पुलिस टीम अजय तिवारी, समीर यादव, जय गोविंद सिंह, पुष्पेंद्र यादव, संदीप यादव सहित महिला के अलावा कोतवाली पडरौना, थाना रविन्द्र नगर, कुबेर स्थान महिला थाना की पुलिस मेले में भ्रमणशील रहते हुए शांति पूर्ण माहौल में मेला संपन्न हो गया।</div>
<div> </div>
<div>ग्राम पंचायत कटाई भरपुरवा के ग्राम प्रधान डॉ नर्वदेश्वर चौरसिया के मेला कमेटी द्वारा बेहतरीन व्यवस्था की गई थी। अमावस्या पर्व पर आने वाले श्रद्धालुओं की स्नान दान व्यवस्था में अलग व्यवस्था इंतजाम जैसे महिला घाट पर पर्दा लगाया गया था ताकि स्नान दान में कोई बाधा उत्पन्न न हो सके वही अलग पुरूष घाट बनाई गई थी। मेले के भीड़ में अपने साथी को खोने वाले श्रद्धालुओं महिलाएं बच्चे बुजुर्गो के लिए अनाउंसमेंट की व्यवस्था की गई थी, जो काफी सहायक साबित हुई।</div>
</div>
<div> </div>
<div>ग्राम सभा कटाई भरपुरवा के ग्राम प्रधान नर्वदेश्वर चौरसिया, उपेंद्र चौरसिया, रंजित चौरसिया, अजीत चौरसिया, उत्तिम गुप्ता, सफरूदीन, रिंकेश चौरैसिया, ब्रजेश गुप्ता अखिलेश गुप्ता, मुस्ताक सिद्धकी, राधेश्याम, असरफ, नईमुल्लाह, अशोक गुप्ता मेला कमेटी द्वारा शुद्ध श्रद्धालुओं के लिए शुद्ध पेयजल व्यवस्था, पेठा मिठाई, फल आदि का वितरण कराया गया, ताकि कोई पानी के लिए प्यासा न भटक सके।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 10 Feb 2024 15:51:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div><strong>लालगंज (रायबरेली)! </strong>मौनी अमावस्या पर शुक्रवार को गेगासो,शिवपुरी व रालपुर गंगा घाटों पर दूरदराज से पहुंचे हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई!शीत लहर होने के बावजूद भी गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने विधि विधान से पूजा अर्चना की व जरूरतमंदों व तीर्थपुरोहितों को दान देकर पुण्य कमाया!ब्रह्म मुहूर्त से ही श्रद्धालुओं का गंगा घाटों पर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया!</div>
<div>  </div>
<div>जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने हर-हर गंगे के जयकारों के साथ गंगा में डुबकी लगाई!माघ मास की अमावस्या तिथि पर गंगा स्नान विशेष पुण्यदायी माना गया है! लोगों ने</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/138663/devotees-take-a-dip-of-faith-on-amavasya"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-02/img-20240209-wa0351(1).jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div><strong>लालगंज (रायबरेली)! </strong>मौनी अमावस्या पर शुक्रवार को गेगासो,शिवपुरी व रालपुर गंगा घाटों पर दूरदराज से पहुंचे हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई!शीत लहर होने के बावजूद भी गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने विधि विधान से पूजा अर्चना की व जरूरतमंदों व तीर्थपुरोहितों को दान देकर पुण्य कमाया!ब्रह्म मुहूर्त से ही श्रद्धालुओं का गंगा घाटों पर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया!</div>
<div> </div>
<div>जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने हर-हर गंगे के जयकारों के साथ गंगा में डुबकी लगाई!माघ मास की अमावस्या तिथि पर गंगा स्नान विशेष पुण्यदायी माना गया है! लोगों ने स्नान करने के साथ ही विधि विधान से गंगा मैया की पूजा अर्चना की!सूर्यदेव को अर्घ्य देकर परिवार व समाज में सुख शांति एवं समृद्धि की कामना की! पतित पावनी गंगा घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं ने स्नान दान कर गंगा आरती भी की!</div>
<div> </div>
<div>शास्त्रों के अनुसार इस दिन गंगा स्नान व दान करना पुण्यदायी होता है! धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मौनी अमावस्या के दिन इन उपायों को करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है!गंगा स्नान के बाद भगवान विष्णु और शिव की आराधना का भी विधान है!गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने जरूरतमंदों व तीर्थ पुरोहितों को दान दिया!वहीं बहुत से श्रद्धालुओं ने गंगा किनारे अनुष्ठान भी किए!</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/138663/devotees-take-a-dip-of-faith-on-amavasya</link>
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                <pubDate>Sat, 10 Feb 2024 15:35:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महापर्व मौनी अमावस्या” पर संगम में करोड़ो श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी !</title>
                                    <description><![CDATA[घाटों पर की गई फूलो की वर्षा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/138642/crores-of-devotees-took-a-dip-of-faith-in-sangam"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-02/img-20240209-wa0235.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div><strong>ब्यूरो चीफ प्रयागराज।</strong></div>
<div> मौनी अमावस्या  के महा स्नान पर्व पर आज संगम के तट पर स्नानार्थियों/श्रद्धालुओं का पुण्य की कामना के साथ स्नान और दान करने के लिए रेला उमड़ पड़ा |  तीर्थराज प्रयागराज की पावन धरती पर माघ मेला के सबसे प्रमुख स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर लाखों-लाख श्रद्धालुओं ने पावन संगम त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगाई। सुनहरे मौसम, खिलखिलाती धूप और हल्की शीतलहर के बीच मध्य रात्रि से ही स्नान प्रारम्भ हो गया और पूरा दिन स्नान का सिलसिला अनवरत जारी रहा।सभी पाण्टून पुल श्रद्धालुओं से पूरी तरह भरे दिखे। इस महा पर्व पर आस्था का जन सैलाब उमड पड़ा जिधर भी नजर गई श्रद्धालु ही श्रद्धालु दिखे। आज माघ मेला के सबसे बडे महापर्व पर श्रद्धालुओं से संगम सराबोर हो गया।</div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-02/img-20240208-wa0187.jpg" alt="IMG-20240208-WA0187"></img></div>
<div> श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन व सुरक्षित स्नान हेतु व्यापक पुलिस प्रबन्ध किए गए, जिसके तहत सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर नागरिक पुलिस, यातायात पुलिस, महिला पुलिस, अग्निशमक दल, पीएसी के जवान, घुड़सवार पुलिस, आरएएफ, एटीएस के कमाण्डो व बम निरोधक दस्ता की टीमें व्यवस्थापित की गई । संगम घाट पर जल पुलिस के साथ-साथ मोटर-बोट नियुक्त कर स्नानार्थियों/श्रद्धालुओं की सुरक्षा हेतु कड़े प्रबन्ध किये गये तथा गोताखोरों का भी समुचित प्रबन्ध किया गया, स्टीमर के माध्यम से लगातार संगम घाटों का निरीक्षण किया गया। सुरक्षा के दृष्टिगत घाटों/जल में लगे एसडीआरएफ/फ्लड कम्पनी के जवानों द्वारा कड़ी निगरानी की गई, सभी स्नानार्थियों से अनुरोध किया गया कि सावधानी पूर्वक स्नान करें, किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु को हाथ न लगायें। </div>
<div> </div>
<div><strong>ड्रोन सीसी टीबी से की गई चप्पे चप्पे की निगरानी।</strong></div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-02/img-20240209-wa0220.jpg" alt="IMG-20240209-WA0220"></img></div>
<div>सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों,ड्रोन के माध्यम से चप्पे-चप्पे पर नजर रखी गई, मेला क्षेत्र में आने वाले स्नानार्थियों/श्रद्धालुओं को आवागमन में कोई असुविधा न हो इसके लिए मेला क्षेत्र में पार्किंग की समुचित व्यवस्था की गई तथा यह भरसक प्रयास किया गया कि संगम स्नान हेतु आने वाले श्रद्धालुओं को स्नान घाट तक पहुँचने के लिए न्यूनतम पैदल चलना पड़े। इस दौरान मेला क्षेत्र में अत्यधिक संख्या में श्रद्धालुओं के आने पर भूले भटके शिविर द्वारा बिछुड़े हुये श्रद्धालुओं/व्यक्तियों को उनके परिजनों से मिलाया गया।</div>
<div> </div>
<div> </div>
<div><strong>उच्चाधिकारी करते रहे भ्रमण।</strong></div>
<div>इस महापर्व के अवसर पर अपर पुलिस महानिदेशक प्रयागराज जोन श्री भानु भास्कर IPS, पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट प्रयागराज श्री रमित शर्मा IPS, मंडलायुक्त प्रयागराज विजय विश्वास पंत  IAS,पुलिस महानिरीक्षक प्रयागराज रेंज श्री प्रेम कुमार गौतम IPS,पुलिस उप महानिरीक्षक/प्रभारी माघ मेला डॉ0 राजीव नारायण मिश्र IPS, कुंभ मेलाधिकारी विजय किरन आनंद IAS, जिलाधिकारी प्रयागराज नवनीत सिंह चहल IAS, पुलिस उपायुक्त नगर दीपक भूकर IPS, पुलिस उपायुक्त गंगापार अभिषेक भारती  IPS,पुलिस उपायुक्त यातायात/ नोडल पुलिस अधिकारी माघ मेला आशुतोष द्विवेदी* लगातार मेला क्षेत्र में रहकर सभी व्यवस्थायें सुनिश्चित कराते रहे। </div>
<div>मेला में आये श्रद्धालुओं से लगातार अनुरोध किया गया कि वह मेले की स्वच्छता व सुरक्षा में हमारा सहयोग करें। मेला प्रभारी डॉ0 राजीव नारायण मिश्र IPS  द्वारा समस्त पुलिस कर्मियों को भ्रमण के दौरान ड्यूटी की कुशलता लेते हुए उनका उत्साहवर्धन किया गया तथा कमाण्ड सेंटर के माध्यम से मेला क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों से भी लगातार मेले का हाल लिया गया। </div>
<div> </div>
<div><strong>सेवा का भाव भी प्रदर्शित हुआ।</strong></div>
<div>मेले की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ सेवा का भाव भी पुलिस कर्मियों के व्यवहार से प्रदर्शित हुआ। आस्था एवं श्रद्धा के इस पावन महापर्व मौनी अमावस्या पर स्नानार्थियों में धर्म के प्रति काफी आस्था देखने को मिली। पुलिस बल के अथक प्रयासों के फलस्वरूप आस्था एवं श्रद्धा का यह महापर्व मौनी अमावस्या सकुशल सम्पन्न हुआ।</div>
<div> </div>
<div> </div>
<div><strong>2करोड़ स्नान करने का दावा।</strong></div>
<div>प्रशासन ने दावा किया है कि, शाम 6:00 बजे तक लगभग 2 करोड़ 18 लाख श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई।</div>
<div> </div>
<div><strong>पूजनीय संतो व श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से की गई पुष्प वर्षा।</strong></div>
<div>गंगा, यमुना एवं अदृश्य सरस्वती के पवित्र संगम तट तथा गंगा जी के तट पर बनाये गये विभिन्न घाटों पर आस्था की डुबकी लगायी एवं पुण्य लाभ अर्जित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी के निर्देश के क्रम में पूजनीय संतों व श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा भी की गई। </div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-02/img-20240209-wa0213.jpg" alt="IMG-20240209-WA0213"></img></div>
<div>श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके दृष्टिगत सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने मेला क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर सभी आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित करायी। माघ मेला क्षेत्र में साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने हेतु सफाई कर्मियों की पर्याप्त संख्या में ड्यूटी लगायी गयी है। माघ मेला क्षेत्र में अपने स्वजनों से बिछड़ने वाले लोगो के लिए खोया-पाया केन्द्र से लगातार एनाउंस कर उनके स्वजनों से उन्हें मिलाया गया। श्रद्धालुओं को मेले में भटकना न पड़े, इसके लिए संगम जाने का मार्ग वापस लौटने का मार्ग व अन्य मार्गों को प्रदर्शित करते हुए साइन बोर्ड रास्तों पर लगाये गये है।  मौनी अमावस्या के अवसर पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की काफी भीड़ रही। </div>
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</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/138642/crores-of-devotees-took-a-dip-of-faith-in-sangam</link>
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                <pubDate>Sat, 10 Feb 2024 12:45:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संगम मे लाखो श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा,  मकर सक्रांति स्नान पर्व सकुशल संपन्न</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div>  </div>
<div>      माघ मेला-के प्रथम मुख्य स्नान पर्व मकर संक्रान्ति पर सुबह से ही हल्की ठंड हवाओ के मध्य लाखों श्रद्धालुओं ने पावन संगम में आस्था व श्रद्धा की डुबकी लगायी।</div>
<div>  </div>
<div>  श्रद्धालुओं के स्नान का सिलसिला कल दिनांक 14.01.2024 से ही प्रारम्भ हो गया था जो दिन भर अनवरत चला। इस दौरान श्रद्धालुओं/स्नानार्थियों के सुगम आवागमन व सुरक्षित स्नान सम्पन्न कराने हेतु व्यापक पुलिस प्रबन्ध किये गए। इस हेतु सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर नागरिक पुलिस, यातायात पुलिस, घुड़सवार पुलिस, महिला पुलिसकर्मी, अग्निशमन दल, पीएसी के जवान, एटीएस कमाण्डो व्यवस्थापित किये गए।</div>
<div>  </div>
<div>इसके साथ ही संगम</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/138212/lakhs-of-devotees-gathered-at-sangam-makar-sakranti-bathing-festival"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-01/img-20240115-wa0301.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div> </div>
<div>   माघ मेला-के प्रथम मुख्य स्नान पर्व मकर संक्रान्ति पर सुबह से ही हल्की ठंड हवाओ के मध्य लाखों श्रद्धालुओं ने पावन संगम में आस्था व श्रद्धा की डुबकी लगायी।</div>
<div> </div>
<div> श्रद्धालुओं के स्नान का सिलसिला कल दिनांक 14.01.2024 से ही प्रारम्भ हो गया था जो दिन भर अनवरत चला। इस दौरान श्रद्धालुओं/स्नानार्थियों के सुगम आवागमन व सुरक्षित स्नान सम्पन्न कराने हेतु व्यापक पुलिस प्रबन्ध किये गए। इस हेतु सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर नागरिक पुलिस, यातायात पुलिस, घुड़सवार पुलिस, महिला पुलिसकर्मी, अग्निशमन दल, पीएसी के जवान, एटीएस कमाण्डो व्यवस्थापित किये गए।</div>
<div> </div>
<div>इसके साथ ही संगम में ‘मोटर बोट’ तथा प्रशिक्षित गोताखोरों की नियुक्त कर स्नानार्थियों की सुरक्षा हेतु कड़े प्रबन्ध किये गए। ‘स्टीमर’ के माध्यम से संगम क्षेत्र का निरीक्षण किया गया तथा श्रद्धालुओं से अऩुरोध किया गया कि सावधानीपूर्वक स्नान करें किसी प्रकार की संदिग्ध वस्तु को हांथ न लगाये। मेला में आने वाले स्नानार्थियों को आवागमन में कोई असुविधा न हो इस हेतु मेला क्षेत्र में 05 स्थानों पर ‘पार्किंग’ की समुचित व्यवस्था की गई तथा यह प्रयास किया गया कि श्रद्धालुओँ को न्यूनतम पैदल चलना पड़े</div>
<div> </div>
<div>। इस अवसर पर पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट प्रयागराज  रमित शर्मा IPS, मण्डलायुक्त विजय विश्वास पंत IAS, पुलिस उप महानिरीक्षक/माघ मेला प्रभारी राजीव नारायण मिश्र IPS, कुम्भ मेलाधिकारी विजय किरण आनंद IAS, मेलाधिकारी दयानन्द प्रसाद,नोडल पुलिस अधिकारी माघ मेला श्रद्धा नरेंद्र पाण्डेय IPS लगातार मेला क्षेत्र में रहकर सभी व्यवस्थायें सुनिश्चित कराते रहे। मेला में आये हुये समस्त श्रद्धालुओं से ‘पब्लिक एड्रेस सिस्टम’ के माध्यम से अनुरोध किया जाता रहा कि आने जाने वाले रास्तों का ही उपयोग करे सकुशल स्नान करके अपने गंतव्य को वापस जाएं।</div>
<div> </div>
<div>मेला क्षेत्र में ‘सीसीटीवी कैमरों’ व ‘ड्रोन कैमरों’ के द्वारा चप्पे चप्पे पर नजर रखते हुये सतर्कता बरती गई। सकुशल व सुरक्षित स्नान के लिये पुलिस के आला अफसर मेला क्षेत्र में निरन्तर डटे रहे। स्नानार्थियों मे धर्म आस्था के प्रति काफी उत्साह देखने को पाया गया। मकर संक्रान्ति का पर्व व स्नान पुलिस बल के अथक प्रयासों के फलस्वरूप सकुशल व सुरक्षित सम्पन्न हुआ।</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL">                            </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/138212/lakhs-of-devotees-gathered-at-sangam-makar-sakranti-bathing-festival</link>
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                <pubDate>Mon, 15 Jan 2024 19:55:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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