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                <title>priyanka gandhi - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>priyanka gandhi RSS Feed</description>
                
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                <title>रामपुरखास को सर्वश्रेष्ठ क्षेत्र बनाने के लिए परियोजनाओं का तेजी से जारी रखने का लिया है संकल्प - मोना</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज, प्रतापगढ़।</strong> क्षेत्रीय विधायक एवं कांग्रेस विधानमण्डल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने कहा है कि रामपुरखास को बहुमुखी विकास से मजबूती प्रदान करने के लिए यहां हर परियोजनाओं का संचालन मजबूती से दिखेगा। बुधवार को क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर ग्रामीणों के साथ संवाद करते हुए उन्होने कहा कि हाल ही में लगभग दस करोड़ की लागत से मंगापुर में स्टेडियम की मंजूरी खेल के क्षेत्र के साथ युवाओं को विभिन्न भर्तियों में भी शारीरिक ऊर्जा मिलने में लाभप्रद होगा।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">वहीं कृषि क्षेत्र में करोड़ो की लागत से कृषि कल्याण केन्द्र के भी निर्माण से क्षेत्रीय किसानों को</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184291/resolved-to-continue-the-projects-rapidly-to-make-rampurkhas-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260729-wa0092.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज, प्रतापगढ़।</strong> क्षेत्रीय विधायक एवं कांग्रेस विधानमण्डल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने कहा है कि रामपुरखास को बहुमुखी विकास से मजबूती प्रदान करने के लिए यहां हर परियोजनाओं का संचालन मजबूती से दिखेगा। बुधवार को क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर ग्रामीणों के साथ संवाद करते हुए उन्होने कहा कि हाल ही में लगभग दस करोड़ की लागत से मंगापुर में स्टेडियम की मंजूरी खेल के क्षेत्र के साथ युवाओं को विभिन्न भर्तियों में भी शारीरिक ऊर्जा मिलने में लाभप्रद होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वहीं कृषि क्षेत्र में करोड़ो की लागत से कृषि कल्याण केन्द्र के भी निर्माण से क्षेत्रीय किसानों को खेती के क्षेत्र में सुविधाओं में बढ़ोत्तरी होगी। उन्होने कहा कि सांसद प्रमोद तिवारी के सहयोग से रामपुरखास को विकास तथा सुरक्षा व शांति के वातावरण से आदर्श क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। एक दिवसीय दौरे में उन्होने लालगंज में पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। कार्यकर्ताओं के साथ बैठक में कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि पेपरलीक पर संसद में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ कांग्रेस छात्रों के साथ हुए अन्याय का मोदी सरकार से जबाब मांग रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होने कहा कि इस मुद्दे पर सरकार अभी भी जबाबदेही लेने से कतरा रही है। सीएलपी नेता मोना ने अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर में चढ़ावा चंदा चोरी के मामले को भी गंभीर ठहराते हुए कहा कि कांग्रेस विधानसभा सत्र में प्रदेश सरकार के गैर जबाबदेही का मुद्दा जोर शोर से उठाएगी। बाबा घुइसरनाथ धाम में दर्शन पूजन करते हुए विधायक आराधना मिश्रा मोना ने यहां आज गुरूवार से श्रावण माह को लेकर श्रद्धालुओं की सुविधाओं का भी अवलोकन किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस मौके पर प्रतिनिधि भगवती प्रसाद तिवारी, लालगंज प्रमुख अमित सिंह पंकज, सांगीपुर प्रमुख अशोक सिंह बबलू, मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल, केडी मिश्र, आशीष उपाध्याय, पप्पू तिवारी, छोटे लाल सरोज, दृगपाल यादव, भुवनेश्वर शुक्ल, रवीन्द्र मिश्र, डॉ0 अमिताभ शुक्ल, रामकृपाल पासी, राकेश चतुर्वेदी, धर्मपाल गौतम, शेरू खां, महेन्द्र प्रताप सिंह, संतराम चौरसिया, लालजी पाण्डेय, इंद्र नारायण शुक्ल, त्रिभु तिवारी, मुरलीधर तिवारी, अभिनव शुक्ल, अतुल शुक्ला, अक्षत तिवारी, सिंटू मिश्र, रामू मिश्र, राजू पाण्डेय, हृदय नारायण मिश्र, बृजेश द्विवेदी, राजेश शुक्ला आदि रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 22:12:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मोदी सरकार संवैधानिक अधिकारों को खत्म करने के लिए यूएपीए का इस्तेमाल कर रही है- कांग्रेस</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">पार्टी ने कहा कि दोषसिद्धि दर 3% से कम होने के कारण कानून न्याय का नहीं बल्कि दमन का साधन बन गया है; छात्रों, कार्यकर्ताओं, पत्रकारों की गिरफ्तारी का हवाला दियाअदालतों से लेकर जेल तक, कांग्रेस ने यूएपीए के तहत दमन के पैटर्न को उजागर किया, तथा भाजपा पर असहमति को आपराधिक कृत्य में बदलने का आरोप लगाया।</div>
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<div style="text-align:justify;">कांग्रेस ने बुधवार को मोदी सरकार पर असहमति को दबाने का आरोप लगाया और कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को खतरे में डालने के लिए यूएपीए जैसे कानूनों का "खतरनाक दुरुपयोग" संविधान पर भाजपा के व्यापक हमले का हिस्सा है।विपक्षी दल ने</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/152548/modi-government-is-using-uapa-to-eliminate-constitutional-rights-congress"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-02/rajneeti1.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">पार्टी ने कहा कि दोषसिद्धि दर 3% से कम होने के कारण कानून न्याय का नहीं बल्कि दमन का साधन बन गया है; छात्रों, कार्यकर्ताओं, पत्रकारों की गिरफ्तारी का हवाला दियाअदालतों से लेकर जेल तक, कांग्रेस ने यूएपीए के तहत दमन के पैटर्न को उजागर किया, तथा भाजपा पर असहमति को आपराधिक कृत्य में बदलने का आरोप लगाया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कांग्रेस ने बुधवार को मोदी सरकार पर असहमति को दबाने का आरोप लगाया और कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को खतरे में डालने के लिए यूएपीए जैसे कानूनों का "खतरनाक दुरुपयोग" संविधान पर भाजपा के व्यापक हमले का हिस्सा है।विपक्षी दल ने सरकार पर निशाना साधा और आनंद तेलतुम्बडे, नौदीप कौर, उमर खालिद, शरजील इमाम, प्रबीर पुरकायस्थ और अमित चक्रवर्ती सहित कई मामलों का हवाला दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "मोदी सरकार के तहत, असहमति को दबाने और न्याय में देरी के लिए कानून का इस्तेमाल बढ़ रहा है। 2014 से 2022 के बीच, 8,719 यूएपीए मामलों में केवल 2.55% सजा दर हासिल हुई, जिससे आलोचकों, छात्रों, पत्रकारों और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने के लिए इसके दुरुपयोग का खुलासा हुआ।"</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, "मुकदमे से पहले ही दोष मान लेना, सोशल मीडिया और मीडिया द्वारा संचालित मुकदमे, तथा सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाओं को खारिज करने की हालिया प्रवृत्ति ने न्याय के इस संकट को और गहरा कर दिया है।"</div>
<div style="text-align:justify;">खेड़ा ने कहा कि भीमा कोरेगांव मामले में आनंद तेलतुम्बड़े, नौदीप कौर और महेश राउत को यूएपीए के तहत गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने बताया कि तेलतुम्बड़े को तीन साल जेल में रहने के बाद रिहा कर दिया गया और कौर को उसी साल जमानत दे दी गई, जिस साल उसे गिरफ्तार किया गया था, लेकिन हिरासत में रहते हुए उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई और उसका यौन उत्पीड़न किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि महेश राउत 2018 से जेल में है।उन्होंने कहा, "छात्र कार्यकर्ता उमर खालिद, शरजील इमाम और सफूरा जरगर को सीएए विरोधी प्रदर्शनों में कथित संलिप्तता के लिए यूएपीए के तहत गिरफ्तार किया गया था। उमर खालिद और शरजील इमाम 2020 से जेल में हैं।"खेड़ा ने आरोप लगाया कि पत्रकार फहद शाह और इरफान मेहराज को उनकी रिपोर्टिंग के लिए यूएपीए के तहत गिरफ्तार किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, "प्रबीर पुरकायस्थ और अमित चक्रवर्ती को 2023 में न्यूज़क्लिक से संबंधित विदेशी फंडिंग मामले में यूएपीए के तहत गिरफ्तार किया गया था। फहद शाह को 600 दिनों के बाद रिहा कर दिया गया। बाकी लोग अभी भी जेलों में सड़ रहे हैं।"खेड़ा ने कहा कि ये तो कहीं अधिक गहरी जड़ें जमा चुकी सड़ांध के टुकड़े मात्र हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कांग्रेस नेता ने कहा, "वास्तव में, इनमें से अधिकांश मामले इस सरकार को चुनौती देने वालों के खिलाफ प्रतिशोध के हैं। अदालतें बार-बार इस दुर्व्यवहार को उजागर करती हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा, 'विरोध आतंकवाद नहीं हो सकता', देवांगना कलिता, नताशा नरवाल और आसिफ तन्हा को रिहा कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकार जुबैर और जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि को रिहा कर दिया, गिरफ्तारी की आलोचना करते हुए इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाने का प्रयास बताया।"</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">खेड़ा ने कहा, "भारत के लोकतंत्र की रक्षा शांतिपूर्ण असहमति और स्वतंत्र अभिव्यक्ति की रक्षा से शुरू होती है। लेकिन यूएपीए जैसे कानूनों का खतरनाक दुरुपयोग इन स्वतंत्रताओं को खतरे में डालता है और यह भाजपा के भारतीय संविधान पर व्यापक हमले का एक हिस्सा है।"उन्होंने तिहाड़ जेल में बिताए समय के दौरान खालिद द्वारा लिखा गया एक लेख भी साझा किया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Jun 2025 18:13:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब प्रियंका की संसद से होगी कुड़माई</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पूर्व प्रधानमंत्री  श्रीमती इंदिरा गाँधी की पौत्री और राजीव गाँधी की बेटी श्रीमती प्रियंका वाड्रा ने आखिर ना ना करते हुए भी चुनावी राजनीति में कदम रख ही दिया। अब अगले माह उनकी संसद से कुड़माई होगी ।  दो बच्चों की माँ और परिपक़्व राजनेता बन चुकी प्रियंका वायनाड से लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी बनाई गयीं हैं। कांग्रेसजनों के लिए ये खुशखबरी और सत्तारूढ़ दल के लिए ये एक और मुद्दा होगा भारतीय राजनीति में परिवारवाद पर हमला करने का।</p>
<p>हम प्रियंका के संसदीय राजनीति में आने का स्वागत करते हैं। वर्तमान में वे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/145555/now-priyanka-will-face-trouble-from-parliament"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-10/priynka1.jpg" alt=""></a><br /><p>पूर्व प्रधानमंत्री  श्रीमती इंदिरा गाँधी की पौत्री और राजीव गाँधी की बेटी श्रीमती प्रियंका वाड्रा ने आखिर ना ना करते हुए भी चुनावी राजनीति में कदम रख ही दिया। अब अगले माह उनकी संसद से कुड़माई होगी ।  दो बच्चों की माँ और परिपक़्व राजनेता बन चुकी प्रियंका वायनाड से लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी बनाई गयीं हैं। कांग्रेसजनों के लिए ये खुशखबरी और सत्तारूढ़ दल के लिए ये एक और मुद्दा होगा भारतीय राजनीति में परिवारवाद पर हमला करने का।</p>
<p>हम प्रियंका के संसदीय राजनीति में आने का स्वागत करते हैं। वर्तमान में वे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय महासचिव तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रभारी हैं।प्रियंका न राजनीति के लिए नई हैं और न देशवासियों के लिए। उनके पास राजनीति की एक लम्बी विरासत भी है और अनुभव भी। कांग्रेसी ही नहीं अपितु आम भारतीय प्रियंका में स्वर्गीय इंदिरा गांधी का अक्श देखता है। अक्श और वस्तविक्ता में फर्क होता है ,लेकिन हम और आप अपने पूर्वजों के अक्श के अलावा और हैं भी क्या ?प्रियंका को कांग्रेस ने वायनाड की एक ऐसी सीट से चुनाव मैदान में उतारा है जो शायद कांग्रेस के लिए बेहद सुरक्षित और आसान है ,लेकिन बेहतर होता कि वे पांच महीने पहले हुए आम चुनाव के वक्त अमेठी की अपनी अघोषित रूप से पुश्तैनी संसदीय सीट से लड़तीं।</p>
<p>प्रियंका के लिए सक्रिय और संसदीय राजनीति  में प्रवेश करना पार्टी की जरूरत है या उनकी अपनी विवशता ? इस विषय पर बहस हो सकती है ,लेकिन इस बात में कोई विवाद नहीं हो सकता कि वे एक धीर-गंभीर राजनेता के रूप में देश और पार्टी के लिए नयी नहीं हैं। उन्होंने चुनाव लड़ने में जानबूझकर देर की ,ये सब जानते है।  वे चाहतीं तो 20  साल पहले 2004  में ही संसदीय यात्रा शुरू कर सकतीं थीं ,लेकिन उन्होंने आम भारतीय परिवारों की तरह अपने परिवार की सियासी विरासत सम्हालने के लिए अपने से उम्र में दो साल छोटे भाई राहुल को ही आगे किया। ये प्रियंका का भाई के प्रति स्नेह है या त्याग कहना कठिन है। क्योंकि दोनों के बीच जो रिश्ता है वो सभी आशंकाओं,कुशंकाओं से परे खून का रिश्ता है।</p>
<p>कांग्रेस में प्रियंका को कमान देने की मांग समय -समय पर उठती रही हैं ।  राहुल गांधी से असहमत और नाउम्मीद कांग्रेसी ये मांग करते रहे हैं ,किन्तु प्रियंका  ने कभी इसमें कोई रूचि नहीं दिखा।  वे पिछले दो दशक से अपने भाई को राजनीति  में प्रतिष्ठित करने के लिए साये की तरह सक्रिय हैं आलोचनाओं की परवाह किये बिना। राहुल गांधी जब भी अकेले पड़े,लड़खड़ाए तो प्रियंका उन्हें सम्हालने में सबसे आगे रहीं। राहुल के ऊपर जितने सियासी हमले हुए ,उन सबके जबाब में प्रियंका ने जबाबी हमले भी किये और ढाल भी बनकर खड़ी दिखाई दीं। उनके और राहुल के बीच एक ही फर्क है कि वे राजनीयति का शालीन चेहरा मानी जाती हैं जबकि राहुल आक्रामक चेहरा।</p>
<p>मुझे वर्ष 1999  में प्रियंका का बीबीसी को दिया वो साक्षात्कार याद है जिसमें उन्होंने कहा था कि -मेरे दिमाग में यह बात बिलकुल स्पष्ट है कि राजनीति शक्तिशाली नहीं है, बल्कि जनता अधिक महत्वपूर्ण है और मैं उनकी सेवा राजनीति से बाहर रहकर भी कर सकती हूँ। तथापि उनके औपचारिक राजनीति में जाने का प्रश्न परेशानीयुक्त लगता है: "मैं यह बात हजारों बार दोहरा चुकी हूँ, कि मैं राजनीति में जाने की इच्छुक नहीं हूँ।'यानि आप कह सकते हैं कि प्रियंका बेमन से राजनीति में आयन थीं लेकिन अब उनका मन राजनीति में रम गया है।  प्रियंका किसी रेलवे स्टेशन पर चाय बेचते हुए राजनीति   में नहीं आयीं ।  उनके पिता राहुल गाँधी, माँ श्रीमती सोनिया गाँधी ,दादी श्रीमती इंदिरा गाँधी, दादा फिरोज गाँधी ,और उनसे भी पहले पंडित जवाहर लाल नेहरू देश की राजनीति के महत्वपूर्ण अंग रहे हैं।  उनके लिए राजनीति न अपरिचित क्षेत्र है और न जरूरी।</p>
<p>मुझे लगता है कि प्रियंका के लिए राजनीति के जरिये देश सेवा करने का ये उचित समय है। उनके बच्चे भी बड़े हो गए हैं ,वे तमाम पारिवारिक जिम्मेदारियों से भी लगभग फारिग हो चुकीं है। उनके पास अपनी माँ और भाई के चुनाव प्रबंधन का लंबा अनुभव भी है। 2007  के उप्र विधानसभा चुनावों में उन्होंने जमकर मेहनत भी की थी। बहुत से लोग नहीं जानते होंगे कि प्रियंका मनोविज्ञान में स्नातक भी हैं इसलिए वे देश की जनता के मन को भी भलीभांति समझती हैं। संसदीय राजनीयति में उनके प्रवेश से कांग्रेस को लाभ मिलेगा या नुक्सान होगा ये कांग्रेस आकलन कर चुकी है। प्रियंका की मौजूदगी से अब कांग्रेस में एक नए अध्याय का आगाज होग। संसद के भीतर भी और संसद के बाहर सड़क पर भी। जो लोग राहुल से असहमत हैं वे प्रियंका से सहमत हो सकते हैं। उनके साथ  खड़े होकर काम कर सकते है।  प्रियंका राहुल के लिए चुनौती  नहीं बल्कि एक मजबूती साबित होंगी।</p>
<p>पिछले दो दशक में राहुल गांधी प्रधानमंत्री तो नहीं बन पाए लेकिन उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता का स्थान तो हासिल कर ही  लिया है। संसद में अब वे अकेले नहीं होंगे। उनकी मदद के लिए उनकी बहन भी साथ होंंगी बाशर्त कि वे वायनाड से चुनाव जीतकर आ जाएँ। भाजपा प्रियंका को शायद ही संसद में आने से रोक पाये। भाज पा के लिए संसद में प्रियंका का प्रवेश रोकने से ज्यादा महत्वपुर्ण महाराष्ट्र विधानसभा के चुनाव हैं।  झारखण्ड के चुनाव है। इन दो राज्यों को बचाने में उलझी भाजपा शायद ही प्रियंका के सामने कोई चुनौती खड़ी कर पाए। बेहतर तो ये हो कि भाजपा वायनाड से चुनाव लड़े ही न और एक नई नजीर पेश कर नारी शक्ति वंदन की ,लेकिन ऐसा होगा नहीं। भाजपा का दिल इतना बड़ा नहीं है।</p>
<p>भाजपा कोशिश करेगी  कि प्रियंका  को संसद में आने से रोका जाये ,क्योंकि प्रियंका का संसद में आना उसके लिए समस्याएं ही पैदा करने वाला होगा। आपको याद होगा कि प्रियंका गांधी ने 1999 में राजनीति में प्रवेश किया था  , जब वो अपनी मां सोनिया गांधी के लिए चुनाव प्रचार करने उतरी थीं। इस दौरान उन्होंने पहली बार राजनीतिक मंच से भाजपा  उम्मीदवार अरुण नेहरू के खिलाफ प्रचार था। प्रियंका और प्रियंका जैसे  और भी युवा यदि राजनीति में अपनी जगह बनाते हैं तो मुमकिन  है कि राजनीति का चेहरा-मोहरा कुछ बदले ।  राजनीति अदावत के विष से मुक्त हो।</p>
<p><strong>राकेश अचल</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 16 Oct 2024 16:44:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
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                <title>Rahul Gandhi से रायबरेली की जनता का सवाल, कब करेंगे शादी ?</title>
                                    <description><![CDATA[<p>2024 के लोकसभा चुनाव में रायबरेली से कांग्रेस उम्मीदवार राहुल गांधी ने सोमवार, 13 मई को उत्तर प्रदेश निर्वाचन क्षेत्र में एक रैली में एक जोशीला भाषण दिया। कार्यक्रम के गंभीर स्वर के बीच, हल्के-फुल्के क्षण भी थे, भीड़ ने राहुल गांधी को उनकी वैवाहिक स्थिति के बारे में चिढ़ाया और उनसे पूछा कि वह कब शादी करने की योजना बना रहे हैं। जब राहुल गांधी से पूछा गया कि वह कब शादी कर रहे हैं तो उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, "अब जल्दी ही करनी पड़ेगी।"</p>
<p>रायबरेली की रैली में राहुल गांधी की बहन और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141228/people-of-rae-bareli-question-when-will-he-marry-rahul"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/rahul-gandhi_large_1550_8.webp" alt=""></a><br /><p>2024 के लोकसभा चुनाव में रायबरेली से कांग्रेस उम्मीदवार राहुल गांधी ने सोमवार, 13 मई को उत्तर प्रदेश निर्वाचन क्षेत्र में एक रैली में एक जोशीला भाषण दिया। कार्यक्रम के गंभीर स्वर के बीच, हल्के-फुल्के क्षण भी थे, भीड़ ने राहुल गांधी को उनकी वैवाहिक स्थिति के बारे में चिढ़ाया और उनसे पूछा कि वह कब शादी करने की योजना बना रहे हैं। जब राहुल गांधी से पूछा गया कि वह कब शादी कर रहे हैं तो उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, "अब जल्दी ही करनी पड़ेगी।"</p>
<p>रायबरेली की रैली में राहुल गांधी की बहन और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा भी मौजूद रहीं। कांग्रेस ने 3 मई को राहुल गांधी को रायबरेली से और वफादार केएल शर्मा को अमेठी से उम्मीदवार घोषित किया, जिससे प्रियंका गांधी के साथ-साथ रॉबर्ट वाड्रा को भी चुनावी मुकाबले से बाहर रखा गया।</p>
<p>2004 में राहुल को कमान सौंपने से पहले सोनिया गांधी ने 1999 में अमेठी से चुनाव लड़ा और जीता। सोनिया गांधी से पहले, पूर्व प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी ने तीन बार रायबरेली से जीत हासिल की थी। इस निर्वाचन क्षेत्र ने 1952 और 1957 में दो बार इंदिरा के पति और कांग्रेस नेता फ़िरोज़ गांधी को भी चुना।</p>
<p>रायबरेली के महराजगंज में भावुक भाषण देते हुए राहुल ने कहा कि हमारा रायबरेली से 100 साल पुराना रिश्ता है। कुछ दिन पहले जब मैं अपनी मां के साथ बैठा था तो मैंने उनसे कहा था कि मैंने एक वीडियो में कहा था कि मेरी दो मां हैं- सोनिया जी और इंदिरा जी। मेरी मां को यह पसंद नहीं था,</p>
<p>लेकिन मैंने उन्हें समझाया कि मां ही होती है जो बच्चे को रास्ता दिखाती है और उसकी रक्षा भी करती है। मेरी मां और इंदिरा जी दोनों ने मेरे लिए ऐसा किया।' यह मेरी दोनों माताओं की कर्मभूमि है।' यही कारण है कि मैं रायबरेली से चुनाव लड़ने आया हूं।'</p>
<p>राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि भारतीय इतिहास में पहली बार, "बीजेपी-आरएसएस के लोग हमारे संविधान को खत्म करना चाहते हैं। उनके नेताओं ने साफ कहा है कि अगर वे सत्ता में आए तो संविधान बदल देंगे..." किसानों तक पहुंचते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा, "...मैं वादा करता हूं कि अगर कांग्रेस-इंडिया केंद्र में सत्ता में आती है,</p>
<p>तो मेरा पहला काम गरीब किसानों का कर्ज माफ करना होगा।" राहुल गांधी केरल के वायनाड से मौजूदा सांसद हैं, जहां वह रायबरेली के साथ नया कार्यकाल चाह रहे हैं। राहुल ने 2004 से 2019 तक अमेठी का प्रतिनिधित्व किया। रायबरेली में उनका मुकाबला कांग्रेस छोड़कर बीजेपी के तीन बार के एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह से होगा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 May 2024 17:13:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
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                <title>कांग्रेस ने मनाया प्रियंका गांधी का जन्मदिन</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div><strong>बस्ती।</strong></div>
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<div>    बस्ती जिले में कांग्रेस ने पार्टी महासचिव श्रीमती प्रियंका गांधी का जन्मदिन प्रवक्ता मो. रफीक खां के नेतृत्व में केक काटकर मनाया। पार्टी दफ्तर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रियंका गांधी के योगदान को याद किया गया। पार्टी के प्रति उनकी मेहनत और समर्पण के लेकर विस्तार से चर्चा हुई। इसके बाद कांग्रेसजनों ने महिला अस्पताल में मरीजों को फल बांटा और उनका कुशलक्षेम पूछा।</div>
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<div>मो. रफीक खां ने कहा प्रियंका गांधी की नेतृत्व क्षमता का पूरा देश कायल है। हाईप्रोफाइल होते हुये भी वे आम आदमी के बीच इस तरह घुल मिल जाती हैं कि उनके परिवार का हिस्सा</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/138155/congress-celebrated-priyanka-gandhis-birthday"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-01/img-20240113-wa0157.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div><strong>बस्ती।</strong></div>
<div> </div>
<div>  बस्ती जिले में कांग्रेस ने पार्टी महासचिव श्रीमती प्रियंका गांधी का जन्मदिन प्रवक्ता मो. रफीक खां के नेतृत्व में केक काटकर मनाया। पार्टी दफ्तर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रियंका गांधी के योगदान को याद किया गया। पार्टी के प्रति उनकी मेहनत और समर्पण के लेकर विस्तार से चर्चा हुई। इसके बाद कांग्रेसजनों ने महिला अस्पताल में मरीजों को फल बांटा और उनका कुशलक्षेम पूछा।</div>
<div> </div>
<div>मो. रफीक खां ने कहा प्रियंका गांधी की नेतृत्व क्षमता का पूरा देश कायल है। हाईप्रोफाइल होते हुये भी वे आम आदमी के बीच इस तरह घुल मिल जाती हैं कि उनके परिवार का हिस्सा बन जाती हैं। वे देश के वर्तमान हालात को भलीभांति समझती हैं और उनके समाधान का रोडमैप भी उनके पास है। कांग्रेस जब सत्ता में आयेगी तो देश को उनकी अद्भुत नेतृत्व क्षमता का लाभ मिलेगा। पूर्व जिलाध्यक्ष अनिरूद्ध त्रिपाठी ने कहा प्रियंका गांधी के भीतर देश की जनता आयरन लेडी इन्दिरा गांधी का अक्श देखती है इसलिये उनसे सभी की उम्मीदें हैं।</div>
<div> </div>
<div>प्रियंका गांधी की सादगी, स्पष्टवादिता और आम आदमी से बहुत कम समय में कनेक्ट होने की क्षमता उन्हे भीड़ से अलग करती है। वे देश की महिलाओं को आगे लाना चाहती है जिससे निष्पक्षता से देश का विकास हो और राजनीति में शुचिता आये तथा महिलाओं की सुरक्षा तय हो सके। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से अवधेश सिंह, गंगा प्रसाद मिश्रा, शौकत अली नन्हू, लालजीत पहलवान, गुड्डू सोनकर, शकुन्तला देवी, अलीम अख्तर, संजीव त्रिपाठी, सर्वेश शुक्ल, पीएन दूबे, सुधीर यादव आदि का योगदान रहा।</div>
</div>
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</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
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                <pubDate>Sat, 13 Jan 2024 17:33:42 +0530</pubDate>
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