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                <title>india gathbandhan - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>महाराष्ट्र और झारखंड में बहुत कठिन है डगर पनघट की।</title>
                                    <description><![CDATA[<div>महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं।भाजपा गठबंधन एनडीए और इंडिया गठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला है।लेकिन झारखंड में कार्पोरेट नहीं चाहते सोरेन यानी इंडिया चुनाव जीते और अडानी चाहते हैं महाराष्ट्र में शिंदे सरकार रिपीट हो।मोदी और शाह ने पूरा जोर लगा दिया है पर महाराष्ट्र में भाजपा की रैलियों में भीड़ नदारद है।अब चुनाव परिणाम जो दिख रहा है वैसा होगा या हरियाणा जैसा होगा यह तो मतगणना के दिन 23 नवम्बर को ही पता चलेगा । दरअसल 2014 और 2019 के चुनाव में बीजेपी ने महाराष्ट्र में बड़ी सफलता हासिल की थी। 2024 के लोकसभा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/146186/the-path-of-panghat-is-very-difficult-in-maharashtra-and"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-11/rajneeti.jpg" alt=""></a><br /><div>महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं।भाजपा गठबंधन एनडीए और इंडिया गठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला है।लेकिन झारखंड में कार्पोरेट नहीं चाहते सोरेन यानी इंडिया चुनाव जीते और अडानी चाहते हैं महाराष्ट्र में शिंदे सरकार रिपीट हो।मोदी और शाह ने पूरा जोर लगा दिया है पर महाराष्ट्र में भाजपा की रैलियों में भीड़ नदारद है।अब चुनाव परिणाम जो दिख रहा है वैसा होगा या हरियाणा जैसा होगा यह तो मतगणना के दिन 23 नवम्बर को ही पता चलेगा । दरअसल 2014 और 2019 के चुनाव में बीजेपी ने महाराष्ट्र में बड़ी सफलता हासिल की थी। 2024 के लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र में बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती की उम्मीद थी। इसलिए पीएम मोदी ने खुद महाराष्ट्र में 19 सभाएं और एक रोड शो किया, लेकिन इतनी सभाओं के बाद भी बीजेपी महाराष्ट्र में केवल 9 सीटें ही जीत पाई, जबकि एनडीए केवल 17 सीटें ही हासिल कर सका।</div>
<div>हर चुनाव में कुछ नाटकीय किरदार होते हैं। महाराष्ट्र में इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या विपक्ष के नेता राहुल गांधी नहीं बल्कि राज्य के नेता “महाकथा” की भीड़ में हैं।जब तक कोई विशेष रूप से प्रधानमंत्री या गांधी का मुद्दा न उठाए, शायद ही कोई उनका जिक्र करता है। </div>
<div> </div>
<div>शिवसेना के सीएम एकनाथ शिंदे हैं , जिनकी मुख्यमंत्री माझी लड़की बहिन योजना के कारण प्रशंसा हो रही है। शिंदे भी धीरे-धीरे मराठा नेता के रूप में अपनी जगह बना रहे हैं। फिर बीजेपी के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस हैं , जिनका अधिकार आरएसएस के हस्तक्षेप की बदौलत हाल ही में कुछ हद तक बहाल हुआ है।दूसरे डिप्टी सीएम अजित पवार अपनी पीठ पीछे लड़ रहे हैं। उन्होंने अब संकेत दे दिए हैं कि वे नहीं चाहते कि मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ जैसे वरिष्ठ भाजपा नेता उनकी पार्टी को आवंटित निर्वाचन क्षेत्रों में प्रचार करें क्योंकि वे नहीं चाहते कि ध्रुवीकरण करने के लिए उनकी बयानबाजी मुसलमानों को नाराज़ करे। उन्होंने अपने समर्थकों से यह भी कहा है कि वे शरद पवार की व्यक्तिगत रूप से आलोचना न करें क्योंकि इससे उनके चाचा के लिए सहानुभूति पैदा होती है। दूसरी तरफ़ उद्धव ठाकरे हैं जो असली शिवसेना के रूप में पहचाने जाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनके लिए सद्भावना तो है, लेकिन लोकसभा चुनावों के स्तर पर नहीं।कांग्रेस ने स्थानीय स्तर पर चुनाव लड़ने का विकल्प चुना है, जिसमें विभिन्न नेता अपने-अपने क्षेत्रों में ही रहेंगे।</div>
<div> </div>
<div>महा विकास अघाड़ी (एमवीए) खेमे में सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ऑर्केस्ट्रा के उस्ताद शरद पवार क्या नया सुर अलापते हैं। उन्होंने बारामती में सहानुभूति कार्ड खेला, जहां से अजित चुनाव लड़ रहे हैं, जब उन्होंने संकेत दिया कि यह उनका आखिरी चुनाव है और इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने स्वीकार किया कि महायुति की कल्याणकारी योजनाओं के कारण एमवीए ने अपना कुछ लाभ खो दिया है।</div>
<div>महाराष्ट्र में आज 288 अलग-अलग लड़ाइयां लड़ी जा रही हैं , जो जाति, उम्मीदवार, धर्म, फसल की कीमतों को लेकर किसानों की नाराजगी, मुद्रास्फीति और विधानसभा चुनाव के दौरान उठने वाले कई स्थानीय मुद्दों से प्रभावित हैं।चुनाव के केंद्र में पवार और फडणवीस के बीच लंबे समय से चल रही लड़ाई है। यह 2014 से चल रही है जब भाजपा 122 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी और फडणवीस सीएम बने। उन्होंने आरक्षण कार्ड खेलकर अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के बीच भाजपा के समर्थन को बढ़ाने के लिए मराठा समर्थन जीतने की कोशिश की। फडणवीस ने 2019 में अजित पवार को अपने पक्ष में कर लिया था, लेकिन अजित कुछ ही दिनों में अपने चाचा के पास वापस चले गए - हालांकि उन्होंने अंततः 2023 में एनसीपी को तोड़ दिया - जिससे प्रतिद्वंद्विता में व्यक्तिगत तत्व भी शामिल हो गया।</div>
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<div>पिछले साल मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल ने मराठा आरक्षण की मांग को लेकर फिर से आवाज़ उठाई, लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्होंने मांग की कि आरक्षण ओबीसी के हिस्से से दिया जाए। इस प्रक्रिया में, उन्होंने फडणवीस को अपने हमलों का निशाना बनाया और उन्हें समुदाय के हितों के विरोधी के रूप में चित्रित किया। आज, संसद में  बीजेपी के पास सिर्फ 240 सीटें हैं, ऐसे में काम करवाने की मोदी की क्षमता सीमित हो चुकी है, और इसे कई नीतिगत फैसलों को पलटने और यू-टर्न में देखा जा सकता है ।इस बार यदि महाराष्ट्र और झारखण्ड भाजपा के हाथ से निकला तो मोदी शाह के लिए संघ और भाजपा में ही नई चुनौतियाँ उभरेंगी जिससे पार पाना अत्यंत कठिन होगा ।फिर  मोदी के सहयोगी, यानी चंद्रबाबू नायडू जैसे उनकी सरकार को समर्थन देने वाले लोग अपने क्षेत्रीय एजेंडे को आगे बढ़ाना चाहते हैं और तबतक मोदी के साथ हैं जबतक उनके राजनितिक हित सिद्ध हो रहे हैं । </div>
<div> </div>
<div>आज, बीजेपी के पास सिर्फ 240 सीटें हैं, ऐसे में काम करवाने की मोदी की क्षमता सीमित हो चुकी है, और इसे हमने कई नीतिगत फैसलों को पलटने और यू-टर्न में हमने देखा है। अब यह दावा करने का तुक ही नहीं है कि मोदी विशेष हैं और अद्वितीय हैं। नोटबंदी और कोरोना काल के लॉकडाउन जैसे उनके ऐसे फैसले जिनकी भनक कैबिनेट तक को नहीं होती थी, जिन्हें मास्टरस्ट्रोक कहा जाता था, वह क्षमता खत्म हो चुकी है। सरदेसाई बताते हैं कि सहयोगियों को अपने साथ बनाए रखने में काफी समय और ऊर्जा खर्च की जा रही है और आगे भी की जाती रहेगी ताकि कोई अंदरूनी असंतोष न हो।</div>
<div> </div>
<div>भाजपा ने झारखंड में कथित बंग्लादेशी घुसपैठ  को  चुनावी मुद्दा बनाना चाहा। दिन-रात हिन्दू मुस्लिम जिहाद का राग अलापने वाले असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एक से बढ़कर एक विवादित भाषण दिए, लेकिन झारखंड की आदिवासी बेल्ट पर उसका कोई असर नहीं दिख रहा। उल्टा लोग सवाल कर रहे हैं। अब इसी सवाल को लीजिए- चंपई सोरेन छह बार के विधायक हैं, वह झारखंड मुक्ति  मोर्चा सरकार में मंत्री थे। उन्हें तथाकथित घुसपैठ तब क्यों नहीं दिखी? लेकिन जब दिल्ली से उनका चश्मा बनकर आया तो उनको घुसपैठिया नज़र आ गया।</div>
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<div>पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम जिलों को मिलाकर, कोल्हान क्षेत्र की 14 सीटों के लिए मतदान 13 नवंबर को है। ये सभी 14 सीटें आदिवासी बहुल सीटें हैं। बीजेपी को कोल्हान में कभी खास सफलता नहीं मिली और 2019 में उसे 14 में से एक भी सीट नहीं मिली। 20 सीटें एसटी  (अनुसूचित  जनजाति) के लिए रिजर्व हैं। भाजपा ने इस बार रणनीति बदल दी और यहां के आदिवासियों को मुस्लिमों के घुसपैठ का डर दिखाया। पूरा चुनाव कथित बांग्लादेशी घुसपैठ की आड़ में हिन्दू-मुस्लिम ध्रुवीकरण कराने की कोशिश की गई। यहां तक की इस लाइन पर पीएम मोदी और अमित शाह के भाषण भी रहे।</div>
<div> </div>
<div>इंडिया गठबंधन यानी जेएमएम-कांग्रेस-आरजेडी गठबंधन ने 2019 के विधानसभा चुनावों में 17 सीटें जीतीं।  भाजपा को सिर्फ दो सीटें दक्षिणी छोटानागपुर में मिली। उसके सहयोगी झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) (जेवीएम-पी) ने एक सीट जीती। जेवीएम-पी का अब बीजेपी में विलय हो गया है। रघुबर दास के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार द्वारा 2016 में छोटा नागपुर किरायेदारी अधिनियम और संथाल परगना अधिनियम में बदलाव की कोशिश की वजह से भी भाजपा को इस चुनाव में दिक्कत हो रही है। कानून में बदलाव के प्रयास के कारण बड़े पैमाने पर आंदोलन हुए, जिससे आदिवासियों को विस्थापन और पहचान खोने का डर सताने लगा था। अब उनकी सोच ये है कि अगर भाजपा वापस आई तो वो फिर से उन कानूनों को लागू करेगी, जिसे हेमंत सोरेन सरकार ने खत्म कर दिया है।</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 Nov 2024 20:25:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
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                <title>इस छोर  अँधेरा है , उस छोर दिवाली है</title>
                                    <description><![CDATA[<p>जब दीपावली के दुसरे दिन आपके घर अखबार न आये तब इस आलेख  को बार-बार पढ़िए । दीपावली पर आप सभीको हार्दिक शुभकामनायें देते हुए मै गदगद हूँ क्योंकि इस त्यौहार पर मुझे देश में चौतरफा इतनी जगमग दिखाई दे रही है कि दिल बाग़-बाग़ है ।  इस रौशनी में भूख-गरीबी,बेरोजगारी,हिंसा,के तमाम अंधेरे नजर ही नहीं आ रही ।  वे 85  करोड़ लोग भी नजर नहीं आ रहे हैं जो सरकार की अनुकम्पा से पांच किलो अनाज पाकर जिन्दा हैं और अपनी दीपावली मना रहे हैं।</p>
<p>दीपावली पर सरकार  अपने चारों तरफ का अंधकार तिरोहित करने के लिए कितने ठठकर्म</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/145881/this-side-is-dark-and-that-side-is-diwali"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-11/dipotsaw.webp" alt=""></a><br /><p>जब दीपावली के दुसरे दिन आपके घर अखबार न आये तब इस आलेख  को बार-बार पढ़िए । दीपावली पर आप सभीको हार्दिक शुभकामनायें देते हुए मै गदगद हूँ क्योंकि इस त्यौहार पर मुझे देश में चौतरफा इतनी जगमग दिखाई दे रही है कि दिल बाग़-बाग़ है ।  इस रौशनी में भूख-गरीबी,बेरोजगारी,हिंसा,के तमाम अंधेरे नजर ही नहीं आ रही ।  वे 85  करोड़ लोग भी नजर नहीं आ रहे हैं जो सरकार की अनुकम्पा से पांच किलो अनाज पाकर जिन्दा हैं और अपनी दीपावली मना रहे हैं।</p>
<p>दीपावली पर सरकार  अपने चारों तरफ का अंधकार तिरोहित करने के लिए कितने ठठकर्म कर रही है ।  उस सरजू के तट पर उत्तरप्रदेश की उत्तरदायी  सरकार ने इतनी जगमग कर दिखाई जितनी राजाराम के 14 साल के वनवास से लवटने पार खड़ाऊ  राज चलाने  वाले महाराज भरत भी नहीं करा पाए होंगे ।  सरकार ने 28  लाख दीपक जलाकर एक बार फिर नया विश्व रिकार्ड कायम कर दिखाया। उत्तरप्रदेश में उन्हीं माननीय योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार है जो ' बांटोगे तो काटोगे ' का नारा देकर ' करो या मरो  ' की नकल कर रहे हैं। मुझे लगता है कि  आजादी से पहले यदि   महात्मा योगी होते तो वे  ' करो या मरो के बजाय ' काटो या मरो ' का नारा देते। लेकिन दुर्भाग्य ये कि  तब योगी नहीं थे और महात्मा गाँधी थे ।</p>
<p>पिछले दस साल में देश में यदि भिखमंगों की तादाद बढ़ी है, तो करोड़पतियों की तादाद भी बढ़ी है।  इसका प्रमाण ये हैकि  धनतेरस  पर देश में देश की जनता ने 20 हजार  करोड़ का सोना  और 2500 करोड़ की चांदी  खरीद  ली।   कारों  और मकानों  की खरीदारी  के आंकड़े  तो अभी  मिले  नहीं हैं किन्तु  जानकार कहते  हैं  की धनतेरस  पर देश में 60 हजार  करोड़  का व्यापार  हुआ। जाहिर है कि  देशवासियों के पास पैसा है और खूब पैसा है ,इसीलिए हम भारतीयों  को अब रोना-धोना छोड़ देना चाहिए  , ये काम विपक्ष को करने दीजिये। धनतेरस ने बता और जता दिया है की हम देश की 85  करोड़ क्या सौ करोड़ आबादी को 2028  तक क्या  बल्कि आने वाले 2047  तक पांच किलो अनाज देकर जिन्दा रख सकते हैं।</p>
<p>लोग जानलेवा प्र्दशन की वजह से भले ही दिल्ली छोडकर  भागने को विवश हों लेकिन मेरा मानना है कि  दिल्ली की लोकल सरकार को पटाखों यानि आतिशबाजी पर प्रतिबंध नहीं लगना चाहिए। ये राष्ट्रविरोधी और धर्म विरोधी निर्णय है ।  राष्ट्र और धर्म के समाने जन जीवन की क्या कीमत ? जनता तो पैदायसी कीड़े -मकोड़े हैं ।  उसे तो मरना ही है। चाहे भूख से मरे ,चाहे प्रदूषण से मरें ।  जिसके नसीब में मरना लिखा हो उसके लिए त्यौहारों का आनंद  तो बल नहीं चढ़ाया जा सकता।  काश ! दिल्ली में भी आम आदमी पार्टी की सरकार के बजाय खास आदमी पार्टी के किसी योगी आदित्यनाथ की सरकार  होती ।  कम  से कम  फसूकर डालती  जमुना पर भी पचीस पचास लाख दीपक तो जलाये जाते।</p>
<p>दीपावली की खुशियों को माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र दामोदर दस मोदी जी की कोशिशों ने दोगुना कर दिया है ।  भारत-चीन की सीमा  पर दोनों देशों के सैनिकों  के बीच मिठाइयों का आदान-प्रदान हो रहा है। मोदी जी विदेश नीति  पर ऐसे चल रहे हैं कि पांव फिसलने का कोई खतरा है ही नहीं।।  यदि कनाडा से हमारा बिगाड़ हुआ तो हमने चीन से रिश्ते सुधार लिए । जम्मू-कश्मीर में भले ही आतंकवाद ने नए सर से सर उठाया हो लेकिन हमने पाकिस्तान के साथ बातचीत का नया सिलसिला तो शुरू कर ही दिया।  दीपावली के मौके पर इससे ज्यादा आप किसी प्रधानमंत्री से और क्या अपेक्षा करते हैं।</p>
<p>माननीय प्रधानमंत्री की विदेश नीति  पर सक्रियता को देखते हुए भाजपा ने इस बार महाराष्ट्र चुनाव में मोदी जी को ज्यादा इस्तेमाल न करने का फैसला किया  है।  फैसले के मुताबिक मोदी जी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए पीएम नरेंद्र मोदी - 8 ,अमित शाह - 20 ,नितिन गडकरी - 40 ,देवेंद्र फडणवीस - 50 ,चंद्रशेखर बवांकुले - 40  और माननीय योगी आदित्यनाथ - 15 जनसभाएं करेंगे। भाजपा ने मान लिया है की महारष्ट्र में मोदी बम फोड़ने की जरूरत नहीं है। सबसे ज्यादा देवा भाव की फुलझड़ियां चलेंगी । उनसके पीछे अपने  नितिन  गडकरी  के अनार  चलाये  जायेंगे।</p>
<p>बटोगे तो कटोगे का नारा देने वाले योगी जी को केवल 15  बार ये नारा लगाने की इजाजत दी गयी है। वैसे भी महाराष्ट्र में भाजपा और कांग्रेस को छोड़ सभी राजनितिक दल  पहले ही आपस में बंट -कट  चुके   हैं।  इण्डिया गंठबंधन भी बिखरा-बिखरा दिखाई दे रहा है। कुलजमा लब्बो-लुआब ये है कि  देश में चारों  तरफ अमन है -चैन है। डॉन  है ,डैन है। कोई मणिपुर नहीं है, कोई चुनौती नहीं है। सब तरफ सद्भाव है ।  रौशनी है ।  पटाखे हैं। कटोगे तो बाटोगे के भयावह नारे हैं। आप इन्हें कड़ाबीन समझ लीजिये। आप सभी को दीपावली की कोटि-कोटि शुभकामनाएं।<br /><strong> राकेश अचल </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 Nov 2024 16:32:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
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                <title>सीसामऊ विधानसभा सपा प्रत्याशी नसीम सोलंकी की चुनावी रणनीति को लेकर इंडिया गठबंधन की संयुक्त बैठक</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>कानपुर। </strong> शनिवार समाजवादी पार्टी सीसामऊ विधानसभा क्षेत्र की प्रत्याशी नसीम सोलंकी की चुनाव रणनीति को लेकर इंडिया गठबंधन की संयुक्त बैठक महानगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद की अध्यक्षता में आज सपा कार्यालय नवीन मार्केट में आरंभ हुई जिसमें विशेष रूप से कांग्रेस महानगर अध्यक्ष नौशाद आलम मंसूरी के अलावा लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी आलोक मिश्रा तथा सांसद सी पी एम  सुभाषिनी अली मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। बैठक में सर्वसम्मत से तय हुआ कि गठबंधन की सपा प्रत्याशी को चुनाव में भारी मतों से विजय बनाने के लिए सीसामऊ विधान सभा के सभी 48 मतदान केद्रों पर गठबंधन के सभी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/145777/joint-meeting-of-india-alliance-regarding-the-election-strategy-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-10/img-20241026-wa0275.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>कानपुर। </strong> शनिवार समाजवादी पार्टी सीसामऊ विधानसभा क्षेत्र की प्रत्याशी नसीम सोलंकी की चुनाव रणनीति को लेकर इंडिया गठबंधन की संयुक्त बैठक महानगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद की अध्यक्षता में आज सपा कार्यालय नवीन मार्केट में आरंभ हुई जिसमें विशेष रूप से कांग्रेस महानगर अध्यक्ष नौशाद आलम मंसूरी के अलावा लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी आलोक मिश्रा तथा सांसद सी पी एम  सुभाषिनी अली मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। बैठक में सर्वसम्मत से तय हुआ कि गठबंधन की सपा प्रत्याशी को चुनाव में भारी मतों से विजय बनाने के लिए सीसामऊ विधान सभा के सभी 48 मतदान केद्रों पर गठबंधन के सभी दल अपनी युवा टीमों के साथ कार्य करेंगे। बैठक में यह भी तय हुआ कि इंडिया गठबंधन की समन्वय चुनाव संचालन समिति अभिलंब गठित कर उसकी बैठक दीपावली के पूर्व करके तैयारी को अमली जामा पहनाया जाए ताकि 15 वार्डों में विधिवत कार्य संचालन हो सके।</div>
<div> </div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-10/img-20241026-wa0274.jpg" alt="IMG-20241026-WA0274" width="1280" height="960"></img>सपा प्रदेश चुनाव प्रभारी पूर्व मंत्री राजेंद्र कुमार विधायक ने आज मलिन बस्ती समन्वय समिति के साथ अलग चुनाव की तैयारी आरंभ कर दी है जिसमे मुख्य रूप से जालौन सांसद नारायण दास अहिरवार जी मौजूद रहे। प्रदेश सपा नेता पूर्व एम एल सी सुनील यादव साजन ने कहा कि महानगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद ने इंडिया गठबंधन की संयुक्त बैठक बुलाकर जो कार्य आरंभ कर सबको एकत्र किया उससे पूर्व क्षेत्र में परिवर्तन की लहर चल रही है।महानगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद ने आगे कहा कि 29 अक्टूबर तक चुनाव संचालन समिति का गठन हो जाएगा और 30 अक्टूबर को बैठक आयोजित की जाएगी।</div>
<div> </div>
<div>संचालन महासचिव संजय सिंह बंटी सेंगर ने किया। जिसमें प्रमुख रूप से सह प्रभारी सुनील सिंह साजन ,सह प्रभारी प्रेम प्रकाश वर्मा ,पूर्व सांसद सुभाषनी अली ,पूर्व लोकसभा प्रत्याशी आलोक मिश्रा, विधायक अमिताभ बाजपेई ,पूर्व विधायक संजीव दरियाबादी ,आप से मुशीर सिद्दीकी , कांग्रेस से विकास अवस्थी ,आप से मो शाहिद ,काग्रेस से जय प्रकाश पाल ,कुतुबुद्दीन मंसूरी ,सरताज अनवर ,वरिष्ठ उपाध्यक्ष शैलेंद्र यादव मिन्टू आदि गणमान्य लोग मौजूद रहे। </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 27 Oct 2024 16:35:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इण्डिया गठबंधन ने किया केजरीवाल की गिरफ्तारी का विरोध</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>मीरजापुर ।</strong> इण्डिया गठबंधन के बैनर तले सपा, कांग्रेस व आम आदमी पार्टी ने कलेक्टेªट में दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल की गिरफ्तारी व उनके गिरते हुये स्वास्थ्य को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा केजरीवाल को जल्द से जल्द रिहा नही किया गया तो इण्डिया गठबंधन के कार्यकर्ता सड़क से लेकर संसद तक प्रदर्शन करने के लिये बाध्य होंगे। इस मौके पर सपा जिलाध्यक्ष देवी प्रसाद चौधरी ने कहा कि भाजपा सरकार अरविन्द केजरीवाल की जल्द से जल्द रिहाई करें अन्यथा इसका परिणाम अत्यन्त भयंकर होगा। उन्होने कहा कि यह सरकार जनविरोधी है।</div>
<div>  </div>
<div>जनता से किये</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/143653/india-alliance-protested-against-kejriwals-arrest"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-07/11..,,,...,-(1).jpg" alt=""></a><br /><div><strong>मीरजापुर ।</strong> इण्डिया गठबंधन के बैनर तले सपा, कांग्रेस व आम आदमी पार्टी ने कलेक्टेªट में दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल की गिरफ्तारी व उनके गिरते हुये स्वास्थ्य को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा केजरीवाल को जल्द से जल्द रिहा नही किया गया तो इण्डिया गठबंधन के कार्यकर्ता सड़क से लेकर संसद तक प्रदर्शन करने के लिये बाध्य होंगे। इस मौके पर सपा जिलाध्यक्ष देवी प्रसाद चौधरी ने कहा कि भाजपा सरकार अरविन्द केजरीवाल की जल्द से जल्द रिहाई करें अन्यथा इसका परिणाम अत्यन्त भयंकर होगा। उन्होने कहा कि यह सरकार जनविरोधी है।</div>
<div> </div>
<div>जनता से किये गये वादे चुनावी वादे होते है जो चुनाव बाद भाजपा भूल जाती है और आम जनमानस के भावनाओं से खिलवाड़ करती है।  पूर्व सांसद डा0 रमेश चन्द्र बिन्द ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री को गिरफ्तार कर जेल में डाला गया है। आने वाले चुनाव में जनता इन्हे सबक सिखाकर सत्ता से हटाने में कोई कोर कसर नही छोड़ेगी। इस मौके पर आप पार्टी के जिलाध्यक्ष बबऊ सिंह, मुन्नी यादव, झल्लू यादव, रोहित शुक्ला ‘‘लल्लू‘‘, दामोदर मौर्या, अमिताभ पाण्डेय, सुनील पाण्डेय, राजन पाठक, बब्बू चमार, मेवालाल प्रजापति, परवीन बानो, अरशद, राजधर दूबे, दीना प्रजापति, राकेश यादव, मनोज चौहान, रामजी चौहान समेत सैकड़ो इण्डिया गठबंधन के कार्यकर्ता व पदाधिकारी मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 31 Jul 2024 16:27:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हिंदुओं का अपमान बर्दाश्त नहीं: राजेश निर्मल</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>लालगंज (रायबरेली)। </strong>कांग्रेस पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष रायबरेली से सांसद राहुल गांधी की बयान बाजी से आक्रोशित भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को  पुतला फूंका। मौजूद कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए नाराजगी व्यक्त की। भाजपा के मंडल महामंत्री राजेश निर्मल ने कहा कि हिंदू कभी भी हिंसक नहीं रहा है। हिन्दू सदैव सत्य के रास्ते पर चला है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी अल्पसंख्यकों को खुश करने के लिए हिंदुओं को हिंसक और झूठा बता रहे हैं। हिंदू धर्म के मान बिंदुओं पर लगातार हमला बोल रहे हैं।</div>
<div>  </div>
<div>हिंदू देवी देवताओं के खिलाफ बोलना इंडिया गठबंधन के लोगों</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/142826/rajesh-nirmal-will-not-tolerate-insult-to-hindus"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-07/img-20240704-wa0382.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>लालगंज (रायबरेली)। </strong>कांग्रेस पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष रायबरेली से सांसद राहुल गांधी की बयान बाजी से आक्रोशित भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को  पुतला फूंका। मौजूद कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए नाराजगी व्यक्त की। भाजपा के मंडल महामंत्री राजेश निर्मल ने कहा कि हिंदू कभी भी हिंसक नहीं रहा है। हिन्दू सदैव सत्य के रास्ते पर चला है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी अल्पसंख्यकों को खुश करने के लिए हिंदुओं को हिंसक और झूठा बता रहे हैं। हिंदू धर्म के मान बिंदुओं पर लगातार हमला बोल रहे हैं।</div>
<div> </div>
<div>हिंदू देवी देवताओं के खिलाफ बोलना इंडिया गठबंधन के लोगों के लिए आम बात हो गई है। भाजपा विधानसभा संयोजक सुशील शुक्ला ने भी हिंदुओं को हिंसक कहे जाने पर गहरी नाराजगी जताई है। यह वह हिंदुस्तान है जहां भगवान राम और कृष्णा ने जन्म लिया है, ऐसे देश के हिंदुओं और भारत माता का अपमान कर राहुल गांधी ने घोर निंदनीय कार्य किया है। मंडल अध्यक्ष मनोज अवस्थी ने कहा कि लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी ने झूठे वादे कर रायबरेली से चुनाव जीता है और जिन हिंदुओं के बल पर सांसद बने हैं। उन्हीं के खिलाफ अनाप-शनाप बकने लगे हैं। ऐसे नेताओं को आगरा के पागलखाने भेजने का काम सरकार को करना चाहिए। इस मौके पर जय शंकर निर्मल हरिशंकर पांडेय, सुरेंद्र गुप्ता, मुन्नीलाल बाजपेई, मृत्युंजय बाजपेई, बीके सिंह, बच्चा लाल,  कैलाश वाजपेई, अनूप पांडे, देवेश शुक्ला, शिवम गुप्ता, केके सिंह, तेज बहादुर, दिवाकर सिंह, अभिषेक त्रिवेदी, विमल धानुक, ओम प्रकाश सोनी आदि लोग मौजूद रहे।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Jul 2024 16:52:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संविधान खतरे में या सिर्फ राजनीति </title>
                                    <description><![CDATA[<div>आज संसद भवन में विपक्ष का एक नया रुप देखने को मिला। इंडी गठबंधन और विपक्ष की अन्य पार्टियों के सांसदों ने जब पहले दिन संसद भवन में प्रवेश किया तो उनके हाथों में संविधान की किताब थी। और वह यह जताने की कोशिश कर रहे थे कि विपक्ष भारत का संविधान बचाने के लिए लड़ रहा है। सोनिया गांधी हों या अखिलेश यादव सभी के हाथों में संविधान था। क्या वास्तव में विपक्ष को संविधान की इतनी चिंता है और क्या वास्तव में एनडीए सरकार संविधान बदलना चाहती है इस पर एक लबी बहस हो सकती है। एनडीए सरकार</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/142458/constitution-in-danger-or-just-politics%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-06/20240624_121437.jpg" alt=""></a><br /><div>आज संसद भवन में विपक्ष का एक नया रुप देखने को मिला। इंडी गठबंधन और विपक्ष की अन्य पार्टियों के सांसदों ने जब पहले दिन संसद भवन में प्रवेश किया तो उनके हाथों में संविधान की किताब थी। और वह यह जताने की कोशिश कर रहे थे कि विपक्ष भारत का संविधान बचाने के लिए लड़ रहा है। सोनिया गांधी हों या अखिलेश यादव सभी के हाथों में संविधान था। क्या वास्तव में विपक्ष को संविधान की इतनी चिंता है और क्या वास्तव में एनडीए सरकार संविधान बदलना चाहती है इस पर एक लबी बहस हो सकती है। एनडीए सरकार ने अपने दस वर्षों के कार्यकाल को पूरा कर लिया है और तीसरी बार वह संसद में पहुंची है। इन दस वर्षों के कार्यकाल की बात करें तो अभी तक संविधान में ऐसा कोई बदलाव नहीं हुआ है जो देश की जनता के लिए हानिकारक हो। हां इसके राजनैतिक कारण हो सकते हैं। वोटरों को लुभाने के लिए बहुत सी बातें कह दी जाती हैं लेकिन उनको पूरा करना इतना आसान नहीं होता है।</div>
<div> </div>
<div> कुछ बदलाव यदि होते भी हैं तो उनको गहराई से देखना होगा क्या इससे वास्तव में भारतीय जनता का कोई अहित हो सकता है। अभी तक ऐसा कुछ भी देखने को नहीं मिला है। एनडीए के पिछले दो कार्यकाल के बाद इस तीसरे कार्यकाल में विपक्ष मजबूत हुआ है। इधर लोकसभा में भारतीय जनता पार्टी को भी अकेले पूर्ण बहुमत हासिल नहीं हुआ है। एनडीए के घटक दलों में कुछ तकरार होती है तो सरकार भी अस्थिर हो सकती है। विपक्ष बस इसी का फायदा उठाने की कोशिश कर रहा है। यह तो राजनीति में चलता रहता है। पिछले दो कार्यकाल में भारतीय जनता पार्टी को अकेले ही प्रचंड बहुमत मिला था और उसके सहयोगी दल केवल हां में हां मिलाते दिखाई देते थे या फिर शांत होकर देखते रहते थे लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। जहां गैर जरूरी लगेगा वहां विपक्ष भी सरकार का विरोध करेगा और सरकार के घटक दल भी असहमति व्यक्त कर सकते हैं। इसलिए इस बार एनडीए को बहुत ही साधकर चलना होगा।</div>
<div> </div>
<div>आज जब अचानक से विपक्ष को संसद में प्रवेश करते समय संविधान की किताबों के साथ देखा तो मानो ऐसा लगा कि यह एक सोची समझी रणनीति है। भारतीय जनता पार्टी पिछले दो कार्यकाल में संविधान में जिन नये कानूनों को लाने की बात करती थी आज विपक्ष शाय़द उसी के बल पर मजबूत हुआ है। जनता में शाय़द यह भ्रम हो गया है कि भारतीय जनता पार्टी वास्तव में संविधान बदलना चाहती है। इसलिए विपक्षी खेमा एकमत हो गया। भारतीय जनता पार्टी की पिछली सरकार ने जिन नये कानूनों को लागू करने की बात कही थी शायद उसमें जनता का कुछ भी बुरा नहीं होना था हां यह अवश्य है कि विपक्ष को इससे नुकसान अवश्य हो सकता था।</div>
<div> </div>
<div>भारतीय जनता पार्टी हिंदू हितों की बात करती है लेकिन अल्पसंख्यक भी देश में उतने ही सुरक्षित हैं जितने कि हिंदू हैं। भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव में कुछ भी बोला हो लेकिन चुनाव के बाद अल्पसंख्यकों को भी पूरे वही अधिकार प्राप्त हैं जो पहले भी थे। लेकिन विपक्ष जनता को यह समझाने में कामयाब हो गया कि भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यकों के अधिकार छीनना चाहती है। विपक्ष अपनी हर जनसभा में लगातार इस बात को दोहराता रहा। विधानसभा की बात हो या लोकसभा सत्र की विपक्ष ने यही आरोप सरकार पर लगाया कि भाजपा अल्पसंख्यक विरोधी है। और भारतीय जनता पार्टी विपक्ष के इन सवालों पर केवल अपना बचाव करती नजर आई। और यही कारण रहा कि भारतीय जनता पार्टी की बातों को विरोधी मतों को एकजुट कर दिया जब कि यहां सिर्फ राजनीति का खेल खेला जा रहा था।</div>
<div> </div>
<div>हिंदू हितों की रक्षा करने वाली एनडीए की सरकार ने कभी यह बात नहीं कही कि वह अल्पसंख्यकों के अधिकार छीन लेगी। भारतीय जनता पार्टी हमेशा कहती रही कि वह सभी धर्मों का सम्मान करती है और किसी भी धर्म के अधिकार छीनने का उसका कोई मकसद नहीं है हां लेकिन वह साथ में यह भी एजेंडा चलाती रही कि वह हिंदुत्व का अहित नहीं होने देगी और यह कहने में कोई बुराई भी नहीं है। जनता केवल राजनीति में गुमराह होती है। सदन में इस बार विपक्ष तगड़ा है। कांग्रेस पार्टी दहाई अंकों को पीछे छोड़ कर सैकड़ा पर पहुंची है। समाजवादी पार्टी जिसके पिछले सदन में सिर्फ पांच सांसद थे आज वह 37 की संख्या पर पहुंची है। इसलिए यह निश्चित है कि इस बार जितने भी सत्र होंगे हंगामे दार होंगे और आज विपक्ष ने यह जाहिर भी कर दिया जब वह संविधान की किताबों को लेकर संसद भवन पहुंचे।</div>
<div> </div>
<div>आज भी देश की आधी आबादी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी में आस्था है लेकिन भारतीय जनता पार्टी हिंदूत्ववादी पार्टी बनने के चक्कर में विपक्ष को एक करती चली गई और इसका खामियाजा उसे लोकसभा चुनाव में भुगतना पड़ा। जबकि विपक्ष जो कुछ भी कर रहा है यह केवल एक राजनैतिक रणनीति है जो उसे कामयाब होती दिखाई दे रही है। सरकार के फैसले यदि अच्छे होते हैं तो कुछ फैसलों में कमियां भी नजर आती हैं और विपक्ष उन्हीं कमियों को निशाना बनाता है। भारतीय जनता पार्टी आज भी देश की सबसे बड़ी पार्टी है। और यह निश्चित है कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व तक कोई उसको नंबर दो पर नहीं पहुंचा सकता। लेकिन इस तरह का दिखावा जो आज संसद भवन में दिखाई दिया यह केवल एक राजनैतिक स्टंट ही मालूम पड़ता है। संविधान न भाजपा के पिछले दो कार्यकाल में ख़तरे में था और न आगे ख़तरे में होगा। भारत का संविधान इतना कमजोर नहीं है जिसे आसानी से कोई बदल सके।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Jun 2024 15:34:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंडिया गठबंधन प्रत्याशी के समर्थन में उतरा शिक्षक सभा संगठन।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>कोराव,प्रयागराज। </strong>समाजवादी पार्टी इकाई प्रयागराज के शिक्षक सभा के जिला अध्यक्ष गोविंद प्रसाद भूर्तिया के नेतृत्व में एक विशाल शिक्षकों का प्रतिनिधि मंडल कु.उज्ज्वल रमण सिंह से मिला और शिक्षकों के साथ हो रहे सौतेले व्यवहार एवं मुख्य परेशानियों के बारे में बतलाया। जिसमें सभी शिक्षकों द्वारा एक स्वर में गठबंधन प्रत्याशी कु. उज्जवल रमण सिंह के पक्ष में एकत्रित होकर मतदान करने की बात कही गई।</div>
<div>  </div>
<div>  समाजवादी शिक्षक सभा के जिला अध्यक्ष द्वारा बतलाया गया कि वर्तमान सरकार में ऐसी कोई भी भर्ती नहीं हुई जिसके पेपर परीक्षा से पहले लीक ना हुई हो। प्रतियोगी छात्रों की उम्र</div>
<div> </div>
<div>उक्त</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/140894/teachers-sabha-organization-came-out-in-support-of-india-alliance"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/img-20240505-wa0196.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>कोराव,प्रयागराज। </strong>समाजवादी पार्टी इकाई प्रयागराज के शिक्षक सभा के जिला अध्यक्ष गोविंद प्रसाद भूर्तिया के नेतृत्व में एक विशाल शिक्षकों का प्रतिनिधि मंडल कु.उज्ज्वल रमण सिंह से मिला और शिक्षकों के साथ हो रहे सौतेले व्यवहार एवं मुख्य परेशानियों के बारे में बतलाया। जिसमें सभी शिक्षकों द्वारा एक स्वर में गठबंधन प्रत्याशी कु. उज्जवल रमण सिंह के पक्ष में एकत्रित होकर मतदान करने की बात कही गई।</div>
<div> </div>
<div> समाजवादी शिक्षक सभा के जिला अध्यक्ष द्वारा बतलाया गया कि वर्तमान सरकार में ऐसी कोई भी भर्ती नहीं हुई जिसके पेपर परीक्षा से पहले लीक ना हुई हो। प्रतियोगी छात्रों की उम्र समाप्त होते जा रहे हैं परंतु कोई भी भर्ती सरकार द्वारा सही ढंग से नहीं संचालित हो सकी।   शिक्षक संघटन ने कहा प्रत्याशी कु. उज्जवल रमण सिंह हम सबके लिए एक आस बनकर आए है। अतः समूचा शिक्षक समाज और मध्यम वर्गीय परिवार, पिछड़ा समाज एक बार फिर से पूर्ण रूपेण गठबंधन प्रत्याशी के पक्ष में मतदान देने के लिए निश्चित हुआ है। </div>
<div> </div>
<div>उक्त मौके पर मुख्य रूप से गुलादत्त भूर्तिया,गोविंद प्रसाद भूर्तिया,ज्ञान चंद्र पटेल,संतोष प्रधान कोल,राधेश्याम भूर्तिया,लाल जी भूर्तिया, एडवोकेट शेसमणि भूर्तिया,राज नारायण भूर्तिया,कमलेश कुमार, कामेश कुमार,भगवती कोल,अमृत कोल,पुष्पराज यादव,दीपक पटेल,रविंद्र जैसल,तेज बहादुर सिंह,अनुज कुशवाहा,धनजय कुशवाहा सहित सैकड़ो की संख्या में लोग मौजूद रहे।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 May 2024 16:26:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंडिया गठबंधन भ्रष्टाचार और घोटालों का काला धब्बाः राज्यमंत्री</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात <br /></strong></p>
<p><strong>बांदा।</strong> इंडिया गठबंधन द्वारा दिल्ली के रामलीला मैदान में की गई रैली को लेकर भाजपा द्वारा मंगलवार को जिला भाजपा कार्यालय में भाजपा द्वारा प्रेस वार्ता करते हुए इंडिया गठबंधन के हर चेहरे को भष्टाचार और घोटालों का काला धब्बा बताते हुए गठबंधन को ठगबंधन करार दिया।</p>
<p>भाजपा जिला अध्यक्ष संजय सिंह की अध्यक्षता में आयोजित पत्रकार वार्ता में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्रदेश सरकार के जलशक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद ने अपने सम्बोधन में कहा कि हम सभी ने दिल्ली के रामलीला मैदान में भ्रष्टाचार के भाईचारे की खुली दूकान देखी। हमने देखा कि भ्रष्टाचारी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/140082/india-alliance-a-black-spot-of-corruption-and-scams-minister"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-04/4.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात <br /></strong></p>
<p><strong>बांदा।</strong> इंडिया गठबंधन द्वारा दिल्ली के रामलीला मैदान में की गई रैली को लेकर भाजपा द्वारा मंगलवार को जिला भाजपा कार्यालय में भाजपा द्वारा प्रेस वार्ता करते हुए इंडिया गठबंधन के हर चेहरे को भष्टाचार और घोटालों का काला धब्बा बताते हुए गठबंधन को ठगबंधन करार दिया।</p>
<p>भाजपा जिला अध्यक्ष संजय सिंह की अध्यक्षता में आयोजित पत्रकार वार्ता में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्रदेश सरकार के जलशक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद ने अपने सम्बोधन में कहा कि हम सभी ने दिल्ली के रामलीला मैदान में भ्रष्टाचार के भाईचारे की खुली दूकान देखी। हमने देखा कि भ्रष्टाचारी किस घमंड से अपने भ्रष्टाचार को सही साबित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं कि “भ्रष्टाचार हटाओ“, मगर इंडिया गठबंधन के नेता कहते हैं कि भ्रष्टाचारी  को बचाओ।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन के नेता प्रधानमंत्री मोदी जी पर चाहे जितने भी हमले कर लें, मोदी जी रुकने वाले नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी के लिए देश की 140 करोड़ जनता उनका परिवार है और मोदी जी अपने परिवार को भ्रष्टाचारियों से बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। जिसने देश को लूटा है, उसे लौटाना ही पड़ेगा। इंडिया गठबंधन घोटालेबाजों की बारात है जहां सब देश को लूटना चाहते हैं और यह भी चाहते हैं कि उनके भ्रष्टाचार पर चर्चा न हो।</p>
<p>आम आदमी पार्टी कहती है कि केजरीवाल की गिरफ्तारी के विरोध में यह रैली हो रही, जबकि कांग्रेस कहती है कि यह किसी व्यक्ति के समर्थन में नहीं बल्कि पूरे गठबंधन की रैली है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी दिल्ली में तो इलू इलू कर रही है लेकिन पंजाब में “हम आपके हैं कौन“ हो रहा है। पश्चिम बंगाल में ममता ने साथ में लड़ने से इंकार कर दिया है। इंडिया गठबंधन के पार्टनर सपा के भ्रष्टाचार को देश भली भांति जानता है और इनके परिवारवाद से पीड़ित उत्तर प्रदेश की जनता इन्हें कभी भुला नहीं सकती।</p>
<p>वहीं कांग्रेस पर आकाश से लेकर पाताल तक और आजादी से लेकर आज तक घोटाले ही घोटाले के आरोप हैं। इनका शीर्ष नेतृत्व 5000 करोड़ रुपए के घोटाले में जेल से बेल पर चल रहा है।विपक्षी पार्टियों का भ्रष्टाचार ही शिष्टाचार बन गया है। मामला कोर्ट में हो तब भी इन्हें चिल्लाना है। कोर्ट में दलीलें काम नहीं आती तो बाहर हो हल्ला मचाते हैं। सनातन धर्म और रामचरित मानस पर आपत्तिजनक टिप्पणी करना इनकी सेकुलर परिभाषा बन चुकी है।</p>
<p>अपने नाम में समाजवादी लेकर चलने वाली इस पार्टी के शीर्ष नेता को समाज और जनता नहीं सिर्फ अपने परिवार की चिंता है। निषाद ने आम आदमी पार्टी से पूछा कि शराब घोटाले में कोर्ट उनके नेताओं को जमानत क्यों नहीं दे रहा। जब 9 बार समन गया तो केजरीवाल पेश क्यों नहीं हुए ? क्या वे यह चाहते थे कि जानबूझ कर मामला चुनाव तक जाए और वे गिरफ्तारी पर विक्टिम कार्ड खेल सकें।</p>
<p>जिला मीडिया प्रभारी आनन्द स्वरूप द्विवेदी के संचालन में आयोजित प्रेस वार्ता में जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील पटेल, बांदा-चित्रकूट लोकसभा चुनाव संयोजक बालमुकुंद शुक्ला, जिला उपाध्यक्ष डा. धर्मेन्द्र त्रिपाठी, निर्वाचन संबंधी मामलों के जिला संयोजक उत्तम सक्सेना, सोशल मीडिया जिला संयोजक निखिल सक्सेना, कार्यालय प्रभारी दिलीप तिवारी,धीरेंद्र सिंह धीरू उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>लोक सभा चुनाव</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Apr 2024 17:30:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विपक्षी गठबंधन का रामलीला मैदान से पाॅवर गेम का आगाज, महारैली में जुटे मोदी के खिलाफ तमाम नेता</title>
                                    <description><![CDATA[<p>स्वतंत्र प्रभात। एसडी सेठी।</p>
<p><strong>दिल्ली।</strong> आम आदमी पार्टी के संयोजक व दिल्ली  सीएम अरविंद केजरीवाल को ईडी की गिरफ्तारी के खिलाफ तमाम विपक्षी गठबंधन के नेताओ ने रविवार को रामलीला मैदान से पीएम मोदी के कथित तानाशाही रवैये के खिलाफ  महारैली कर अपनी ताकत का ज़बरदस्त प्रदर्शन किया।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-04/screenshot_20240331_191442_facebook.jpg" alt="Screenshot_20240331_191442_Facebook" /></p>
<p>सभी नेताओ ने एक स्वर से वहां  मौजूद लोगों से लोकतान्त्रिक व्यवस्था को कायम रखने का अहवाहन किया गया। इस महारैली में कांग्रेस के नेता राहुल गांधी, सोनिया गांधी, अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे, केजरीवाल की पत्नि सुनीता केजरीवाल, फारूख अब्दुल्लाह, महबूबा मुफ्ती,लालू पुत्र तेजस्वी यादव,उद्धव ठाकरे,अखिलेश यादव,सीताराम येचुरी,पंजाब सीएम भगवंत मान,डेरेक ओ ब्रायन,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/139986/opposition-alliances-power-game-starts-from-ramlila-maidan-all-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-04/screenshot_20240331_154705_chrome.jpg" alt=""></a><br /><p>स्वतंत्र प्रभात। एसडी सेठी।</p>
<p><strong>दिल्ली।</strong> आम आदमी पार्टी के संयोजक व दिल्ली  सीएम अरविंद केजरीवाल को ईडी की गिरफ्तारी के खिलाफ तमाम विपक्षी गठबंधन के नेताओ ने रविवार को रामलीला मैदान से पीएम मोदी के कथित तानाशाही रवैये के खिलाफ  महारैली कर अपनी ताकत का ज़बरदस्त प्रदर्शन किया।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-04/screenshot_20240331_191442_facebook.jpg" alt="Screenshot_20240331_191442_Facebook"></img></p>
<p>सभी नेताओ ने एक स्वर से वहां  मौजूद लोगों से लोकतान्त्रिक व्यवस्था को कायम रखने का अहवाहन किया गया। इस महारैली में कांग्रेस के नेता राहुल गांधी, सोनिया गांधी, अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे, केजरीवाल की पत्नि सुनीता केजरीवाल, फारूख अब्दुल्लाह, महबूबा मुफ्ती,लालू पुत्र तेजस्वी यादव,उद्धव ठाकरे,अखिलेश यादव,सीताराम येचुरी,पंजाब सीएम भगवंत मान,डेरेक ओ ब्रायन, चंपई सोरेन, समेत अन्य विपक्षी नेता भी मौजूद थे।</p>
<p> </p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-04/img-20240331-wa0060.jpg" alt="IMG-20240331-WA0060"></img></p>
<p>सभी विपक्षी नेताओ ने एक स्वर से लोगों को मोदी की तानाशाही को उखाड फेकने का अहवाहन किया। राम लीला मैदान के बडे मंच से केजरीवाल की पत्नि सुनीता केजरीवाल  ने पहली बार अपने संबोधन  में पार्टी के कार्यकर्ताओ में अपनी उपस्थिति का अहसास करा दिया। रविवार अल सुबह से ही आम आदमी पार्टी के हजारों पदाधिकारी ,कार्यकर्ता ,विधायक, पार्षदों ने  बसों में भरकर रामलीला मैदान का रूख कर दिया था।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-04/screenshot_20240331_155350_youtube.jpg" alt="Screenshot_20240331_155350_YouTube"></img> बसों में कार्यकर्ताओ के द्वारा भगत सिंह का गीत मेरा रंग दे बसंती चोला के तराने गाते हुए जोश भरे नारे लगा रहे थे। जेल के ताले टूटेगें,केजरीवाल छूटेगें, हम चट्टानों से टकराने आए हैं,हम देश बचाने आए हैं। हम निकल पडे हैं अपने सच्चे और इमानदार नेता अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के खिलाफ हुंकार भरने।अब आएगी ऐसी आंधी जो तानाशाह को हिला कर रख देगी। रैली में सुनीता केजरीवाल के संबोधन से एक बात तो तय हो गई है कि केजरीवाल की अनुपस्थित में सुनीता केजरीवाल ने मोर्चा संभाल लिया है। वह आने वाले वक्त में दिल्ली की सीएम की गद्दी को संभालने जा रही है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Apr 2024 17:22:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केजरीवाल की गिरफ्तारी के खिलाफ इंडी गठबंधन की महारैली क्या दोहराएगी अन्ना-जेपी का इतिहास</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात।  एसडी सेठी। </strong></p>
<p>आम आदमी पार्टी और कांग्रेस समेत इंडी गठबंधन  समूह के तमाम दलों की कल रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में महारैली का आयोजन किया गया है। ये महारैली समूह साथी दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की ईडी द्वारा कथित शराब घोटाले को लेकर गिरफ्तारी पर पीएम नरेंद्र  मोदी  के खिलाफ बगावती आवाज बुलंद की जाएगी। आप व कांग्रेस नेताओ का दावा है कि यह महारैली अन्ना और जेपी आंदोलन के इतिहास को दोहराएगी।इस महारैली में इंडिया गठबंधन के कई बडे नेता रामलीला मैदान की  इस एतिहासिक रैली में शामिल रहेगें।</p>
<p>महारैली के आयोजन की  पूरी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/139958/will-indi-alliances-mega-rally-against-kejriwals-arrest-repeat-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-03/screenshot_20240330_194747_google.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात।  एसडी सेठी। </strong></p>
<p>आम आदमी पार्टी और कांग्रेस समेत इंडी गठबंधन  समूह के तमाम दलों की कल रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में महारैली का आयोजन किया गया है। ये महारैली समूह साथी दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की ईडी द्वारा कथित शराब घोटाले को लेकर गिरफ्तारी पर पीएम नरेंद्र  मोदी  के खिलाफ बगावती आवाज बुलंद की जाएगी। आप व कांग्रेस नेताओ का दावा है कि यह महारैली अन्ना और जेपी आंदोलन के इतिहास को दोहराएगी।इस महारैली में इंडिया गठबंधन के कई बडे नेता रामलीला मैदान की  इस एतिहासिक रैली में शामिल रहेगें।</p>
<p>महारैली के आयोजन की  पूरी जिम्मेदारी आम आदमी पार्टी ने ली है।  रैली में भीड जुटाने के लिए आप ने  शुक्रवार  से ही डोर टू डोर कैंपेन कर लोगों को रामलीला मैदान तक लाने की तैयारी पूरी कर ली है।कैंपस के तहत पार्टी के तमाम सीनियर लीडर,मंत्री, विधायक,पार्षदों समेत जिला मंडल,वार्ड स्तर जाकर लोगों को रैली में आमंत्रित करने के लिए बाकायदा निमंत्रण पत्र तक बांटे गए है।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-03/screenshot_20240330_194945_google.jpg" alt="Screenshot_20240330_194945_Google"></img>हजारों की तादाद में छपवाए गए निमंत्रण पत्र के पीछे  सलाखों के पीछे खडे सीएम केजरीवाल का फोटो भी छपा है। रामलीला मैदान में विपक्ष की रैली रविवार सुबह 9:30 बजे दोपहर 2:00 बजे के बीच आयोजित की जाएगी। रैली में दिल्ली के अलावा हरियाणा और पंजाब समेत अन्य राज्यों से भी समर्थकों के जुटने की उम्मीद है।  कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष  अरविंदर सिंह लवली ने बताया कि करीब 500-600बसों का प्रबंध किया गया है।इंडिया गठबंधन से आने वाले नेताओ में मल्लिकार्जुन खडगे,शरद पवार,उद्धव ठाकरे अखिलेश यादव,तेजस्वी यादव,डेरेक ओ ब्रायन,एन शिवा,फारूख अब्दुला,चंपई सोरेन,सीताराम येचुरी,डी राजा,दीपांकर भट्टाचार्य, देवराज,और पंजाब सीएम भगवंत मान शामिल है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/139958/will-indi-alliances-mega-rally-against-kejriwals-arrest-repeat-the</link>
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                <pubDate>Sun, 31 Mar 2024 17:23:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मैं सरकार, किसानों के बीच मध्यस्थता को तैयारः जयंत</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong><br /><strong>मथुरा। </strong>इंडिया गठबंधन के पुराने साथियों का साथ छोड़ने के बाद पहली बार मथुरा आये राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में वोटिंग को लेकर हमारी पार्टी के सभी विधायक यहां एकत्रित हुए हैं। हमने एक मत से फैसला लिया है और सभी विधायक पार्टी के साथ हैं। यह जग जाहिर हो चुका है कि हम अब इंडिया गठबंधन के साथ नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार और किसानों के बीच मध्यस्थता के लिए तैयार हैं। अगर उन्हें वहां भेजा जाता है तो वह जाने के लिए तैयार हैं।</p><p>10 साल हम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/138923/i-government-is-ready-to-mediate-between-farmers-jayant"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-02/25pli011.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong><br /><strong>मथुरा। </strong>इंडिया गठबंधन के पुराने साथियों का साथ छोड़ने के बाद पहली बार मथुरा आये राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में वोटिंग को लेकर हमारी पार्टी के सभी विधायक यहां एकत्रित हुए हैं। हमने एक मत से फैसला लिया है और सभी विधायक पार्टी के साथ हैं। यह जग जाहिर हो चुका है कि हम अब इंडिया गठबंधन के साथ नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार और किसानों के बीच मध्यस्थता के लिए तैयार हैं। अगर उन्हें वहां भेजा जाता है तो वह जाने के लिए तैयार हैं।</p><p>10 साल हम विपक्ष में थे, प्रखर जिस मुद्दे का विरोध हम ने किया था सभी राजनीतिक दलों में रालोद के कार्यकर्ता सडक पर थे। किसान आंदोलन पर कहा कि किसानों की समस्याओं का हल निकलना चाहिए। कई दौर की बातचीत हो चुकी है। पिछली बार बहुत लम्बे समय तक आंदोलन चलता रहा। सरकार और किसानों के बीच उस तरह का संवाद स्थापित नहीं हो पाया था। कुछ ही दिन में कई बार बडे बडे मंत्रियों को वहां भेजा गया है। पंजाब सरकार के मुख्यमंत्री को भी बैठक में शामिल किया गया है। तो यह सिर्फ एक पार्टी तक सीमित नहीं है। विभिन्न राज्यों की सरकारों से भी राय ली जा रही है, कि किस तरह से हल निकाला जा सकता है। मथुरा से चुनाव लडने के सवाल पर कहा कि अब तक ऐसा कोई निर्णय उन्होंने नहीं लिया है और नहीं इस बारे में अभी कुछ सोचा गया है। जब गठबंधन की घोषणा हो जाएगी तब सीट वाइज हम चर्चा करेंगे।</p><p>भाजपा के साथ जाने पर कहा कि कुछ तो हद्य परिवर्तन हुआ है। सरकार और विपक्ष के बीच में विपक्ष की एक जिम्मेदार होती है कि सरकार की कमियों को उजागर करें, वहीं हमारी नैतिकता थी। उन्होंने जाट नेता होने के सवाल पर कहा कि रालोद जाटों की पार्टी नहीं है। मैं इस बात को दोहरा कर थक चुका हूं फिर मेरी बात को अलग अलग ढंग से दिखाया जाता है। हम किसानों, मजदूरों और नौजवानों की आकांक्षाओं को आगे बढ़ाने के लिए मेहनत करते हैं।<br /><br /><strong>यहा रहा जयंत चौधरी का कार्यक्रम</strong><br />रविवार को राज्यसभा सांसद रालोद मुखिया जयंत चौधरी आज मथुरा पहुंचे। जहां उन्होंने अपने आवास पर विधायकों के साथ में मीटिंग की, इसके बाद सिविल लाइन एरिया में चल रहे धनगर समाज के अनिश्चितकालीन चल रहे धरने में जयंत चौधरी शामिल हुए। जयंत चौधरी की मीटिंग में 10 विधायक शामिल हुए हैं, इनमें थाना भवन से विधायक अशरफ अली, शामली से प्रसन्न चौधरी, बुढ़ाना से राजपाल तालियांन, पुरकाजी से अनिल कुमार, मीरापुर से चंदन चौहान, शिवाल गुलाब मोहम्मद, छपरौली से अजय कुमार, सादाबाद से प्रदीप चौधरी, खतौली से मदन भैया और भरतपुर से सुभाष गर्ग आदि शामिल हुए।<br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 26 Feb 2024 14:37:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इ.डि.या. गठबंधन में ये क्या चल रहा है</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  </p>
<div><strong>                                            -- जितेन्द्र सिंह वरिष्ठ पत्रकार</strong></div>
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<div>भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ जब इंडिया गठबंधन बना तो सबको यह उम्मीद थी कि यह गठबंधन ज़रूर अच्छी टक्कर देगा। लेकिन कुछ मीटिंग के बाद ही घटक दलों के नेता अपना अपना राग अलापने लगे। इधर भारतीय जनता पार्टी ने राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को इतना भव्य बना दिया कि विपक्ष का प्रत्येक नेता कुछ भी बोलने से बच रहा है। और यह सच भी है जब देश की बहुसंख्यक समुदाय रामजन्म भूमि का इतना बड़ा उत्सव मना रहा है तो कोई भी पार्टी बहुसंख्यक समाज के विपरीत जाने का दुस्साहस नहीं</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/138027/what-is-going-on-in-india-alliance"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-01/india_2-sixteen_nine.png" alt=""></a><br /><p> </p>
<div><strong>                      -- जितेन्द्र सिंह वरिष्ठ पत्रकार</strong></div>
<div> </div>
<div>भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ जब इंडिया गठबंधन बना तो सबको यह उम्मीद थी कि यह गठबंधन ज़रूर अच्छी टक्कर देगा। लेकिन कुछ मीटिंग के बाद ही घटक दलों के नेता अपना अपना राग अलापने लगे। इधर भारतीय जनता पार्टी ने राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को इतना भव्य बना दिया कि विपक्ष का प्रत्येक नेता कुछ भी बोलने से बच रहा है। और यह सच भी है जब देश की बहुसंख्यक समुदाय रामजन्म भूमि का इतना बड़ा उत्सव मना रहा है तो कोई भी पार्टी बहुसंख्यक समाज के विपरीत जाने का दुस्साहस नहीं कर सकती। कांग्रेस भले ही इंडिया गठबंधन की मजबूती के तमाम प्रयास कर रही हो लेकिन उनके अपने नेताओं के सुर भी अलग जा रहे हैं।‌ पार्टी के नेता आचार्य प्रमोद कृष्णन का मानना है कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक कांग्रेस ही भारतीय जनता पार्टी को टक्कर दे सकती है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि किसी को राममंदिर के खिलाफ नहीं बोलना चाहिए। और समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन को तो उन्होंने पूरी तरह से ठुकरा दिया। उन्होंने कहा है कि समाजवादी पार्टी पर अयोध्या में राम मंदिर मामले का श्राप लगा है। कांग्रेस को सपा से गठबंधन करके उस श्राप का भागीदार नहीं बनना चाहिए। कांग्रेस आलाकमान कुछ और चाह रहा है जब कि उसके नेता कुछ और। इधर समाजवादी पार्टी भी खामोश नजर आ रही है।</div>
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<div>उलझन में है कि कांग्रेस से गठबंधन किया जाए या नहीं क्योंकि समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को जितनी सीट देना चाहती है शायद कांग्रेस इतनी सीटों पर तैयार नहीं होगी। आचार्य प्रमोद कृष्णन का मानना है कि कांग्रेस को उत्तर प्रदेश की सभी 80 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहिए। यह सच है कि जब भी गठबंधन होता है तो वहां पार्टी का संगठन कमजोर होता है जिस सीट से दूसरी पार्टी का नेता चुनाव में होता है उस सीट पर अन्य घटक दलों के कार्यकर्ताओं का उत्साह कम हो जाता है। आचार्य प्रमोद कृष्णन पार्टी लाइन से अलग विचार व्यक्त कर रहे हैं। बीच में तो ऐसा संशय हो रहा था कि क्या प्रमोद कृष्णन भारतीय जनता पार्टी में जाने का मन बना रहे हैं। आचार्य का कहना है कि कांग्रेस को अकेले दम पर प्रियंका गांधी के नेतृत्व में चुनाव में उतरना चाहिए। और वैसे भी देखा जाए तो यह मांग पार्टी नेताओं द्वारा काफी समय से हो रही है। कांग्रेस को यदि फिर से पटरी पर आना है तो कुछ बदलाव तो करने होंगे। यह सीख उन्हें भारतीय जनता पार्टी से लेना चाहिए। कि वह समय समय पर परिवर्तन के पक्ष में दिखाई देती है।</div>
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<div>                 यदि उत्तर प्रदेश की बात की जाए तो अभी हाल ही में राम मंदिर को लेकर सपा काफी सतर्क हो गई है। उनके नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपने बयानों से जो फजीहत कराई है वह शायद दूसरा कोई नहीं कर सकता। अखिलेश यादव के भी कुछ बयान ग़लत आएं हैं। अयोध्या में जो राम मंदिर का कार्यक्रम हो रहा है वह सर्व मान्य है हम देश की अधिकांश जनता के खिलाफ अपने विचार नहीं थोप सकते। वैसे भी अयोध्या मुद्दे पर राम भक्तों पर गोली चलाने का आरोप समाजवादी पार्टी पर है। वह बात अलग है कि वह कांड किस परिस्थिति में हुआ था। इधर डिंपल यादव के बयान बहुत सोचे समझे आ रहे हैं। सूत्रों से पता चला था कि डिंपल यादव ने स्वामी प्रसाद मौर्य को अयोध्या मुद्दे पर शांत रहने की नसीहत दी थी।</div>
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<div>उसके बाद उन्होंने कहा कि हम भी राम जी के भक्त हैं और उनको बहुत मायने हैं। उत्तर प्रदेश में विपक्ष में जो फूट है वह सीधे सीधे कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच दिखाई दे रही है और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समाजवादी पार्टी के पक्ष में खड़े दिखाई दे रहे हैं। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी कांग्रेस को 10 सीटों के अंदर सीमित रखना चाहती है। जो कि कांग्रेस नेताओं के गले नहीं उतर रही है। कांग्रेस चाह रही है कि उसको अधिक से अधिक सीटें मिले और समाजवादी पार्टी के सहयोग से वह उत्तर प्रदेश में अपने आप को फिर से स्थापित कर सके। लेकिन अखिलेश यादव पिछले लोकसभा चुनाव को भूले नहीं हैं जब बहुजन समाज पार्टी से गठबंधन कर सपा को केवल 5 सीटों पर विजय प्राप्त हुई थी वहीं बहुजन समाज पार्टी के 10 प्रत्याशी जीते थे।‌ जब कि उसके बाद हुऐ विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी ने अकेले लड़ने का फैसला किया और वह यहां साफ हो गई। बसपा का केवल एक प्रत्याशी विधानसभा में पहुंचा। इसका सीधा कारण है कि लोकसभा चुनाव में सपा का वोट तो बसपा में ट्रांसफर हो गया लेकिन बसपा अपना वोट सपा में ट्रांसफर कराने में नाकामयाब रही।</div>
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<div>                        बिहार में नीतीश कुमार अब पूरी तरह से शांत दिखाई दे रहे हैं जब कि इंडिया गठबंधन के प्रयास नितीश कुमार के द्वारा ही किये गये थे। नितीश का मानना था कि राहुल गांधी की इमेज ठीक नहीं है। और उनको गठबंधन का नेता चुना जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हो सका। और नितीश कुमार दिल्ली में हुई बैठक के बाद बिना कुछ बोले शांत तरीके से पटना चले गए। हालांकि बाद में कांग्रेस आलाकमान ने नितीश कुमार को दिल्ली बुलाकर बात चीत की। लेकिन अब वह उत्साह नहीं दिखाई दे रहा है जो पहले दिखाई दे रहा था। आरजेडी शांत है क्योंकि वह भले ही लोकसभा चुनाव में गठबंधन के साथ हो उसका पूरा ध्यान राज्य की राजनीति में लगा हुआ है। तेजस्वी यादव जानते हैं कि नितीश अब बहुत समय राजनीति नहीं कर सकते तो बिहार की कमान उनके हाथों में आ जाएगी। तेजस्वी यादव बिल्कुल नितीश के भतीजे के रुप में कार्य कर रहे हैं। और उन्हीं की हां में हां मिला रहे हैं। वह जानते हैं कि नितीश कुमार बहुत ही परिपक्व नेता हैं और उनसे विरोध करके या उनके विपरीत जाकर कुछ हासिल नहीं हो सकता। बिहार में भी कांग्रेस सम्मानजनक सीटें चाहती है। कांग्रेस का जो हाल उत्तर प्रदेश में है लगभग वही बिहार में है। इन दोनों राज्यों में कांग्रेस के पास ऐसे नेता नहीं हैं जो अकेले दम पर एक सीट पर भी विजय हासिल कर सकें। इसलिए कांग्रेस आलाकमान इन दो राज्यों में बिना गठबंधन के चुनाव में नहीं उतरना चाहता है। भले ही उनकी पार्टी के अन्य नेता कुछ भी कहते रहें।</div>
<div> </div>
<div>                      दक्षिण भारत और राजस्थान छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश में कांग्रेस की स्थिति ठीक है वह वहां अच्छा प्रदर्शन कर सकती है। वहां किसी अन्य पार्टी का हस्तक्षेप भी नहीं है। कांग्रेस को इन राज्यों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वाकी के राज्यों को अपने सहयोगी दलों के लिए छोड़ देना चाहिए तब ही विपक्ष भारतीय जनता पार्टी का सामना कर सकता है। नहीं तो वही हाल होने हैं जो अब तक चुनाव दर चुनाव होते आए हैं। दिल्ली और पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार है और वह लोकसभा में कैसा प्रदर्शन करती है यह आने वाला समय ही बताएगा। लेकिन केजरीवाल के लिए यह अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगी। क्यों कि दिल्ली के विधानसभा चुनाव भी दूर नहीं हैं। दिल्ली की जनता का मूड अलग तरह का रहता है। दिल्ली की जनता विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को प्रचंड बहुमत देती है वहीं लोकसभा के लिए एक भी सीट नहीं देती है। पंजाब विधानसभा चुनाव के बाद यह पहला चुनाव है और अब यह देखना होगा कि पंजाब की जनता आम आदमी पार्टी से खुश है कि नहीं। महाराष्ट्र में एनसीपी और शिव सेना अपने आप से ही जूझ रही है। दोनों पार्टियां टूट चुकी हैं। और टूटे हुए घटक सरकार में शामिल हैं। वहां शरद पवार और उद्धव ठाकरे के लिए यह परीक्षा का समय होगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jan 2024 19:06:35 +0530</pubDate>
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