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                <title>ayodhya ram mandir - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>ayodhya ram mandir RSS Feed</description>
                
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                <title>राम मंदिर में सीईओ, क्या रुकेगा भ्रष्टाचार</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अयोध्या का राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। मंदिर के निर्माण के बाद यहां प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और चढ़ावे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यवस्थाओं तथा प्रशासन का दायरा लगातार बढ़ रहा है। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसे में मंदिर के सुचारु संचालन के लिए एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (</span>CEO) <span lang="hi" xml:lang="hi">की नियुक्ति का निर्णय चर्चा का विषय बन गया है। समर्थक इसे आधुनिक और पारदर्शी प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं</span>, </p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि कुछ लोग इसे पारंपरिक धार्मिक व्यवस्था में प्रशासनिक हस्तक्षेप के रूप में देख रहे हैं। सबसे</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183613/will-ceo-stop-corruption-in-ram-temple"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/hindi-divas25.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अयोध्या का राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। मंदिर के निर्माण के बाद यहां प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और चढ़ावे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यवस्थाओं तथा प्रशासन का दायरा लगातार बढ़ रहा है। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसे में मंदिर के सुचारु संचालन के लिए एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (</span>CEO) <span lang="hi" xml:lang="hi">की नियुक्ति का निर्णय चर्चा का विषय बन गया है। समर्थक इसे आधुनिक और पारदर्शी प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं</span>, </p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि कुछ लोग इसे पारंपरिक धार्मिक व्यवस्था में प्रशासनिक हस्तक्षेप के रूप में देख रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या केवल सीईओ की नियुक्ति से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सकेगा</span>?</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> <span lang="hi" xml:lang="hi">मंदिर प्रशासन की बदलती जरूरत- राम मंदिर आज एक विशाल संस्थान का स्वरूप ले चुका है। यहां प्रतिदिन लाखों श्रद्धालुओं का आगमन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दर्शन व्यवस्था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दान का प्रबंधन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">निर्माण कार्य</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कर्मचारियों का संचालन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वच्छता और भविष्य की योजनाएं जैसे अनेक कार्य हैं। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इन सबका संचालन केवल पारंपरिक व्यवस्था से करना कठिन होता जा रहा है। ऐसे में एक पेशेवर प्रशासनिक अधिकारी की आवश्यकता महसूस की गई। सीईओ का दायित्व होगा कि मंदिर की व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित किया जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वित्तीय अनुशासन बनाए रखा जाए और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">क्या केवल सीईओ भ्रष्टाचार रोक सकता है</span>?</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस प्रश्न का सीधा उत्तर है—नहीं। किसी भी संस्था में भ्रष्टाचार केवल व्यक्ति बदलने से समाप्त नहीं होता। इसके लिए मजबूत संस्थागत व्यवस्था की आवश्यकता होती है। यदि वित्तीय लेन-देन पारदर्शी न हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऑडिट नियमित न हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">निर्णय प्रक्रिया स्पष्ट न हो और जवाबदेही तय न हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो किसी भी पद पर बैठा अधिकारी भ्रष्टाचार को पूरी तरह समाप्त नहीं कर सकता। सीईओ व्यवस्था को बेहतर बना सकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन भ्रष्टाचार रोकने के लिए कई अन्य कदम भी जरूरी होंगे। पारदर्शिता सबसे बड़ा हथियार-</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">किसी भी धार्मिक संस्था में श्रद्धालुओं का विश्वास सबसे महत्वपूर्ण पूंजी होता है। इसलिए यह आवश्यक है कि— दान और चढ़ावे का पूरा हिसाब सार्वजनिक हो। नियमित स्वतंत्र ऑडिट कराया जाए। खरीद और ठेकों की प्रक्रिया पारदर्शी हो।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया जाए।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">शिकायत निवारण की प्रभावी व्यवस्था हो। यदि ये व्यवस्थाएं लागू होती हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो भ्रष्टाचार की संभावनाएं स्वतः कम होंगी। देश के अन्य मंदिरों से सीख-</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत के कई बड़े मंदिरों में पेशेवर प्रशासनिक व्यवस्था पहले से लागू है। वहां आईएएस अधिकारियों या अनुभवी प्रशासकों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जाती हैं। इससे व्यवस्था में सुधार हुआ है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन जहां निगरानी कमजोर रही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहां विवाद भी सामने आए। इससे स्पष्ट होता है कि केवल प्रशासनिक अधिकारी की नियुक्ति पर्याप्त नहीं होती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि पूरी प्रणाली को पारदर्शी बनाना आवश्यक है। आधुनिक प्रबंधन और धार्मिक परंपरा का संतुलन राम मंदिर केवल एक प्रशासनिक संस्था नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि धार्मिक आस्था का केंद्र है। इसलिए यह भी जरूरी है कि आधुनिक प्रबंधन लागू करते समय धार्मिक परंपराओं और मंदिर की गरिमा का पूरा सम्मान बना रहे। सीईओ का कार्य धार्मिक निर्णय लेना नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना होना चाहिए। धार्मिक विषयों का निर्णय मंदिर ट्रस्ट और संत समाज के मार्गदर्शन में ही होना चाहिए।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">श्रद्धालुओं का विश्वास सर्वोपरि- मंदिर में आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु यह विश्वास लेकर आता है कि उसका दान धर्म और समाज के हित में उपयोग होगा। यदि वित्तीय पारदर्शिता मजबूत होगी तो श्रद्धालुओं का विश्वास और बढ़ेगा। इसके विपरीत यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो उसका असर केवल मंदिर प्रशासन पर नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि समाज की भावनाओं पर भी पड़ सकता है। जवाबदेही भी उतनी ही जरूरी- सीईओ की नियुक्ति तभी प्रभावी होगी जब उसके कार्यों की नियमित समीक्षा हो। ट्रस्ट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्र ऑडिट एजेंसियां और निर्धारित नियम मिलकर जवाबदेही सुनिश्चित करें। किसी भी बड़े संस्थान में "चेक एंड बैलेंस" की व्यवस्था ही भ्रष्टाचार रोकने का सबसे प्रभावी तरीका मानी जाती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">राम मंदिर में सीईओ की नियुक्ति को आधुनिक प्रशासनिक व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है। इससे कार्यों में पेशेवर दक्षता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बेहतर समन्वय और पारदर्शिता आने की संभावना है। लेकिन यह मान लेना कि केवल सीईओ की नियुक्ति से भ्रष्टाचार पूरी तरह समाप्त हो जाएगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यावहारिक नहीं होगा। भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण तभी संभव है जब पारदर्शी वित्तीय प्रणाली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नियमित ऑडिट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्पष्ट जवाबदेही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डिजिटल प्रबंधन और स्वतंत्र निगरानी जैसी व्यवस्थाएं भी समान रूप से मजबूत हों। अंततः किसी भी धार्मिक संस्था की सबसे बड़ी ताकत श्रद्धालुओं का विश्वास होता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और उस विश्वास की रक्षा केवल एक पद नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि मजबूत और ईमानदार संस्थागत व्यवस्था ही कर सकती है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 20:59:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चढ़ावा चोरी पर सतीश महाना का बयान</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जिनका पैसा चोरी हुआ उन्होंने श्रद्धा से दान नहीं किया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हमारा पैसा सुरक्षित है इस बात का प्रमाण अयोध्या का भव्य राम मंदिर है। अयोध्या स्थित राम मंदिर दान चोरी पर  बोलते हुए यूपी के विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना का यह वीडियो वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया पर सतीश महाना के इस बयान की होड़ लगी हुई है। लेकिन सवाल यह उठता है कि यह बयान कितना उचित है। मंदिर में चढ़ावा चोरी पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना का बयान कितना सही</span>?</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत में मंदिर केवल आस्था के केंद्र नहीं हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183509/satish-mahanas-statement-on-theft-of-offerings"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/hindi-divas8.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जिनका पैसा चोरी हुआ उन्होंने श्रद्धा से दान नहीं किया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हमारा पैसा सुरक्षित है इस बात का प्रमाण अयोध्या का भव्य राम मंदिर है। अयोध्या स्थित राम मंदिर दान चोरी पर  बोलते हुए यूपी के विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना का यह वीडियो वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया पर सतीश महाना के इस बयान की होड़ लगी हुई है। लेकिन सवाल यह उठता है कि यह बयान कितना उचित है। मंदिर में चढ़ावा चोरी पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना का बयान कितना सही</span>?</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत में मंदिर केवल आस्था के केंद्र नहीं हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन का भी महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। करोड़ों श्रद्धालु हर वर्ष मंदिरों में अपनी श्रद्धा के अनुसार दान और चढ़ावा अर्पित करते हैं। यह धन मंदिरों के रखरखाव</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">धार्मिक अनुष्ठानों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सामाजिक कार्यों और जनकल्याण की योजनाओं में उपयोग किया जाता है। ऐसे में यदि मंदिरों में चढ़ावे की चोरी की घटनाएँ सामने आती हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो यह केवल आर्थिक नुकसान नहीं बल्कि श्रद्धालुओं की भावनाओं पर भी आघात होता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इसी संदर्भ में उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने यह भी कहा कि मंदिरों में चढ़ावे की चोरी जैसी घटनाओं पर समाज को गंभीरता से विचार करना चाहिए। उनका संकेत इस ओर था कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखने की जिम्मेदारी केवल प्रशासन की नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि समाज की भी है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">चढ़ावा केवल धन नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आस्था का प्रतीक- मंदिर में चढ़ाया गया दान श्रद्धालु की श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक होता है। कोई व्यक्ति अपनी मनोकामना पूर्ण होने पर दान करता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो कोई सेवा भावना से। ऐसे में यदि इस धन की चोरी होती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो लोगों का विश्वास प्रभावित हो सकता है। इसलिए चढ़ावे की सुरक्षा केवल संपत्ति की सुरक्षा नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि आस्था की रक्षा भी है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यदि उनके बयान का आशय यह है कि धार्मिक स्थलों में ईमानदारी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो यह एक उचित और व्यावहारिक विचार माना जा सकता है। मंदिरों में चोरी की घटनाएँ समय-समय पर सामने आती रही हैं। कई मामलों में दानपात्र तोड़े गए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो कहीं मंदिरों के आभूषण और नकदी चोरी हुई। ऐसे मामलों से यह स्पष्ट होता है कि सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">हालाँकि किसी भी घटना की जांच तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर होनी चाहिए। किसी निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करना भी उतना ही आवश्यक है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आज देश के अनेक बड़े मंदिरों में सीसीटीवी कैमरे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डिजिटल दान प्रणाली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षा गार्ड और नियमित लेखा परीक्षण जैसी व्यवस्थाएँ लागू हैं। लेकिन छोटे और ग्रामीण क्षेत्रों के मंदिरों में अभी भी सुरक्षा संसाधनों की कमी देखी जाती है। ऐसे में मंदिर समितियों को चाहिए कि वे आधुनिक सुरक्षा उपाय अपनाएँ और दान के उपयोग का सार्वजनिक विवरण भी समय-समय पर जारी करें।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मंदिर केवल पुजारियों या ट्रस्ट की जिम्मेदारी नहीं हैं। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को भी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए। यदि समाज सजग रहेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो चोरी जैसी घटनाओं पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है। दान के उपयोग में पारदर्शिता बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। यदि श्रद्धालुओं को यह जानकारी मिलती रहे कि उनके द्वारा दिया गया चढ़ावा किस कार्य में खर्च हो रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो मंदिरों के प्रति विश्वास और मजबूत होगा। डिजिटल भुगतान और सार्वजनिक ऑडिट जैसी व्यवस्थाएँ इस दिशा में उपयोगी हो सकती हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">राजनीतिक बयान और सार्वजनिक विमर्श</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों के बयानों का व्यापक प्रभाव होता है। इसलिए ऐसे विषयों पर दिए गए वक्तव्यों का उद्देश्य समाधान और जागरूकता होना चाहिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">न कि विवाद को बढ़ावा देना। यदि किसी बयान से सुरक्षा व्यवस्था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पारदर्शिता और जवाबदेही पर सकारात्मक चर्चा शुरू होती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उसे रचनात्मक माना जा सकता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मंदिरों में चढ़ावे की चोरी एक गंभीर विषय है क्योंकि यह श्रद्धा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विश्वास और धार्मिक संस्थाओं की विश्वसनीयता से जुड़ा हुआ है। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के बयान का मूल्यांकन उसके वास्तविक संदर्भ और आशय के आधार पर किया जाना चाहिए। यदि उनका उद्देश्य मंदिरों की सुरक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पारदर्शिता और समाज की जिम्मेदारी पर ध्यान आकर्षित करना था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो यह एक सार्थक संदेश माना जा सकता है। साथ ही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह भी आवश्यक है कि चोरी की प्रत्येक घटना की निष्पक्ष जांच हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दोषियों पर कानून के अनुसार कार्रवाई हो और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी सुरक्षा उपाय अपनाए जाएँ। तभी मंदिरों की गरिमा और श्रद्धालुओं का विश्वास दोनों सुरक्षित रह सकेंगे।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/183509/satish-mahanas-statement-on-theft-of-offerings</link>
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                <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 21:06:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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                <title>राम मंदिर में सीईओ, क्या रुकेगा भ्रष्टाचार</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अयोध्या का राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। मंदिर के निर्माण के बाद यहां प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और चढ़ावे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यवस्थाओं तथा प्रशासन का दायरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में मंदिर के सुचारु संचालन के लिए एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (</span>CEO) <span lang="hi" xml:lang="hi">की नियुक्ति का निर्णय चर्चा का विषय बन गया है। समर्थक इसे आधुनिक और पारदर्शी प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि कुछ लोग इसे पारंपरिक धार्मिक व्यवस्था में प्रशासनिक हस्तक्षेप के रूप में देख रहे हैं। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सबसे</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183435/will-ceo-stop-corruption-in-ram-temple"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/images-(2)2.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अयोध्या का राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। मंदिर के निर्माण के बाद यहां प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और चढ़ावे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यवस्थाओं तथा प्रशासन का दायरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में मंदिर के सुचारु संचालन के लिए एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (</span>CEO) <span lang="hi" xml:lang="hi">की नियुक्ति का निर्णय चर्चा का विषय बन गया है। समर्थक इसे आधुनिक और पारदर्शी प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि कुछ लोग इसे पारंपरिक धार्मिक व्यवस्था में प्रशासनिक हस्तक्षेप के रूप में देख रहे हैं। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या केवल सीईओ की नियुक्ति से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सकेगा</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">मंदिर प्रशासन की बदलती जरूरत- राम मंदिर आज एक विशाल संस्थान का स्वरूप ले चुका है। यहां प्रतिदिन लाखों श्रद्धालुओं का आगमन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दर्शन व्यवस्था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दान का प्रबंधन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">निर्माण कार्य</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कर्मचारियों का संचालन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वच्छता और भविष्य की योजनाएं जैसे अनेक कार्य हैं। इन सबका संचालन केवल पारंपरिक व्यवस्था से करना कठिन होता जा रहा है। ऐसे में एक पेशेवर प्रशासनिक अधिकारी की आवश्यकता महसूस की गई। सीईओ का दायित्व होगा कि मंदिर की व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित किया जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वित्तीय अनुशासन बनाए रखा जाए और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">क्या केवल सीईओ भ्रष्टाचार रोक सकता है</span>?</strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस प्रश्न का सीधा उत्तर है—नहीं। किसी भी संस्था में भ्रष्टाचार केवल व्यक्ति बदलने से समाप्त नहीं होता। इसके लिए मजबूत संस्थागत व्यवस्था की आवश्यकता होती है। यदि वित्तीय लेन-देन पारदर्शी न हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऑडिट नियमित न हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">निर्णय प्रक्रिया स्पष्ट न हो और जवाबदेही तय न हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो किसी भी पद पर बैठा अधिकारी भ्रष्टाचार को पूरी तरह समाप्त नहीं कर सकता। सीईओ व्यवस्था को बेहतर बना सकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन भ्रष्टाचार रोकने के लिए कई अन्य कदम भी जरूरी होंगे। पारदर्शिता सबसे बड़ा हथियार- </span><span lang="hi" xml:lang="hi">किसी भी धार्मिक संस्था में श्रद्धालुओं का विश्वास सबसे महत्वपूर्ण पूंजी होता है। इसलिए यह आवश्यक है कि— दान और चढ़ावे का पूरा हिसाब सार्वजनिक हो। नियमित स्वतंत्र ऑडिट कराया जाए। खरीद और ठेकों की प्रक्रिया पारदर्शी हो।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया जाए।</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">शिकायत निवारण की प्रभावी व्यवस्था हो। यदि ये व्यवस्थाएं लागू होती हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो भ्रष्टाचार की संभावनाएं स्वतः कम होंगी। देश के अन्य मंदिरों से सीख- </span><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत के कई बड़े मंदिरों में पेशेवर प्रशासनिक व्यवस्था पहले से लागू है। वहां आईएएस अधिकारियों या अनुभवी प्रशासकों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जाती हैं। इससे व्यवस्था में सुधार हुआ है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन जहां निगरानी कमजोर रही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहां विवाद भी सामने आए। इससे स्पष्ट होता है कि केवल प्रशासनिक अधिकारी की नियुक्ति पर्याप्त नहीं होती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि पूरी प्रणाली को पारदर्शी बनाना आवश्यक है। आधुनिक प्रबंधन और धार्मिक परंपरा का संतुलन राम मंदिर केवल एक प्रशासनिक संस्था नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि धार्मिक आस्था का केंद्र है। इसलिए यह भी जरूरी है कि आधुनिक प्रबंधन लागू करते समय धार्मिक परंपराओं और मंदिर की गरिमा का पूरा सम्मान बना रहे। सीईओ का कार्य धार्मिक निर्णय लेना नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना होना चाहिए। धार्मिक विषयों का निर्णय मंदिर ट्रस्ट और संत समाज के मार्गदर्शन में ही होना चाहिए।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">श्रद्धालुओं का विश्वास सर्वोपरि- मंदिर में आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु यह विश्वास लेकर आता है कि उसका दान धर्म और समाज के हित में उपयोग होगा। यदि वित्तीय पारदर्शिता मजबूत होगी तो श्रद्धालुओं का विश्वास और बढ़ेगा। इसके विपरीत यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो उसका असर केवल मंदिर प्रशासन पर नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि समाज की भावनाओं पर भी पड़ सकता है। जवाबदेही भी उतनी ही जरूरी- सीईओ की नियुक्ति तभी प्रभावी होगी जब उसके कार्यों की नियमित समीक्षा हो। ट्रस्ट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्र ऑडिट एजेंसियां और निर्धारित नियम मिलकर जवाबदेही सुनिश्चित करें। किसी भी बड़े संस्थान में "चेक एंड बैलेंस" की व्यवस्था ही भ्रष्टाचार रोकने का सबसे प्रभावी तरीका मानी जाती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">राम मंदिर में सीईओ की नियुक्ति को आधुनिक प्रशासनिक व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है। इससे कार्यों में पेशेवर दक्षता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बेहतर समन्वय और पारदर्शिता आने की संभावना है। लेकिन यह मान लेना कि केवल सीईओ की नियुक्ति से भ्रष्टाचार पूरी तरह समाप्त हो जाएगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यावहारिक नहीं होगा। भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण तभी संभव है जब पारदर्शी वित्तीय प्रणाली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नियमित ऑडिट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्पष्ट जवाबदेही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डिजिटल प्रबंधन और स्वतंत्र निगरानी जैसी व्यवस्थाएं भी समान रूप से मजबूत हों। अंततः किसी भी धार्मिक संस्था की सबसे बड़ी ताकत श्रद्धालुओं का विश्वास होता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और उस विश्वास की रक्षा केवल एक पद नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि मजबूत और ईमानदार संस्थागत व्यवस्था ही कर सकती है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Jul 2026 22:00:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आस्था की सुरक्षा के लिए नई चुनौती</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">राजीव शुक्ला</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत में मंदिर केवल पूजा-अर्चना के स्थान नहीं हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संस्कृति और सामाजिक जीवन के केंद्र भी हैं। विशेष रूप से अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण और उद्घाटन के बाद देशभर के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या और चढ़ावे में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ऐसे में यदि किसी मंदिर में चढ़ावे की चोरी या सुरक्षा में चूक जैसी घटना सामने आती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उसका असर केवल एक मंदिर तक सीमित नहीं रहता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि पूरे धार्मिक तंत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो जाते हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इसी कारण जब</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182864/new-challenge-for-the-protection-of-faith"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/images-(1)3.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">राजीव शुक्ला</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत में मंदिर केवल पूजा-अर्चना के स्थान नहीं हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संस्कृति और सामाजिक जीवन के केंद्र भी हैं। विशेष रूप से अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण और उद्घाटन के बाद देशभर के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या और चढ़ावे में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ऐसे में यदि किसी मंदिर में चढ़ावे की चोरी या सुरक्षा में चूक जैसी घटना सामने आती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उसका असर केवल एक मंदिर तक सीमित नहीं रहता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि पूरे धार्मिक तंत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो जाते हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इसी कारण जब किसी प्रमुख मंदिर में चोरी या वित्तीय अनियमितता की घटना सामने आती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो प्रशासन अन्य मंदिरों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था की भी समीक्षा शुरू कर देता है। इसका उद्देश्य केवल अपराधियों तक पहुँचना नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकना भी होता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">मंदिरों में बढ़ती सुरक्षा की आवश्यकता</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">देश के अनेक बड़े मंदिरों में प्रतिदिन लाखों रुपये का चढ़ावा आता है। त्योहारों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विशेष अवसरों और धार्मिक आयोजनों के दौरान यह राशि कई गुना बढ़ जाती है। नकद दान के साथ-साथ सोना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">चांदी और अन्य बहुमूल्य वस्तुएँ भी श्रद्धालु अर्पित करते हैं। ऐसे में इन मंदिरों की सुरक्षा किसी बैंक या अन्य महत्वपूर्ण संस्थान से कम चुनौतीपूर्ण नहीं रह जाती।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक तकनीक के उपयोग के बावजूद यदि निगरानी व्यवस्था में कहीं भी लापरवाही हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो चोरी या गबन जैसी घटनाएँ संभव हो सकती हैं। इसलिए केवल सीसीटीवी कैमरे लगाना पर्याप्त नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उनकी नियमित मॉनिटरिंग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रिकॉर्डिंग की समीक्षा और सुरक्षा व्यवस्था का समय-समय पर ऑडिट भी आवश्यक है। प्रशासन की बढ़ी सतर्कता- किसी प्रमुख मंदिर में चोरी की घटना के बाद पुलिस और जिला प्रशासन सामान्यतः अन्य प्रमुख मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था का भी आकलन करते हैं। इसमें कई बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाता है— सीसीटीवी कैमरों की स्थिति और उनकी कार्यक्षमता।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi"> चढ़ावे की गिनती और सुरक्षित भंडारण की प्रक्रिया। सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और उनकी जवाबदेही। प्रवेश एवं निकास द्वारों की निगरानी। दानपात्र खोलने की पारदर्शी व्यवस्था। रिकॉर्ड रखने और डिजिटल निगरानी की प्रणाली। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य श्रद्धालुओं के विश्वास को मजबूत बनाए रखना होता है। तकनीक बन सकती है सबसे बड़ी सुरक्षा- आज कई प्रमुख मंदिर आधुनिक तकनीक का उपयोग कर रहे हैं। हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फेस रिकग्निशन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डिजिटल एक्सेस कंट्रोल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बायोमेट्रिक प्रवेश</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अलार्म सिस्टम और कंट्रोल रूम जैसी व्यवस्थाएँ सुरक्षा को मजबूत बना रही हैं। इसके अलावा चढ़ावे की गणना में भी मशीनों और डिजिटल रिकॉर्डिंग का उपयोग बढ़ रहा है। इससे मानवीय त्रुटियों और अनियमितताओं की संभावना कम होती है तथा प्रत्येक प्रक्रिया का रिकॉर्ड सुरक्षित रहता है। श्रद्धालु मंदिर में दान केवल धार्मिक भावना से नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि विश्वास के आधार पर करते हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi"> इसलिए यह आवश्यक है कि चढ़ावे की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो। नियमित ऑडिट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सार्वजनिक वित्तीय रिपोर्ट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बैंकिंग प्रणाली के माध्यम से जमा और बहुस्तरीय निगरानी व्यवस्था से लोगों का भरोसा और मजबूत होता है। यदि किसी मंदिर में वित्तीय प्रबंधन पारदर्शी हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो चोरी या गबन की आशंकाएँ भी काफी हद तक कम हो जाती हैं। सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं मंदिरों की सुरक्षा केवल प्रशासन या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है। मंदिर ट्रस्ट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कर्मचारी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वयंसेवक और श्रद्धालु भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। संदिग्ध गतिविधियों की तत्काल सूचना देना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षा नियमों का पालन करना और निगरानी व्यवस्था में सहयोग करना सामूहिक जिम्मेदारी है। किसी एक घटना के आधार पर सभी मंदिरों की व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाना उचित नहीं होगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi"> देश के अधिकांश मंदिरों में सुरक्षा और वित्तीय प्रबंधन की व्यवस्थाएँ प्रभावी ढंग से संचालित होती हैं। फिर भी किसी भी घटना से सीख लेकर सुरक्षा तंत्र को और मजबूत बनाना प्रशासनिक दृष्टि से आवश्यक कदम है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि बड़े मंदिरों के लिए एक समान सुरक्षा प्रोटोकॉल तैयार किया जाए। समय-समय पर सुरक्षा ऑडिट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कर्मचारियों का सत्यापन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डिजिटल लेखा-जोखा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित निगरानी और नियमित प्रशिक्षण जैसी व्यवस्थाएँ भविष्य में ऐसी घटनाओं की संभावना को कम कर सकती हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मंदिरों की सुरक्षा केवल संपत्ति की रक्षा का विषय नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था की सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है। यदि किसी प्रमुख मंदिर में चोरी की घटना सामने आती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उससे सबक लेते हुए अन्य मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और सुदृढ़ीकरण एक स्वाभाविक तथा आवश्यक प्रशासनिक कदम है। पारदर्शिता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आधुनिक तकनीक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जवाबदेही और जनसहभागिता के माध्यम से ही यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि श्रद्धालुओं का विश्वास अटूट बना रहे और मंदिर सुरक्षित</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यवस्थित तथा विश्वसनीय धार्मिक केंद्र बने रहें।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 21:43:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अयोध्या: राम मंदिर का दान और संपत्ति की खरीदारी - 'श्रद्धा के पैसे' का हिसाब</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में पुलिस को बहुत बड़ी सफलता मिली है। रविवार को सात ठिकानों पर छापेमारी के दौरान आरोपियों की संपत्ति से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद कर उन्हें जब्त कर लिया गया है। अब पुलिस इनकी जांच करेगी और वित्तीय लेनदेन की समीक्षा करेगी। इन सात अभियुक्तों के घरों से पुलिस को सोने चांदी के गहने</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सिक्के व नकदी भी मिली है जो यह साबित कर रही है कि कहीं न कहीं मंदिर की दान चोरी में इनका हांथ है। रामलला के दर्शन के लिए रोज लाखों श्रद्धालु आते हैं। दानपात्रों में नकद</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182331/ayodhya-ram-temple-donation-and-purchase-of-property-accounting"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/hindi-divas25.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में पुलिस को बहुत बड़ी सफलता मिली है। रविवार को सात ठिकानों पर छापेमारी के दौरान आरोपियों की संपत्ति से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद कर उन्हें जब्त कर लिया गया है। अब पुलिस इनकी जांच करेगी और वित्तीय लेनदेन की समीक्षा करेगी। इन सात अभियुक्तों के घरों से पुलिस को सोने चांदी के गहने</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सिक्के व नकदी भी मिली है जो यह साबित कर रही है कि कहीं न कहीं मंदिर की दान चोरी में इनका हांथ है। रामलला के दर्शन के लिए रोज लाखों श्रद्धालु आते हैं। दानपात्रों में नकद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गहने</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">चेक सब गिरता है। लेकिन अब वही </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">श्रद्धा का पैसा</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">विवाद में है। एक तरफ ट्रस्ट की करोड़ों की जमीन खरीदारी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दूसरी तरफ चढ़ावा गिनने वाले कर्मचारियों की करोड़ों की संपत्ति। दान कितना आता है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">विदेश से लेकर घर तक- विदेशी दान- महाकुंभ के दौरान अकेले जनवरी-फरवरी </span>2025<span lang="hi" xml:lang="hi"> में अमेरिका समेत </span>6<span lang="hi" xml:lang="hi"> देशों से </span>57<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख रुपये का विदेशी दान मिला।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">समर्पण निधि से अब तक देश-विदेश के करोड़ों भक्तों ने आस्था से दान दिया है। भाजपा नेता रजनीश सिंह के मुताबिक ये पैसा "किसी व्यक्ति का नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">करोड़ों भक्तों की श्रद्धा का प्रतीक है"। शुरुआत </span>1<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये से ट्रस्ट को पहला दान मोदी सरकार ने </span>1<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये नकद देकर किया था। ट्रस्ट ने क्या खरीदा</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">चार महीने में </span>36.61<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ की जमीन। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट तेजी से जमीन खरीद रहा है। पिछले </span>4<span lang="hi" xml:lang="hi"> महीने अयोध्या के हैबतपुर में </span>5<span lang="hi" xml:lang="hi"> जगहों पर </span>4.29<span lang="hi" xml:lang="hi"> एकड़ जमीन खरीदी गई। जिसकी कुल कीमत: </span>36.61<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपये है। सबसे बड़ी डील-  </span>11,194<span lang="hi" xml:lang="hi"> स्क्वायर फीट की एक जमीन अकेले।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">रानोपाली में भी </span>5,490<span lang="hi" xml:lang="hi"> स्क्वायर फीट की जमीन अलग से ली गई है। ट्रस्ट का कहना है कि मंदिर विस्तार और सुविधाओं के लिए जमीन ली जा रही है। विवाद का केंद्र: चढ़ावे की </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">चोरी</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">और करोड़ों की संपत्ति यही सबसे बड़ा मुद्दा है। आरोप है कि दानपात्रों से करोड़ों रुपये गायब हुए। </span>14,500<span lang="hi" xml:lang="hi"> की नौकरी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">करोड़ों की संपत्ति- नोट गिनने वाले </span>24<span lang="hi" xml:lang="hi"> प्राइवेट कर्मचारियों की सैलरी सिर्फ </span>14,500<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये महीना है। लेकिन उनमें से कुछ ने </span>1.5<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ की जमीन</span>, 40<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख का प्लॉट खरीद लिया। कैसे पकड़े गए- </span>18-20<span lang="hi" xml:lang="hi"> हजार सैलरी वाले दो कर्मचारियों की डेढ़ करोड़ की जमीन खरीद से पूरा मामला खुला।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कौन शामिल-  लवकुश मिश्रा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अनुकल्प मिश्रा समेत </span>8<span lang="hi" xml:lang="hi"> लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ये सभी दान गिनती प्रक्रिया में थे। सीसीटीवी फुटेज में पैसे चुराते पकड़े गए। कितना घोटाला</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">आशंका </span>200<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपये से अधिक की है। अब तक </span>5<span lang="hi" xml:lang="hi"> कर्मचारियों से </span>2<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ नकद</span>, 1<span lang="hi" xml:lang="hi"> कार</span>, 3<span lang="hi" xml:lang="hi"> आईफोन बरामद हुए हैं।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi"> जांच कहां तक पहुंची</span>? SIT <span lang="hi" xml:lang="hi">और राजनीति क्या कहती है - एसआईटी का गठन - योगी सरकार ने मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में </span>3<span lang="hi" xml:lang="hi"> सदस्यीय एसआईटी बनाई। </span>15<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिन में रिपोर्ट मांगी गई है। एसआईटी ने अपना काम शुरू कर दिया है और आठ में से सात लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की गई है जिनके पास से काफी संपत्ति के सबूत मिले हैं। ट्रस्ट की शिकायत पर </span>8<span lang="hi" xml:lang="hi"> लोगों के खिलाफ </span>BNS <span lang="hi" xml:lang="hi">की धारा </span>306, 316, 317, 61<span lang="hi" xml:lang="hi"> के तहत केस दर्ज हुआ है। सपा का आरोप- अखिलेश यादव ने कहा कि चंदे के पैसों से मकान खरीदे गए हैं। उन्होंने हाईकोर्ट के रिटायर जज से जांच कराने की मांग की है। ट्रस्ट का बयान-  नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि ये विवाद </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">जमीन खरीद विवाद</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">से भी ज्यादा गंभीर है। उन्होंने एक अनुभवी </span>CEO <span lang="hi" xml:lang="hi">की नियुक्ति की जरूरत बताई।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">पारदर्शिता की मांग: हिसाब कौन देगा</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">भाजपा नेता रजनीश सिंह ने </span>PM <span lang="hi" xml:lang="hi">को पत्र लिखकर ट्रस्ट के बनने से अब तक का पूरा वित्तीय लेन-देन वेबसाइट पर सार्वजनिक करने की मांग की है। उनका तर्क है कि "हर भक्त को यह जानने का नैतिक और लोकतांत्रिक अधिकार है कि दान में मिले पैसे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गहनों का इस्तेमाल कैसे हुआ"। आस्था बनाम जवाबदेही- राम मंदिर सिर्फ ईंट-पत्थर नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">करोड़ों लोगों की आस्था है। ट्रस्ट जमीन खरीदकर विस्तार कर रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ये ठीक है। लेकिन अगर </span>14,500<span lang="hi" xml:lang="hi"> सैलरी वाला कर्मचारी करोड़पति बन रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो सवाल उठना लाजमी है।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">SIT <span lang="hi" xml:lang="hi">की रिपोर्ट तय करेगी कि ये </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">व्यक्तिगत गबन</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">है या सिस्टम की चूक। फिलहाल </span>8 <span lang="hi" xml:lang="hi">लोग सलाखों के पीछे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और करोड़ों श्रद्धालु हिसाब मांग रहे हैं।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 15:28:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राम के नाम पर सत्ता पाए अब उन्हीं के घर में चढ़ावे की भारी चोरी क्या बीजेपी कोले डूबेगी। अशोक कुमार चौबे।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">भारत ही दुनि या मेंएक ऐसा देश हैजहां हम पत्थर की मूर्ति मेंप्राण डाल कर भगवान केरूप मानते  रहे है गली मोहल्ले मेंमन्दि र है तो कई मन्दि रों का शहर भी मिलता हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">भारत केमन्दिरों मेंइतना धन हैजो भारत</div>
<div style="text-align:justify;">की जीडीपी सेबहुत ज़्यादा हैं।ै फिर भी देश गरीब ही है।१९०केदशक सेभाजपा और वि श्व हिन्दूपरिषद</div>
<div style="text-align:justify;">बजरंगदल और सं घ भागवान राम केलि ए संघर्ष करता था वह राम केलि ए वास्तव में क्तिुक्ति का सघर्ष</div>
<div style="text-align:justify;">नहीं था वह भाजपा को सत्ता केलि ए नकली हि न्दूवाद और राम केनाम का एक चहेरा था चहेरेके पीछे</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181997/if-they-come-to-power-in-the-name-of-ram"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1001841289.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत ही दुनि या मेंएक ऐसा देश हैजहां हम पत्थर की मूर्ति मेंप्राण डाल कर भगवान केरूप मानते  रहे है गली मोहल्ले मेंमन्दि र है तो कई मन्दि रों का शहर भी मिलता हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत केमन्दिरों मेंइतना धन हैजो भारत</div>
<div style="text-align:justify;">की जीडीपी सेबहुत ज़्यादा हैं।ै फिर भी देश गरीब ही है।१९०केदशक सेभाजपा और वि श्व हिन्दूपरिषद</div>
<div style="text-align:justify;">बजरंगदल और सं घ भागवान राम केलि ए संघर्ष करता था वह राम केलि ए वास्तव में क्तिुक्ति का सघर्ष</div>
<div style="text-align:justify;">नहीं था वह भाजपा को सत्ता केलि ए नकली हि न्दूवाद और राम केनाम का एक चहेरा था चहेरेके पीछे सत्ता और सत्ता सेधन तक पहुं चने मेंमदद कोई देसकता था तो वह श्रीराम ही थेवह बाबरी मस्ज़िद थी</div>
<div style="text-align:justify;">जिसकेसहारेसत्ता का रास्ता दि खा रहा था।</div>
<div style="text-align:justify;">राम केनाम की लू ट तो राम जन्म भूमि मक्तिुक्ति आन्दोलन केसाथ शरूु होगया था राम केनाम सेदेश विदेश तक गए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अशोक सिंघल प्रवीण तोगड़िया और न जाने कितनों नेचन्दा लि या उस चन्देसेअपनेलि ए सुख लिया ऐसा</div>
<div style="text-align:justify;">मैनहीं कह रहा हूं ।यह देश का नागरि क कह रहा। गली चौराहों पर बात कर रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">राम मन्दि र सेसत्ता तक का सफर बहुत आसान नहीं था। परन्तुसत्ता भाजपा को राम केनाम पर ही मि ला</div>
<div style="text-align:justify;">ह।ै</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परन्तुजो शरूु सेसं घर्ष कि या राजनीति मेंथा आज वह भाजपा</div>
<div style="text-align:justify;">में हाशिये पर ह।ैआडवानी मुरली मनोहर जोशी उमाभारती विनय कटियार नेपथ्य मेंचलेगये।सामनेतो बस वह रंजन गोगोई जो फैसला दिया कि मन्दि र का कहीं कोई चि न्ह नहीं हैनहीं यह साबि त हुआ कि मन्दि र</div>
<div style="text-align:justify;">तोड़कर मस्जि द बनी परन्तुकरोड़ों हि न्दूसमाज की आस्था को ध्यान मेंरखकर मन्दि र बनानेका निर्माण का</div>
<div style="text-align:justify;">फैसला दि या।।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> मन्दि र बन गया।परन्तुमन्दि र की भूमि पूजन मेंउन लोगो को दूर रखा गया। वह</div>
<div style="text-align:justify;">भाजपा केथे सं घ और बजरंगदल तथा वि श्वहिंदू परि षद भी बाहर कर दि या गया । अब तो बस एक ऐसे</div>
<div style="text-align:justify;">विचार केलोग ट्रस्टी बन गये जि नका आन्दोलन मेंकहीं किसी तरह का योगदान नहीं था।।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अब अयोध्या मन्दि र मेंचोरी का आरोप टी वी पर लगा रहेहैं। वह कह रहेसोन-ेचांदी</div>
<div style="text-align:justify;">हीरेजवाहरात केईंट की चोरी हो गई वि श्व हि न्दूपरिषद केअशोक सिंघल नेजो लगभग बारहह सौ करोड़</div>
<div style="text-align:justify;">चन्दा एकत्र कि या वह कहां गया यह सवाल राम मन्दि र नि र्मा ण केसमय प्रवीण तोगड़ि या नेभी उठाया।था।परन्तुसब आवाज दब गई । उन आवाजो की जगह एक नई आवाज जो राम को लायेहैहम उनको यह मन्दि े तना और सअयोध्या हि न्दूसमाज सनातन का एक पवि ं घर्ष का प्रतीकत्र स्थान हर सनातन चै।ऐसै।श्रीराम मन्दि ेस्थल पर श्रद्धालु ओं केचढ़ावेकी लू ट चोरी हेराफेरी की खबर बहुत दुखद है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> जहां स्वतं त्र जांच न्यायि का मामला सु प्रीमकोर्ट मेंभी गया हक नि गरानी मेंकरनेकी मांग की गई । परन्तुै।सु प्रीम कोर्ट केहाल केक ई नि र्णयो सेदेश की जनता मेंनि राशा हैसिसियत और राम पर वि ैं।उनकाेश वि ेश सेबहुत सेश्रद्धालुअपनी श्रद्धा हेसाथ दान देतेहददश्वास कैवह सही जगह जन हि वि श्वास होता जो धन हमनेदान मेंदि ेंखर्च होगा।यदि मन्दि रों मेंचढ़ावेकेधनया हत मैयह आर्थि ैऔर हि ी चोरी हेरा फेरी होती हक नहीं धार्मि न्दूसनातन धर्म की आस्था की चोरीकक अपराध हैश्रद्धालुकै।।सबसेराफेरी सेधर्म पर आघात ही आत्मा पर चोट वि श्वास को लू टा गया हेअजीब बातहमन्दि ेट्रस्ट से जुडेलोग पहलेचोरी सेइन्कार कि ेंमन्दि ेंकाम करनेवालों केपास करोड़ों कीया।बाद मर कर मैकि नकदी महं गी गाड़ी सम्पति यां मि ेलगी </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तब जांच की बात हुई ।गजब तो यह हआज तक पुलिेंलनलिस मैजांच शु रूहो गई हैयह समाचार भारत कएफ आई आर नही हुआ हां एस आई टी का गणन हो गया हेगांवैलनेंपहुं च गया और श्रीराम मन्दि ैक्यागांव तक फेकेसाथ वि ेशों मेंआस्था रखनेवालेआज दुःखी हदर मेंसरकारी धन की चोरी वोट चोरी पे पर की चोरी सांसद की सीट की चोरी सेलोग अब आगेनि भारत मकलकर मन्दि रों केदान की चोरी भी कर लि या। क्या भारत का हि न्दूधर्म इतना नीचेस्तर पर गि र गया कि मन्दि रभी नहीं बचा चोरी से।ैवहां केश मेंअन्य धार्मि क मन्दि ी व्यवस्था सेक्या श्रीराम मन्दि र अयोध्या नेकुछ सीख नहीं लि या था किदर हैसैजहां हेरी और चोरीउन मन्दि रों की सुरक्षा नि गरानी ले खांकन नि यमि त आडि ेसु दृढ़ बनाया गया हेराफट कै।नहीं हो सकती है ष्णव दी तरह चाक चौबन्द पारदर्शी व्यवस्था क्योंश्रीराम मन्दि ेंभी मां वेवी तथा ति रुपति बालाजी मं दि र मर केंहुआ औरनहीं बनाया गया। हर साल राम मन्दि ेंचढ़ावा का धन कि तना आया कि तना खर्च कि र मस मद मैंक मैआडि ी धन कि ेंहेजनता केसामनेक्यों नहीं रखा गया । यानि यहां भी के लसत्ताबाकस बट करकुछ खैखैफि ेसं रक्षण मेंकि े लतो सभी जानतेकी दो करोड की जमीन कि ेकोई खरीदता हर उसीकयागया हसान सजमीन को चौबीस करोड मैयह लु टहुआ परन्तुआज तकेंश्रीराम मन्दि र अयोध्या मेंकेनाम खरीदा जाता है।सवाल का जबाब नहीं मि ै।जांच नहीं हुआ क्यों यह सवाल जनता मेआज भी हला परन्तुसवालल जि न्दा हैकि दो सौ करोड़ कैउसमेंकौन कौन शामि ैं।पता चलेखना ही जो चोरी हुई हे गा या सब दबअब यह दल हे गा।एस आई टी तो यू पी मेंइन आठ सालों मेंकई बनी कि सी की जांच रि पोर्ट आज तक बाहर नहीं आईजायै ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लकिेकिन जनता की आवाज आन्दोलन नहीं बनगे ा यह एक कटूसच हैसत्तर केदशक मेंकाशी वि श्वनाथ</div>
<div style="text-align:justify;">मं दि र केगर्भगहृ सेसोना चोरी हुआ था एक सप्ताह तक बनारस उबाल पर था जनता सड़क पर थी ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 19:25:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जंगलराज से विकासराज तक : उत्तर प्रदेश की बदलती तस्वीर और नई आर्थिक शक्ति बनने का सफर</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश लंबे समय तक देश के सबसे अधिक जनसंख्या वाले राज्य के रूप में जाना जाता रहा, लेकिन अब उसकी पहचान तेजी से बदल रही है। आज उत्तर प्रदेश केवल आबादी के आधार पर नहीं, बल्कि विकास, निवेश, उद्योग, आधारभूत संरचना और आर्थिक प्रगति के कारण देश की अग्रणी शक्ति के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य ने पिछले कुछ वर्षों में जिस गति से विकास कार्यों को आगे बढ़ाया है, उसने प्रदेश की छवि को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान प्रदान की है। कभी कानून-व्यवस्था और पिछड़ेपन की चर्चा के</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181588/changing-picture-of-uttar-pradesh-from-jungle-raj-to-vikas"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/hindi-divas15.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश लंबे समय तक देश के सबसे अधिक जनसंख्या वाले राज्य के रूप में जाना जाता रहा, लेकिन अब उसकी पहचान तेजी से बदल रही है। आज उत्तर प्रदेश केवल आबादी के आधार पर नहीं, बल्कि विकास, निवेश, उद्योग, आधारभूत संरचना और आर्थिक प्रगति के कारण देश की अग्रणी शक्ति के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य ने पिछले कुछ वर्षों में जिस गति से विकास कार्यों को आगे बढ़ाया है, उसने प्रदेश की छवि को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान प्रदान की है। कभी कानून-व्यवस्था और पिछड़ेपन की चर्चा के लिए सुर्खियों में रहने वाला उत्तर प्रदेश आज एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, औद्योगिक कॉरिडोर और निवेश परियोजनाओं के लिए जाना जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्नाव में 570 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के दौरान प्रदेश के विकास मॉडल को रेखांकित करते हुए कहा कि अब उत्तर प्रदेश में योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि धरातल पर उतरती हैं और जनता तक उनका लाभ पहुंचता है। उन्होंने कहा कि उन्नाव को स्टेट कैपिटल रीजन का हिस्सा बनाया गया है और लखनऊ से उन्नाव होते हुए कानपुर तक रैपिड रेल चलाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। यह परियोजना न केवल परिवहन को गति देगी, बल्कि औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगी।</div>
<div style="text-align:justify;">प्रदेश में विकसित हो रहे एक्सप्रेसवे नेटवर्क को उत्तर प्रदेश की प्रगति का सबसे बड़ा प्रतीक माना जा रहा है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाएं प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों को जोड़ने का कार्य कर रही हैं। गंगा एक्सप्रेसवे के पूरा होने के बाद पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच आवागमन पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्नाव के लोग अब लखनऊ को बाईपास करते हुए सीधे दिल्ली और प्रयागराज तक पहुंच सकेंगे। इससे समय की बचत होगी और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।</div>
<div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए डिफेंस कॉरिडोर जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। उन्नाव में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर के लिए लगभग 700 एकड़ भूमि तथा औद्योगिक क्लस्टर के लिए 200 एकड़ भूमि तैयार की गई है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार मिलने की संभावना बढ़ेगी। सरकार का मानना है कि उद्योगों के विस्तार से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और उत्तर प्रदेश देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।</div>
<div style="text-align:justify;">कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय बदलाव देखा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार यह कहते रहे हैं कि निवेश और विकास के लिए सुरक्षित वातावरण आवश्यक है। यही कारण है कि प्रदेश में अपराध और माफिया गतिविधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की गई। इसका परिणाम यह हुआ कि देश और विदेश के निवेशकों का विश्वास प्रदेश में बढ़ा है। निवेशकों की बढ़ती रुचि के कारण उत्तर प्रदेश में हजारों करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जो भविष्य में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन का आधार बनेंगे।</div>
<div style="text-align:justify;">प्रदेश सरकार ग्रामीण विकास और किसानों के उत्थान को भी समान महत्व दे रही है। कानपुर में आयोजित प्राकृतिक कृषि प्रोत्साहन कार्यशाला में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्राकृतिक खेती को समय की आवश्यकता बताया। उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। सरकार का मानना है कि प्राकृतिक खेती से उत्पादन लागत कम होगी, भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी। कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को जीवामृत, बीजामृत तथा गो-आधारित प्राकृतिक खेती की जानकारी देकर उन्हें आधुनिक और टिकाऊ कृषि पद्धतियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">किसानों के साथ-साथ गरीब और वंचित वर्गों के लिए भी अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, मुफ्त राशन वितरण और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी योजनाओं ने लाखों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। मुख्यमंत्री का कहना है कि अब योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव और सिफारिश के सीधे पात्र लोगों तक पहुंच रहा है। इससे शासन के प्रति जनता का विश्वास मजबूत हुआ है।</div>
<div style="text-align:justify;">आधारभूत संरचना के विकास में भी उत्तर प्रदेश ने नई उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रदेश में नए एयरपोर्ट विकसित किए जा रहे हैं और कई हवाई अड्डों का विस्तार किया जा रहा है। अयोध्या, कुशीनगर और जेवर जैसे एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान कर रहे हैं। सड़क, रेल और हवाई परिवहन के क्षेत्र में हो रहे निवेश से प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि उत्तर प्रदेश की सड़कों की गुणवत्ता अब दुनिया की सर्वश्रेष्ठ सड़कों की बराबरी कर रही है।</div>
<div style="text-align:justify;">धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन भी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण के बाद देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। काशी विश्वनाथ धाम, मथुरा-वृंदावन और प्रयागराज जैसे धार्मिक स्थलों के विकास ने पर्यटन उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। इससे स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग और रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।</div>
<div style="text-align:justify;">राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश का विकास मॉडल अब अन्य राज्यों के लिए भी चर्चा का विषय बन गया है। वरिष्ठ अधिवक्ता संजय महाधिवक्ता ने कहा कि पिछली सरकारों के समय जहां नई योजनाओं की गति सीमित थी, वहीं वर्तमान सरकार ने विकास कार्यों को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया है। उनके अनुसार उत्तर प्रदेश आज जिस तेजी से आर्थिक प्रगति कर रहा है, उसने विपक्ष को भी राज्य की बदलती ताकत का एहसास करा दिया है। अरबों रुपये की लागत वाली परियोजनाएं प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जा रही हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">वास्तव में उत्तर प्रदेश का यह परिवर्तन केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सड़कों, उद्योगों, निवेश, रोजगार, कृषि, पर्यटन और जनकल्याण योजनाओं के रूप में धरातल पर दिखाई देता है। राज्य सरकार का दावा है कि विकास की यह यात्रा आने वाले वर्षों में और अधिक गति पकड़ेगी। यदि वर्तमान योजनाएं निर्धारित समय पर पूरी होती हैं और निवेश परियोजनाएं सफलतापूर्वक जमीन पर उतरती हैं, तो उत्तर प्रदेश न केवल भारत की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा, बल्कि देश के विकास इंजन के रूप में भी अपनी मजबूत पहचान स्थापित करेगा। यही कारण है कि आज उत्तर प्रदेश की चर्चा केवल राजनीति के संदर्भ में नहीं, बल्कि विकास, सुशासन और आर्थिक प्रगति के मॉडल के रूप में भी की जा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;">          *कांतिलाल मांडोत*</div>
<div style="text-align:justify;">कांतिलाल मांडोत</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 17:11:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>&quot;CCTV बंद करके खोले जाते हैं गुल्लक...&quot;; फलाहारी महाराज ने CM योगी को खून से लिखा खत, मंदिर प्रबंधन कमेटी पर लगाये गंभीर आरोप।</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</span></strong></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा प्रकरण में जांच के बाद मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर के चढ़ावे को लेकर सीबीआई जांच की मांग उठने लगी है. श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास समिति अध्यक्ष दिनेश फलाहारी ने बुधवार को खून से पत्र लिखकर मुख्यमंत्री से सीबीआई जांच की मांग की है. इस दौरान उन्होंने गंभीर आरोप लगाए हैं.</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास समिति अध्यक्ष दिनेश फलाहारी महाराज ने बुधवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खून से पत्र लिखा है. उन्होंने मंदिर प्रबंधन कमेटी पर गंभीर आरोप लगाये हैं.</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181542/gullaks-are-opened-after-closing-cctv-falahari-maharaj-wrote-a"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/hindi-divas9.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</span></strong></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा प्रकरण में जांच के बाद मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर के चढ़ावे को लेकर सीबीआई जांच की मांग उठने लगी है. श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास समिति अध्यक्ष दिनेश फलाहारी ने बुधवार को खून से पत्र लिखकर मुख्यमंत्री से सीबीआई जांच की मांग की है. इस दौरान उन्होंने गंभीर आरोप लगाए हैं.</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास समिति अध्यक्ष दिनेश फलाहारी महाराज ने बुधवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खून से पत्र लिखा है. उन्होंने मंदिर प्रबंधन कमेटी पर गंभीर आरोप लगाये हैं.</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में दाने के रुपये</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">चढ़ावा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आभूषणों को सीसीटीवी कैमरे बंद करके प्रबंधन कमेटी वाले लोग बंदरबांट करके करोड़ों की गाड़ियों और कोठियों में प्रस्थान कर गये हैं.</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने आरोप लगाया कि जो प्रबंधन कमेटी वाले पहले स्कूटर पर आते थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आज करोड़ों की गाड़ियों में चलते हैं. करोड़ों के बंगला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कोठी और फाॅर्म हाउस हैं. उनका आरोप है कि उत्तर प्रदेश ही नहीं उत्तराखंड में भी इन लोगों ने जमीनें खरीदी हैं.</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कहा कि श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे की जांच होनी चाहिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अगर ऐसा नहीं किया गया तो वह प्रयागराज हाईकोर्ट में एक प्रार्थना पत्र देकर अपनी शिकायत दर्ज कराएंगे.</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने आरोप लगाया कि जिस समय गुल्लक खुलता है वहां के सीसीटीवी कैमरे भी बंद कर दिए जाते हैं. उन्होंने कहा कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था से खिलवाड़ हो रहा है. यह बहुत ही दुखद है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री इस प्रबंधन को अपने हाथ में ले लें.</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जन्मभूमि सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने इस प्रकरण में कुछ भी बोलने से मना कर दिया और कहा मंदिर में जो चढ़ावा आता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसका लिखित में लेखा-जोखा दर्ज किया जाता है. इन लोगों की बातें निराधार हैं.</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 14:02:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बस्ती में बोले CM योगी, सपा ने राम भक्तों पर गोली चलाई, अब होती है पुष्प वर्षा</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>बस्ती। </strong>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगीआदित्यनाथआजसंतकबीरनगर में जनसभा को संबोधित करने के बाद बस्ती पहुंचे। बस्ती लोकसभा से बीजेपी प्रत्याशी हरीश द्विवेदी के समर्थन में जनसभा को संबोधित करने बस्ती के नगर पंचायत नगर बाजार स्थित सूर्या इंटर कॉलेज के मैदान में पहुंच कर चुनावी सभा को संबोधित किया। वही बस्ती है जहां पर पुत्रेष्टि यज्ञ हुआ था।इस दौरान उन्होंने मुंडेरवा मिल के विकास की को बताया। बस्ती के दोनों हाथों में लड्डू इधर गोरखपुर एयरपोर्ट इधर अयोध्या एयरपोर्ट।</div>
<div>  </div>
<div>भव्य राममंदिर में राम लला विराजमान हैं। बोले योगी, जनता कह रही है, जो राम को लाए हैं अब हम उनको</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141495/cm-yogi-said-in-basti-sp-opened-fire-on-ram"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/img-20240521-wa0272-(1).jpg" alt=""></a><br /><div><strong>बस्ती। </strong>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगीआदित्यनाथआजसंतकबीरनगर में जनसभा को संबोधित करने के बाद बस्ती पहुंचे। बस्ती लोकसभा से बीजेपी प्रत्याशी हरीश द्विवेदी के समर्थन में जनसभा को संबोधित करने बस्ती के नगर पंचायत नगर बाजार स्थित सूर्या इंटर कॉलेज के मैदान में पहुंच कर चुनावी सभा को संबोधित किया। वही बस्ती है जहां पर पुत्रेष्टि यज्ञ हुआ था।इस दौरान उन्होंने मुंडेरवा मिल के विकास की को बताया। बस्ती के दोनों हाथों में लड्डू इधर गोरखपुर एयरपोर्ट इधर अयोध्या एयरपोर्ट।</div>
<div> </div>
<div>भव्य राममंदिर में राम लला विराजमान हैं। बोले योगी, जनता कह रही है, जो राम को लाए हैं अब हम उनको लाएंगे। कहा, जो लोग पाकिस्तान का राग अलापते हैं, वो पाकिस्तान चले जाएं। पाकिस्तान में जाने पर उन्हें भीख मांगने का अवसर मिलेगा।विरासत टैक्स, औरंगजेब का जजिया कर रूपी राक्षस है और औरंगजेब की आत्मा सपा और कांग्रेस में घुस चुकी है। बोले, रामद्रोही लोग मिलकर पीएम मोदी को रोकना चाहते हैं, लेकिन जनता 4 जून को जवाब देगी।</div>
<div> </div>
<div>उन्होंने कहा कि पांच चरण का चुनाव हो गया है। देश के अंदर एक लहर है, जनता जनार्दन के मन में जो भावनाएं हैं, उसे देखकर मैं कह सकता हूं कि चार जून का परिणाम को लेकर साफ दिखाई दे रहा है। चार जून को चार सौ पार, चार सौ पार का नारा देख समाजवादी पार्टीचारों खाने चित्त हो जाती है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा। </div>
<div> </div>
<div>कि बताया मेडिकल कॉलेज, हर घर नल, हवाई अड्डा और घर-घर शौचालय है, प्रदेश से जैसे माफियाओं को खत्म किया है, वैसे ही जेई जैसी बीमारी को भी समाप्त किया है।कल्याणकारी योजनाओं से गरीब का कल्याण हो रहा है। इसी प्रकार योगी ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि ये लोग राम भक्तों पर गोली चलवाते थे। भाजपा सरकार आई तो राम मंदिर का निर्माण हुआ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>लोक सभा चुनाव</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 May 2024 17:10:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मंत्रियों-विधायकों के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामलला के किये दर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[ सपा ने बनाए रखी भगवान श्रीराम से दूरी, विधानसभा अध्यक्ष के आह्वान पर भी नहीं आए अयोध्या धाम
बीजेपी के सहयोगी दल के साथ आरएलडी, बसपा और कांग्रेस के भी विधायक पहुंचे अयोध्या धाम]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/138697/chief-minister-yogi-adityanath-along-with-ministers-and-mlas-had"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-02/news07.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>अयोध्या | </strong>सीएम योगी और विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना के आग्रह पर रविवार को समाजवादी पार्टी को छोड़कर सभी दल के विधायक और योगी सरकार के विधायक, मंत्रियों ने रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई। इस दौरान सभी बेहद उत्साहित दिखे और भक्ति भाव में डूबे हुए नजर आए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना के साथ मंदिर परिसर में बैठकर प्रभु श्रीराम का गुणगान किया। इस दौरान सुरक्षा की भी चाक चौबंद व्यवस्था की गई। इसकी कमान खुद गृह सचिव संजय प्रसाद और डीजीपी प्रशांत कुमार ने संभाली। इसके साथ ही वीवीआईपी मूमेंट के दौरान आम श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो इसका भी पूरा ध्यान रखा गया। अयोध्या धाम में रविवार को मंत्रिमंडल के साथ बड़ी संख्या में आम श्रद्धालुओं ने भी रामलला के दर्शन किए। इस दौरान वह अपने बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पाकर काफी गदगद नजर आए और पूरा परिसर जय श्रीराम के उद्धोष से गूंज उठा। </div><div><br /></div><div>स्थानीय लोगों ने पुष्पवर्षा और जय श्री राम के नारों के साथ जनप्रतिनिधियों का किया स्वागत</div><div>अयोध्या धाम में रामलला के दर्शन के लिए यूपी के विधायक और मंत्रियों का काफिला सुबह करीब 9 बजे 10 लग्जरी बसों से लखनऊ से रवाना हो गया। रास्ते में बाराबंकी में सभी जनप्रतिनिधियों के नाश्ते की व्यवस्था की गई थी, जहां पर नाश्ता करने के बाद जय श्रीराम के उद्घोष के साथ सभी आगे के लिए रवाना हो गए। विधायकों और मंत्रियों का काफिला करीब 11.30 बजे अयोध्या पहुंचा जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से अयोध्या धाम पहुंचे। वहीं विधायक और मंत्रियों का समूह जैसे ही श्रीरामजन्म भूमि पहुंचा, वहां पर पहले से मौजूद स्थानीय लोगों ने पुष्पवर्षा और जय श्री राम के नारों के साथ उनका भव्य स्वागत किया। </div><div><br /></div><div>इस दौरान उत्साहित जनता ने बुलडोजर पर सवार होकर पुष्पवर्षा की। वहीं बसों पर सवार विधायक, मंत्री हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार करते रहे। जय श्री राम के नारों से पूरा वातावरण राममय हो गया। लंबी कतार में खड़ी महिलाओं ने भी पुष्प वर्षा कर यूपी के विधायकों का स्वागत किया। इस दौरान लोक कला के कलाकरों द्वारा अलग अलग विधा से लोक नृत्य के जरिये सभी जनप्रतिनिधियों का अभिनंदन किया गया। इतना ही नहीं स्कूल के बच्चे भी जनप्रतिनिधियों का स्वागत करते नजर आए। विधायकों और मंत्रियों को गेट नंबर 11 से प्रवेश दिया गया। इसके बाद सभी विधायक और मंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अगुवाई में रामलला के दर्शन करने पहुंचे। दर्शन के बाद सभी विधायकों और मंत्रियों को प्रसाद भी दिया गया। वहीं सभी ने परिसर मंदिर में भोजन भी किया।  </div><div><strong><br /></strong></div><div><strong>मैं बहुत भावुक हूं- सतीश महाना</strong></div><div>दर्शन करने के बाद यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि मैं बहुत भावुक हूं क्योंकि मैं जब इस स्थान पर आया था तो यहां एक ढ़ांचा खड़ा था, जो 6 दिसंबर को हमारे सामने टूटा था। मैं उस समय यहां पर आया था जब 1990 में यहां गोली चली थी। मैं उस समय यहां पर आया था जिस समय चबूतरे का निर्माण हुआ था और आज सबसे सौभाग्य की बात है कि भगवान के प्रत्यक्ष रूप से दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इसके अलावा बीएसपी के विधायक उमाशंकर सिंह, जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी के अध्यक्ष राजा भैया भी विधायकों के साथ अयोध्या रामलला के दर्शन करने पहुंचे।</div><div><br /></div><div><br /></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Feb 2024 14:33:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>श्री राम मंदिर अयोध्या में सम्पूर्ण प्राण प्रतिष्ठा द्रव्य दर्शन #news #breakingnews #ayodhya #up</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="youtubeplayer-responsive-iframe-outer"></div>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/138346/%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AE-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B0-%E0%A4%85%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%A7%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A3-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A3-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A0%E0%A4%BE-%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B5%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%A6%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B6%E0%A4%A8--news--breakingnews--ayodhya--up"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-01/65af7edd3b740-hqdefault.jpg" alt=""></a><br /><div class="youtubeplayer-responsive-iframe-outer"><iframe class="youtubeplayer-responsive-iframe" title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/BU-MlFuvmeg" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen=""></iframe></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>वीडियो</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jan 2024 14:25:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>श्रीराम लल्ला की भक्तिरस में डूबे महंत बृजमोहन दास ने गाया दबदबा हमेशा बना रहे .!</title>
                                    <description><![CDATA[<div>  </div>
<div>                                                          आगामी 22 जनवरी को सारी दुनिया पावन अयोध्या धाम की  धरा पर टकटकी लगाए देखेगी, उस दिन प्रभु श्रीराम के राजभवन स्वरूप मंदिर के गर्भगृह में प्रभु श्रीराम , माता जानकी , श्री लक्ष्मण सङ्ग हनुमान जी की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। उस दिन की तैयारियों में सम्पूर्ण हिन्दू जगत अपने अपने स्तर से सहयोग और श्रमदान,योगदान दे रहा है।  ऐसे में पावन भूमि अयोध्या धाम स्थित दशरथ गद्दी के पीठाधीश्वर महंत श्री बृजमोहन दास जी महाराज कैसे पीछे रहते। महंत बृजमोहन दास जी महाराज ने श्रीराम प्रभु की इस भव्य मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के सुअवसर पर एक</div>
<div> </div>
<div>इस</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/138000/draft-add-your-title-immersed-in-the-devotion-of-shri"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-01/fb_img_1704285377041.jpg" alt=""></a><br /><div> </div>
<div>                             आगामी 22 जनवरी को सारी दुनिया पावन अयोध्या धाम की  धरा पर टकटकी लगाए देखेगी, उस दिन प्रभु श्रीराम के राजभवन स्वरूप मंदिर के गर्भगृह में प्रभु श्रीराम , माता जानकी , श्री लक्ष्मण सङ्ग हनुमान जी की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। उस दिन की तैयारियों में सम्पूर्ण हिन्दू जगत अपने अपने स्तर से सहयोग और श्रमदान,योगदान दे रहा है।  ऐसे में पावन भूमि अयोध्या धाम स्थित दशरथ गद्दी के पीठाधीश्वर महंत श्री बृजमोहन दास जी महाराज कैसे पीछे रहते। महंत बृजमोहन दास जी महाराज ने श्रीराम प्रभु की इस भव्य मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के सुअवसर पर एक ओजस्वी गीत गाया है , जिसका शीर्षक है दबदबा हमेशा बना रहे ।</div>
<div> </div>
<div>इस गाने की भव्यता का अंदाज़ा इसी से लगा लीजिए कि इस गाने के वीडियो की शुरुआत में ही महंत जी का हैलीकॉप्टर से आगमन होता है, फिर वो पवित्र अयोध्या धाम का नज़ारा दिखाते हुए हजारों की संख्या में उपस्थित श्रीराम भक्तों के बीच से इस गाने के फ़िल्मांकन में नज़र आते हैं । ऐसी ओजस्वितापूर्ण भक्तिरस वाले गाने सुनकर हर भक्त के मनः मस्तिष्क में अपने आराध्य के लिए और सम्मान बढ़ जाएगा और दर्शन की इच्छाशक्ति निशदिन प्रबल होते जाएगी। यह गाना पिछले 4 दिनों से यूट्यूब पर धूम मचाए हुए है । इस गाने को आप यूटीबी के MBD Music World पर देख/सुन सकते हैं । श्रीराम प्रभु के गुणगान में गाया गया यह भव्य गीत वायरल होकर चारों ओर खूब देखा/सुना जा रहा है ।</div>
<div> </div>
<div>                                 दशरथ गद्दी पीठाधीश्वर महंत श्री बृजमोहन दास जी महाराज का कहना हैं कि श्री राम जन्मभूमि अयोध्या जी में भव्य मंदिर बनकर तैयार हो गया है , यह घटना प्रबलता से यह साबित करती है की सत्य सनातन धर्म की विजय हुई हैं दसों दिशाओं में भगवा ध्वज लहरा रहा है , सनातन धर्म की जय जयकार हो रही है । प्रभु श्री राम जी कृपा से सारे संसार मे हिंदुत्व का दब दबा बना है और हमेशा बना रहेगा।</div>
<div> </div>
<div>इस गीत को पूज्य गुरुदेव महंत श्री बृजमोहन दास जी महाराज ने अपनी सुमधुर आवाज़ में गाया है । इस गीत को अयोध्या के सुप्रसिद्ध गीतकार कवि योगेश दास शास्त्री जी ने लिखा है । गाना दबदबा बना रहे का संगीत बब्बन,विष्णु ने दिया है । </div>
<div>पूज्य महराज श्री का कहना है जिसके ऊपर मेरे राम लला की कृपा बनी रहेगी उसका सदैव बना रहेगा। प्रचारक  संजय भूषण पटियाला है ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jan 2024 17:26:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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