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                <title>#फर्मपंजीकरण - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>नगर निगम कानपुर में व्याप्त घोटालों की जांच के लिए गठित एसआईटी ने जानकारी एकत्र की </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> कानपुर नगर निगम में घोटालों की जांच करने के लिए गठित एसआईटी जांच करने के लिए नगर निगम पहुंची। एडीसीपी डॉ. अर्चना सिंह के नेतृत्व में टीम ने चीफ इंजीनियर एसएफए जैदी के कार्यालय में भुगतान और फर्म रजिस्ट्रेशन से  टीम ने नामजद पांच फर्मों समेत अन्य फर्मों से संबंधित विकास कार्यों, टेंडर, भुगतान और फर्म रजिस्ट्रेशन के दस्तावेज कब्जे में लिए। जांच के दौरान कैला देवी फर्म से जुड़े भुगतान संबंधी</div>
<div style="text-align:justify;">दस्तावेजों में कुछ कमियां सामने आईं।</div>
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<div style="text-align:justify;">एसआईटी ने कुछ दस्तावेजों के फोटो और प्रिंट आउट भी लिए। टीम ने नगर निगम अधिकारियों और कर्मचारियों से अधिकारियों से</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186460/sit-formed-to-investigate-the-scams-prevalent-in-municipal-corporation"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1002244827.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> कानपुर नगर निगम में घोटालों की जांच करने के लिए गठित एसआईटी जांच करने के लिए नगर निगम पहुंची। एडीसीपी डॉ. अर्चना सिंह के नेतृत्व में टीम ने चीफ इंजीनियर एसएफए जैदी के कार्यालय में भुगतान और फर्म रजिस्ट्रेशन से  टीम ने नामजद पांच फर्मों समेत अन्य फर्मों से संबंधित विकास कार्यों, टेंडर, भुगतान और फर्म रजिस्ट्रेशन के दस्तावेज कब्जे में लिए। जांच के दौरान कैला देवी फर्म से जुड़े भुगतान संबंधी</div>
<div style="text-align:justify;">दस्तावेजों में कुछ कमियां सामने आईं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">एसआईटी ने कुछ दस्तावेजों के फोटो और प्रिंट आउट भी लिए। टीम ने नगर निगम अधिकारियों और कर्मचारियों से अधिकारियों से 5 घंटे तक हुई पूछताछ सुबह 11:30 बजे नगर निगम में एसआईटी जांच के लिए पहुंची थी और शाम करीब 5 बजे तक पूछताछ जारी रही। एसआईटी ने चीफ इंजीनियर एसएफए जैदी के साथ अधिशाषी अभियंता दिवाकर भास्कर और आरके सिंह से भी पूछताछ की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इनके अलावा इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारी भूपेंद्र सिंह और अजय पांडेय से भी जरूरी दस्तावेज मांगे गए हैं। ठेकेदारों के खिलाफ जिन अधिकारियों की शिकायत पर एफआईआर दर्ज हुई है, उनके वीडियो बयान भी एसआईटी ने दर्ज किए। जांच में सहयोग के लिए अधिकारियों से निर्धारित प्रोफार्मा पर साइन भी कराए गए। एसआईटी की कार्रवाई से नगर निगम में हड़कंप की स्थिति रही। टीम अब जब्त दस्तावेजों और सामने आई कमियों की पड़ताल कर रही है।</div>
<div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मंगलवार को दर्ज हुई थी छह FIR बताया जा रहा है कि मुख्य सचिव की सख्ती के बाद नगर निगम से जुड़े मामलों में कार्रवाई तेज हुई है। मंगलवार को कानपुर नगर आयुक्त ने 7 फर्मों के खिलाफ 6 अलग-अलग FIR दर्ज कराई है। पुलिस ने 2 ठेकेदारों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि सरगना गोविंद शर्मा फरार है। वह आगरा का रहने वाला है। गोविंद शर्मा की फर्म को सबसे अधिक ठेके मिले हैं। वही पूरा कॉकस चलता था। उसके नियत्रंण में सभी ठेकेदार रहते थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके अलावा करीब 100 करोड़ रुपये के टेंडर भी निरस्त किए गए थे। एसआईटी टीम अब भुगतान और फर्मों के पंजीकरण से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।पुलिस कमिश्नर ने प्रेस कांफ्रेंस करके दी थी जानकारी। पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय के आदेश पर निगम अधिकारियों ने 5 तहरीर दीं। इनके आधार पर थाना स्वरूपर नगर में मुकदमा दर्ज कराए गए हैं। </div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Aug 2026 20:35:53 +0530</pubDate>
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