<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/120368/-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>#विकासकार्य - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/120368/rss</link>
                <description>#विकासकार्य RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नगर निगम कानपुर में व्याप्त घोटालों की जांच के लिए गठित एसआईटी ने जानकारी एकत्र की </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> कानपुर नगर निगम में घोटालों की जांच करने के लिए गठित एसआईटी जांच करने के लिए नगर निगम पहुंची। एडीसीपी डॉ. अर्चना सिंह के नेतृत्व में टीम ने चीफ इंजीनियर एसएफए जैदी के कार्यालय में भुगतान और फर्म रजिस्ट्रेशन से  टीम ने नामजद पांच फर्मों समेत अन्य फर्मों से संबंधित विकास कार्यों, टेंडर, भुगतान और फर्म रजिस्ट्रेशन के दस्तावेज कब्जे में लिए। जांच के दौरान कैला देवी फर्म से जुड़े भुगतान संबंधी</div>
<div style="text-align:justify;">दस्तावेजों में कुछ कमियां सामने आईं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">एसआईटी ने कुछ दस्तावेजों के फोटो और प्रिंट आउट भी लिए। टीम ने नगर निगम अधिकारियों और कर्मचारियों से अधिकारियों से</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186460/sit-formed-to-investigate-the-scams-prevalent-in-municipal-corporation"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1002244827.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> कानपुर नगर निगम में घोटालों की जांच करने के लिए गठित एसआईटी जांच करने के लिए नगर निगम पहुंची। एडीसीपी डॉ. अर्चना सिंह के नेतृत्व में टीम ने चीफ इंजीनियर एसएफए जैदी के कार्यालय में भुगतान और फर्म रजिस्ट्रेशन से  टीम ने नामजद पांच फर्मों समेत अन्य फर्मों से संबंधित विकास कार्यों, टेंडर, भुगतान और फर्म रजिस्ट्रेशन के दस्तावेज कब्जे में लिए। जांच के दौरान कैला देवी फर्म से जुड़े भुगतान संबंधी</div>
<div style="text-align:justify;">दस्तावेजों में कुछ कमियां सामने आईं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">एसआईटी ने कुछ दस्तावेजों के फोटो और प्रिंट आउट भी लिए। टीम ने नगर निगम अधिकारियों और कर्मचारियों से अधिकारियों से 5 घंटे तक हुई पूछताछ सुबह 11:30 बजे नगर निगम में एसआईटी जांच के लिए पहुंची थी और शाम करीब 5 बजे तक पूछताछ जारी रही। एसआईटी ने चीफ इंजीनियर एसएफए जैदी के साथ अधिशाषी अभियंता दिवाकर भास्कर और आरके सिंह से भी पूछताछ की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इनके अलावा इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारी भूपेंद्र सिंह और अजय पांडेय से भी जरूरी दस्तावेज मांगे गए हैं। ठेकेदारों के खिलाफ जिन अधिकारियों की शिकायत पर एफआईआर दर्ज हुई है, उनके वीडियो बयान भी एसआईटी ने दर्ज किए। जांच में सहयोग के लिए अधिकारियों से निर्धारित प्रोफार्मा पर साइन भी कराए गए। एसआईटी की कार्रवाई से नगर निगम में हड़कंप की स्थिति रही। टीम अब जब्त दस्तावेजों और सामने आई कमियों की पड़ताल कर रही है।</div>
<div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मंगलवार को दर्ज हुई थी छह FIR बताया जा रहा है कि मुख्य सचिव की सख्ती के बाद नगर निगम से जुड़े मामलों में कार्रवाई तेज हुई है। मंगलवार को कानपुर नगर आयुक्त ने 7 फर्मों के खिलाफ 6 अलग-अलग FIR दर्ज कराई है। पुलिस ने 2 ठेकेदारों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि सरगना गोविंद शर्मा फरार है। वह आगरा का रहने वाला है। गोविंद शर्मा की फर्म को सबसे अधिक ठेके मिले हैं। वही पूरा कॉकस चलता था। उसके नियत्रंण में सभी ठेकेदार रहते थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके अलावा करीब 100 करोड़ रुपये के टेंडर भी निरस्त किए गए थे। एसआईटी टीम अब भुगतान और फर्मों के पंजीकरण से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।पुलिस कमिश्नर ने प्रेस कांफ्रेंस करके दी थी जानकारी। पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय के आदेश पर निगम अधिकारियों ने 5 तहरीर दीं। इनके आधार पर थाना स्वरूपर नगर में मुकदमा दर्ज कराए गए हैं। </div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/186460/sit-formed-to-investigate-the-scams-prevalent-in-municipal-corporation</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/186460/sit-formed-to-investigate-the-scams-prevalent-in-municipal-corporation</guid>
                <pubDate>Wed, 26 Aug 2026 20:35:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-08/1002244827.jpg"                         length="80024"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ग्राम पंचायत भरू में विकसित भारत जी राम जी कार्य में अनियमितता के आरोप, जांच की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के विकास खंड कप्तानगंज के अंतर्गत ग्राम पंचायत भरू में विकसित भारत जी राम जी के तहत कराए जा रहे कार्यों में कथित अनियमितता और सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों की ओर से ग्राम प्रधान सुखलाल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की जांच कराए जाने की मांग की जा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">आरोप है कि ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर तैयार की जा रही फाइलों और अभिलेखों में कथित तौर पर लीपापोती की जा रही है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि ग्राम प्रधान द्वारा सचिव</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186447/demand-for-investigation-into-allegations-of-irregularities-in-bharat-ji"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260826-wa0087.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के विकास खंड कप्तानगंज के अंतर्गत ग्राम पंचायत भरू में विकसित भारत जी राम जी के तहत कराए जा रहे कार्यों में कथित अनियमितता और सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों की ओर से ग्राम प्रधान सुखलाल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की जांच कराए जाने की मांग की जा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आरोप है कि ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर तैयार की जा रही फाइलों और अभिलेखों में कथित तौर पर लीपापोती की जा रही है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि ग्राम प्रधान द्वारा सचिव और तकनीकी सहायक की भूमिका पर सवाल उठने वाली स्थिति पैदा हो रही है तथा कथित कमीशन के चलते फाइलों पर हस्ताक्षर कराए जा रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वहीं, आरोप यह भी है कि ग्राम पंचायत में कराए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता और मौके पर वास्तविक स्थिति की पर्याप्त निगरानी नहीं हो रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर विकास कार्यों के नाम पर खर्च किए जा रहे सरकारी धन का वास्तविक उपयोग किस तरह हो रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मामले में मनरेगा एपीओ और प्रभारी बीडीओ कृष्ण कुमार सिंह की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि उनके पास दो ब्लॉकों का अतिरिक्त कार्यभार होने के कारण ग्राम पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों की नियमित निगरानी और जांच प्रभावित हो रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों का कहना है कि यदि आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो ग्राम पंचायत भरू में विकसित भारत जी राम जी के तहत कराए गए कार्यों की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी मामले का संज्ञान लेकर मौके पर जांच कराते हैं या नहीं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सबसे बड़ा सवाल यही है कि ग्राम पंचायत भरू में लगाए जा रहे अनियमितता के आरोपों की जांच कब होगी और यदि जांच में गड़बड़ी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई की जाएगी? फिलहाल मामला जांच का विषय बना हुआ है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/186447/demand-for-investigation-into-allegations-of-irregularities-in-bharat-ji</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/186447/demand-for-investigation-into-allegations-of-irregularities-in-bharat-ji</guid>
                <pubDate>Wed, 26 Aug 2026 20:18:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-08/img-20260826-wa0087.jpg"                         length="89519"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एक करोड़ से अधिक की निर्माणाधीन परियोजनाओं की मंडलीय समीक्षा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती आयुक्त सभागार में मंडलायुक्त वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली निर्माणाधीन परियोजनाओं की मंडलीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मंडल के विभिन्न जनपदों में संचालित परियोजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की परियोजनावार समीक्षा की गई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मंडलायुक्त ने संबंधित विभागीय अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों से परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए निर्देश दिया कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराए जाएं। उन्होंने कहा कि धन के अभाव में किसी भी परियोजना का कार्य प्रभावित नहीं होना चाहिए। बजट की आवश्यकता</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186444/divisional-review-of-under-construction-projects-worth-more-than-one"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260826-wa0088.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती आयुक्त सभागार में मंडलायुक्त वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली निर्माणाधीन परियोजनाओं की मंडलीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मंडल के विभिन्न जनपदों में संचालित परियोजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की परियोजनावार समीक्षा की गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मंडलायुक्त ने संबंधित विभागीय अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों से परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए निर्देश दिया कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराए जाएं। उन्होंने कहा कि धन के अभाव में किसी भी परियोजना का कार्य प्रभावित नहीं होना चाहिए। बजट की आवश्यकता होने पर शासन को समय से मांग पत्र भेजकर धनराशि की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने धीमी गति से चल रही परियोजनाओं में तत्काल तेजी लाने और निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप भौतिक प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को नियमित समीक्षा कर निर्माण कार्यों में आने वाली बाधाओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराने को कहा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>गुणवत्ता में कमी मिली तो होगी कार्रवाई</strong></div>
<div style="text-align:justify;">मंडलायुक्त ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि शासन द्वारा निर्धारित मानकों और तकनीकी विशिष्टताओं का कड़ाई से पालन किया जाए। संबंधित अधिकारी नियमित स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण की गुणवत्ता, प्रगति और उपयोग की जा रही सामग्री का सत्यापन करें। गुणवत्ता में किसी भी स्तर पर कमी पाए जाने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा भौतिक एवं वित्तीय प्रगति में तालमेल बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट समय से उपलब्ध कराने को कहा। बैठक का संचालन उप निदेशक अर्थ एवं संख्या पूनम ने किया। इस दौरान संयुक्त विकास आयुक्त निर्मल कुमार द्विवेदी, मुख्य विकास अधिकारी सार्थक अग्रवाल, सिद्धार्थनगर के बलराम सिंह, संतकबीर नगर के जयकेश त्रिपाठी समेत संबंधित विभागों के मंडलीय अधिकारी और विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/186444/divisional-review-of-under-construction-projects-worth-more-than-one</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/186444/divisional-review-of-under-construction-projects-worth-more-than-one</guid>
                <pubDate>Wed, 26 Aug 2026 20:16:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-08/img-20260826-wa0088.jpg"                         length="139283"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        