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                <title>Pollution - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Pollution RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>डीएम साहब, एक नज़र हमारी ‘गांव की गंगा’ पर भी</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश के मुखिया के गृह जनपद गोरखपुर के खजनी तहसील का मामला]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/163190/dm-sir-take-a-look-at-our-village-ganga-also"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/p--1,,-(1).jpg" alt=""></a><br /><div>
<p style="text-align:justify;"><strong> ख़जनी-</strong> गोरखपुर जिले के खजनी तहसील की जीवनरेखा कही जाने वाली आमी नदी आज प्रदूषण के कारण मौत का गंदा नाला बन चुकी है। उनवल क्षेत्र में नदी का पानी मिलों द्वारा छोड़े गए रसायनयुक्त अपशिष्ट के चलते पूरी तरह काले, चिपचिपे और बदबूदार रूप में बदल गया है। उठती तीखी दुर्गंध से आसपास के गांवों में लोगों का रहना मुश्किल हो गया है। हालात इतने गंभीर हैं कि इलाके के अधिकतर हैंडपंपों का पानी भी दूषित हो चुका है, जिसे पीते ही ग्रामीण बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार नदियों की सफाई पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन ‘गांव की गंगा’ कही जाने वाली इस नदी की दुर्दशा पर जिम्मेदार विभाग मौन साधे बैठे हैं। नदी किनारे से गुजरना तक मुश्किल हो गया है। बदबू और मच्छरों के बढ़ते प्रकोप ने ग्रामीणों की दिनचर्या और स्वास्थ्य दोनों पर संकट खड़ा कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि कई दिनों से नदी का पानी काला, रसायनयुक्त और बदबूदार दिखाई दे रहा है, जिसकी जहरीली हवा पूरे इलाके को प्रभावित कर रही है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>इन गांवों में असर सबसे अधिक</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">उनवल, जरलही, कूड़ा भरत, छताई मंझरिया, सोहरा, भलुआन, ढढ़ौना, लमती, मखानी, गोरसैरा समेत कई गांव गंभीर रूप से प्रभावित हैं। स्थानीय निवासी दिनेश साहनी, विवेक, गब्बर त्रिपाठी, मोनू दूबे, शचीन्द्रनाथ मिश्रा, राहुल त्रिपाठी, मनोज साहनी, नंदू साहनी और श्रीप्रकाश गुप्ता का कहना है कि नदी अब “नदी” कम और “ज़हरीला नाला” ज्यादा प्रतीत होती है। ग्रामीणों ने गीडा क्षेत्र की मिलों पर प्रदूषण फैलाने का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि “आमी बचाओ अभियान” अब केवल कागजों में सिमट कर रह गया है, जबकि रसायन लगातार नदी में बहाया जा रहा है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>ग्रामीणों की मुख्य मांगें</strong></h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>नदी की त्वरित सफाई</li>
<li>गीडा क्षेत्र में प्रदूषण फैलाने वाले स्रोतों पर कड़ी कार्रवाई</li>
<li>प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य जांच कैंप</li>
<li>प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की निगरानी बढ़ाने और ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की मांग</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">ग्रामीणों का कहना है—<br />“जब तक प्रशासन सख्त कार्रवाई नहीं करेगा, आमी नदी ज़हर उगलती रहेगी और हम बीमार पड़ते रहेंगे।”<br />स्थानीय लोग यह भी मान रहे हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव में आमी प्रदूषण बड़ा मुद्दा बनने जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस संबंध में खजनी के उपजिलाधिकारी राजेश प्रताप सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी प्रशासन को है और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से रिपोर्ट मांगी गई है।</p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Dec 2025 17:13:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत में बढ़ते प्रदूषण का कारण क्या वास्तव में हमारा गैर जिम्मेदाराना व्यवहार है?</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">पर्यावरण प्रदूषण आज मानवता के समक्ष सर्वाधिक भयावह चुनौतियों में से एक और इसका प्रमुख कारण है मानव जनित प्रदूषण।भारत में प्रदूषण की समस्या अक्सर उद्योगों, वाहनों, बढ़ते शहरी विस्तार और सरकारी तंत्र की कमियों से जोड़ी जाती है, परंतु सच्चाई यह है कि प्रदूषण को बढ़ाने में नागरिकों के गैरजिम्मेदाराना कृत्य भी बड़े और निर्णायक कारक हैं।एक आंकड़े के अनुसार वैश्विक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन का लगभग 76 प्रतिशत उर्जा उत्पादन और उपभोग से जुड़ा हुआ है,जो मानव की असंयत उर्जा खपत की प्रवृत्ति को दर्शाता है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">वास्तव में देखा जाए तो पर्यावरण संकट किसी एक संस्था, नीति या व्यवस्था</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/163082/is-our-irresponsible-behavior-really-the-cause-of-increasing-pollution"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/download1.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">पर्यावरण प्रदूषण आज मानवता के समक्ष सर्वाधिक भयावह चुनौतियों में से एक और इसका प्रमुख कारण है मानव जनित प्रदूषण।भारत में प्रदूषण की समस्या अक्सर उद्योगों, वाहनों, बढ़ते शहरी विस्तार और सरकारी तंत्र की कमियों से जोड़ी जाती है, परंतु सच्चाई यह है कि प्रदूषण को बढ़ाने में नागरिकों के गैरजिम्मेदाराना कृत्य भी बड़े और निर्णायक कारक हैं।एक आंकड़े के अनुसार वैश्विक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन का लगभग 76 प्रतिशत उर्जा उत्पादन और उपभोग से जुड़ा हुआ है,जो मानव की असंयत उर्जा खपत की प्रवृत्ति को दर्शाता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वास्तव में देखा जाए तो पर्यावरण संकट किसी एक संस्था, नीति या व्यवस्था का परिणाम नहीं, बल्कि सामूहिक व्यवहार की गलत दिशा का प्रतिफल है। हमारी छोटी-छोटी लापरवाहियाँ मिलकर एक बड़े राष्ट्रीय संकट में बदल जाती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सबसे सामान्य और हानिकारक व्यवहार है कचरे को अनियमित रूप से इधर- उधर फेंकने की प्रवृत्ति। अधिकांश शहरों में सड़कें, ग्रीन बेल्ट, सार्वजनिक स्थल, नाले, नदी, तालाब किनारे आदि सभी जगह धर, दुकान , फैक्टरी आदि से निकले कचरा का ढेर दिखना इस बात का प्रमाण है कि हमने स्वच्छता को आदत नहीं, केवल अवसर भर समझा है। कई लोग कचरे को खुले में जला देते हैं, जिससे उसके जहरीले तत्व वायु में फैलकर मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों को नुकसान पहुँचाते हैं। सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर प्रतिबंध के बावजूद इसका निरंतर उपयोग नागरिक जिम्मेदारी की कमी को दर्शाता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वाहनों का अनियंत्रित उपयोग, साझा न करने की प्रवृत्ति तथा पब्लिक ट्रांसपोर्ट को कम महत्व देने की सोच ने भी प्रदूषण बढ़ाने का काम किया है। छोटी दूरी पर भी निजी वाहन का उपयोग, समय पर प्रदूषण जांच न कराना, सर्विसिंग की अनदेखी करना और पुराने धुआँ छोड़ने वाले वाहनों का उपयोग तथा ई-वाहनों को कम महत्व देने का ही परिणाम है अवांछित कार्बन उत्सर्जन। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में कचरा, पराली और पत्ते जलाने की परंपरा अब भी जारी है, जिससे पीएम2.5 और पीएम10 जैसे सूक्ष्म कण तेजी से वातावरण में फैलते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जल प्रदूषण के लिए भी नागरिकों के कई आचरण सीधे जिम्मेदार हैं। नदियों और तालाबों में मूर्तियाँ, फूल, कपड़े और घरेलू कचरा विसर्जित करना, धार्मिक आस्था के नाम पर जलस्रोतों को कचरा-घर बनाना पर्यावरणीय संवेदनहीनता का प्रतीक है। घरों, दुकानों, उद्योगों का बिना उपचार का गंदा जल नदी,तलाब, नालों आदि में छोड़ देना अंततः जलस्रोतों को विषैला बना देता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ध्वनि प्रदूषण के मामले में भी नागरिकों की मनमानी किसी से छिपी नहीं है। तीव्र ध्वनि वाले डीजे, विविध अवसरों पर पटाखों का अत्यधिक उपयोग, धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में लाउडस्पीकरों की ऊँची आवाज, वाहनों में अनावश्यक होर्न आदि का उपयोग  सब मिलकर शोर का ऐसा वातावरण बनाते हैं जो स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। कई लोग देर रात तक ध्वनि स्तर के नियमों की खुली अवहेलना भी करते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ऊर्जा और संसाधनों के दुरुपयोग में भी हमारा व्यवहार जिम्मेदार है। एसी और बिजली का अनावश्यक प्रयोग, पानी को बिना कारण बहने देना, बोरवेल का अत्यधिक दोहन और वर्षाजल-संग्रह को नजरअंदाज करना आदि भी संसाधनों पर दबाव बढ़ाते हैं। इसके साथ पेड़ों की कटाई, हरित-आवरण की अनदेखी और रोपित वृक्षों के संरक्षण में रुचि की कमी भी कहीं न कहीं प्रदूषण को और बढ़ाती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ओन लाइन वस्तुओं को मंगाने की बढ़ती प्रवृत्ति,त्योहारों के दौरान प्लास्टिक सजावट, रासायनिक रंगों और पटाखों का अत्यधिक उपयोग यह दर्शाता है कि हम उत्सवों में स्वस्थ पर्यावरण को शामिल करना अब भी नहीं सीख पाए हैं। कचरा प्रबंधन नियमों, ट्रैफिक कानूनों और पर्यावरणीय दिशा-निर्देशों की लगातार अवहेलना “नियम केवल दूसरों के लिए हैं” वाली मानसिकता को उजागर करती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सत्य यही है कि प्रदूषण केवल सरकारी असफलता का परिणाम नहीं, बल्कि हमारे गैरजिम्मेदाराना आचरण का दर्पण भी है। जब तक हम स्वयं पर्यावरणीय अनुशासन नहीं अपनाएँगे, तब तक सुधार केवल कागज़ों और घोषणाओं तक सीमित रहेगा और हम दिल्ली वासी जैसे पर्यावरण प्रदूषण को कोसते रहेंगे। क्योंकि समाधान नीति में नहीं, नागरिक के चरित्र में छिपा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पर्यावरण प्रदूषण रोकने में सरकारों को भी जिम्मेदार संस्था के रूप भूमिका निभाने की आवश्यकता है क्योंकि वहां भी हममें से ही कोई बैठा है। पर्यावरण कानूनों को बिना भेदभाव के प्रभावी तरीके से क्रियान्वयन करने की जरुरत है साथ ही स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना, सार्वजनिक परिवहन को सुदृढ़ बनाना और अपशिष्ट प्रबंधन की बेहतर व्यवस्था करना , जिम्मेदाराना व्यवहार के लिए नागरिकों को प्रेरित करना भी  उसके प्रमुख दायित्व में से एक हैं।इतना ही नहीं  पेड़-पौधों के संवर्धन- संरक्षण,जल स्रोतों की नियमित साफ-सफाई और शहरी हरियाली बढ़ाने जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से सरकारें प्रदूषण नियंत्रण को प्रभावी बना सकती है, बशर्ते बनाना चाहें। मेरा ऐसा मानना है कि जब तक हर भारतीय और सरकारें स्वयं को पर्यावरण का रक्षक नहीं समझेंगे तब तक भारत में प्रदूषण  संकट के बादल गहराते जाने की ही संभावना है, प्रदूषण मुक्त होना एक दिवास्वप्न जैसा है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Dec 2025 20:01:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Kal Ka Mausam: देशभर में कल कैसा रहेगा मौसम? देखें पूर्वानुमान </title>
                                    <description><![CDATA[<p>Kal Ka Mausam: उत्तर भारत में इस समय कड़ाके की सर्दी अपने चरम पर है। बर्फीली हवाओं के कारण दिन में धूप भी असर नहीं दिखा पा रही है और तापमान तेजी से गिर रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि हवा की दिशा में बदलाव के कारण अगले 24 घंटों में न्यूनतम पारा और नीचे जा सकता है।</p>
<p>पहाड़ी राज्यों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते बर्फबारी व हल्की बारिश की संभावनाएँ बनी हुई हैं। 6 और 7 दिसंबर को विशेष रूप से हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार में शीतलहर और कोहरा दोनों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/162761/kal-ka-mausam-how-will-be-the-weather-tomorrow-across"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/ikal-ka-mausam.jpg" alt=""></a><br /><p>Kal Ka Mausam: उत्तर भारत में इस समय कड़ाके की सर्दी अपने चरम पर है। बर्फीली हवाओं के कारण दिन में धूप भी असर नहीं दिखा पा रही है और तापमान तेजी से गिर रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि हवा की दिशा में बदलाव के कारण अगले 24 घंटों में न्यूनतम पारा और नीचे जा सकता है।</p>
<p>पहाड़ी राज्यों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते बर्फबारी व हल्की बारिश की संभावनाएँ बनी हुई हैं। 6 और 7 दिसंबर को विशेष रूप से हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार में शीतलहर और कोहरा दोनों और तेज होने की संभावना है। कई जगह सुबह पाला गिरने से गलन और अधिक बढ़ेगी।</p>
<p>पंजाब में हिमालयी क्षेत्रों के प्रभाव से सर्दी लगातार बढ़ती जा रही है। कई शहरों में न्यूनतम तापमान सामान्य से लगभग 4 डिग्री नीचे दर्ज किया गया है। फरीदकोट में सबसे कम तापमान रिकॉर्ड हुआ है, जबकि पठानकोट, बठिंडा, गुरदासपुर और अमृतसर जैसे शहरों में भी न्यूनतम तापमान 4 से 7 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। सोमवार से तापमान में और गिरावट तथा कोहरे में वृद्धि का अनुमान है।</p>
<p>हरियाणा में भी शीतलहर का प्रभाव बहुत तेज हो गया है। सुबह के समय घना कोहरा देखने को मिल रहा है और न्यूनतम तापमान सामान्य से करीब 4 डिग्री कम है। नारनौल प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा, जहां तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। हिसार, सिरसा, भिवानी, करनाल और अंबाला में भी पारा तेजी से नीचे गिरा है।</p>
<p>राजस्थान में भी शीतलहर ने अपने पैर पसार लिए हैं। शेखावटी और आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाओं और घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है। शेखावटी, फतेहपुर और सीकर में तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि अन्य जिलों में न्यूनतम तापमान 8–9 डिग्री के आसपास है। अगले सप्ताह तक मौसम साफ रहेगा लेकिन ठंड अपने चरम पर बनी रहेगी।</p>
<p>दिल्ली–एनसीआर में शीतलहर के चलते दिन में भी जोरदार ठिठुरन महसूस हो रही है। लगभग 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही ठंडी हवाएँ तापमान को लगातार गिरा रही हैं। शनिवार और रविवार को न्यूनतम तापमान 5 डिग्री और अधिकतम 24 डिग्री के आसपास रहने की उम्मीद है। वहीं, प्रदूषण का स्तर भी बहुत खराब श्रेणी में है और निकट भविष्य में इससे राहत की उम्मीद कम है।</p>
<p>उत्तर प्रदेश में सुबह और शाम घना कोहरा छा रहा है जिससे दृश्यता प्रभावित हो रही है। दिन में धूप निकलने से थोड़ी राहत मिलती है, लेकिन शीतलहर के कारण गलन वाली सर्दी बनी हुई है। कानपुर राज्य का सबसे ठंडा शहर रहा जहां 4 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। बिहार में भी लगातार गिरता तापमान और कोहरा लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है, और अगले सप्ताह ठंड तेजी से बढ़ने की संभावना है।</p>
<p>कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से मौसम में बड़ा बदलाव आया है। ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी के आसार बने हुए हैं। 6 और 7 दिसंबर को आसमान बादलों से ढका रहेगा और 8 दिसंबर को मध्य कश्मीर में बर्फबारी की संभावना है। कई जगह तापमान शून्य से नीचे पहुंच चुका है, जिससे घाटी में ठंड काफी बढ़ गई है।</p>
<p>उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी पश्चिमी विक्षोभ का आंशिक प्रभाव दिख रहा है। ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी और कोहरा देखने को मिल सकता है। दिन में धूप निकलने के बावजूद शाम होते ही ठिठुरन काफी बढ़ जाती है। अगले सप्ताह तक ऊँचे स्थानों पर हिमपात की संभावना बनी रहने का अनुमान है।</p>
<p>पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में अब घने कोहरे की स्थिति बनने वाली है। वहीं दक्षिण भारत में ‘दितवाह’ चक्रवात कमजोर हो चुका है, लेकिन बारिश का दौर अभी जारी है। केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और अंडमान–निकोबार में रविवार तक तेज हवाएँ और हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिलेगी।</p>
<p>पश्चिम बंगाल में भी तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। शनिवार को न्यूनतम पारा 14 डिग्री के आसपास रहा और अगले 24 घंटों में इसमें और गिरावट होने की संभावना है। अधिकतम तापमान लगभग 26 डिग्री के आसपास बना रहेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Dec 2025 21:23:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>घनी आबादी के बीच स्मार्ट सिटी की कल्पना केवल परिकल्पना ना हो</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;" align="center">आज के युग में हमारे देश-देश के मध्यम कद के शहरों का पुनरूत्थान, उन्हें स्मार्ट सिटी की मनोनीत परिकल्पना के अनुरूप विकसित करने का विचार न सिर्फ दूरदर्शिता की निशानी है बल्कि तत्काल आवश्यकता भी बन चुका है। माना गया है कि ऐसे शहर जहाँ निवासियों की सभी सामान्य जरूरतें शुद्ध पानी-बिजली-धूल-प्रदूषण-मुक्त सड़कें-घर-संचार-इंटरनेट-सोशल मीडिया-प्रशासनिक सुविधाएँ-सुरक्षा-शिक्षा-मनोरंजन-यातायात-स्वास्थ्य तेज और सहज रूप में उपलब्ध हों, वहां के नागरिक जीवनशैली में सहजता, शांति और संतुलन महसूस कर सकें।</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;" align="center">ऐसी अवस्था जहाँ हर आम-व्यक्ति को गुणवत्ता-पूर्ण सुविधा कम सेवा मूल्य पर आसानी से मिल सके, वहाँ के जीवन-यापन के तरीके इतने सुलभ व संतुलित</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/161095/balance-of-justice-between-legislature-and-executive"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/download-(1)6.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;" align="center">आज के युग में हमारे देश-देश के मध्यम कद के शहरों का पुनरूत्थान, उन्हें स्मार्ट सिटी की मनोनीत परिकल्पना के अनुरूप विकसित करने का विचार न सिर्फ दूरदर्शिता की निशानी है बल्कि तत्काल आवश्यकता भी बन चुका है। माना गया है कि ऐसे शहर जहाँ निवासियों की सभी सामान्य जरूरतें शुद्ध पानी-बिजली-धूल-प्रदूषण-मुक्त सड़कें-घर-संचार-इंटरनेट-सोशल मीडिया-प्रशासनिक सुविधाएँ-सुरक्षा-शिक्षा-मनोरंजन-यातायात-स्वास्थ्य तेज और सहज रूप में उपलब्ध हों, वहां के नागरिक जीवनशैली में सहजता, शांति और संतुलन महसूस कर सकें।</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;" align="center">ऐसी अवस्था जहाँ हर आम-व्यक्ति को गुणवत्ता-पूर्ण सुविधा कम सेवा मूल्य पर आसानी से मिल सके, वहाँ के जीवन-यापन के तरीके इतने सुलभ व संतुलित हों कि धूल-प्रदूषण-मुक्त सड़कें हों, पानी-बिजली सहज रूप से उपलब्ध हो, घर पहुँच घर-बैठे इंटरनेट-सोशल मीडिया-प्रशासनिक कार्य संपन्न हों। आम नागरिक, जो स्वतंत्रता-उपरांत जन-सुविधाओं के अभाव में अब तक जूझ रहे थे, उनके लिए इसका त्वरित निराकरण संचार-माध्यमों से संभव हो सके। इस प्रकार एक स्मार्ट-शहर की स्थापना केंद्र सरकार का लक्ष्य बन गया है।परंतु यह प्रश्न उठता है कि क्या हमारा भारत, अपनी विशाल जनसंख्या और मेट्रोपॉलिटन शहरों की घनी-संघन संरचना को देखते हुए, व मध्यम-कद-शहरों की संख्या को भी ध्यान में रखते हुए, वास्तव में इस स्मार्ट-सिटी की परिकल्पना को यथार्थ रूप दे सकता है? यदि सरकार व आम नागरिकों का संकल्प दृढ़ हो जाए, आपसी सहयोग व सामंजस्य बेहतर रूप से काम कर जाए, तो निःसंदेह भारत में स्मार्ट-सिटी की परिकल्पना यथार्थ रूप ले सकती है।<br /><br />स्मार्ट-शहर के मानदंड स्पष्ट हो सकते हैं पर्याप्त बिजली-पानी-भोजन-घर आदि उपलब्ध हों; स्वास्थ्य-सुरक्षा-शिक्षा-मनोरंजन-यातायात की सुविधाएं सरलता से मिले; जीवन-आराम के संदर्भ में सभी आर्थिक गतिविधियाँ सुचारू रूप से चलें। ऐसी स्मार्ट-शहर यदि भारत में बन पाती है, तो निसंदेह वह देश के समग्र विकास को गति दे सकती है। लेकिन इसे मात्र दृढ़ संकल्प या नारेबाजी के आधार पर नहीं देखा जा सकता  यहाँ सार्थक मेहनत, रणनीति-निर्माण, निष्पादन-प्रक्रिया और जनता-सहयोग की समान जरूरत है।</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;" align="center"> वास्तव में देश के प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता-दिवस पर घोषणा की कि भारत में एक सैकड़ा से अधिक-शहरों को स्मार्ट-सिटी बनाने की पहल होगी, तथा इसके लिए लगभग नौ-हजार करोड़ रुपये बजट का प्रावधान भी किया गया। इसके अंतर्गत केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय द्वारा एक मैनुअल जारी भी किया गया है। इस परियोजना को आने वाले वर्षों में मूर्त रूप देना है। योजना के अनुसार- 40 लाख से अधिक आबादी वाले 9 शहर, 10 लाख-40 लाख आबादी वाले 44 शहर, 5 लाख-10 लाख आबादी वाले 20 शहर, प्रत्येक राज्य एवं केंद्र-शासित प्रदेश की राजधानी-शहरों के अंतर्गत लगभग 37 शहर तथा पर्यटन/धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण लगभग 15 शहर सम्पूर्ण रूप से स्मार्ट-सिटी के प्रावधान में लाये जाने का प्रस्ताव है।</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;" align="center">प्रारंभ में केंद्र सरकार द्वारा इस दिशा में चयनित शहरों में शामिल हैं-इलाहाबाद (अब प्रयागराज), कानपुर, लखनऊ, वाराणसी, देहरादून, हरिद्वार, बोधगया, भोपाल, इंदौर, कोच्चि, जयपुर, अजमेर आदि। विदेशी राष्ट्रों ने भी इस पहल में रुचि दिखाई है-- जापान ने वाराणसी को स्मार्ट-सिटी के रूप में विकसित करने में शामिल होने का प्रस्ताव रखा है, दिल्ली को स्मार्ट-सिटी बनाने के लिए कतर देश के प्रिंस ने बड़ी निवेश-राशि का प्रस्ताव प्रस्तुत किया है, तथा चेन्नई-बैंगलोर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के निकट “लिटिल सिंगापुर” विकसित करने की चर्चा भी है। सरकार ने इस दिशा में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल को प्राथमिकता देने का निर्णय भी लिया है।</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;" align="center">परंतु स्मार्ट-सिटी बनने के मार्ग में अनेक चुनौतियाँ भी हैं। उदाहरणस्वरूप- भारत में इस प्रकार की परियोजनाओं के कार्यान्वयन में कई फंसे हैं: आधुनिकीकरण-पूर्व आधारभूत संरचनाओं , पुरानी सड़क-नाली को स्मार्ट रूप देना कठिन है; वित्तीय संसाधनों की कमी और वित्तीय सततता की समस्या है। इसके अतिरिक्त, नगरीय स्थानीय निकायों की प्राविधिक एवं नियोजन-क्षमता सीमित है; भूमि अधिग्रहण-स्वीकृति-अनुमति प्रक्रियाओं में विलम्ब और ओवरलैपिंग संस्थागत जिम्मेदारियों की समस्या भी सामने आई है। और सबसे बड़ी चुनौती बड़े विदेशी-शहरों के अनुरूप मॉडल को भारत की विविध जनसंख्या-स्थितियों, आर्थिक-सामाजिक-मानदण्डों, कमजोर-शहरी-इन्फ्रास्ट्रक्चर व घनी जनसंख्या वाले नगरों में प्रत्यक्ष ले जाना आसान नहीं है।</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;" align="center">  इसलिए यदि स्मार्ट-सिटी की परिकल्पना मात्र आकार-आधारित, तकनीकी-उपकरणों-प्रचुरता पर आधारित हो जाए, तो संभावना है कि यह केवल हवा की बातें बनकर रह जाएँ। लेकिन यदि इसके पीछे ठोस योजना, समावेशी दृष्टिकोण, नागरिक भागीदारी, पारदर्शिता, स्थानीय क्षमता-निर्माण हो जाए, तो यह यथार्थ स्वरूप ले सकती है। उदाहरणत भारत के कई स्मार्ट-सिटी परियोजनाओं में यह देखा गया है कि अधिकांश फंड “एरिया-बेस्ड डेवलपमेंट” के अंतर्गत कुछ चुनिंदा क्षेत्रों तक सीमित रह जाते हैं, जिससे पूरे नगरवासियों तक लाभ नहीं पहुंच पाता। इसके साथ ही डिजिटल विभाजन यानी इंटरनेट-कनेक्टिविटी-तकनीकी पहुँच का असमान वितरण भी बड़ी बाधा है।</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;" align="center">अतः निष्कर्षतः कह सकते हैं कि यदि देश का प्रत्येक नागरिक, इस सोच से प्रेरित होकर, सरकार की इस परियोजना में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से अपना योगदान देने का संकल्प ले जाए, यदि नीति-निर्माण से लेकर कार्यान्वयन-प्रक्रिया तक नागरिक-भागीदारी व पारदर्शिता सुनिश्चित हो जाए, और स्थानीय निकाय-प्रशासन-निजी-क्षेत्र-सहयोग यथोचित रूप से हो जाए, तो निश्चित ही अगले दो दशकों में भारत में सैकड़ों स्मार्ट-शहर निर्मित हो सकते हैं। और तब आम नागरिकों को जन-सुविधाओं का सामान्य-स्वीकरण मिलेगा तथा भारत एक विकसित राष्ट्र की श्रेणी में तेज़ी से आ जाएगा। सिर्फ लक्ष्य-घोषणा-ही पर्याप्त नहीं लक्ष्य के पीछे मेहनत-संकल्प-लोक-भागीदारी-निरंतरता-अभ्यास ज़रूरी हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/161095/balance-of-justice-between-legislature-and-executive</link>
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                <pubDate>Fri, 21 Nov 2025 17:03:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Kal Ka Mousam: देश में इन जगहों पर कल आंधी-तूफान का अलर्ट ! देखें मौसम पूर्वानुमान </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Kal Ka Mousam:</strong> देशभर में कल मौसम का हाल कैसा रहने वाला है आइए जानते है मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार कल कहां-कहां बारिश होने वाली है और किन जगहों पर मौसम साफ रहने वाले है, आइए देखें मौसम पूर्वानुमान...</p>
<p>मौसम तेजी से बदल रहा है। मौसम विभाग ने अगले 2 से 3 दिन तक यानी 30 और 31 अक्टूबर या 1 नवबंर तक उत्तर भारत के वेदर सिस्टम में बड़े परिवर्तन के संकेत दिए हैं। Kal Ka Mousam</p>
<p>गुरुवार से लेकर वीकेंड तक हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार के अधिकांश हिस्सों में बादलों की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/158476/kal-ka-mousam-see-storm-alert-tomorrow-at-these-places"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/latest-news---2025-10-29t201531.008.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Kal Ka Mousam:</strong> देशभर में कल मौसम का हाल कैसा रहने वाला है आइए जानते है मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार कल कहां-कहां बारिश होने वाली है और किन जगहों पर मौसम साफ रहने वाले है, आइए देखें मौसम पूर्वानुमान...</p>
<p>मौसम तेजी से बदल रहा है। मौसम विभाग ने अगले 2 से 3 दिन तक यानी 30 और 31 अक्टूबर या 1 नवबंर तक उत्तर भारत के वेदर सिस्टम में बड़े परिवर्तन के संकेत दिए हैं। Kal Ka Mousam</p>
<p>गुरुवार से लेकर वीकेंड तक हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार के अधिकांश हिस्सों में बादलों की आवाजाही रहेगी। इस दौरान कुछ इलाकों में बारिश के साथ सर्दी और कोहरे का ग्राफ बढ़ेगा और लोगों को ठंडी प्रतीत होगी। Kal Ka Mousam</p>
<p>पहाड़ी भागों में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में हल्की बारिश के साथ बर्फबारी होगी और कोहरे के साथ कड़ाके की सर्दी अटैक करेगी। लेकिन, मोंथा चक्रवात के प्रभाव से दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में तबाही का आलम रहेगा। Kal Ka Mousam</p>
<p>अगले 24 घंटे के दौरान तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, लक्ष्यद्वीप, ओडिशा, पश्चिम बंगाल के समुद्री तटों में तेज आंधी-तूफान के साथ भारी से भारी बारिश का पूर्वानुमान है। वहीं, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात के कुछ भागों में भी साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से तेज हवाओं के साथ बादल बरसते नजर आएंगे। Kal Ka Mousam</p>
<p><strong>हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कल का मौसम</strong></p>
<p>हिमाचल प्रदेश में अगले 4 से 5 दिन मौसम साफ रहने का अनुमान है। IMD के मुताबिक, राज्य के कई हिस्सों में कोहरे की एंट्री हो चुकी है। उत्तराखंड में पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने से ऊंचाई वाले स्थानों पर बर्फबारी का अलर्ट है। कुमाऊं वाले इलाकों में आंशिक तौर पर बादल छाए रहने के साथ बारिश और बर्फबारी तापमान लुढ़केगा, जिसका असर मैदानी इलाकों तक पहुंचेगा। Kal Ka Mousam</p>
<p><strong>दिल्ली में कल का मौसम</strong></p>
<p>दिल्ली-NCR में बादल हैं या धुंध ये प्रदूषण के बीच भ्रम की स्थिति है, लेकिन मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अभी आंशिक तौर पर बादल छाए रहेंगे। हालांकि, बारिश को लेकर स्थिति डांवाडोल है। Kal Ka Mousam</p>
<p>फिलहाल, दिल्ली के साथ नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद और गाजियाबाद में हल्का कोहरा छाए रहने का अनुमान है। अगले 24 घंटे के दौरान हो सकता है 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं बहें, जिससे रात में ठंड बढ़ने के आसार हैं। </p>
<p><strong>यूपी में कल का मौसम Kal Ka Mousam</strong></p>
<p>उत्तर प्रदेश पिछले 2 दिन के मुकाबले अब कुछ मौसम साफ रहने की संभावना है। अब धीरे-धीरे सुबह और शाम को हल्के कोहरे के साथ सर्दी में इजाफा होगा। मौसम विभाग की मानें तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बादलों की आवाजाही के बीच भी मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन पूर्वी यूपी में मेघ गर्जन के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है, जिससे तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की जाएगी। Kal Ka Mousam</p>
<p>IMD के मुताबिक, मोंथा तूफान के प्रभाव से प्रभाव से प्रयागराज, वाराणसी, मिर्जापुर, गाजीपुर, मऊ, आजमगढ़, संत रविदासनगर, चंदौली, जौनपुर, कौशांबी, प्रतापगढ़, चित्रकूट और झांसी समेत कानपुर और लखनऊ के कुछ हिस्सों में बारिश के आसार बने रहेंगे।</p>
<p><strong>राजस्थान में कल का मौसम</strong></p>
<p>राजस्थान में मौसमी गतिविधियों ने सर्दी को हवा दे दी है। एक नए मौसमी तंत्र के असर से राज्य के विभिन्न जिलों में बारिश होने के आसार बने हुए हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, चित्तौड़गढ़ जिले में भारी बारिश दर्ज की गई। जयपुर मौसम केद्र के अनुसार, पश्चिमी राजस्थान में कहीं कहीं हल्की बारिश हो सकती है। Kal Ka Mousam</p>
<p>आगामी 4-5 दिन तक दक्षिणी व दक्षिण-पूर्वी भागों में बीकानेर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। तीन नवंबर को नया पश्चिमी विक्षोभ पुनः सक्रिय हो सकता है, जिसके प्रभाव से फिर से पश्चिमी और पूर्वी भागों में हल्की-मध्यम बारिश हो सकती है। </p>
<p><strong>बिहार में कल का मौसम</strong></p>
<p>बिहार में मौसम बदलाव की ओर बढ़ रहा है। खासकर, बंगाल और नेपाल से सटे जिलों में मौसमी गतिविधियां होने का अलर्ट है। मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। पटना मौसम केंद्र के मुताबिक, राज्य के 9 जिलों में पटना, बांका, जमुई, मुंगेर, भागलपुर, कटिहार, गयाजी, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण समेत कई पड़ोसी जिलों में अगले 48 घंटों के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के झमाझम बारिश का अलर्ट घोषित किया गया है, जिससे 3 से 4 तापमान गिरेगा और सर्दी का ग्राफ बढ़ेगा। Kal Ka Mousam</p>
<p><strong>आंध्र प्रदेश-तेलंगाना में कल का मौसम</strong></p>
<p>चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ का दक्षिण भारत में बड़ा प्रभाव है। तूफान के आंध्र प्रदेश के तट से गुजरने के बाद बुधवार को विजयवाड़ा शहर में तेज हवाएं चलीं और भारी बारिश से खूब तबाही हुई। IMD के मुताबिक, अगले कुछ घंटों तक राज्य के तटीय हिस्सों में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश जारी रहेगी। अब भीषण चक्रवात 'मोंथा' कमजोर होकर एक चक्रवाती तूफान में बदल गया है और आंध्र प्रदेश के साथ तेलंगाना से भी आगे बढ़ गया। IMD ने पुष्टि की है कि इस सप्ताह की शुरुआत में दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में बना यह चक्रवात मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच 110 किमी प्रति घंटे की गति से टकराया।  Kal Ka Mousam</p>
<p>तेलंगाना में गरज चमक के साथ आकाशीय गिरगने के साथ बिजलीवारंगल, यदाद्री भुवनगिरि, महबूबाबाद, सूर्यापेट, नलगोंडा और हैदराबाद में भारी बारिश हुई। फिलहाल, मोंथा तूफान काकीनाडा के दक्षिण में पश्चिम गोदावरी जिले के नरसापुर के पास आंध्र प्रदेश तट को पार कर गया। आदिलाबाद, मंचेरियल, निर्मल, जगतियाल, करीमनगर, पेद्दापल्ली, जयशंकर भूपालपल्ली, मुलुगु, भद्राद्री कोठागुडेम, खम्मम, महबूबाबाद और सिद्दीपेट जिलों में अलग-अलग स्थानों पर तूफान, बिजली और तेज हवाओं (40-50 किमी प्रति घंटे) के साथ भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। Kal Ka Mousam</p>
<p><strong>ओडिशा में कल का मौसम</strong></p>
<p>ओडिशा में चक्रवाती तूफान ‘मोंथा के असर से भुवनेश्वर, बालासोर, मयूरभंज, खुर्दा, कटक, पुरी, केंद्रपाड़ा और जगतसिंहपुर सहित राज्य के कई हिस्सों में बारिश हो रही है। फिलहाल, 45 किलोमीटर प्रति घंटा से 65 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश जारी है। Kal Ka Mousam</p>
<p>मौसम विभाग ने गंजाम, सुंदरगढ़, क्योंझर, मयूरभंज, बालासोर, भद्रक, कोरापुट, मलकानगिरी, रायगड़ा, गजपति, कालाहांडी और नवरंगपुर जिलों में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। Kal Ka Mousam</p>
<p><strong>बंगाल में कल का मौसम </strong></p>
<p>पश्चिम बंगाल के कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। IMD ने बताया कि चक्रवात दबाव क्षेत्र में कमजोर हो जाएगा, जिससे राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। शुक्रवार तक उत्तर 24 परगना, मालदा, हावड़ा, हुगली, दक्षिण दिनाजपुर, दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, कूचबिहार और अलीपुरद्वार के कुछ हिस्सों में बिजली चमकने और भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। Kal Ka Mousam</p>
<p><strong>तमिलनाडु, पुडुचेरी में कल का मौसम</strong></p>
<p>मौसम विभाग ने मोंथा के प्रभाव के कारण, तमिलनाडु में अगले छह दिनों तक मध्यम वर्षा होने की संभावना जताई है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कन्याकुमारी में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो कभी-कभी 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। आसमान में बादल छाए रहने और कुछ इलाकों में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/158476/kal-ka-mousam-see-storm-alert-tomorrow-at-these-places</link>
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                <pubDate>Wed, 29 Oct 2025 20:15:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Kal Ka Mousam: कल देशभर में कैसा रहेगा मौसम का हाल, इन जगहों पर आंधी-तूफान का अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>Kal Ka Mousam: </strong>कल देशभर में मौसम का हाल कैसा रहने वलय है आइए जानते है मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार कल किन जगहों पर बारिश आने का अलर्ट जारी किया गया है और किन जगहों पर मौसम साफ रहने वाला है, आइए देखें मौसम पूर्वानुमान...</p>
<p style="text-align:justify;">IMD ने अगले 3 दिन में देशभर के विभिन्न राज्यों में मौसमी गतिविधियां होने की संभावना जताई है। हालांकि, अक्टूबर के अंत तक उत्तर भारत के सभी राज्यों में बारिश का सिस्टम बन रहा है, जिससे अगले 10 दिन में कड़ाके की सर्दी की ओर मौसम प्रवेश करेगा। IMD ने अगले 2</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/158100/kal-ka-mausam-how-will-be-the-weather-across-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/latest-news---2025-10-23t164702.077.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Kal Ka Mousam: </strong>कल देशभर में मौसम का हाल कैसा रहने वलय है आइए जानते है मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार कल किन जगहों पर बारिश आने का अलर्ट जारी किया गया है और किन जगहों पर मौसम साफ रहने वाला है, आइए देखें मौसम पूर्वानुमान...</p>
<p style="text-align:justify;">IMD ने अगले 3 दिन में देशभर के विभिन्न राज्यों में मौसमी गतिविधियां होने की संभावना जताई है। हालांकि, अक्टूबर के अंत तक उत्तर भारत के सभी राज्यों में बारिश का सिस्टम बन रहा है, जिससे अगले 10 दिन में कड़ाके की सर्दी की ओर मौसम प्रवेश करेगा। IMD ने अगले 2 से 3 दिन तक पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने और मध्यम बारिश के साथ बर्फबारी का पूर्वानुमान जताया है, इस दौरान उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के करीब 5-5 जिले नए वेदर सिस्टम से प्रभावित होंगे, जिसका असर हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार में पड़ सकता है। Kal Ka Mousam</p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर भारत में 23, 24 और 25 अक्टूबर को बादलों की आवाजाही के अलावा बारिश का कोई अलर्ट नहीं है, लेकिन मौसम शुष्क रहने से दिन में हल्की उमस-गर्मी परेशान करेगी और सुबह के समय हल्के कोहरे के साथ तेज सर्दी महसूस होगी। बंगाल की खाड़ी में अरब सागर के दोनों सिस्टम बनने से मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान, आकाशीय बिजली गिरने के साथ तेज बारिश हो सकती है। Kal Ka Mousam</p>
<p style="text-align:justify;">यही वेदर सर्कुलेशन तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी में जमकर बारिश करेगा। मेघालय, अंडमान निकोबार द्वीप समूह समेत कई पूर्वोत्तर के राज्यों में हल्की वर्षा के आसार बने रहेंगे। Kal Ka Mousam</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>MP में कल का मौसम</strong></p>
<p style="text-align:justify;">IMD के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में अरब के दोनों नए वेदर सिस्टम सक्रिय होने से मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में जोरदार बारिश की संभावना है। गुरुवार को राजधानी भोपाल, जबलपुर, इंदौर, ग्वालियर, खजुराहो, कान्हा नेशनल पार्क, बांधवगढ़ नेशनल पार्क, रीवा और सतना के कुछ हिस्सों में मेघ गर्जन और आंधी के साथ आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट है। Kal Ka Mousam</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली में कल का मौसम</strong></p>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के साथ दिन में गर्मी का एहसास हो रहा है। IMD के मुताबिक, अधिकांश हिस्सों में धुंध की चादर छाई है, लेकिन आसमान साफ रहने का अनुमान है। हालांकि, अगले एक से दो दिन में पहाड़ों पर एक्टिव पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बीच-बीच में बादलों की आवाजाही देखी जाएगी, लेकिन बारिश की गतिविधियां होंगी ये कहना मुश्किल है। सर्दियों के बढ़ते ही प्रदूषण के लेवल पर और भी बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे करीब 2 से 3 महीने शुद्ध हवा सपना हो सकती है। Kal Ka Mousam</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यूपी में कल का मौसम</strong></p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश में फिलहाल धूप-छांव का दौर जारी है। दिन में उमस परेशान कर रही और रात में तापमान नर्म नहीं है। मौसम विभाग ने बताया कि प्रदेश के कुछ हिस्सों में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर दिखाई देगा और कुछ जगहों पर आंशिक तौर पर बादल छा सकते हैं, लेकिन बारिश का पूर्वानुमान नहीं है। वीकेंड तक तापमान में कमी आने की संभावना जताई जा रही है, जिससे सर्दा का एहसास बढ़ेगा। Kal Ka Mousam</p>
<p style="text-align:justify;">IMD की मानें तो अगले सप्ताह तक कोहरे की भी एंट्री हो सकती है। वहीं, नोएडा, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, आगरा, बरेली, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर समेत कई जिलों में हवा की क्वालिटी बेहद खराब हो चली है। Kal Ka Mousam</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>राजस्थान में कल का मौसम</strong></p>
<p style="text-align:justify;">राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम में परिवर्तन के संकेत हैं। मौसम विभाग श्रीगंगानगर, जयपुर, अलवर बांसवाड़ा, जैसलमेर और फलोदी में मौसम साफ रहने की उम्मीद जताई है, जिससे दिन में हल्की गर्माहट और सुबह कोहरे के ठीक-ठाक सर्दी रहने की संभावना है। Kal Ka Mousam</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>बिहार-राजस्थान में कल का मौसम</strong></p>
<p style="text-align:justify;">बिहार में मौसम सामान्य है। कई स्थानों पर बादलों की आवाजाही देखी जा रही है, लेकिन बारिश के आसार कम हैं। अगले 5 दिनों तक ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान है। दिन में धूप निकलने और तापमान बढ़ने से गर्मी प्रतीत हो रही है। Kal Ka Mousam</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>हिमाचल प्रदेश में कल का मौसम</strong></p>
<p style="text-align:justify;">हिमाचल प्रदेश में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के सक्रिय होते ही मौसम ने रंग बदल लिया है। पहाड़ों पर बर्फबारी और बारिश के डबल अटैक से ठंड का सितम बढ़ गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य के कई हिस्सों में आकाशीय बिजली कड़कने के साथ बारिश का सिलसिला जारी है। IMD ने 24 अक्टूबर तक शिमला, मनाली, कांगड़ा, केलांग, मंडी, सोलन, सिरमौर में अच्छी खासी बारिश और लाहौल स्पीति, किन्नौर, चंबा और कुल्लू में हल्की बारिश के साथ बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है। फिलहाल, मौसमी गतिविधियां और बर्फ गिरने से मौसम काफी सुहावना हो गया है। Kal Ka Mousam</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>उत्तराखंड में कल का मौसम</strong></p>
<p style="text-align:justify;">उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान जताया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ का सबसे बड़ा प्रभाव पर्वतीय इलाकों में नजर आ रहा है। खासकर, देहरादून, चमोली, उत्तरकाशी, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और रूद्र प्रयाग में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। लगातार बिगड़ते मौसम के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे सर्दी का लेवल बढ़ेगा। Kal Ka Mousam</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>गुजरात में कल का मौसम</strong></p>
<p style="text-align:justify;">गुजरात और आसपास के केंद्र शासित प्रदेशों के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ छींटे पड़ने का अनुमान है। IMD ने 25 अक्टूबर तक तक डांग, तापी, नवसारी, वलसाड और दमन, दादरा और नगर हवेली केंद्र शासित प्रदेशों में रुक-रुक कर बारिश होने की बात कही है, जबकि राज्य के बाकी हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की उम्मीद है। Kal Ka Mousam</p>
<p style="text-align:justify;">अगले 36 घंटों में वेदर सिस्टम और मजबूत हो सकता है। हालांकि, 26 अक्टूबर के बाद आसमान साफ होने से पहले दक्षिण गुजरात में पूरे सप्ताह मानसून के बाद छिटपुट गतिविधियां देखी जा सकती हैं। Kal Ka Mousam</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>दक्षिण भारत में कल का मौसम</strong></p>
<p style="text-align:justify;">देश के समुद्री हिस्सों अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में दो सक्रिय मौसम प्रणालियां बन चुकी हैं। इनमें से एक दक्षिण-पूर्व अरब सागर में बना डिप्रेशन है, जबकि दूसरी तमिलनाडु तट के पास दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव क्षेत्र के रूप में बना हुआ है। IMD के अनुसार, यह मौसम प्रणाली अगले 24 घंटों के दौरान धीरे-धीरे उत्तर, उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे शिफ्ट होगी। Kal Ka Mousam</p>
<p style="text-align:justify;">इसके प्रभाव से अगले 2 से 4 दिन तक लक्षद्वीप, केरल और तटीय कर्नाटक के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान बारिश का पूर्वानुमान है। इस दौरान समुद्र में ऊंची लहरें उठने की चेतावनी है। मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। Kal Ka Mousam</p>
<p style="text-align:justify;">तमिलनाडु के चेन्नई, तिरुवल्लूर, कांचीपुरम, रानीपेट, तिरुवन्नामलाई, कल्लाकुरिची, अरियालुर, पेरम्बलुर, तंजावुर, तिरुवरूर, सलेम, तिरुचिरापल्ली, वेल्लोर, तिरुपत्तूर, धर्मपुरी और पुदुकोट्टई नागपट्टिनम और पुडुचेरी के कराईकल जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहां बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Oct 2025 16:47:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Kal Ka Mousam: देशभर में 22 से 24 अक्टूबर को तूफान संग होगी बारिश, IMD ने जारी किया अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>Kal Ka Mousam: </strong>देशभर में कल से 24 अक्तूबर तक मौसम कैसा रहने वाला है, आइए जानते है मौसम विभाग के अनुसार कल से मोसुम में कितना बदलाव रहने वाला है और किन शहरों में तूफान संग बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, आइए देखें मौसम की ताजा अपडेट....</p>
<p style="text-align:justify;">IMD ने अगले 3 दिन में देशभर के विभिन्न राज्यों में मौसमी गतिविधियां होने की संभावना जताई है। हालांकि, अक्टूबर के अंत तक उत्तर भारत के सभी राज्यों में बारिश का सिस्टम बन रहा है, जिससे अगले 10 दिन में कड़ाके की सर्दी की ओर मौसम प्रवेश करेगा। Kal Ka</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/158014/kal-ka-mausam-there-will-be-rain-with-storm-across"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/latest-news---2025-10-22t172051.282.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Kal Ka Mousam: </strong>देशभर में कल से 24 अक्तूबर तक मौसम कैसा रहने वाला है, आइए जानते है मौसम विभाग के अनुसार कल से मोसुम में कितना बदलाव रहने वाला है और किन शहरों में तूफान संग बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, आइए देखें मौसम की ताजा अपडेट....</p>
<p style="text-align:justify;">IMD ने अगले 3 दिन में देशभर के विभिन्न राज्यों में मौसमी गतिविधियां होने की संभावना जताई है। हालांकि, अक्टूबर के अंत तक उत्तर भारत के सभी राज्यों में बारिश का सिस्टम बन रहा है, जिससे अगले 10 दिन में कड़ाके की सर्दी की ओर मौसम प्रवेश करेगा। Kal Ka Mousam</p>
<p style="text-align:justify;">IMD ने अगले 2 से 3 दिन तक पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने और मध्यम बारिश के साथ बर्फबारी का पूर्वानुमान जताया है, इस दौरान उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के करीब 5-5 जिले नए वेदर सिस्टम से प्रभावित होंगे, जिसका असर हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार में पड़ सकता है। Kal Ka Mousam</p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर भारत में 23, 24 और 25 अक्टूबर को बादलों की आवाजाही के अलावा बारिश का कोई अलर्ट नहीं है, लेकिन मौसम शुष्क रहने से दिन में हल्की उमस-गर्मी परेशान करेगी और सुबह के समय हल्के कोहरे के साथ तेज सर्दी महसूस होगी। बंगाल की खाड़ी में अरब सागर के दोनों सिस्टम बनने से मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान, आकाशीय बिजली गिरने के साथ तेज बारिश हो सकती है। Kal Ka Mousam</p>
<p style="text-align:justify;">यही वेदर सर्कुलेशन तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी में जमकर बारिश करेगा। मेघालय, अंडमान निकोबार द्वीप समूह समेत कई पूर्वोत्तर के राज्यों में हल्की वर्षा के आसार बने रहेंगे। Kal Ka Mousam</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>MP में कल का मौसम</strong></p>
<p style="text-align:justify;">IMD के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में अरब के दोनों नए वेदर सिस्टम सक्रिय होने से मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में जोरदार बारिश की संभावना है। गुरुवार को राजधानी भोपाल, जबलपुर, इंदौर, ग्वालियर, खजुराहो, कान्हा नेशनल पार्क, बांधवगढ़ नेशनल पार्क, रीवा और सतना के कुछ हिस्सों में मेघ गर्जन और आंधी के साथ आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट है। इस दौरान लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। Kal Ka Mousam</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली में कल का मौसम</strong></p>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली-NCR में प्रदूषण के साथ दिन में गर्मी का एहसास हो रहा है। IMD के मुताबिक, दिवाली के बाद से अधिकांश हिस्सों में धुंध की चादर छाई है, लेकिन आसमान साफ रहने का अनुमान है। हालांकि, अगले एक से दो दिन में पहाड़ों पर एक्टिव पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बीच-बीच में बादलों की आवाजाही देखी जाएगी, लेकिन बारिश की गतिविधियां होंगी ये कहना मुश्किल है। सर्दियों के बढ़ते ही प्रदूषण के लेवल पर और भी बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे करीब 2 से 3 महीने शुद्ध हवा सपना हो सकती है। Kal Ka Mousam</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यूपी में कल का मौसम</strong></p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश में फिलहाल धूप-छांव का दौर जारी है। दिन में उमस परेशान कर रही और रात में तापमान नर्म नहीं है। मौसम विभाग ने बताया कि प्रदेश के कुछ हिस्सों में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर दिखाई देगा और कुछ जगहों पर आंशिक तौर पर बादल छा सकते हैं, लेकिन बारिश का पूर्वानुमान नहीं है। वीकेंड तक तापमान में कमी आने की संभावना जताई जा रही है, जिससे सर्दा का एहसास बढ़ेगा। Kal Ka Mousam</p>
<p style="text-align:justify;">IMD की मानें तो अगले सप्ताह तक कोहरे की भी एंट्री हो सकती है। वहीं, नोएडा, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, आगरा, बरेली, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर समेत कई जिलों में हवा की क्वालिटी बेहद खराब हो चली है। Kal Ka Mousam</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>राजस्थान में कल का मौसम</strong></p>
<p style="text-align:justify;">राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम में परिवर्तन के संकेत हैं। मौसम विभाग श्रीगंगानगर, जयपुर, अलवर बांसवाड़ा, जैसलमेर और फलोदी में मौसम साफ रहने की उम्मीद जताई है, जिससे दिन में हल्की गर्माहट और सुबह कोहरे के ठीक-ठाक सर्दी रहने की संभावना है। Kal Ka Mousam</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>बिहार-राजस्थान में कल का मौसम</strong></p>
<p style="text-align:justify;">बिहार में मौसम सामान्य है। कई स्थानों पर बादलों की आवाजाही देखी जा रही है, लेकिन बारिश के आसार कम हैं। अगले 5 दिनों तक ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान है। दिन में धूप निकलने और तापमान बढ़ने से गर्मी प्रतीत हो रही है। हालांकि, रात में मौसम काफी सुहावना बना रहने की संभावना है। IMD ने छठ पर्व के बाद सर्दी का ग्राफ बढ़ने का अनुमान व्यक्त किया है। Kal Ka Mousam</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>हिमाचल प्रदेश में कल का मौसम</strong></p>
<p style="text-align:justify;">हिमाचल प्रदेश में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के सक्रिय होते ही मौसम ने रंग बदल लिया है। पहाड़ों पर बर्फबारी और बारिश के डबल अटैक से ठंड का सितम बढ़ गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य के कई हिस्सों में आकाशीय बिजली कड़कने के साथ बारिश का सिलसिला जारी है। IMD ने 24 अक्टूबर तक शिमला, मनाली, कांगड़ा, केलांग, मंडी, सोलन, सिरमौर में अच्छी खासी बारिश और लाहौल स्पीति, किन्नौर, चंबा और कुल्लू में हल्की बारिश के साथ बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है। Kal Ka Mousam</p>
<p style="text-align:justify;">फिलहाल, मौसमी गतिविधियां और बर्फ गिरने से मौसम काफी सुहावना हो गया है। अब अचानक तापमान गिरने के कड़ाके की सर्दी का एहसास होगा। Kal Ka Mousam</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>उत्तराखंड में कल का मौसम</strong></p>
<p style="text-align:justify;">उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान जताया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ का सबसे बड़ा प्रभाव पर्वतीय इलाकों में नजर आ रहा है। खासकर, देहरादून, चमोली, उत्तरकाशी, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और रूद्र प्रयाग में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। लगातार बिगड़ते मौसम के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे सर्दी का लेवल बढ़ेगा। Kal Ka Mousam</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>गुजरात में कल का मौसम<br /></strong> <br />गुजरात और आसपास के केंद्र शासित प्रदेशों के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ छींटे पड़ने का अनुमान है। IMD ने 25 अक्टूबर तक तक डांग, तापी, नवसारी, वलसाड और दमन, दादरा और नगर हवेली केंद्र शासित प्रदेशों में रुक-रुक कर बारिश होने की बात कही है, जबकि राज्य के बाकी हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की उम्मीद है। Kal Ka Mousam</p>
<p style="text-align:justify;">अगले 36 घंटों में वेदर सिस्टम और मजबूत हो सकता है। हालांकि, 26 अक्टूबर के बाद आसमान साफ होने से पहले दक्षिण गुजरात में पूरे सप्ताह मानसून के बाद छिटपुट गतिविधियां देखी जा सकती हैं। Kal Ka Mousam</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>दक्षिण भारत में कल का मौसम</strong></p>
<p style="text-align:justify;">देश के समुद्री हिस्सों अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में दो सक्रिय मौसम प्रणालियां बन चुकी हैं। इनमें से एक दक्षिण-पूर्व अरब सागर में बना डिप्रेशन है, जबकि दूसरी तमिलनाडु तट के पास दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव क्षेत्र के रूप में बना हुआ है। Kal Ka Mousam</p>
<p style="text-align:justify;">IMD के अनुसार, यह मौसम प्रणाली अगले 24 घंटों के दौरान धीरे-धीरे उत्तर, उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे शिफ्ट होगी। इसके प्रभाव से अगले 2 से 4 दिन तक लक्षद्वीप, केरल और तटीय कर्नाटक के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान बारिश का पूर्वानुमान है। इस दौरान समुद्र में ऊंची लहरें उठने की चेतावनी है। Kal Ka Mousam</p>
<p style="text-align:justify;">मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। तमिलनाडु के चेन्नई, तिरुवल्लूर, कांचीपुरम, रानीपेट, तिरुवन्नामलाई, कल्लाकुरिची, अरियालुर, पेरम्बलुर, तंजावुर, तिरुवरूर, सलेम, तिरुचिरापल्ली, वेल्लोर, तिरुपत्तूर, धर्मपुरी और पुदुकोट्टई नागपट्टिनम और पुडुचेरी के कराईकल जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहां बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Oct 2025 17:21:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Kal Ka Mousam: 19, 20, 21 अक्टूबर को देश में आएगा तूफान ! IMD ने जारी किया अलर्ट </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Kal Ka Mousam:</strong> देशभर में अगले 3 दिन तक मौसम कैसा रहने वाला है आइए जानते है मौसम विभाग के अनुसार 19 से 21 अक्टूबर तक कहां-कहां बारिश होने वाली है। आइए देखें मौसम का पूरा हाल...</p>
<p>मानसून की वापसी के बाद नए वेदर सिस्टम के एक्टिव होने के आसार बन रहे हैं। मौसम विभाग की मानें तो अगले 24 घंटे के दौरान अरब सागर में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है, जिससे अक्टूबर के आखिरी सप्ताह तक देशभर के अधिकांश राज्यों में मौसमी गतिविधियां हो सकती हैं। Kal Ka Mousam</p>
<p>IMD</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/157646/kal-ka-mousam-19-20-storm-will-hit-the-country"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/latest-news---2025-10-18t171804.368.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Kal Ka Mousam:</strong> देशभर में अगले 3 दिन तक मौसम कैसा रहने वाला है आइए जानते है मौसम विभाग के अनुसार 19 से 21 अक्टूबर तक कहां-कहां बारिश होने वाली है। आइए देखें मौसम का पूरा हाल...</p>
<p>मानसून की वापसी के बाद नए वेदर सिस्टम के एक्टिव होने के आसार बन रहे हैं। मौसम विभाग की मानें तो अगले 24 घंटे के दौरान अरब सागर में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है, जिससे अक्टूबर के आखिरी सप्ताह तक देशभर के अधिकांश राज्यों में मौसमी गतिविधियां हो सकती हैं। Kal Ka Mousam</p>
<p>IMD की मानें तो 19 अक्टूबर को उत्तर भारत के राज्यों में दिन में धूप की वजह से हल्की गर्मी के साथ अधिकतर मौसम सुहावना रहेगा, लेकिन वीकेंड के दौरान हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार में हल्के फुल्के बादलों के आने जाने के संकेत हैं, लेकिन बारिश को लेकर कोई बड़ा अलर्ट नहीं है। Kal Ka Mousam</p>
<p>ऊपर जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई हिस्सों में मेघ गर्जन के साथ बूंदाबांदी के साथ बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है, जिससे पारा गिरेगा और कड़ाके की ठंड की ओर मौसम बढ़ेगा। अगले 48 घंटे तक मध्य प्रदेश, विदर्भ, कोंकण, गोवा और मुंबई में हल्की बारिश हो सकती है। इसके अलावा तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, अंडमान निकोबार द्वीप समूह और लक्ष्यद्वीप में घने बादल के छाए रहने और आंधी-तूफान के साथ मध्यम से भारी वर्षा की चेतावनी है। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने का खतरा जताया गया है। Kal Ka Mousam</p>
<p><strong>समुद्री तूफान का अलर्ट</strong></p>
<p>IMD के मुताबिक, 20 या 21 अक्टूबर को अरब सागर में समुद्री तूफान बनने की प्रबल संभावना है। यह चक्रवाती तूफान तमिलनाडु के उत्तरी तट एवं आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तट से 24 अक्टूबर को टकराएगा तो मौसम अचानक से बदलेगा। साथ ही दक्षिण भारत के राज्यों में उत्तर पूर्वी मानसून के असर से आंधी-तूफान के साथ बादल बरसते नजर आएंगे। Kal Ka Mousam</p>
<p><strong>यूपी में कल का मौसम</strong></p>
<p>उत्तर प्रदेश में मौसम और सामान्य तापमान है। फिलहाल, ठंड की रफ्तार बढ़ रही है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 2 दिन यानी दिवाली के बाद सुबह और शाम काफी ठंड महसूस होगी। खासकर, ग्रामीण इलाकों में सुबह कोहरे की चादर नजर आएगी, जिससे लोगों को गर्म कपड़ों और अलाव का सहारा लेना पड़ सकता है। वहीं कानपुर, लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज और आगरा जैसे शहरों वातावरण में धुंध छाई नजर आएगी, जो आने वाले दिनों में प्रदूषण के बड़े संकेत हैं। Kal Ka Mousam</p>
<p><strong>बिहार में कल का मौसम</strong></p>
<p>बिहार में मौसम का मिजाज सामान्य है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, फिलहाल एक से दो दिन तक आंधी और बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन धूप के निकलने से हल्की गर्मी का एहसास होगा। हालांकि, अधिकांश भागों में ठंडी हवाएं मौसम तरोताजा रखेंगी। अगले 2 दिन तक यानी दिवाली तक राजधानी पटना, गया, सीवान, समस्तीपुर, किशनगंज, मधुबनी, दरभंगा और भागलपुर समेत कई अन्य जिलों में तापमान न्यूनतम रहने की संभावना। माना जा रहा है कि अगले सप्ताह से सर्दी का मीटर तेजी से बढ़ेगा। Kal Ka Mousam</p>
<p><strong>दिल्ली में कल का मौसम</strong></p>
<p>दिल्ली-NCR में सर्दी की आहट होते ही पॉल्यूशन मीटर का मीटर बढ़ने लगा है। पूरे NCR में वातावरण में धुंध छाई नजर आने लगी है। IMD के मुताबिक, वीकेंड पर शनिवार और रविवार को AQI बढ़ेगा और दिवाली पर सीजन का रिकॉर्ड टूट सकता है। </p>
<p>धुंध छाने से सांस के मरीजों को सतर्क रहना होगा। फिलहाल, दिल्ली या उसके आसपास बारिश को लेकर कोई अलर्ट नहीं है, लेकिन बीच-बीच में बादलों की आवाजाही हो सकती है। अगले सप्ताह तक सर्दी में बढ़ोतरी होगी। Kal Ka Mousam</p>
<p><strong>उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में कल का मौसम</strong></p>
<p>उहाड़ों पर जारी बर्फबारी के असर से तापमान लुढ़कता नजर आ रहा है। उत्तराखंड में दिन में मौसम सुहावना प्रतीत हो रहा है तो रात काफी ठंड हो चली हैं। सीजन की पहली बर्फबारी से ही सर्दी का एहसास होने लगा है। IMD की मानें तो अगले 2 दिन तक आंशिक तौर बादल छा सकते हैं, लेकिन तेज बारिश का अलर्ट नहीं हैं। </p>
<p>वहीं, हिमाचल प्रदेश में अगले 2 दिन तक ऊंचाई वाले स्थान कुल्लू, शिमला, लाहौल स्पीति, किन्नौर, चंबा और मंडी में बारिश के साथ बर्फबारी का पूर्वानुमान जताया गया है, जिससे पारा तेजी से गिरने से कड़ाके की सर्दी झेलनी होगी, लेकिन ज्यादातर जिलों में मौसम साफ रहने और धूप निकलने से अभी तापमान सामान्य रहेगा है। उधर, जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले स्थानों जैसे श्रीनगर समेत अन्य बर्फीली जगहों पर मौसम कूल-कूल नजर आएगा। Kal Ka Mousam</p>
<p><strong>पूर्वोत्तर मानसून सक्रिय होने का क्या असर</strong></p>
<p>दक्षिण भारत में दोबारा मिनी मानसून सक्रिय हो गया है, जिसके प्रभाव से कई राज्यों में मौसमी गतिविधियां दर्ज की जा रही हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, 20 से 22 अक्टूबर के बीच दक्षिण-पूर्व अरब सागर में चक्रवाती परिसंचरण बनेगा, जो आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों से टकराएगा। अब पूर्वोत्तर मानसून सक्रिय हो गया है, जिसके प्रभाव से 22 अक्टूबर तक तमिलनाडु के तटीय इलाकों और दक्षिणी तटीय आंध्र प्रदेश में आंधी तूफान के साथ भारी बारिश का अलर्ट घोषित है। Kal Ka Mousam</p>
<p>IMD की मानें इस दौरान 50 KM प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ तिरुनेलवेली से लेकर पुडुचेरी और कराईकल तक बादल झमाझम बरसते नजर आएंगे। उधर, केरल में भी मानसून दोबारा एक्टिव है। IMD ने तिरुवनंतपुरम, कोल्लम और पथनमथिट्टा जिलों में आंधी-तूफान के साथ बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मछुआरों को समुद्री तट पर जाने से मना किया गया है।</p>
<p><strong>मुंबई में कल का मौसम </strong></p>
<p>मौसम विभाग ने अगले एक से दो दिन तक तेज हवाओं के साथ बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। पिछले दो दिनों से जारी हल्की बारिश के असर से कई जगहों पर जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ा है। IMD ने दिवाली तक मौसम सुहावना होने की उम्मीद जताई है। अगले सप्ताह तक थोड़ा तापमान गिरेगा, जिससे गर्मी से राहत मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Oct 2025 17:18:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Aaj Ka Mousam: आज से अगले 4 दिन तक होगी भारी बारिश ! देखें मौसम पूर्वानुमान </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Aaj Ka Mousam: </strong>आज देशभर में मौसम का हाल कैसा रहने वाला है, आइए जानते है मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार आज किन जगहों पर बारिश होने वाली है। मौसम विभाग ने आज से अगले 4 दिन तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। देखें मौसम पूर्वानुमान </p>
<p>मैदानी इलाकों में अब सर्दी का सितम झेलने के लिए तैयार रहना होगा। क्योंकि आने वाले दिनों में पहाड़ों पर बर्फबारी का असर साफ दिखाई देगा। मौसम विभाग ने 20 अक्टूबर तक जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले स्थानों पर बादलों के छाए रहने के साथ हल्की बारिश</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/157497/todays-weather-there-will-be-heavy-rain-from-today-for"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/latest-news---2025-10-16t233055.799.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Aaj Ka Mousam: </strong>आज देशभर में मौसम का हाल कैसा रहने वाला है, आइए जानते है मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार आज किन जगहों पर बारिश होने वाली है। मौसम विभाग ने आज से अगले 4 दिन तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। देखें मौसम पूर्वानुमान </p>
<p>मैदानी इलाकों में अब सर्दी का सितम झेलने के लिए तैयार रहना होगा। क्योंकि आने वाले दिनों में पहाड़ों पर बर्फबारी का असर साफ दिखाई देगा। मौसम विभाग ने 20 अक्टूबर तक जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले स्थानों पर बादलों के छाए रहने के साथ हल्की बारिश एवं बर्फबारी की संभावना व्यक्त की है। Aaj Ka Mousam</p>
<p>बर्फ गिरने से न सिर्फ पहाड़ों पर बल्कि, मैदानी इलाकों के राज्यों हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार में तापमान गिरने का अनुमान है, जिससे सुबह-शाम सर्दी का ग्राफ ऊपर चढ़ेगा। Aaj Ka Mousam</p>
<p>मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के मौसम का पूर्वानुमान जारी करते हुए बताया कि मध्य प्रदेश और मुंबई समेत कुछ अन्य हिस्सों में हल्की बारिश से ठंडक बढ़ेगी। वहीं, शुक्रवार को मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अच्छी खासी बारिश का अलर्ट है, जबकि केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, लक्ष्यद्वीप, आंध्र प्रदेश, अंडमान निकोबार द्वीप समूह और रायमसीला में आंधी-तूफान के साथ वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। Aaj Ka Mousam</p>
<p><strong>पूर्वोत्तर मानसून एक्टिव</strong></p>
<p>देशभर में झमाझम बारिश करने के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून 15 अक्टूबर को वापस हो गया। लेकिन पूर्वोत्तर मानसून तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईआज, तटीय आंध्र प्रदेश, रायमसीमा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल में दस्त दे चुका है, जिससे फिर से 17, 18, 19, 20 और 21 अक्टूबर को मानसूनी गतिविधियां तेज हो सकती हैं। Aaj Ka Mousam</p>
<p><strong>दिल्ली में आज का मौसम</strong></p>
<p>दिल्ली-एनसीआर में मौसम काफी सुहावना है। लेकिन बढ़ते प्रदूषण ने चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग के मुताबिक, लगातार तीसरे दिन 'खराब' श्रेणी में दर्ज की गई और वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 237 रहा। हालांकि, सुबह धुंध और बाद में आसमान साफ रहने की संभावना है। IMD के मुताबिक, आने वाले दिनों में सर्दी का मीटर ऊपर की ओर बढ़ेगा। Aaj Ka Mousam</p>
<p><strong>यूपी में आज का मौसम</strong></p>
<p>उत्तर प्रदेश में अगले 5 दिन तक मौसम शुष्क रहने की बात कही गई है। फिलहाल 20 अक्टूबर तक किसी प्रकार के मौसम में बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन बीच-बीच में आंशिक तौर पर बादलों की आवाजाही रह सकती है पर बारिश का अलर्ट नहीं है। मौसम विभाग ने मुताबिक, उत्तर पश्चिमी हवाएं चलने से तेजी के साथ तापमान गिरेगा और रात में ज्यादा ठंड प्रतीत होगी। Aaj Ka Mousam</p>
<p><strong>बिहार में आज का मौसम</strong></p>
<p>बिहार में फिलहाल तो आसमान साफ नजर आ रहे हैं, लेकिन दिवाली तक बादल की आवाजाही हो सकती है। हालांकि, मौसम विभाग ने बारिश का अलर्ट नहीं जारी किया है। फिर भी कुछ जिलों में आंशिक तौर बादल छा सकते हैं। वहीं, दिन में अच्छी खासी धूप होने से पटना, सिवान, सारण, भोजपुर, समस्तीपुर, दरभंगा और बेगूसराय समेत कई अन्य जिलों में गर्मी का एहसास हो रहा है, लेकिन रात में करीब 10 डिग्री से अधिक तापमान गिरने से मौसम सुहावना महसूस हो रहा है। फिलहाल, सुबह कोहरा और ओस का असर देखा जा रहा है, जिससे सर्दी महसूस की जा रही है। Aaj Ka Mousam</p>
<p><strong>हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में आज का मौसम</strong></p>
<p>मौसम विभाग ने पहाड़ों पर मौसम का मिजाज बदलने के संकेत दिए हैं। IMD ने हिमाचल प्रदेश 24 से 30 अक्टूबर तक कुछ ऊंचाई वाले स्थानों पर बादलों का आना जाना लगा रह सकता है और कहीं-कहीं हल्की बारिश और बर्फबारी होने संभावना है। इधर, उत्तराखंड में अगले एक से दो दिन में मेघ गर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट घोषित किया गया है। बारिश के बाद ठंड बढ़ने की संभावना है। इस दौरान कहीं-कहीं बर्फ गिरने से पारा लुढ़केगा। Aaj Ka Mousam</p>
<p>मौसम विभाग के मुताबिक, चमोली, रूद्रप्रयाग, बागेश्वर, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ में आंशिक तौर पर बादल छाए रह सकते हैं और कहीं-कहीं छिटपुट बूंदाबांदी या बारिश हो सकती है, जिससे पहाड़ों के अलावा मैदानी इलाकों में सर्दी का सितम शुरू हो सकता है। कमोबेश ऐसा ही मौसम कश्मीर में देखा जाएगा। 18 अक्टूबर के बाद बादलों की आवाजाही और कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है। Aaj Ka Mousam</p>
<p><strong>मध्य प्रदेश में आज का मौसम</strong></p>
<p>मध्य प्रदेश में मानसून अलविदा कहकर वापस चला गया, लेकिन बादलों ने बरसना नहीं छोड़ा। मौसम विभाग ने 17 और 18 अक्टूबर को राज्य के कुछ हिस्सों में मेघ गर्जन के साथ हल्की से मध्मय बारिश की संभावना जताई है। IMD की मानें तो दिवाली तक अधिकतम तापमान में और कमी आएगी। Aaj Ka Mousam</p>
<p><strong>केरल में आज का मौसम</strong></p>
<p>केरल में भारी बारिश के बीच IMD ने तिरुवनंतपुरम, कोल्लम और पथनमथिट्टा जिलों में आंधी-तूफान के साथ बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं बहेंगी। राज्य के अलप्पुझा, कोट्टायम और इडुक्की जिलों के कुछ हिस्सों में भी गरज के साथ बारिश, मध्यम वर्षा और तेज़ हवाएं चलने की संभावना है जताई गई। Aaj Ka Mousam</p>
<p><strong>तमिलनाडु में आज का मौसम</strong></p>
<p>तमिलनाडु के कई जिलों में गरज और बिजली के साथ बारिश की चेतावनी जारी की गई है। चेन्नई IMD के मुताबिक, तिरुनेलवेली, थेनकासी, थेनी, विरुधुनगर और मदुरै जिलों में कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश का अलर्ट है। Aaj Ka Mousam</p>
<p>इसके अलावा, डिंडीगुल, करूर, थूथुकुडी, शिवगंगई, रामनाथपुरम, पुदुक्कोट्टई, तंजावुर, तिरुवरुर, नागपट्टिनम, मयिलादुथुराई, कुड्डालोर, विल्लुपुरम, चेंगलपट्टू और चेन्नई जिलों के साथ-साथ पुडुचेरी और कराईआज क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान आंधी-तूफान के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Oct 2025 23:31:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईंट भट्ठे से फैल रहा प्रदूषण, शिकायत को गंभीरता से नही ले रहे जिम्मेदार</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले केभानपुर तहसील क्षेत्र के रतनपुर गांव निवासी चित्रसेन पुत्र रामसेवक ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर गांव में अवैध रूप से ईंट भट्ठा (श्याम ब्रिक फील्ड) संचालित करने का मुद्दा उठाया है। जांचोपरान्त अधिकारियों ने ईंट भट्ठे को मानक के अनुरूप संचालित किये जाने की आख्या प्रस्तुत कर दी जबकि शिकायतकर्ता का आरोप है कि अधिकारी झूठी रिपोर्ट लगाकर जिला प्रशासन को गुमराह कर रहे हैं। शिकायतकर्ता चित्रसेन का कहना है कि श्याम ्रिब्रक फील्ड का लाइसेंस रतनपुर के नाम से जारी है। जबकि भट्ठे का संचालन कड़हा में किया जा रहा है।</div>
<div>  </div>
<div>2012 से 2019 तक</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/148837/pollution-spreading-from-brick-kiln-is-not-taking-the-complaint"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-02/img-20250221-wa0170.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले केभानपुर तहसील क्षेत्र के रतनपुर गांव निवासी चित्रसेन पुत्र रामसेवक ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर गांव में अवैध रूप से ईंट भट्ठा (श्याम ब्रिक फील्ड) संचालित करने का मुद्दा उठाया है। जांचोपरान्त अधिकारियों ने ईंट भट्ठे को मानक के अनुरूप संचालित किये जाने की आख्या प्रस्तुत कर दी जबकि शिकायतकर्ता का आरोप है कि अधिकारी झूठी रिपोर्ट लगाकर जिला प्रशासन को गुमराह कर रहे हैं। शिकायतकर्ता चित्रसेन का कहना है कि श्याम ्रिब्रक फील्ड का लाइसेंस रतनपुर के नाम से जारी है। जबकि भट्ठे का संचालन कड़हा में किया जा रहा है।</div>
<div> </div>
<div>2012 से 2019 तक के अभिलेख में भट्ठे का संचालन रतनपुर में दिखाया गया है लेकिन अधिकारियों ने साजिश के तहत अभिलेखों में रिनीवल करते समय 2019 में कड़हा रतनपुर लिख दिया। शिकायतकर्ता का कहना है कि ईंट भट्ठे से हो रहा प्रदूषण स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को बीमार कर रहा है। उनका कहना है कि भ्ट्ठा एनजीटी के मानकों को पूरा नही करता है। भट्ठे से थोड़ी दूरी पर आबादी और स्कूल हैं। गांव और स्कूल दोनो प्रदूषण की चपेट मे हैं। शिकायतकर्ता ने ईंट भट्ठे की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है जिससे गांव और स्कूल को प्रदूषण से निजात मिल सके।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Feb 2025 18:18:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कुआनो नदी मेंनाले के गंदा पानी आने से पानी हुआ दूषित प्रदूषण का खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>बस्ती।</strong> बस्ती की जीवनदायिनी कुआनो नदी आज गंभीर संकट में है। शहर के नालों का अशोधित जल सीधे नदी में मिल रहा है, जिससे व्यापक स्तर पर नदी का जल प्रदूषित होता जा रहा है। यह स्थिति चिंताजनक इसलिए भी है क्योंकि छठ महापर्व के दौरान श्रद्धालु महिलाएं इसी जल से भगवान सूर्य को अर्घ्य देती हैं, जबकि उन्हें इस जल के प्रदूषित होने की जानकारी नहीं है।एक समय था जब कुआनो नदी का स्वच्छ जल मनुष्यों और पशु-पक्षियों के लिए वरदान था।</div>
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<div>लेकिन वर्तमान में नगर पालिका की ओर से कोई ठोस कदम न उठाए जाने के कारण नदी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/148305/dirty-water-from-kuano-river-threatens-of-contaminated-pollution-due"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-02/img-20250207-wa0148.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>बस्ती।</strong> बस्ती की जीवनदायिनी कुआनो नदी आज गंभीर संकट में है। शहर के नालों का अशोधित जल सीधे नदी में मिल रहा है, जिससे व्यापक स्तर पर नदी का जल प्रदूषित होता जा रहा है। यह स्थिति चिंताजनक इसलिए भी है क्योंकि छठ महापर्व के दौरान श्रद्धालु महिलाएं इसी जल से भगवान सूर्य को अर्घ्य देती हैं, जबकि उन्हें इस जल के प्रदूषित होने की जानकारी नहीं है।एक समय था जब कुआनो नदी का स्वच्छ जल मनुष्यों और पशु-पक्षियों के लिए वरदान था।</div>
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<div>लेकिन वर्तमान में नगर पालिका की ओर से कोई ठोस कदम न उठाए जाने के कारण नदी धीरे-धीरे नाले में तब्दील होती जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले कुछ वर्षों में यह नदी पूरी तरह नाले में बदल जाएगी।हालांकि, नदी की स्वच्छता को लेकर कुछ सामाजिक संगठनों ने पहल की, लेकिन वह भी मीडिया में सुर्खियां बटोरने तक ही सीमित रही। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए नगर पालिका अध्यक्ष नेहा वर्मा ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही नालों के पानी के शोधन की व्यवस्था की जाएगी और केवल शोधित जल ही नदी में छोड़ा जाएगा।</div>
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<div>कुआनो नदी के प्रदूषित होने से छठ महापर्व पर आस्था का संकट भी मंडरा रहा है। श्रद्धालु महिलाएं इसी नदी के जल से भगवान सूर्य को अर्घ्य देती हैं। लेकिन नदी के प्रदूषित होने से श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंच रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कुआनो नदी बस्ती की पहचान है और इसे बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए। स्थानीय लोगों ने बताया कि नदी के प्रदूषण से न केवल धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं, बल्कि पर्यावरण को भी खतरा है।</div>
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<div>स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन की उदासीनता पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन ने इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया। कुआनो नदी को बचाने के लिए अब एक मुहिम शुरू करने की जरूरत है। इस मुहिम में सामाजिक संगठनों, स्थानीय नागरिकों और प्रशासन को मिलकर काम करना होगा। सबसे पहले नालों के पानी को शोधित करने की व्यवस्था करनी होगी। इसके साथ ही नदी के किनारे अतिक्रमण को भी हटाना होगा। लोगों को जल प्रदूषण के खतरे के बारे में जागरूक करना भी जरूरी है। इसके लिए जन जागरूकता अभियान चलाए जाने चाहिए। कुआनो नदी का भविष्य हमारे हाथों में है। यदि सब मिलकर प्रयास करें तो इस नदी को प्रदूषण से मुक्त किया जा सकता हैं और इससे इसकी पुरानी महिमा को लौटा सकते हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
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                <pubDate>Fri, 07 Feb 2025 17:54:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
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                <title>जहरीली यमुना</title>
                                    <description><![CDATA[<div>दिल्ली के सियासी संग्राम में केजरीवाल के एक ब्यान ने तूफान ला दिया है। अरविंद केजरीवाल ने एक ब्यान में हरियाणा की भाजपा सरकार पर यमुना के पानी को जहरीला करने का आरोप लगाया। केजरीवाल ने कहा- दिल्ली के लोगों को पीने के लिए पानी हरियाणा और उत्तर प्रदेश से मिलता है। भाजपा की हरियाणा सरकार ने यमुना के पानी को जहरीला कर दिया है। इस आरोप का विरोध करते हुए भाजपा ने इलेक्शन कमीशन में शिकायत दर्ज कराई।</div>
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<div>इस मामले का संज्ञान लेते हुए चुनाव आयोग ने केजरीवाल से सबूत पेश करने को कहा। चुनाव आयोग ने केजरीवाल से</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/148019/poisonous-yamuna"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-01/download-(1)6.jpg" alt=""></a><br /><div>दिल्ली के सियासी संग्राम में केजरीवाल के एक ब्यान ने तूफान ला दिया है। अरविंद केजरीवाल ने एक ब्यान में हरियाणा की भाजपा सरकार पर यमुना के पानी को जहरीला करने का आरोप लगाया। केजरीवाल ने कहा- दिल्ली के लोगों को पीने के लिए पानी हरियाणा और उत्तर प्रदेश से मिलता है। भाजपा की हरियाणा सरकार ने यमुना के पानी को जहरीला कर दिया है। इस आरोप का विरोध करते हुए भाजपा ने इलेक्शन कमीशन में शिकायत दर्ज कराई।</div>
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<div>इस मामले का संज्ञान लेते हुए चुनाव आयोग ने केजरीवाल से सबूत पेश करने को कहा। चुनाव आयोग ने केजरीवाल से उनके यमुना के पानी में जहर वाले दावे पर बुधवार यानी 29 जनवरी रात 8 बजे तक सबूत देने को कहा। भाजपा की तरफ से केजरीवाल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के बाद चुनाव आयोग ने कहा कि केजरीवाल ने भाजपा की हरियाणा सरकार पर बहुत गंभीर आरोप लगाया, जिससे राज्यों के बीच नफरत पनप सकती है। केजरीवाल ने आयोग को दिए जवाब में दिल्ली जल बोर्ड की सीईओ की चिट्ठी का हवाला दिया है।</div>
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<div>उन्होंने इस जवाब में दिल्ली जल बोर्ड की सीईओ शिल्पा शिंदे की ओर से दिल्ली के मुख्य सचिव को लिखी चिट्ठी का हवाला दिया है, जिसमें यमुना नदी में अमोनिया की बात कही गई थी। इस मामले में प्रधानमंत्री मोदी भी बोले। दिल्ली में रैली के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि हरियाणा का भेजा यही पानी दिल्ली में हमारे सारे जज, जस्टिस, सम्मानित सदस्य पीते हैं।</div>
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<div>आपका प्रधानमंत्री भी यही पानी पीता है। क्या कोई सोच सकता है कि मोदी को जहर देने के लिए हरियाणा ने जहर दिया होगा। यह वही केजरीवाल हैं जो पिछले दो बार के दिल्ली व‍िधानसभा चुनावों में जनता से पांच-पांच साल यमुना को साफ करने के नाम पर मांग चुके हैं। जिसमें वो यमुना साफ करने में असफल रहे। अब वो फिर जनता से यमुना साफ करने के लिए पांच साल मांग रहे हैं।</div>
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<div>देखना होगा इस बार जनता उन्हें मौका देते हैं या नही। आखिर वादा करके भी क्यों चूक गए अरविंद केजरीवाल, यमुना की सफाई का लक्ष्य पूरा करना क्या सच में असंभव सा है। वर्षों से यमुना की सफाई पर राजनीति चली आ रही है। यमुना की सफाई दिल्ली की राजनीति में हमेशा एक गर्मागर्म मुद्दा रही है। 2020 के चुनाव से पहले दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रदूषित यमुना को लंदन की टेम्स नदी की तरह साफ और पीने लायक बनाने का वादा किया था।</div>
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<div>लेकिन, यह वादा अभी तक पूरा नहीं हुआ है। केजरीवाल इस चुनाव में खुले तौर पर स्वीकार कर रहे हैं कि वो 2020 के चुनावों के वक्त दिल्ली की जनता से किया कि वो यमुना की सफाई का वादा पूरा नही कर पाए। केजरीवाल की इस स्वीकारोक्ति पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कटाक्ष किया। उन्होंने एक रैली में केजरीवाल का मजाक उड़ाते हुए कहा कि उन्होंने यमुना को शुद्ध करने और उसमें डुबकी लगाने का वादा किया था। दिल्लीवासी अभी भी उनकी विश्व प्रसिद्ध डुबकी का इंतजार कर रहे हैं।</div>
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<div>शाह ने आगे कहा कि केजरीवाल महाकुंभ में गंगा में डुबकी लगाकर अपने पाप धो सकते हैं। वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी केजरीवाल पर यमुना को गंदा नाला बनाने का आरोप लगाया। यमुना के प्रदूषण का मुख्य कारण ज्यादा फेकल कोलीफॉर्म का स्रोत एसटीपी से अनुपचारित या अपर्याप्त रूप से उपचारित सीवेज, अनधिकृत कॉलोनियों से आने वाले खुले नालों के माध्यम से सीवेज का मिलना, फैक्टरियों का प्रदूषित पानी, सेप्टेज का घुसपैठ या मिश्रण, जानवरों का मल, आदि है।</div>
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<div>सितंबर-अक्टूबर में बेहद विषैली हो जाती है यमुना, हर वर्ष सितंबर-अक्तूबर महीने में यमुना नदी में जहरीले तत्व रिकॉर्ड तोड़ स्तर पर पहुंच जाते हैं। इस दौरान फेकल कोलीफॉर्म का स्तर बहुत ऊंचा हो जाता है। फेकल कोलीफॉर्म, पानी में गंदगी की मात्रा दिखाता है। अक्तूबर 2024 में यह स्तर 4,900,000 एमपीएन/100 मिलीलीटर तक पहुंच गया था।</div>
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<div>यह मानक 2,500 यूनिट से 1,959 गुना ज्यादा है जबकि वांछित सीमा 500 यूनिट से 9,800 गुना अधिक है। फरवरी 2022 के बाद से यमुना में इतना प्रदूषण नहीं देखा गया था। उस समय आगरा नहर (शहर में नदी के एक स्टेशन) पर फेकल स्तर 6,300,000 यूनिट तक पहुंच गया था। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ने सितंबर महीने के लिए नदी में फेकल लेवल की जांच की थी। इसकी रिपोर्ट 4 अक्तूबर, 2024 को जारी हुई थी जबकि नमूने 4 सितंबर, 2024 को इकट्ठे किए गए थे।</div>
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<div>रिपोर्ट ऐसे समय में आई थी जब नदी के कुछ हिस्सों में झाग दिख रहा था। यह प्रदूषण का एक स्पष्ट संकेत है। जब सर्फेक्टेंट और फॉस्फेट जैसे प्रदूषक मिलते हैं तो झाग बनता है। मानकों के अनुसार, बीओडी 5 मिलीग्राम/लीटर से ज्यादा नहीं होना चाहिए और डीओ 5 मिलीग्राम/लीटर से कम नहीं होना चाहिए। डीओ नदी में घुली हुई ऑक्सीजन की मात्रा होती है जिससे पता चलता है कि नदी में जीवन है या नहीं। वहीं बीओडी से पता चलता है कि पानी खुद को कितना साफ कर सकता है।</div>
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<div>यह पानी में मौजूद जैविक पदार्थों को साफ करने के लिए जरूरी ऑक्सीजन की मात्रा है। डीपीसीसी की रिपोर्ट के अनुसार, पल्ला में जहां नदी शहर में प्रवेश करती है, डीओ का स्तर 8 मिलीग्राम/लीटर जबकि बीओडी 3 मिलीग्राम/लीटर और फेकल स्तर 1,600 यूनिट था। ये सभी मानकों के भीतर थे। लेकिन जैसे-जैसे नदी आगे बढ़ी, प्रदूषण बढ़ता गया।</div>
<div> </div>
<div>वजीराबाद पहुंचने तक डीओ और एफसी मानकों के भीतर थे, लेकिन बीओडी मानकों से ज्यादा हो गया था। डीपीसीसी रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा था कि दिल्ली में 56% सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट अगस्त में मानकों को पूरा करने में विफल रहे। यह जुलाई और जून के समान ही था। हालांकि, अगस्त में सबसे ज्यादा फेकल कोलीफॉर्म 9,20,000 यूनिट्स तक पहुंच गया था। </div>
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                <pubDate>Fri, 31 Jan 2025 16:57:25 +0530</pubDate>
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