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                <title>latest news in hindi - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>latest news in hindi RSS Feed</description>
                
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                <title>केजरीवाल की जमानत से कौन खुश, कौन नाराज़ जाने अंदर की बात </title>
                                    <description><![CDATA[<p>सुप्रीम कोर्ट द्वारा शुक्रवार को शराब घोटाला मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत दिए जाने पर सभी राजनेताओं ने प्रतिक्रिया व्यक्त की। जबकि कुछ ने इसे एक उचित जीत के रूप में सराहा, दूसरों ने इसे एक अस्थायी उपाय के रूप में देखा। किसने क्या कहा ये हम आपको बताते हैं।</p>
<p>समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि दिल्ली के लोकप्रिय मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी की जमानत सत्य की एक और जीत है। उन्होंने कहा कि ‘इंडिया गठबंधन’ की शक्ति और एकजुटता भाजपा के दुख-दर्द देनेवाले राज से भारत की जनता को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141073/who-is-happy-and-who-is-angry-with-kejriwals-bail"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/20240430084539_arvind-kejriwal.jpg" alt=""></a><br /><p>सुप्रीम कोर्ट द्वारा शुक्रवार को शराब घोटाला मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत दिए जाने पर सभी राजनेताओं ने प्रतिक्रिया व्यक्त की। जबकि कुछ ने इसे एक उचित जीत के रूप में सराहा, दूसरों ने इसे एक अस्थायी उपाय के रूप में देखा। किसने क्या कहा ये हम आपको बताते हैं।</p>
<p>समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि दिल्ली के लोकप्रिय मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी की जमानत सत्य की एक और जीत है। उन्होंने कहा कि ‘इंडिया गठबंधन’ की शक्ति और एकजुटता भाजपा के दुख-दर्द देनेवाले राज से भारत की जनता को मुक्ति दिलवाने जा रही है। एकजुट होकर मतदान का संकल्प लें! </p>
<blockquote class="format2">
<p>आप नेता राघव चड्ढा ने कहा कि हर देशवासी की आँखें ख़ुशी से नम हैं, उनके भाई उनके बेटे अरविंद केजरीवाल जेल से बाहर आने वाले हैं। आज शाम जेल के ताले टूटेंगे, केजरीवाल छूटेंगे। लोकतंत्र की रक्षा करने के लिए माननीय सुप्रीम कोर्ट का दिल की गहराइयों से आभार। इंक़लाब ज़िंदाबाद, अरविंद केजरीवाल ज़िंदाबाद !</p>
<p>उद्धव ठाकरे गुट के आदित्य ठाकरे ने कहा, “अरविंद केजरीवाल जी को देश में तानाशाही शासन के खिलाफ न्याय और राहत मिलना बदलाव की बयार का एक बड़ा संकेत है।”</p>
<p>पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत पर कहा, "मुझे यह देखकर बहुत खुशी हुई कि अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत मिल गई है।"</p>
<p>दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अंतरिम जमानत पर एआईसीसी के दिल्ली और हरियाणा प्रभारी दीपक बाबरिया ने कहा कि अदालत का फैसला सही है। भाजपा ने उन्हें चुनाव प्रचार करने से रोकने का प्रयास किया था।</p>
<p>आप नेता आतिशी ने कहा कि यह सत्य की जीत है...मैं संविधान और लोकतंत्र को बचाने के लिए आगे आने के लिए सुप्रीम कोर्ट को धन्यवाद देता हूं। अरविंद केजरीवाल आज शाम तिहाड़ जेल से बाहर आएंगे और मुझे यकीन है कि वह दिल्ली और देश के लोगों को संबोधित करेंगे।</p>
<p>सीपीआई(एम) नेता बृंदा करात ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत करते हैं। SC का फैसला ED और केंद्र सरकार के चेहरे पर करारा तमाचा है। केंद्र सरकार ने ईडी को विपक्षी दल के खिलाफ एक राजनीतिक एजेंसी के रूप में इस्तेमाल किया है...जब आप एक निर्वाचित मुख्यमंत्री को गिरफ्तार करते हैं तो यह किस तरह का समान अवसर है?</p>
<p>शिवसेना नेता संजय निपुरम ने कहा कि जेल या जमानत के बजाय पहले उन्हें सीएम पद से हटाया जाना चाहिए। कोई आरोपी जेल से सरकार कैसे चला सकता है?</p>
<p>कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि हम अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत देने में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप का स्वागत करते हैं...हमें उम्मीद है कि झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी उचित न्याय मिलेगा।</p>
</blockquote>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 May 2024 16:14:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आखिर क्या है इमरान खान और आसिम मुनीर की जेल में हुई सीक्रेट मीटिंग का राज़ </title>
                                    <description><![CDATA[<p>दुनियाभर में अपनी बिगड़ती छवि को सुधारने के लिए पाकिस्तान के सेना प्रमुख ने फैसला किया है कि वो इमरान खान की जुबान पर लगाम लगाने के लिए ताकत का नहीं बल्कि कूटनीति का सहारा लेंगे। इसी के तहत उन्होंने इमरान खान को दोस्ती का ऑफर दिया है। पाकिस्तानी मीडिया की माने तो सेना प्रमुख आसिम मुनीर पुरानी दुश्मनी भुलाकर इमरान खान से हाथ मिलाना चाहते हैं। खबरों की माने तो आसिम मुनीर गुपचुप तरीके से रावलपिंडी की अदियाला जेल गए थे।</p>
<p>  उन्होंने इमरान खान से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद पाकिस्तानी सेना की तरफ से बयान आया</p>
<p>कहा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141004/what-is-the-secret-of-the-secret-meeting-between-imran"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/imran-khan_large_1321_19.webp" alt=""></a><br /><p>दुनियाभर में अपनी बिगड़ती छवि को सुधारने के लिए पाकिस्तान के सेना प्रमुख ने फैसला किया है कि वो इमरान खान की जुबान पर लगाम लगाने के लिए ताकत का नहीं बल्कि कूटनीति का सहारा लेंगे। इसी के तहत उन्होंने इमरान खान को दोस्ती का ऑफर दिया है। पाकिस्तानी मीडिया की माने तो सेना प्रमुख आसिम मुनीर पुरानी दुश्मनी भुलाकर इमरान खान से हाथ मिलाना चाहते हैं। खबरों की माने तो आसिम मुनीर गुपचुप तरीके से रावलपिंडी की अदियाला जेल गए थे।</p>
<p> उन्होंने इमरान खान से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद पाकिस्तानी सेना की तरफ से बयान आया कि इमरान खान अपनी टिप्पणियों के लिए माफी मांगे। अंदर की खबर ये है कि इमरान खान और आसिम मुनीर की डील फाइनल हो चुकी है। इमरान खान के सार्वजनिक तौर पर माफी मांगते ही पाकिस्तान की सेना उन्हें सत्ता में वापस लाने की तैयारी शुरू कर देगी।</p>
<p>कहा तो ये भी जा रहा है कि नवाज शरीफ को एक बार फिर से पाकिस्तान छोड़ना पड़ सकता है। हालांकि ये खबरें कितनी सही है ये तो बताना मुश्किल है। लेकिन इमरान खान का लगातार सेना के खिलाफ जहर उगलना और सेना का उन आरोपों को खारिज करना।</p>
<p>ये इशारा जरूर करता है कि कहीं न कहीं आसिम मुनीर और इमरान खान के बीच कोई न कोई खिचड़ी तो पक रही है। महानिदेशक इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया था कि 9 मई के हिंसक विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों से माफी मांगने और कोई भी बातचीत करने से पहले अराजकता की राजनीति से दूर रहने की मांग की थी।</p>
<p>जेल में बंद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक अध्यक्ष इमरान खान ने 9 मई की घटनाओं के लिए माफी मांगने की सेना की मांग को ठुकरा दिया है। इसके साथ ही इमरान ने अपनी गिरफ्तारी के तुरंत बाद पिछले साल देश में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों में अपनी पार्टी की संलिप्तता से इनकार किया है।</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा था कि 9 मई के आरोपियों और अपराधियों को संविधान और कानून के मुताबिक सजा देनी होगी। रावलपिंडी की अदियाला जेल में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान कहा मुझे माफी क्यों मांगनी चाहिए, यह मुझसे मांगी जानी चाहिए।  </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 May 2024 14:51:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>होली में स्किन को लेकर सावधान! जाने त्वचा की देखरेख कैसे करे </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Holi Skin Tips: </strong>होली का त्योहार मस्ती और उत्साह से भरा होता है। होली के दिन हम सभी काफी जोश के साथ होली खेलते हैं जश्न मनाते हैं। लेकिन होली के खेलने के बाद स्किन का बहुत बुरा हाल हो जाता है। ऑयली स्किन वालों के लिए सबसे मुश्किल बात होती है कि जरा सी लापरवाही से चेहरे पर पिंपल निकल आते हैं। होली का त्योहार बिना रंग के खेलने में मजा नहीं आता, लेकिन ऑयली स्किन पर जब केमिकल से भरपूर रंग लगते हैं तो पिंपल होने का खतरा भी अधिक बढ़ जाता है।</p>
<p>ऐसे में हम आपको इस</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/139615/be-careful-about-your-skin-during-holi-know-how-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-03/celebrations-for-holi.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Holi Skin Tips: </strong>होली का त्योहार मस्ती और उत्साह से भरा होता है। होली के दिन हम सभी काफी जोश के साथ होली खेलते हैं जश्न मनाते हैं। लेकिन होली के खेलने के बाद स्किन का बहुत बुरा हाल हो जाता है। ऑयली स्किन वालों के लिए सबसे मुश्किल बात होती है कि जरा सी लापरवाही से चेहरे पर पिंपल निकल आते हैं। होली का त्योहार बिना रंग के खेलने में मजा नहीं आता, लेकिन ऑयली स्किन पर जब केमिकल से भरपूर रंग लगते हैं तो पिंपल होने का खतरा भी अधिक बढ़ जाता है।</p>
<p>ऐसे में हम आपको इस लेख में प्री और पोस्ट स्किनकेयर में कुछ बातों का ध्यान रखना होगा। ऐसा करने से पिंपल होने की संभावना काफी कम हो जाएगी। ब्यूटी एक्सपर्ट पूनम चुघ से जानें ऑयली स्किन वालों को होली के त्योहार पर अपनी त्वचा को पिंपल्स से बचाने के लिए क्या करना चाहिए। एक्सपर्ट ने पूनम ने बताया कि ऑयली स्किन वालों के लिए प्री और पोस्ट स्किन केयर टिप्स बताएंगे। अगर आपकी स्किन ऑयली है तो इन टिप्स को जरुर फॉलो करें।</p>
<p><strong>केयर टिप्स</strong></p>
<p>1- होली वाले दिन आप सोकर उठें , तो चेहरे की क्लीनिंग, टोनिंग और मॉइश्चराइजिंग करें। इसके बाद आपको एलोवेरा जेल की एक लेयर लगा लेनी चाहिए। अगर आप एलोवेरा का डायरेक्ट चेहरे पर नहीं लगा सकती, तो आप अपनी मॉइश्चराइजिंग क्रीम में उसे मिक्स करके लगा सकती हैं।</p>
<p>2- फेस क्लीन करने के बाद आप चेहरे पर खीरे और गुलाब जल का  फेस पैक लगा सकती हैं। इससे फेस क्लीनिंग के बाद जो स्किन पोर्स ओपन हो जाते हैं, वह बंद हो जाएंगे। आपकी त्वचा खिली-खिली दिखाई देगी।</p>
<p>3- इस बात का जरुर ध्यान दें कि आप बिना सनस्क्रीन के धूप में नहीं जाना है। सनस्क्रीन भी त्वचा के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह होता है। इससे आपके स्किन पोर्स के अंदर रंग में मिला केमिकल जाने की संभावनाएं कम हो जाती है।</p>
<p>4- अगर आप मेकअप करना चाहते हैं, तो आप वाटरप्रूफ मेकअप करें। यह आपकी स्किन को बेहतर कवच देगा। आप अच्छी क्वालिटी का मेकअप प्रोडक्ट्स का यूज करें।</p>
<p><strong>होली केयर टिप्स</strong></p>
<p>1- होली के खेलने के बाद उबटन का इस्तेमाल करें। इसके लिए आप बेसन, हल्दी और दही का प्रयोग करें। इस उबटन को चेहरे पर लगाकर धीरे-धीरे स्क्रब करें। इसके बाद आप फेस को साफ कर लें। चेहरे को एक्सफोलिएट करने के बाद पोर्स ओपन हो जाएंगे तो आप एलोवेरा जेल लगाना चाहिए और फिर आप रोज वाटर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।</p>
<p><br />2- होली के खेलने के बाद चेहरे पर स्टीम नहीं लेनी चाहिए। ऐसा करने से रंग में मौजूद केमिकल भांप के साथ स्किन में पेनिट्रेट हो जाते हैं। जो कि पिंपल्स निकलने की संभावना बढ़ जाती है। इसकी जगह आप चेहरे पर लाइट मसाज कर सकती हैं।</p>
<p>3- अगर आप होली पार्टी में शामिल हुई हैं लेकिन चेहरे पर टैन हो गई है, तो आपको कॉफी पाउडर में नींबू का रस मिक्स करके चेहरे को ठीक से साफ करें।इससे टैनिंग कम हो जाएगी।</p>
<p>4- होली खेलने के बाद अगर आपकी त्वचा डल हो गई हौ तो आप नारियल के पानी से चेहरे की मसाज कर सकते हैं। ऐसा करने से आपकी स्किन में ग्लो आएगा।</p>
<p><strong>कुछ बातों का रखें विशेष ध्यान</strong></p>
<p>1-होली पर आप नेचुरल रंगो से ही खेलनी चाहिए। पक्के रंगों की भूलकर चेहरे पर न लगने दें।</p>
<p>2- होली खेलते समय सनस्क्रीन जरुर लगाएं।</p>
<p>3- होली खेलते समय बार-बार चेहरे को पानी से वॉश न करें। आप ड्राई कपड़े से क्लीन कर सकते हैं। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>लाइफस्टाइल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 Mar 2024 18:02:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बच्चों का कब्रिस्तान बनता जा रहा है गाजा पट्टी: UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस</title>
                                    <description><![CDATA[<p>इजराइल-हमास जंग के बीच जारी जंग को एक महीना हो गया है। सात अक्टूबर से जारी युद्ध अभी भी खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। इस जंग में अभी तक दोनों पक्षों की ओर से 11 हजार से अधिक लोगों की मौत हो गई है। इजराइल के हमलों के बाद गाजा पट्टी की हालत बहुत खराब हो गई है। संयुक्त राष्ट्र सचिव एंटोनियो गुटेरेस ने गाजा पट्टी की हालत पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि गाजा बच्चों की कब्रगाह बनता जा रहा है। गुतारेस ने न्यूयॉर्क में पत्रकारों से कहा कि गाजा बच्चों की कब्रगाह बनता</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/136892/gaza-strip-is-becoming-a-childrens-cemetery-secretary-general-antonio-guterres"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-11/2023_11image_10_37_156305546un-ll.jpg" alt=""></a><br /><p>इजराइल-हमास जंग के बीच जारी जंग को एक महीना हो गया है। सात अक्टूबर से जारी युद्ध अभी भी खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। इस जंग में अभी तक दोनों पक्षों की ओर से 11 हजार से अधिक लोगों की मौत हो गई है। इजराइल के हमलों के बाद गाजा पट्टी की हालत बहुत खराब हो गई है। संयुक्त राष्ट्र सचिव एंटोनियो गुटेरेस ने गाजा पट्टी की हालत पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि गाजा बच्चों की कब्रगाह बनता जा रहा है। गुतारेस ने न्यूयॉर्क में पत्रकारों से कहा कि गाजा बच्चों की कब्रगाह बनता जा रहा है। </p>
<p>गाजा के हालात मानवीय संकट से कहीं ऊपर हैं। यह मानवता का संकट है। उन्होंने कहा कि हर गुजरते घंटे के साथ संघर्ष विराम की आवश्यकता अधिक जरूरी होती जा रही है। उन्होंने कहा कि संघर्ष के पक्ष और वास्तव में, अंतरराष्ट्रीय समुदाय एक तत्काल और मौलिक जिम्मेदारी का सामना कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदायों पर इस अमानवीय पीड़ा को रोकने और गाजा में मानवीय सहायता का विस्तार करने की जिम्मेदारी है। </p>
<p>उन्होंने कहा, "जंग में दोनों पक्षों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मौलिक जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं। संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख ने कहा कि जंग की शुरूआत से फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए काम करने वाले संयुक्त राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी (यूएनआरडब्ल्यूए) के 89 कर्मचारी मारे गए हैं।" एंटोनियो गुटेरेस ने एक्स पर पोस्ट किया, "हाल के हफ्तों में हमारे संगठन के इतिहास में किसी भी अवधि की तुलना से अधिक संयुक्त राष्ट्र सहायता कर्मी मारे गए हैं।"</p>
<p>यूएनआरडब्ल्यूए ने मंगलवार को कहा कि कम से कम 26 सदस्य घायल हुए हैं। एजेंसी ने एक्स पर कहा, "हम बेहद सदमे में हैं। हमारे सहयोगियों की बहुत याद आएगी और उन्हें भुलाया नहीं जाएगा। हम इस दुख को एक-दूसरे के साथ और परिवारों के साथ साझा करते हैं।" संयुक्त राष्ट्र महासचिव की टिप्पणियाँ इज़राइल द्वारा हमास पर युद्ध की घोषणा के चार सप्ताह बाद आई हैं, आतंकवादी संगठन के 7 अक्टूबर के हमले के बाद जिसमें इज़राइल में 1,400 लोग मारे गए थे और लगभग 240 अन्य का अपहरण कर लिया गया था।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Nov 2023 16:19:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>फ्रांस और जर्मनी समेत कई देशों ने किया प्रदर्शन, गाजा में हो रहे बमबारी को रोकने की मांग </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>पेरिस। </strong>फ्रांस की राजधानी पेरिस, जर्मनी की राजधानी बर्लिन और अन्य यूरोपीय शहरों में फलस्तीनी समर्थक हजारों लोगों ने गाजा में इजराइली बमबारी रोकने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। ये प्रदर्शन इजराइल-हमास युद्ध में हताहतों की बढ़ती संख्या और गहराते मानवीय संकट को लेकर यूरोप के खासकर उन देशों में बढ़ रहे असंतोष को दर्शाते हैं, जहां मुस्लिम आबादी अधिक है। गाजा में हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इजराइल-हमास युद्ध में मारे गए फलस्तीनियों की संख्या बढ़कर 9,448 हो गई है।</p>
<p>गाजा में 24,173 और वेस्ट बैंक में 2,200 फलस्तीनी घायल हुए हैं। इजराइल में 1,400 से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/136730/many-countries-including-france-and-germany-demonstrated-and-demanded-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-11/paris_large_1228_80.webp" alt=""></a><br /><p><strong>पेरिस। </strong>फ्रांस की राजधानी पेरिस, जर्मनी की राजधानी बर्लिन और अन्य यूरोपीय शहरों में फलस्तीनी समर्थक हजारों लोगों ने गाजा में इजराइली बमबारी रोकने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। ये प्रदर्शन इजराइल-हमास युद्ध में हताहतों की बढ़ती संख्या और गहराते मानवीय संकट को लेकर यूरोप के खासकर उन देशों में बढ़ रहे असंतोष को दर्शाते हैं, जहां मुस्लिम आबादी अधिक है। गाजा में हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इजराइल-हमास युद्ध में मारे गए फलस्तीनियों की संख्या बढ़कर 9,448 हो गई है।</p>
<p>गाजा में 24,173 और वेस्ट बैंक में 2,200 फलस्तीनी घायल हुए हैं। इजराइल में 1,400 से अधिक लोगों की मौत हुई है। इनमें से अधिकतर लोगों की मौत सात अक्टूबर को हमास के शुरुआती हमले में हुई। इसी हमले के बाद से यह युद्ध शुरू हुआ है। इन हमलों में करीब 2,50,000 इजराइली और गाजा में 15 लाख से अधिक फलस्तीनी विस्थापित हुए हैं। इसके अलावा गाजा में कम से कम 241 लोगों को बंधक बनाया गया है।</p>
<p>गाजा में इजराइल की जवाबी कार्रवाई के विरोध में पेरिस की एक रैली में हजारों प्रदर्शनकारी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने गाजा में तत्काल युद्धविराम का आह्वान किया और कुछ लोगों ने ‘‘इजराइल, हत्यारा’’ के नारे लगाए। मध्य लंदन में प्रदर्शनकारियों ने ‘‘संघर्ष विराम अभी करो’’ और ‘‘मुझे विश्वास है कि हम जीतेंगे’’ जैसे नारे लगाते हुए सड़कों को अवरुद्ध कर दिया। पेरिस में कुछ प्रदर्शनकारियों ने ‘‘गाजा में नरसंहार रोको’’ के बैनर दिखाए और फलस्तीनी झंडे थामे कई लोगों ने ‘‘फलस्तीन जीवित रहेगा, फलस्तीन जीतेगा’’ के नारे लगाए। कुछ प्रदर्शनकारियों ने ‘‘मैक्रों की मिलीभगत’’ के नारे लगाते हुए फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पर भी निशाना साधा।</p>
<p>पेरिस के पुलिस प्रमुख ने एक निश्चित मार्ग पर प्रदर्शन की अनुमति दी लेकिन साथ ही कहा कि यहूदी विरोधी या आतंकवाद के प्रति सहानुभूति रखने वाले किसी भी प्रकार के व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमास के इजराइल पर सात अक्टूबर को किए गए हमले के बाद से यूरोप में यहूदी विरोधी हमलों में तेजी देखी गई है। बर्लिन में पूर्व में फलस्तीन समर्थक विरोध प्रदर्शनों के हिंसक हो जाने के मद्देनजर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए लगभग 1,000 पुलिस अधिकारियों को तैनात किया गया। </p>
<p>जर्मन समाचार एजेंसी ‘डीपीए’ ने बताया कि लगभग 6,000 प्रदर्शनकारियों ने जर्मनी की राजधानी के बीचों-बीच मार्च निकाला। पुलिस ने ऐसे किसी भी प्रकार के सार्वजनिक या लिखित बयानों पर प्रतिबंध लगा दिया जो यहूदी विरोधी या इजराइल विरोधी हों या हिंसा या आतंकवाद का महिमामंडन करते हों। लंदन में सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शन करने के बीच मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने बताया कि उसके अधिकारियों ने 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट और इटली के मिलान शहर में भी हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Nov 2023 13:22:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
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                <title>जंग है इजराइल-हमास की, तो कैसे 31 पत्रकारों की मौत और कई है गायब </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Israel vs Hamas: </strong>इजराइल-हमास जंग दिन पर दिन खतरनाक रूप लेता जा रहा है. 7 अक्टूबर से शुरू इस जंग में अब तक कई हजार लोगों की जान जा चुकी है. सबसे ज्यादा लोग गाजा पट्टी में मारे गए हैं. दूसरी ओर से युद्ध में अब तक 31 पत्रकारों की भी मौत हो चुकी है. मारे गए पत्रकारों में 26 फिलिस्तीन के, 4 इजराइल के और 1 लेबनान के बताए जा रहे हैं. ‘द टाइम्स ऑफ इजराइल’ ने ‘कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट’ की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि 31 पत्रकारों की मौत के अलावा 8 जर्नलिस्टों के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/136485/there-is-a-war-between-israel-and-hamas-so-how"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-10/israel-hamas-war-24.webp" alt=""></a><br /><p><strong>Israel vs Hamas: </strong>इजराइल-हमास जंग दिन पर दिन खतरनाक रूप लेता जा रहा है. 7 अक्टूबर से शुरू इस जंग में अब तक कई हजार लोगों की जान जा चुकी है. सबसे ज्यादा लोग गाजा पट्टी में मारे गए हैं. दूसरी ओर से युद्ध में अब तक 31 पत्रकारों की भी मौत हो चुकी है. मारे गए पत्रकारों में 26 फिलिस्तीन के, 4 इजराइल के और 1 लेबनान के बताए जा रहे हैं. ‘द टाइम्स ऑफ इजराइल’ ने ‘कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट’ की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि 31 पत्रकारों की मौत के अलावा 8 जर्नलिस्टों के घायल होने की भी खबर है, जबकि 9 लापता हैं या फिर उनको हिरासत में लिया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि जंग के दौरान पत्रकारों को लगातार हमलों, गिरफ्तारियों, धमकियों, सेंसरशिप और परिवार के सदस्यों की हत्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है.</p>
<p>‘कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट’ के मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका कार्यक्रम समन्वयक शेरिफ मंसूर ने इस बात पर भी जोर दिया है कि पत्रकार संकट के समय महत्वपूर्ण काम करते हैं और उन्हें युद्ध के दौरान निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए. कमेटी ने कहा है कि जंग को कवर करने के लिए पत्रकार बलिदान का काम कर रहे हैं. विशेषकर गाजा में रहने वाले पत्रकारों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है. बता दें कि हमास की ओर से 7 अक्टूबर को इजराइल पर एक साथ 5000 रॉकेट दागे गए थे. इस हमले में इजराइल के कई नागरिकों और जवानों की मौत हो गई थी. हमले से खमखमाए इजराइल ने हमास के खिलाफ जंग का ऐलान कर दिया और गाजा पट्टी में बमबारी शुरू कर दी. इजराइल की सेना की ओर से गाजा पट्टी में लगातार हवाई हमले किए जा रहे हैं. इसके साथ-साथ जमीनी हमला भी शुरू कर दिया गया है.</p>
<p>इजराइली बलों ने मंगलवार को उत्तरी गाजा में हमास के बुनियादी ढांचों पर जमीनी हमला किया. इजराइली सेना का दावा है कि 7 अक्टूबर से शुरू हुए युद्ध के बाद से उत्तरी गाजा से करीब 8 लाख लोग पलायन कर चुके हैं. इजराइली सेना के टैंक, बख्तरबंद वाहन सोमवार को ही गाजा के अंदरूनी इलाके में पहुंच गए थे. गाजा पट्टी में इजराइली सेना की एंट्री के साथ पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने संघर्ष विराम के आह्वान को मानने से इनकार दिया.</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Oct 2023 19:32:10 +0530</pubDate>
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