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                <title>Sribhumi District - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Sribhumi District RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>श्रीभूमि जिला के दुल्लभछड़ा बड़ाबाजार में भव्य झूलन यात्रा, उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि संवाददाता </strong></div>
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<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात:</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">भगवान श्रीकृष्ण की पवित्र झूलन यात्रा को लेकर 28 अगस्त शुक्रवार को श्रीभूमि जिले के दुल्लभछड़ा बड़ाबाजार में उत्सव का माहौल देखने को मिला। वर्ष 1971 से चली आ रही इस पारंपरिक धार्मिक यात्रा में इस बार भी कई नई थीम, आकर्षक सजावट और विशेष आयोजन श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहे। झूलन यात्रा का आनंद लेने के लिए सुबह से ही दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं दर्शक बड़ाबाजार पहुंचने लगे। रूपांजलि क्लब के द्वारा आयोजित झूलन यात्रा में इस बार विभिन्न नई थीम और मनमोहक दृश्य प्रस्तुत किए गए। भगवान</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186713/a-huge-crowd-of-devotees-gathered-for-the-grand-jhulan"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1001744998.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात:</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भगवान श्रीकृष्ण की पवित्र झूलन यात्रा को लेकर 28 अगस्त शुक्रवार को श्रीभूमि जिले के दुल्लभछड़ा बड़ाबाजार में उत्सव का माहौल देखने को मिला। वर्ष 1971 से चली आ रही इस पारंपरिक धार्मिक यात्रा में इस बार भी कई नई थीम, आकर्षक सजावट और विशेष आयोजन श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहे। झूलन यात्रा का आनंद लेने के लिए सुबह से ही दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं दर्शक बड़ाबाजार पहुंचने लगे। रूपांजलि क्लब के द्वारा आयोजित झूलन यात्रा में इस बार विभिन्न नई थीम और मनमोहक दृश्य प्रस्तुत किए गए। भगवान श्रीकृष्ण की झूलन यात्रा के भव्य एवं आकर्षक स्वरूप को देखने के लिए हर आयु वर्ग के लोगों की भारी भीड़ उमड़ी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वहीं, स्टार क्लब की ओर से भी विशेष आयोजन किया गया। श्रद्धांजलि क्लब के सदस्यों ने उत्सव के संचालन तथा भीड़ नियंत्रण में सक्रिय सहयोग किया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण बड़ाबाजार क्षेत्र चहल-पहल से भरा रहा। धार्मिक आयोजन के साथ-साथ बड़ाबाजार में मेले जैसा माहौल भी देखने को मिला। क्षेत्र में सुबह से ही खाने-पीने की सामग्री, मिठाई, खिलौने और विभिन्न प्रकार की वस्तुओं की दुकानें सज गई थीं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने उत्सव का भरपूर आनंद लिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नई-नई थीम, आकर्षक सजावट और भव्य आयोजन को देखकर श्रद्धालुओं एवं दर्शकों में खासा उत्साह नजर आया। आयोजन समिति के प्रयासों की लोगों ने जमकर सराहना की। उत्सव में उमड़ी भीड़ ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए उत्सव स्थल पर शांति एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए आयोजक क्लबों के सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं एवं दर्शकों से परिवार के साथ उत्सव में शामिल होकर शांतिपूर्ण एवं अनुशासित तरीके से झूलन यात्रा का आनंद लेने के लिए धन्यवाद ज्ञापन किया। उत्सव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में सहयोग के लिए आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं एवं दर्शकों के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए राताबाड़ी और निविया पुलिस प्रशासन तथा सीआरपीएफ जवानों के प्रति भी आयोजक समिति ने धन्यवाद एवं कृतज्ञता व्यक्त की। सुरक्षा व्यवस्था में उनके सहयोग से पूरे आयोजन के दौरान शांति एवं व्यवस्था बनी रही।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वर्ष 1971 से चली आ रही जिले के दुल्लभछड़ा बड़ाबाजार की झूलन यात्रा क्षेत्र के प्रमुख पारंपरिक धार्मिक एवं सामाजिक उत्सवों में से एक है। प्रत्येक वर्ष यह आयोजन लोगों के बीच उत्साह और उमंग का संचार करता है। इस वर्ष भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और भव्य आयोजन के कारण झूलन यात्रा धार्मिक आस्था के साथ-साथ एक बड़े जनमिलन समारोह का रूप लेती नजर आई।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
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<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 22:59:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>श्रीभूमि जिले के दुल्लभछड़ा मॉडल अस्पताल सिर्फ नाम का</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div><strong>श्रीभूमि संवाददाता स्वतंत्र प्रभात:</strong>                श्रीभूमि जिले के दुल्लभछड़ा मॉडल अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को लेकर क्षेत्रवासियों में बढ़ रहा असंतोष जिले के दुल्लभछड़ा मॉडल अस्पताल में आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने का आरोप लगाया जा रहा है। गंभीर अथवा विशेषज्ञ उपचार की आवश्यकता पड़ने पर आज भी क्षेत्र के मरीजों को श्रीभूमि सिविल अस्पताल अथवा अन्य स्वास्थ्य केंद्रों का रुख करना पड़ता है। इस स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में लगातार नाराजगी बढ़ रही है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि अस्पताल में ईएनटी (कान, नाक</div>
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186616/dulabhchhada-model-hospital-of-shribhoomi-district-is-in-name-only"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1001742063.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div><strong>श्रीभूमि संवाददाता स्वतंत्र प्रभात:</strong>        श्रीभूमि जिले के दुल्लभछड़ा मॉडल अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को लेकर क्षेत्रवासियों में बढ़ रहा असंतोष जिले के दुल्लभछड़ा मॉडल अस्पताल में आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने का आरोप लगाया जा रहा है। गंभीर अथवा विशेषज्ञ उपचार की आवश्यकता पड़ने पर आज भी क्षेत्र के मरीजों को श्रीभूमि सिविल अस्पताल अथवा अन्य स्वास्थ्य केंद्रों का रुख करना पड़ता है। इस स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में लगातार नाराजगी बढ़ रही है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि अस्पताल में ईएनटी (कान, नाक एवं गला), त्वचा रोग, स्त्री रोग, नेत्र रोग और दंत चिकित्सा सहित कई महत्वपूर्ण विभागों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियमित सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं। इसके अलावा हाथ टूटने अथवा हड्डी में चोट लगने जैसी स्थिति में भी आवश्यक प्लास्टर और संबंधित चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने के कारण मरीजों को श्रीभूमि सिविल अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि गंभीर और सामान्य बीमारियों के उपचार के लिए भी मरीजों को बार-बार दूसरे अस्पतालों में भेजना पड़े, तो दुल्लभछड़ा मॉडल अस्पताल को किस हद तक ‘मॉडल’ कहा जा सकता है? उनका कहना है कि अस्पताल कई मामलों में मरीजों को इलाज उपलब्ध कराने के बजाय दूसरे अस्पतालों में रेफर करने का केंद्र बनकर रह गया है। इस स्थिति का सबसे अधिक असर मरीजों और उनके परिजनों पर पड़ रहा है। इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों तक आने-जाने में अतिरिक्त समय और धन खर्च होता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह परेशानी और गंभीर हो जाती है। कई मरीज मजबूरी में श्रीभूमि के निजी चिकित्सकों से उपचार कराने को विवश होते हैं, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। क्षेत्रवासियों के अनुसार, श्रीभूमि सिविल अस्पताल में भी इलाज के लिए मरीजों को लंबे समय तक कतार में इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में दुल्लभछड़ा से मरीजों को बार-बार बाहर रेफर किए जाने से उनकी परेशानी और बढ़ जाती है। विशेषकर आपातकालीन परिस्थितियों में विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा का अभाव गंभीर चिंता का विषय बन सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल अस्पताल का नाम बदलने, भवन तैयार करने या बुनियादी ढांचा विकसित करने से स्वास्थ्य व्यवस्था बेहतर नहीं हो सकती। अस्पताल को वास्तव में मॉडल बनाने के लिए पर्याप्त संख्या में चिकित्सकों एवं विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति, आवश्यक जांच सुविधाओं, संबंधित विभागों की नियमित सेवाओं तथा मरीजों को स्थानीय स्तर पर उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करना जरूरी है। क्षेत्रवासियों ने इस मामले में असम के मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। लोगों की मांग है कि दुल्लभछड़ा मॉडल अस्पताल में जल्द से जल्द आवश्यक विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की जाए और सभी महत्वपूर्ण विभागों में नियमित चिकित्सा सेवाएं शुरू की जाएं। क्षेत्रवासियों की स्पष्ट मांग है कि दुल्लभछड़ा मॉडल अस्पताल सिर्फ नाम से मॉडल न रहे, बल्कि गुणवत्तापूर्ण और पूर्ण चिकित्सा सेवाओं के मामले में भी वास्तव में ‘मॉडल’ बने।</div>
</div>
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</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 18:08:58 +0530</pubDate>
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                <title>श्रीभूमि जिले के आनिपुर में बेली ब्रिज का निर्माण चार महीने बाद भी अधूरा, दोनों किनारों के लोग भारी परेशानी में।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1"><strong>श्रीभूमि  संवाददाता स्वतंत्र प्रभात : सचिन्द्र शर्मा </strong></blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">असम श्रीभूमि जिले के आनिपुर में सिंगला नदी पर क्षतिग्रस्त पुल के स्थान पर बनाए जा रहे वैकल्पिक बेली ब्रिज का निर्माण कार्य चार महीने बीत जाने के बाद भी पूरा नहीं हो सका है। निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार को लेकर नदी के दोनों किनारों पर रहने वाले हजारों लोगों में भारी नाराज़गी और असंतोष व्याप्त है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों के अनुसार, पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद राज्य के कैबिनेट मंत्री कृष्णेंदु पाल ने मौके का दौरा कर एक महीने के भीतर वैकल्पिक बेली ब्रिज तैयार कराने का आश्वासन दिया था। लेकिन चार</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183438/construction-of-bailey-bridge-in-anipur-of-shribhoomi-district-is"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1001623953.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1"><strong>श्रीभूमि  संवाददाता स्वतंत्र प्रभात : सचिन्द्र शर्मा </strong></blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">असम श्रीभूमि जिले के आनिपुर में सिंगला नदी पर क्षतिग्रस्त पुल के स्थान पर बनाए जा रहे वैकल्पिक बेली ब्रिज का निर्माण कार्य चार महीने बीत जाने के बाद भी पूरा नहीं हो सका है। निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार को लेकर नदी के दोनों किनारों पर रहने वाले हजारों लोगों में भारी नाराज़गी और असंतोष व्याप्त है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों के अनुसार, पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद राज्य के कैबिनेट मंत्री कृष्णेंदु पाल ने मौके का दौरा कर एक महीने के भीतर वैकल्पिक बेली ब्रिज तैयार कराने का आश्वासन दिया था। लेकिन चार महीने बीत जाने के बावजूद निर्माण कार्य अधूरा है, जिससे मंत्री के आश्वासन पर सवाल उठने लगे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बेली ब्रिज समय पर तैयार नहीं होने के कारण स्कूली एवं कॉलेज के छात्र-छात्राओं, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और आम नागरिकों को प्रतिदिन जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ रही है। इसका सीधा असर शिक्षा, व्यापार तथा आवश्यक सेवाओं पर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य शीघ्र पूरा नहीं किया गया तो वे व्यापक जनआंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/1001623950.jpg" alt="साबू के सामने मुख्य सड़क भी बदहाल, विभागीय अधिकारियों की चुप्पी पर बढ़ा लोगों का आक्रोश।" width="1193" height="1377"></img></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इधर, आनिपुर के साबू के सामने से गुजरने वाली महत्वपूर्ण सड़क भी लंबे समय से बदहाल स्थिति में है। सड़क के कई हिस्से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं। बरसात के दौरान सड़क पर जलभराव और कीचड़ के कारण आवागमन बेहद कठिन हो जाता है, जिससे लोगों को रोज़ाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कई बार संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों को इस समस्या से अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। विभागीय अधिकारियों की निष्क्रियता और चुप्पी को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश है। इसी सड़क से प्रतिदिन छात्र-छात्राएं, मरीज, व्यापारी और बड़ी संख्या में आम नागरिक आवागमन करते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी हुई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि आनिपुर के बेली ब्रिज का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर पूरा किया जाए तथा साबू के सामने स्थित इस महत्वपूर्ण सड़क की तत्काल मरम्मत कर आम जनता को लंबे समय से चली आ रही परेशानियों से राहत दिलाई जाए।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Jul 2026 22:09:43 +0530</pubDate>
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