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                <title>ख़जनी में हादसा # दाह संस्कार से लौट युवक की मौत# बस से गिरने से मौत - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>ख़जनी में हादसा # दाह संस्कार से लौट युवक की मौत# बस से गिरने से मौत RSS Feed</description>
                
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                <title>एक ही दिन दो शोक !चाची की चिता की राख भी नहीं हुई ठंडी, घर लौटते समय मौत ने छीन ली धर्मेंद्र की सांसें</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>ब्युरो कार्यालय (गोरखपुर उत्तर प्रदेश</strong>)</p>
<p>, <strong>गोरखपुर खजनी </strong>। कहते हैं कि नियति के आगे किसी का बस नहीं चलता। खजनी थाना क्षेत्र के सतुआभार गांव में मंगलवार की रात घटी दर्दनाक घटना ने इस कहावत को सच साबित कर दिया। परिवार अभी चाची के निधन के गम से उबर भी नहीं पाया था कि घर लौटते समय एक और हादसे ने पूरे परिवार को जिंदगी भर का दर्द दे दिया। चाची के दाह संस्कार से लौट रहे युवक की चलती बस से गिरकर मौत हो गई। एक ही दिन में दो-दो मौतों से पूरे गांव में मातम पसरा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183404/two-mourners-on-the-same-day-even-the-ashes-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img_20260715_091247.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>ब्युरो कार्यालय (गोरखपुर उत्तर प्रदेश</strong>)</p>
<p>, <strong>गोरखपुर खजनी </strong>। कहते हैं कि नियति के आगे किसी का बस नहीं चलता। खजनी थाना क्षेत्र के सतुआभार गांव में मंगलवार की रात घटी दर्दनाक घटना ने इस कहावत को सच साबित कर दिया। परिवार अभी चाची के निधन के गम से उबर भी नहीं पाया था कि घर लौटते समय एक और हादसे ने पूरे परिवार को जिंदगी भर का दर्द दे दिया। चाची के दाह संस्कार से लौट रहे युवक की चलती बस से गिरकर मौत हो गई। एक ही दिन में दो-दो मौतों से पूरे गांव में मातम पसरा है।</p>
<p>सतुआभार निवासी <strong>धर्मेंद्र कुमार (पुत्र जित्तू प्रसाद</strong>) अपने परिजनों और ग्रामीणों के साथ चाची के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए बड़हलगंज मुक्तिधाम गए थे। देर रात सभी लोग बस से वापस गांव लौट रहे थे।</p>
<p> बताया जा रहा है कि धर्मेंद्र बस के गेट के पास खड़े थे। गौरा बाजार के निकट अचानक चालक द्वारा तेज ब्रेक लगाने से उनका संतुलन बिगड़ गया और वह चलती बस से सड़क पर जा गिरे।</p>
<p>बस में सवार लोगों ने चीख-पुकार के बीच तत्काल बस रुकवाई और गंभीर रूप से घायल धर्मेंद्र को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना मिलते ही खजनी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।</p>
<p>जैसे ही धर्मेंद्र की मौत की खबर सतुआभार गांव पहुंची, पूरे गांव में कोहराम मच गया। जिस घर में कुछ घंटे पहले चाची की मृत्यु पर शोक मनाया जा रहा था, उसी घर में जवान बेटे की मौत की खबर पहुंचते ही चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं और हर किसी की आंखें नम हैं।</p>
<p>धर्मेंद्र अपने पीछे पत्नी और तीन मासूम बच्चों को छोड़ गए हैं। परिवार का सहारा अचानक छिन जाने से बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया, जबकि पत्नी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में हर कोई यही कह रहा है कि भगवान ने इस परिवार की बहुत कठिन परीक्षा ली है।</p>
<p>यह हादसा एक बार फिर चलती बस में गेट पर खड़े होकर यात्रा करने के गंभीर खतरे की याद दिलाता है। एक पल की असावधानी या मजबूरी ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। चाची की चिता की राख भी ठंडी नहीं हुई थी कि नियति ने धर्मेंद्र को भी अपनों से हमेशा के लिए जुदा कर दिया। अब सतुआभार गांव में हर ओर सिर्फ सन्नाटा, आंसू और एक ही सवाल है—आखिर इस परिवार का कसूर क्या था?</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Jul 2026 09:30:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[शत्रुघन मणि त्रिपाठी ]]></dc:creator>
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