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                <title>Literary Discussion - Swatantra Prabhat</title>
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                            <item>
                <title>सुरभि सिंह के कहानी संग्रह ‘कालिदर्पण तुम बह रही हो’ का भव्य लोकार्पण</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong> राजधानी लखनऊ में 3 अगस्त 2026 उत्तर प्रदेश साहित्य सभा के तत्वावधान में यूपी प्रेस क्लब, लखनऊ में साहित्यकार डॉ. सुरभि सिंह के कहानी संग्रह ‘कालिदर्पण तुम बह रही हो’ का भव्य लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में साहित्य, शिक्षा एवं संस्कृति जगत की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता नरेंद्र भूषण ने की अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने स्त्रियों के जीवन को चुनौतिपूर्ण बताते हुए उन्हें अपने जीवन पथ पर निर्भीकता के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">समारोह को श्री सर्वेश अस्थाना जी का विशेष सान्निध्य प्राप्त हुआ। उन्होंने अपने आशीर्वचन में</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184635/grand-launch-of-surbhi-singhs-story-collection-kalidarpan-tum-beh"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/646210-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong> राजधानी लखनऊ में 3 अगस्त 2026 उत्तर प्रदेश साहित्य सभा के तत्वावधान में यूपी प्रेस क्लब, लखनऊ में साहित्यकार डॉ. सुरभि सिंह के कहानी संग्रह ‘कालिदर्पण तुम बह रही हो’ का भव्य लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में साहित्य, शिक्षा एवं संस्कृति जगत की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता नरेंद्र भूषण ने की अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने स्त्रियों के जीवन को चुनौतिपूर्ण बताते हुए उन्हें अपने जीवन पथ पर निर्भीकता के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">समारोह को श्री सर्वेश अस्थाना जी का विशेष सान्निध्य प्राप्त हुआ। उन्होंने अपने आशीर्वचन में नारी जीवन के विविध संवेदनात्मक पक्षों पर प्रकाश डालते हुए साहित्य की सामाजिक भूमिका को रेखांकित किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में  कमल किशोर भावुक उपस्थित रहे, जबकि दयानंद पांडेय, महेंद्र भीम तथा प्रमोद त्रिवेदी ने विशिष्ट अतिथि के रूप में अपने विचार व्यक्त किए और रचना तथा उसकी प्रासंगिकता पर चर्चा की।<br /><br />सुप्रसिद्ध कवयित्री नंदिनी श्रीवास्तव के आगमन से समारोह का वातावरण उत्साह और ऊर्जा से भर उठा। इस अवसर पर डॉ. अंशुमाली शर्मा, जनेश्वर श्रीवास्तव, डॉ. सुधा मिश्रा एवं पवन कुमार तिवारी ने कहानी संग्रह की रचनाओं पर अपने विचार प्रस्तुत किए तथा डॉ. सुरभि सिंह की लेखन शैली की सराहना की समारोह में शिक्षा, संस्कृति, काव्य, कथा, चिकित्सा तथा ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े अनेक विशिष्ट व्यक्तियों को भी सम्मानित किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। वहीं शोभा दीक्षित ‘भावना’ की प्रभावशाली वाणी ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की कार्यक्रम का संचालन योगेश शुक्ला ने किया। जबकि प्रतिभा श्रीवास्तव ने सह-संयोजक के रूप में आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समारोह साहित्यिक विमर्श, सम्मान और सृजनात्मक संवाद का यादगार अवसर बनकर उभरा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Aug 2026 22:25:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>युवा सृजन संवाद,द्वारा प्रयागराज का 'घर गोष्ठी'आयोजन </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>  ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">प्रयागराज की साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था 'युवा सृजन संवाद' द्वारा 'घर गोष्ठी' कार्यक्रम का आयोजन आज किया गया।जिसमें कविता-पाठ एवं चर्चा का आयोजन किया गया</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">.कार्यक्रम की शुरुआत वरिष्ठ संस्कृतिकर्मी संजय पाण्डेय द्वारा नैनी में स्थापित एवं संचालित  पुस्तकालय के उद्घाटन के साथ हुई। इसमें युवा विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों के अध्ययन की सुविधा उपलब्ध रहेगी.तत्पश्चात इसी क्रम में किताबों के ऊपर लिखी गई कुछ कविताओं का पाठ किया गया।जिसमें मनोज त्रिपाठी, सोमदेव, रिया, जगदीश और जया ने विभिन्न कवियों की कविताओं का पाठ किया.</div>
<div style="text-align:justify;">चर्चा हेतु निर्धारित विषय 'समाज और साहित्य की परस्परता' पर बात करते</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182967/seminar-organized-at-the-house-of-prayagraj-by-yuva-srijan"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260703-wa0069.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong> ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रयागराज की साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था 'युवा सृजन संवाद' द्वारा 'घर गोष्ठी' कार्यक्रम का आयोजन आज किया गया।जिसमें कविता-पाठ एवं चर्चा का आयोजन किया गया</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">.कार्यक्रम की शुरुआत वरिष्ठ संस्कृतिकर्मी संजय पाण्डेय द्वारा नैनी में स्थापित एवं संचालित  पुस्तकालय के उद्घाटन के साथ हुई। इसमें युवा विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों के अध्ययन की सुविधा उपलब्ध रहेगी.तत्पश्चात इसी क्रम में किताबों के ऊपर लिखी गई कुछ कविताओं का पाठ किया गया।जिसमें मनोज त्रिपाठी, सोमदेव, रिया, जगदीश और जया ने विभिन्न कवियों की कविताओं का पाठ किया.</div>
<div style="text-align:justify;">चर्चा हेतु निर्धारित विषय 'समाज और साहित्य की परस्परता' पर बात करते हुए कार्यक्रम के मुख्य वक्ता वरिष्ठ प्रोफेसर संतोष भदौरिया ने कि साहित्य मात्र समाज का दर्पण नहीं, समाज का अभिन्न अंग है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> साहित्य हमेशा अपने समय से मुखातिब होता है और समाज को बहुत गहरे तक प्रभावित करता है। उन्होंने प्रेमचंद के गोदान का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे प्रेमचन्द केसम्पूर्ण साहित्य ने समाज को बदलाव के लिए प्रेरित किया. उन्होंने साहित्य से धीरोदात्त नायक की विदाई की और सामान्य जन को प्रतिष्ठित किया ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> मध्यकालीन सन्त काव्य से अनेक उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा की साहित्य ने हमेशा मनुष्य और मनुष्यता की बात की. समाज को अनेक रूढ़ियों और कट्टरताओं से मुक्ति का मार्ग दिखाया. उन्होंने बताया कि कालजयी साहित्य समाज में रचा -बसा होता है।सत्ता का प्रतिपक्ष रचना साहित्य का ज़रूरी और अनिवार्य कार्यभार होता है, अतः यह समाज को जगाने और उसके संघर्ष की भूमिका रचने का कार्य करता है। विषय को आगे बढ़ाते हुए मुख्य अतिथि प्रो महमूद काज़मी जी ने उर्दू कविता में ग़ज़ल के बहाने समाज के साथ साहित्य की संलग्नता के बारे में बताया। उन्होंने किशन चंदर, प्रेमचंद, मंटो की कहानियों का विश्लेषण करते हुए समाज से साहित्य के जुड़ाव के बारे में बताया। अध्यक्षीय बात रखते हुए असरार जी ने हिंदी और उर्दू  की साझी विरासत के साथ साहित्य की सामाजिकता के बारे में अपनी बात रखी.अंत में सभी धन्यवाद ज्ञापन संजय पाण्डेय  ने दिया।कार्यक्रम का कुशल संचालन रिया त्रिपाठी ने किया.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गोष्ठी में प्रमुख रुप से प्रवीण शेखर, रियाज़ खान, मनोज त्रिपाठी,डॉ.निधि सिंह , सांत्वना पाण्डेय, मनोरमा त्रिपाठी, डॉ. शमेनाज़ शेख,सत्यमोहन, शिबगत , मयंक धवन, शिल्पा धवन, रिया, सोम, जया, जगदीश, दीपक सहित अनेक विद्यार्थी उपस्थित रहे ।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 19:38:40 +0530</pubDate>
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