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                <title>Ramkrishnanagar - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Ramkrishnanagar RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>कालवर्ट के अभाव में सोनाइछड़ा स्कूल के विद्यार्थियों को आवागमन में भारी परेशानी।</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>श्रीभूमि संवाददाता स्वतंत्र प्रभात :</strong></div>
<div>  </div>
<div>श्रीभूमि जिले के रामकृष्णनगर शिक्षा खंड के अंतर्गत दुल्लभछड़ा जीपी के दामछड़ा 9 नंबर लाइन क्षेत्र में स्थित सोनाइछड़ा एल.पी. स्कूल के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और स्थानीय लोगों को लंबे समय से सुरक्षित आवागमन की सुविधा नहीं मिलने के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वर्ष 1982 में स्थापित इस विद्यालय को 44 वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन स्कूल तक पहुंचने वाले महत्वपूर्ण मार्ग पर आज तक स्थायी कलवर्ट का निर्माण नहीं किया गया है।</div>
<div>  </div>
<div>स्थानीय सूत्रों के अनुसार, विद्यालय तक जाने वाले रास्ते में मौजूद एक नाले को पार करने के</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185947/due-to-absence-of-calvert-students-of-sonaichhra-school-face"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1001724327.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>श्रीभूमि संवाददाता स्वतंत्र प्रभात :</strong></div>
<div> </div>
<div>श्रीभूमि जिले के रामकृष्णनगर शिक्षा खंड के अंतर्गत दुल्लभछड़ा जीपी के दामछड़ा 9 नंबर लाइन क्षेत्र में स्थित सोनाइछड़ा एल.पी. स्कूल के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और स्थानीय लोगों को लंबे समय से सुरक्षित आवागमन की सुविधा नहीं मिलने के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वर्ष 1982 में स्थापित इस विद्यालय को 44 वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन स्कूल तक पहुंचने वाले महत्वपूर्ण मार्ग पर आज तक स्थायी कलवर्ट का निर्माण नहीं किया गया है।</div>
<div> </div>
<div>स्थानीय सूत्रों के अनुसार, विद्यालय तक जाने वाले रास्ते में मौजूद एक नाले को पार करने के लिए वर्षों से बांस के अस्थायी पुल का सहारा लेना पड़ रहा है। कई स्थानों पर सुपारी के पेड़ के तनों के सहारे भी छोटे-छोटे बच्चे जोखिम उठाकर नाला पार करते हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को हर दिन दुर्घटना की आशंका के बीच स्कूल आना-जाना पड़ता है। विशेषकर बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। बारिश के कारण नाले में पानी का स्तर बढ़ जाता है और बांस का पुल तथा सुपारी के तने फिसलन भरे हो जाते हैं। अभिभावकों को आशंका है कि किसी भी समय दुर्घटना हो सकती है।</div>
<div> </div>
<div>छोटे बच्चों के गिरकर हाथ-पैर में चोट लगने से लेकर किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। अभिभावकों और स्थानीय निवासियों का आरोप है कि लंबे समय से इस समस्या को संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए अब तक कोई प्रभावी पहल नहीं की गई। दुल्लभछड़ा ग्राम पंचायत प्राधिकरण और संबंधित शिक्षा विभाग के अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी स्थानीय लोगों में नाराजगी है। स्थानीय लोगों का सवाल है कि सरकार विभिन्न शिक्षा एवं विकास योजनाओं पर बड़ी राशि खर्च कर रही है, फिर प्राथमिक विद्यालय के छोटे बच्चों की सुरक्षित आवाजाही के लिए एक छोटा-सा कलवर्ट बनाने में इतनी लंबी देरी क्यों हो रही है? नियमित विद्यालय निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों की नजर इस गंभीर समस्या पर क्यों नहीं पड़ी, इसे लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।</div>
<div> </div>
<div>अभिभावकों की मांग है कि बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संबंधित शिक्षा विभाग के अधिकारी, ग्राम पंचायत प्राधिकरण और प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण करें। साथ ही समस्या की गंभीरता को देखते हुए जल्द से जल्द स्थायी कलवर्ट के निर्माण की पहल की जाए।</div>
<div> </div>
<div>स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी बड़ी दुर्घटना के बाद प्रशासन के सक्रिय होने का इंतजार करने के बजाय पहले ही इस समस्या का समाधान </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Aug 2026 19:10:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एक ही राज्य में KYC के अलग-अलग शुल्क? सिलचर में 150, रामकृष्णनगर में 190 रुपये लेने का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि :</strong> असम के अलग-अलग जिले क्षेत्रों में गैस कनेक्शन से संबंधित KYC के लिए अलग-अलग राशि लिए जाने के आरोपों ने उपभोक्ताओं के बीच सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, सिलचर में जहां KYC के लिए 150 रुपये लिए जा रहे हैं, वहीं श्रीभूमि जिले के रामकृष्णनगर में इसी प्रक्रिया के लिए 190 रुपये वसूले जाने का आरोप है। उपभोक्ताओं ने संबंधित विभाग और जिला प्रशासन से मामले की जांच कर शुल्क की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">शिकायत के अनुसार, सिलचर के गूंगुर-मेहरपुर क्षेत्र स्थित आशिया गैस सर्विस में KYC कराने के लिए</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185716/allegation-of-charging-different-kyc-fees-in-the-same-state"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1001721340-(1).jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि :</strong> असम के अलग-अलग जिले क्षेत्रों में गैस कनेक्शन से संबंधित KYC के लिए अलग-अलग राशि लिए जाने के आरोपों ने उपभोक्ताओं के बीच सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, सिलचर में जहां KYC के लिए 150 रुपये लिए जा रहे हैं, वहीं श्रीभूमि जिले के रामकृष्णनगर में इसी प्रक्रिया के लिए 190 रुपये वसूले जाने का आरोप है। उपभोक्ताओं ने संबंधित विभाग और जिला प्रशासन से मामले की जांच कर शुल्क की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शिकायत के अनुसार, सिलचर के गूंगुर-मेहरपुर क्षेत्र स्थित आशिया गैस सर्विस में KYC कराने के लिए कथित तौर पर 150 रुपये लिए जा रहे हैं। ग्राहकों का दावा है कि इस राशि के साथ उन्हें गैस पाइप भी दिया जा रहा है। वहीं, श्रीभूमि जिले के रामकृष्णनगर स्थित गाजी गैस एजेंसी में इसी प्रकार की KYC प्रक्रिया के लिए 190 रुपये लिए जाने का आरोप उपभोक्ताओं ने लगाया है। एक ही सेवा के लिए शुल्क में अंतर क्यों?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उपभोक्ताओं का मुख्य सवाल है कि यदि KYC के लिए कोई निर्धारित अथवा अधिकृत शुल्क है, तो एक ही राज्य के दो अलग-अलग जिले क्षेत्रों में राशि में अंतर क्यों है। उनका कहना है कि सिलचर में 150 रुपये के साथ गैस पाइप दिए जाने की बात सामने आ रही है, जबकि रामकृष्णनगर में 190 रुपये लिए जाने के मामले में अतिरिक्त 40 रुपये किस मद में लिए जा रहे हैं, यह स्पष्ट किया जाना चाहिए। ग्राहकों ने मांग की है कि यदि अतिरिक्त राशि गैस पाइप, सेवा शुल्क या किसी अन्य अधिकृत मद के तहत ली जा रही है, तो संबंधित शुल्क का आधार और अधिकृत दर उपभोक्ताओं को स्पष्ट रूप से बताई जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">निम्न आय वर्ग के उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ का आरोप शिकायतकर्ता उपभोक्ताओं का कहना है कि KYC के नाम पर अतिरिक्त राशि लिए जाने से आम और निम्न आय वर्ग के लोगों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ सकता है। उनका कहना है कि यह मामला केवल कुछ उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़ी संख्या में गैस उपभोक्ताओं से जुड़ा जनहित का विषय है। जिला प्रशासन से जांच की मांग उपभोक्ताओं ने काछार और श्रीभूमि जिला प्रशासन का ध्यान इस मामले की ओर आकर्षित करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उपभोक्ताओं के अनुसार, जांच के दौरान यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि: KYC के लिए निर्धारित या अधिकृत शुल्क कितना है?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सिलचर और रामकृष्णनगर में अलग-अलग राशि लिए जाने की वजह क्या है? गैस पाइप अथवा अन्य सामग्री की कीमत शुल्क में शामिल है या नहीं?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सेवा शुल्क लिया जा रहा है तो उसका अधिकृत आधार क्या है? उपभोक्ताओं से ली जा रही राशि की रसीद और शुल्क का विवरण उपलब्ध कराया जा रहा है या नहीं?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्राहकों का कहना है कि यदि जांच में नियमों के विपरीत अतिरिक्त राशि वसूलने की शिकायत सही पाई जाती है, तो संबंधित एजेंसी अथवा जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वहीं, यदि दोनों स्थानों पर ली जा रही राशि में अंतर किसी वैध सेवा शुल्क, गैस पाइप या अन्य अधिकृत मद के कारण है, तो संबंधित गैस एजेंसियों और प्रशासन को इसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए, ताकि उपभोक्ताओं के बीच किसी प्रकार का भ्रम न रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">KYC के नाम पर अलग-अलग राशि लिए जाने के आरोपों के बीच अब उपभोक्ता प्रशासन और संबंधित गैस प्राधिकरण की जांच तथा स्पष्ट जवाब का इंतजार कर रहे हैं।</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Aug 2026 21:41:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>श्रीभूमि जिले के दुल्लभछड़ा जीपी के मोकामछड़ा कॉलोनी के दिव्यांग दुलु नाथ की दर्दभरी जिंदगी, इलाज और सरकारी सहायता की गुहार</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि :</strong> असम के श्रीभूमि जिले के रामकृष्णनगर विधानसभा क्षेत्र के  दुल्लभछड़ा ग्राम पंचायत अंतर्गत मोकामछड़ा कॉलोनी निवासी 58 वर्षीय दिव्यांग दुलु नाथ (पिता: स्वर्गीय दीपचरण नाथ) आज गंभीर आर्थिक तंगी और शारीरिक असहायता के बीच जीवन बिताने को मजबूर हैं। लगातार दो भीषण सड़क दुर्घटनाओं ने उनकी जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया है और आज वे सामान्य जीवन जीने में असमर्थ हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों के अनुसार, वर्ष 2005 में एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में दुलु नाथ ने अपना एक पैर गंवा दिया। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और दिव्यांग होने के बावजूद दुल्लभछड़ा के समीप बड़े बाजार</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182798/painful-life-of-disabled-dulu-nath-of-mokamchhada-colony-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1001598072-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि :</strong> असम के श्रीभूमि जिले के रामकृष्णनगर विधानसभा क्षेत्र के  दुल्लभछड़ा ग्राम पंचायत अंतर्गत मोकामछड़ा कॉलोनी निवासी 58 वर्षीय दिव्यांग दुलु नाथ (पिता: स्वर्गीय दीपचरण नाथ) आज गंभीर आर्थिक तंगी और शारीरिक असहायता के बीच जीवन बिताने को मजबूर हैं। लगातार दो भीषण सड़क दुर्घटनाओं ने उनकी जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया है और आज वे सामान्य जीवन जीने में असमर्थ हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों के अनुसार, वर्ष 2005 में एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में दुलु नाथ ने अपना एक पैर गंवा दिया। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और दिव्यांग होने के बावजूद दुल्लभछड़ा के समीप बड़े बाजार में चाय बेचकर किसी तरह अपने परिवार का पालन-पोषण करते रहे। लेकिन वर्ष 2022 में हुई एक और सड़क दुर्घटना में उनके दूसरे पैर में गंभीर चोट लग गई। लंबे समय तक इलाज कराने के बावजूद वे पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो सके हैं। वर्तमान में उनकी शारीरिक स्थिति इतनी कमजोर है कि दैनिक कार्य करना भी उनके लिए लगभग असंभव हो गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परिवार की आर्थिक स्थिति भी बेहद दयनीय है। उनकी एक बेटी पढ़ाई लिखाई में आंबल रामकृष्णनगर कॉलेज में पढ़ाई कर रही है, लेकिन आने-जाने का खर्च उठाना परिवार के लिए कठिन हो गया है। उनका 8 वर्षीय एक पुत्र और दो पुत्रियों इन तीन बच्चों की शिक्षा एवं भरण-पोषण की जिम्मेदारी है, जिससे पूरा परिवार आर्थिक संकट और अनिश्चितता के बीच जीवन गुजार रहा है। जानकारी के अनुसार, दुलु नाथ आज तक प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से भी वंचित हैं। उनका कच्चा और जर्जर घर बारिश के समय टपकने लगता है तथा घर के भीतर पानी भर जाता है, जिससे पूरा परिवार अत्यंत कठिन परिस्थितियों में रहने को मजबूर है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ऐसी विषम परिस्थितियों में दुलु नाथ ने असम के लोकप्रिय मुख्यमंत्री, स्थानीय प्रशासन, श्रीभूमि के सांसद कृपानाथ मालाह तथा रामकृष्णनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक बिजय मालाकार से इलाज, आर्थिक सहायता, आवास सुविधा तथा बच्चों की शिक्षा के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान करने की भावुक अपील की है। जागरूक नागरिकों ने सरकार और जनप्रतिनिधियों से इस मामले में शीघ्र मानवीय हस्तक्षेप करने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक सहायता और सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए, तो यह दिव्यांग एवं असहाय परिवार सम्मानपूर्वक जीवन-यापन कर सकेगा तथा आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ पाएगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 22:22:11 +0530</pubDate>
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