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                <title>paris olympics 2024 - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>paris olympics 2024 RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>डॉ. शिवम शर्मा ने किया मुख्य जनसंपर्क अधिकारी का कार्यभार ग्रहण</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>दया शंकर त्रिपाठी ब्यूरो चीफ</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">डॉ. शिवम शर्मा ने उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी का कार्यभार ग्रहण किया है। उन्होंने यह पदभार निवर्तमान मुख्य जनसंपर्क अधिकारी  शशिकांत त्रिपाठी की मुख्य यातायात योजना प्रबंधक उत्तर मध्य रेलवे के रूप में पदोन्नति के उपरांत ग्रहण किया है।  डॉ शर्मा इससे पहले प्रयागराज मंडल में वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे।  उल्लेखनीय है कि मुख्य जनसंपर्क अधिकारी के रूप में  शर्मा की दूसरी पारी है। इससे पूर्व उन्होंने वर्ष 2021-22 के दौरान भी इस पद का दायित्व संभाला था। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">डॉ शिवम शर्मा ने इसके पूर्व भी वरिष्ठ मंडल</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183129/dr-shivam-sharma-took-charge-as-chief-public-relations-officer"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260710-wa0115.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>दया शंकर त्रिपाठी ब्यूरो चीफ</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">डॉ. शिवम शर्मा ने उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी का कार्यभार ग्रहण किया है। उन्होंने यह पदभार निवर्तमान मुख्य जनसंपर्क अधिकारी  शशिकांत त्रिपाठी की मुख्य यातायात योजना प्रबंधक उत्तर मध्य रेलवे के रूप में पदोन्नति के उपरांत ग्रहण किया है।  डॉ शर्मा इससे पहले प्रयागराज मंडल में वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे।  उल्लेखनीय है कि मुख्य जनसंपर्क अधिकारी के रूप में  शर्मा की दूसरी पारी है। इससे पूर्व उन्होंने वर्ष 2021-22 के दौरान भी इस पद का दायित्व संभाला था। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">डॉ शिवम शर्मा ने इसके पूर्व भी वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक, उप मुख्य दावा अधिकारी एवं मंडल ट्रैफिक मैनेजर टूंडला जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है तथा व्यापक प्रशासनिक अनुभव अर्जित किया है। उप मुख्य दावा अधिकारी के रूप में डॉ शिवम शर्मा ने कार्य करते हुए प्रयागराज में रेलवे दावा अधिकरण की पीठ खुलवाने में महती भूमिका निभाई थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> उनके योगदान के लिए उन्हें अधिकरण की प्रधान पीठ के अध्यक्ष द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।इसी क्रम में उन्होंने प्रतिनियुक्ति पर भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) में निदेशक पद पर कार्य किया। उन्होंने अपने लगभग तीन वर्ष के कार्यकाल के दौरान राष्ट्रीय खेल संस्थान, पटियाला में निदेशक के रूप में कार्य किया तथा बाद में सोनीपत स्थित उत्तरी क्षेत्रीय केंद्र में क्षेत्रीय निदेशक के रूप में पदोन्नत हुए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवधि में उन्होंने हरियाणा में खेलों के विकास हेतु अनेक महत्वपूर्ण योजनाओं का सफल क्रियान्वयन किया। डॉ. शर्मा वर्ष 2024 में पेरिस ओलंपिक के दौरान भारतीय आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल का भी हिस्सा रहे । श्री शर्मा भारतीय रेलवे यातायात सेवा (IRTS) के वर्ष 2011 बैच के अधिकारी हैं तथा उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से डेंटल सर्जरी में स्नातक की उपाधि प्राप्त की है। वे उत्तर मध्य रेलवे के ऊर्जावान एवं गतिशील अधिकारियों में गिने जाते हैं। </div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 21:48:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> नी जिया ओलंपिक की सबसे उम्रदराज टेबल टेनिस खिलाड़ी बनीं, 61 साल की उम्र में ओलंपिक लिया हिस्सा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Paris Olympics 2024</strong></p>
<p>पेरिस में 33वें ओलंपिक का आयोजन हो रहा है। ओलंपिक का ये सीजन किसी न किसी कारण पहले से ही काफी चर्चा में रहा है। वहीं इस ओलंपिक में कुछ ऐसे खिलाड़ी भी हैं जिनके खेल देखकर आप उनकी उम्र का पता नहीं लगा सकते। पेरिस ओलंपिक 2024 में कई ऐसे उम्रदराज खिलाड़ी हैं जो उम्र को अपने खेल के आड़े नहीं आने देते और जोश और जज्बे के साथ ओलंपिक में अपना कौशल दिखा रहे हैं। </p>
<p>इसी तरह पेरिस ओलंपिक में लक्जमबर्ग की 61 साल की टेबल टेनिस खिलाड़ी नी जिया लियान अपना छठा ओलंपिक खेल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/143641/%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-07/paris-olympics-2024.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Paris Olympics 2024</strong></p>
<p>पेरिस में 33वें ओलंपिक का आयोजन हो रहा है। ओलंपिक का ये सीजन किसी न किसी कारण पहले से ही काफी चर्चा में रहा है। वहीं इस ओलंपिक में कुछ ऐसे खिलाड़ी भी हैं जिनके खेल देखकर आप उनकी उम्र का पता नहीं लगा सकते। पेरिस ओलंपिक 2024 में कई ऐसे उम्रदराज खिलाड़ी हैं जो उम्र को अपने खेल के आड़े नहीं आने देते और जोश और जज्बे के साथ ओलंपिक में अपना कौशल दिखा रहे हैं। </p>
<p>इसी तरह पेरिस ओलंपिक में लक्जमबर्ग की 61 साल की टेबल टेनिस खिलाड़ी नी जिया लियान अपना छठा ओलंपिक खेल रही हैं। चीन में पैदा हुई नी ने टेबल टेनिस के अपने पहले दौर में तुर्किए की अपने से लगभग आधी उम्र की 31 साल की सिबल को 49 मिनट में 4-2 से हरा दिया। नी जिया भले ही उम्रदराज है लेकिन उनके हौसले अब भी बुलंद है। उनका कहना है कि वह उम्रदराज हो गई लेकिन उनका दिल तो जवान है। </p>
<p><strong> 58 उम्र में ओलंपिक डेब्यू</strong></p>
<p>इसी कड़ी में चिली की झियिंग भी टेबल टेनिस खिलाड़ी हैं। झियिंग का जन्म भी चीन में हुआ, 1983 में चीन की ओर से टेबल टेनिस खेला करती थी। लेकिन 1989 में उन्होंने टेबल टेनिस छोड़ दिया और झेंग 1989 में लक्जमबर्ग पहुंच गई और कोचिंग करने लगी। झियिंग ने पेरिस ओलंपिक से 58 साल की उम्र में ओलंपिक खेलों में डेब्यू किया है। कोविड-19 के दौरान लॉकडाउन में उनमें एक बार फिर खेलने की उमंग जागी और अपने इसी जज्बे के साथ उन्होंने ओलंपिक का टिकट हासिल कर लिया। </p>
<p><strong>52 साल से खेल रही नी</strong></p>
<p>नी 1983 में चीन की ओर से खेलते हुए विश्व चैंपियन रह चुकी हैं। उन्होंने दो साल बाद विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक भी जीता है। वह 1991 से लक्जमबर्ग के लिए खेलने लगी। 52 साल से खेल रही नी ने 40 साल तक टॉप स्तर पर टेबल टेनिस खेला है। इस बार जब नी पेरिस में मैच खेलने उतरीं तो वहां मौजूद सभी दर्शकों ने तालियों के साथ उनका स्वागत किया। </p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>खेल मनोरंजन</category>
                                            <category>यूरोप</category>
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                <pubDate>Tue, 30 Jul 2024 17:02:31 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>पेरिस ओलंपिक्स 2024: मनु भाकर ने शूटिंग में रच दिया इतिहास, ओलंपिक में एक साथ दो मेडल जीतने वाली पहली भारतीय बनीं</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Paris Olympics 2024</strong></p>
<p>पेरिस ओलंपिक 2024 अभी तक शूटर मनु भाकर के नाम रहा है। जी हां, मनु भाकर ने ओलंपिक 2024 में इतिहास रच दिया है। मनु और सरबजोत सिंह ने इतिहास रच दिया है। भारत की मनु और सरबजोत ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में ओह ये जिन और ली वोनहो की मिक्स्ड कोरियाई जोड़ी को हराकर ब्रॉन्ज मेडल जीता। मनु भाकर एक ही ओलंपिक में दो मेडल जीतने वाली पहली खिलाड़ी बन गई। </p>
<p>दरअसल, मनु भाकर स्वतंत्रता के बाद एक ही ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली भारतीय बन गई, जिन्होंने सरबजोत सिंह के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/143639/paris-olympics-2024-manu-bhaker-created-history-in-shooting-became"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-07/मनु-भाकर-के-महारिकॉर्ड.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Paris Olympics 2024</strong></p>
<p>पेरिस ओलंपिक 2024 अभी तक शूटर मनु भाकर के नाम रहा है। जी हां, मनु भाकर ने ओलंपिक 2024 में इतिहास रच दिया है। मनु और सरबजोत सिंह ने इतिहास रच दिया है। भारत की मनु और सरबजोत ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में ओह ये जिन और ली वोनहो की मिक्स्ड कोरियाई जोड़ी को हराकर ब्रॉन्ज मेडल जीता। मनु भाकर एक ही ओलंपिक में दो मेडल जीतने वाली पहली खिलाड़ी बन गई। </p>
<p>दरअसल, मनु भाकर स्वतंत्रता के बाद एक ही ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली भारतीय बन गई, जिन्होंने सरबजोत सिंह के साथ पेरिस ओलंपिक में 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम वर्ग में कोरिया को हराकर इतिहास रच दिया। भारतीय जोड़ी ने कोरिया को 16-10 से हराकर देश को इस ओलंपिक में दूसरा मेडल दिलाया। इससे पहले मनु ने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में कांस्य जीता था। </p>
<p>मनु भाकर के महारिकॉर्ड</p>
<p>मनु भाकर ने 30 जुलाई को ब्रॉन्ज मेडल जीतते ही इतिहास रच दिया है। वह एक ही ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गईं हैं। मनु भाकर 30 जुलाई को ब्रॉन्ज मेडल जीतते ही इतिहास रच दिया। वह एक ही ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गईं। इससे पहले कोई भी भारतीय खिलाड़ी एक ओलंपिक में दो मेडल नहीं जीत सका है। सुशील कुमार और पीवी सिंधु ने जरूर दो-दो पदक जीते हैं, लेकिन ये मेडल अलग-अलग ओलंपिक खेलों में आए। </p>
<p>मनु ने पेरिस ओलंपिक में 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। ये मेडल जीतने वाली पहली भारतीय निशानेबाज बन गईं। मनु ने फाइनल में कुल 221.7 अंक जुटाए थे, भारत का मौजूदा पेरिस ओलंपिक में ये पहला मेडल रहा। साथ ही ओलंपिक के इतिहास में भारत का ये शूटिंग में पांचवां मेडल रहा। मनु से पहले राज्यवर्धन सिंह राठौड़, अभिनव बिंद्रा, गगन नारंग, विजय कुमार ने शूटिंग में मेडल जीते थे। </p>
<p>ब्रिटिश मूल के भारतीय खिलाड़ी नॉर्मन प्रिचार्ड ने 1900 ओलंपिक में 200 मीटर फर्राटा और 200 मीटर बाधा दौड़ में सिल्वर पदक जीते थे लेकिन ये उपलब्धि आजादी से पहले की थी।  पेरिस ओलंपिक 2024 के चौथे दिन फैंस की नजरें एक बार फिर मनु भाकर रहीं। वह 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम ब्रॉन्ज मेडल मैच में आज भारत के सरबजोत सिंह संग खेलने उतरीं। इससे पहले मनु ने पेरिस ओलंपिक में 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में कांस्य पदक जीत था। ये मेडल जीतने वाली पहली भारतीय निशानेबाज के इतिहास में भारत का ये शूटिंग में पांचवां मेडल रहा। लेकिन आज मनु ने एक और मेडल दिलाकर खुद तो दूसरा मेडल जीतकर इतिहास रचा ही। वहीं उन्होंने ओलंपिक शूटिंग में अब कुल मेडल की संख्या 6 कर दी। </p>
<p>झज्जर की रहने वाली हैं मनु भाकर</p>
<p>बता दें कि मनु भाकर हरियाणा के झज्जर जिले की रहने वाली हैं। फिलहाल वर्तमान में उनका परिवार फरीदाबाद में रहता है। 2021 के टोक्यो ओलंपिक में मनु की पिस्टल खराब हो गई। 20 मिनट तक वे निशाना नहीं लगा पाईं। पिस्टल ठीक हुई, तब भी मनु सिर्फ 14 शॉट लगा पाईं और फाइनल की रेस से बाहर हो गई थीं। मनु निराश थीं लेकिन उन्होंने वापसी की और पेरिस ओलंपिक में भारत को मेडल दिलाया।</p>
<p>पेरिस ओलंपिक में हरियाणा के बेटी मनु भाकर ने कमाल कर दिया है। वे 10 मीटर विमेंस एयर पिस्टल इवेंट के फाइनल में मनु भाकर ने मेडल पर निशाना लगा दिया है। इस फाइनल में 8 शूटरों ने मेडल के लिए निशाना लगाया। जिसमें मनु भाकर ने ब्रांज मेडल अपने नाम किया है। इस ब्रांज मेडल के साथ ही मनु ने इतिहास रच दिया है। शूटिंग में ओलंपिक मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला मनु भाकर हैं। </p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Featured</category>
                                            <category>खेल मनोरंजन</category>
                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jul 2024 16:36:47 +0530</pubDate>
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                <title>  खेलों का महाकुंभ ओलंपिक - पेरिस 2024</title>
                                    <description><![CDATA[<div>26 जुलाई को फ्रांस की सीन नदी के किनारे हुए एक भव्य कार्यक्रम के साथ ही पेरिस ओलंपिक 2024 के आरंभ का शंखनाद हो गया। खेलों का यह महाकुंभ 26 जुलाई से 11 अगस्त के बीच फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित किया जा रहा है। 100 साल के लंबे अंतराल के बाद पेरिस एक बार फिर ओलंपिक खेलों की मेजबानी कर रहा है। पेरिस ओलंपिक 2024 इन खेलों का 33वां संस्करण है। फ्रांस ने इससे पहले 1920 और 1924 में ओलंपिक खेलों की मेजबानी की थी। अब वह इंग्लैंड के बाद सर्वाधिक तीन बार ओलंपिक की मेजबानी करने वाला</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/143523/%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-07/ -खेलों-का-महाकुंभ-ओलंपिक---पेरिस-2024.png" alt=""></a><br /><div>26 जुलाई को फ्रांस की सीन नदी के किनारे हुए एक भव्य कार्यक्रम के साथ ही पेरिस ओलंपिक 2024 के आरंभ का शंखनाद हो गया। खेलों का यह महाकुंभ 26 जुलाई से 11 अगस्त के बीच फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित किया जा रहा है। 100 साल के लंबे अंतराल के बाद पेरिस एक बार फिर ओलंपिक खेलों की मेजबानी कर रहा है। पेरिस ओलंपिक 2024 इन खेलों का 33वां संस्करण है। फ्रांस ने इससे पहले 1920 और 1924 में ओलंपिक खेलों की मेजबानी की थी। अब वह इंग्लैंड के बाद सर्वाधिक तीन बार ओलंपिक की मेजबानी करने वाला दूसरा देश बन गया है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति एमैन्युअल मैकरोन ने खेलों की शुरूआत की घोषणा की जिससे अगले 16 दिन तक चलने वाले इस महाकुंभ की औपचारिक शुरूआत हो गई। उद्घाटन समारोह का मुख्य आकर्षण सीन नदी पर खिलाड़ियों का मार्च था।</div>
<div> </div>
<div>ओलंपिक के 128 सालों के इत‍िहास में यह पहली बार हुआ कि खेलों में हिस्सा लेने वाले देशों की पारंपरिक परेड किसी स्टेडियम के बाहर हुई हो। 206 राष्ट्रीय ओलंपिक समितियों के और आईओसी शरणार्थी ओलंपिक टीम के 10,500 से अधिक एथलीट इन खेलों में भाग लेंगे। भारत के 117 खिलाड़ी 2024 पेरिस ओलंपिक में 16 खेलों के 69 पदक स्पर्धा में भाग लेंगे। आधुनिक युग के पहले ओलंपिक खेल अप्रैल 1896 में प्राचीन ओलंपिक के जन्मस्थान एथेंस (ग्रीस) में आयोजित हुए थे। इस ऐतिहासिक आयोजन में 14 देशों के 241 एथलीटों ने भाग लिया था। पेरिस ओलंपिक 1900 में पहली बार महिलाओं खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। पेरिस 1900 ओलंपिक में 997 एथलीटों में से 22 महिलाएं थी। इस के बाद के ओलंपिक में महिलाओं की भागीदारी लगातार बड़ी है जो कि 2020 टोक्यो खेलों में लगभग  48.9 प्रतिशत हो गई थी। जिसका श्रेय  आईओसी और अंतर्राष्ट्रीय महासंघों की पहल को जाता है।</div>
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<div>भारत ने 1900 में पेरिस ओलंपिक से सिर्फ एक प्रतिभागी के साथ अपना ओलंपिक सफर आंरभ किया। 1920 एंटवर्प ओलंपिक खेलों में भारत ने अपना पहला आधिकारिक दल भेजा। पेरिस 1924 ओलंपिक में भारत ने टेनिस में शुरुआत की, जिसमें एकल और युगल स्पर्धाओं में पांच खिलाड़ियों ने भाग लिया। एम्स्टर्डम 1928 ओलंपिक में भारतीय पुरुष हॉकी के स्वर्णिम युग की शुरुआत हुई। जहां भारत ने हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले मेजर ध्यानचंद के नेतृत्व में अपना पहला ओलंपिक स्वर्ण पदक जीता। यहां यह बताना आवश्यक है कि भारतीय हॉकी टीम ने इस ओलंपिक में कुल 29 गोल किए परन्तु पूरे टूर्नामेंट में उनके खिलाफ कोई भी देश एक भी गोल नहीं कर पाया था। 1930 और 40 के दशक में महान खिलाड़ी ध्यानचंद के नेतृत्व में भारत की पुरुष हॉकी टीम का उदय हुआ।</div>
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<div>भारतीय हॉकी टीम ने एम्स्टर्डम 1928, लॉस एंजिल्स 1932 और बर्लिन 1936 में अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए लगातार तीन स्वर्ण पदक हासिल किए जिससे दुनिया की प्रमुख हॉकी ताकत के रूप में भारत की प्रतिष्ठा मजबूत हुई। स्वतंत्रता के बाद भारत की ओलंपिक यात्रा लंदन 1948 खेलों से शुरू हुई। उन खेलों में भारत के 86 एथलीट उतरे थे। वहां भी भारतीय हॉकी टीम ने अपना दबदबा जारी रखा और अपना चौथा ओलंपिक स्वर्ण हासिल किया। हेलसिंकी 1952 ओलंपिक में पहलवान के.डी. जाधव ने भारत का पहला व्यक्तिगत ओलंपिक पदक कांस्य जीतकर इतिहास रचा। हॉकी टीम फिर स्वर्ण विजेता बनी। इस तरह भारत ने पहली बार ओलंपिक खेलों की बहु-पदक तालिका में अपना नाम दर्ज करवा इतिहास रचा। मेलबर्न 1956, रोम 1960, टोक्यो 1964 में भारतीय हॉकी टीम ने अपना स्वर्ण अभियान जारी रखा। मैक्सिको सिटी 1968 में हॉकी टीम का प्रदर्शन गिरा और कांस्य से संतोष करना पड़ा।</div>
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<div>म्यूनिख 1972 ओलंपिक में भारत ने फिर से हॉकी कांस्य जीता। 1976 मॉन्ट्रियाल ओलंपिक खेलों में भारत एक भी पदक नही जीत पाया। 1980 के मास्को ओलंपिक खेलों में भारत ने हाकी में फिर से उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। 84, 88, 92 के ओलंपिक में भारत खाली हाथ लौटा। अटलांटा ओलंपिक 1996 में टेनिस स्टार लिएंडर पेस ने लंबे समय से प्रतीक्षित पदक कांस्य के रूप में जीता। सिडनी 2000 में कर्णम मल्लेश्वरी ने भारोत्तोलन में कांस्य पदक के साथ ओलंपिक पदक जीतने वाली भारत की पहली महिला बनकर इतिहास रच दिया। 2004 एथेंस ओलंपिक में राज्यवर्धन सिंह राठौर ने शूटिंग डबल ट्रैप स्पर्धा में भारत के लिए पहला सिल्वर मेडल जीत इतिहास रचा।</div>
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<div>बीजिंग 2008 ओलंपिक भारत के लिए यादगार रहा। इन खेलों में निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में देश के लिए पहला व्यक्तिगत स्वर्ण पदक हासिल कर इतिहास रचा और मुक्केबाज विजेंदर सिंह और पहलवान सुशील कुमार ने भी कांस्य पदक जीते। जो 1952 के बाद से भारत का पहला बहु-पदक ओलंपिक था। 2012 लंदन ओलंपिक में साइना नेहवाल ने भारत के लिए बैडमिंटन पदक जीता। पहलवान सुशील कुमार ने सिल्वर पदक जीता। सुशील कुमार एकल प्रतियोगिता में दो पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने। विजय कुमार ने 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल में रजत पदक जीता। गगन नारंग ने शूटिंग, मैरी कॉम ने मुक्केबाजी और योगेश्वर दत्त ने कुश्ती में कांस्य जीत पदकों की संख्या में इजाफा किया। जो उस समय तक भारत का ओलंपिक में छह पदक जीत सर्वश्रेष्ठ  प्रदर्शन था।</div>
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<div>रियो 2016 में पी.वी.सिंधु और साक्षी मलिक भारत की पदक विजेता रही। यह पहली बार था जब भारत के सभी पदक महिला एथलीटों ने जीते थे। टोक्यो 2020 भारत ने कुल 7 पदक जीते। जो किसी भी ओलंपिक में भारत की ओर से सर्वाधिक पदक हैं। इन खेलों में पुरुष हॉकी टीम ने कांस्य पदक के साथ 41 साल का पदक सूखा खत्म किया। नीरज चोपड़ा ने भाला फेंक भारत के लिए पहला ट्रैक-एंड-फील्ड स्वर्ण पदक जीता। रवि दहिया ने पुरुषों के 57 किलोग्राम वर्ग कुश्ती मुकाबले में रजत पदक जीता। मीरा बाई चानू ने  49 किलोग्राम भारोत्तोलन में रजत पदक जीता। लवलीना बोरगोहेन ने वेल्टर वेट बॉक्सिंग में कांस्य पदक जीता। महिला बैडमिंटन की एकल स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर पी.वी सिंधु लगातार दो ओलंपिक खेलों में पदक जीतने वाली दूसरी खिलाड़ी बनी। बजरंग पुनिया ने 65 किलोग्राम वर्ग कुश्ती में कांस्य पदक जीता। पेरिस 2024 के लिए भारतीय ओलंपिक दल को हार्दिक शुभकामनाए।</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="yj6qo"><strong>(नीरज शर्मा'भरथल')</strong></div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jul 2024 16:17:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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                <title>अर्जुन बबुता और तिलोत्तमा ने पेरिस 2024 ओलंपिक कोटा किया हासिल</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="heading1 my-3"><strong>Asian Shooting Championships 2023: </strong>कोरिया के चांगवोन में एशियाई शूटिंग चैंपियनशिप 2023 का आयोजन हो रहा है। वहीं शुक्रवार को भारत के लिए अर्जुन बाबूता और तिलोत्तमा सेन ने पेरिस 2024 ओलंपिक कोटा हासिल कर लिया है। अर्जुन ने पुरुष और तिलोत्तमा ने महिला 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धाओं में सिल्वर मेडल जीतकर भारत के लिए दो और पेरिस 2024 ओलंपिक कोटा हासिल किया है। भारत ने अबतक निशानेबाजी में 10 ओलंपिक कोटा हासिल कर लिए हैं, जिसमें 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धाओं में प्रति जेंडर दो कोटा भी शामिल है। </p>
<p>वहीं 24 वर्ष के बाबुता, दिव्यांश सिंह पंवार और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/136312/arjun-babuta-and-tilottama-secure-paris-2024-olympic-quota"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-10/arjun-babuta-and-tilottama-sen_large_1720_150.webp" alt=""></a><br /><p class="heading1 my-3"><strong>Asian Shooting Championships 2023: </strong>कोरिया के चांगवोन में एशियाई शूटिंग चैंपियनशिप 2023 का आयोजन हो रहा है। वहीं शुक्रवार को भारत के लिए अर्जुन बाबूता और तिलोत्तमा सेन ने पेरिस 2024 ओलंपिक कोटा हासिल कर लिया है। अर्जुन ने पुरुष और तिलोत्तमा ने महिला 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धाओं में सिल्वर मेडल जीतकर भारत के लिए दो और पेरिस 2024 ओलंपिक कोटा हासिल किया है। भारत ने अबतक निशानेबाजी में 10 ओलंपिक कोटा हासिल कर लिए हैं, जिसमें 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धाओं में प्रति जेंडर दो कोटा भी शामिल है। </p>
<p>वहीं 24 वर्ष के बाबुता, दिव्यांश सिंह पंवार और ह्रदय हजारिका ने 1892 . 4 के स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीता। बाबुता ओलंपिक कोटा हासिल करने वाले भारत के नौवें निशानेबाज बन गए। महिला और पुरूष वर्ग में पेरिस ओलंपिक का कोटा हासिल करने वाले वह सातवें राइफल निशानेबाज बन गए।</p>
<p>इस दौरान अर्जुन ने कहा, ‘‘मुझे याद नहीं कि आखिरी बार इतना खुश कब हुआ था। यह टीम प्रयासों से संभव हुआ जिसमें कोचों, मनोवैज्ञानिकों और हर किसी का योगदान है। अब इससे बेहतर प्रदर्शन का प्रयास करेंगे।’’ <br />जबकि 15 वर्ष की तिलोत्तमा ने महिलाओं के फाइनल में 252 . 3 अंक बनाकर भारत के लिये दसवां कोटा हासिल किया। वह स्वर्ण पदक से मामूली अंतर से चूक गई। कोरिया की युंजी क्वोन ने 252 . 4 अंक के साथ स्वर्ण जीता। भारत की ही रमिता को कांस्य पदक मिला। </p>
<p>तिलोत्तमा ने कहा, ‘‘क्वालीफिकेशन में मुझे काफी दिक्कतें आई। लेकिन मैं अपने प्रदर्शन से खुश हूं।’’ भारतीय निशानेबाजों ने राइफल में सात कोटा स्थान, शॉटगन में दो और पिस्टल में एक कोटा हासिल किया है। दस मीटर एयर राइफल में इससे पहले रूद्रांक्ष पाटिल ओलंपिक कोटा हासिल कर चुके हैं। एक स्पर्धा में एक देश को अधिकतम दो कोटा स्थान मिल सकते हैं। बाबुता ने आठ निशानेबाजों के फाइनल में 251 . 2 अंक बनाये। वह क्वालीफिकेशन में 633 . 4 स्कोर करके शीर्ष रहे थे।भारत के दिव्यांश पंवार 209 . 6 अंक बनाकर चौथे स्थान पर रहे। उन्होंने क्वालीफिकेशन में 632 . 3 अंक बनाकर तीसरा स्थान हासिल किया था। </p>
<p>हालांकि, रविशंकर कार्तिक और रूद्रांक्ष फाइनल में जगह नहीं बना सके। टीम स्पर्धा में भारत ने स्वर्ण, चीन ने रजत और जापान ने कांस्य जीता। सीनियर और जूनियर मिश्रित स्कीट टीमों ने स्वर्ण पदक जीते। भारत के अब आठ स्वर्ण, सात रजत और चार कांस्य पदक हो गए हैं जबकि स्पर्धा में पांच दिन और बाकी हैं और सात संभावित कोटा हासिल किये जाने हैं। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Featured</category>
                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Oct 2023 12:50:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>कायली मैककेन ने 50 मीटर बैकस्ट्रोक में रचा इतिहास</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ऑस्ट्रेलिया की तैराक कायली मैककेन ने बैकस्ट्रोक स्पर्धाओं में अपना दबदबा कायम रखते हुए शुक्रवार को यहां विश्व कप प्रतियोगिता में महिलाओं की 50 मीटर बैकस्ट्रोक में नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। मैककेन ने 26.86 सेकंड का समय लेकर विश्व रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने चीन की लियू जियांग के 2018 में बनाए गए 26.98 सेकंड के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ा। इस तरह से वह 50, 100 और 200 मीटर बैकस्ट्रोक स्पर्धाओं में विश्व रिकॉर्ड बनाने वाली पहली महिला बन गईं हैं।</p>
<p>उन्होंने जुलाई में विश्व चैंपियनशिप में इन तीनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीता था। इससे पहले उन्होंने तोक्यो ओलंपिक में 100</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/136040/kaylee-mccain-created-history-in-50-meter-backstroke"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-10/kaylee-mckeown_large_1528_150.webp" alt=""></a><br /><p>ऑस्ट्रेलिया की तैराक कायली मैककेन ने बैकस्ट्रोक स्पर्धाओं में अपना दबदबा कायम रखते हुए शुक्रवार को यहां विश्व कप प्रतियोगिता में महिलाओं की 50 मीटर बैकस्ट्रोक में नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। मैककेन ने 26.86 सेकंड का समय लेकर विश्व रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने चीन की लियू जियांग के 2018 में बनाए गए 26.98 सेकंड के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ा। इस तरह से वह 50, 100 और 200 मीटर बैकस्ट्रोक स्पर्धाओं में विश्व रिकॉर्ड बनाने वाली पहली महिला बन गईं हैं।</p>
<p>उन्होंने जुलाई में विश्व चैंपियनशिप में इन तीनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीता था। इससे पहले उन्होंने तोक्यो ओलंपिक में 100 और 200 मीटर बैकस्ट्रोक में स्वर्ण पदक हासिल किया था। 50 मीटर बैकस्ट्रोक ओलंपिक में शामिल नहीं है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Oct 2023 18:03:06 +0530</pubDate>
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