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                <title>Kisan Credit Card - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Kisan Credit Card RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुख्य सचिव की समीक्षा बैठक में योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>अजय यादव -लखनऊ।</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में बुधवार को दो महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठकें आयोजित हुईं। पहली बैठक में उपचारित जल के सुरक्षित पुनः उपयोग नीति के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई, जबकि दूसरी बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति पर केंद्रित रही।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>उपचारित जल के पुनः उपयोग पर जोर</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">मुख्य सचिव ने सभी विभागों को अपने उपविधियों में संशोधन कर उपचारित जल के सुरक्षित पुनः उपयोग के प्रावधान शामिल करने तथा विभागवार पुनः उपयोग योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184003/emphasis-on-timely-implementation-of-schemes-in-chief-secretarys-review"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/whatsapp-image-2026-07-22-at-21.56.30.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>अजय यादव -लखनऊ।</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में बुधवार को दो महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठकें आयोजित हुईं। पहली बैठक में उपचारित जल के सुरक्षित पुनः उपयोग नीति के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई, जबकि दूसरी बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति पर केंद्रित रही।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>उपचारित जल के पुनः उपयोग पर जोर</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">मुख्य सचिव ने सभी विभागों को अपने उपविधियों में संशोधन कर उपचारित जल के सुरक्षित पुनः उपयोग के प्रावधान शामिल करने तथा विभागवार पुनः उपयोग योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और जल उपयोग केंद्रों का जीआईएस आधारित मानचित्रण कराने पर बल दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) से प्रदेश के सभी 17 नगर निगमों के लिए शहर स्तर की पुनः उपयोग कार्ययोजना तैयार करने का अनुरोध करने के निर्देश दिए। साथ ही राज्य स्तर पर उच्चाधिकार प्राप्त समिति, तकनीकी समिति, जिला स्तरीय पुनः उपयोग समिति तथा विवाद समाधान समिति गठित करने का भी प्रस्ताव रखा गया।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में नोएडा, मथुरा, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी सहित विभिन्न शहरों में उपचारित जल के सफल उपयोग के उदाहरण प्रस्तुत किए गए। लखनऊ और वाराणसी में प्रस्तावित पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्कों के लिए एसटीपी के उपचारित जल के उपयोग की प्रगति की भी समीक्षा की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्य सचिव ने कहा कि उपचारित जल की गुणवत्ता और मात्रा दोनों की विश्वसनीय आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि औद्योगिक एवं अन्य उपयोगकर्ताओं का विश्वास बढ़े और जल संरक्षण को बढ़ावा मिले।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>26 जुलाई से शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का औपचारिक शुभारंभ 26 जुलाई को आगरा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। इसके साथ ही सभी जिलों में भी जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि सहायता प्राप्त एवं स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों के अधिकतम शिक्षकों को योजना से जोड़ा जाए तथा प्रत्येक जिले में कम से कम 20 लाभार्थियों को कैशलेस कार्ड वितरित किए जाएं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>31 जुलाई तक जनगणना कर्मियों का मानदेय</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जनगणना-2027 के प्रथम चरण में कार्यरत सभी एन्यूमरेटर, सुपरवाइजर एवं अन्य कार्मिकों का मानदेय और प्रशिक्षण भत्ता 31 जुलाई तक उनके खातों में अनिवार्य रूप से हस्तांतरित किया जाए।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>गोसंरक्षण और उर्वरक उपलब्धता पर निर्देश</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">बैठक में गोसंरक्षण की समीक्षा करते हुए 100 से कम गोवंश वाले गोआश्रय स्थलों के पशुओं को बड़े गोसंरक्षण केंद्रों में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में गोवंश की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त शेड, चबूतरे, जल निकासी और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी उर्वरक केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में यूरिया एवं फॉस्फेटिक उर्वरक उपलब्ध रहें तथा किसी भी केंद्र पर शून्य स्टॉक की स्थिति न बनने पाए।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>किसान क्रेडिट कार्ड और छात्रवृत्ति पर फोकस</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने वंचित किसानों की पहचान कर उन्हें किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ने तथा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थानों से प्रशिक्षित युवाओं को मुख्यमंत्री युवा योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए।</p>
<p style="text-align:justify;">छात्रवृत्ति योजना की समीक्षा में कहा गया कि 5 अगस्त तक मास्टर डाटाबेस लॉक हो जाएगा। इसलिए सभी विद्यालयों का विवरण समय पर पोर्टल पर अपलोड किया जाए, ताकि कोई भी पात्र छात्र छात्रवृत्ति से वंचित न रहे।</p>
<blockquote class="format2">
<h4 style="text-align:justify;"><strong>डॉ. आंबेडकर मूर्ति स्थल विकास योजना</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">मुख्य सचिव ने डॉ. आंबेडकर मूर्ति स्थल विकास योजना के तहत सभी जिलाधिकारियों को 31 अगस्त 2026 तक निविदा आमंत्रण सहित सभी औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में समाज सुधारकों एवं महापुरुषों की प्रतिमाओं के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और विकास कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे किए जाएं।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी तथा राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।</p>
</blockquote>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 21:40:26 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>जनपद प्रयागराज के समस्त कृषकों से फार्मर रजिस्ट्री कराने की अपील।</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्व कर्मी आधार के अनुसार खतौनी में नहीं कर रहे संशोधन।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182658/appeal-to-all-the-farmers-of-prayagraj-district-to-get"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/pm-kisan-yojana-(19).jpg" alt=""></a><br /><div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उप कृषि निदेशक जनपद प्रयागराज के समस्त कृषक भाइयों एवं बहनों को सूचित किया है कि भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कृषकों के लिए फार्मर रजिस्ट्री तैयार किए जाने का अभियान लगातार संचालित किया जा रहा है जिसमें जनपद के 569000 कृषकों की फार्मर आई०डी० बनी है एवं लगभग एक लाख किसान भाइयों जिनकी फार्मर आई०डी० नहीं बनी है उन सभी पात्र कृषकों से अपील है कि वे शीघ्र अपनी फार्मर रजिस्ट्री बनवाकर यूनिक फार्मर आईडी प्राप्त करें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">फार्मर रजिस्ट्री किसानों की एक प्रमाणित डिजिटल पहचान है, जिसके माध्यम से कृषक की आधार, भूमि अभिलेख एवं अन्य आवश्यक विवरण एकीकृत रूप से उपलब्ध रहते हैं। इससे वास्तविक पात्र किसानों को योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जा सकेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ् प्राप्त करने में सुविधा होगी, जिसमें वर्तमान में महत्वपूर्ण खाद की उपलब्धता हेतु। कृषि विभाग की विभिन्न अनुदान योजनाओं में प्राथमिकता। बीज, उर्वरक, कृषि यंत्र एवं अन्य कृषि आदानों पर उपलब्ध अनुदान का सुगम लाभ। किसान क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा तथा अन्य कृषि सेवाओं में सुविधा। शासन द्वारा भविष्य में संचालित की जाने वाली योजनाओं का त्वरित एवं पारदर्शी लाभ। कृषक की एकल एवं प्रमाणित डिजिटल पहचान (फार्मर आईडी) उपलब्ध होना। पात्र लाभार्थियों की सही पहचान सुनिश्चित होने से योजनाओं का लाभ सीधे वास्तविक किसानों तक पहुँचना।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कृषकों का डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। विभिन्न कृषि योजनाओं एवं सेवाओं को क्रमिक रूप से फार्मर आईडी से जोड़ा जा रहा है, जिससे योजनाओं का लाभ केवल सत्यापित एवं पात्र किसानों को ही प्राप्त हो सके। अतः प्रत्येक कृषक भाई के लिए समय रहते फार्मर रजिस्ट्री कराना अत्यंत आवश्यक है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">*फार्मर रजिस्ट्री कराने हेतु आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर, बैंक खाता विवरण, भूमि अभिलेख (खतौनी/गाटा विवरण) एवं आवश्यकतानुसार अन्य संबंधित अभिलेख आवश्यक है।*</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>कृषक अपनी फार्मर रजिस्ट्री   </strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अपने निकटतम जन सेवा केन्द्र, ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित विशेष शिविर, कृषि विभाग द्वारा आयोजित पंजीकरण शिविर, अधिकृत ऑनलाइन पोर्टल माध्यमों से करा सकते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिन कृषकों की फार्मर आईडी में समस्त गाटों को दर्ज नहीं कराया गया है उनको शीघ्र अतिशीघ्र पोर्टल पर <a href="http://upfr.agristack.gov.in/">upfr.agristack.gov.in</a> पर जाकर स्वयं या जनसुविधा केन्द्र के माध्यम से जुडवा लें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">किसान द्वारा फॉर्मर रजिस्ट्री कराने के बाद भी पेंडिंग रिपोर्ट दिखाई देता है जब की महीनों पहले किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया था।इसमें सबसे बड़ा रोड़ा तहसील का राजस्व विभाग बन गया हैजिसमे लेखपाल की भूमिका सर्वाधिक संदिग्ध और काम चोरी की मिली है।इसमें सबसे अधिक फूलपुर तहसील में रिपोर्ट पेंडिंग में है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">किसानों का आरोप है कि 99% खतौनी मैं सरनेम नहीं अकित है  नाम ही दर्जहै। जबकि आधार कार्ड  में नाम के आगे उसकी जाति जैसे त्रिपाठी मिश्राद दुबे  यादव भारतीय विश्व कर्मा आदि दर्ज हैं ।इसे शुद्ध करने की जिम्मेदारी लेखपाल की निर्धारित की गई है लेकिन वह इसकी आड़ में किसानों से भयादोहन और सुविधा शुल्क  की मांग कर रहा है। कहता है कि इसमें पैसा लगेगा और मुकदमा  करना पड़ेगा।जिसके  कारण से रजिस्ट्रेशन  होने के बावजूद रजिस्ट्रेशन पेंडिंग में है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">क्योंकि प्रमाणित करने के लिए लेखपालों के पास लटका है लेकिन इस पर कोई राजस्व अधिकारी ध्यान नहीं देते जबकि कृषि विभाग बार-बार रजिस्ट्रेशन के लिए अपील करता है लेकिन  सरकारी सिस्टम को ठीक करने के लिए कोई दिशा निर्देश नहीं दियाजाताहै।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 21:29:19 +0530</pubDate>
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