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                <title>Extortion Case - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Extortion Case RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>रंगदारी मांगने और धमकी देने के आरोप में बर्खास्त सिपाही गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>मोहनलालगंज, लखनऊ।</strong> रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मोहनलालगंज पुलिस ने बर्खास्त सिपाही को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। आरोपी पर पूर्व में दर्ज मुकदमे में खर्च हुए करीब 50 हजार रुपये मांगने और रुपये नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देने का आरोप है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के मुताबिक गोपालखेड़ा निवासी मनीष सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी कि बर्खास्त सिपाही रोशन रजा ने बीते 15 अगस्त को उसके साथ गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी थी। इस मामले में मोहनलालगंज थाने में बीएनएस की धाराओं में मुकदमा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186039/dismissed-constable-arrested-for-demanding-extortion-and-threatening"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260821-wa0035.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>मोहनलालगंज, लखनऊ।</strong> रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मोहनलालगंज पुलिस ने बर्खास्त सिपाही को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। आरोपी पर पूर्व में दर्ज मुकदमे में खर्च हुए करीब 50 हजार रुपये मांगने और रुपये नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देने का आरोप है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के मुताबिक गोपालखेड़ा निवासी मनीष सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी कि बर्खास्त सिपाही रोशन रजा ने बीते 15 अगस्त को उसके साथ गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी थी। इस मामले में मोहनलालगंज थाने में बीएनएस की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आरोप है कि गुरुवार को रोशन रजा ने मनीष सिंह को रास्ते में रोक लिया और पूर्व में दर्ज मुकदमे में खर्च हुए करीब 50 हजार रुपये देने की मांग की। रुपये देने से इनकार करने पर आरोपी ने जान से मारने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने इस मामले में भी बीएनएस की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मोहनलालगंज पुलिस टीम ने शुक्रवार को आरोपी रोशन रजा पुत्र गुलाम रसूल निवासी शेखवानिया बुजुर्ग, थाना कुबेरस्थान, जनपद कुशीनगर, हाल पता पाण्डेय कॉम्प्लेक्स, कस्बा मोहनलालगंज को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार रोशन रजा पूर्व में सिपाही के पद पर कार्यरत था, लेकिन वर्तमान में बर्खास्त है। उसके खिलाफ मोहनलालगंज थाने में पहले से भी एक मुकदमा दर्ज है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Aug 2026 21:47:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पहले रंगदारी अब जानलेवा हमला, जयसिंहपुर में बेख़ौफ़ बदमाश</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>सुलतानपुर। </strong>जयसिंहपुर थाना क्षेत्र में रविवार रात हुई फायरिंग की घटना ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। डेयरी से दूध लेकर घर लौट रहे एक युवक पर कथित तौर पर जानलेवा हमला किया गया। खास बात यह है कि जिस व्यक्ति पर फायरिंग का आरोप लगा है, उसके खिलाफ पहले से हत्या समेत कई गंभीर मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं।</div>
<div>  </div>
<div>जानकारी के अनुसार, हालापुर निवासी अनुराग तिवारी रविवार रात करीब आठ बजे तिवारीपुर तिराहे के पास स्थित अनिल यादव की डेयरी से दूध लेकर वापस लौट रहे थे। पीड़ित के अनुसार, वह अपनी मोटरसाइकिल स्टार्ट कर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185402/first-extortion-now-deadly-attack-fearless-scoundrel-in-jaisinghpur"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1001318917.png" alt=""></a><br /><div><strong>सुलतानपुर। </strong>जयसिंहपुर थाना क्षेत्र में रविवार रात हुई फायरिंग की घटना ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। डेयरी से दूध लेकर घर लौट रहे एक युवक पर कथित तौर पर जानलेवा हमला किया गया। खास बात यह है कि जिस व्यक्ति पर फायरिंग का आरोप लगा है, उसके खिलाफ पहले से हत्या समेत कई गंभीर मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं।</div>
<div> </div>
<div>जानकारी के अनुसार, हालापुर निवासी अनुराग तिवारी रविवार रात करीब आठ बजे तिवारीपुर तिराहे के पास स्थित अनिल यादव की डेयरी से दूध लेकर वापस लौट रहे थे। पीड़ित के अनुसार, वह अपनी मोटरसाइकिल स्टार्ट कर रहे थे, तभी पहाड़पुर रायपट्टी निवासी मोलू सिंह अपने एक साथी के साथ वहां पहुंच गया।</div>
<div> </div>
<div>आरोप है कि मोलू सिंह ने अनुराग तिवारी को निशाना बनाते हुए जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। हालांकि, संयोगवश गोली उन्हें नहीं लगी और उनकी जान बच गई। घटना के बाद आरोपित अपने साथी के साथ मौके से फरार हो गया।</div>
<div> </div>
<div>मामले को और गंभीर इसलिए माना जा रहा है, क्योंकि पीड़ित अनुराग तिवारी ने इससे पहले भी मोलू सिंह के खिलाफ रंगदारी मांगने का मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बावजूद आरोपित पर किसी तरह का प्रभावी अंकुश नहीं लग पाया। अब एक बार फिर उसी व्यक्ति पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है।</div>
<div> </div>
<div>स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी आरोपित के खिलाफ पहले से हत्या जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं और उसके बाद भी वह खुलेआम फायरिंग जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहा है, तो यह आम लोगों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है।</div>
<div> </div>
<div>पीड़ित की तहरीर के आधार पर जयसिंहपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच उपनिरीक्षक प्रेम नारायण राजपूत को सौंपी गई है। पुलिस आरोपितों की तलाश में जुटी हुई है।</div>
<div> </div>
<div>अब लोगों की निगाहें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाना मुश्किल हो जाएगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 18:53:47 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>स्टिंग ऑपरेशन के बाद दर्ज रंगदारी केस में हाईकोर्ट से पत्रकारों को बड़ी राहत</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>भोपाल।</strong> </p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने देवास में कथित भ्रूण लिंग परीक्षण, अवैध गर्भपात और कन्या भ्रूण हत्या के खुलासे से जुड़े स्टिंग ऑपरेशन के बाद दर्ज रंगदारी के मामले में पत्रकारों को महत्वपूर्ण राहत प्रदान की है। न्यायालय ने <strong>तहलका डिजिटल न्यूज</strong> के पत्रकार <strong>विनय अरोड़ा</strong> को अग्रिम जमानत (एंटीसिपेटरी बेल) मंजूर कर दी है। इससे पहले 25 जून को इसी मामले में सह-आरोपी पत्रकार <strong>रजनी</strong> को नियमित जमानत मिल चुकी थी।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दोनों मामलों की सुनवाई मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की एकल पीठ के न्यायमूर्ति <strong>पवन कुमार द्विवेदी</strong> ने की। अदालत ने उपलब्ध अभिलेखों का अवलोकन करते हुए पाया कि स्टिंग</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182652/big-relief-to-journalists-from-high-court-in-extortion-case"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/476977-madhya-pradesh-high-court-gwalior-bench.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>भोपाल।</strong> </p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने देवास में कथित भ्रूण लिंग परीक्षण, अवैध गर्भपात और कन्या भ्रूण हत्या के खुलासे से जुड़े स्टिंग ऑपरेशन के बाद दर्ज रंगदारी के मामले में पत्रकारों को महत्वपूर्ण राहत प्रदान की है। न्यायालय ने <strong>तहलका डिजिटल न्यूज</strong> के पत्रकार <strong>विनय अरोड़ा</strong> को अग्रिम जमानत (एंटीसिपेटरी बेल) मंजूर कर दी है। इससे पहले 25 जून को इसी मामले में सह-आरोपी पत्रकार <strong>रजनी</strong> को नियमित जमानत मिल चुकी थी।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दोनों मामलों की सुनवाई मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की एकल पीठ के न्यायमूर्ति <strong>पवन कुमार द्विवेदी</strong> ने की। अदालत ने उपलब्ध अभिलेखों का अवलोकन करते हुए पाया कि स्टिंग ऑपरेशन के दौरान तैयार किए गए वीडियो एफआईआर दर्ज होने से पहले ही राज्य एवं केंद्र सरकार के संबंधित अधिकारियों को भेजे जा चुके थे। अदालत ने प्रथम दृष्टया इसी तथ्य को राहत दिए जाने का महत्वपूर्ण आधार माना।</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>एफआईआर से पहले अधिकारियों को भेजे गए थे वीडियो</strong></h3><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 2 जुलाई को पारित आदेश में हाईकोर्ट ने उल्लेख किया कि रिकॉर्ड से स्पष्ट है कि 6 अप्रैल 2026 को स्टिंग ऑपरेशन के वीडियो मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य आयुक्त, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की अध्यक्ष, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तथा देवास के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को भेजे गए थे। इसके अतिरिक्त 6 और 7 अप्रैल को भी संबंधित अधिकारियों को वीडियो उपलब्ध कराए गए। इसके बाद 7 अप्रैल को पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अदालत ने इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विनय अरोड़ा को अग्रिम जमानत प्रदान की। इससे पहले पत्रकार रजनी को जमानत देते समय भी न्यायालय ने इसी प्रकार की परिस्थितियों का उल्लेख किया था।</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>क्या है पूरा मामला</strong></h3><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">देवास के कोतवाली थाने में दर्ज एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि पत्रकार विनय अरोड़ा, रजनी और अन्य लोगों ने स्टिंग ऑपरेशन के दौरान रिकॉर्ड किए गए वीडियो के आधार पर शिकायतकर्ता से रंगदारी वसूलने और दबाव बनाने का प्रयास किया।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(5) एवं 308(6) (रंगदारी), धारा 61(2) (आपराधिक साजिश) तथा धारा 3(5) (समान उद्देश्य) के तहत प्रकरण दर्ज किया है।</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>पत्रकारों का पक्ष</strong></h3><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पत्रकारों की ओर से अदालत में दलील दी गई कि स्टिंग ऑपरेशन का उद्देश्य समाज में चल रही कथित अवैध गतिविधियों का पर्दाफाश करना था। उनके अनुसार, स्टिंग के दौरान <strong>पीसीपीएनडीटी अधिनियम, 1994</strong> तथा <strong>मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी) अधिनियम, 1971</strong> के उल्लंघन से जुड़े कथित अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण, गैरकानूनी गर्भपात और कन्या भ्रूण हत्या के मामलों का खुलासा किया गया था।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि स्टिंग ऑपरेशन के वीडियो एफआईआर दर्ज होने से पहले ही संबंधित सरकारी अधिकारियों को सौंप दिए गए थे। ऐसे में रंगदारी के आरोप निराधार हैं और यह कार्रवाई कथित अवैध गतिविधियों के खुलासे के बाद प्रतिशोध स्वरूप की गई है।</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>राज्य सरकार ने जताया विरोध</strong></h3><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">राज्य सरकार की ओर से अग्रिम जमानत का विरोध करते हुए कहा गया कि आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। सरकारी पक्ष का तर्क था कि पत्रकारों ने स्टिंग ऑपरेशन के दौरान रिकॉर्ड किए गए वीडियो का इस्तेमाल शिकायतकर्ता को ब्लैकमेल करने और दबाव बनाने के लिए किया।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हालांकि, हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस स्तर पर मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम टिप्पणी नहीं की जा रही है और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर दोनों पत्रकारों को कानून के अनुरूप राहत प्रदान की गई है।</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>जमानत की शर्तें</strong></h3><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हाईकोर्ट ने अपने 2 जुलाई के आदेश में निर्देश दिया कि यदि विनय अरोड़ा को इस मामले में गिरफ्तार किया जाता है, तो उन्हें 50 हजार रुपये के निजी मुचलके तथा समान राशि के एक सक्षम जमानतदार पर रिहा किया जाए।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">वहीं, 25 जून को पारित आदेश में पत्रकार रजनी को एक लाख रुपये के निजी मुचलके एवं एक सक्षम जमानतदार पर नियमित जमानत देने का निर्देश दिया गया था। साथ ही उन्हें ट्रायल कोर्ट में नियमित रूप से उपस्थित रहने की शर्त का पालन करने को कहा गया है।</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>अधिवक्ताओं ने रखा पक्ष</strong></h3><p style="text-align:justify;">मामले में पत्रकारों की ओर से अधिवक्ता <strong>अमन मालवीय</strong> ने पैरवी की, जबकि राज्य सरकार की ओर से सरकारी अधिवक्ता <strong>सुरेंद्र सिंह अलावा</strong> एवं <strong>हेमंत शर्मा</strong> ने न्यायालय में अपना पक्ष रखा। अब मामले की आगे की सुनवाई ट्रायल कोर्ट में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जारी रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 21:04:15 +0530</pubDate>
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