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                <title>Sugarcane Farmers - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Sugarcane Farmers RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>खाद किल्लत और रिश्वतखोरी से परेशान किसानों ने दी धरना प्रदर्शन की चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बरेली /</strong> क्योलडिया के साधन सहकारी समिति में खाद वितरण के दौरान चल रही भारी धांधली और भ्रष्टाचार को लेकर स्थानीय किसानों में गहरा आक्रोश है। किसानों ने खंड विकास अधिकारी (BDO), विकास खंड भदपुरा  को एक लिखित शिकायत पत्र सौंपकर समिति के सचिव और स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">किसानों का कहना है कि वे यूरिया खाद लेने के लिए सुबह से ही लंबी लाइनों में लग जाते हैं। शिकायत के अनुसार, बीते दिनों दोपहर करीब 12 बजे जब खाद का वितरण शुरू हुआ, तो लाइन लगवाने के बाद अचानक वितरण प्रक्रिया में मनमानी शुरू कर दी गई।</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184337/farmers-troubled-by-fertilizer-shortage-and-bribery-warned-of-protest"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1.---------------------अ2.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बरेली /</strong> क्योलडिया के साधन सहकारी समिति में खाद वितरण के दौरान चल रही भारी धांधली और भ्रष्टाचार को लेकर स्थानीय किसानों में गहरा आक्रोश है। किसानों ने खंड विकास अधिकारी (BDO), विकास खंड भदपुरा  को एक लिखित शिकायत पत्र सौंपकर समिति के सचिव और स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">किसानों का कहना है कि वे यूरिया खाद लेने के लिए सुबह से ही लंबी लाइनों में लग जाते हैं। शिकायत के अनुसार, बीते दिनों दोपहर करीब 12 बजे जब खाद का वितरण शुरू हुआ, तो लाइन लगवाने के बाद अचानक वितरण प्रक्रिया में मनमानी शुरू कर दी गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> किसानों का आरोप है कि समिति के सचिव और स्टाफ प्रति बोरी खाद पर ₹100 की अवैध वसूली (रिश्वत) कर रहे हैं। जो किसान यह अतिरिक्त रकम देने से मना करता है, उसे खाद देने से साफ इंकार कर दिया जाता है।इसके अलावा, किसानों ने यह भी शिकायत की है कि समिति परिसर में स्टॉक लिस्ट या रेट लिस्ट नहीं लगाई गई है, जिससे पारदर्शित पूरी तरह गायब है। अधिकारी अपनी मनमानी चलाते हुए प्रति कट्टा ₹270 वसूल रहे हैं। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दूर-दूर से आए किसान दिनभर कड़कती धूप और अव्यवस्था के बीच भूखे-प्यासे बैठे रहते हैं, और शाम को खाद न मिलने के कारण निराश होकर वापस लौटने को मजबूर हैं।समय पर यूरिया खाद न मिलने की वजह से किसानों की गन्ना और धान की फसलें खराब होने की कगार पर पहुंच गई हैं। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस भ्रष्टाचार पर रोक नहीं लगाई गई और उन्हें निष्पक्ष रूप से खाद उपलब्ध नहीं कराई गई, तो वे विकास खंड मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने के लिए मजबूर होंगे। इस दौरान मदन लाल, प्रपेन्द्र कुमार, बाबूराम, ओमपाल, सोमपाल और राज कुमार सहित क्षेत्र के दर्जनों किसान मौजूद थे ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 22:31:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किसानों को मिलेगा प्रमाणित कृषि निवेश, गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं गन्ना खेती में पारदर्शिता की नई पहल, परीक्षण के बाद ही मिलेगा कृषि निवेश &quot;</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>अम्बेडकर नगर।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा एवं शासन के निर्देशों के क्रम में उत्तर प्रदेश चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग द्वारा प्रदेश के गन्ना किसानो के हितो की सुरक्षा, गन्ना उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि तथा कृषि निवेशों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गन्ना आयुक्त द्वारा प्रदेश के समस्त चीनी मिलों के लिए व्यापक निर्देश जारी किये है। अब चीनी मिलों द्वारा गन्ना कृषकों को उर्वरक, जैव उर्वरक, सूक्ष्म पोषक तत्व, फसल सुरक्षा रसायन एवं अन्य कृषि निवेश केवल निर्धारित गुणवत्ता मानकों के पालन करने के बाद ही उपलब्ध कराये</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183368/farmers-will-get-certified-agricultural-investment-no-compromise-on-quality"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260714-wa0618.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>अम्बेडकर नगर।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा एवं शासन के निर्देशों के क्रम में उत्तर प्रदेश चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग द्वारा प्रदेश के गन्ना किसानो के हितो की सुरक्षा, गन्ना उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि तथा कृषि निवेशों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गन्ना आयुक्त द्वारा प्रदेश के समस्त चीनी मिलों के लिए व्यापक निर्देश जारी किये है। अब चीनी मिलों द्वारा गन्ना कृषकों को उर्वरक, जैव उर्वरक, सूक्ष्म पोषक तत्व, फसल सुरक्षा रसायन एवं अन्य कृषि निवेश केवल निर्धारित गुणवत्ता मानकों के पालन करने के बाद ही उपलब्ध कराये जा सकेंगे। इन निर्देशों का उद्देश्य किसानों को गुणवत्तायुक्त कृषि निवेश उपलब्ध कराना, खेती में लागत को नियंत्रित करना, पर्यावरण संरक्षण को बढावा देना, तथा गन्ना उत्पादन को वैज्ञानिक एवं टिकाऊ आधार प्रदान करना है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नई व्यवस्था के अतंर्गत प्रत्येक बैच के उर्वरक, सुक्ष्म पोषक तत्व एवं कीटनाशक का NABL मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला से गुणवत्ता परीक्षण कराना अनिवार्य होगा। केवल वही कृषि निवेश किसानों को वितरति किए जायेगे। भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित पेस्टीसाइड्स का वितरण किसी भी दशा में नहीं किया जायेगा। चीनी मिलों को इफको, कृभको, यू.पी.एस.आर आई.आई.एस.आर जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं से गुणवत्तायुक्त कृषि निवेश क्रय करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है ताकि किसानों को प्रमाणित एवं किफायती दरों पर कृषि निवेश उपलब्ध हो सके।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बताया गया कि किसी भी किसान को उसकी मांग एवं स्पष्ट सहमति के बिना कोई कृषि निवेश उपलब्ध नहीं कराया जायेगा। व्यवसायिक लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से लक्ष्य निर्धारित कर कृषि निवेश का वितरण करना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। कृषि निवेश केवल किसानों की वास्तविक आवश्यकता, गन्ना क्षेत्रफल तथा वैज्ञानिक अनुशंसा के अनुरूप निर्धारित मात्रा तक ही उपलब्ध कराया जायेगा, जिससे अनावश्यक रासायनिक उपयोग पर रोक लगे और किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े। दिशा निर्देश में चीनी मिलों की जबाबदेही सुनिश्चित की गई है चाहे कृषि निवेश का वितरण स्वंय चीनी मिल द्वारा किया जाये अथवा एजेंसी के माध्यम से गुणवत्ता एवं वितरण संबंधी सभी उत्तरदायित्व चीनी मिल के होगें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उप गन्ना आयुक्त एवं जिला गन्ना अधिकारी द्वारा कृषि निवेश वितरण की नियमित निगरानी एवं निरीक्षण किया जायेगा। यदि किसी चीनी मिल द्वारा किसान की सहमति के बिना, जबरन अथवा अधोमानक कृषि निवेशों का वितरण किया जाता है तो उसके विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जायेगी ऐसी स्थिति में गन्ना मूल्य से कृषि निवेश की धनराशि के समायोजन एवं वसूली की सुविधा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी जायेगी तथा आवश्कता पड़ने पर सम्बन्धित चीनी मिल द्वारा गन्ना आयुक्त के पक्ष में दी गई बैंक गारन्टी भी जब्त की जायेगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गन्ना खेती को अधिक वैज्ञानिक, पारदर्शी किसान केंद्रित एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे किसानों को प्रमाणित, सुरक्षित एवं गुणवत्तायुक्त कृषि निवेश उचित मूल्य पर उपलब्ध होगें खेती की लागत पर नियंत्रण रहेगा, मृदा एवं पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा तथा गन्ना उत्पादन, उत्पादकता और किसान की आय में वृद्धि के साथ-साथ चीनी उद्योग को भी नई मजबूती प्राप्त होगी।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Jul 2026 20:10:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एसडीएम ने किया साधन सहकारी समितियां का निरीक्षण मिली खामियां </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बरेली/नवाबगंज </strong> एसडीम उदित पवार ने किसानों को खाद की किल्लत को देखते हुए विकासखंड भदपुरा के निरीक्षण को निकले उन्होंने क्यों लड़ियां पहुंचकर साधन सहकारी समिति पर किसानों से वार्ता की किसानों के द्वारा बताया गया समितियां पर खाद लेने के लिए आकर अपने कागज जमा कर देते हैं और लाइन में लगे रहते हैं शाम को कह दिया जाता है की अब मशीन काम नहीं कर रही है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  अपने-अपने कागज ले जाओ कई कई दिनों तक समितियां पर सचिव लोग उपस्थित नहीं होते हैं जिसके कारण किसानों को गन्ने की फसल में यूरिया खाद लेने के लिए भारी</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तो</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182559/sdm-inspected-the-resource-cooperative-societies-and-found-flaws"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1.------------------------अ.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बरेली/नवाबगंज </strong> एसडीम उदित पवार ने किसानों को खाद की किल्लत को देखते हुए विकासखंड भदपुरा के निरीक्षण को निकले उन्होंने क्यों लड़ियां पहुंचकर साधन सहकारी समिति पर किसानों से वार्ता की किसानों के द्वारा बताया गया समितियां पर खाद लेने के लिए आकर अपने कागज जमा कर देते हैं और लाइन में लगे रहते हैं शाम को कह दिया जाता है की अब मशीन काम नहीं कर रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> अपने-अपने कागज ले जाओ कई कई दिनों तक समितियां पर सचिव लोग उपस्थित नहीं होते हैं जिसके कारण किसानों को गन्ने की फसल में यूरिया खाद लेने के लिए भारी संकट का सामना करना पड़ रहा है निजी दुकानदारों के पास जाने पर अन्य सामग्री सौंप दी जाती है जिसकी कीमत यूरिया के बोरा से कहीं अधिक है जिसके कारण किसानों को संकट का सामना करना पड़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> एसडीएम पवार द्वारा क्यों लड़ियां समिति पर ही सचिव एवं किसानों के बीच बैठकर उन्होंने निर्देशित किया खाद्य वितरण में किसी भी तरह की धांधली बरती गई तो निश्चित तौर पर बड़ी कार्यवाही की जाएगी किसानों को उनके मानक के अनुसार यूरिया खाद उपलब्ध कराई जाए इसमें किसी भी तरह की शिकायत मिलती है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तो इसे गंभीरता द्वारा लिया जाएगा और जिलाधिकारी की तरफ से बड़ी कार्यवाही की जाएगी इसलिए व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाया जाए उन्होंने ग्रामीणों को स्वस्थ किया यदि अब किसी तरह की गड़बड़ी होने पर वह शिकायत करें संबंधित के विरुद्ध जांच करवा कर शीघ्र कार्यवाही की जाएगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> इसी दौरान उन्होंने परसरामपुर सदर सहकारी समिति का भी निरीक्षण किया वहां पर भी लोगों ने छुट फुट शिकायत की गई एसडीएम द्वारा वहां भी सचिव को चेतावनी दी गई मानक के अनुरूप किसानों को खाद्य शीघ्र उपलब्ध कराई जाए इस समय किसानों को खाद की आवश्यकता है यदि इसमें लापरवाही की गई तो जिम्मेदारों को इसका खामियाजा उठाना पड़ेगा इसके साथ ही उन्होंने निजी दुकानों पर भी फोकस किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> सब कुछ नॉर्मल मिलने के बाद एसडीएम द्वारा खाद वितरण पर लेखपालों को भी नजर रखने की बात कही गई इसी क्रम में किसानों द्वारा एक बड़ी समस्या का खुलासा किया गया किसानों द्वारा बनवाई गई फार्मर आईडी में संबंधित लेखपालों ने किसानों की कृषि योग्य भूमि को न्यूनतम स्तर पर ही दर्ज किया है जिसके कारण किसानों को खाद लेने के लिए फार्मर आईडी के साथ अपनी जमीन की खतौनी निकलवा कर भी ले जाना पड़ रही है यह बड़ी समस्या होने पर इसे किसने की संबंधित भूमि को उनकी फार्मर आईडी में दर्ज </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182559/sdm-inspected-the-resource-cooperative-societies-and-found-flaws</link>
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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 18:07:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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