<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/106574/urea-fertilizer" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>Urea Fertilizer - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/106574/rss</link>
                <description>Urea Fertilizer RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सर्वर डाउन होने से नहीं मिल रही खाद, किसान </title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>उतरौला, संवाददाता।</strong> खरीफ सीजन के चरम पर धान की रोपाई के बीच क्षेत्र में यूरिया संकट गहरा गया है। साधन सहकारी समितियों पर सर्वर डाउन होने से ई-पीओएस मशीनों पर किसानों का सत्यापन नहीं हो पा रहा है, जिसके कारण उन्हें निर्धारित मात्रा में यूरिया खाद नहीं मिल रही। घंटों इंतजार के बाद किसान बैरंग लौटने को मजबूर हैं। किसानों का कहना है कि भैरमपुर, देवरिया मैनहा, रेडवलिया, चायडीह, गैंडास बुजुर्ग, चिरकुटिया, गन्ना समिति उतरौला तथा एग्रीजंक्शन उतरौला व बेथुइया समेत कई केंद्रों पर पूरे दिन तकनीकी समस्या के चलते खाद वितरण प्रभावित रहा।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">किसानों का कहना है कि धान</div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183926/farmers-not-getting-fertilizer-due-to-server-being-down"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/0.1.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div style="text-align:justify;"><strong>उतरौला, संवाददाता।</strong> खरीफ सीजन के चरम पर धान की रोपाई के बीच क्षेत्र में यूरिया संकट गहरा गया है। साधन सहकारी समितियों पर सर्वर डाउन होने से ई-पीओएस मशीनों पर किसानों का सत्यापन नहीं हो पा रहा है, जिसके कारण उन्हें निर्धारित मात्रा में यूरिया खाद नहीं मिल रही। घंटों इंतजार के बाद किसान बैरंग लौटने को मजबूर हैं। किसानों का कहना है कि भैरमपुर, देवरिया मैनहा, रेडवलिया, चायडीह, गैंडास बुजुर्ग, चिरकुटिया, गन्ना समिति उतरौला तथा एग्रीजंक्शन उतरौला व बेथुइया समेत कई केंद्रों पर पूरे दिन तकनीकी समस्या के चलते खाद वितरण प्रभावित रहा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">किसानों का कहना है कि धान की रोपाई के बाद समय पर यूरिया देना फसल की बढ़वार के लिए बेहद जरूरी है।देरी होने पर पौधों की वृद्धि और पैदावार दोनों प्रभावित हो सकती हैं। सहकारी समितियों से खाद न मिलने पर किसान निजी उर्वरक दुकानों का रुख कर रहे हैं, लेकिन वहां भी सीमित स्टॉक और लंबी कतारों के कारण परेशानी बनी हुई है। जुलाई के इस दौर में किसानों को यूरिया के साथ डीएपी, एनपीके, जिंक सल्फेट, सूक्ष्म पोषक तत्व, खरपतवारनाशी व कीटनाशकों की भी आवश्यकता रहती है। किसानों ने प्रशासन से सर्वर की तकनीकी समस्या का तत्काल समाधान कराने तथा सभी समितियों पर पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि खरीफ सीजन की खेती प्रभावित न हो।</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/183926/farmers-not-getting-fertilizer-due-to-server-being-down</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/183926/farmers-not-getting-fertilizer-due-to-server-being-down</guid>
                <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 22:28:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/0.1.jpg"                         length="183774"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एसडीएम ने किया साधन सहकारी समितियां का निरीक्षण मिली खामियां </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बरेली/नवाबगंज </strong> एसडीम उदित पवार ने किसानों को खाद की किल्लत को देखते हुए विकासखंड भदपुरा के निरीक्षण को निकले उन्होंने क्यों लड़ियां पहुंचकर साधन सहकारी समिति पर किसानों से वार्ता की किसानों के द्वारा बताया गया समितियां पर खाद लेने के लिए आकर अपने कागज जमा कर देते हैं और लाइन में लगे रहते हैं शाम को कह दिया जाता है की अब मशीन काम नहीं कर रही है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  अपने-अपने कागज ले जाओ कई कई दिनों तक समितियां पर सचिव लोग उपस्थित नहीं होते हैं जिसके कारण किसानों को गन्ने की फसल में यूरिया खाद लेने के लिए भारी</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तो</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182559/sdm-inspected-the-resource-cooperative-societies-and-found-flaws"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1.------------------------अ.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बरेली/नवाबगंज </strong> एसडीम उदित पवार ने किसानों को खाद की किल्लत को देखते हुए विकासखंड भदपुरा के निरीक्षण को निकले उन्होंने क्यों लड़ियां पहुंचकर साधन सहकारी समिति पर किसानों से वार्ता की किसानों के द्वारा बताया गया समितियां पर खाद लेने के लिए आकर अपने कागज जमा कर देते हैं और लाइन में लगे रहते हैं शाम को कह दिया जाता है की अब मशीन काम नहीं कर रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> अपने-अपने कागज ले जाओ कई कई दिनों तक समितियां पर सचिव लोग उपस्थित नहीं होते हैं जिसके कारण किसानों को गन्ने की फसल में यूरिया खाद लेने के लिए भारी संकट का सामना करना पड़ रहा है निजी दुकानदारों के पास जाने पर अन्य सामग्री सौंप दी जाती है जिसकी कीमत यूरिया के बोरा से कहीं अधिक है जिसके कारण किसानों को संकट का सामना करना पड़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> एसडीएम पवार द्वारा क्यों लड़ियां समिति पर ही सचिव एवं किसानों के बीच बैठकर उन्होंने निर्देशित किया खाद्य वितरण में किसी भी तरह की धांधली बरती गई तो निश्चित तौर पर बड़ी कार्यवाही की जाएगी किसानों को उनके मानक के अनुसार यूरिया खाद उपलब्ध कराई जाए इसमें किसी भी तरह की शिकायत मिलती है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तो इसे गंभीरता द्वारा लिया जाएगा और जिलाधिकारी की तरफ से बड़ी कार्यवाही की जाएगी इसलिए व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाया जाए उन्होंने ग्रामीणों को स्वस्थ किया यदि अब किसी तरह की गड़बड़ी होने पर वह शिकायत करें संबंधित के विरुद्ध जांच करवा कर शीघ्र कार्यवाही की जाएगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> इसी दौरान उन्होंने परसरामपुर सदर सहकारी समिति का भी निरीक्षण किया वहां पर भी लोगों ने छुट फुट शिकायत की गई एसडीएम द्वारा वहां भी सचिव को चेतावनी दी गई मानक के अनुरूप किसानों को खाद्य शीघ्र उपलब्ध कराई जाए इस समय किसानों को खाद की आवश्यकता है यदि इसमें लापरवाही की गई तो जिम्मेदारों को इसका खामियाजा उठाना पड़ेगा इसके साथ ही उन्होंने निजी दुकानों पर भी फोकस किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> सब कुछ नॉर्मल मिलने के बाद एसडीएम द्वारा खाद वितरण पर लेखपालों को भी नजर रखने की बात कही गई इसी क्रम में किसानों द्वारा एक बड़ी समस्या का खुलासा किया गया किसानों द्वारा बनवाई गई फार्मर आईडी में संबंधित लेखपालों ने किसानों की कृषि योग्य भूमि को न्यूनतम स्तर पर ही दर्ज किया है जिसके कारण किसानों को खाद लेने के लिए फार्मर आईडी के साथ अपनी जमीन की खतौनी निकलवा कर भी ले जाना पड़ रही है यह बड़ी समस्या होने पर इसे किसने की संबंधित भूमि को उनकी फार्मर आईडी में दर्ज </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182559/sdm-inspected-the-resource-cooperative-societies-and-found-flaws</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/182559/sdm-inspected-the-resource-cooperative-societies-and-found-flaws</guid>
                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 18:07:24 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/1.------------------------%E0%A4%85.jpg"                         length="310188"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        