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                <title>Opposition - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Opposition RSS Feed</description>
                
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                <title>राजनीति में जनता के असली मुद्दे</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">लोकतंत्र की खूबसूरती इस बात में है कि यहां सत्ता से सवाल पूछे जा सकते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नीतियों की आलोचना की जा सकती है और विपक्ष सरकार के फैसलों पर अपना विरोध दर्ज करा सकता है। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">इसी तरह सरकार को भी अपने निर्णयों का पक्ष रखने और विपक्ष के आरोपों का जवाब देने का पूरा अधिकार है। लेकिन जब राजनीति का केंद्र जनहित के मुद्दों से हटकर केवल आरोप-प्रत्यारोप बन जाता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब लोकतंत्र की मूल भावना कमजोर पड़ने लगती है। आज भारतीय राजनीति के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या राजनीतिक दल जनता के वास्तविक सवालों</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185148/real-issues-of-public-in-politics"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/hindi-divas5.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">लोकतंत्र की खूबसूरती इस बात में है कि यहां सत्ता से सवाल पूछे जा सकते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नीतियों की आलोचना की जा सकती है और विपक्ष सरकार के फैसलों पर अपना विरोध दर्ज करा सकता है। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">इसी तरह सरकार को भी अपने निर्णयों का पक्ष रखने और विपक्ष के आरोपों का जवाब देने का पूरा अधिकार है। लेकिन जब राजनीति का केंद्र जनहित के मुद्दों से हटकर केवल आरोप-प्रत्यारोप बन जाता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब लोकतंत्र की मूल भावना कमजोर पड़ने लगती है। आज भारतीय राजनीति के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या राजनीतिक दल जनता के वास्तविक सवालों को उतनी प्राथमिकता दे रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जितनी प्राथमिकता वे एक-दूसरे पर आरोप लगाने को देते हैं</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">चुनावी राजनीति में आरोप लगना कोई नई बात नहीं है। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">सरकार और विपक्ष के बीच मतभेद लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा हैं। लेकिन समस्या तब पैदा होती है जब राजनीतिक बहस का अधिकांश हिस्सा इस बात पर खर्च होने लगे कि किस नेता ने किस पर क्या आरोप लगाया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">किसने किस बयान का जवाब दिया और किसने किसे कठघरे में खड़ा किया। ऐसे वातावरण में महंगाई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रोजगार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शिक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वास्थ्य</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">किसानों की आय</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">छोटे कारोबार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कानून-व्यवस्था और न्याय में देरी जैसे मुद्दे अक्सर राजनीतिक शोर में दब जाते हैं। एक आम नागरिक के लिए राजनीति का महत्व संसद या विधानसभा की बहसों से कहीं अधिक उसके रोजमर्रा के जीवन में दिखाई देता है। परिवार का बजट बिगड़ता है तो उसे महंगाई की चिंता होती है। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">युवा नौकरी की तलाश करता है तो उसके लिए रोजगार सबसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन जाता है। किसान को फसल का उचित मूल्य</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सिंचाई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मौसम और बाजार की चिंता रहती है। व्यापारी के लिए कारोबार की लागत और नियमों की सरलता महत्वपूर्ण होती है। गरीब परिवार के लिए बेहतर सरकारी अस्पताल और स्कूल किसी भी राजनीतिक भाषण से अधिक मायने रखते हैं। यही वह बिंदु है जहां राजनीतिक दलों को आत्ममंथन करना चाहिए।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">क्या उनकी राजनीतिक भाषा जनता की इन समस्याओं को पर्याप्त स्थान दे रही है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">क्या चुनावी घोषणाओं के बाद भी उन वादों की लगातार समीक्षा होती है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">क्या संसद और विधानसभाओं में उन विषयों पर उतनी गंभीर चर्चा होती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जितनी राजनीतिक आरोपों पर</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">यदि जवाब संतोषजनक नहीं है तो यह केवल किसी एक दल की समस्या नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि पूरी राजनीतिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। आरोप जरूरी हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन प्रमाण और समाधान उससे भी जरूरी विपक्ष का काम सरकार से सवाल पूछना है। यदि किसी सरकारी योजना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नीति या निर्णय में खामी दिखाई देती है तो विपक्ष को उसे सामने लाना चाहिए। भ्रष्टाचार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रशासनिक लापरवाही या किसी गंभीर अनियमितता का संदेह हो तो जांच की मांग भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। लेकिन आरोप और प्रमाण में अंतर होता है। राजनीति में किसी आरोप को बार-बार दोहराना उसे स्वतः सत्य नहीं बना देता। लोकतांत्रिक व्यवस्था में आरोपों की जांच संस्थाओं को करनी होती है और दोष या निर्दोष होने का फैसला निर्धारित कानूनी प्रक्रिया से होना चाहिए। इसी तरह सरकार को भी विपक्ष के हर सवाल को राजनीतिक षड्यंत्र बताकर खारिज करने की प्रवृत्ति से बचना चाहिए।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">लोकतंत्र में स्वस्थ व्यवस्था वही होगी जहां आरोप के साथ प्रमाण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विरोध के साथ वैकल्पिक नीति और आलोचना के साथ समाधान प्रस्तुत किया जाए।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">संसद केवल राजनीतिक मुकाबले का मंच नहीं</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च विधायी मंच है। वहां सरकार की नीतियों पर चर्चा होनी चाहिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कानूनों की समीक्षा होनी चाहिए और जनता से जुड़े मुद्दों पर गंभीर बहस होनी चाहिए। संसद में राजनीतिक असहमति होना जरूरी है। लेकिन असहमति और गतिरोध में फर्क है। सरकार यदि विपक्ष की बात नहीं सुनती तो लोकतांत्रिक संवाद कमजोर होता है। दूसरी ओर विपक्ष यदि हर विषय को विरोध का अवसर बना दे और चर्चा की संभावना ही समाप्त कर दे तो उससे भी जनता का नुकसान होता है। जनता ने अपने प्रतिनिधियों को केवल नारे लगाने के लिए नहीं चुना है। उनसे अपेक्षा है कि वे कानून बनाएं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नीतियों की समीक्षा करें और जनता की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाएं। राजनीतिक दलों को यह समझना होगा कि सदन में बिताया गया समय केवल सत्ता पक्ष या विपक्ष की जीत-हार तय नहीं करता</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">उसका सीधा संबंध देश के करोड़ों नागरिकों के भविष्य से होता है। भारत दुनिया की बड़ी युवा आबादी वाले देशों में है। ऐसे में रोजगार का सवाल केवल आर्थिक मुद्दा नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि सामाजिक और राजनीतिक स्थिरता का भी विषय है। हर साल बड़ी संख्या में युवा शिक्षा पूरी करके नौकरी की तलाश में निकलते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले लाखों युवाओं के लिए परीक्षा की पारदर्शिता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समय पर परिणाम और नियुक्ति प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में राजनीतिक बहस केवल इस बात तक सीमित नहीं रहनी चाहिए कि किस सरकार ने कितनी नौकरियां देने का दावा किया। असली सवाल यह होना चाहिए कि स्थायी और गुणवत्तापूर्ण रोजगार कितने पैदा हुए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">युवाओं की आय कितनी बढ़ी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">निजी क्षेत्र में अवसर कैसे बढ़ेंगे और कौशल प्रशिक्षण को वास्तविक रोजगार से कैसे जोड़ा जाएगा। यदि राजनीतिक दल इस विषय पर ठोस और मापने योग्य योजनाएं सामने रखें तो यह लोकतांत्रिक बहस को एक नई दिशा दे सकता है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Aug 2026 17:13:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एफसीआरए और परिसीमन विधेयक पर अखिलेश का सरकार पर हमला</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1">नई दिल्ली।</blockquote>
<p style="text-align:left;">  समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर एफसीआरए विधेयक और परिसीमन विधेयक को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी दोनों विधेयकों का विरोध कर रही है। उनका आरोप है कि सरकार एफसीआरए के माध्यम से ऐसी संस्थाओं पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है, जो विदेश से प्राप्त धन के माध्यम से सामाजिक और जनहित के कार्य संचालित करती हैं।</p>
<p style="text-align:left;">सोमवार को संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार एफसीआरए विधेयक के माध्यम से संस्थाओं को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185022/akhileshs-attack-on-the-government-on-fcra-and-delimitation-bill"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/whatsapp-image-2026-08-10-at-6.28.26-pm.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1">नई दिल्ली।</blockquote>
<p style="text-align:left;"> समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर एफसीआरए विधेयक और परिसीमन विधेयक को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी दोनों विधेयकों का विरोध कर रही है। उनका आरोप है कि सरकार एफसीआरए के माध्यम से ऐसी संस्थाओं पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है, जो विदेश से प्राप्त धन के माध्यम से सामाजिक और जनहित के कार्य संचालित करती हैं।</p>
<p style="text-align:left;">सोमवार को संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार एफसीआरए विधेयक के माध्यम से संस्थाओं को डराने का काम कर सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन संस्थाओं को अच्छे कार्यों के संचालन के लिए विदेश से आर्थिक सहायता मिलती है, उन्हें सरकार के दबाव का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार इस कानून के माध्यम से संस्थाओं पर नियंत्रण स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।</p>
<p style="text-align:left;"><strong>‘संस्थाओं पर कब्जे की कोशिश कर रही सरकार’</strong></p>
<p style="text-align:left;">अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में कई संस्थाएं अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रही हैं और उनमें से कुछ पर राजनीतिक प्रभाव के जरिए कब्जा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के एक बड़े शहर में भाजपा के एक मंत्री द्वारा एक संस्था पर कब्जा किए जाने का मामला सामने आया है।</p>
<p style="text-align:left;">उन्होंने भाजपा पर भूमाफिया को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर जमीनों पर अवैध कब्जे हो रहे हैं। उनके मुताबिक, जहां भी खाली जमीन या तालाब दिखाई देता है, वहां कब्जा करने की कोशिश की जाती है।</p>
<p style="text-align:left;">अखिलेश यादव ने अयोध्या का उल्लेख करते हुए भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या जैसी धार्मिक आस्था से जुड़ी भूमि पर भी जमीनों की खरीद-फरोख्त में बड़े पैमाने पर खेल हुआ है। उन्होंने दावा किया कि कुछ जमीनों के दाम कम समय में कई गुना बढ़ाकर बेचे गए। हालांकि इन आरोपों पर भाजपा की ओर से प्रतिक्रिया का इंतजार है।</p>
<p style="text-align:left;"><strong>‘विदेशी धन पर रोक, देश का पैसा बाहर जाने पर क्या कार्रवाई?’</strong></p>
<p style="text-align:left;">समाजवादी पार्टी अध्यक्ष ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा ने सत्ता में आने से पहले देश से बाहर गया काला धन वापस लाने और देश का पैसा लेकर भागने वालों के खिलाफ कार्रवाई का वादा किया था।</p>
<p style="text-align:left;">अखिलेश यादव ने कहा कि ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें लोग बैंकों का पैसा लेकर देश से बाहर चले गए। उन्होंने सवाल किया कि सरकार ने ऐसे मामलों में क्या कार्रवाई की और देश का पैसा बाहर जाने से रोकने के लिए क्या प्रभावी कदम उठाए गए।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-08/whatsapp-image-2026-08-10-at-6.28.27-pm.jpeg" alt="एफसीआरए और परिसीमन विधेयक पर अखिलेश का सरकार पर हमला" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:left;">उन्होंने कहा कि यदि सरकार विदेश से भारत में आने वाले धन पर नियंत्रण और पाबंदी की बात करती है तो उसे भारत से बाहर जाने वाले धन को लेकर भी स्पष्ट नीति बतानी चाहिए। उन्होंने भाजपा सरकार को उसके पुराने चुनावी नारों की याद दिलाते हुए कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि देश का पैसा लेकर विदेश भागने वालों के खिलाफ अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।</p>
<p style="text-align:left;">अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में ‘पैसे वालों के अच्छे दिन’ आए हैं। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि कानूनी अथवा गैर-कानूनी तरीके से देश से बाहर जाने वाले धन पर प्रभावी रोक कब लगेगी।</p>
<p style="text-align:left;"><strong>‘लोकतंत्र में विपक्ष का काम सवाल पूछना’</strong></p>
<p style="text-align:left;">सपा अध्यक्ष ने सरकार पर विपक्ष के सवालों से बचने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता अपने प्रतिनिधियों को चुनकर संसद में भेजती है और विपक्ष का प्रमुख दायित्व सरकार से सवाल पूछना तथा जनता से जुड़े मुद्दों को सदन में उठाना है।</p>
<p style="text-align:left;">अखिलेश यादव ने कहा कि मौजूदा सरकार सवालों का जवाब देने से बच रही है। उन्होंने छात्रों और युवाओं से जुड़े आंदोलनों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि दिल्ली में छात्रों और नौजवानों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए, लाठीचार्ज किया गया और कई लोगों को चोटें आईं।</p>
<p style="text-align:left;">उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में छात्र अस्पताल में भर्ती हुए। प्रयागराज का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वहां भी बच्चों और युवाओं पर मुकदमे दर्ज किए गए। उनके अनुसार, कुछ ऐसे बच्चों के खिलाफ भी मुकदमे दर्ज किए गए जो आंदोलन में शामिल नहीं थे।</p>
<p style="text-align:left;">सपा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार की ओर से पहले यह आश्वासन दिया गया था कि आंदोलन में शामिल लोगों पर मुकदमे नहीं किए जाएंगे और किसी को परेशान नहीं किया जाएगा, लेकिन बाद में सरकार अपने वादे से पीछे हट गई। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी स्थिति में जनता और विपक्ष अपने सवालों के जवाब किससे मांगे।</p>
<p style="text-align:left;"><strong>परिसीमन विधेयक पर भी सरकार को घेरा</strong></p>
<p style="text-align:left;">अखिलेश यादव ने परिसीमन विधेयक को लेकर भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार परिसीमन विधेयक के माध्यम से निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं में बदलाव करना चाहती है, लेकिन उसे देश की वास्तविक सीमाओं और क्षेत्रफल को लेकर भी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।</p>
<p style="text-align:left;">उन्होंने कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि वर्ष 2014 में देश का क्षेत्रफल और सीमाएं क्या थीं और वर्तमान में स्थिति क्या है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं को बदलने की बात कर रही है, लेकिन देश की सीमाओं की सुरक्षा और स्थिति पर स्पष्ट जवाब नहीं दे रही।</p>
<p style="text-align:left;">सपा अध्यक्ष ने कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा एक गंभीर राष्ट्रीय विषय है और सरकार को इस पर देश के सामने पूरी जानकारी रखनी चाहिए।</p>
<p style="text-align:left;"><strong>ममता बनर्जी पर हमले को बताया दुखद</strong></p>
<p style="text-align:left;">अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ कथित हमले की घटना पर भी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने इसे बेहद दुखद और निंदनीय बताया।</p>
<p style="text-align:left;">उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हैं। यदि किसी सरकार की ओर से उनके खिलाफ हमला कराया जा रहा है तो यह गंभीर और निंदनीय विषय है। उन्होंने कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन किसी वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री के साथ इस तरह का व्यवहार लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।</p>
<p style="text-align:left;">अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है और उन्हें पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराई जानी चाहिए।</p>
<p style="text-align:left;"><strong>विपक्ष के तेवर से संसद में बढ़ सकती है राजनीतिक गर्मी</strong></p>
<p style="text-align:left;">अखिलेश यादव के इन बयानों से साफ है कि समाजवादी पार्टी आगामी राजनीतिक मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर हमलावर रुख अपनाए हुए है। एफसीआरए विधेयक, परिसीमन, छात्रों से जुड़े आंदोलन, देश से बाहर जाने वाले धन और संस्थाओं पर कथित नियंत्रण जैसे मुद्दों को लेकर सपा सरकार को घेरने की तैयारी में है।</p>
<p style="text-align:left;">दूसरी ओर, केंद्र सरकार और भाजपा की ओर से इन आरोपों पर क्या जवाब दिया जाता है, यह भी महत्वपूर्ण होगा। संसद में विधेयकों और नीतिगत फैसलों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस आने वाले दिनों में और तेज होने के आसार हैं।</p>
<p style="text-align:left;">अखिलेश यादव के बयानों से यह भी संकेत मिलता है कि समाजवादी पार्टी राष्ट्रीय स्तर के मुद्दों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश से जुड़े सवालों को भी संसद में प्रमुखता से उठाने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है। परिसीमन का मुद्दा विशेष रूप से उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि भविष्य में निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्गठन का असर राजनीतिक समीकरणों पर पड़ सकता है।</p>
<p style="text-align:left;">फिलहाल, एफसीआरए विधेयक और परिसीमन विधेयक को लेकर विपक्ष की आपत्तियों ने राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। आने वाले दिनों में संसद के भीतर और बाहर इन मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिल सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Aug 2026 19:06:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[अजय यादव]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भाजपा सरकार प्रदेश के लिए संकट, सत्ता परिवर्तन से ही होगा समाधान : अखिलेश यादव</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>लखनऊ।</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी की उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वर्तमान सरकार प्रदेश के लिए संकट बन चुकी है और सत्ता परिवर्तन के बाद ही प्रदेश की समस्याओं का समाधान संभव होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने छात्रों, युवाओं और बेटियों के साथ अन्याय किया है तथा आंदोलनों को दबाने के लिए पुलिस के माध्यम से बर्बर कार्रवाई कराई है।</p>
<p style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार और उसके मंत्रियों ने आंदोलनकारी छात्रों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184537/crisis-for-bjp-government-in-the-state-will-be-solved"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/whatsapp-image-2026-08-02-at-19.00.11.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>लखनऊ।</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी की उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वर्तमान सरकार प्रदेश के लिए संकट बन चुकी है और सत्ता परिवर्तन के बाद ही प्रदेश की समस्याओं का समाधान संभव होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने छात्रों, युवाओं और बेटियों के साथ अन्याय किया है तथा आंदोलनों को दबाने के लिए पुलिस के माध्यम से बर्बर कार्रवाई कराई है।</p>
<p style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार और उसके मंत्रियों ने आंदोलनकारी छात्रों के साथ समझौता कर यह आश्वासन दिया था कि उनके खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया जाएगा और न ही उनका उत्पीड़न होगा। लेकिन अब छात्रों को प्रताड़ित किया जा रहा है, जिससे सरकार की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में यदि सरकार अपने वादों पर कायम नहीं रहती तो जनता का विश्वास कमजोर होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">फतेहपुर की घटना का उल्लेख करते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा कि वहां विद्यालय के बच्चों ने केवल पीने के पानी और कक्षाओं में पंखे लगाने जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग की थी। जब उनकी मांग स्वीकार कर ली गई, तब बच्चों और उनके परिवारों को परेशान करने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने घोषणा की कि समाजवादी पार्टी के विधायक प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों से मिलकर हर संभव सहायता प्रदान करेंगे तथा किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने देंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर बनाने का दावा करने वाली सरकार को पहले सरकारी विद्यालयों में बिजली, पानी, पंखे और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए। उनका कहना था कि विकास के बड़े दावों के बीच शिक्षा व्यवस्था की आधारभूत जरूरतें अब भी पूरी नहीं हो सकी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य में भ्रष्टाचार और भूमाफियाओं के बढ़ते प्रभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले के कई महत्वपूर्ण सरकारी तालाबों और सार्वजनिक भूमि पर कब्जा कर लिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भूमाफियाओं को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है और सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने प्रदेश में बने विभिन्न एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इनके निर्माण में व्यापक भ्रष्टाचार हुआ है। उनका कहना था कि कई परियोजनाओं में निर्माण गुणवत्ता को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आईं और कुछ स्थानों पर सड़कें उद्घाटन के कुछ समय बाद ही क्षतिग्रस्त हो गईं। उन्होंने इसे सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता की कमी का उदाहरण बताया।</p>
<p style="text-align:justify;">अखिलेश यादव ने अयोध्या से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े विषयों में भी पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने दिल्ली में छात्रों और युवाओं पर हुई पुलिस कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक आंदोलनों का दमन उचित नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को भी नसीहत देते हुए कहा कि वे निष्पक्षता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उनके अनुसार सरकारें बदलती रहती हैं, इसलिए अधिकारियों को किसी राजनीतिक दबाव में आकर कार्य नहीं करना चाहिए और कानून के अनुसार निष्पक्ष निर्णय लेने चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">पेपर लीक के मुद्दे पर सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि युवाओं का भविष्य लगातार प्रभावित हो रहा है और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि युवाओं का विश्वास बहाल करने के लिए सरकार को प्रभावी कदम उठाने चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">एक प्रश्न के उत्तर में अखिलेश यादव ने कहा कि यदि प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो कला, साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कलाकारों को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार के कार्यकाल में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लोगों को 'यश भारती सम्मान' प्रदान किया जाता था और भविष्य में भी प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने की परंपरा जारी रखी जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की समस्याओं का समाधान, पारदर्शी शासन, बेहतर शिक्षा व्यवस्था, युवाओं को रोजगार और कानून का निष्पक्ष पालन सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी प्रदेश के लोगों के हितों से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी और जनहित के प्रश्नों पर संघर्ष जारी रखेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 02 Aug 2026 19:13:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[अजय यादव]]></dc:creator>
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                <title>भाजपा सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को किया बर्बाद: अखिलेश यादव</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>अजय यादव -लखनऊ</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">  </p>
<p style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने प्रदेश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर दिया है, जिससे छात्रों और युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षा से दूर करना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में 22 हजार से अधिक प्राथमिक विद्यालयों को विलय (मर्जर) और अन्य कारणों का हवाला देकर बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184399/bjp-government-ruined-the-education-system-akhilesh-yadav"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/whatsapp-image-2026-07-31-at-22.00.02.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>अजय यादव -लखनऊ</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने प्रदेश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर दिया है, जिससे छात्रों और युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षा से दूर करना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में 22 हजार से अधिक प्राथमिक विद्यालयों को विलय (मर्जर) और अन्य कारणों का हवाला देकर बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षा के मंदिरों की बदहाली के लिए भाजपा सरकार जिम्मेदार है।</p>
<p style="text-align:justify;">सपा अध्यक्ष ने कहा कि जहां से बच्चों की शिक्षा की शुरुआत होती है, भाजपा सरकार वहीं से व्यवस्था को कमजोर कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी स्कूलों में छात्रों को मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। कई विद्यालयों के भवन जर्जर स्थिति में हैं, कहीं बिजली और पंखों की समस्या है तो कहीं बारिश के दौरान छतों से पानी टपकने की शिकायतें सामने आती रहती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार के एजेंडे में शिक्षा और रोजगार कभी प्राथमिकता नहीं रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की गलत नीतियों के कारण प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर हो रही है और छात्र-नौजवान अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि देशभर के छात्र भाजपा की शिक्षा नीतियों से नाराज हैं और आने वाले समय में युवा इसका जवाब देंगे। अखिलेश यादव ने भाजपा पर नफरत की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस सरकार ने नए स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय बनाने के बजाय पुराने संस्थानों को कमजोर किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">सपा अध्यक्ष ने रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार इसे तोड़ने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि विश्वविद्यालयों को नुकसान पहुंचाने वाले कभी समाज के हितैषी नहीं रहे। उन्होंने शिक्षा संस्थानों की सुरक्षा और मजबूती की मांग की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 22:04:05 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>पेपर लीक पर सरकार को घेरा, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक सदन में उठेगी आवाज : अखिलेश यादव</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>लखनऊ-अजय यादव </strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">  </p>
<p style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरुवार को केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर पेपर लीक मामले को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार छात्रों और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है तथा जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, तब तक समाजवादी पार्टी संसद और सड़क दोनों जगह इस मुद्दे को उठाती रहेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि नीट परीक्षा दोबारा कराना इस बात का प्रमाण है कि परीक्षा प्रक्रिया में गंभीर खामियां थीं। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184005/akhilesh-yadav-will-raise-his-voice-in-the-house-till"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/akhilesh-yadav.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>लखनऊ-अजय यादव </strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरुवार को केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर पेपर लीक मामले को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार छात्रों और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है तथा जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, तब तक समाजवादी पार्टी संसद और सड़क दोनों जगह इस मुद्दे को उठाती रहेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि नीट परीक्षा दोबारा कराना इस बात का प्रमाण है कि परीक्षा प्रक्रिया में गंभीर खामियां थीं। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों और अभ्यर्थियों की मांगों को स्वीकार करना चाहिए तथा पेपर लीक से प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के दौरान पेपर लीक की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं को रोजगार और आरक्षण से वंचित करना चाहती है।</p>
<p style="text-align:justify;">अखिलेश यादव ने हाल के छात्र आंदोलनों के दौरान पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल छात्रों और छात्राओं के साथ मारपीट की गई, लाठीचार्ज किया गया और उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान सादे कपड़ों में मौजूद लोगों द्वारा लाठी चलाने की खबरें सामने आई हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि प्रदर्शनकारियों पर लाठी चलाने वाले लोग कौन थे। यदि इसकी निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठेंगे। सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वालों की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि सरकार का दायित्व जनता की बात सुनना और उनकी समस्याओं का समाधान करना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Jul 2026 21:46:44 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>विधानसभा के माथे के बदनुमा दाग बस स्टेशन के जीर्णोद्धार पर नहीं बोले सीएम</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>अश्वनी द्विवेदी, रूद्रपुर, देवरिया।   </strong>रूद्रपुर व बरहज विधानसभा के मिलन स्थल पर बरांव में चुनावी रिहर्सल और 456 करोड़ की विकास योजनाओं के शिलान्यास व लोकार्पण कार्यक्रम को जनता के बीच रखने आए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में ज्यादा देर तक सपा व कांग्रेस को कोसने का कार्य किया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बरांव में आयोजित इस कार्यक्रम से रुद्रपुर की जनता को बस स्टेशन के जीर्णोद्धार की काफी उम्मीद थी किंतु रुद्रपुर विधानसभा के माथे पर लगे बदनुमा दाग रूपी जर्जर बस स्टेशन के कायाकल्प पर मुख्यमंत्री ने एक शब्द नहीं बोला। हालांकि क्षेत्रीय विधायक जयप्रकाश निषाद ने</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182557/cm-did-not-speak-on-the-renovation-of-the-bus"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1000718713.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>अश्वनी द्विवेदी, रूद्रपुर, देवरिया।   </strong>रूद्रपुर व बरहज विधानसभा के मिलन स्थल पर बरांव में चुनावी रिहर्सल और 456 करोड़ की विकास योजनाओं के शिलान्यास व लोकार्पण कार्यक्रम को जनता के बीच रखने आए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में ज्यादा देर तक सपा व कांग्रेस को कोसने का कार्य किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बरांव में आयोजित इस कार्यक्रम से रुद्रपुर की जनता को बस स्टेशन के जीर्णोद्धार की काफी उम्मीद थी किंतु रुद्रपुर विधानसभा के माथे पर लगे बदनुमा दाग रूपी जर्जर बस स्टेशन के कायाकल्प पर मुख्यमंत्री ने एक शब्द नहीं बोला। हालांकि क्षेत्रीय विधायक जयप्रकाश निषाद ने अपने संबोधन में जरूर बस स्टेशन का नाम लिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि यदि बस स्टेशन पर कोर्ट से स्टे नहीं होता तो अब तक निर्माण हो रहा होता।सच्चाई क्या है यह दीगर विषय है। मुख्यमंत्री का आगमन पूर्व चुनावी हलचल जैसा लगा। भाजपा चाहती है की 2027 के चुनाव से पहले पूर्वांचल की सभी विधानसभा सीटों में अपनी धमक जाहिर कर दें।मुख्यमंत्री ने अपने लगभग 35 मिनट के संबोधन में आधा समय सरकार का गुणगान किया और लगभग आधा समय सपा व कांग्रेस की जमकर आलोचना की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सबसे अधिक समय सपा के विरोध पर दिया गया। मोहर्रम के त्यौहार को लेकर एक समुदाय को निशान भी बनाया गया जिस पर लोगों की तालियां बजीं। विधानसभा के विकास से संबंधित ज्ञापन देने जा रहे समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को भभौली चौराहे के पास ही जबरन रोक दिया गया। जिससे साबित हुआ कि भाजपा सरकार विपक्ष को फेस नहीं करना चाहती।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt">
<div class="hp"> </div>
<div class="eqJbab cZD3Qb"></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 17:50:47 +0530</pubDate>
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