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                <title>Faith - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>बदइंतजामी :आस्था का मोल जान देकर चुकाते श्रद्धालु! </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>मनोज कुमार अग्रवाल </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">देश भर के धार्मिक तीर्थ स्थलों मंदिरों पर बदइंतजामी चरम पर है कमोवेश सभी जगह एक सी हालत है कुप्रबन्ध का फायदा उठा कर व्यवस्था में लगे सेवादार सुविधा शुल्क लेकर अपनी जेब भरते हैं और चोर रास्ते से लाइन तोड़ कर दर्शन कराते हैं जबकि आम श्रद्धालु घंटों भूख प्यास सह कर भी लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करता है। अधिकांश बड़े मंदिरों पर तो बाकायदा पैसे देकर वीआईपी दर्शन की सुविधा को ही वैधता दे दी गई है। बहरहाल इस सब बदइंतजामी के चलते अब आस्था का मोल श्रद्धालु अपनी जान देकर चुकाने</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185535/devotees-paying-the-price-of-mismanaged-faith-with-their-lives"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img_20260727_1512391.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>मनोज कुमार अग्रवाल </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">देश भर के धार्मिक तीर्थ स्थलों मंदिरों पर बदइंतजामी चरम पर है कमोवेश सभी जगह एक सी हालत है कुप्रबन्ध का फायदा उठा कर व्यवस्था में लगे सेवादार सुविधा शुल्क लेकर अपनी जेब भरते हैं और चोर रास्ते से लाइन तोड़ कर दर्शन कराते हैं जबकि आम श्रद्धालु घंटों भूख प्यास सह कर भी लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करता है। अधिकांश बड़े मंदिरों पर तो बाकायदा पैसे देकर वीआईपी दर्शन की सुविधा को ही वैधता दे दी गई है। बहरहाल इस सब बदइंतजामी के चलते अब आस्था का मोल श्रद्धालु अपनी जान देकर चुकाने को मजबूर हैं श्रावण मास का तीसरा सोमवार 17 अगस्त 2026 श्रद्धालुओं के जीवन पर भारी पड़ गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस दिन विभिन्न राज्यों में धार्मिक स्थलों पर हुई भगदड़ और हादसों में कुल 27 लोगों की मौत हो गई। बिहार के लखीसराय स्थित अशोकधाम मंदिर में भगदड़ से 7 श्रद्धालुओं की जान चली गई, जबकि कई अन्य हादसों में कम से कम बीस जान गयीं हैं जबकि हताहतों की तादाद सैकड़ों की संख्या में है। घायल हुए। दरअसल यह हादसों की पहली बार नहीं है हिन्दू धर्म स्थानों पर कुप्रबन्ध अव्यवस्था रखरखाव में गड़बड़ी संकीर्ण गलियारे और श्रद्धालुओं की बढ़ती तादाद असंयमित व्यवहार के साथ ही अफवाहों की साजिशें हर पर्व त्योहार दर्शन स्नान मेलों में हादसों की श्रृंखला बना रहे हैं। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बता दें कि बिहार के अशोकधाम मंदिर में सावन के तीसरे सोमवार पर जलाभिषेक के दौरान बिजली का खंभा गिरने और अफवाह फैलने से मची भगदड़ में 7 श्रद्धालुओं की मौत और 19 से अधिक घायल हुए। वहीं मध्य-प्रदेश में उज्जैन के महाकाल मंदिर सहित चार राज्यों में विभिन्न हादसों और भीड़ के दबाव के कारण कुल 27 लोगों की जान चली गई।अभी दो माह पहले ही महाराष्ट्र के परभणी जिले की मानवत तहसील स्थित यशवाड़ी मारुति मंदिर में शनिवार को हुआ दर्दनाक हादसा पूरे देश को झकझोर दिया । मंदिर परिसर के सामने बना सभा मंडप अचानक भरभराकर गिर पड़ा, जिसके कारण कई श्रद्धालु मलबे में दब गए छह लोगों की मौत हो गई थी। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आपको याद होगा कि महाकुंभ मेला, प्रयागराज जनवरी 2025 मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर संगम में पवित्र स्नान के लिए लाखों श्रद्धालु एकत्र हुए थे। अखाड़ा मार्ग पर तीर्थयात्रियों के अत्यधिक दबाव से अचानक बैरिकेड्स ढह गए। इस दर्दनाक हादसे में 30 से अधिक लोगों की मौत हुई और 60 से ज्यादा घायल हुए।इसी तरह तिरुमाला वेंकटेश्वर मंदिर, आंध्र प्रदेश में जनवरी 2025 वैकुंठ एकादशी त्योहार के दौरान वीआईपी और सामान्य दर्शन टिकट लेने के लिए हजारों श्रद्धालुओं के बीच धक्का-मुक्की शुरू हुई। इस भीड़ के अनियंत्रित होने से मची भगदड़ में 6 श्रद्धालुओं की मौत हुई और 20 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए। वहीं हाथरस सत्संग, उत्तर प्रदेश 2 जुलाई 2024 को एक धार्मिक आयोजन में बरती गयी लापरवाही सैकड़ों श्रद्धालुओं की जान ले गयी। यह हाल के वर्षों की सबसे भीषण घटनाओं में से एक है। क्षमता से तीन गुना अधिक यानी करीब 2.5 लाख लोग एक अस्थायी टेंट में जमा हो गए थे। बाबा के जाने के बाद धूल छूने की होड़ और अत्यधिक गर्मी व उमस के कारण मची भगदड़ में 121 लोगों की मौत हो गई। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">माता वैष्णो देवी भवन जनवरी 2022 को नए साल के मौके पर जम्मू-कश्मीर के कटरा में स्थित वैष्णो देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच हुई रेलमपेल में 12 लोगों की जान चली गई थी।रतनगढ़ माता मंदिर, दतिया मध्य-प्रदेश में अक्टूबर 2013  नवरात्रि के दौरान मंदिर की ओर जा रहे श्रद्धालुओं के बीच पुल टूटने की अफवाह उड़ी, जिससे मची भगदड़ में 89 लोगों की मौत हुई थी। छठ घाट पर नवंबर 2012 में बिहार की राजधानी पटना में छठ पर्व के दौरान नदी घाट पर अचानक मची अफरा-तफरी के कारण 20 व्रतियों और श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी।नैना देवी मंदिर, हिमाचल प्रदेश में अगस्त 2008 भूस्खलन और चट्टानें गिरने की झूठी अफवाह के बाद फैली दहशत से 162 से अधिक श्रद्धालुओं की कुचलकर मौत हो गई थी।चामुंडा देवी मंदिर, जोधपुर में सितंबर 2008 नवरात्रि के दौरान मंदिर परिसर में बम होने की अफवाह फैलने से मची भयंकर भगदड़ में करीब 250 लोगों की जान चली गई थी।सबरीमाला, केरल जनवरी 2011 मकरज्योति के दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं के बीच वाहन दुर्घटना के बाद मची भगदड़ में 104 से अधिक तीर्थयात्रियों की मौत हुई थी।मंधारदेवी मंदिर, महाराष्ट्र जनवरी 2005 में सालाना यात्रा के दौरान नारियल के पानी से सीढ़ियां फिसलनी होने के कारण लोग गिरते गए, जिसमें 340 से अधिक श्रद्धालु मारे गए थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पिछले दिनों यूपी के वृन्दावन में इस्कॉन मंदिर के गेट पर नगर निगम द्वारा लगाए गए शॉवर कूलर में अचानक करंट उतर आया। इसकी चपेट में आने से एक 21 वर्षीय श्रद्धालु की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।  राजस्थान के खाटू श्याम मंदिर में उमड़ने वाली भारी भीड़, कुप्रबंधन, और उचित कतारें न होने के कारण अक्सर भगदड़ और विवाद जैसी स्थितियां सामने आती है। उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में स्थित विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के समीप एक हृदयविदारक हादसा सामने आया है। मंदिर के गेट नंबर 5 के पास स्थित एक गली में अचानक एक पुराने मकान का छज्जा गिर गया, जिसकी चपेट में आने से वहां से गुजर रहे कई श्रद्धालु घायल हो गए थे। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत आस्था और श्रद्धा का देश है। यहां प्रतिदिन लाखों लोग मंदिरों, मस्जिदों, गुरुद्वारों और अन्य धार्मिक स्थलों पर पहुंचते हैं। विशेष अवसरों पर श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में इन स्थानों की संरचनात्मक मजबूती और सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। पिछले कुछ वर्षों में देश के विभिन्न हिस्सों में धार्मिक स्थलों पर भगदड़, दीवार गिरने, छत ढहने करेंट उतरने और अन्य दुर्घटनाओं में अनेक लोगों की जान जा चुकी है। हाल ही में महाराष्ट्र के सांगली जिले में भी मंदिर परिसर से जुड़ी एक दुर्घटना में कई श्रद्धालुओं की मृत्यु हुई थी। ऐसी घटनाएं बताती हैं कि समस्या किसी एक स्थान या एक राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यापक स्तर पर सुरक्षा प्रबंधन की चुनौती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वास्तविकता यह है कि अनेक धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन आधारभूत ढांचे का विस्तार और रखरखाव उसी गति से नहीं हो पा रहा। कई स्थानों पर अस्थायी शेड, मंडप और अन्य संरचनाएं बिना पर्याप्त तकनीकी परीक्षण के उपयोग में लाई जाती हैं। कई बार निर्माण कार्य स्थानीय स्तर पर करवा लिया जाता है, लेकिन इंजीनियरिंग मानकों और गुणवत्ता नियंत्रण की अनदेखी हो जाती है। जब तक कोई दुर्घटना नहीं होती, तब तक इन कमियों पर गंभीर ध्यान नहीं दिया जाता। प्रत्येक घटना के बाद केवल शोक व्यक्त करना पर्याप्त नहीं होगा। आवश्यक है कि राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन इन हादसों की निष्पक्ष जांच कराएं और इन तमाम हादसों के पीछे के तमाम कारणों का विश्लेषण कर जिम्मेदार दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Aug 2026 20:49:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>आर डी प्रॉपर्टीज के तत्वावधान में लगा श्रद्धालुओं के लिए छठा वार्षिक भंडारा, हजारों भक्तों ने ग्रहण किया प्रसाद</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>गोवर्धन (मथुरा)-दीपक शर्मा </strong></blockquote><p style="text-align:justify;"><br /></p><p style="text-align:justify;"> गुरु पूर्णिमा मेले के पावन अवसर पर गिरिराज धाम गोवर्धन में श्रद्धा, आस्था और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। लाखों श्रद्धालु देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी गिरिराज महाराज के दर्शन और सप्तकोसीय परिक्रमा के लिए गोवर्धन पहुंच रहे हैं। पूरे परिक्रमा मार्ग पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है और वातावरण "गिरिराज महाराज की जय", "राधे-राधे" तथा भजन-कीर्तन की मधुर ध्वनि से भक्तिमय बना हुआ है।</p><p style="text-align:justify;">गुरु पूर्णिमा मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अनेक सामाजिक, धार्मिक एवं सेवा संस्थाओं द्वारा भंडारों का आयोजन किया जा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184178/the-sixth-annual-bhandara-for-the-devotees-was-organized-under"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/whatsapp-image-2026-07-27-at-20.58.51.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>गोवर्धन (मथुरा)-दीपक शर्मा </strong></blockquote><p style="text-align:justify;"><br /></p><p style="text-align:justify;"> गुरु पूर्णिमा मेले के पावन अवसर पर गिरिराज धाम गोवर्धन में श्रद्धा, आस्था और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। लाखों श्रद्धालु देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी गिरिराज महाराज के दर्शन और सप्तकोसीय परिक्रमा के लिए गोवर्धन पहुंच रहे हैं। पूरे परिक्रमा मार्ग पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है और वातावरण "गिरिराज महाराज की जय", "राधे-राधे" तथा भजन-कीर्तन की मधुर ध्वनि से भक्तिमय बना हुआ है।</p><p style="text-align:justify;">गुरु पूर्णिमा मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अनेक सामाजिक, धार्मिक एवं सेवा संस्थाओं द्वारा भंडारों का आयोजन किया जा रहा है। इन्हीं सेवा कार्यों की श्रृंखला में आर डी प्रॉपर्टीज के तत्वावधान में श्रद्धालुओं के लिए छठे वार्षिक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस भंडारे में हजारों की संख्या में परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया और आयोजकों की सेवा भावना की सराहना की।</p><p style="text-align:justify;">भंडारे में श्रद्धालुओं के लिए शुद्ध एवं सात्विक भोजन की विशेष व्यवस्था की गई। इसके साथ ही भीषण गर्मी और उमस को देखते हुए ठंडा पेयजल, छाछ, शरबत एवं अन्य आवश्यक सामग्री भी निःशुल्क वितरित की गई। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं ने इस सेवा को अत्यंत सराहनीय बताते हुए आयोजकों को धन्यवाद दिया। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि लंबी परिक्रमा के दौरान ऐसे भंडारे उन्हें नई ऊर्जा प्रदान करते हैं और सेवा की यह परंपरा ब्रज की पहचान है।</p><p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/whatsapp-image-2026-07-27-at-20.58.50.jpeg" alt="गुरु पूर्णिमा मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अनेक सामाजिक, धार्मिक एवं सेवा संस्थाओं द्वारा भंडारों का आयोजन किया जा रहा है।" width="1200" height="800"></img></p><p style="text-align:justify;">आर डी प्रॉपर्टीज के संस्थापक गुड्डा ठाकुर उर्फ सौदान सिंह ने बताया कि गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं की सेवा करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि पिछले छह वर्षों से लगातार यह विशाल भंडारा आयोजित किया जा रहा है और भविष्य में भी यह सेवा कार्य निरंतर जारी रहेगा। उनका कहना था कि ब्रज की सेवा और गिरिराज महाराज के भक्तों की सेवा ही सबसे बड़ा पुण्य है।</p><p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि संस्था का उद्देश्य केवल भोजन वितरण करना ही नहीं, बल्कि परिक्रमा करने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सम्मानपूर्वक सेवा प्रदान करना है। इसी भावना के साथ सभी कार्यकर्ता पूरी निष्ठा और समर्पण से दिन-रात सेवा में जुटे हुए हैं। भंडारे में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु का स्वागत प्रेम और आदर के साथ किया गया।</p><p style="text-align:justify;">इस सेवा कार्य को सफल बनाने में जयवीर चौधरी, नीतू ठाकुर, अजय कौशिक, ठाकुर मुकेश, हेम सिंह ठाकुर, राजेश ठाकुर, छोटू ठाकुर, माधव शर्मा, बीके ठाकुर, गोविंद ठाकुर सहित समस्त ब्रजवासियों का विशेष सहयोग रहा। सभी कार्यकर्ता भोजन वितरण, पेयजल व्यवस्था, छाछ एवं शरबत वितरण तथा श्रद्धालुओं की अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में पूरे उत्साह के साथ लगे रहे।</p><p style="text-align:justify;">भंडारे में सुबह से लेकर देर शाम तक श्रद्धालुओं का लगातार आना-जाना लगा रहा। परिक्रमा करने वाले भक्तों ने भोजन प्रसाद ग्रहण करने के बाद आयोजकों को आशीर्वाद दिया और उनकी सेवा भावना की प्रशंसा की। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि ब्रज में आने पर उन्हें हर कदम पर सेवा और अपनापन देखने को मिलता है, जो इस भूमि की सबसे बड़ी विशेषता है।</p><p style="text-align:justify;">गुरु पूर्णिमा मेले के दौरान प्रशासन द्वारा भी सुरक्षा, यातायात, चिकित्सा एवं साफ-सफाई की व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी लगातार परिक्रमा मार्ग पर निगरानी बनाए हुए हैं, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। स्वयंसेवी संस्थाएं भी प्रशासन के साथ मिलकर सेवा कार्यों में सहयोग कर रही हैं।</p><p style="text-align:justify;">ब्रजभूमि में गुरु पूर्णिमा का पर्व केवल धार्मिक आस्था का ही नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और मानवता का भी प्रतीक माना जाता है। यहां आयोजित होने वाले भंडारे समाज में परोपकार और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं। आर डी प्रॉपर्टीज द्वारा आयोजित छठा वार्षिक भंडारा भी इसी सेवा परंपरा का एक प्रेरणादायी उदाहरण बनकर सामने आया है।</p><p style="text-align:justify;">कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने गिरिराज महाराज से सभी श्रद्धालुओं के सुख, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की तथा भविष्य में भी इसी प्रकार सेवा कार्यों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया। श्रद्धालुओं ने भी आयोजकों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि ऐसे सेवा कार्य समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं और इन्हें आगे भी निरंतर जारी रहना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Jul 2026 21:16:09 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>संकट मोचन धाम पाथरोल में ज्येष्ठ पूर्णिमा पर भजन संध्या व महाआरती आज</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>पाथरोल, करों, देवघर, झारखंड:-  </strong>ज्येष्ठ पूर्णिमा के पावन अवसर पर आज सोमवार को संकट मोचन धाम, पाथरोल में भव्य धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। मंदिर समिति द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार संध्या 8:30 बजे से भजन-कीर्तन का शुभारंभ होगा, जिसके पश्चात रात्रि 9:30 बजे बाबा की भव्य महाआरती संपन्न होगी।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं के बीच खिचड़ी प्रसाद सहित अन्य प्रसाद का वितरण भी किया जाएगा। मंदिर प्रबंधन ने बताया कि प्रत्येक पूर्णिमा को श्रद्धालुओं के सहयोग से भजन संध्या, बाबा की महाआरती एवं प्रसाद वितरण का आयोजन नियमित रूप से किया जाता है। इसी परंपरा को आगे</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182354/bhajan-evening-and-maha-aarti-today-on-jyeshtha-purnima-at"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/news-41.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>पाथरोल, करों, देवघर, झारखंड:-  </strong>ज्येष्ठ पूर्णिमा के पावन अवसर पर आज सोमवार को संकट मोचन धाम, पाथरोल में भव्य धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। मंदिर समिति द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार संध्या 8:30 बजे से भजन-कीर्तन का शुभारंभ होगा, जिसके पश्चात रात्रि 9:30 बजे बाबा की भव्य महाआरती संपन्न होगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं के बीच खिचड़ी प्रसाद सहित अन्य प्रसाद का वितरण भी किया जाएगा। मंदिर प्रबंधन ने बताया कि प्रत्येक पूर्णिमा को श्रद्धालुओं के सहयोग से भजन संध्या, बाबा की महाआरती एवं प्रसाद वितरण का आयोजन नियमित रूप से किया जाता है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस बार भी श्रद्धा एवं भक्ति के साथ कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मंदिर समिति ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 16:20:28 +0530</pubDate>
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