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                <title>israel hamas war - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>Hamas थीम का बनाया गया केक, सोशल मीडिया पर खूब हुई बहस </title>
                                    <description><![CDATA[<p>एक चौंकाने वाले घटनाक्रम में चार साल के ऑस्ट्रेलियाई बच्चे के लिए हमास थीम पर आधारित जन्मदिन का केक, जिसमें फिलिस्तीनी झंडे से घिरा एक आतंकवादी दिख रहा था, ने व्यापक आक्रोश फैलाया, जिसके कारण ऑस्ट्रेलियाई संघीय पुलिस को जांच शुरू करनी पड़ी। रिपोर्टों के अनुसार, केक बनाने के लिए ज़िम्मेदार ऑस्ट्रेलियाई बेकरी ने गर्व से इसकी तस्वीरें ऑनलाइन पोस्ट की थीं, जिन्हें अब तीव्र प्रतिक्रिया के बाद हटा दिया गया है।</p>
<p>न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार, फूफू द्वारा ओवेन बेकरी ने मंगलवार को तस्वीरें पोस्ट कीं, जिसमें युवा लड़के को फिलिस्तीनी झंडे से सजाए गए एक बड़े केक के पास</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141558/hamas-theme-cake-created-a-lot-of-debate-on-social"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/hamas_large_1439_19.webp" alt=""></a><br /><p>एक चौंकाने वाले घटनाक्रम में चार साल के ऑस्ट्रेलियाई बच्चे के लिए हमास थीम पर आधारित जन्मदिन का केक, जिसमें फिलिस्तीनी झंडे से घिरा एक आतंकवादी दिख रहा था, ने व्यापक आक्रोश फैलाया, जिसके कारण ऑस्ट्रेलियाई संघीय पुलिस को जांच शुरू करनी पड़ी। रिपोर्टों के अनुसार, केक बनाने के लिए ज़िम्मेदार ऑस्ट्रेलियाई बेकरी ने गर्व से इसकी तस्वीरें ऑनलाइन पोस्ट की थीं, जिन्हें अब तीव्र प्रतिक्रिया के बाद हटा दिया गया है।</p>
<p>न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार, फूफू द्वारा ओवेन बेकरी ने मंगलवार को तस्वीरें पोस्ट कीं, जिसमें युवा लड़के को फिलिस्तीनी झंडे से सजाए गए एक बड़े केक के पास खड़ा दिखाया गया और हमास के प्रवक्ता अबू ओबैदा की उंगली उठाए हुए एक तस्वीर दिखाई गई। पोज़ की नकल करते हुए लड़के ने केक पर बनी आकृति के समान हेडस्कार्फ़ और पोशाक पहनी हुई थी।</p>
<p>प्रारंभ में बेकरी को केक के लिए सकारात्मक टिप्पणियाँ मिलीं, लोगों ने लड़के को एक चैंपियन कहा। इसके तुरंत बाद, इस पोस्ट की भारी आलोचना की गई, जिसके कारण इसके इंस्टाग्राम और फेसबुक पेजों को बंद करना पड़ा क्योंकि विरोधी धार्मिक नेताओं ने युवा लड़के को "शिक्षा" देने का आह्वान किया था। ऑस्ट्रेलियाई यहूदी समूह के मुख्य कार्यकारी रॉबर्ट ग्रेगरी ने कहा कि एक बच्चे को आतंकवादी के रूप में तैयार करना, जिसमें हमास का हेडबैंड भी शामिल है, निंदनीय है और बाल शोषण का एक रूप है।</p>
<p>ग्रेगरी ने कहा कि इस्लामिक उग्रवाद और युवाओं का कट्टरपंथ सिर्फ यहूदी समुदाय के लिए एक समस्या नहीं है। यह सभी आस्ट्रेलियाई लोगों के लिए खतरा है। ऑस्ट्रेलिया में हाल ही में मुस्लिम युवाओं द्वारा कथित तौर पर अन्य ऑस्ट्रेलियाई लोगों को चाकू मारने या उन पर हमला करने की साजिश रचने की कई घटनाएं देखी गई हैं। उपदेश कम उम्र में ही शुरू हो जाता है और यह वैसा ही है जैसा पूरे मध्य पूर्व में देखा जाता है। यह बाल आतंकवादी संवारने से कम नहीं है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 May 2024 14:53:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास पर हुई ताबड़तोड़ गोलीबारी, एक बॉडीगार्ड की मौके पर मौत </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>गाजा</strong> में इजरायल-हमास युद्ध के बीच फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास के खिलाफ हत्या के प्रयास की साजिश रची जाने की बात सामने आई है। उनके काफिले पर वेस्ट बैंक क्षेत्र में हमला किया गया था। अब्बास द्वारा वेस्ट बैंक में अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से मुलाकात के एक दिन बाद इस हमले की सूचना मिली थी। यह घटना तब सामने आई जब संस ऑफ अबू जंदल नामक एक समूह ने अब्बास को इज़राइल के खिलाफ वैश्विक युद्ध घोषित करने के लिए 24 घंटे का समय दिया था। बाद में समूह ने हमले का दावा किया।</p>
<p>महमूद अब्बास की हत्या</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/136890/there-was-rapid-firing-on-palestine-president-mahmoud-abbas-one"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-11/palestine-president_large_1522_19.webp" alt=""></a><br /><p><strong>गाजा</strong> में इजरायल-हमास युद्ध के बीच फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास के खिलाफ हत्या के प्रयास की साजिश रची जाने की बात सामने आई है। उनके काफिले पर वेस्ट बैंक क्षेत्र में हमला किया गया था। अब्बास द्वारा वेस्ट बैंक में अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से मुलाकात के एक दिन बाद इस हमले की सूचना मिली थी। यह घटना तब सामने आई जब संस ऑफ अबू जंदल नामक एक समूह ने अब्बास को इज़राइल के खिलाफ वैश्विक युद्ध घोषित करने के लिए 24 घंटे का समय दिया था। बाद में समूह ने हमले का दावा किया।</p>
<p>महमूद अब्बास की हत्या के प्रयास में फ़िलिस्तीनी राष्ट्रपति का एक अंगरक्षक मारा गया। फ़िलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास की हत्या के प्रयास का वीडियो भी सामने आया है। महमूद अब्बास की हत्या के प्रयास के वीडियो में उनके काफिले पर खुली गोलीबारी दिखाई गई। उनके एक अंगरक्षक की गोली मारकर हत्या कर दी गई क्योंकि बाकी लोगों ने हमलावरों के खिलाफ गोलीबारी की।</p>
<p>तुर्की आउटलेट तुर्किये अख़बार की रिपोर्ट के अनुसार, यह समझा जा रहा है कि घात लगाकर किया गया हमला हत्या का प्रयास हो सकता है। यदि हमला वास्तव में राष्ट्रपति के जीवन पर एक प्रयास था, तो यह फिलिस्तीनी गुटों के बीच बढ़ती अंदरूनी लड़ाई के संकेत देती है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Nov 2023 15:30:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फ्रांस और जर्मनी समेत कई देशों ने किया प्रदर्शन, गाजा में हो रहे बमबारी को रोकने की मांग </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>पेरिस। </strong>फ्रांस की राजधानी पेरिस, जर्मनी की राजधानी बर्लिन और अन्य यूरोपीय शहरों में फलस्तीनी समर्थक हजारों लोगों ने गाजा में इजराइली बमबारी रोकने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। ये प्रदर्शन इजराइल-हमास युद्ध में हताहतों की बढ़ती संख्या और गहराते मानवीय संकट को लेकर यूरोप के खासकर उन देशों में बढ़ रहे असंतोष को दर्शाते हैं, जहां मुस्लिम आबादी अधिक है। गाजा में हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इजराइल-हमास युद्ध में मारे गए फलस्तीनियों की संख्या बढ़कर 9,448 हो गई है।</p>
<p>गाजा में 24,173 और वेस्ट बैंक में 2,200 फलस्तीनी घायल हुए हैं। इजराइल में 1,400 से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/136730/many-countries-including-france-and-germany-demonstrated-and-demanded-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-11/paris_large_1228_80.webp" alt=""></a><br /><p><strong>पेरिस। </strong>फ्रांस की राजधानी पेरिस, जर्मनी की राजधानी बर्लिन और अन्य यूरोपीय शहरों में फलस्तीनी समर्थक हजारों लोगों ने गाजा में इजराइली बमबारी रोकने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। ये प्रदर्शन इजराइल-हमास युद्ध में हताहतों की बढ़ती संख्या और गहराते मानवीय संकट को लेकर यूरोप के खासकर उन देशों में बढ़ रहे असंतोष को दर्शाते हैं, जहां मुस्लिम आबादी अधिक है। गाजा में हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इजराइल-हमास युद्ध में मारे गए फलस्तीनियों की संख्या बढ़कर 9,448 हो गई है।</p>
<p>गाजा में 24,173 और वेस्ट बैंक में 2,200 फलस्तीनी घायल हुए हैं। इजराइल में 1,400 से अधिक लोगों की मौत हुई है। इनमें से अधिकतर लोगों की मौत सात अक्टूबर को हमास के शुरुआती हमले में हुई। इसी हमले के बाद से यह युद्ध शुरू हुआ है। इन हमलों में करीब 2,50,000 इजराइली और गाजा में 15 लाख से अधिक फलस्तीनी विस्थापित हुए हैं। इसके अलावा गाजा में कम से कम 241 लोगों को बंधक बनाया गया है।</p>
<p>गाजा में इजराइल की जवाबी कार्रवाई के विरोध में पेरिस की एक रैली में हजारों प्रदर्शनकारी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने गाजा में तत्काल युद्धविराम का आह्वान किया और कुछ लोगों ने ‘‘इजराइल, हत्यारा’’ के नारे लगाए। मध्य लंदन में प्रदर्शनकारियों ने ‘‘संघर्ष विराम अभी करो’’ और ‘‘मुझे विश्वास है कि हम जीतेंगे’’ जैसे नारे लगाते हुए सड़कों को अवरुद्ध कर दिया। पेरिस में कुछ प्रदर्शनकारियों ने ‘‘गाजा में नरसंहार रोको’’ के बैनर दिखाए और फलस्तीनी झंडे थामे कई लोगों ने ‘‘फलस्तीन जीवित रहेगा, फलस्तीन जीतेगा’’ के नारे लगाए। कुछ प्रदर्शनकारियों ने ‘‘मैक्रों की मिलीभगत’’ के नारे लगाते हुए फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पर भी निशाना साधा।</p>
<p>पेरिस के पुलिस प्रमुख ने एक निश्चित मार्ग पर प्रदर्शन की अनुमति दी लेकिन साथ ही कहा कि यहूदी विरोधी या आतंकवाद के प्रति सहानुभूति रखने वाले किसी भी प्रकार के व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमास के इजराइल पर सात अक्टूबर को किए गए हमले के बाद से यूरोप में यहूदी विरोधी हमलों में तेजी देखी गई है। बर्लिन में पूर्व में फलस्तीन समर्थक विरोध प्रदर्शनों के हिंसक हो जाने के मद्देनजर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए लगभग 1,000 पुलिस अधिकारियों को तैनात किया गया। </p>
<p>जर्मन समाचार एजेंसी ‘डीपीए’ ने बताया कि लगभग 6,000 प्रदर्शनकारियों ने जर्मनी की राजधानी के बीचों-बीच मार्च निकाला। पुलिस ने ऐसे किसी भी प्रकार के सार्वजनिक या लिखित बयानों पर प्रतिबंध लगा दिया जो यहूदी विरोधी या इजराइल विरोधी हों या हिंसा या आतंकवाद का महिमामंडन करते हों। लंदन में सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शन करने के बीच मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने बताया कि उसके अधिकारियों ने 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट और इटली के मिलान शहर में भी हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Nov 2023 13:22:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>इजराइल-हमास की जंग को लेकर अमेरिका के बदले राग </title>
                                    <description><![CDATA[<p>संयुक्त राज्य अमेरिका के एक शीर्ष राजनयिक गाजा युद्ध में मानवीय विराम के लिए पश्चिम एशियाई देश पर दबाव डालने के लिए इज़राइल में हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री एंथनी ब्लिंकन ने एक महीने में पश्चिम एशिया की अपनी दूसरी यात्रा पर 3 नवंबर को तेल अवीव में इजरायल के प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की। उनकी यात्रा अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन द्वारा हाल ही में कहे जाने के बाद हो रही है कि हमास के साथ इजरायल के युद्ध में मानवीय विराम होना चाहिए। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने मिनेसोटा में एक धन संचयन कार्यक्रम में कहा कि एक विराम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/136664/americas-revenge-on-israel-hamas-war"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-11/israel-hamas-war_large_1237_19.webp" alt=""></a><br /><p>संयुक्त राज्य अमेरिका के एक शीर्ष राजनयिक गाजा युद्ध में मानवीय विराम के लिए पश्चिम एशियाई देश पर दबाव डालने के लिए इज़राइल में हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री एंथनी ब्लिंकन ने एक महीने में पश्चिम एशिया की अपनी दूसरी यात्रा पर 3 नवंबर को तेल अवीव में इजरायल के प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की। उनकी यात्रा अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन द्वारा हाल ही में कहे जाने के बाद हो रही है कि हमास के साथ इजरायल के युद्ध में मानवीय विराम होना चाहिए। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने मिनेसोटा में एक धन संचयन कार्यक्रम में कहा कि एक विराम का मतलब कैदियों को बाहर निकालने के लिए समय देना है।</p>
<p>इज़राइल की अपनी यात्रा से पहले ब्लिंकन ने कहा कि वह संघर्ष में नागरिकों की सुरक्षा के लिए ठोस कदमों पर चर्चा करेंगे। एनबीसी न्यूज ने उनके हवाले से कहा कि हमने हाल के दिनों में देखा है कि फिलिस्तीनी नागरिकों को इस कार्रवाई का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है और यह महत्वपूर्ण है कि संयुक्त राज्य अमेरिका यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास किया जाए। ब्लिंकन इज़राइल को लड़ाई में विराम के लिए मनाने की कोशिश कर रहे हैं, इजरायली सैनिकों ने गाजा शहर को घेर लिया है, जिसे पश्चिम एशियाई राष्ट्र हमास के सैन्य बुनियादी ढांचे का केंद्र कहते हैं। इसके अलावा, युद्ध के शुरुआती दिनों में इज़राइल को अपना निर्बाध समर्थन देने के बाद, अमेरिका ने अब अपना सुर क्यों बदल लिया है? </p>
<p>7 अक्टूबर को पश्चिम एशियाई राष्ट्र पर हमास के आश्चर्यजनक हमले के बाद अमेरिका ने इज़राइल के अपनी रक्षा के अधिकार पर जोर दिया। बाइडेन ने उस समय कहा कि हम इज़राइल के साथ खड़े हैं। और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि इजराइल के पास अपने नागरिकों की देखभाल करने, अपनी रक्षा करने और इस हमले का जवाब देने के लिए वह सब कुछ है जो उसे चाहिए। दूसरी ओर, संघर्ष में फिलिस्तीनी नागरिकों की रक्षा के लिए उनका आह्वान मौन था।</p>
<p>अमेरिका ने यह भी कहा कि वह इज़राइल को अपना सैन्य समर्थन बढ़ा रहा है, यहूदी राष्ट्र को वायु रक्षा क्षमताएं और युद्ध सामग्री प्रदान कर रहा है। पश्चिम एशिया में अन्य देशों या उग्रवादी समूहों को युद्ध में शामिल होने से रोकने के लिए अमेरिका ने गाइडेड-मिसाइल क्रूजर से लैस एक विमानवाहक पोत को इज़राइल के निकट जल क्षेत्र में भेजा। जैसे ही इज़राइल द्वारा लगातार जवाबी हवाई हमलों के कारण गाजा में हताहतों की संख्या बढ़ी, अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन ने मारे गए फिलिस्तीनियों की कथित संख्या पर भी संदेह जताया।</p>
<p>अरब अमेरिकी मतदाताओं ने इज़राइल के लिए बिडेन के निरंकुश समर्थन की आलोचना की है। फॉरेन पॉलिसी ने एक हालिया सर्वेक्षण का हवाला देते हुए बताया कि बिडेन को 2020 में लगभग 59 प्रतिशत अरब अमेरिकियों का समर्थन मिला, जो अब घटकर सिर्फ 17 प्रतिशत रह गया है। लेकिन इस पर बाद में और अधिक जानकारी। एपी की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के दक्षिण फ्लोरिडा में रब्बी और यहूदी नेता समुदाय के सदस्यों को इजराइल का भरपूर समर्थन करने के लिए सांसदों को बुलाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं, क्योंकि यह अपना आक्रामक रुख बढ़ा रहा है।</p>
<p>पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति और रिपब्लिकन नेता डोनाल्ड ट्रम्प ने 2020 के राष्ट्रपति चुनावों में फ्लोरिडा में जीत हासिल की। एपी वोटकास्ट के अनुसार, राष्ट्रीय स्तर पर, 30 प्रतिशत यहूदी मतदाताओं ने ट्रम्प का समर्थन किया, फ्लोरिडा के लगभग 43 प्रतिशत यहूदी मतदाताओं ने उनका समर्थन किया। एपी के अनुसार कि अगर फ्लोरिडा को एक बारहमासी प्रतिस्पर्धी राज्य के रूप में अपनी स्थिति फिर से हासिल करनी है, तो यहूदी मतदाता बिडेन के इज़राइल-हमास युद्ध से निपटने को किस तरह से देखते हैं, यह महत्वपूर्ण होगा।</p>
<p>2020 में बाइडेन की व्हाइट हाउस जीत सुनिश्चित करने वाले प्रमुख राज्यों में से एक था। 2024 के राष्ट्रपति चुनावों से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए भी एक चुनावी चिंता का विषय है। मिशिगन में डेमोक्रेट्स ने व्हाइट हाउस को चेतावनी दी है कि इजरायल-हमास युद्ध से निपटने के कारण बिडेन महत्वपूर्ण अरब अमेरिकी समुदाय के भीतर उनके समर्थन को नुकसान पहुंचा सकते हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/136664/americas-revenge-on-israel-hamas-war</link>
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                <pubDate>Sat, 04 Nov 2023 12:47:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जंग है इजराइल-हमास की, तो कैसे 31 पत्रकारों की मौत और कई है गायब </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Israel vs Hamas: </strong>इजराइल-हमास जंग दिन पर दिन खतरनाक रूप लेता जा रहा है. 7 अक्टूबर से शुरू इस जंग में अब तक कई हजार लोगों की जान जा चुकी है. सबसे ज्यादा लोग गाजा पट्टी में मारे गए हैं. दूसरी ओर से युद्ध में अब तक 31 पत्रकारों की भी मौत हो चुकी है. मारे गए पत्रकारों में 26 फिलिस्तीन के, 4 इजराइल के और 1 लेबनान के बताए जा रहे हैं. ‘द टाइम्स ऑफ इजराइल’ ने ‘कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट’ की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि 31 पत्रकारों की मौत के अलावा 8 जर्नलिस्टों के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/136485/there-is-a-war-between-israel-and-hamas-so-how"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-10/israel-hamas-war-24.webp" alt=""></a><br /><p><strong>Israel vs Hamas: </strong>इजराइल-हमास जंग दिन पर दिन खतरनाक रूप लेता जा रहा है. 7 अक्टूबर से शुरू इस जंग में अब तक कई हजार लोगों की जान जा चुकी है. सबसे ज्यादा लोग गाजा पट्टी में मारे गए हैं. दूसरी ओर से युद्ध में अब तक 31 पत्रकारों की भी मौत हो चुकी है. मारे गए पत्रकारों में 26 फिलिस्तीन के, 4 इजराइल के और 1 लेबनान के बताए जा रहे हैं. ‘द टाइम्स ऑफ इजराइल’ ने ‘कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट’ की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि 31 पत्रकारों की मौत के अलावा 8 जर्नलिस्टों के घायल होने की भी खबर है, जबकि 9 लापता हैं या फिर उनको हिरासत में लिया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि जंग के दौरान पत्रकारों को लगातार हमलों, गिरफ्तारियों, धमकियों, सेंसरशिप और परिवार के सदस्यों की हत्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है.</p>
<p>‘कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट’ के मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका कार्यक्रम समन्वयक शेरिफ मंसूर ने इस बात पर भी जोर दिया है कि पत्रकार संकट के समय महत्वपूर्ण काम करते हैं और उन्हें युद्ध के दौरान निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए. कमेटी ने कहा है कि जंग को कवर करने के लिए पत्रकार बलिदान का काम कर रहे हैं. विशेषकर गाजा में रहने वाले पत्रकारों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है. बता दें कि हमास की ओर से 7 अक्टूबर को इजराइल पर एक साथ 5000 रॉकेट दागे गए थे. इस हमले में इजराइल के कई नागरिकों और जवानों की मौत हो गई थी. हमले से खमखमाए इजराइल ने हमास के खिलाफ जंग का ऐलान कर दिया और गाजा पट्टी में बमबारी शुरू कर दी. इजराइल की सेना की ओर से गाजा पट्टी में लगातार हवाई हमले किए जा रहे हैं. इसके साथ-साथ जमीनी हमला भी शुरू कर दिया गया है.</p>
<p>इजराइली बलों ने मंगलवार को उत्तरी गाजा में हमास के बुनियादी ढांचों पर जमीनी हमला किया. इजराइली सेना का दावा है कि 7 अक्टूबर से शुरू हुए युद्ध के बाद से उत्तरी गाजा से करीब 8 लाख लोग पलायन कर चुके हैं. इजराइली सेना के टैंक, बख्तरबंद वाहन सोमवार को ही गाजा के अंदरूनी इलाके में पहुंच गए थे. गाजा पट्टी में इजराइली सेना की एंट्री के साथ पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने संघर्ष विराम के आह्वान को मानने से इनकार दिया.</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Oct 2023 19:32:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Israel Hamas War: UN महासभा में युद्ध रोकने का प्रताव हुआ पास, पक्ष में पड़े कुल 120 वोट </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>International News:</strong> संयुक्त राष्ट्र महासभा के विशेष सत्र में गाजा में मानवीय आधार पर संघर्ष विराम के लिए पेश प्रस्ताव भारी बहुमत से पास हो गया। प्रस्ताव के पक्ष में 120 वोट पड़े, जबकि विरोध में सिर्फ 14 वोट पड़े। भारत, ब्रिटेन, कनाडा, जर्मनी समेत 45 देशों ने मतदान से खुद को अलग कर लिया।</p>
<p>प्रस्ताव में इजरायल और हमास के बीच मानवीय आधार पर तत्काल संघर्ष विराम का आह्वान किया गया है। साथ ही बिना किसी रुकावट के गाजा तक मानवीय सहायता पहुंचाने की अपील भी की है। इसमें पानी, बिजली और वस्तुओं के वितरण को फिर से शुरू</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/136315/israel-hamas-war-un-the-proposal-to-stop-the-war"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-10/un-general-assembly_large_1301_19.webp" alt=""></a><br /><p><strong>International News:</strong> संयुक्त राष्ट्र महासभा के विशेष सत्र में गाजा में मानवीय आधार पर संघर्ष विराम के लिए पेश प्रस्ताव भारी बहुमत से पास हो गया। प्रस्ताव के पक्ष में 120 वोट पड़े, जबकि विरोध में सिर्फ 14 वोट पड़े। भारत, ब्रिटेन, कनाडा, जर्मनी समेत 45 देशों ने मतदान से खुद को अलग कर लिया।</p>
<p>प्रस्ताव में इजरायल और हमास के बीच मानवीय आधार पर तत्काल संघर्ष विराम का आह्वान किया गया है। साथ ही बिना किसी रुकावट के गाजा तक मानवीय सहायता पहुंचाने की अपील भी की है। इसमें पानी, बिजली और वस्तुओं के वितरण को फिर से शुरू करना शामिल है। भारत गाजा में मानवीय संघर्ष विराम के लिए जॉर्डन द्वारा शुरू किए गए संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव से दूर रहा। </p>
<p>संयुक्त राष्ट्र महासभा ने गाजा में युद्धविराम से जुड़े एक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। ये प्रस्ताव जॉर्डन समेत अरब देशों की तरफ से पेश किया गया था। जिसे भारी बहुमत से अपनाया गया। इस प्रस्ताव पर भारत का वोटिंग में भाग न लेने की वजह पर विदेशी मामलों के जानकारों का कहना है कि बीते 10 सालों से भारत सरकार की कूटनीति आतंकवाद के खिलाफ रही है।</p>
<p>अंतरराष्ट्रीय मंचों से भी भारत के बयान ने उसके इस रुख की पुष्टि की है। इजरायल हमास संघर्ष शुरू होने के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत के दौरान भारत के पीएम मोदी ने कहा था कि हम हर तरह के आतंकवाद के खिलाफ हैं।  </p>
<p>संयुक्त राष्ट्र की 193 सदस्यीय महासभा ने उस प्रस्ताव को अपनाया, जिसमें तत्काल, टिकाऊ और निरंतर मानवीय संघर्ष-विराम का आह्वान किया गया है, ताकि शत्रुता समाप्त हो सके। प्रस्ताव के पक्ष में 121 देशों ने मत किया, 44 सदस्य मतदान से दूर रहे और 14 सदस्यों ने इसके खिलाफ वोट दिया। प्रस्ताव में पूरी गाजा पट्टी में आम नागरिकों को आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं का तत्काल, निरंतर, पर्याप्त और निर्बाध प्रावधान करने की मांग की गई थी। </p>
<p>संयुक्त राष्ट्र में भारत की उप स्थायी प्रतिनिधि योजना पटेल ने मतदान पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि ऐसी दुनिया में जहां मतभेदों और विवादों को बातचीत से हल किया जाना चाहिए, इस प्रतिष्ठित संस्था को हिंसा का सहारा लेने की घटनाओं पर गहराई से चिंतित होना चाहिए। पटेल ने कहा कि हिंसा जब इतने बड़े पैमाने और तीव्रता पर होती है, तो यह बुनियादी मानवीय मूल्यों का अपमान है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Oct 2023 13:13:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लड़ाई के दौरान फिलिस्तीन के लिए मसीहा बना भारत</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Israel vs Hamas: </strong>इजराइल और हमास के बीच जारी युद्ध की स्थिति लगातार चल रही है। इस युद्ध के बीच दुनिया भर के कई देशों ने गाजा के लोगों के लिए मदद सामग्री भेजी है। इसी कड़ी में भारत ने भी फिलिस्तीन के लोगों के लिए मदद भेजी है। इससे पहले संयुक्त राष्ट्र के नेताओं और एजेंसियों ने मिस्र से राफा सीमा पार कर गाजा में मानवीय सहायता पहुंचने का स्वागत किया है।</p>
<p>भारत ने रविवार को फलस्तीन के लोगों के लिए करीब साढ़े छह टन चिकित्सा सहायता और 32 टन आपदा राहत सामग्री भेजी। भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/136061/india-became-the-messiah-for-palestine-during-the-war"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-10/relief-material_large_1256_144.webp" alt=""></a><br /><p><strong>Israel vs Hamas: </strong>इजराइल और हमास के बीच जारी युद्ध की स्थिति लगातार चल रही है। इस युद्ध के बीच दुनिया भर के कई देशों ने गाजा के लोगों के लिए मदद सामग्री भेजी है। इसी कड़ी में भारत ने भी फिलिस्तीन के लोगों के लिए मदद भेजी है। इससे पहले संयुक्त राष्ट्र के नेताओं और एजेंसियों ने मिस्र से राफा सीमा पार कर गाजा में मानवीय सहायता पहुंचने का स्वागत किया है।</p>
<p>भारत ने रविवार को फलस्तीन के लोगों के लिए करीब साढ़े छह टन चिकित्सा सहायता और 32 टन आपदा राहत सामग्री भेजी। भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से इस संबंध में जानकारी दी गई है। भारतीय वायु सेना का सी-17 परिवहन विमान राहत सामग्री लेकर मिस्र के अल-अरिश हवाई अड्डे के लिए रवाना हो गया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, ‘‘भारत ने फलस्तीन के लोगों को मानवीय सहायता भेजी है। फलस्तीन के लोगों के लिए लगभग साढ़े छह टन चिकित्सा सहायता तथा 32 टन आपदा राहत सामग्री लेकर आईएएफ सी-17 मिस्र के अल-अरिश हवाई अड्डे के लिए रवाना हुआ।’’ </p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘सामग्री में आवश्यक जीवन रक्षक दवाएं, सर्जिकल सामान, तंबू, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, स्वच्छता संबंधी सामान, जल शुद्धिकरण के लिए टैबलेट सहित अन्य आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं।’’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गाजा के एक अस्पताल में नागरिकों की मौत पर संवेदना व्यक्त करने तथा इजराइल-फलस्तीन मुद्दे पर भारत की लंबे समय से चली आ रही ‘सैद्धांतिक स्थिति’ को दोहराने के तीन दिन बाद भारत ने यह सहायता भेजी है। प्रधानमंत्री ने बृहस्पतिवार को फलस्तीन प्राधिकरण के राष्ट्रपति महमूद अब्बास से कहा कि भारत फलस्तीन के लोगों के लिए मानवीय सहायता भेजना जारी रखेगा। भारत संयुक्त राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी (यूएनआरडब्ल्यूए) में योगदान के माध्यम से फलस्तीन और फलस्तीनी शरणार्थियों का समर्थन करता रहा है।</p>
<p>बता दें कि गाजा और मिस्र के बीच मौजूद राफा बॉर्डर क्रॉसिंग के जरिए राहत सामग्री फिलिस्तीनियों के बीच पहुंचेगी। गाजा पट्टी पर इजराइल ने जब से हमला किया है तभी से वहां का जनजीवन काफी प्रभावित हुआ है। लोगों को खाने-पीने की चीजों, दवाई व अन्य जरुरी सामान के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि इससे पहले शनिवार को भी राहत सामग्री लिए एक ट्रक गाजा पहुंचा था। अब तक कुल 20 ट्रकों के जरिए गाजा में राहत सामग्री पहुंचाई जा चुकी है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/136061/india-became-the-messiah-for-palestine-during-the-war</link>
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                <pubDate>Sun, 22 Oct 2023 13:09:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मिडिल ईस्ट में तबाही का मंजर अब दूर नहीं, अमेरिका ने दो खतरनाक मिसाइल सिस्टम को किया एक्टिव </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>International: </strong>अमेरिकी सैनिकों पर हाल के हमलों और इजराइल-हमास जंग के बीच बढ़ते तनाव के जवाब में अमेरिका मध्य पूर्व में अतिरिक्त मिसाइल डिफेंस सिस्टम तैनात कर रहा है. पेंटागन ने बताया कि एक टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस (THAAD) सिस्टम और पैट्रियट एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम की तैनाती की जा रही है. अतिरिक्त सेना और हथियारों की तैनाती का मकसद क्षेत्रीय प्रतिरोध को बढ़ाना, अमेरिकी सेना की रक्षा करना और इजराइल की रक्षा में मदद करना है.</p>
<p>THAAD सिस्टम को छोटी, मध्यम और मध्यवर्ती दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने और नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है.</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/136059/the-scene-of-devastation-in-the-middle-east-is-not"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-10/us-defense-system-1280-720-22-10-2023.webp" alt=""></a><br /><p><strong>International: </strong>अमेरिकी सैनिकों पर हाल के हमलों और इजराइल-हमास जंग के बीच बढ़ते तनाव के जवाब में अमेरिका मध्य पूर्व में अतिरिक्त मिसाइल डिफेंस सिस्टम तैनात कर रहा है. पेंटागन ने बताया कि एक टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस (THAAD) सिस्टम और पैट्रियट एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम की तैनाती की जा रही है. अतिरिक्त सेना और हथियारों की तैनाती का मकसद क्षेत्रीय प्रतिरोध को बढ़ाना, अमेरिकी सेना की रक्षा करना और इजराइल की रक्षा में मदद करना है.</p>
<p>THAAD सिस्टम को छोटी, मध्यम और मध्यवर्ती दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने और नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है. यह अपने शक्तिशाली रडार के लिए जाना जाता है और मिसाइल खतरों के खिलाफ क्षेत्रीय सुरक्षा को बढ़ाने का काम करेगा. पैट्रियट सिस्टम कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और अन्य हवाई खतरों से रक्षा करेगी. ये मिसाइल रक्षा सिस्टम मध्य पूर्व में अमेरिकी सेना और संपत्तियों की सुरक्षा और संरक्षण में योगदान देंगी.</p>
<p>मिसाइल डिफेंस सिस्टम की तैनाती के अलावा, अमेरिका ने इस क्षेत्र में अपनी नौसैनिक मौजूदगी भी बढ़ा दी है. दो युद्ध पोत आइजनहावर और गेराल्ड और उनके सहायक जहाजों और लगभग 2,000 नौसैनिकों को भूमध्यसागर में तैनात कर रखा है. गाजा में इजराइली एयर स्ट्राइक के बीच ईरान लगातार अरब देशों से एकजुटता की अपील कर रहा है. अरब के कई देशों में इजराइल के प्रति रुख बदलता दिख रहा है. ईरान समर्थित हथियारबंद संगठन इजराइल के खिलाफ उग्र हो रहे हैं. लेबनान में हिज्बुल्लाह और यमन में हौथीस इजराइल के खिलाफ खासतौर पर उग्र देखे गए हैं, जिन्होंने इजराइली सेना पर मिसाइल हमले किए हैं.</p>
<p>ईरान भी लगातार इजराइल को युद्ध रोकने की चेतावनी दे रहा है. सुप्रीम लीडर ने भी स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अगर गाजा में इजराइल लगातार मासूमों पर हमले करता रहा तो प्रतिरोधी संगठन को जवाब देने से कोई नहीं रोक सकता और ये कि वे अपना फैसला खुद लेते हैं. इस बीच अमेरिका द्वारा हथियारों, सैनिकों और युद्धपोतों की तैनाती से क्षेत्रीय तनाव में कमी आ सकती है. अमेरिका की इस तैनाती से क्षेत्र में हालात स्थिर हो सकते हैं.</p>
<p>गौरतलब है कि मिसाइल डिफेंस सिस्टम की यह तैनाती दो साल बाद हुई है जब जो बाइडेन प्रशासन ने ईरान के साथ तनाव में कमी का हवाला देते हुए क्षेत्र से कुछ एयर डिफेंस सिस्टम को वापस बुला लिया था. अपनी उन्नत क्षमताओं के लिए जानी जाने वाली पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम का दुनिया भर में अमेरिकी सहयोगी इस्तेमाल करते हैं.</p>
<p>ये तैनाती इराक और सीरिया में अमेरिकी सेना के खिलाफ हमलों में वृद्धि के बाद हुई है, खासकर इजराइल-हमास की जंग की शुरुआत के बाद से अमेरिका इन क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी बढ़ा रहा है. अमेरिकी सेना ने हाल ही में यमन में ईरानी समर्थित हौथिस द्वारा लॉन्च किए गए बड़ी संख्या में ड्रोन और क्रूज मिसाइलों को रोका था.</p>
<p><br /><br /></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Oct 2023 12:41:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>राहत बचाव कार्य जारी, 20 ट्रक जरूरत के सामानो को लेकर तैयार </title>
                                    <description><![CDATA[<p>इजराइल और फिलिस्तीनी समूह हमास के बीच युद्ध शनिवार को लगातार 15वें दिन में प्रवेश कर गया। हमास के हमलों में 1,400 से अधिक इजरायली मारे गए हैं, जबकि फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि इजरायल की जवाबी कार्रवाई में कम से कम 4,137 फिलिस्तीनी मारे गए हैं। हमास को खत्म करने की कसम खाने के बाद इजराइल गाजा पट्टी पर हवाई हमले कर रहा है।</p>
<p>संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि 140,000 से अधिक घर - गाजा में सभी घरों का लगभग एक तिहाई  क्षतिग्रस्त हो गए हैं, लगभग 13,000 पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं। इस बीच, व्हाइट</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/136027/relief-and-rescue-work-continues-20-trucks-ready-with-essential"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-10/gaza_large_1300_19.webp" alt=""></a><br /><p>इजराइल और फिलिस्तीनी समूह हमास के बीच युद्ध शनिवार को लगातार 15वें दिन में प्रवेश कर गया। हमास के हमलों में 1,400 से अधिक इजरायली मारे गए हैं, जबकि फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि इजरायल की जवाबी कार्रवाई में कम से कम 4,137 फिलिस्तीनी मारे गए हैं। हमास को खत्म करने की कसम खाने के बाद इजराइल गाजा पट्टी पर हवाई हमले कर रहा है।</p>
<p>संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि 140,000 से अधिक घर - गाजा में सभी घरों का लगभग एक तिहाई  क्षतिग्रस्त हो गए हैं, लगभग 13,000 पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं। इस बीच, व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन और इजरायली प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मिस्र से गाजा में मानवीय सहायता शुरू करने की योजना पर चर्चा की। </p>
<p>बाइडेन ने कहा कि उनका मानना ​​​​है कि सहायता ले जाने वाले ट्रक अगले 24-48 घंटों में गाजा पहुंच जाएंगे। हमास के राजनीतिक ब्यूरो के एक सदस्य ने अल जज़ीरा को बताया कि अगर इजरायली सेना अपनी आक्रामकता बंद कर देती है तो समूह अपने पकड़े गए नागरिकों को रिहा कर देगा।</p>
<p>हालाँकि, मोहम्मद नज्जल ने समूह द्वारा आयोजित नागरिकों और सैन्य और बसने वाले तत्वों के बीच अंतर किया। यह फिलिस्तीनी समूह द्वारा पिछले दो सप्ताह से बंधक बनाए गए दो अमेरिकी नागरिकों को रिहा करने के बाद आया है।</p>
<p>इजराइल में अमेरिकी दूतावास ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि गाजा-मिस्र सीमा शनिवार को स्थानीय समयानुसार सुबह 10 बजे (भारतीय समयानुसार दोपहर 12:30 बजे) खुलेगी। दूतावास ने एक बयान में कहा कि अगर सीमा खोली जाती है, तो हमें नहीं पता कि यह विदेशी नागरिकों के लिए गाजा छोड़ने के लिए कितने समय तक खुली रहेगी।</p>
<p>इसके अलावा, इसने अमेरिकी नागरिकों को सलाह दी कि वे सीमा की ओर बढ़ने या पार करने का प्रयास करने से पहले सावधानी बरतें क्योंकि स्थिति गतिशील और अस्थिर बनी हुई है और सुरक्षा वातावरण अप्रत्याशित है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Oct 2023 16:49:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इजराइल ने कैसे कब्ज़ा किया 88% जमीन, और फिलिस्तीन 12% में सिमटा </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Israel vs Hamas: </strong>इजराइल ने हमास के खिलाफ बारूदी बदला लेने की ठान ली है. हमास के ठिकानों को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है. इजराइली फोर्स एयरस्ट्राइक में बहुमंजिला इमारत को निशाना बना रही है, जिसमें इमारत कुछ ही पल में मलबे में तब्दील हो रही है. गाजा में स्ट्राइक के जवाब में इजराइल को हमास ने धमकी देते हुए कहा है कि हर घर पर बमबारी के बदले में इजराइली बंधक की जान लेंगे और बंधकों की मौत का लाइव टेलिकास्ट भी किया जाएगा.</p>
<p>इजरािल की ताकत से हमास वाकिफ है. हमास जानता है आर-पार की लड़ाई में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/135791/how-israel-captured-88-pieces-of-land-and-palestine-was"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-10/palestine-1.webp" alt=""></a><br /><p><strong>Israel vs Hamas: </strong>इजराइल ने हमास के खिलाफ बारूदी बदला लेने की ठान ली है. हमास के ठिकानों को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है. इजराइली फोर्स एयरस्ट्राइक में बहुमंजिला इमारत को निशाना बना रही है, जिसमें इमारत कुछ ही पल में मलबे में तब्दील हो रही है. गाजा में स्ट्राइक के जवाब में इजराइल को हमास ने धमकी देते हुए कहा है कि हर घर पर बमबारी के बदले में इजराइली बंधक की जान लेंगे और बंधकों की मौत का लाइव टेलिकास्ट भी किया जाएगा.</p>
<p>इजरािल की ताकत से हमास वाकिफ है. हमास जानता है आर-पार की लड़ाई में वो इजराइल के सामने लंबे वक्त तक नहीं टिक सकता, लेकिन फिर भी उसने 7 सितंबर को अबतक का सबसे भीषण हमला किया. दरअसल हमास ने ऑपरेशन अल अक्सा फ्लड के तहत इजराइल से विदेशी नागरिकों को बंधक बनाना का खास प्लान तैयार किया था. अब इन बंधकों को गाजा में बनी सीक्रेट टनल में छिपाकर रखा गया है, जहां तक दुनिया की किसी भी सीक्रेट एजेंसी का पहुंचना और बंधकों को आजाद कराना बेहद मुश्किल है.</p>
<p>इजराइल और फिलिस्तीन मिडिल ईस्ट में आते हैं और यह एशिया की आखिरी लाइन है. पहले यह पूरा इलाका मुस्लिमों का था और इसको फिलिस्तीन के नाम से जाना जाता था, लेकिन 14 मई 1948 को इजराइल बनने के बाद इसको यहां पर 44 प्रतिशत जमीन दे दी गई. इसके साथ ही फिलिस्तीन को 48 फीसदी और बाकी की 8 प्रतिशत पर यूएनओ का कब्जा रहा, जिसमें येरूशलम शामिल था. इसके पीछे यूएनओ ने तर्क दिया कि येरूशलम यहूदी, मुस्लिम और ईसाई तीनों के लिए पवित्र स्थान है, इसलिए यह किसी एक को नहीं दिया जा सकता है.</p>
<p>इजराइल के बनने के साथ ही उसपर युद्ध कर दिया, जिसमें उनकी करारी हार हुई और इजराइल ने फिलिस्तीन के 26 प्रतिशत जमीन पर कब्जा कर लिया. अब सिर्फ फिलिस्तीन के पास 22 प्रतिशत जमीन ही बची. दोनों देशों के बीच दुश्मनी बरकरार रही और फिर 1956, 1967, 1973, 1983 और 2011 में लड़ाई हुई, जिसमें इजराइल ने फिलिस्तीन की 10 फीसदी जमीन को फिर छीन लिया. ऐसे में साल 1948 में जिस फिलिस्तीन को 48 प्रतिशत जमीन मिली थी अब उसके पास सिर्फ 12 फीसदी जमीन ही बची है और वह उसको बचाने के लिए भी संघर्ष कर रहा है.</p>
<p>जो येरूशलम यूएनओ के अंदर आता है, उसके पास एक जगह शेख जर्राह है. इजराइल की सुप्रीम ने एक आदेश देते हुए कहा कि शेख जर्राह में जो फिलिस्तीन रहते हैं, उनको यहां से हटा दिया जाए क्योंकि यह जगह यहूदियों का है. शेख जर्राह की जमीन को करीब 150 साल पहले यहूदियों ने अरब देशों से खरीदना शुरू किया. इनके पास इसके पेपर थे और सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यहां पर जो फिलिस्तीन के लोगों ने करीब 500 मकान बनाए हुए हैं, उनको जेसीबी मशीन लगाकर तोड़ दिया जाए. इसी बात को लेकर फिलिस्तीन के लोगों ने बवाल शुरू कर दिया और कहा कि आप पुराना मामला क्यों उठा रहे है, क्योंकि यह 150 साल पहले का है.</p>
<p>फिलिस्तीन का समर्थन करने वाले लोग अक्सर कहते है कि 150 साल पुराना मामला उठाओगे तो विवाद होगा, लेकिन वह एक ऐसे ही मामले को लेकर तुर्की पर चुप्पी साध लेते हैं. तुर्की में सुल्तान अल फतेह नाम का एक शासक हुआ करता था, जिन्होंने वहां की हाजिया सोफिया मस्जिद जो उस समय एक चर्चा होता था उसको खरीद लिया.</p>
<p>उसके बाद दूसरे विश्व युद्ध के दौरान अंग्रेजों ने ओटोमन एम्पायर को हरा दिया तो उनका कहना था कि यह इतिहास के हिसाब से चर्च था और इन्होंने इसे खरीदकर मस्जिद बना दिया. ऐसे में इसके विवाद को खत्म करने के लिए हाजिया सोफिया को म्यूजियम बनाने का फैसला किया. लेकिन एर्गोदान ने सत्ता संभालने के बाद कहा कि इसको 400 साल पहले हमने खरीदा था तो इसपर हमारा अधिकार और इसको मस्जिद होना चाहिए.</p>
<p>अब सिर्फ फिलिस्तीन के दो टुकड़े बचे हैं, जिसमें एक गाजा पट्टी और एक वेस्ट बैंक का हिस्सा है. वेस्ट बैंक नरम दल वाले हैं और वह बिना किसी हिंसा का सहारा लिए इजराइल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हैं. वेस्ट बैंक को अरब देशों का समर्थन हासिल है, जबकि गाजा पट्टी को ईरान का. जब भी इजराइल पर रॉकेट से हमला किया जाता है तो वह गाजा पट्टी से किया जाता और उसको सभी हथियार मुहैया कराने का आरोप भी ईरान पर ही लगता है.</p>
<p>गाजा पट्टी में हमास नाम का एक संगठन है, जिसको इजराइल आतंकी संगठन कहता है. हमास का कहना है इजराइल हमेशा जुर्म करता है और हम अपने लोगों की मौत का बदला लेंगे.</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Oct 2023 09:37:00 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>भारत को खालिस्तान आतंकी ने फिर दी धमकी, हमास की तरह करेंगे पंजाब पर हमला </title>
                                    <description><![CDATA[<p>खालिस्तानी आतंकवादी और सिख फॉर जस्टिस के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू ने भारत को फिर धमकी दी है। भारत सरकार और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को धमकाते हुए पन्नू ने कहा कि वह भारत पर उसी तरह हमला करेगा जैसे हमास ने इसराईल पर किया है। भारत सरकार और सी.एम. मान को पन्नू ने इसराईल में हमास के हमले से सीख लेने को कहा। </p>
<p>खालिस्तानी आतंकी ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर कर यह धमकी दी है। यह 40 सैकेंड का वीडियो है जिसमें पन्नू भारत के खिलाफ जहर उगलता दिख रहा है। उसने कहा कि हम पंजाब</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/135741/khalistan-terrorist-again-threatens-india-will-attack-punjab-like-hamas"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-10/2023_9image_11_50_379478299pannu-ll.jpg" alt=""></a><br /><p>खालिस्तानी आतंकवादी और सिख फॉर जस्टिस के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू ने भारत को फिर धमकी दी है। भारत सरकार और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को धमकाते हुए पन्नू ने कहा कि वह भारत पर उसी तरह हमला करेगा जैसे हमास ने इसराईल पर किया है। भारत सरकार और सी.एम. मान को पन्नू ने इसराईल में हमास के हमले से सीख लेने को कहा। </p>
<p>खालिस्तानी आतंकी ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर कर यह धमकी दी है। यह 40 सैकेंड का वीडियो है जिसमें पन्नू भारत के खिलाफ जहर उगलता दिख रहा है। उसने कहा कि हम पंजाब को भारत का हिस्सा नहीं मानते और इसे आजाद करवा कर रहेंगे।</p>
<p>पन्नू ने कहा कि  इसराईल की तर्ज पर भारत ने पंजाब पर नियंत्रण हासिल कर लिया है। अगर इंडिया हिंसा करेगा तो हम भी हिंसा शुरू कर देंगे। उसने कहा कि सिख फॉर जस्टिस वोटिंग में विश्वास रखता है। आप भी वोट पर भरोसा रखें। पंजाब के अलग होने का दिन करीब आ गया है। वोटिंग चाहते हैं या आपको गोली चाहिए?</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Oct 2023 11:10:59 +0530</pubDate>
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