<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/103864/smart-governance" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>Smart Governance - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/103864/rss</link>
                <description>Smart Governance RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पथ निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को लगाई फटकार</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>रांची, झारखंड:-</strong> मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड मंत्रालय में पथ निर्माण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए विभागीय अधिकारियों को लंबित परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनावश्यक देरी या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">      यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरे नहीं हुए तो संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। बैठक में विभागीय अधिकारियों ने पिछले पांच वर्षों के दौरान सड़क, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज और पुल-पुलियों से संबंधित निर्माणाधीन एवं पूर्ण परियोजनाओं</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>   </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183447/chief-minister-hemant-soren-reprimanded-the-officials-in-the-review"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/news-6-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>रांची, झारखंड:-</strong> मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड मंत्रालय में पथ निर्माण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए विभागीय अधिकारियों को लंबित परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनावश्यक देरी या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">   यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरे नहीं हुए तो संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। बैठक में विभागीय अधिकारियों ने पिछले पांच वर्षों के दौरान सड़क, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज और पुल-पुलियों से संबंधित निर्माणाधीन एवं पूर्ण परियोजनाओं की विस्तृत प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री ने सभी परियोजनाओं की प्रगति का गहन अवलोकन करते हुए कार्यों में हो रही देरी पर नाराजगी जताई और कहा कि सभी योजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा करना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>   ■ हर परियोजना का डेटाबेस और जियो-टैगिंग होगी अनिवार्य</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने पथ निर्माण विभाग को राज्य की सभी परियोजनाओं का अद्यतन एवं सुव्यवस्थित डेटाबेस तैयार करने तथा प्रत्येक परियोजना की जियो-टैगिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि हर परियोजना की लागत, प्रगति, समय-सीमा और वर्तमान स्थिति का स्पष्ट रिकॉर्ड उपलब्ध होना चाहिए, ताकि निगरानी प्रणाली अधिक प्रभावी और पारदर्शी बन सके। उन्होंने कहा कि जियो-टैगिंग से जवाबदेही बढ़ेगी और कार्यों की वास्तविक स्थिति की आसानी से समीक्षा की जा सकेगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>   ■ सोशल मीडिया और मीडिया में मिलने वाली शिकायतों पर तुरंत हो कार्रवाई</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से लगातार सड़कों की खराब स्थिति, गड्ढों, जलजमाव और निर्माण कार्यों में अनियमितताओं की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसी सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई करें और उनके समाधान का अद्यतन रिकॉर्ड भी तैयार रखें।  उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में खराब सड़कें दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं। इसलिए गड्ढों की तत्काल मरम्मत, जल निकासी की समुचित व्यवस्था तथा सड़कों की गुणवत्ता में सुधार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। साथ ही संकीर्ण सड़कों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण पर भी विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>   ■ दो माह में प्रमुख परियोजनाएं पूरी करने का निर्देश</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन सड़क, फ्लाईओवर और पुल-पुलिया परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य की कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं वर्षों से अधूरी पड़ी हैं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने राजधानी रांची सहित राज्य के अन्य जिलों में लंबित प्रमुख परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर अगले दो माह के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरे नहीं किए गए तो संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>    ■ गुणवत्ता और नियमित मॉनिटरिंग पर विशेष जोर</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने सोलर साइकिल ट्रैक सहित अन्य नई परियोजनाओं की भी समीक्षा की और सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, मजबूती और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुल-पुलियों के किनारों को मजबूत बनाने, जल निकासी की बेहतर व्यवस्था करने तथा प्रत्येक परियोजना की नियमित मॉनिटरिंग करने पर विशेष बल दिया। बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, पथ निर्माण विभाग के सचिव सुनील कुमार, अभियंता प्रमुख प्रवीण जयंत भेंगरा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/183447/chief-minister-hemant-soren-reprimanded-the-officials-in-the-review</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/183447/chief-minister-hemant-soren-reprimanded-the-officials-in-the-review</guid>
                <pubDate>Wed, 15 Jul 2026 22:13:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/news-6-%281%29.jpg"                         length="124936"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महाकुंभ-2025 को नवाचार  हेतु मिला राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार।</title>
                                    <description><![CDATA[स्वच्छता के बाद ई-गवर्नेंस में भी महाकुंभ ने रचा इतिहास:नगर।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182663/mahakumbh-2025-received-national-e-governance-award-for-innovation"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1001857032.jpg" alt=""></a><br /><div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री  ए.के. शर्मा ने महाकुंभ-2025 को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उत्तर प्रदेश की उत्कृष्ट प्रशासनिक क्षमता, आधुनिक तकनीक आधारित प्रबंधन और सुशासन की राष्ट्रीय स्तर पर हुई प्रतिष्ठा का प्रमाण है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि महाकुंभ-2025 अनेक मायनों में दिव्य, भव्य, अद्भुत और विलक्षण आयोजन रहा। इस आयोजन ने न केवल भारत की प्राचीन सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत को विश्व के सामने गौरवपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया, बल्कि आधुनिक तकनीक, डिजिटल नवाचार और कुशल प्रशासन के माध्यम से विकसित भारत की नई तस्वीर भी दुनिया को दिखाई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">श्री शर्मा ने कहा कि महाकुंभ 2025 को इससे पूर्व भारत सरकार द्वारा स्वच्छता-उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया गया था और अब केंद्र सरकार द्वारा ई-गवर्नेंस के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जाना इस बात का प्रमाण है कि उत्तर प्रदेश ने आयोजन, प्रबंधन, स्वच्छता और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में नए राष्ट्रीय मानक स्थापित किए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि जब महाकुंभ की तैयारियां प्रारंभ हुई थीं, तभी यह स्पष्ट किया गया था कि यह महाकुंभ डिजिटल होगा, आधुनिक तकनीक से संचालित होगा। आज राष्ट्रीय स्तर पर मिले इस सम्मान ने उस संकल्प पर भारत सरकार की भी मुहर लगा दी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन तथा  मुख्यमंत्री </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">योगी आदित्यनाथ जी के दूरदर्शी नेतृत्व, प्रेरणा और सतत दिशा-निर्देश को देते हुए उनके प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।उन्होंने महाकुंभ-2025 के सफल आयोजन में योगदान देने वाले सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, सुरक्षा बलों, स्वच्छता कर्मियों, तकनीकी विशेषज्ञों तथा प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से जुड़े प्रत्येक कर्मयोगी को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि उनके समर्पण, अनुशासन और अथक परिश्रम ने इस आयोजन को वैश्विक स्तर पर एक अनुकरणीय मॉडल बनाया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तर प्रदेश आगे भी सुशासन, डिजिटल नवाचार और जनसेवा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करता रहेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182663/mahakumbh-2025-received-national-e-governance-award-for-innovation</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/182663/mahakumbh-2025-received-national-e-governance-award-for-innovation</guid>
                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 21:37:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/1001857032.jpg"                         length="238971"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मोदी की 12 वर्षों की सत्ता और आम आदमी: वादे, बदलाव और ज़मीनी हकीकत</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1">राजीव शुक्ल-संपादक </blockquote>
<p>2014 में “अच्छे दिन आएंगे” के नारे के साथ केंद्र की सत्ता संभालने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मई 2026 तक लगातार 12 साल प्रधानमंत्री रह चुके हैं। यह भारत के स्वतंत्र इतिहास में सबसे लंबी अखंड सत्ता वाले प्रधानमंत्रियों में से एक कार्यकाल है। इस दौरान सरकार की नीतियों, योजनाओं और राजनीतिक शैली का सीधा असर आम आदमी की रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर पड़ा है। अलग हम कल्याणकारी योजनाओं और उनके विस्तार के विषय में बात करें तो उनकी फेरहिस्त काफी लंबी है।</p>
<p><br />पिछले 12 साल में सरकार ने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण को आधार बनाकर योजनाओं का दायरा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181933/modis-12-years-in-power-and-common-mans-promises-change"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/images-(3).jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1">राजीव शुक्ल-संपादक </blockquote>
<p>2014 में “अच्छे दिन आएंगे” के नारे के साथ केंद्र की सत्ता संभालने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मई 2026 तक लगातार 12 साल प्रधानमंत्री रह चुके हैं। यह भारत के स्वतंत्र इतिहास में सबसे लंबी अखंड सत्ता वाले प्रधानमंत्रियों में से एक कार्यकाल है। इस दौरान सरकार की नीतियों, योजनाओं और राजनीतिक शैली का सीधा असर आम आदमी की रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर पड़ा है। अलग हम कल्याणकारी योजनाओं और उनके विस्तार के विषय में बात करें तो उनकी फेरहिस्त काफी लंबी है।</p>
<p><br />पिछले 12 साल में सरकार ने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण को आधार बनाकर योजनाओं का दायरा बढ़ाया। उज्ज्वला योजना के तहत करोड़ों महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन मिला। स्वच्छ भारत मिशन ने ग्रामीण शौचालय कवरेज को तेज़ी से बढ़ाया। आयुष्मान भारत योजना ने 5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा गरीब परिवारों तक पहुंचाया। जनधन खातों ने वित्तीय समावेशन को बढ़ाया और कोविड काल में डीबीटी से करोड़ों लोगों को सीधी मदद मिली। </p>
<p><br />आम आदमी के लिए इसका मतलब यह हुआ कि सरकारी लाभ के लिए बिचौलियों पर निर्भरता घटी। बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट का दायरा बढ़ा, जिससे UPI आज छोटे दुकानदार से लेकर ठेले वाले तक इस्तेमाल कर रहे हैं।</p>
<p><br />                हम बात करें इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल भारत की तो इसमें भी प्रगति हुई है और कई सुधार अभी भी बाकी हैं। सड़क, रेल, हवाई अड्डे और एक्सप्रेसवे के निर्माण में तेज़ी आई। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, अटल टनल, और नए वंदे भारत ट्रेनें आम यात्रियों के सफर को तेज़ और सुरक्षित बनाने की कोशिश हैं। डिजिटल इंडिया के तहत इंटरनेट और स्मार्टफोन की पहुंच गांवों तक बढ़ी। इससे शिक्षा, बैंकिंग और सरकारी सेवाएं मोबाइल पर आ गईं।</p>
<p><br />आम आदमी के लिए इसका फायदा समय की बचत और लागत में कमी के रूप में दिखा। लेकिन ग्रामीण इलाकों में अभी भी इंटरनेट की गुणवत्ता और बिजली की आपूर्ति असमान बनी हुई है। हालांकि कर और अर्थव्यवस्था में बदलाव तो हुआ है लेकिन महंगाई के कारण अभी उतनी राहत महसूस नहीं हुई है । GST लागू होने से अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था एकजुट हुई। छोटे व्यापारियों के लिए शुरू में जटिलता बढ़ी, लेकिन धीरे-धीरे फाइलिंग आसान हुई। नोटबंदी 2016 का मकसद काला धन और नकली नोट पर चोट था, लेकिन इसका तत्काल असर छोटे कारोबार और दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ा। महंगाई, बेरोजगारी और निजी निवेश की रफ्तार आम आदमी की सबसे बड़ी चिंता बनी रही। कोरोना के बाद रिकवरी तेज़ रही, लेकिन असंगठित क्षेत्र में रोज़गार और आय अभी भी पूरी तरह पटरी पर नहीं आई है।</p>
<p><br /> राजनीतिक संवाद और छवि की बात की जाये तो इसमें मोदी सरकार का कोई जोड़ नहीं है। मोदी की सरकार ने सीधे संवाद पर ज़ोर दिया। मन की बात, सोशल मीडिया और रैलियों के ज़रिए प्रधानमंत्री खुद जनता से जुड़े रहे। “सबका साथ, सबका विकास” का नारा केंद्र में रहा। विरोधियों का आरोप रहा कि आलोचना को जगह कम मिली और मीडिया पर नियंत्रण बढ़ा। आम आदमी के लिए इसका असर यह हुआ कि सरकार की योजनाओं की जानकारी तेज़ी से पहुंची, लेकिन विपरीत राय और स्थानीय समस्याएं कई बार राष्ट्रीय बहस में जगह नहीं बना पाईं।</p>
<p><br /> अलग हम इसकी ज़मीनी हकीकत जानें और यह पता करें कि क्या बदला? तो 12 साल में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि सरकार सीधे नागरिक तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पहले जहां फाइलों और दफ्तरों में काम अटकता था, अब ऑनलाइन पोर्टल और ऐप्स से काम होता है। गरीबों के लिए रसोई गैस, शौचालय, बिजली और बैंक खाता पहले से ज्यादा सुलभ हुए हैं। दूसरी तरफ, महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की आय और शिक्षा-स्वास्थ्य की गुणवत्ता जैसे मुद्दे अभी भी चुनौती हैं। मध्यम वर्ग टैक्स और जीवनयापन की लागत को लेकर दबाव महसूस करता है। ग्रामीण भारत में कृषि पर निर्भरता और मौसम की मार अब भी जीवन को अनिश्चित रखती है।</p>
<p>मोदी की 12 साल की सत्ता ने आम आदमी की ज़िंदगी में बुनियादी सुविधाओं और डिजिटल पहुंच के मामले में ठोस बदलाव लाए हैं। योजनाओं का लाभ पहले से ज्यादा पारदर्शी हुआ है। लेकिन रोज़गार, महंगाई और असमानता जैसे संरचनात्मक मुद्दे बने हुए हैं। आम आदमी के लिए यह कार्यकाल सुविधाओं में बढ़ोतरी और आर्थिक दबाव दोनों का मिश्रण रहा है। 2026 की सियासत इस बात पर टिकी होगी कि क्या सरकार इन बदलावों को स्थायी रोज़गार और आय में बदल पाती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181933/modis-12-years-in-power-and-common-mans-promises-change</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/181933/modis-12-years-in-power-and-common-mans-promises-change</guid>
                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 17:41:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/images-%283%29.jpeg"                         length="33891"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        