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                <title>civil court - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>civil court RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>लखनऊ की विशेष पॉक्सो अदालत का फैसला: दुष्कर्म व पॉक्सो आरोपों से आरोपी बरी, आपराधिक धमकी में एक वर्ष की सजा</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">लखनऊ</span>,</strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">लखनऊ की विशेष पॉक्सो अदालत ने वर्ष </span>2018<span lang="hi" xml:lang="hi">  में दर्ज एक गंभीर आपराधिक मामले में फैसला सुनाया है। विशेष पॉक्सो न्यायालय के न्यायाधीश मोहम्मद कमरुज्जमा खान ने आरोपी पवन लोधी को भारतीय दंड संहिता की धारा </span>506 (<span lang="hi" xml:lang="hi">आपराधिक धमकी) के तहत दोषी ठहराते हुए एक वर्ष के साधारण कारावास तथा </span>5,000<span lang="hi" xml:lang="hi">  रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में आरोपी को </span>10<span lang="hi" xml:lang="hi">  दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा </span>376 (<span lang="hi" xml:lang="hi">दुष्कर्म) और पॉक्सो अधिनियम</span>, 2012<span lang="hi" xml:lang="hi">  की धाराओं </span>3/4<span lang="hi" xml:lang="hi"> के</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169100/decision-of-lucknows-special-pocso-court-acquits-accused-of-rape"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/2023031546.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">लखनऊ</span>,</strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">लखनऊ की विशेष पॉक्सो अदालत ने वर्ष </span>2018<span lang="hi" xml:lang="hi"> में दर्ज एक गंभीर आपराधिक मामले में फैसला सुनाया है। विशेष पॉक्सो न्यायालय के न्यायाधीश मोहम्मद कमरुज्जमा खान ने आरोपी पवन लोधी को भारतीय दंड संहिता की धारा </span>506 (<span lang="hi" xml:lang="hi">आपराधिक धमकी) के तहत दोषी ठहराते हुए एक वर्ष के साधारण कारावास तथा </span>5,000<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में आरोपी को </span>10<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा </span>376 (<span lang="hi" xml:lang="hi">दुष्कर्म) और पॉक्सो अधिनियम</span>, 2012<span lang="hi" xml:lang="hi"> की धाराओं </span>3/4<span lang="hi" xml:lang="hi"> के तहत लगाए गए आरोपों से साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यह मामला थाना कृष्णानगर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लखनऊ में दर्ज एफआईआर संख्या </span>395/2018<span lang="hi" xml:lang="hi"> से संबंधित है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो </span>25<span lang="hi" xml:lang="hi"> जुलाई </span>2018<span lang="hi" xml:lang="hi"> को दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने विवाह का आश्वासन देकर लगभग एक वर्ष तक उससे शारीरिक संबंध बनाए और बाद में विवाह से इंकार करने पर उसे तथा उसके परिजनों को जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराएं </span>376<span lang="hi" xml:lang="hi"> और </span>506<span lang="hi" xml:lang="hi"> तथा पॉक्सो अधिनियम की धाराएं </span>3/4<span lang="hi" xml:lang="hi"> में आरोप पत्र दाखिल किया था।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पीड़िता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसके परिजन और अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इसके साथ ही पीड़िता की मेडिकल और रेडियोलॉजिकल जांच रिपोर्ट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विद्यालयीय अभिलेख</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आयु से संबंधित दस्तावेज तथा धारा </span>161<span lang="hi" xml:lang="hi"> और </span>164<span lang="hi" xml:lang="hi"> सीआरपीसी के अंतर्गत दर्ज बयान अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए गए। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी अधिवक्ता वीरेंद्र चौधरी और सुमन ने दलील दी कि घटना के समय पीड़िता नाबालिग थी और आरोपी ने गंभीर अपराध किया है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अभिषेक उपाध्याय और अरुण कुमार ने अभियोजन के साक्ष्यों पर आपत्ति उठाते हुए पीड़िता की आयु से जुड़े दस्तावेजों में विरोधाभास की बात रखी। बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि अभियोजन यह सिद्ध नहीं कर सका कि कथित घटना के समय पीड़िता नाबालिग थी या शारीरिक संबंध उसकी इच्छा के विरुद्ध बनाए गए थे।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सभी साक्ष्यों और दलीलों पर विचार करने के बाद न्यायालय ने कहा कि पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत अपराध सिद्ध करने के लिए पीड़िता की आयु का संदेह से परे प्रमाण आवश्यक है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो इस मामले में प्रस्तुत नहीं हो सका। इसी आधार पर आरोपी को दुष्कर्म और पॉक्सो अधिनियम के आरोपों से बरी किया गया। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अदालत ने यह पाया कि आरोपी द्वारा पीड़िता और उसके परिजनों को धमकी देने का आरोप सुसंगत गवाहियों से सिद्ध होता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिस पर उसे भारतीय दंड संहिता की धारा </span>506<span lang="hi" xml:lang="hi"> के तहत दोषी ठहराया गया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अदालत ने यह भी आदेश दिया कि आरोपी को न्यायिक हिरासत में बिताई गई अवधि का लाभ धारा </span>428<span lang="hi" xml:lang="hi"> सीआरपीसी के अंतर्गत दिया जाएगा तथा फैसले की प्रमाणित प्रति आरोपी को निःशुल्क उपलब्ध कराई जाए। जेल प्रशासन को सजा से संबंधित सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला स्पष्ट करता है कि पॉक्सो जैसे गंभीर मामलों में पीड़ित की आयु और घटनाक्रम से जुड़े ठोस प्रमाण निर्णायक होते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि आपराधिक धमकी जैसे अपराधों पर अदालतें सख्त रुख अपनाती हैं।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 22:30:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जिला जज ने सिविल न्यायालय का किया औचक निरीक्षण </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज, प्रतापगढ़।</strong> जिला जज राजीव कमल पाण्डेय ने सोमवार को स्थानीय वाह्य न्यायालय सीनियर डिवीजन का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण को पहुंचे जिला जज से अधिवक्ताओ ने भी शिष्टाचार भेंट कर उन्हें विभिन्न समस्याओ का मांग पत्र सौंपा। जिला जज राजीव कमल पाण्डेय दोपहर अचानक दीवानी अदालत का निरीक्षण करने आ पहुंचे। सीजेएम कुमुद उपाध्याय के साथ उन्होने न्यायालय कक्षों का निरीक्षण किया। जिला जज राजीव ने वाद पत्रावलियों के रखरखाव को भी देखा। वही उन्होने न्यायिक मामलो के निस्तारण की प्रगति की भी जानकारी ली। जिला जज ने न्यायालय परिसर मे साफ सफाई पर विशेष जोर दिया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">वहीं उन्होने</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/159627/district-judge-did-surprise-inspection-of-civil-court"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/img-20251110-wa0198.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज, प्रतापगढ़।</strong> जिला जज राजीव कमल पाण्डेय ने सोमवार को स्थानीय वाह्य न्यायालय सीनियर डिवीजन का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण को पहुंचे जिला जज से अधिवक्ताओ ने भी शिष्टाचार भेंट कर उन्हें विभिन्न समस्याओ का मांग पत्र सौंपा। जिला जज राजीव कमल पाण्डेय दोपहर अचानक दीवानी अदालत का निरीक्षण करने आ पहुंचे। सीजेएम कुमुद उपाध्याय के साथ उन्होने न्यायालय कक्षों का निरीक्षण किया। जिला जज राजीव ने वाद पत्रावलियों के रखरखाव को भी देखा। वही उन्होने न्यायिक मामलो के निस्तारण की प्रगति की भी जानकारी ली। जिला जज ने न्यायालय परिसर मे साफ सफाई पर विशेष जोर दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वहीं उन्होने न्यायिक वातावरण को सुदृढ़ बनाए जाने के लिए बार और बेंच के समन्वय पर भी खासा जोर दिया। संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अनिल कुमार तिवारी महेश तथा वरिष्ठ उपाध्यक्ष अम्बुज पाण्डेय एवं ऑल इण्डिया रूरल बार एसोसिएसन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञानप्रकाश शुक्ल के संयुक्त नेतृत्व में अधिवक्ताओ ने जिला जज को बुकें भेंट कर सम्मानित किया। अधिवक्ताओं ने जिला जज को तीन सूत्रीय मांग पत्र भी सौंपा। इसमें लालगंज दीवानी न्यायालय के अपर जिला जज न्यायालय में वादों को दायर करने, लीलापुर, सांगीपुर एवं संग्रामगढ़ थानो के क्षेत्राधिकार प्रदान किये जाने और पुरानी पत्रावलियों की भी सुनवाई यहां कराये जाने को लेकर जिला जज से अनुरोध किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान लालगंज के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्टेªट विराटमणि त्रिपाठी एवं सिविल जज डा0 के0 मल्लिकार्जुन ने जिला जज को न्यायिक मामलो से सम्बन्धित जानकारियां प्रदान की। अधिवक्ताओं की ओर से ज्ञापन देने वालों में उमेश नारायण तिवारी, रमेश पाण्डेय, आशुतोष सिंह, शैलेन्द्र तिवारी, शशि शेखर पाण्डेय, जान्हवी प्रताप सिंह, अजय यादव आदि अधिवक्ता रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/159627/district-judge-did-surprise-inspection-of-civil-court</link>
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                <pubDate>Mon, 10 Nov 2025 19:29:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत यादव के 30 वर्ष : न्याय, संघर्ष और सेवा का अद्भुत संगम</title>
                                    <description><![CDATA[<h1>  </h1>
<blockquote class="format1"><strong>राजधानी लखनऊ से विशेष संवाददाता</strong></blockquote>
<h3>  </h3>
<h5><em>"न्याय केवल अदालत की दीवारों तक सीमित नहीं होता,<br />यह समाज के सबसे अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए।"</em><br />— वरिष्ठ अधिवक्ता <strong>अजीत यादव</strong></h5>
<hr />
<h3><strong>न्याय के लिए समर्पित तीन दशक</strong></h3>
<p>उत्तर प्रदेश की राजधानी <strong>लखनऊ</strong> के जिला एवं सत्र न्यायालय तथा उच्च न्यायालय के गलियारों में न्याय के लिए निरंतर संघर्ष करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता <strong>अजीत यादव</strong> ने अपने पेशेवर जीवन के <strong>30 वर्ष पूर्ण</strong> कर लिए हैं। इस अवसर पर उनके चेंबर में अधिवक्ताओं, शुभचिंतकों और समाजसेवियों का जमावड़ा लगा रहा।</p>
<p>अधिवक्ता जगत के कई वरिष्ठ साथियों ने उन्हें बधाई दी और उनके कार्यों को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/155142/senior-advocate-ajit-yadavs-30-years-complete-unique-journey"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/whatsapp-image-2025-09-15-at-21.01.50_920a5c8a.jpg" alt=""></a><br /><h1> </h1>
<blockquote class="format1"><strong>राजधानी लखनऊ से विशेष संवाददाता</strong></blockquote>
<h3> </h3>
<h5><em>"न्याय केवल अदालत की दीवारों तक सीमित नहीं होता,<br />यह समाज के सबसे अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए।"</em><br />— वरिष्ठ अधिवक्ता <strong>अजीत यादव</strong></h5>
<hr />
<h3><strong>न्याय के लिए समर्पित तीन दशक</strong></h3>
<p>उत्तर प्रदेश की राजधानी <strong>लखनऊ</strong> के जिला एवं सत्र न्यायालय तथा उच्च न्यायालय के गलियारों में न्याय के लिए निरंतर संघर्ष करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता <strong>अजीत यादव</strong> ने अपने पेशेवर जीवन के <strong>30 वर्ष पूर्ण</strong> कर लिए हैं। इस अवसर पर उनके चेंबर में अधिवक्ताओं, शुभचिंतकों और समाजसेवियों का जमावड़ा लगा रहा।</p>
<p>अधिवक्ता जगत के कई वरिष्ठ साथियों ने उन्हें बधाई दी और उनके कार्यों को न्यायिक सेवा का प्रेरणादायी उदाहरण बताया। अधिवक्ता <strong>आई.पी. सिंह</strong> ने उन्हें विशेष रूप से शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि, <em>“न्याय की साधना करना कोई आसान कार्य नहीं है, लेकिन जिस तरह से अजीत यादव ने तीन दशकों तक इसे तपस्या के रूप में निभाया है, वह सराहनीय है।”</em></p>
<hr />
<h3><strong>उतार-चढ़ाव से भरी लंबी यात्रा</strong></h3>
<p>अजीत यादव ने अपने करियर के शुरुआती दौर में अनेक कठिनाइयों का सामना किया। सीमित संसाधनों और तमाम बाधाओं के बावजूद उन्होंने वकालत के पेशे को केवल पेशा नहीं, बल्कि <strong>जनसेवा का माध्यम</strong> माना।</p>
<p>पिछले तीन दशकों में उन्होंने हजारों मुकदमों की पैरवी करते हुए समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक को न्याय दिलाने की कोशिश की। अधिवक्ताओं के अनुसार, उनका यह सफर केवल पेशेवर उपलब्धि नहीं बल्कि एक <strong>समर्पण की गाथा</strong> है।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-09/whatsapp-image-2025-09-15-at-17.13.05_ba3c3b9d.jpg" alt="वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत यादव के 30 वर्ष : न्याय, संघर्ष और सेवा का अद्भुत संगम" width="1280" height="582"></img></p>
<hr />
<h3><strong>अम्बेडकरनगर से राजधानी तक का सफर</strong></h3>
<p>मूल रूप से <strong>अम्बेडकरनगर</strong> निवासी अजीत यादव ने लखनऊ को अपने संघर्ष और कार्यक्षेत्र का केंद्र बनाया। यहाँ आकर उन्होंने न केवल न्यायिक क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाई, बल्कि <strong>राजनीति और समाज</strong> की गहरी समझ भी विकसित की।</p>
<p>उनके करीबी मानते हैं कि यादव राजनीति और सत्ता के समीकरणों को गहराई से समझते हैं और यही कारण है कि वे समाजिक मुद्दों पर सटीक दृष्टिकोण रखते हैं।</p>
<hr />
<h3><strong>कानून की जानकारी को जन-जन तक पहुँचाया</strong></h3>
<p>एक अधिवक्ता होने के बावजूद उन्होंने हमेशा आम जनता को उनके <strong>कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक</strong> करने का कार्य भी किया। समय-समय पर विभिन्न सेमिनारों और सभाओं में उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि <em>“न्याय केवल अदालतों में सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि हर व्यक्ति को अपने अधिकार और कर्तव्य की जानकारी होनी चाहिए।”</em></p>
<hr />
<h3><strong>संघर्ष, मेहनत और जुझारूपन की पहचान</strong></h3>
<p>अधिवक्ता जगत में अजीत यादव को एक <strong>संघर्षशील और जुझारू अधिवक्ता</strong> के रूप में जाना जाता है। उन्होंने कभी भी चुनौतियों से पीछे हटना नहीं सीखा। उनका मानना है कि बाधाएँ कार्य का हिस्सा हैं और उन्हें पार करना ही सफलता का मार्ग है।</p>
<p>उनकी यह सोच ही उन्हें उनके साथियों से अलग बनाती है। कई अधिवक्ताओं ने इस अवसर पर कहा कि यादव का यह <strong>30 वर्षों का संघर्ष</strong> आने वाली पीढ़ी के अधिवक्ताओं के लिए प्रेरणा है।</p>
<div class="youtubeplayer-responsive-iframe-outer"><iframe class="youtubeplayer-responsive-iframe" title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/W1JvgnUexAY" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen=""></iframe></div>
<hr />
<h3><strong>लोगों की राय</strong></h3>
<p>इस अवसर पर मौजूद अधिवक्ताओं और बुद्धिजीवियों ने एक स्वर में कहा कि,</p>
<ul>
<li>
<p><em>“तीन दशकों में हजारों लोगों को न्याय दिलाना अपने आप में बहुत बड़ी उपलब्धि है।”</em></p>
</li>
<li>
<p><em>“अजीत यादव न केवल एक अधिवक्ता हैं, बल्कि न्याय के प्रहरी और समाज के सजग प्रहरी भी हैं।”</em></p>
</li>
<li>
<p><em>“उनकी ईमानदारी और सादगी ने उन्हें विशेष पहचान दिलाई है।”</em></p>
</li>
</ul>
<hr />
<ul>
<li>
<p>30 वर्षों से वकालत के क्षेत्र में सक्रिय।</p>
</li>
<li>
<p>हजारों मुकदमों की पैरवी कर दिलाया न्याय।</p>
</li>
<li>
<p>आम जनता को कानून की जानकारी देने का मिशन।</p>
</li>
<li>
<p>राजनीति और समाज पर गहरी पकड़।</p>
</li>
<li>
<p>संघर्ष और मेहनत को सफलता का मूलमंत्र माना।</p>
</li>
</ul>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/155142/senior-advocate-ajit-yadavs-30-years-complete-unique-journey</link>
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                <pubDate>Mon, 15 Sep 2025 21:06:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सिविल न्यायालय बुढ़ार में आयोजित हुए नेशनल लोक अदालत में रेगूलर प्रकरणों में 189 लंबित प्रकरण का निपटारा</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong> शहडोल - </strong>मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के गार्गदर्शन एवं माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश / अध्यक्ष महोदय एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, शहडोल के निर्देशन में श्रीमती सुमन उईके जिला न्यायाधीश / अध्यक्ष तहसील विधिक सेवा समिति, बुढ़ार की अध्यक्षता में दिनांक 08.03.2025 को नेशनल लोक अदालत का उद्घाटन किया जाकर तहसील न्यायालय, बुढ़ार में आयोजन किया गया। उक्त नेशनल लोक अदालत में 05 खण्डपीठ संचालित रही।</div>
<div>  </div>
<div>जिसमें जिला न्यायाधीश श्रीमती सुमन उईके न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री विजेन्द्र सिंह रावत, श्रीमती आकांक्षा तेकाम, श्री ऋषव दीक्षित, श्री लक्ष्मण रोहित न्यायिक मजिस्ट्रेट बुढ़ार द्वारा कार्यवाही की गयी। साथ</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149658/189-pending-case-settled-in-regular-cases-in-national-lok"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/img_20250308_183751.jpg" alt=""></a><br /><div><strong> शहडोल - </strong>मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के गार्गदर्शन एवं माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश / अध्यक्ष महोदय एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, शहडोल के निर्देशन में श्रीमती सुमन उईके जिला न्यायाधीश / अध्यक्ष तहसील विधिक सेवा समिति, बुढ़ार की अध्यक्षता में दिनांक 08.03.2025 को नेशनल लोक अदालत का उद्घाटन किया जाकर तहसील न्यायालय, बुढ़ार में आयोजन किया गया। उक्त नेशनल लोक अदालत में 05 खण्डपीठ संचालित रही।</div>
<div> </div>
<div>जिसमें जिला न्यायाधीश श्रीमती सुमन उईके न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री विजेन्द्र सिंह रावत, श्रीमती आकांक्षा तेकाम, श्री ऋषव दीक्षित, श्री लक्ष्मण रोहित न्यायिक मजिस्ट्रेट बुढ़ार द्वारा कार्यवाही की गयी। साथ ही जयकांत मिश्रा, अध्यक्ष अधिवक्ता संघ बुढार की उपस्थिति एवं नगरपालिका बुढ़ार/धनपुरी एवं समस्त बैंक, एवं विद्युत विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में नेशनल लोक अदालत आयोजित की गयी।</div>
<div> </div>
<div>जिसमें न्यायालय के रेगुलर लंबित प्रकरणों में से कुल 189 प्रकरण का निपटारा किया गया तथा जिसमें 445 लोग लाभांवित हुए एवं राशि 3197493 (शब्दों में इकतीस लाख चार सौ तिरान्वे रूपये मात्र) की राशि अवार्ड की गई। इसी प्रकार नगरपालिका के जलकर व संपत्तिकर के मामले, बैंक, एवं विद्युत विभाग के लंबित मामलों का निपटारा किया गया।</div>
<div> </div>
<div>न्यायालयीन प्रकरणों के निराकरण में न्यायिक अधिकारी के साथ-साथ न्यायिक कर्मचारी व शासन के सभी विभागों एवं अधिवक्तागणों की महत्वपूर्ण सहभागिता रही।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 09 Mar 2025 14:29:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दीवानी न्यायालय के स्थापना में हो रहें विलम्ब को लेकर अधिवक्ताओं में आक्रोश ।</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>कोरांव/प्रयागराज। </strong>तहसील कोरांव जनपद प्रयागराज से 80 किमी की दूरी पर स्थित है, जहां से मध्यप्रदेश की सीमा संलग्न है। तहसील कोरांव का आखिरी गांव हंडिया मानपुर है, जहां से मध्यप्रदेश की सीमा प्रारम्भ होती है। वहीं दूसरी ओर राजपूर जो मिर्जापुर से सटा हुआ है। </div>
<div>  </div>
<div>इस प्रकार देखा जाय तो प्रयागराज में मुकदमा देखने के लिए 120 से 140 किलोमीटर का सफर वाद कारियों को पूरा करना पड़ता है।जिसको देखते हुए  हाईकोर्ट ने वादकारियों को सुगम व सरल न्याय प्रदान करने के लिए जनपद प्रयागराज में हंडिया व कोरांव में दिवानी न्यायालय स्थापित करने का निर्णय लिया,जिसका परिणाम रहा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/148264/outrage-among-advocates-over-the-delay-in-the-establishment-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-02/download-(14).jpg" alt=""></a><br /><div><strong>कोरांव/प्रयागराज। </strong>तहसील कोरांव जनपद प्रयागराज से 80 किमी की दूरी पर स्थित है, जहां से मध्यप्रदेश की सीमा संलग्न है। तहसील कोरांव का आखिरी गांव हंडिया मानपुर है, जहां से मध्यप्रदेश की सीमा प्रारम्भ होती है। वहीं दूसरी ओर राजपूर जो मिर्जापुर से सटा हुआ है। </div>
<div> </div>
<div>इस प्रकार देखा जाय तो प्रयागराज में मुकदमा देखने के लिए 120 से 140 किलोमीटर का सफर वाद कारियों को पूरा करना पड़ता है।जिसको देखते हुए  हाईकोर्ट ने वादकारियों को सुगम व सरल न्याय प्रदान करने के लिए जनपद प्रयागराज में हंडिया व कोरांव में दिवानी न्यायालय स्थापित करने का निर्णय लिया,जिसका परिणाम रहा कि हंडिया में न्यायालय सुचारु रूप से न्यायिक कार्य प्रारम्भ हो गया।वहीं पांच वर्ष बीत जाने के वावजूद भी कोरांव में दिवानी न्यायालय की स्थापना नहीं हो सकीं जबकि कोरांव में दिवानी न्यायालय हेतु जमीन भी अधिग्रहण किया जा चुका है, फिर भी निर्माण कार्य अधर में ही लटक कर दम तोड़ रहा है।</div>
<div> </div>
<div>जिसका खामियाजा वादकारियों को भुगतना पड़ रहा है आएं दिन न्याय की आश लेकर जाते जरूर है। पर उन्हें तारिख से ही सन्तोष का सामना करना पड़ रहा है।जिसको लेकर वादकारियों ने और वरिष्ठ अधिवक्ता श्यामा कांत तिवारी उर्फ बागी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नाथ का ध्यान आकृष्ट कराते हुए तहसील कोरांव में दिवानी न्यायालय की स्थापना कराएं जानें की मांग की है।</div>
<div> </div>
<div> </div>
<div> इस सम्बन्ध में वरिष्ठ अधिवक्ता बाल गोविन्द पाण्डेय पूर्व आय ब्ययनिरीक्षक श्यामा कान्त त्रिपाठी वरिष्ठ अधिवक्ता इन्देश पाण्डेय अधिवक्ता यादवेंद्र अहीर का कहना है कि जनपद न्यायालय की दूरी ज्यादा होने के कारण  वादकारियों को न्याय नहीं मिल पा रहा है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Feb 2025 20:27:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सिविल कोर्ट परिसर में ही हर्षोउल्लाश के साथ मनाया गया अखिलेश यादव का जन्मदिन </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong><br /><strong>राजधानी लखनऊ</strong><br /><strong>  उत्तर प्रदेश</strong></p>
<p>आज दिनांक 9 अक्टूबर 2023 दिन सोमवार को युवा अधिवक्ता अखिलेश यादव का जन्मदिन सिविल कोर्ट परिसर बहुखंडी बिल्डिंग के अधिवक्ता चैम्बर में हर्षोउल्लाश  के साथ मनाया गया l</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2023-10/7c313a8d-a284-47f9-ba8c-c4b8e203e019.jpg" alt="सिविल कोर्ट परिसर में ही हर्षोउल्लाश के साथ मनाया गया अखिलेश यादव का जन्मदिन " /></p>
<p>इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत कुमार यादव, जेपी सिंह, मनोज तिवारी आदि ने अखिलेश को केक खिलाकर जन्मदिन की बधाई दी साथ ही निष्ठा ईमानदारी वह संस्कार के साथ विधि व्यवसाय में उत्तरोत्तर विकास हेतु शुभकामनाएं दी l</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2023-10/cd85ec93-bff5-4be3-805e-cb4ce4ab44eb.jpg" alt="सिविल कोर्ट परिसर में ही हर्षोउल्लाश के साथ मनाया गया अखिलेश यादव का जन्मदिन " /></p>
<p>और उनके युवा साथी राहुल यादव ,अशोक कुमार, शुभम गोस्वामी, ज्ञान यादव, आलोक सिंह, धर्मेंद्र ,गुफरान अहमद आदि ने अति उत्साह एवं ऊर्जा के साथ वकालत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/135700/akhilesh-yadavs-birthday-was-celebrated-with-great-enthusiasm-in-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-10/71d57499-f71e-483d-b37d-2adbd37804ca.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong><br /><strong>राजधानी लखनऊ</strong><br /><strong> उत्तर प्रदेश</strong></p>
<p>आज दिनांक 9 अक्टूबर 2023 दिन सोमवार को युवा अधिवक्ता अखिलेश यादव का जन्मदिन सिविल कोर्ट परिसर बहुखंडी बिल्डिंग के अधिवक्ता चैम्बर में हर्षोउल्लाश  के साथ मनाया गया l</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2023-10/7c313a8d-a284-47f9-ba8c-c4b8e203e019.jpg" alt="सिविल कोर्ट परिसर में ही हर्षोउल्लाश के साथ मनाया गया अखिलेश यादव का जन्मदिन "></img></p>
<p>इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत कुमार यादव, जेपी सिंह, मनोज तिवारी आदि ने अखिलेश को केक खिलाकर जन्मदिन की बधाई दी साथ ही निष्ठा ईमानदारी वह संस्कार के साथ विधि व्यवसाय में उत्तरोत्तर विकास हेतु शुभकामनाएं दी l</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2023-10/cd85ec93-bff5-4be3-805e-cb4ce4ab44eb.jpg" alt="सिविल कोर्ट परिसर में ही हर्षोउल्लाश के साथ मनाया गया अखिलेश यादव का जन्मदिन "></img></p>
<p>और उनके युवा साथी राहुल यादव ,अशोक कुमार, शुभम गोस्वामी, ज्ञान यादव, आलोक सिंह, धर्मेंद्र ,गुफरान अहमद आदि ने अति उत्साह एवं ऊर्जा के साथ वकालत पेसे में आगे बढ़ाने के लिए हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया l </p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2023-10/e6d64fa8-63c8-484e-ad60-d32150bbbde5.jpg" alt="सिविल कोर्ट परिसर में ही हर्षोउल्लाश के साथ मनाया गया अखिलेश यादव का जन्मदिन "></img></p>
<p>सूक्ष्म जलपान के बाद समापन के मौके पर अखिलेश यादव ने सभी उपस्थित वरिष्ठ एवं सहयोगी अधिवक्ता गणों का आभार व्यक्त किया धन्यवाद दिया और विश्वास दिलाया कि आप लोगों की भावनाओं के अनुरूप आचरण करते हुए ता उम्र वकालत पेसे में रहूंगा और लोगों को न्याय दिलाने का महत्वपूर्ण कार्य करता रहूंगा l</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Oct 2023 20:28:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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