<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/1030/%E0%A4%AD%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>भ्रष्टाचार - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/1030/rss</link>
                <description>भ्रष्टाचार RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>निर्माण के नाम पर 1. 25 करोड़ खाते से निकालने में चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> शहरों और गांव के विकास के लिए मिलने वाले सरकारी धन को जालसाजी, धोखाधड़ी और कूट रचना के माध्यम से एक राय होकर हड़प करने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे ही एक मामले में आरोपियों के खिलाफ भादंसं की धारा 409 ,419 ,420 ,467,468 ,471,504 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज कर जाने के बाद पुलिस ने मामले की विवेचना जांच शुरू कर दी है। डीआईजी के आदेश पर दर्ज हुई एफ आई आर में लगाए गए आरोपों के मुताबिक 1.25 करोड़ की यह सरकारी धनराशि पूर्व सांसद की अनुशंसा पर 10 ग्राम पंचायतों में</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181202/case-filed-against-four-for-withdrawing-rs-125-crore-from"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1002003015.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> शहरों और गांव के विकास के लिए मिलने वाले सरकारी धन को जालसाजी, धोखाधड़ी और कूट रचना के माध्यम से एक राय होकर हड़प करने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे ही एक मामले में आरोपियों के खिलाफ भादंसं की धारा 409 ,419 ,420 ,467,468 ,471,504 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज कर जाने के बाद पुलिस ने मामले की विवेचना जांच शुरू कर दी है। डीआईजी के आदेश पर दर्ज हुई एफ आई आर में लगाए गए आरोपों के मुताबिक 1.25 करोड़ की यह सरकारी धनराशि पूर्व सांसद की अनुशंसा पर 10 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु उपलब्ध कराई गई थी ,जिसे विभिन्न व्यक्तियों के नामों से खातों से निकाल लिया गया। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारतीय को आपरेटिव ग्रामीण विकास एवं निर्माण लिमिटेड लालबाग लखनऊ के अध्यक्ष एवं निदेशक पद के लिए भी निर्वाचित रहे जीतेन्द्र कुमार अग्रवाल द्वारा कोतवाली बस्ती में दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक़ वर्ष 2018 में पूर्व सासंद हरीश द्विवेदी की अनुशंसा पर वर्ष 2018 में नार्दन कोल्ड फील्ड सिंगरौली से निगमित सामाजिक दायित्व के अन्तर्गत 10 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 1.25 करोड रूपये प्राप्त हुए थे ,जिसे भारतीय को-आपरेटिव ग्रामीण विकास एवं निर्माण लिमिटेड बस्ती की बैंक आफ इन्डिया शाखा बस्ती में एकाउन्ट खोलकर जमा किये गए थे। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">एफ आई आर के अनुसार पवन कुमार पाण्डेय पुत्र गिरीश दत्त पाण्डेय बेलसर जिला गोण्डा, आशीष कुमार पाठक पुत्र मथुरा प्रसाद इस्माइलगंज इण्डस्ट्रीयल एरिया लखनऊ के संयुक्त हस्ताक्षर से संचालित इसी खाते से पवन कुमार पाण्डेय पुत्र गिरीश दत्त पाण्डेय, आशीष कुमार पाठक, शिवेन्द्र प्रताप सिंह, मो0 आमिर आदि द्वारा एक राय होकर मिली भगत करते हुए खाते से भिन्न भिन्न व्यक्तियों के नाम से सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 1.25 करोड रूपये प्राप्त धनराशि खाते से निकाल ली। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आरोपों के मुताबिक इसके उपरान्त नार्दन कोल्ड फील्ड सिंगरौली के सभी कार्य पूर्ण नहीं होने के बाद भी कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र जमा कर दिया गया। जबकि निर्माण कार्यों के पूरा नहीं होने से संबंधित कई शिकायती पत्र ग्राम प्रधान द्वारा पहले ही भेजे जा चुके थे। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जान से मारने की धमकी और गाली गलौज करने का भी आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराने वाले अध्यक्ष और निर्वाचित निदेशक भी रहे दहिलामऊ सिविल लाइन प्रतापगढ़ निवासी जीतेन्द्र कुमार अग्रवाल के मुताबिक उपरोक्त सभी ने भारतीय को-आपरेटिव ग्रामीण विकास एवं निर्माण लिमिटेड लिमिटेड लालबाग लखनऊ की छवि खराब करने के साथ-साथ जालसाजी कर कूटरचित अभिलेख तैयार करते हुए धनराशि का गबन धोखाधड़ी, अवैध लेनदेन और हेरा फेरी की है। अवगत कराते चलें कि संबंधित मामले में इसके पहले भी दो और मुकदमे दर्ज कराए जा चुके हैं। फिलहाल पुलिस अग्रिम कार्रवाई के लिए मामले की गहन विवेचना में लगातार जुटी हुई है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181202/case-filed-against-four-for-withdrawing-rs-125-crore-from</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/181202/case-filed-against-four-for-withdrawing-rs-125-crore-from</guid>
                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 17:10:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/1002003015.jpg"                         length="132006"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जीजा-साले का ‘चीन कनेक्शन’ उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन वेंटीलेटर घोटाला–2</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>📍 <em>लखनऊ | संवाददाता</em></strong></blockquote>
<hr />
<h4 style="text-align:justify;"><strong>  स्थापना का उद्देश्य और वर्तमान स्थिति</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 2017 में योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन (UPMSCL) की स्थापना इस उद्देश्य से की गई थी कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों को उच्च गुणवत्ता वाली दवाएं और आधुनिक उपकरण पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से उपलब्ध कराए जा सकें।<br />कारपोरेशन को स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माना गया था, लेकिन हाल के घटनाक्रम इस संस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के अनुसार, कुछ अधिकारियों, आउटसोर्स कर्मचारियों और कथित बिचौलियों के गठजोड़ ने खरीद प्रक्रिया को प्रभावित कर इसे कथित रूप से भ्रष्टाचार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178039/uttar-pradesh-medical-supply-corporation-ventilator-scam-2"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/photo-1.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>📍 <em>लखनऊ | संवाददाता</em></strong></blockquote>
<hr />
<h4 style="text-align:justify;"><strong> स्थापना का उद्देश्य और वर्तमान स्थिति</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 2017 में योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन (UPMSCL) की स्थापना इस उद्देश्य से की गई थी कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों को उच्च गुणवत्ता वाली दवाएं और आधुनिक उपकरण पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से उपलब्ध कराए जा सकें।<br />कारपोरेशन को स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माना गया था, लेकिन हाल के घटनाक्रम इस संस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के अनुसार, कुछ अधिकारियों, आउटसोर्स कर्मचारियों और कथित बिचौलियों के गठजोड़ ने खरीद प्रक्रिया को प्रभावित कर इसे कथित रूप से भ्रष्टाचार का केंद्र बना दिया है।</p>
<hr />
<p style="text-align:justify;"><strong> <img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/photo-1.jpg" alt="जीजा-साले का ‘चीन कनेक्शन’ उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन वेंटीलेटर घोटाला–2" width="614" height="840"></img></strong></p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>ICU वेंटीलेटर टेंडर में ‘खेल’</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">ताजा मामला जेम (GeM) पोर्टल पर जारी टेंडर संख्या <strong>GEM/2025/B/5823357</strong> से जुड़ा है, जिसके तहत प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों के लिए <strong>221 ICU वेंटीलेटर</strong> खरीदे जाने हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस टेंडर में कुल 11 कंपनियों ने भाग लिया है। इनमें शामिल <strong>Heidelco Medicore Pvt. Ltd.</strong> पर आरोप है कि यह कंपनी अलग-अलग टेंडरों में अपनी पहचान बदलकर हिस्सा लेती रही है—कभी खुद को निर्माता, तो कभी अधिकृत वितरक बताकर।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बार कंपनी ने खुद को <strong>Sysmed Medical Technologies Pvt. Ltd., चंडीगढ़</strong> का अधिकृत वितरक बताया है और जिस वेंटीलेटर मॉडल की आपूर्ति का प्रस्ताव दिया गया है, वह <strong>Topnotch TV-15</strong> है।</p>
<hr />
<p style="text-align:justify;"><strong> <img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/photo-2.jpg" alt="जीजा-साले का ‘चीन कनेक्शन’ उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन वेंटीलेटर घोटाला–2" width="634" height="897"></img></strong></p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>KGMU की रिपोर्ट ने खड़े किए सवाल</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">लखनऊ स्थित प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान <strong>किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU)</strong> ने पूर्व में एक अन्य टेंडर (<strong>GEM/2026/R/647614</strong>) में इसी मॉडल के वेंटीलेटर को गुणवत्ता और सर्विस से जुड़े कारणों से खारिज कर दिया था।</p>
<p style="text-align:justify;">KGMU की तकनीकी समिति द्वारा की गई जांच में निम्न बिंदुओं पर आपत्ति जताई गई थी:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>उपकरण की <strong>परफॉर्मेंस मानकों पर खरा न उतरना</strong></li>
<li><strong>क्लिनिकल उपयोग में विश्वसनीयता की कमी</strong></li>
<li><strong>सर्विस और मेंटेनेंस सपोर्ट कमजोर होना</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">इसके बावजूद वही मॉडल दोबारा टेंडर प्रक्रिया में शामिल होना कई सवाल खड़े करता है।</p>
<hr />
<h3 style="text-align:justify;"><strong>‘मेड इन इंडिया’ के नाम पर चीनी उत्पाद?</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">आरोप यह भी है कि जिस वेंटीलेटर को भारतीय कंपनी के नाम से पेश किया जा रहा है, वह वास्तव में चीन की कंपनी <strong>Shenzhen Mindray Bio-Medical Electronics Co. Ltd.</strong> का उत्पाद है।</p>
<p style="text-align:justify;">यदि यह आरोप सही साबित होता है, तो यह न केवल खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता पर सवाल उठाता है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े नियमों का उल्लंघन भी हो सकता है।</p>
<hr />
<h3 style="text-align:justify;"><strong>GFR 144(XI) की अनदेखी?</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">भारत सरकार के <strong>GFR 144(XI)</strong> नियम के अनुसार, सुरक्षा कारणों से चीनी कंपनियों और उनसे जुड़े उत्पादों की सरकारी खरीद पर सख्त प्रतिबंध है, जब तक कि सक्षम प्राधिकारी से अनुमति न ली जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसे में बिना स्पष्ट खुलासे के चीनी उत्पाद को भारतीय कंपनी के माध्यम से पेश करना नियमों की अवहेलना माना जा सकता है।</p>
<hr />
<p style="text-align:justify;"><strong> <img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/photo-3.jpg" alt="जीजा-साले का ‘चीन कनेक्शन’ उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन वेंटीलेटर घोटाला–2" width="662" height="468"></img></strong></p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>विभागीय जिम्मेदारी और निगरानी पर सवाल</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">इस पूरे मामले में प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। विभाग की जिम्मेदारी उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री <strong>ब्रजेश पाठक</strong> के पास है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>सूत्रों का दावा है कि:</strong></p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>एक आउटसोर्स कर्मचारी <strong>उज्ज्वल कुमार</strong> कथित रूप से खरीद प्रक्रिया में प्रभावशाली भूमिका निभा रहा था</li>
<li>टेंडर प्रक्रिया में तकनीकी जांच को प्रभावित करने के प्रयास हुए</li>
<li>कथित दलालों के साथ मिलकर निर्णयों को प्रभावित किया गया</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।</p>
<hr />
<h3 style="text-align:justify;"><strong>कारपोरेशन का पक्ष</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन के कर्मचारी <strong>देवव्रत कुमार आर्य</strong> ने संवाददाता से बातचीत में कहा:</p>
<blockquote>
<p>“यदि किसी कंपनी द्वारा चीनी उत्पाद को छिपाकर सप्लाई करने का प्रयास किया जाता है, तो उसकी विस्तृत जांच की जाएगी। नियमों के विरुद्ध पाए जाने पर टेंडर तत्काल निरस्त किया जाएगा।”</p>
</blockquote>
<hr />
<h3 style="text-align:justify;"><strong>बड़े सवाल</strong></h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<blockquote class="format1">
<ul>
<li>क्या पहले से रिजेक्टेड उपकरण को दोबारा टेंडर में शामिल किया जा सकता है?</li>
<li>क्या टेंडर प्रक्रिया में तकनीकी मानकों से समझौता किया जा रहा है?</li>
<li>क्या ‘मेड इन इंडिया’ के नाम पर विदेशी उत्पादों की आपूर्ति हो रही है?</li>
<li>क्या निगरानी तंत्र पूरी तरह निष्क्रिय हो चुका है?</li>
</ul>
</blockquote>
</li>
</ul>
<hr />
<p style="text-align:justify;"><strong>📢 निष्कर्ष</strong><br />यह मामला केवल एक टेंडर तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और सरकारी खरीद प्रणाली की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह न सिर्फ आर्थिक घोटाला होगा बल्कि मरीजों की जान से भी खिलवाड़ माना जाएगा।</p>
<hr />
<blockquote class="format2">✍️ <strong>(स्वतंत्र प्रभात की खोजी टीम अगले अंक में इस मामले से जुड़े और बड़े खुलासे करेगी…)</strong></blockquote>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/178039/uttar-pradesh-medical-supply-corporation-ventilator-scam-2</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/178039/uttar-pradesh-medical-supply-corporation-ventilator-scam-2</guid>
                <pubDate>Mon, 04 May 2026 07:00:40 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/photo-1.jpg"                         length="64030"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एडीओ पंचायत ने अपने सुविधा के अनुसार कुछ सफाईकर्मियों के कार्य क्षेत्र में किया बदलाव</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong>बस्ती जिले के कप्तानगंज विकासखंड के सहायक विकास अधिकारी (एडीओ पंचायत ) सुशील कुमार श्रीवास्तव ने अपने सुविधा शुल्क के अनुसार कुछ सफाईकर्मियों के कार्य क्षेत्र में बदलाव किया है ।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">एडीओ पंचायत ने ग्राम पंचायत महुआ लखनपुर में 02 राजस्व गांवो में 06 सफाईकर्मियों की तैनाती किया था जिसको लेकर कई बार सम्मानित समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित हुई थी सोशल मीडिया पर वायरल खबरों का संज्ञान लेकर जिला पंचायत राज अधिकारी घनश्याम सागर ने महुआ लखनपुर में राजस्व गांवों से अधिक सफाईकामियों को स्थांतरित करने का निर्देश दिया था लेकिन एडीओ पंचायत ने डीपीआरओ के निर्देश को</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177699/ado-panchayat-changed-the-work-area-of-some-sweepers-as"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260430-wa0051.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong>बस्ती जिले के कप्तानगंज विकासखंड के सहायक विकास अधिकारी (एडीओ पंचायत ) सुशील कुमार श्रीवास्तव ने अपने सुविधा शुल्क के अनुसार कुछ सफाईकर्मियों के कार्य क्षेत्र में बदलाव किया है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">एडीओ पंचायत ने ग्राम पंचायत महुआ लखनपुर में 02 राजस्व गांवो में 06 सफाईकर्मियों की तैनाती किया था जिसको लेकर कई बार सम्मानित समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित हुई थी सोशल मीडिया पर वायरल खबरों का संज्ञान लेकर जिला पंचायत राज अधिकारी घनश्याम सागर ने महुआ लखनपुर में राजस्व गांवों से अधिक सफाईकामियों को स्थांतरित करने का निर्देश दिया था लेकिन एडीओ पंचायत ने डीपीआरओ के निर्देश को दरकिनार करके 04 सफाईकर्मियों का स्थानांतरण करने के बजाए मात्र 01 सफाई कर्मी का स्थानांतरण किया है जिस सफाई कर्मी का स्थानांतरण हुआ है वही सफाईकर्मी निरन्तर डियूटी करता था ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानांतरित सफाईकर्मी का स्थानांतरण इसीलिए एडीओ पंचायत ने किया है कि जब सभी सफाईकर्मी डियूटी पर नही आते हैं तो एक सफाईकर्मी का डियूटी पर आने से कोई मतलब नहीं है क्योंकि प्रतिदिन डियूटी पर आने वाला सफाईकर्मी अन्य डियूटी से गायब सफाईकर्मियों की पोल खोल देगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सूत्रों की माने तो सरकारी शासनादेश के अनुसार एक राजस्व गांव में एक ही सफाई कर्मी की नियुक्ति होनी चाहिए । ग्राम पंचायत महुआ लखनपुर में 02 राजस्व गांवो में 06 सफाईकर्मियों की तैनाती करना ही एडीओ पंचायत के बड़े भ्रष्टाचार का संकेतक है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">    ग्राम पंचायत महुआ लखनपुर समेत अन्य लगभग एक दर्जन से अधिक ग्राम पंचायतों में सफाईकर्मियों की तैनाती में बड़ा खेल किया है । कुछ ग्राम पंचायतों में राजस्व गांव अधिक है वहां राजस्व गांवों की अपेक्षा सफाईकर्मियों की तैनाती कम है और जहां राजस्व गांव कम है वहां सफाईकर्मियों की तैनाती ज्यादा है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> सूत्रों की माने तो कप्तानंगज में एक दर्जन से अधिक सफाईकर्मियों को नेतागिरी करने की छूट दी गई है चाहे वह सफाई घर पर बैठकर , जिला मुख्यालय पर बैठकर, सरकारी कार्यालयों में बैठकर नेतागिरी करता हो । एडीओ पंचायत सुशील कुमार श्रीवास्तव के लापरवाही / मनमानी से सफाई कर्मियों की तैनाती व डियूटी में बड़ा खेल चल रहा है और ग्राम पंचायतों में साफ सफाई की व्यवस्था पूरी तरह चौपट होती जा रही है लेकिन एडीओ पंचायत को मात्र अपने जेब भरने की चिन्ता सता रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">एडीओ पंचायत सुशील कुमार श्रीवास्तव के भ्रष्टाचार को लेकर जल्द ही उच्च अधिकरियों से शिकायत करने की तैयारी चल रही है क्योंकि जब तक एडीओ पंचायत के कारनामों को उजागर नहीं किया जायेगा तब तक ग्राम पंचायतों में सफाई कर्मी नियमित डियूटी नही करेंगे और न ही ग्राम पंचायतों में साफ सफाई की व्यवस्था ठीक होगी ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उक्त प्रकरण में जिला पंचायत राज अधिकारी घनश्याम सागर से फोन के माध्यम से जानकारी लेना चाहा तो जिला पंचायत राज अधिकारी ने फोन रिसीव नहीं किया ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/177699/ado-panchayat-changed-the-work-area-of-some-sweepers-as</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/177699/ado-panchayat-changed-the-work-area-of-some-sweepers-as</guid>
                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 20:00:42 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/img-20260430-wa0051.jpg"                         length="157741"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जिले में भ्रष्टाचार चरम पर कोई ऐसा विभाग नहीं बचा है कि जहां पर भ्रष्टाचार ना हो रहा हो</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के कोई ऐसा विभागन नहीं है जहां भ्रष्टाचार न हो रहा है जिले की कानून व्यवस्था से लेकर राजस्व विभाग तथा विकास विभाग या आपूर्ति विभाग जैसे डाक विभाग भ्रष्टाचार चरम पर है जिम्मेदार अधिकारी अपनी झोली भरने में बेस्ट रहते हैं ग्रामीण जनता की सुनवाई न होना जिला प्रशासन के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है जिला अधिकारी महोदय मामले को संज्ञान कभी नहीं लेती है ऐसे अधिकारियों द्वारा सरकार को बदनाम किया जा रहा है इन पर कार्रवाई न होना कर्मचारियों पर शिकंज ना कसना खुलीछूट दे रखी है कैसे जनता को न्याय मिलेगा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177406/corruption-is-at-its-peak-in-the-district-there-is"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260427-wa0009.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के कोई ऐसा विभागन नहीं है जहां भ्रष्टाचार न हो रहा है जिले की कानून व्यवस्था से लेकर राजस्व विभाग तथा विकास विभाग या आपूर्ति विभाग जैसे डाक विभाग भ्रष्टाचार चरम पर है जिम्मेदार अधिकारी अपनी झोली भरने में बेस्ट रहते हैं ग्रामीण जनता की सुनवाई न होना जिला प्रशासन के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है जिला अधिकारी महोदय मामले को संज्ञान कभी नहीं लेती है ऐसे अधिकारियों द्वारा सरकार को बदनाम किया जा रहा है इन पर कार्रवाई न होना कर्मचारियों पर शिकंज ना कसना खुलीछूट दे रखी है कैसे जनता को न्याय मिलेगा</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कलवारी उपडाकघर में ग्राहक परेशान, अपने ही पैसे के लिए महीनों से भटक रहा मजदूर बस्ती जिले के कलवारी थाना क्षेत्र स्थित उपडाकघर में ग्राहकों के उत्पीड़न का मामला सामने आया है। यहां लोगों को अपने ही खाते से पैसा निकालने के लिए बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।ग्राम बेलवाडाड़ निवासी सोनू का आरोप है कि वह अपने खाते से ₹14,000 निकालने के लिए पिछले कई महीनों से उपडाकघर कलवारी के चक्कर काट रहा है, लेकिन हर बार उसे निराशा ही हाथ लगती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पीड़ित के मुताबिक, उपडाकघर में तैनात कैशियर “मशीन खराब” होने का हवाला देकर उसे वापस कर देता है। इतना ही नहीं, उसका विड्रॉल फॉर्म तक स्वीकार नहीं किया गया।सोनू ने बताया कि उसे पैसों की सख्त जरूरत है, लेकिन इसके बावजूद उसे भीषण गर्मी में अपनी मजदूरी छोड़कर बार-बार पोस्ट ऑफिस आना पड़ रहा है, जिससे उसकी आर्थिक स्थिति और बिगड़ती जा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पीड़ित ने इस मामले की शिकायत प्रधान डाकघर के हेड पोस्टमास्टर से पीजी ग्रिवांस पोर्टल के माध्यम से की है और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय व कानूनी कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर इस तरह की समस्याओं का समय पर समाधान नहीं हुआ, तो आम जनता का सरकारी सेवाओं से भरोसा उठ सकता है। अब देखना यह होगा कि डाक विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और पीड़ित को उसका पैसा कब तक मिल पाता है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/177406/corruption-is-at-its-peak-in-the-district-there-is</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/177406/corruption-is-at-its-peak-in-the-district-there-is</guid>
                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 17:50:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/img-20260427-wa0009.jpg"                         length="60006"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दल बदल की राजनीति और जनविश्वास का प्रश्न ईमानदारी से चलने वाले दल की निरंतर उन्नति और भ्रष्टाचार में डूबे दल की अनिवार्य गिरावट</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">भारतीय लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता उसकी बहुदलीय व्यवस्था है जहां अनेक विचारधाराएं अनेक नेतृत्व और अनेक सामाजिक आकांक्षाएं एक साथ विकसित होती हैं, परंतु पिछले कुछ वर्षों में एक अलग ही प्रवृत्ति तेजी से उभरती दिखाई दी है जिसे आम भाषा में दल बदल या राजनीतिक टूटफूट कहा जाता है ।यह केवल व्यक्तियों का एक दल से दूसरे दल में जाना भर नहीं है ,बल्कि यह उस गहरे राजनीतिक और नैतिक संकट का संकेत भी है जो कई दलों के भीतर पनप रहा है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जब हम देश के विभिन्न राज्यों और राष्ट्रीय स्तर पर हुए घटनाक्रमों को देखते हैं</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177280/politics-of-defection-and-the-question-of-public-trust-continuous"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/thumb_9083_1024_768_0_0_crop.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">भारतीय लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता उसकी बहुदलीय व्यवस्था है जहां अनेक विचारधाराएं अनेक नेतृत्व और अनेक सामाजिक आकांक्षाएं एक साथ विकसित होती हैं, परंतु पिछले कुछ वर्षों में एक अलग ही प्रवृत्ति तेजी से उभरती दिखाई दी है जिसे आम भाषा में दल बदल या राजनीतिक टूटफूट कहा जाता है ।यह केवल व्यक्तियों का एक दल से दूसरे दल में जाना भर नहीं है ,बल्कि यह उस गहरे राजनीतिक और नैतिक संकट का संकेत भी है जो कई दलों के भीतर पनप रहा है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जब हम देश के विभिन्न राज्यों और राष्ट्रीय स्तर पर हुए घटनाक्रमों को देखते हैं तो एक पैटर्न स्पष्ट दिखाई देता है ।कई क्षेत्रीय दल और राष्ट्रीय दल अपने ही नेताओं और विधायकों को संभालने में असफल रहे हैं। जिसके परिणामस्वरूप उनके भीतर असंतोष बढ़ा और वह असंतोष अंततः टूट के रूप में सामने आया ।इस प्रक्रिया में एक दल मजबूत होता गया और अन्य दल कमजोर होते गए यह केवल संख्या का खेल नहीं है, बल्कि यह भरोसे और विश्वसनीयता का प्रश्न भी है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">लोकतंत्र में जनता केवल नारों या वादों पर भरोसा नहीं करती बल्कि वह यह भी देखती है कि कोई दल अपने सिद्धांतों पर कितना टिकता है और अपने नेताओं को कितनी ईमानदारी से आगे बढ़ाता है जब किसी दल के भीतर पारदर्शिता की कमी होती है या नेतृत्व अपने स्वार्थ में उलझ जाता है तो वहां असंतोष जन्म लेता है। यही असंतोष धीरे धीरे विद्रोह में बदलता है और अंततः दल टूट जाता है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">पिछले वर्षों में कई राज्यों में हुए राजनीतिक घटनाक्रम इस बात के उदाहरण हैं जहां विधायकों और सांसदों ने अपने ही दल को छोड़कर दूसरे दल का दामन थाम लिया। इन घटनाओं के पीछे केवल सत्ता का आकर्षण नहीं था बल्कि कई बार यह आरोप भी लगे कि मूल विचारधारा से भटकाव हुआ है और नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं और जनता के विश्वास को तोड़ा है। जब ऐसी स्थिति बनती है तो दल के भीतर का ढांचा कमजोर पड़ जाता है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">यह भी सत्य है कि जिस दल ने अपने संगठन को मजबूत रखा अनुशासन बनाए रखा और कार्यकर्ताओं के बीच विश्वास कायम किया वह लगातार आगे बढ़ता गया संगठन की मजबूती किसी भी राजनीतिक दल की रीढ़ होती है। जब यह रीढ़ मजबूत होती है तो बाहरी आघात भी उसे ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा पाते इसके विपरीत जब संगठन भीतर से ही खोखला हो जाता है तो छोटी सी चुनौती भी उसे हिला देती है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">राजनीतिक दलों की सफलता केवल चुनाव जीतने में नहीं होती बल्कि यह इस बात पर निर्भर करती है कि वे जनता के बीच कितनी विश्वसनीयता बनाए रखते हैं ।यदि कोई दल ईमानदारी से काम करता है पारदर्शिता रखता है और अपने वादों को निभाने का प्रयास करता है तो जनता उसे बार बार अवसर देती है यह प्रक्रिया धीरे धीरे उस दल को और मजबूत बनाती है और उसकी उन्नति निरंतर होती रहती है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इसके विपरीत यदि कोई दल भ्रष्टाचार में डूब जाता है नेताओं पर आरोप लगते हैं और जनता के मुद्दों से दूरी बढ़ती जाती है तो उसकी गिरावट निश्चित हो जाती है ।इतिहास इस बात का गवाह है कि ऐसे दल चाहे कुछ समय के लिए सत्ता में रहे हों लेकिन अंततः उन्हें जनता ने नकार दिया जनता की नजर में विश्वास सबसे बड़ी पूंजी होती है और जब यह पूंजी खत्म हो जाती है तो कोई भी रणनीति उस दल को बचा नहीं सकती।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों में यह भी देखने को मिला है कि जब किसी दल के कई नेता एक साथ इस्तीफा देते हैं या दूसरे दल में शामिल होते हैं तो वह केवल संख्या का नुकसान नहीं होता बल्कि वह उस दल की साख पर भी चोट होती है ।जनता के मन में यह प्रश्न उठता है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि इतने बड़े स्तर पर असंतोष पैदा हो जाता है।उस दल के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">राजनीति में विचारधारा का महत्व अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। जब कोई दल अपनी मूल विचारधारा से भटकता है और केवल सत्ता प्राप्ति को लक्ष्य बना लेता है तो उसके भीतर की एकता कमजोर पड़ने लगती है कार्यकर्ता स्वयं को असहज महसूस करते हैं और धीरे धीरे दूरी बनाने लगते हैं यही दूरी आगे चलकर टूट का कारण बनती है। इसलिए यह आवश्यक है कि हर दल अपने मूल सिद्धांतों पर कायम रहे और समय समय पर आत्ममंथन करता रहे।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">संगठन में लोकतंत्र भी उतना ही जरूरी है यदि निर्णय लेने की प्रक्रिया में केवल कुछ लोगों का वर्चस्व हो और अन्य नेताओं को नजरअंदाज किया जाए तो असंतोष बढ़ना स्वाभाविक है। एक स्वस्थ दल वही होता है जहां संवाद होता है जहां असहमति को भी स्थान मिलता है और जहां सभी को अपनी बात रखने का अवसर मिलता है ऐसे दल लंबे समय तक टिके रहते हैं और निरंतर प्रगति करते हैं</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">वर्तमान समय में जनता भी पहले से अधिक जागरूक हो चुकी है वह केवल चुनावी वादों से प्रभावित नहीं होती बल्कि वह यह भी देखती है कि कौन सा दल वास्तव में उसके हित में काम कर रहा है कौन सा दल केवल दिखावे की राजनीति कर रहा है और कौन सा दल ईमानदारी से शासन चला रहा है। यह जागरूकता लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत है, क्योंकि इससे राजनीतिक दलों पर भी दबाव बनता है कि वे बेहतर काम करें।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">दल बदल की राजनीति को केवल नकारात्मक दृष्टि से देखना भी पूरी तरह उचित नहीं है कई बार यह बदलाव उन नेताओं के लिए एक अवसर भी होता है जो अपने पुराने दल में उपेक्षित महसूस कर रहे थे या जिनकी विचारधारा को वहां स्थान नहीं मिल रहा था लेकिन जब यह प्रक्रिया बहुत अधिक होने लगे और बार बार होने लगे तो यह लोकतंत्र की स्थिरता के लिए चुनौती बन जाती है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">यह भी जरूरी है कि राजनीतिक दल अपने भीतर नैतिक मूल्यों को मजबूत करें भ्रष्टाचार के आरोप किसी भी दल के लिए सबसे बड़ा खतरा होते हैं क्योंकि ये आरोप सीधे जनता के विश्वास को प्रभावित करते हैं यदि कोई दल पारदर्शिता बनाए रखता है और गलत कार्यों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करता है तो वह अपने विश्वास को बनाए रख सकता है इसके विपरीत यदि आरोपों को नजरअंदाज किया जाए या उन्हें दबाने का प्रयास किया जाए तो स्थिति और खराब हो जाती है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">अंत में यह कहा जा सकता है कि राजनीति में स्थायी सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं है यह एक लंबी प्रक्रिया है जिसमें ईमानदारी अनुशासन पारदर्शिता और जनता के प्रति समर्पण की आवश्यकता होती है, जो दल इन मूल्यों को अपनाते हैं वे धीरे धीरे मजबूत होते जाते हैं और उनकी उन्नति निरंतर होती रहती है वहीं जो दल इन मूल्यों से दूर हो जाते हैं और भ्रष्टाचार में डूब जाते हैं उनकी गिरावट तय होती है</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इसलिए आज के समय में हर राजनीतिक दल के लिए यह आवश्यक है कि वह आत्ममंथन करे अपने संगठन को मजबूत बनाए और जनता के विश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे क्योंकि अंततः लोकतंत्र में वही दल सफल होता है जो जनता के दिल में जगह बनाता है और यह स्थान केवल ईमानदारी और सेवा भाव से ही प्राप्त किया जा सकता है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>कांतिलाल मांडोत</strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/177280/politics-of-defection-and-the-question-of-public-trust-continuous</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/177280/politics-of-defection-and-the-question-of-public-trust-continuous</guid>
                <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 17:39:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/thumb_9083_1024_768_0_0_crop.jpg"                         length="131745"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सैफई  आयुर्विज्ञान  संस्थान मॉनिटर घोटाला-2 !</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">  </p>
<p style="text-align:justify;">ग्रामीण जनता की भलाई के लिए और उसकी बीमारी में अच्छे इलाज के लिए सैफई आयुर्विजान संस्थान की स्थापना की गयी थी परन्तु चिकित्सा शिक्षा विभाग के शातिर दलालों और भ्र्ष्ट अधिकारीयों की मिलीभगत ने उक्त संसथान को लूट का अड्डा बना दिया है और जेम पोर्टल को लूट का हथियार, घटिया से घटिया चीनी उपकरण महँगी दरों पर खरीद करके लगातार स्थापित किये जा रहे है शातिर दलालों की कंपनियों के द्वारा, भ्र्ष्ट अधिकारीयों द्वारा जेम पोर्टल के माध्यम से सीटिंग करके टेंडर किये जा रहे है</p>
<h5 style="text-align:justify;">  <br /><strong>LOW END मॉनिटर की बिड में फेल और HIGH END मॉनिटर की</strong></h5>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173772/saifai-institute-of-medical-sciences-monitor-scam-2"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/photo-41.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">ग्रामीण जनता की भलाई के लिए और उसकी बीमारी में अच्छे इलाज के लिए सैफई आयुर्विजान संस्थान की स्थापना की गयी थी परन्तु चिकित्सा शिक्षा विभाग के शातिर दलालों और भ्र्ष्ट अधिकारीयों की मिलीभगत ने उक्त संसथान को लूट का अड्डा बना दिया है और जेम पोर्टल को लूट का हथियार, घटिया से घटिया चीनी उपकरण महँगी दरों पर खरीद करके लगातार स्थापित किये जा रहे है शातिर दलालों की कंपनियों के द्वारा, भ्र्ष्ट अधिकारीयों द्वारा जेम पोर्टल के माध्यम से सीटिंग करके टेंडर किये जा रहे है</p>
<h5 style="text-align:justify;"> <br /><strong>LOW END मॉनिटर की बिड में फेल और HIGH END मॉनिटर की बिड में पास </strong></h5>
<p style="text-align:justify;">ताजा प्रकरण के अनुसार जेम पोर्टल की बिड संख्या में  GEM/2025/B/6713344 DATED के माध्यम से संस्थान के ICU में स्थापित करने के लिए की आवश्यकता दिखाते हुए 50 QTY HIGH END MONITOR की खरीद के लिए टेंडर निकाला गया था, जिसमे कंपनियों ने प्रतिभाग किया और भ्र्ष्ट अधिकारीयों ने शातिर दलालों से मिलकर केवल 03 कंपनियों को पास किया और बाकि 09 कंपनियों की निविदा को टेक्निकल   बिड में ही रिजेक्ट कर दिया, और सेटिंग के अनुसार शातिर दलाल की सेटिंग वाली कंपनी HIMACHAL PHARMACEUTICALS को QTY 50, HIGH END MONITOR के लिए क्रय आदेश जारी कर दिया गया, MAKE-CLARITY, MODEL-SPECTRA GOLD, VALUE RS. – 22400000/- <br /> <br />M/s CLARITY की चोरी पकड़ी गयी.</p>
<p style="text-align:justify;">इसी संसथान के भ्र्ष्ट अधिकारीयों द्वारा जेम पोर्टल की निविदा संख्या GEM/2025/B/6752797 के माध्यम से मरीजों के इलाज के लिए QTY 200 LOW END MONITOR खरीदे, उक्त निविदा में 17 कंपनियों ने प्रतिभाग किया था और 16 कंपनियों की निविदा को टेक्निकल बिड में निरस्त करके सिंगल  निविदा दाता M/s SMITH MEDICARE, LUCKNOW क्रय आदेश जारी कर दिया  MAKE-MEASTROS, MODEL-VITAL TRACK, QTY- 200, VALUE-RS. 13500000/- , अब सवाल यह उठता है जो कंपनी M/s. CLARITY LOW END MONITOR की टेक्निकल बिड में रिजेक्ट थी उसके घटिया उत्पाद को HIGH END MONITOR की बिड में कैसे पास कर दिया गया??????</p>
<h5 style="text-align:justify;"><br /><strong>फर्ज़ीवाड़े के लिए कुख्यात कंपनी M/s CLARITY </strong></h5>
<p style="text-align:justify;">M/s CLARITY COMPANY फर्ज़ीवाड़े के लिए कुख्यात है , M/s CLARITY COMPANY द्वारा राजस्थान सरकार के जेके लोन अस्पताल और महिला अस्पताल जयपुर में HIGH END MONITOR QTY 1140, RATE RS. 77040 प्रत्येक की दर से, परन्तु सारे मॉनिटर घटियाचीनी मॉनिटर निकले, उसपर मेक इन इंडिया का स्टिकर और क्लैरिटी का स्टिकर लगा कर सप्लाई कर दिया था, NELCORE AND MASIMO टेक्नोलॉजी के SPO2 की बजाय घटिया चीनी SPO2 प्लेट लगा रखी थी और उस पर भी मेक इन इंडिया का स्टिकर और क्लैरिटी का स्टिकर लगा दिया था, ऐसी फ़र्ज़ी कंपनियों के साथ मिलकर भ्र्ष्ट अधिकारी संस्थान को लूट रहे है और अपनी जेबें भरकर उत्तर प्रदेश की गरीब जनता को मौत के मुंह में धकेल रहे हैं<br />इस निविदा  में भी ब्लैकलिस्टेड रही कंपनी SS MEDICALS SYSTEM (I) PVT LTD ने भी प्रतिभाग किया हैं</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>लूट पर संसथान का गोल मोल जवाब</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">इस सम्बन्ध में जब संवादाता द्वारा संसथान के क्रय अधिकारी से बात की गयी तो स्पष्ट जवाब देने के बजाय वो टाल मटोल करने लगे और कहने लगे की सब वीसी साहब और संयुक्त निदेशक के आदेश से होता है, वीसी और जेडी से सम्पर्की किया गया तो उनका फ़ोन ही नहीं उठा</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/173772/saifai-institute-of-medical-sciences-monitor-scam-2</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/173772/saifai-institute-of-medical-sciences-monitor-scam-2</guid>
                <pubDate>Sat, 21 Mar 2026 01:56:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/photo-41.jpg"                         length="326288"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>11.17 करोड़ के खर्च पर सवाल: अभिलेख न देने पर 18 सचिवों का वेतन रोका, जमीनी हकीकत पर भी उठे सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>गोण्डा-आनंद पांडेय </strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए खर्च की गई 11.17 करोड़ रुपये की धनराशि को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। एक ओर जहां अभिलेख प्रस्तुत न करने पर 18 ग्राम पंचायत सचिवों का वेतन रोक दिया गया है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />जानकारी के अनुसार, पंचायत राज विभाग के तहत वर्ष 2016-17 से 2023-24 के बीच जिले की 82 ग्राम पंचायतों में कुल 11 करोड़ 17 लाख रुपये खर्च दर्शाए गए हैं। इन कार्यों का ऑडिट जिला लेखा परीक्षा समिति द्वारा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173462/questions-raised-on-expenditure-of-rs-1117-crore-salary-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/bhrastachar.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>गोण्डा-आनंद पांडेय </strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए खर्च की गई 11.17 करोड़ रुपये की धनराशि को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। एक ओर जहां अभिलेख प्रस्तुत न करने पर 18 ग्राम पंचायत सचिवों का वेतन रोक दिया गया है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />जानकारी के अनुसार, पंचायत राज विभाग के तहत वर्ष 2016-17 से 2023-24 के बीच जिले की 82 ग्राम पंचायतों में कुल 11 करोड़ 17 लाख रुपये खर्च दर्शाए गए हैं। इन कार्यों का ऑडिट जिला लेखा परीक्षा समिति द्वारा किया गया, जिसमें कई स्थानों पर संबंधित अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए। समिति ने इसे गंभीर मानते हुए धनराशि के दुरुपयोग की आशंका जताई और रिपोर्ट विभाग को भेजी।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />कई बार नोटिस व पत्राचार के बावजूद अभिलेख प्रस्तुत न करने पर डीपीआरओ लालजी दूबे ने 18 सचिवों के मार्च माह के वेतन पर रोक लगा दी है और स्पष्टीकरण मांगा है। प्रशासन ने संकेत दिया है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर आगे और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />इधर, क्षेत्रीय ग्रामीणों ने पूरे मामले को लेकर जमीनी हकीकत पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि कई ग्राम पंचायतों में विकास कार्य केवल कागजों में ही दिखाए गए हैं, जबकि वास्तविकता में मौके पर कार्य अधूरे या न के बराबर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि फर्जी बिल-वाउचर के जरिए भुगतान दर्शाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />विभागीय आंकड़ों के अनुसार खर्च की गई कुल धनराशि 11.17 करोड़ रुपये है, लेकिन अभिलेख प्रस्तुत न होने के कारण यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि इसमें से कितनी राशि का वास्तविक और सत्यापित हिसाब उपलब्ध है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />स्थानीय स्तर पर अब मामले की निष्पक्ष जांच और जमीनी सत्यापन की मांग तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लग सकता है</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/173462/questions-raised-on-expenditure-of-rs-1117-crore-salary-of</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/173462/questions-raised-on-expenditure-of-rs-1117-crore-salary-of</guid>
                <pubDate>Wed, 18 Mar 2026 16:44:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/bhrastachar.jpg"                         length="181790"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रयागराज की एन्टी करप्शन टीम ने सोरांव तहसील मे तैनात लेखपाल राजशेखर तथा जूही मिश्रा को किया गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> शिकायतकर्ता अभयराज यादव पुत्र शंकरलाल यादव नि० ग्राम लाई आनापुर थाना नवाबगंज, प्रयागराज द्वारा इकाई में दिये गये प्रार्थना पत्र जिसमें अराजपत्रित लोकसेवक राजशेखर लेखपाल तहसील सोरांव,प्रयागराज द्वारा शिकायतकर्ता की नानी श्रीमती प्रभु देवी जी द्वारा दाखिल अन्तर्गत धारा 67 (ए) 1 उ0प्र0 राजस्व संहिता 2006 में आख्या लगाने व मकान निर्माण न रोकने के एवज में रू0 1,00,000/- मांगे जाने का आरोप लगाया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जिसके क्रम में शिकायतकर्ता अभयराज यादव उपरोक्त के द्वारा दिनांक 24.02.2026 को भ्र०नि०सं० इकाई कार्यालय प्रयागराज में दिये गये शिकायती प्रार्थना पत्र पर कार्यवाही करते हुए आज दिनांक 26.02.2026 को भ्रष्टाचार निवारण</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171835/prayagrajs-anti-corruption-team-arrested-accountant-rajshekhar-and-juhi-mishra-posted"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/464.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> शिकायतकर्ता अभयराज यादव पुत्र शंकरलाल यादव नि० ग्राम लाई आनापुर थाना नवाबगंज, प्रयागराज द्वारा इकाई में दिये गये प्रार्थना पत्र जिसमें अराजपत्रित लोकसेवक राजशेखर लेखपाल तहसील सोरांव,प्रयागराज द्वारा शिकायतकर्ता की नानी श्रीमती प्रभु देवी जी द्वारा दाखिल अन्तर्गत धारा 67 (ए) 1 उ0प्र0 राजस्व संहिता 2006 में आख्या लगाने व मकान निर्माण न रोकने के एवज में रू0 1,00,000/- मांगे जाने का आरोप लगाया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिसके क्रम में शिकायतकर्ता अभयराज यादव उपरोक्त के द्वारा दिनांक 24.02.2026 को भ्र०नि०सं० इकाई कार्यालय प्रयागराज में दिये गये शिकायती प्रार्थना पत्र पर कार्यवाही करते हुए आज दिनांक 26.02.2026 को भ्रष्टाचार निवारण संगठन, थाना/इकाई प्रयागराज की 14 सदस्यीय टीम द्वारा निरी०o अलाउद्दीन अंसारी के नेतृत्व में घटनास्थल शिवा शूज हब, शिवपुर मलाका लखनऊ रोड प्रयागराज के पास से रू0 1,00,000/- रुपये रिश्वत लेते हुए लोकसेवक साक्षीगण व ट्रैप टीम के समक्ष आरोपीगण 1. राजशेखर सिंह पुत्र रामदास सिंह नि० उमरगहना थाना बिन्दकी जनपद फतेहपुर हालपता 40K/100K न्यायनगर कन्धईपुर प्रयागराज सम्प्रति राजस्व लेखपाल क्षेत्र मलाक हरहर तहसील सोरांव प्रयागराज को रंगे हाथो तथा 2. जूही मिश्रा पुत्री स्वामीनाथ मिश्र नि० लक्ष्मणपुर थाना टांडा जनपद अम्बेडकरनगर हालपता न्यायनगर थाना धूमनगंज, प्रयागराज सम्प्रति राजस्व लेखपाल क्षेत्र टिकरी तहसील सोरांव प्रयागराज को सहयोग किये जाने के आरोप में समय करीब 13.20 बजे गिरफ्तार किया गया तथा अग्रिम विधिक कार्यवाही करते हुए थाना शिवकुटी कमिश्नरेट प्रयागराज पर अभियोग पंजीकृत कराया जा रहा है। </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/171835/prayagrajs-anti-corruption-team-arrested-accountant-rajshekhar-and-juhi-mishra-posted</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/171835/prayagrajs-anti-corruption-team-arrested-accountant-rajshekhar-and-juhi-mishra-posted</guid>
                <pubDate>Fri, 27 Feb 2026 22:14:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-02/464.jpg"                         length="102460"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सी0डी0ओ0 के हस्तक्षेप के बाद भी नहीं रुक पाया गौर में मनरेगा भ्रष्टाचार</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले  में भ्रष्टाचार इस कदर बढ़ गया है कि मुख्य विकास अधिकारी जैसे तेज तर्रार अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद भी भ्रष्टाचार नहीं रुक पा रहा है और बीडीओ गौर ग्राम प्रधान व सचिव से मिलीभगत करके लाखों हड़पने का जुगाड़ अन्तिम दौर में पहुँचा दिया है प्राप्त समाचार के अनुसार - विकासखंड गौर के ग्राम पंचायत गोनहा में मनरेगा योजना के तहत दो साइडो पर काम चल रहा है जहाँ 4 मस्टरोल जारी किए गए हैं, जिनमें 39 मजदूरों के नाम रजिस्टर में दर्ज हो रहा है ।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">राममिलन के चक से गुलार के पेड टेक चकबंद</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169711/even-after-the-intervention-of-cdo-mnrega-corruption-could-not"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/img-20260214-wa0124.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले  में भ्रष्टाचार इस कदर बढ़ गया है कि मुख्य विकास अधिकारी जैसे तेज तर्रार अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद भी भ्रष्टाचार नहीं रुक पा रहा है और बीडीओ गौर ग्राम प्रधान व सचिव से मिलीभगत करके लाखों हड़पने का जुगाड़ अन्तिम दौर में पहुँचा दिया है प्राप्त समाचार के अनुसार - विकासखंड गौर के ग्राम पंचायत गोनहा में मनरेगा योजना के तहत दो साइडो पर काम चल रहा है जहाँ 4 मस्टरोल जारी किए गए हैं, जिनमें 39 मजदूरों के नाम रजिस्टर में दर्ज हो रहा है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राममिलन के चक से गुलार के पेड टेक चकबंद निरमान कारी 19 मावीर पिरावा से झिंकन के चक तक चकबंद निर्मलन कारी 20 मजदूर लेकिन जब मीडिया टीम ने मौके पर जाकर जांच की, तो वहां एक भी मजदूर काम करते नहीं मिले। ग्रामीणों ने इसकी सूचना मीडिया को दी, जिसके बाद मीडिया टीम ने मौके पर जाकर जमीनी हकीकता पता किया तो पता चला कि मजदूरों की फर्जी हाजिरी लग रही थी जब कि  साइडों पर काम नहीं हो रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिम्मेदार अधिकारियों ने कागजों में फर्जी हाजिरी दिखाकर मजदूरों के नाम पर लाखों रुपये का भुगतान करने की तैयारी कर ली है। यद्यपि पूरा मामला मीडिया के माध्यम से मुख्य विकास अधिकारी के संज्ञान में है व प्रकरण में सीडीओ का सीधा दखल भी चल रहा है परन्तु खण्ड विकास अधिकारी की प्रधान व सचिव से संलिप्तता के चलते मनरेगा भ्रष्टाचार नहीं रुक पा रहा है। देखना यह है कि मामले में सीडीओं की दखल के चलते भ्रष्टाचार रुक पाता है या फिर यूँ ही बिना काम भुगतान का सिलसिला जारी रहेगा।</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/169711/even-after-the-intervention-of-cdo-mnrega-corruption-could-not</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/169711/even-after-the-intervention-of-cdo-mnrega-corruption-could-not</guid>
                <pubDate>Sat, 14 Feb 2026 19:44:30 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-02/img-20260214-wa0124.jpg"                         length="91802"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>घटिया दर्जे का हो रहा इंटरलॉकिंग रास्ते का निर्माण</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>अम्बेडकर नगर।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">नगर पालिका अकबरपुर द्वारा जिला मुख्यालय पर विकासशील चन्द्र शेखर आजाद पार्क इण्टर लॉकिंग रास्ते का निर्माण कार्य जा रहा है। इस पार्क में लोगों के व्यायाम करने हेतु कुछ लौह यंत्र भी स्थापित किए गए हैं। यह पार्क लोगों को खुली हवा स्वच्छ वातावरण, खुली धूप एवं बच्चों को खेलने हेतु मैदान और झूले इत्यादि प्रदान करने हेतु विकसित किया जा रहा है। पार्क, सड़क, रास्ते इत्यादि का निर्माण शहर को बेशक विकास की तरफ ले जाता है परन्तु जब उसमें भ्रष्टाचार रूपी दीमक लग जाती है तो विकास के बजाय विनाश होना स्वाभाविक हो जाता है।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/167495/poor-quality-interlocking-roads-are-being-constructed"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/img20260126131925_copy_1351x760.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अम्बेडकर नगर।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">नगर पालिका अकबरपुर द्वारा जिला मुख्यालय पर विकासशील चन्द्र शेखर आजाद पार्क इण्टर लॉकिंग रास्ते का निर्माण कार्य जा रहा है। इस पार्क में लोगों के व्यायाम करने हेतु कुछ लौह यंत्र भी स्थापित किए गए हैं। यह पार्क लोगों को खुली हवा स्वच्छ वातावरण, खुली धूप एवं बच्चों को खेलने हेतु मैदान और झूले इत्यादि प्रदान करने हेतु विकसित किया जा रहा है। पार्क, सड़क, रास्ते इत्यादि का निर्माण शहर को बेशक विकास की तरफ ले जाता है परन्तु जब उसमें भ्रष्टाचार रूपी दीमक लग जाती है तो विकास के बजाय विनाश होना स्वाभाविक हो जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-01/img20260126131621_copy_1351x760.jpg" alt="IMG20260126131621_copy_1351x760" width="1351" height="760"></img></p>
<p style="text-align:justify;">बताते चलें कि हम आपका ध्यान जिला मुख्यालय पर निर्माणाधीन पार्क की तरफ आकर्षित करना चाहते हैं, जिससे आपको को भी आपके शहर नगर पालिका अकबरपुर में हो रहे अधोमानक निर्माण की जानकारी मिल सके। यहां पार्क में आने वाले लोगों को सुगम रास्ता प्रदान करने के लिए इंटरलॉकिंग रास्ते का निर्माण किया जा रहा है। जिसके दोनों तरफ ईंट की दीवाल बनाकर अन्दर मिट्टी, गिट्टी और सफेद बालू डालकर तब इंटरलॉकिंग कराई जानी थी। </p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन यहां तो नजारा कुछ और ही देखने को मिला। इस रास्ते की पटाई मिट्टी के बजाय अधसड़ा शहरी कूड़ा करकट डालकर की जा रही है। जो कि समय के साथ जैसे जैसे कूड़ा करकट सड़ेगा वैसे वैसे रोड भी जगह जगह धंस जाएगी और रास्ते में गड्ढे बनने में देरी नहीं लगेगी। इतना ही नहीं यह भी देखने को मिला कि इंटरलॉकिंग लगाने से पहले डाली जाने वाली बोल्डर गिट्टी कुटाई भी अच्छे ढंग से नहीं की जा रही थी। कम मात्रा में गिट्टी और नाम मात्र की  कुटाई फिर नहर की सिल्ट जैसी बालू डालकर उसीपर ईंट लगा दी जा रही है। यह रास्ता कितने दिन तक सही रहेगा यह भविष्य के गर्त में है।</p>
<p><strong>प्रभारी ईओ का नहीं उठा फोन</strong></p>
<p style="text-align:justify;">नगर पालिका अकबरपुर के प्रभारी अधिशाषी अधिकारी एसडीएम विशाल सारस्वत से जानकारी लेने के बाबत फोन करने पर उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।</p>
<p><strong>जेई ने बताया </strong></p>
<p style="text-align:justify;">इंटरलॉकिंग रास्ते में कूड़े करकट के उपयोग किए जाने के बाबत जब प्रभारी जेई विवेक कुमार वर्मा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि यह एक प्रैक्टिकल स्वरूप है। इसीलिए इसपर इंटरलॉकिंग लगाई जा रही है। यदि रोड धंस जाएगी तो उखाड़कर फिर से मरम्मत कर दिया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">अब सवाल उठता है कि क्या जेई इतना भी जानकारी नहीं है कि कूड़ा और घासफूष समय के साथ सड़ेंगा या प्रैक्टिकल करने के लिए नगर पालिका का चार्ज दिया है अथवा सरकारी धन का दुरुपयोग करने के लिए??</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/167495/poor-quality-interlocking-roads-are-being-constructed</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/167495/poor-quality-interlocking-roads-are-being-constructed</guid>
                <pubDate>Tue, 27 Jan 2026 22:27:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-01/img20260126131925_copy_1351x760.jpg"                         length="525977"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Ambedkarnagar Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अंबेडकर पार्क की भूमि को सुरक्षित करने और सदर तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग को लेकर विभिन्न दलों ने कलेक्ट्रेट पर किया जोरदार प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong><em>अजित सिंह / राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट) </em></strong></p>
<p><strong><em>सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश -</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">गुरुवार को भाकपा, माकपा, माले, आज़ाद समाज पार्टी, भीम आर्मी, राष्ट्रीय पिछड़ा मोर्चा व गोंगपा के कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से ग्राम तिरनाही (पकरी) के अंबेडकर पार्क की भूमि पर प्लाटरों द्वारा राबर्ट्सगंज तहसीलदार की मिली भगत से व्यक्तिगत लाभ के उद्देश्य से किए जा रहे सड़क निर्माण को रोकने को लेकर मुख्य मार्ग से जूलूस निकालकर जिलाधिकारी कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। जहां वक्ताओं ने कहा कि ग्राम तिरनाही (पकरी ) , परगना बड़हर तहसील राबर्ट्सगंज जिला सोनभद्र के आराजी संख्या- 40 रकबा 0.1260 हे० भूमि श्रेणी-</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/166992/various-parties-staged-a-strong-demonstration-at-the-collectorate-demanding"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/img-20260122-wa0089.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>अजित सिंह / राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट) </em></strong></p>
<p><strong><em>सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश -</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">गुरुवार को भाकपा, माकपा, माले, आज़ाद समाज पार्टी, भीम आर्मी, राष्ट्रीय पिछड़ा मोर्चा व गोंगपा के कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से ग्राम तिरनाही (पकरी) के अंबेडकर पार्क की भूमि पर प्लाटरों द्वारा राबर्ट्सगंज तहसीलदार की मिली भगत से व्यक्तिगत लाभ के उद्देश्य से किए जा रहे सड़क निर्माण को रोकने को लेकर मुख्य मार्ग से जूलूस निकालकर जिलाधिकारी कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। जहां वक्ताओं ने कहा कि ग्राम तिरनाही (पकरी ) , परगना बड़हर तहसील राबर्ट्सगंज जिला सोनभद्र के आराजी संख्या- 40 रकबा 0.1260 हे० भूमि श्रेणी- 6(2) खाता अम्बेडकर पार्क के नाम से दर्ज है।</p>
<p style="text-align:justify;">उक्त भूमि के बगल में पीछे की तरफ आराजी सं० 90 स्थित है जिस पर कुछ अज्ञात प्लाटरों द्वारा प्लाटिंग किया गया है, जिस प्लाट पर जाने हेतु आराजी संख्या-40 के सामने से सड़क आगे से जाकर बना हुआ है परन्तु उक्त प्लाटरों द्वारा आराजी संख्या 40 रकबा 0.1260 हे0 जो श्रेणी-8 (2) अम्बेडकर पार्क खाते में दर्ज भूमि है. से सीधा प्लाट पर लें जाने के लिए अवैध सड़क निर्माण के प्रयास में लगे हुए है। पूर्व में कुछ हिस्सों पर कुछ प्लाटरों द्वारा मि‌ट्टी इत्यादि डाल दिया गया था जिस पर ग्रामीणों द्वारा विरोध करने पर कार्य रोक दिया गया था परन्तु उक्त प्लाटरों द्वारा सदर तहसील के संबंधित अधिकारियों की मिली भगत करके पुनः अवैध सड़क का निर्माण प्लाटरों द्वारा कराया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">ग्रामीणों तथा राजनैतिक दलों के विरोध पर सदर तहसीदार द्वारा धमकी दिया जा रहा है.. यह कि ..देखते हैं इस सड़क को कौन रोकेगा, हम खड़े हो कर इस सड़क को बनवाएंगे । तहसीलदार के इस बर्ताव से गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।  इस प्रकरण को लेकर जिलाधिकारी को विगत सप्ताह दिनांक 14.01.2026 को लिखित रूप पत्र दिया जा चुका है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे तिरनाही के उक्त प्लाटरों ( प्रापर्टी डीलरों ) का हौसला बुलंद हो रहा है , गांव में कभी भी अशांति का माहौल पैदा हो सकता है । तिरनाही में शांति कायम रहे , किसी प्रकार कोई तनाव न व्याप्त हो और अंबेडकर पार्क सुरक्षित रहे इस उद्देश्य से हम विभिन्न राजनैतिक दलों के लोग निम्न बिंदुओं पर तत्काल सकारात्मक कार्रवाई की मांग व्यक्त करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">1-ग्राम तिरनाही परगना बड़हर तहसील राबर्ट्सगंज जिला सोनभद्र की आराजी नं० 40 रकबा 0.1260हे० भूमि जो अम्बेडकर पार्क नाम से खाता खतौनी में दर्ज है. को घेराव करके सौन्दर्गीकरण एवं संरक्षित किया जाय।2-सदर तहसीलदार राबर्ट्सगंज सोनभद्र एवं उक्त प्लाटरों के विरूद्ध जाँच कर आवश्यक कानूनी कार्यवाही किया जाय।3-सोनभद्र में सभी अंबेडकर पार्क, भूमि और महापुरुषों के स्थलों व प्रतिमाओं को सुरक्षित किया जाए।नेताओ ने कहा समुचित समय के अंदर जिला प्रशासन द्वारा कार्यवाही नहीं होती है तो हम सभी दलों के लोग सड़कों पर उतर कर बड़े पैमाने पर आंदोलन करने को तैयार हैं, जिसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम में प्रमुख रूप से भाकपा जिला सचिव कामरेड आर के शर्मा, माकपा जिला सचिव कामरेड नंद लाल आर्य, माले नेता कामरेड नोहर भारती, आजाद समाज पार्टी के रवि शंकर (एडवोकेट), राष्ट्रीय पिछड़ा मोर्चा के लक्ष्मी नारायण बौद्ध, गोंगपा के जय मंगल उरेती, राम रक्षा, प्रेम चंद गुप्ता, हृदय नारायण, बाबूलाल चेरो, बाबूलाल भारती, पुरुषोत्तम, हनुमान प्रसाद, बच्चा लाल, अरुण कुमार, सुरेन्द्र कुमार, अनुराग राव, दूधनाथ यादव, चंद्रशेखर, कमलेश आदि के साथ सैकड़ों की संख्या में उक्त दलों के कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता कामरेड प्रेम नाथ ने और संचालन आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष रवि कांत ने किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/166992/various-parties-staged-a-strong-demonstration-at-the-collectorate-demanding</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/166992/various-parties-staged-a-strong-demonstration-at-the-collectorate-demanding</guid>
                <pubDate>Fri, 23 Jan 2026 00:00:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-01/img-20260122-wa0089.jpg"                         length="1173975"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[राजेश तिवारी]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बीपैक्स कचनरवा केंद्र पर सचिव  की मनमानी से किसान त्रस्त, लोगों ने किया किसानों की सूची सार्वजनिक करने  व संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong><em>अजित सिंह/ राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट) </em></strong></p>
<p><strong><em>कोन / सोनभद्र - </em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">जनपद में लक्ष्य पूरा होने से अचानक क्रय केन्द्र बंद हो जाने से जहाँ किसान चिंतित दिख रहे हैं वहीं केन्द्र प्रभारियों की मनमानी ने किसानों की चिंता बढा दी है। ऐसा ही मामला विकास खण्ड कोन अंतर्गत बीपैक्स ( सहकारी समिति) कचनरवा की है । मिली जानकारी के अनुसार धान क्रय केन्द्र प्रभारी की मनमानी इस कदर बढ़ गयी है जहां सरकार की मंशा के विपरीत अपने चहेते व मिलर की मिलीभगत से अन्य जगहों के किसानों के धान की खरीदी की गयी है।</p>
<p style="text-align:justify;">नाम न छापने की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/166394/farmers-aggrieved-by-the-arbitrariness-of-the-secretary-at-bpax"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/polish_20260117_133535266.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>अजित सिंह/ राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट) </em></strong></p>
<p><strong><em>कोन / सोनभद्र - </em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">जनपद में लक्ष्य पूरा होने से अचानक क्रय केन्द्र बंद हो जाने से जहाँ किसान चिंतित दिख रहे हैं वहीं केन्द्र प्रभारियों की मनमानी ने किसानों की चिंता बढा दी है। ऐसा ही मामला विकास खण्ड कोन अंतर्गत बीपैक्स ( सहकारी समिति) कचनरवा की है । मिली जानकारी के अनुसार धान क्रय केन्द्र प्रभारी की मनमानी इस कदर बढ़ गयी है जहां सरकार की मंशा के विपरीत अपने चहेते व मिलर की मिलीभगत से अन्य जगहों के किसानों के धान की खरीदी की गयी है।</p>
<p style="text-align:justify;">नाम न छापने की शर्त पर किसानों का आरोप है कि बीपैक्स केन्द्र प्रभारी द्वारा अपनी चहेतों व अन्य क्षेत्रों के किसानों को वरीयता देते हुए धान खरीदा है।किसानों से ढलता या अन्य कारण दिखाकर प्रति कुंतल 8 से 10 किलो ग्राम की कटौती की गयी है जो शासन की मंशा के विपरीत है । इसी क्रम में बतातें चलें कि केन्द्र प्रभारी की मनमानी से स्थानीय किसान धान क्रय केन्द्र पर तौल होने के बाद भी बायोमैट्रिक अंगूठा न लगने से महीनों से बी पैक्स का चक्कर लगा रहे हैं जो न्याय संगत नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि कचनरवा बीपैक्स पर जब सचिव नियुक्त है तो आखिर किन कारणों से अन्य बीपैक्स के सचिव को धान क्रय केन्द्र प्रभारी बनाया गया जो जाँच का विषय है। जबकि उक्त केन्द्र प्रभारी के ऊपर उर्वरक वितरण में भी अनियमितता और ओवर रेंटिग का आरोप लगाया जा चुका था जो कि मामला दबा रह गया। किसानों का कहना है कि बीपैक्स कचनरवा में अब तक जिन किसानों का धान खरीदा गया है उसकी सूची सार्वजनिक रूप से केन्द्र पर चस्पा कर संबंधित केन्द्र पर की गई धान खरीदी का सत्यापन कराते हुए तत्काल धान खरीदी की जाय ।</p>
<p style="text-align:justify;">जिसके संबंध में सपा नेता <strong><em>जोखन प्रसाद</em></strong> ने कहा कि जनपद में 27 हजार से अधिक किसान पंजीकृत हैं और अभी 11 हजार से अधिक किसान बाकी है। उन्होंने कहा कि धान खरीदी की अंतिम तिथि 28 फरवरी है पर लक्ष्य पूरा दिखाकर खरीदी बंद कर दी गई है।जिससे किसानों के सामने धान बेचने की समस्या खड़ी हो गई है और वहीं बीपैक्स कचनरवा पर अब तक जिन किसानों के धान खरीदी व तौल कराये गये हैं उनमें भारी अनियमितता बरतने का मामला सामने आया है। उन्होंने जिलाधिकारी समेत संबंधित विभाग से मांग किया है संबंधित केन्द्र पर खरीदी की गई किसानों की सूची केन्द्र पर चस्पा व किसानों की धान अविलंब खरीदी की जाय और दोषी पाये जाने पर संबंधित केन्द्र प्रभारी के खिलाफ कठोर कार्यवाही करने की मांग किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">जिसके क्रम में केन्द्र प्रभारी उदयवीर से सूची मांगी गई तो उन्होंने कहा कि आप जन सूचना अधिकार अधिनियम से ले सकते हैं जिससे स्पष्ट सिद्ध होता है कि मामला जरूर गोलमाल है । इस बावत् <strong><em>एडीसीओ अवधेश</em> <em>सिंह</em></strong> ने बताया कि जनपद का लक्ष्य पूर्ण हो गया है पर जिन किसानों का धान तौल व समिति पर पहुँच गया है। उससे संबंधित किसानों की सूची संबंधित क्रय केन्द्र प्रभारियों से मांगा गया है उसके बाद सूची शासन स्तर पर भेजी जायेगी और उसके बाद धान खरीदी हो पायेगी और शिकायत में दोषी पाये जाने वाले केन्द्र प्रभारियों के ऊपर कठोर कार्यवाही की जायेगी। देखना अब दिलचस्प होगा कि क्या ऐसे भ्रष्टाचार में लिप्त केन्द्र प्रभारियों के ऊपर कार्यवाही होता है या ठंडे बस्ते में चला जायेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/166394/farmers-aggrieved-by-the-arbitrariness-of-the-secretary-at-bpax</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/166394/farmers-aggrieved-by-the-arbitrariness-of-the-secretary-at-bpax</guid>
                <pubDate>Sat, 17 Jan 2026 15:03:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-01/polish_20260117_133535266.jpg"                         length="212550"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[राजेश तिवारी]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        