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                <title>banda news - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>banda news RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>BJSP जिला अध्यक्ष को जान से मारने की धमकी  राष्ट्रीय अध्यक्ष ने जताया आक्रोश</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong> राजधानी लखनऊ में भारतीय जन समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बृज मोहन सिंह ने आज बताया कि जिला बांदा के जिला अध्यक्ष राजेश कुमार यादव को कुछ अराजक तत्वों द्वारा जान से मारने की धमकी दी जा रही है। आज दिनांक 11.07.2026 को सुबह 9:35 बजे जिला अध्यक्ष राजेश कुमार यादव ने फोन पर राष्ट्रीय अध्यक्ष को सूचना दी कि जब वे गांव स्योंढा जा रहे थे तो कुछ लोगों ने उन्हें धमकाते हुए कहा कि "मरवा जाओगे, ऐ होगा वो होगा, पेल दिए जाओगे"।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस गंभीर मामले पर राष्ट्रीय अध्यक्ष बृज मोहन सिंह ने कहा कि पार्टी पहले</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183204/threat-to-kill-bjp-district-president-national-president-expressed-anger"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img_20260710_200453.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong> राजधानी लखनऊ में भारतीय जन समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बृज मोहन सिंह ने आज बताया कि जिला बांदा के जिला अध्यक्ष राजेश कुमार यादव को कुछ अराजक तत्वों द्वारा जान से मारने की धमकी दी जा रही है। आज दिनांक 11.07.2026 को सुबह 9:35 बजे जिला अध्यक्ष राजेश कुमार यादव ने फोन पर राष्ट्रीय अध्यक्ष को सूचना दी कि जब वे गांव स्योंढा जा रहे थे तो कुछ लोगों ने उन्हें धमकाते हुए कहा कि "मरवा जाओगे, ऐ होगा वो होगा, पेल दिए जाओगे"।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस गंभीर मामले पर राष्ट्रीय अध्यक्ष बृज मोहन सिंह ने कहा कि पार्टी पहले ही इस संबंध में अभियुक्त महेन्द्र सोनी निवासी मुंबई कथित RSS कैडर* के विरुद्ध शिकायत पत्र तैयार कर *पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, पुलिस आयुक्त मुंबई, नोडल अधिकारी साइबर क्राइम उत्तर प्रदेश लखनऊ और पुलिस अधीक्षक बांद को स्पीडपोस्ट के माध्यम से भेज चुकी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राष्ट्रीय अध्यक्ष बृज मोहन सिंह का बयान: "BJSP के कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने वाले चाहे कितने भी बड़े हों, हम डरने वाले नहीं हैं। हमने शिकायत पत्र सभी बड़े अधिकारियों को भेज दिया है। महेन्द्र सोनी और उसके आदमी जिला अध्यक्ष का कुछ नहीं बिगाड़ सकते। हम रजिस्टर्ड पार्टी हैं और कानून के दायरे में रहकर काम करते हैं। अगर जिला अध्यक्ष को एक खरोंच भी आई तो BJSP पूरे प्रदेश में आंदोलन करेगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस प्रशासन से मांग है कि 24 घंटे में दोषियों को गिरफ्तार कर सुरक्षा मुहैया कराई जाए।" राष्ट्रीय अध्यक्ष ने जिला अध्यक्ष को भरोसा दिलाया कि पार्टी उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और उन्हें किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।भारतीय जन समाज पार्टी की मांग: 1. तत्काल FIR दर्ज कर अभियुक्त महेन्द्र सोनी और उसके साथियों की गिरफ्तारी हो।</div>
<div style="text-align:justify;">2. जिला अध्यक्ष राजेश कुमार यादव को तत्काल सुरक्षा प्रदान की जाए।</div>
<div style="text-align:justify;">3. साइबर सेल द्वारा धमकी देने वालों की जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 22:17:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Solar Pump: किसानों के लिए खुशखबरी! सरकार सोलर पंप पर दे रही 90% तक सब्सिडी</title>
                                    <description><![CDATA[<p></p>
<p><span class="cf0">Solar Pump Subsidy: प्रधानमंत्री</span> <span class="cf0">किसान</span> <span class="cf0">ऊर्जा</span> <span class="cf0">सुरक्षा</span> <span class="cf0">एवं</span> <span class="cf0">उत्थान</span> <span class="cf0">महाभियान</span><span class="cf0"> (</span><span class="cf1">PM-KUSUM) </span><span class="cf0">के</span> <span class="cf0">तहत</span> <span class="cf0">किसानों</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">सोलर</span> <span class="cf0">पंप</span> <span class="cf0">लगाने</span> <span class="cf0">पर</span> <span class="cf0">सरकार</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">ओर</span> <span class="cf0">से</span> <span class="cf0">बड़ी</span> <span class="cf0">राहत</span> <span class="cf0">दी</span> <span class="cf0">जा</span> <span class="cf0">रही</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">। योजना के अंतर्गत दो </span><span class="cf0">एचपी</span> <span class="cf0">सोलर</span> <span class="cf0">पंप</span><span class="cf0"> की निर्धारित कीमत </span><span class="cf2">1,64,322 </span><span class="cf0">रुपये </span><span class="cf0">है, जिस पर केंद्र और राज्य सरकार मिलकर किसानों को एक लाख रुपये तक का अनुदान प्रदान कर रही हैं।</span></p>
<p><span class="cf0">किसानों को 2 </span><span class="cf0">एचपी</span><span class="cf0"> से लेकर 10 </span><span class="cf0">एचपी</span><span class="cf0"> तक के </span><span class="cf0">सबमर्सिबल</span> <span class="cf0">सोलर</span> <span class="cf0">पंपों</span><span class="cf0"> का लाभ मिल सकता है, जिन पर अधिकतम </span><span class="cf2">2,54,983</span> <span class="cf0">रुपये</span> <span class="cf0">तक की </span><span class="cf0">सब्सिडी</span><span class="cf0"> उपलब्ध है। इस योजना का उद्देश्य किसानों की सिंचाई को निर्बाध</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/163318/good-news-for-farmers-government-is-giving-subsidy-up-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/solar-pumpsubsidy.jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p><span class="cf0">Solar Pump Subsidy: प्रधानमंत्री</span> <span class="cf0">किसान</span> <span class="cf0">ऊर्जा</span> <span class="cf0">सुरक्षा</span> <span class="cf0">एवं</span> <span class="cf0">उत्थान</span> <span class="cf0">महाभियान</span><span class="cf0"> (</span><span class="cf1">PM-KUSUM) </span><span class="cf0">के</span> <span class="cf0">तहत</span> <span class="cf0">किसानों</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">सोलर</span> <span class="cf0">पंप</span> <span class="cf0">लगाने</span> <span class="cf0">पर</span> <span class="cf0">सरकार</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">ओर</span> <span class="cf0">से</span> <span class="cf0">बड़ी</span> <span class="cf0">राहत</span> <span class="cf0">दी</span> <span class="cf0">जा</span> <span class="cf0">रही</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">। योजना के अंतर्गत दो </span><span class="cf0">एचपी</span> <span class="cf0">सोलर</span> <span class="cf0">पंप</span><span class="cf0"> की निर्धारित कीमत </span><span class="cf2">1,64,322 </span><span class="cf0">रुपये </span><span class="cf0">है, जिस पर केंद्र और राज्य सरकार मिलकर किसानों को एक लाख रुपये तक का अनुदान प्रदान कर रही हैं।</span></p>
<p><span class="cf0">किसानों को 2 </span><span class="cf0">एचपी</span><span class="cf0"> से लेकर 10 </span><span class="cf0">एचपी</span><span class="cf0"> तक के </span><span class="cf0">सबमर्सिबल</span> <span class="cf0">सोलर</span> <span class="cf0">पंपों</span><span class="cf0"> का लाभ मिल सकता है, जिन पर अधिकतम </span><span class="cf2">2,54,983</span> <span class="cf0">रुपये</span> <span class="cf0">तक की </span><span class="cf0">सब्सिडी</span><span class="cf0"> उपलब्ध है। इस योजना का उद्देश्य किसानों की सिंचाई को निर्बाध बनाना और फसलों की उत्पादकता बढ़ाना है। पंजीकरण 'पहले आओ पहले पाओ' के आधार पर किया जा रहा है।</span></p>
<p><span class="cf0">उत्तर प्रदेश के बांदा मण्डल के चारों जिलों में करीब 47,770 निजी </span><span class="cf0">नलकूप</span><span class="cf0"> कनेक्शन धारक किसान हैं, जिनके लिए </span><span class="cf0">पीएम</span><span class="cf0">-कुसुम योजना चलाई जा रही है। इस योजना से किसानों को न केवल ऊर्जा सुरक्षा मिलेगी, </span><span class="cf0">बल्कि</span><span class="cf0"> डीज़ल और अन्य पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों </span><span class="cf0">पर</span><span class="cf0"> निर्भरता भी कम होगी। </span><span class="cf0">सोलर</span> <span class="cf0">पंपों</span><span class="cf0"> के माध्यम </span><span class="cf0">से</span><span class="cf0"> बिजली की खपत घटने से किसानों का खर्च कम होगा और अतिरिक्त सौर ऊर्जा को ग्रिड में बेचकर किसान अतिरिक्त आय भी अर्जित कर सकेंगे। मंडल के लिए लगभग 2,000 </span><span class="cf0">सोलर</span> <span class="cf0">पैनल</span><span class="cf0"> स्थापित करने का लक्ष्य तय किया गया है।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">ई-</span><span class="cf0">लाटरी</span><span class="cf0"> के जरिए होगा लाभार्थियों का चयन</span></strong></p>
<p><span class="cf0">योजना का लाभ लेने </span><span class="cf0">के</span><span class="cf0"> इच्छुक किसानों को </span><span class="cf1">upagriculture.up.gov.in </span><span class="cf0">पर पंजीकरण कराना अनिवार्य </span><span class="cf0">है</span><span class="cf0">। साथ ही, </span><span class="cf0">सोलर</span> <span class="cf0">पंप</span><span class="cf0"> की ऑनलाइन </span><span class="cf0">बुकिंग</span><span class="cf0"> भी इसी </span><span class="cf0">पोर्टल</span><span class="cf0"> से की जाएगी। किसानों का चयन ई-</span><span class="cf0">लाटरी</span><span class="cf0"> प्रणाली के द्वारा किया जाएगा। </span><span class="cf0">बुकिंग</span><span class="cf0"> करते समय किसानों को </span><span class="cf2">5,000 </span><span class="cf0">रुपये </span><span class="cf0">टोकन</span> <span class="cf0">मनी</span><span class="cf0"> के रूप में ऑनलाइन जमा </span><span class="cf0">करनी</span><span class="cf0"> होगी।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">उपयुक्त </span><span class="cf0">बोरिंग</span><span class="cf0"> अनिवार्य, नहीं तो निरस्त होगा आवेदन</span></strong></p>
<p><span class="cf0">सोलर</span> <span class="cf0">पंप</span><span class="cf0"> के लिए निर्धारित </span><span class="cf0">बोरिंग</span> <span class="cf0">साइज</span><span class="cf0"> अनिवार्य है। 2 </span><span class="cf0">एचपी</span><span class="cf0"> के लिए 4 इंच, 3 व 5 </span><span class="cf0">एचपी</span><span class="cf0"> के लिए 6 </span><span class="cf0">इंच</span><span class="cf0">, 7.5 व 10 </span><span class="cf0">एचपी</span><span class="cf0"> के लिए 8 </span><span class="cf0">इंच</span><span class="cf0"> जरूरी है। </span></p>
<p><span class="cf0">यदि सत्यापन के दौरान उपयुक्त </span><span class="cf0">बोरिंग</span><span class="cf0"> नहीं पाई जाती, तो आवेदन निरस्त कर </span><span class="cf0">टोकन</span> <span class="cf0">मनी</span><span class="cf0"> जब्त कर ली जाएगी। विभिन्न क्षमता </span><span class="cf0">वाले</span> <span class="cf0">पंपों</span><span class="cf0"> के लिए पानी की उपलब्धता की </span><span class="cf0">गहराई</span><span class="cf0"> भी निर्धारित की गई है</span><span class="cf3">—</span><span class="cf0">जैसे 2 </span><span class="cf0">एचपी</span> <span class="cf0">सरफेस</span> <span class="cf0">पंप</span><span class="cf0"> 22 </span><span class="cf0">फीट</span><span class="cf0"> तक, जबकि 10 </span><span class="cf0">एचपी</span> <span class="cf0">पंप</span><span class="cf0"> 300 </span><span class="cf0">फीट</span><span class="cf0"> तक के लिए उपयुक्त होता है। </span><span class="cf0">पोर्टल</span><span class="cf0"> पर </span><span class="cf0">जिलों</span><span class="cf0"> के अनुसार 2 </span><span class="cf0">एचपी</span><span class="cf0"> और 3 </span><span class="cf0">एचपी</span> <span class="cf0">पंपों</span><span class="cf0"> के संयुक्त लक्ष्य प्रदर्शित किए जाएंगे।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">आवश्यकतानुसार </span><span class="cf0">पंप</span><span class="cf0"> चयन की सुविधा</span></strong></p>
<p><span class="cf0">किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार </span><span class="cf0">सोलर</span> <span class="cf0">पंप</span><span class="cf0"> का चयन कर </span><span class="cf0">बुकिंग</span><span class="cf0"> आगे बढ़ा सकते हैं। </span><span class="cf0">बुकिंग</span> <span class="cf0">कंफर्म</span><span class="cf0"> होने पर किसानों के </span><span class="cf0">पंजीकृत</span><span class="cf0"> मोबाइल नंबर पर संदेश भेजा जाएगा। निर्धारित समय पर शेष राशि बैंक चालान के माध्यम से जमा करना आवश्यक होगा, </span><span class="cf0">अन्यथा</span> <span class="cf0">चयन</span> <span class="cf0">स्वतः</span> <span class="cf0">निरस्त</span><span class="cf0"> कर दिया </span><span class="cf0">जाएगा</span> <span class="cf0">और</span> <span class="cf0">टोकन</span> <span class="cf0">मनी</span> <span class="cf0">जब्त</span> <span class="cf0">हो</span> <span class="cf0">जाएगी</span><span class="cf0">।</span></p>
<p><span class="cf0">सोलर</span> <span class="cf0">पंप</span><span class="cf0"> स्थापित होने के बाद स्थल परिवर्तन की अनुमति नहीं होगी। यदि कोई </span><span class="cf0">किसान</span> <span class="cf0">स्थल</span> <span class="cf0">बदलता</span> <span class="cf0">है</span> <span class="cf0">तो</span> <span class="cf0">संपूर्ण</span><span class="cf0"> अनुदान की राशि उससे वसूल की जाएगी।</span></p>
<p></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 14 Dec 2025 14:03:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Solar Pump: किसानों के लिए खुशखबरी! सरकार सोलर पंप पर दे रही 90% तक सब्सिडी</title>
                                    <description><![CDATA[<p></p>
<p><span class="cf0">Solar Pump Subsidy: प्रधानमंत्री</span> <span class="cf0">किसान</span> <span class="cf0">ऊर्जा</span> <span class="cf0">सुरक्षा</span> <span class="cf0">एवं</span> <span class="cf0">उत्थान</span> <span class="cf0">महाभियान</span><span class="cf0"> (</span><span class="cf1">PM-KUSUM) </span><span class="cf0">के</span> <span class="cf0">तहत</span> <span class="cf0">किसानों</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">सोलर</span> <span class="cf0">पंप</span> <span class="cf0">लगाने</span> <span class="cf0">पर</span> <span class="cf0">सरकार</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">ओर</span> <span class="cf0">से</span> <span class="cf0">बड़ी</span> <span class="cf0">राहत</span> <span class="cf0">दी</span> <span class="cf0">जा</span> <span class="cf0">रही</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">। योजना के अंतर्गत दो </span><span class="cf0">एचपी</span> <span class="cf0">सोलर</span> <span class="cf0">पंप</span><span class="cf0"> की निर्धारित कीमत </span><span class="cf2">1,64,322 </span><span class="cf0">रुपये </span><span class="cf0">है, जिस पर केंद्र और राज्य सरकार मिलकर किसानों को एक लाख रुपये तक का अनुदान प्रदान कर रही हैं।</span></p>
<p><span class="cf0">किसानों को 2 </span><span class="cf0">एचपी</span><span class="cf0"> से लेकर 10 </span><span class="cf0">एचपी</span><span class="cf0"> तक के </span><span class="cf0">सबमर्सिबल</span> <span class="cf0">सोलर</span> <span class="cf0">पंपों</span><span class="cf0"> का लाभ मिल सकता है, जिन पर अधिकतम </span><span class="cf2">2,54,983</span> <span class="cf0">रुपये</span> <span class="cf0">तक की </span><span class="cf0">सब्सिडी</span><span class="cf0"> उपलब्ध है। इस योजना का उद्देश्य किसानों की सिंचाई को निर्बाध</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/162376/good-news-for-farmers-government-is-giving-subsidy-up-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/solar-pumpsubsidy.jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p><span class="cf0">Solar Pump Subsidy: प्रधानमंत्री</span> <span class="cf0">किसान</span> <span class="cf0">ऊर्जा</span> <span class="cf0">सुरक्षा</span> <span class="cf0">एवं</span> <span class="cf0">उत्थान</span> <span class="cf0">महाभियान</span><span class="cf0"> (</span><span class="cf1">PM-KUSUM) </span><span class="cf0">के</span> <span class="cf0">तहत</span> <span class="cf0">किसानों</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">सोलर</span> <span class="cf0">पंप</span> <span class="cf0">लगाने</span> <span class="cf0">पर</span> <span class="cf0">सरकार</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">ओर</span> <span class="cf0">से</span> <span class="cf0">बड़ी</span> <span class="cf0">राहत</span> <span class="cf0">दी</span> <span class="cf0">जा</span> <span class="cf0">रही</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">। योजना के अंतर्गत दो </span><span class="cf0">एचपी</span> <span class="cf0">सोलर</span> <span class="cf0">पंप</span><span class="cf0"> की निर्धारित कीमत </span><span class="cf2">1,64,322 </span><span class="cf0">रुपये </span><span class="cf0">है, जिस पर केंद्र और राज्य सरकार मिलकर किसानों को एक लाख रुपये तक का अनुदान प्रदान कर रही हैं।</span></p>
<p><span class="cf0">किसानों को 2 </span><span class="cf0">एचपी</span><span class="cf0"> से लेकर 10 </span><span class="cf0">एचपी</span><span class="cf0"> तक के </span><span class="cf0">सबमर्सिबल</span> <span class="cf0">सोलर</span> <span class="cf0">पंपों</span><span class="cf0"> का लाभ मिल सकता है, जिन पर अधिकतम </span><span class="cf2">2,54,983</span> <span class="cf0">रुपये</span> <span class="cf0">तक की </span><span class="cf0">सब्सिडी</span><span class="cf0"> उपलब्ध है। इस योजना का उद्देश्य किसानों की सिंचाई को निर्बाध बनाना और फसलों की उत्पादकता बढ़ाना है। पंजीकरण 'पहले आओ पहले पाओ' के आधार पर किया जा रहा है।</span></p>
<p><span class="cf0">उत्तर प्रदेश के बांदा मण्डल के चारों जिलों में करीब 47,770 निजी </span><span class="cf0">नलकूप</span><span class="cf0"> कनेक्शन धारक किसान हैं, जिनके लिए </span><span class="cf0">पीएम</span><span class="cf0">-कुसुम योजना चलाई जा रही है। इस योजना से किसानों को न केवल ऊर्जा सुरक्षा मिलेगी, </span><span class="cf0">बल्कि</span><span class="cf0"> डीज़ल और अन्य पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों </span><span class="cf0">पर</span><span class="cf0"> निर्भरता भी कम होगी। </span><span class="cf0">सोलर</span> <span class="cf0">पंपों</span><span class="cf0"> के माध्यम </span><span class="cf0">से</span><span class="cf0"> बिजली की खपत घटने से किसानों का खर्च कम होगा और अतिरिक्त सौर ऊर्जा को ग्रिड में बेचकर किसान अतिरिक्त आय भी अर्जित कर सकेंगे। मंडल के लिए लगभग 2,000 </span><span class="cf0">सोलर</span> <span class="cf0">पैनल</span><span class="cf0"> स्थापित करने का लक्ष्य तय किया गया है।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">ई-</span><span class="cf0">लाटरी</span><span class="cf0"> के जरिए होगा लाभार्थियों का चयन</span></strong></p>
<p><span class="cf0">योजना का लाभ लेने </span><span class="cf0">के</span><span class="cf0"> इच्छुक किसानों को </span><span class="cf1">upagriculture.up.gov.in </span><span class="cf0">पर पंजीकरण कराना अनिवार्य </span><span class="cf0">है</span><span class="cf0">। साथ ही, </span><span class="cf0">सोलर</span> <span class="cf0">पंप</span><span class="cf0"> की ऑनलाइन </span><span class="cf0">बुकिंग</span><span class="cf0"> भी इसी </span><span class="cf0">पोर्टल</span><span class="cf0"> से की जाएगी। किसानों का चयन ई-</span><span class="cf0">लाटरी</span><span class="cf0"> प्रणाली के द्वारा किया जाएगा। </span><span class="cf0">बुकिंग</span><span class="cf0"> करते समय किसानों को </span><span class="cf2">5,000 </span><span class="cf0">रुपये </span><span class="cf0">टोकन</span> <span class="cf0">मनी</span><span class="cf0"> के रूप में ऑनलाइन जमा </span><span class="cf0">करनी</span><span class="cf0"> होगी।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">उपयुक्त </span><span class="cf0">बोरिंग</span><span class="cf0"> अनिवार्य, नहीं तो निरस्त होगा आवेदन</span></strong></p>
<p><span class="cf0">सोलर</span> <span class="cf0">पंप</span><span class="cf0"> के लिए निर्धारित </span><span class="cf0">बोरिंग</span> <span class="cf0">साइज</span><span class="cf0"> अनिवार्य है। 2 </span><span class="cf0">एचपी</span><span class="cf0"> के लिए 4 इंच, 3 व 5 </span><span class="cf0">एचपी</span><span class="cf0"> के लिए 6 </span><span class="cf0">इंच</span><span class="cf0">, 7.5 व 10 </span><span class="cf0">एचपी</span><span class="cf0"> के लिए 8 </span><span class="cf0">इंच</span><span class="cf0"> जरूरी है। </span></p>
<p><span class="cf0">यदि सत्यापन के दौरान उपयुक्त </span><span class="cf0">बोरिंग</span><span class="cf0"> नहीं पाई जाती, तो आवेदन निरस्त कर </span><span class="cf0">टोकन</span> <span class="cf0">मनी</span><span class="cf0"> जब्त कर ली जाएगी। विभिन्न क्षमता </span><span class="cf0">वाले</span> <span class="cf0">पंपों</span><span class="cf0"> के लिए पानी की उपलब्धता की </span><span class="cf0">गहराई</span><span class="cf0"> भी निर्धारित की गई है</span><span class="cf3">—</span><span class="cf0">जैसे 2 </span><span class="cf0">एचपी</span> <span class="cf0">सरफेस</span> <span class="cf0">पंप</span><span class="cf0"> 22 </span><span class="cf0">फीट</span><span class="cf0"> तक, जबकि 10 </span><span class="cf0">एचपी</span> <span class="cf0">पंप</span><span class="cf0"> 300 </span><span class="cf0">फीट</span><span class="cf0"> तक के लिए उपयुक्त होता है। </span><span class="cf0">पोर्टल</span><span class="cf0"> पर </span><span class="cf0">जिलों</span><span class="cf0"> के अनुसार 2 </span><span class="cf0">एचपी</span><span class="cf0"> और 3 </span><span class="cf0">एचपी</span> <span class="cf0">पंपों</span><span class="cf0"> के संयुक्त लक्ष्य प्रदर्शित किए जाएंगे।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">आवश्यकतानुसार </span><span class="cf0">पंप</span><span class="cf0"> चयन की सुविधा</span></strong></p>
<p><span class="cf0">किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार </span><span class="cf0">सोलर</span> <span class="cf0">पंप</span><span class="cf0"> का चयन कर </span><span class="cf0">बुकिंग</span><span class="cf0"> आगे बढ़ा सकते हैं। </span><span class="cf0">बुकिंग</span> <span class="cf0">कंफर्म</span><span class="cf0"> होने पर किसानों के </span><span class="cf0">पंजीकृत</span><span class="cf0"> मोबाइल नंबर पर संदेश भेजा जाएगा। निर्धारित समय पर शेष राशि बैंक चालान के माध्यम से जमा करना आवश्यक होगा, </span><span class="cf0">अन्यथा</span> <span class="cf0">चयन</span> <span class="cf0">स्वतः</span> <span class="cf0">निरस्त</span><span class="cf0"> कर दिया </span><span class="cf0">जाएगा</span> <span class="cf0">और</span> <span class="cf0">टोकन</span> <span class="cf0">मनी</span> <span class="cf0">जब्त</span> <span class="cf0">हो</span> <span class="cf0">जाएगी</span><span class="cf0">।</span></p>
<p><span class="cf0">सोलर</span> <span class="cf0">पंप</span><span class="cf0"> स्थापित होने के बाद स्थल परिवर्तन की अनुमति नहीं होगी। यदि कोई </span><span class="cf0">किसान</span> <span class="cf0">स्थल</span> <span class="cf0">बदलता</span> <span class="cf0">है</span> <span class="cf0">तो</span> <span class="cf0">संपूर्ण</span><span class="cf0"> अनुदान की राशि उससे वसूल की जाएगी।</span></p>
<p></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Dec 2025 17:27:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खनिज को मुंह चिढ़ा रहा अवैध खनन का काला कारोबार</title>
                                    <description><![CDATA[- बरियारी में बलात्कार का अरोपी दे रहा प्रशासन का चुनौती, पथरी में नवीन तकनीक से बबेरू के महाराज करा रहै अवैध खनन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/146575/the-black-business-of-illegal-mining-is-teasing-the-minerals"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-11/131.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>बांदा। </strong>जिले में लाल सोने की लूट का काला कारोबार में बेंदा खदान पहलवानी का जादू चल रहा है। तो वहीं मड़ौली खदान में अवैध खनन मंे विवेक से काम लेते हुए खदान संचालक को अवैध खनन से संतोष नहीं हो रहा है। वहीं पथरी खदान में बबेय के एक महाराज की छत्रनाया में नवीन तरीके से अवैध खनन पूरी ताकत के साथ किया जा रहा है। वहीं बरियारी खदान में बलात्कार के आरोपी का डंका खुलेआम बज रहा है। पुलिस की आंख में धूल झोंककर गुपचुप तरीके से बलात्कारी आरोपी यादव अवैध खनन की मलाई बरियारी में काटने में लगा हुआ है।</p>
<p>सूत्रों की मानंे तों आधा दर्जन से अधिक खदानों में अधिकारियों की लापरवाही से जमकर ओवरलोडिंग व नियमों के विपरीत खनन जारी है खदान संचालकों और मनैजमेँट, तक्का बाज व खदान से लेकर बाँदा के चौराहो से तकड़ा मकड़जाल फैला है रसूख का आलम यह है कि एनजीटी, खनिज व अन्य नियमों के उलंघन दबंगई की खबरें सुर्खियों में लगातार बनी हुई है संयुक्त टीम की लोकेशन बाजो द्वारा जानकारी मिलते हीं अवैध खनन  में रोक लग जाता है वहीं दर्जनों हैवीवेट मशीनरी को गरीब किसानों की तैयार खड़ी फसलों से रौंदते हुए गायब कर दी गई।</p>
<p>बेचारे किसान खदान संचालक के पाले गुर्गों के आतंक से भयभीत होकर विरोध करने से भी बचते नजर आए नाम ना उजागर करने की बात कहते हुए क्षेत्रीय जनों ने बताया कि खनन माफिया के साथ बड़े कद्दावर सत्ता धारी नेता व प्रशासनिक अधिकारियों की सांठगांठ है जिससे पूर्व में जो कार्यवाही संयुक्त टीम द्वारा की गई हैं वह पिछले साल व वर्तमान में करोड़ों रुपए राजस्व लूट को बैलेंस करने की चाल।मिली सूत्रों से जानकारी कि मंडौली व पथरी खदान से प्रतिदिन लगभग तीन से चार सैकड़ा ओवरलोड ट्रक बड़ी बड़ी पोकलैंड मशीनरी से 900 से 1000 रूपए बाकेट में भरकर बिक्री लगातार की जा रही है जिससे दोनों खदानों से प्रतिदिन दस से पंद्रह लाख रुपए बचत का लाभ उठा रहे हैं।</p>
<p>इसलिए पांच साल के लिए आवंटित खनिज की मात्रा कुछ माह में समाप्त कर खदानों में बालू ना होने का बहाना बनाकर पांच साल में लगने वाले सरकारी राजस्व का चूना लगा रहे हैं।वहीं मड़ौली खदान के पट्टाधारक व संचालक ने भी एक दर्जन से हैवीवेट मशीनरी नदी की जलधारा में उतार कर तय मानक से कई गुना अधिक बालू ट्रकों में भरकर बिक्री जारी कर रखी हैं। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी एनजीटी, खनिज व अन्य नियमों के साथ ही जिलाधिकारी व प्रदेश के मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन कराने में रूचि नहीं लेते दिखाई दे रहे हैं। जिससे उनकी इस कार्यशैली से उनकी भूमिका संदिग्ध लग रही है।</p>
<p>कहीं इस लूट तंत्र अवैध खनन व ओवरलोडिंग में मौन स्वीकृति से धनार्जन का लाभ तो नहीं हो रहा है। जिससे मड़ौली, पथरी  व अन्य खदानों में बेधड़क नदियों में नियमों के इतर भारी भरकम प्रतिबंधित मशीनरी का प्रयोग के दुष्प्राभाव से दूषित पर्यावरण व भयंकर जलसंकट की सौगात जनपदवासियों को उपहार स्वरूप मिलने वाली है। वहीं खनिज पदार्थों की उपलब्धता भी समाप्त होने का खतरा मंडराता नजर आ रहा है। आने वाले समय में प्रदेश सरकार को प्रतिवर्ष मिलने वाले राजस्व के श्रोत को समाप्त कर दिया जाय।</p>
<p>वहीं दूसरी ओर  माफियाओं, नेताओं व प्रशासनिक अफसरों की मिलीभगत नदियों का अस्तित्व व पर्यावरण को दूषित कर एकबार फिर से पूर्व वर्ती सरकारों में बुंदेलखंड में खनिज संपदा लूट का हजारों करोड़ रुपए का रिकॉर्ड बनाकर इनकी तिजोरियां में बंद हो जाएं। आमजन बूंद बूंद पानी के लिए तरसता हुआ जहरीले वातावरण में जीने को मजबूर हो जाएं। कहीं ऐसा ना हो कि भाजपा सरकार व ईमानदार मुख्यमंत्री की छवि को धूमिल कर सरकार विरोधी प्रदर्शन व माहौल तैयार ना हो जाएं। क्योंकि नदियों से जहां पेयजल आपूर्ति के साथ ही किसानों को सिंचाई के लिए निर्भर रहना पड़ता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 Nov 2024 16:42:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मार्ग दुर्घटना में तीन लोग हुए गंभीर रूप से हुए घायल</title>
                                    <description><![CDATA[<div dir="ltr"><strong>नरैनी/बांदा। </strong>आटो व बाइक की सीधी भिड़ंत में तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कालेज रेफर किया गया है। गिरवा क्षेत्र के प्रेमपुर गांव निवासी जयकरण का 28 वर्षीय पुत्र रामचंद्र, व नरैनी के रिसौरा गांव निवासी चुनबाद यादव का 38 वार्षिय पुत्र रामदीन,बाइक से बांदा की ओर जा रहे थे। उधर रमपुरवा निवासी  यशपाल यादव का 50 वर्षीय पुत्र राम अवतार  अपनी ऑटो सीएनजी से नरैनी की ओर आ रहा था।</div>
<div dir="ltr">  </div>
<div dir="ltr">पनगरा रिसौरा गांवो के बीच ऑटो और बाइक की सीधी टक्कर हो गई। जिससे तीनो युवक गंभीर रूप से</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/146528/three-people-seriously-injured-in-road-accident"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-11/328.jpg" alt=""></a><br /><div dir="ltr"><strong>नरैनी/बांदा। </strong>आटो व बाइक की सीधी भिड़ंत में तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कालेज रेफर किया गया है। गिरवा क्षेत्र के प्रेमपुर गांव निवासी जयकरण का 28 वर्षीय पुत्र रामचंद्र, व नरैनी के रिसौरा गांव निवासी चुनबाद यादव का 38 वार्षिय पुत्र रामदीन,बाइक से बांदा की ओर जा रहे थे। उधर रमपुरवा निवासी  यशपाल यादव का 50 वर्षीय पुत्र राम अवतार  अपनी ऑटो सीएनजी से नरैनी की ओर आ रहा था।</div>
<div dir="ltr"> </div>
<div dir="ltr">पनगरा रिसौरा गांवो के बीच ऑटो और बाइक की सीधी टक्कर हो गई। जिससे तीनो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।दुर्घटना के बाद लगभग आधा घंटा तक सड़क में पड़े तड़पते रहे। राहगीरों की सूचना पर एम्बुलेंस ने सीएचसी में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद तीनों की हालत गंभीर होने पर डॉ लवलेश सिंह पटेल ने तीनो युवकों को मेडिकल कालेज रेफर किया है। घटना की जानकारी मिलने पर कोतवाली प्रभारी राममोहन राय पुलिस फोर्स के साथ सीएचसी पहुचे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 Nov 2024 16:39:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बेंदा खदान में दिख रहा अवैध खनन का जादू</title>
                                    <description><![CDATA[- धड़ल्ले से जारी है अवैध खनन का काला कारोबार]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/146527/magic-of-illegal-mining-visible-in-benda-mine"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-11/14.jpeg" alt=""></a><br /><div dir="ltr"><strong><a href="https://www.google.com/maps/search/1+%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%81%E0%A4%A6%E0%A4%BE?entry=gmail&amp;source=g">बाँदा</a>। </strong>लाल सोने की लूट मंे जनपद में रोजाना नए-नए कीर्तिमान अवैध खनन कर्ताओं द्वारा स्थापित किये जा रहे हैं। कहीं टुंडा का जादू चल रहा तो कहीं पहलवानी दावं के खनिज महकमा चारों खाने चित होता दिख रहा है। तिंदवारी थाना क्षेत्र के बेंदा में स्थित बालू खदान में अवैध खनन और ओवरलोडिंग की भरमार मची हुई है। सूत्रों के माने तो रोजाना नदी की जलधारा में अवैध तरीके से लिफ्टर और पोकलैण्ड मशीनें यमुना नदी का अस्तित्व समाप्त करने में लगी र्हुईं हैं। यही ऐसा ही चलता रहा तो वो दिन दूर नहीं जब इस नदी का अस्तित्म खनन माफिया की पहलवानी और डूंडे के जादू से बांदा का शोक बन जायेगी।</div>
<div dir="ltr"> </div>
<div dir="ltr">बेंदा खदान शरू होते ही इस खदान में अवैध खनन पूरी शिद्दत के साथ जारी है। तिंदवारी थाना अंतर्गत बेंदा खादर खदान में सरकार नियम पहलवानी और टुंडा के रसूख के आगे धराशाही हो जाते हैं। बेंदा खदान संचालकों की मनमानी के चलते ओवरलोड परिवहन से जहां एक ओर सड़के ध्वस्त हो रहीं हैं तो वहीं दूसरी ओर राजस्व की भारी चोरी भी हो रही है। इस खदान में वैध की आड में अवैध खनन का काम तेजी से चल रहा है। हैरानी तो तब होती है जब अधिकारियों के नाक के नीचे बालू माफिया अवैध खनन और ओवरलोड परिवहन कर सरकारी राजस्व को चूना लगाते है।</div>
<div dir="ltr"> </div>
<div dir="ltr">खनन माफिया का मनताने तरीके से अवैध बालू खनन और जिम्मेदारों का चुप्पी साधे रहना ना कुछ कहते हुए हुए बाहुत कुछ बयान करता है।एनजीटी के नियमों को ताक पर रखकर यमुना प्रतिबंधित मशीनों से खनन कार्य किया जा रहा है। नदी की बीच जलधारा में खनन के दौरान रोजाना जलीय जीव जंतुओं की हत्या होती है जो पर्यावरण को भारी क्षति पहुंचा रही है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के इस खदान में पहलवान की पहलवानी के दाव पेंच चले जा रहे हैं। वहीं टुंडे मैनेजमेंट पावर के आगे सारा सिस्टम लाचार नजर आ रहा है। यही कारण है कि जिम्मेदारों के सामने से इस खदान में जमकर अवैध खनन होने के बावजूद सारा सिस्टम कुंभकर्णी निंद्रा में लीन है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/146527/magic-of-illegal-mining-visible-in-benda-mine</link>
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                <pubDate>Fri, 22 Nov 2024 16:37:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तेज रफ्तार ई-रिक्शा पलटने से एक की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>जसपुरा/बांदा। </strong>थाना जसपुरा क्षेत्र में आज सुबह एक दर्दनाक हादसे में लखनलाल पांडे (55), निवासी कस्बा जसपुरा, की ई-रिक्शा पलटने से मौत हो गई। घटना सुबह करीब 10 बजे हुई, जब जसपुरा निवासी रहमान पुत्र नन्हू अपने ई-रिक्शा में लखनलाल पांडे और अन्य सवारियों को लेकर जसपुरा से पैलानी जा रहा था। जसपुरा कस्बे की बड़ी पुलिया के पास ई-रिक्शा तेज रफ्तार के कारण असंतुलित होकर पलट गया। हादसे में लखनलाल पांडे रिक्शा के नीचे दब गए, जिससे उनकी कमर टूट गई। वहीं, अन्य सवारियों और चालक को भी चोटें आईं। स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी)</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p><strong>जसपुरा/बांदा। </strong>थाना जसपुरा क्षेत्र में आज सुबह एक दर्दनाक हादसे में लखनलाल पांडे (55), निवासी कस्बा जसपुरा, की ई-रिक्शा पलटने से मौत हो गई। घटना सुबह करीब 10 बजे हुई, जब जसपुरा निवासी रहमान पुत्र नन्हू अपने ई-रिक्शा में लखनलाल पांडे और अन्य सवारियों को लेकर जसपुरा से पैलानी जा रहा था। जसपुरा कस्बे की बड़ी पुलिया के पास ई-रिक्शा तेज रफ्तार के कारण असंतुलित होकर पलट गया। हादसे में लखनलाल पांडे रिक्शा के नीचे दब गए, जिससे उनकी कमर टूट गई। वहीं, अन्य सवारियों और चालक को भी चोटें आईं। स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) जसपुरा पहुंचाया, लेकिन गंभीर हालत के चलते लखनलाल को जिला अस्पताल बांदा रेफर कर दिया गया।</p>
<p>बांदा जिला अस्पताल में इलाज के दौरान लखनलाल पांडे ने दम तोड़ दिया। उनकी मृत्यु की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।चालक ने नहीं दी जानकारी,मृतक के पुत्र गुड्डू ने बताया कि उनके पिता सुबह 10 बजे घर से निकले थे। हादसे के बाद चालक ने परिजनों को जानकारी नहीं दी। उन्हें घटना की जानकारी बांदा जिला अस्पताल पहुंचने पर अन्य लोगों से मिली। परिवार में शोक की लहर,इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे दुख में डाल दिया है। लखनलाल पांडे की मौत से गांव में भी शोक की लहर है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/146360/one-dead-after-speeding-e-rickshaw-overturns</link>
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                <pubDate>Sun, 17 Nov 2024 20:25:20 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किसानों को निःशुल्क दलहन एवं तिलहन मिनी किट का वितरण  </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>ओरन/बांदा। </strong>रविवार को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजना के तहत विकासखण्ड बिसंडा स्थित राजकीय कृषि बीज भंडार बिसंडा निशुल्क दलहन एवं तिलहन मिनी किट का वितरण ब्लाक प्रमुख शंभुदयाल प्रसाद द्वारा  किया गया। जिसमें कई  गांव के सैकड़ों किसानों ने हिस्सा लिया ।किसानों निशुल्क बीच पाकर गदगद हुए ।इस अवसर पर राजेश सिंह परिहार वरिष्ठ भाजपा नेता लखन सिंह राजपूत पूर्व मंडल अध्यक्ष विभिन्न गांवों से आए हुए क्षेत्र पंचायत सदस्य एवं प्रधानो के द्वारा मिनी किट वितरण किया गया इस मौके पर   एडी.ओ.एजी.ने किसानों को पराली न जलाने के बारे में बताया .पराली जलाने से जुर्माना के बारे में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/146359/distribution-of-free-pulses-and-oilseeds-mini-kits-to-farmers"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-11/61.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>ओरन/बांदा। </strong>रविवार को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजना के तहत विकासखण्ड बिसंडा स्थित राजकीय कृषि बीज भंडार बिसंडा निशुल्क दलहन एवं तिलहन मिनी किट का वितरण ब्लाक प्रमुख शंभुदयाल प्रसाद द्वारा  किया गया। जिसमें कई  गांव के सैकड़ों किसानों ने हिस्सा लिया ।किसानों निशुल्क बीच पाकर गदगद हुए ।इस अवसर पर राजेश सिंह परिहार वरिष्ठ भाजपा नेता लखन सिंह राजपूत पूर्व मंडल अध्यक्ष विभिन्न गांवों से आए हुए क्षेत्र पंचायत सदस्य एवं प्रधानो के द्वारा मिनी किट वितरण किया गया इस मौके पर   एडी.ओ.एजी.ने किसानों को पराली न जलाने के बारे में बताया .पराली जलाने से जुर्माना के बारे में बताया गया .इस मौके पर  प्रभारी  बीज गोदाम बृजकिशोर , जितेन्द्र शिवहरे बीटीएम , ज्ञानसिंह एडीओएजी, एस.एम.एस ,सुदर्शन टीएसी , शिवलोचन कुशवाहा प्रा.स.अजयपाल एटीएम महेन्द्र सोनी एटीएम प्रेमलाल कम्प्यूटर आपरेटर आदि लोग उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 Nov 2024 20:23:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महिला पत्रकारों के खिलाफ प्रकाशित खबर पर नारी शक्ति में उबाल</title>
                                    <description><![CDATA[- कार्यवाही न होने पर महिला पत्रकारों ने दी आंदोलन की चेतावनी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/146358/women-power-boils-over-news-published-against-women-journalists"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-11/फोटो-12,,,.jpg" alt=""></a><br /><div dir="ltr"><strong>बांदा।</strong> बाँदा कि  कुछ पीडीएफ समाचार पत्रों  में महिला पत्रकारेां के खिलाफ असभ्य भाषा  के प्रयोग करते हुए निकाले गये समाचारों के विरोध में जनपद की महिला पत्रकारों  ने कलेट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन करते हुए अपनी मांगों का ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपकर कड़ी कार्यवाही किये जाने की मांग की है। नगर मजिस्ट्रेट को दिये ज्ञापन में महिला कलमकारों ने बताया कि ऐसे पत्रकार  महिला पत्रकारों के विरुद्ध द्वेषपूर्ण अपमान जनक कुछ समाचारपत्रों में प्रकाशित करवाई है। इन अखबारों के संपादक द्वारा बिना पढ़े सोचे समझे समाचार के प्रकाशन से क्षुब्ध हो सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सांपा है।</div>
<div dir="ltr"> </div>
<div dir="ltr">सिटी मजिस्ट्रेट को दिए ज्ञापन में महिला पत्रकारों ने आरोप लगाया है कि 12 नवम्बर 024 दैनिक जनसम्पर्क  भारत समाचारपत्र एवं मोरैना देनिक समाचार पत्र में महिला पत्रकारों को लेकर गलत टिप्पणी के साथ समाचार प्रकाशित क़र वायरल किया गया है जिसमें महिला पत्रकारों के ऊपर आरोप लगाया गया है कि वह पत्रकारिता की आड में अबैध वसूली करती है फर्जी दवा बेचती है उन्हें उनके पति ने भगा  दिया है,, ब्लेकमेलिंग का काम क़र फर्जी पत्रकार बनकर डंडी लिए घूम रहीं है। सिटी मजिस्ट्रेट को दिए ज्ञापन में महिला पत्रकारों ने मांग की है कि इस समाचार से उन्हें मानसिक पीड़ा पहुचीं है।</div>
<div dir="ltr"> </div>
<div dir="ltr">आज जब नारी सशक्तिकरण की बात की जाती है और महिलाएं आगें बढने का प्रयास भी कर रही हैं तब ऐसे प्रकाशित समाचारो से मनोबल गिरता है ऐसी स्थिति में ऐसी खबर भेजने वाले पत्रकार/पत्रकारों सहित उस संस्थान के बिरूद्ध बैधानिक कार्यवाही की जाए जिससे वह अनूशाषित हो यहीं न्याय की मांग है। वरिष्ठ पत्रकार रूपा गोयल ब्यूरो चीफ तेजस टुडे दैनिक अख़बार लखनऊ बाँदा , कविता देवी बुंदेलखंडी  चीफ एडीटर  खबर लहरिया,सुलोचना इंडिया बाच संध्या नेशनल न्यूज़ 1रजनी द्विवेदी मंडल ब्यूरो लोकजन संदेश अन्य प्रीति साहू ग्राम वार्ता मौके पर उपास्थित रहीं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 Nov 2024 20:21:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खाद वितरण के धंाधली का आरोप लगा सपा का प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बाँदा। </strong>आज समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने खाद वितरण में हो रही धांधली और किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में खाद की किल्लत और वितरण में गड़बड़ी के चलते किसानों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। दिन हो या रात, किसान घंटों लाइनों में खड़े रहते हैं, लेकिन उन्हें खाद नहीं मिलती। महिला किसान तो अपने छोटे बच्चों के साथ रातभर लाइनों में खड़ी रहती हैं।</p>
<p>प्रदर्शनकारियों का कहना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/146289/sps-protest-accused-of-rigging-in-fertilizer-distribution"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-11/0.0047.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बाँदा। </strong>आज समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने खाद वितरण में हो रही धांधली और किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में खाद की किल्लत और वितरण में गड़बड़ी के चलते किसानों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। दिन हो या रात, किसान घंटों लाइनों में खड़े रहते हैं, लेकिन उन्हें खाद नहीं मिलती। महिला किसान तो अपने छोटे बच्चों के साथ रातभर लाइनों में खड़ी रहती हैं।</p>
<p>प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में न केवल किसानों की स्थिति बदतर हो गई है, बल्कि युवाओं का भविष्य भी अंधकारमय हो गया है। प्रदेश में भ्रष्टाचार और बेरोजगारी चरम पर है, जिससे आम जनता त्रस्त है। सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजते हुए मांग की है कि किसानों को राहत दी जाए और खाद वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए। साथ ही भ्रष्टाचार और बेरोजगारी पर लगाम लगाने के लिए सरकार ठोस कदम उठाए। इस प्रदर्शन के दौरान पार्टी के स्थानीय नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर सपा नेता ओमनारायण त्रिपाठी विदित, पुरूषोत्तम गुप्ता, एजाज खां, नीलम गुप्ता सहित तमाम सपाई मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/146289/sps-protest-accused-of-rigging-in-fertilizer-distribution</link>
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                <pubDate>Sat, 16 Nov 2024 16:41:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बबेरू कस्बे में ट्रक चालकों के द्वारा नो एंट्री की उड़ाई जा रही धज्जियां</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बबेरू/बांदा।</strong> बबेरू कस्बे में इस समय नो एंट्री के समय कस्बे में भारी वाहन निकल रहे हैं. बता दें कि बांदा पुलिस अधीक्षक  व जिलाधिकारी के आदेशों से कस्बे में लगभग डेढ़ वर्षाे से नो एंट्री चल रही है।  जिससे सुबह 7रू00 बजे से रात्रि 9रू00 बजे तक भारी वाहनों को कस्बे से निकलने के लिए रोक लगी है। जिसमें चारों तरफ सड़कों की कस्बे से लगभग तीन किलोमीटर दूरी नो एंट्री का बोर्ड लगाया गया है। वहां पर पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, ताकि कोई भी भारी भारी वाहन कस्बे में नो एंट्री के पहले ना गुजरे लेकिन इस</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/146288/no-entry-is-being-flouted-by-truck-drivers-in-baberu"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-11/3.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>बबेरू/बांदा।</strong> बबेरू कस्बे में इस समय नो एंट्री के समय कस्बे में भारी वाहन निकल रहे हैं. बता दें कि बांदा पुलिस अधीक्षक  व जिलाधिकारी के आदेशों से कस्बे में लगभग डेढ़ वर्षाे से नो एंट्री चल रही है।  जिससे सुबह 7रू00 बजे से रात्रि 9रू00 बजे तक भारी वाहनों को कस्बे से निकलने के लिए रोक लगी है। जिसमें चारों तरफ सड़कों की कस्बे से लगभग तीन किलोमीटर दूरी नो एंट्री का बोर्ड लगाया गया है। वहां पर पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, ताकि कोई भी भारी भारी वाहन कस्बे में नो एंट्री के पहले ना गुजरे लेकिन इस समय भारी वाहन कस्बे से दिन में ही गुजर रहे हैं, जिससे साफ तौर से देखा जा सकता है कि नो एंट्री की ट्रक चालक व ड्यूटी पर लगे पुलिसकर्मी किस तरह से धज्जियां उड़ा रहे हैं।</p>
<p>और सीधे-सीधे जिलाधिकारी नागेंद्र प्रताप व पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल के आदेशों को न मानते हुए खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रहे हैं। जिसमें भारी वाहनों में मोरम से भरे ओवरलोड ट्रक दिन में फर्राटा भर रहे हैं जिसमें कस्बे में जाम की स्थिति बन जाती है। नो एंट्री में लगे पुलिसकर्मी की मिली भगत से नो एंट्री के समय भारी वाहनों को शहर में प्रवेश दिया जा रहा है। अब देखना यह है कि ट्रक चालकों व नो एंट्री में लगे पुलिस कर्मियों के ऊपर विभागीय के द्वारा क्या कार्रवाई होती है। या फिर वही रवैया रहेगा, की इक्का दुक्का भारी वाहनों को नो एंट्री के समय प्रवेश देते रहेंगे, और नो एंट्री की धज्जियां उड़ाते रहेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 Nov 2024 16:39:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
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                <title>मरौली खण्ड पांचः ग्राम चटगन में गहराया पेयजल संकट</title>
                                    <description><![CDATA[- बेमौत मर रहे जलीय जीव, प्यास से तड़पर रहे जलीय जानवर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/146287/marauli-section-five-drinking-water-crisis-deepens-in-village-chatgan"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-11/5.jpeg" alt=""></a><br /><p><span style="font-weight:bolder;">खनन कारोबारी की कारस्तानी का खामियाजा भुगत रहे लोग</span><br /><br /><strong>बांदा। </strong>मरौली खण्ड पांच के खनन माफिया की एक गलती की सजा पूरा गांव भुगत रहा है। एक ओर जहां इस खदान के संचालक के द्वारा दबंगई के बल पर नदी की जलधारा में अवैध खनन कार्य को अंजाम दिया जा रहा है। तो वहीं दूसरी ओर एक तो खदान संचालक की मशीनों से खेत के खराब होने से रोटी का संकट जहां सता रहा है। तो वहीं नदी की जलधारा में अवैध तरीके से मानकों की धज्जियां उड़ाते हुए खनन कार्य कराने से अब चटगन गांव में पेयजल संकट भी गहराने लगा है। सोचिये जब शीतकालीन सत्र शुरू होने के समय यह हाल तो गर्मी के दिनों में लोगों को कितनी परेशानी झेलनी पड़ेगी इस बात का अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता है।</p>
<p>मरौली खण्ड पांच के खनन कारोबारी की कारस्तानी से जहां मनुष्य पेयजल संकट से जूझ रहा है तो वहीं जलीय जीव भी बमौत काल के गाल में समाते चले जा रहे हैं। वहीं बुंदेली लोकगीत में सुनाई पड़ती पुरानी चंद पंक्तियां जो आज के दौर में बुंदेलखंड के जनपद बांदा मुख्यालय से मात्र कुछ किलो मीटर ग्राम चट्टान व उसके आस पास के क्षेत्रों के लिए अक्षरतः सिद्ध हो रही है ‘सखी जल गगरी ना फूटे, नहीं तो खसम मर जाई’ वैसे तो केंद्र सरकार की महात्वाकांक्षी योजना हर घर जल  का शुभारंभ हो चुका है। लेकिन ग्राम चटगन को ही ले तो वहां के स्थानीय ग्रामीणों को बूंद - बूंद पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-11/4.jpeg" alt="4" width="1274" height="615"></img>ग्रामवासियों को पीने का पानी लाने के लिए अपने ग्राम चटगन से 3 किलोमीटर दूर ग्राम छेराव जाना पड़ता है यहां पर कहने को तो हर घर जल योजना अंतर्गत नल व पाइपलाइन डाली गई है जबकि धरातल में 4 इंच पाइप डालने की जगह ठेकेदार द्वारा मानक के विपरीत मात्र 2 इंच पाईप लाईन गांव की सड़कों बर्बाद कर डाल दिया है। जिससे बारिश के दिनों में ग्रामीणों को चुटहैल होकर कीमत चुकानी पड़ा रही है। ऐसा ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए बताया कि लगातार शिकायतों को करने पर कुछ अफसर आए, तो नलो कि टोटियों में थोड़ी देर के लिए पानी आया जैसे अफसर वापस लौटे तो वैसे ही नालों की टोटियों से पानी गायब हो गया।</p>
<p>वही पर यदि पारंपरिक जल स्रोत की बात की जाए बांदा समेत आस पास के कई गांवों की जीवन धारा, जीवनदायिनी केन नदी जो इस ग्राम के सीमा से होकर बहती है, उसे अवैध बालू खनन करने वाले बालू माफियाओं की नजर लग गई है, बालू खदान मरौली खंड 5 की तरफ से भी बहकर आती धारा का जल प्रतिबंधित मशीन पोकलैंडो  मशीनों के अत्याधिक प्रयोग एवं जलधारा में खुदाई के चलते वह पानी इतना प्रदूषित हो चुका है मनुष्यों को तो दूर पशुओं के पीने आदि के प्रयोग लायक नहीं रह गया यह समस्या केवल एक ग्राम की नहीं क्षेत्र के कई ग्रामों की है।</p>
<p>जो माफियाओं के डर से जब लोगों ने डरी जुबान से क्षेत्र के दौरा करने पहुंचे किसान नेता बलराम तिवारी को अवगत कराया। जिस पर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के मंडल अध्यक्ष ने स्थानीय नागरिकों भरोसा दिलाते हुए ग्रामीणों से शीघ्र ही इस जल समस्या का निराकरण जिला प्रशासन स्तर पर कराने का भरोसा दिया, साथ ही यह घोषणा की जल्द से जल्द अगर इस जल समस्या का समाधान शासन स्तर पर नहीं होता है तो वह स्थानीय ग्रामीण वासियों के संग सड़कों में उतर ग्रामीणों के साथ कंधे से कन्धा मिलाकर आंदोलन करेंगे। देखना यह है प्रशासन कब तक स्थानीय जनता की इस गंभीर जल समस्या को कब संज्ञान लेता है साथ क्या कार्यवाही करता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 Nov 2024 16:37:03 +0530</pubDate>
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