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                <title>Kapilvastu - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Kapilvastu RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सिवि में नशा मुक्ति का संकल्प लिया गया: पीएम मोदी ने वर्चुअल मध्यम से विकसित भारत निर्माण का आह्वान किया</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर में रविवार को भारत के प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के वर्चुअल संबोधन का सजीव प्रसारण आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान' के राष्ट्रीय शुभारंभ के अवसर पर आयोजित हुआ। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने सहभागिता की।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">अपने संबोधन में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वर्ष 2047 तक 'ड्रग-फ्री इंडिया' के संकल्प को जन-आंदोलन बनाना होगा। उन्होंने युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से दूर रहने तथा अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और क्षमता</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184557/pledge-taken-for-de-addiction-in-civil-society-pm-modi-called"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/17856813414202.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर में रविवार को भारत के प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के वर्चुअल संबोधन का सजीव प्रसारण आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान' के राष्ट्रीय शुभारंभ के अवसर पर आयोजित हुआ। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने सहभागिता की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अपने संबोधन में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वर्ष 2047 तक 'ड्रग-फ्री इंडिया' के संकल्प को जन-आंदोलन बनाना होगा। उन्होंने युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से दूर रहने तथा अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और क्षमता को राष्ट्र निर्माण में लगाने का संदेश दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के उपरांत विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. कविता शाह ने उपस्थित शिक्षक, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा भारत की रीढ़ हैं। स्वस्थ, जागरूक और चरित्रवान युवा ही राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति हैं। नशामुक्त युवा अपनी संपूर्ण ऊर्जा, प्रतिभा और क्षमता को राष्ट्र के विकास एवं समाज के उत्थान में समर्पित कर सकता है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर कुलपति ने उपस्थित सभी विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई तथा उन्हें स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ अपने परिवार, मित्रों एवं समाज को भी नशामुक्त भारत के निर्माण हेतु प्रेरित करने का संकल्प दिलाया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ. अश्विनी कुमार, कला संकाय के अधिष्ठाता प्रो. नीता यादव, विज्ञान संकाय की अधिष्ठाता प्रो. प्रकृति राय,अधिष्ठाता वाणिज्य प्रो. सौरभ अधिष्ठाता शैक्षणिक प्रो जितेंद्र सिंह सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 02 Aug 2026 20:34:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चंपतराय की मुश्किलें: मंदिर से ट्रस्ट तक, हर मोर्चे पर चुनौती</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अयोध्या में बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों समेत सभी वकीलों ने कल एक जुलूस निकाला और चंपतराय पर एफआईआर की मांग की। वकीलों का कहना है कि चढ़ावा चोरी में छोटी मछलियों को तो जाल में फांस लिया गया है लेकिन चंपतराय जो इस केस का अहम हिस्सा हैं उनके ऊपर कोई कार्रवाई नहीं की गई। वकीलों का कहना है कि चंपतराय को बचाने की कोशिश की जा रही है जब कि मुख्य आरोपी चंपतराय ही हैं। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उधर अयोध्या के वकीलों ने एक स्वर में कहा है कि राम मंदिर चंदा चोरी के जितने भी आरोपी हैं उनका मुकदमा कोई भी</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182536/champat-rais-troubles-challenges-on-every-front-from-temple-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/hindi-divas3.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अयोध्या में बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों समेत सभी वकीलों ने कल एक जुलूस निकाला और चंपतराय पर एफआईआर की मांग की। वकीलों का कहना है कि चढ़ावा चोरी में छोटी मछलियों को तो जाल में फांस लिया गया है लेकिन चंपतराय जो इस केस का अहम हिस्सा हैं उनके ऊपर कोई कार्रवाई नहीं की गई। वकीलों का कहना है कि चंपतराय को बचाने की कोशिश की जा रही है जब कि मुख्य आरोपी चंपतराय ही हैं। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उधर अयोध्या के वकीलों ने एक स्वर में कहा है कि राम मंदिर चंदा चोरी के जितने भी आरोपी हैं उनका मुकदमा कोई भी वकील नहीं लड़ेगा। राम मंदिर आंदोलन का चेहरा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ नेता और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">राम मंदिर का शिलान्यास से लेकर प्राण प्रतिष्ठा तक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हर बड़ी तस्वीर में वो सबसे आगे दिखे। पर अयोध्या में रामलला का मंदिर बन जाने के बाद भी उनकी मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। उल्टा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिम्मेदारी बढ़ने के साथ चुनौतियां भी कई गुना हो गई हैं। ट्रस्ट का पारदर्शिता संकट: </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">चंदे का हिसाब</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">सबसे बड़ा मुद्दा- राम मंदिर के लिए </span>2019 <span lang="hi" xml:lang="hi">से </span>2021 <span lang="hi" xml:lang="hi">के बीच देश-दुनिया से </span>3500 <span lang="hi" xml:lang="hi">करोड़ रुपये से ज्यादा का चंदा इकट्ठा हुआ।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi"> मुश्किल क्या है</span>?- <span lang="hi" xml:lang="hi">विपक्ष</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कुछ साधु-संत और सोशल मीडिया लगातार ट्रस्ट से चंदे का पूरा ऑडिटेड हिसाब मांग रहा है। आरोप लगते रहे कि जमीन खरीद में </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">ओवर प्राइसिंग</span>', <span lang="hi" xml:lang="hi">दान में अनियमितता हुई। </span>2021 <span lang="hi" xml:lang="hi">में अयोध्या के ही संतों ने जमीन घोटाले के आरोप लगाकर </span>FIR <span lang="hi" xml:lang="hi">तक की मांग की थी। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">चंपत राय ने बार-बार कहा कि सारा हिसाब </span>CAG <span lang="hi" xml:lang="hi">स्टाइल ऑडिट से होगा और वेबसाइट पर डाला जाएगा। पर </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">कब</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">और </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">कितना डिटेल</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">को लेकर सवाल आज भी पीछा नहीं छोड़ रहे। एक </span>3500 <span lang="hi" xml:lang="hi">करोड़ के प्रोजेक्ट के महासचिव होने का मतलब है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हर पैसे का जवाब देना। यही उनका सबसे बड़ा प्रेशर पॉइंट है। निर्माण की गति </span>vs <span lang="hi" xml:lang="hi">भक्तों की उम्मीद: </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">अधूरा मंदिर</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">की किरकिरी - </span>22 <span lang="hi" xml:lang="hi">जनवरी </span>2024 <span lang="hi" xml:lang="hi">को प्राण प्रतिष्ठा हुई। देश ने माना मंदिर बन गया। असलियत क्या है</span>?- <span lang="hi" xml:lang="hi">प्राण प्रतिष्ठा सिर्फ गर्भगृह और पहली मंजिल की हुई थी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">पूरा मंदिर परिसर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">परकोटा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संग्रहालय</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तीर्थ यात्री सुविधा केंद्र</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पार्किंग अभी बन रहा है। ट्रस्ट का लक्ष्य </span>2025 <span lang="hi" xml:lang="hi">के अंत तक मुख्य ढांचा पूरा करना है। मुश्किल: गर्मी में टाइल्स गर्म होना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बारिश में छत टपकने की खबरें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भीड़ प्रबंधन की अव्यवस्था।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi"> हर छोटी कमी पर सीधा निशाना महासचिव चंपत राय पर आता है। भक्त </span>500 <span lang="hi" xml:lang="hi">साल इंतजार के बाद </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">परफेक्ट</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">मंदिर चाहते हैं। एक ईंट टेढ़ी दिखी तो ट्रोलिंग शुरू। निर्माण की टाइमलाइन और जनता की उम्मीद के बीच बैलेंस करना उनके लिए रोज की जंग है। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अयोध्या के स्थानीय संतों से तनातनी- राम मंदिर आंदोलन में कई अखाड़े</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मठ और स्थानीय संत शामिल थे। मंदिर बनने के बाद </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">क्रेडिट</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">और </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">कंट्रोल</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">को लेकर खींचतान सामने आई। तपस्वी छावनी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हनुमानगढ़ी और अन्य अखाड़ों के कई संत खुलकर कह चुके हैं कि ट्रस्ट </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">एकतरफा</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">चल रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्थानीय आवाजों को जगह नहीं मिल रही।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi"> चंपत राय को दिल्ली-</span>VHP <span lang="hi" xml:lang="hi">बैकग्राउंड का </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">बाहरी</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">बताकर भी हमले होते हैं। अयोध्या की धर्म सत्ता को साधना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बिना टकराव के सबको साथ लेकर चलना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ये राजनीतिक कुशलता से भी बड़ी चुनौती है। भीड़</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वीआईपी कल्चर और आम भक्त का गुस्सा- प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या रोज </span>1-1.5 <span lang="hi" xml:lang="hi">लाख श्रद्धालु देख रही है। दर्शन के लिए </span>6-8 <span lang="hi" xml:lang="hi">घंटे की लाइन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वीआईपी पास का आरोप</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">टूट-फूट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सफाई।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जब कोई बुजुर्ग महिला लाइन में बेहोश होती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो वीडियो वायरल होता है और कैप्शन होता है: "ये है चंपत राय का प्रबंधन"। ट्रस्ट का काम मंदिर बनाना है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर भीड़ का गुस्सा प्रशासन के साथ-साथ ट्रस्ट के महासचिव पर भी गिरता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi"> क्योंकि अब रामलला - चंपत राय का चेहरा बन चुका है।राजनीतिक निशाने पर- </span>2024 <span lang="hi" xml:lang="hi">लोकसभा में भाजपा अयोध्या सीट हार गई। ये ट्रस्ट और </span>VHP <span lang="hi" xml:lang="hi">के लिए झटका था। विपक्ष का नैरेटिव बना: "मंदिर दे दिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर रोजगार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">महंगाई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अव्यवस्था नहीं दी।" इस हार का ठीकरा भी अप्रत्यक्ष रूप से मंदिर प्रबंधन और चंपत राय पर फूटा। अब हर चुनाव में अयोध्या का मॉडल सवालों में रहेगा। मंदिर बन गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इम्तिहान शुरू हुआ- चंपत राय ने अपना जीवन राम मंदिर को समर्पित किया। </span>80+ <span lang="hi" xml:lang="hi">की उम्र में भी वो रोज </span>16 <span lang="hi" xml:lang="hi">घंटे काम करते हैं। पर आंदोलन का नेता होना आसान था</span>, 500 <span lang="hi" xml:lang="hi">साल के सपने का </span>CEO <span lang="hi" xml:lang="hi">होना सबसे कठिन है। अब लड़ाई कोर्ट में नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कॉरिडोर में है। हिसाब</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पारदर्शिता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">निर्माण की गुणवत्ता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संतों को साधना और करोड़ों भक्तों की उम्मीद। जब तक अंतिम शिखर नहीं लग जाता और अयोध्या वर्ल्ड-क्लास तीर्थ नहीं बन जाती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब तक उनकी मुश्किलें कम नहीं होंगी। राम मंदिर बनाकर उन्होंने इतिहास रच दिया। अब उस इतिहास को कलंक-मुक्त रखना ही उनकी सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 17:23:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री के प्रस्तावित आगमन को लेकर तैयारियां तेज : विधायक श्यामधनी राही और जिलाधिकारी ने कार्यक्रम स्थल का किया निरीक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> सिद्धार्थनगर में विधानसभा क्षेत्र कपिलवस्तु में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित आगमन को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं। कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही ने जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी. एन. सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कार्यक्रम स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने तैयारियों की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान विधायक श्यामधनी राही ने मंच निर्माण, जनसभा स्थल, सुरक्षा व्यवस्था, वाहन पार्किंग, आवागमन मार्ग, पेयजल व्यवस्था, स्वच्छता, विद्युत आपूर्ति, बैरिकेडिंग और विशिष्ट अतिथियों व आमजन की सुविधाओं से जुड़े सभी बिंदुओं का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182534/preparations-intensified-for-the-proposed-arrival-of-the-chief-minister"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1782919965900.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> सिद्धार्थनगर में विधानसभा क्षेत्र कपिलवस्तु में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित आगमन को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं। कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही ने जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी. एन. सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कार्यक्रम स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने तैयारियों की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान विधायक श्यामधनी राही ने मंच निर्माण, जनसभा स्थल, सुरक्षा व्यवस्था, वाहन पार्किंग, आवागमन मार्ग, पेयजल व्यवस्था, स्वच्छता, विद्युत आपूर्ति, बैरिकेडिंग और विशिष्ट अतिथियों व आमजन की सुविधाओं से जुड़े सभी बिंदुओं का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए और कहा कि बड़ी संख्या में लोगों की संभावित उपस्थिति को देखते हुए सभी व्यवस्थाएं समय रहते पूरी कर ली जाएं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन., सांसद प्रतिनिधि रिंकू पाल, उपजिलाधिकारी राहुल सिंह, क्षेत्राधिकारी विश्वजीत और लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता कमल किशोर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने विधायक को अब तक की गई तैयारियों की जानकारी दी और बताया कि कार्यक्रम स्थल को अंतिम रूप देने का कार्य तेजी से जारी है।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
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</div>
</div>
<div class="hq gt">
<div class="hp" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="eqJbab cZD3Qb"></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182534/preparations-intensified-for-the-proposed-arrival-of-the-chief-minister</link>
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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 17:21:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दशम दीक्षांत समारोह की सभी तैयारियां पूर्ण,  भव्य आयोजन आज</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर में 29 जून 2026 को आयोजित होने वाले दशम दीक्षांत समारोह की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। आज विश्वविद्यालय में विद्या परिषद एवं कार्य परिषद की बैठक आयोजित की गई, जिसके उपरांत संपूर्ण कार्यक्रम का अंतिम पूर्वाभ्यास सम्पन्न हुआ।</div>
<div style="text-align:justify;">  इस अवसर पर कुलपति प्रो. कविता शाह, कुलसचिव डॉ. अश्वनी कुमार, कार्य परिषद एवं विद्या परिषद के सदस्यों ने विद्वत पारियात्र के साथ दीक्षांत समारोह की तैयारियों का पूर्वाभ्यास किया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस वर्ष विश्वविद्यालय की कार्य परिषद में जनभवन द्वारा नामित दो नए सदस्य, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति अनिल</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182237/all-preparations-for-tenth-convocation-ceremony-completed-grand-event-today"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1782655142971.jpg" alt=""></a><br /><div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर में 29 जून 2026 को आयोजित होने वाले दशम दीक्षांत समारोह की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। आज विश्वविद्यालय में विद्या परिषद एवं कार्य परिषद की बैठक आयोजित की गई, जिसके उपरांत संपूर्ण कार्यक्रम का अंतिम पूर्वाभ्यास सम्पन्न हुआ।</div>
<div style="text-align:justify;"> इस अवसर पर कुलपति प्रो. कविता शाह, कुलसचिव डॉ. अश्वनी कुमार, कार्य परिषद एवं विद्या परिषद के सदस्यों ने विद्वत पारियात्र के साथ दीक्षांत समारोह की तैयारियों का पूर्वाभ्यास किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस वर्ष विश्वविद्यालय की कार्य परिषद में जनभवन द्वारा नामित दो नए सदस्य, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति अनिल कुमार तथा बापू महाविद्यालय, पीपीगंज, गोरखपुर की प्राचार्य डॉ. मंजू मिश्रा भी समारोह में सम्मिलित होंगी। दीक्षांत समारोह में 19 कार्य परिषद सदस्य एवं 51 विद्या परिषद सदस्य सहभागिता करेंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दशम दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल  आनंदीबेन पटेल करेंगी। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पर्यावरणविद् डॉ. मधुलिका अग्रवाल तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश की उच्च शिक्षा राज्य मंत्री  रजनी तिवारी उपस्थित रहेंगी। रविवार सायंकाल  राज्यपाल का सिद्धार्थ विश्वविद्यालय आगमन प्रस्तावित है तथा उनके सम्मान में विश्वविद्यालय के कला संकाय सभागार में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कल दीक्षांत समारोह का शुभारम्भ प्रातः 10:00 बजे वंदे मातरम् एवं राष्ट्रगीत की प्रस्तुति से होगा तथा समापन राष्ट्रगान एवं विद्वत पारियात्रा के प्रत्यावर्तन के साथ किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस वर्ष दीक्षांत समारोह का मुख्य आकर्षण स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी होंगे। विश्वविद्यालय द्वारा कुल 37 स्वर्ण पदक, जिनमें 13 डोनर स्वर्ण पदक शामिल हैं, प्रदान किए जाएंगे। विशेष रूप से 13 ऐसे विद्यार्थी हैं जिन्हें दो या दो से अधिक स्वर्ण पदक प्राप्त हो रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">समारोह में पीएच.डी. उपाधि प्राप्त करने वाले शोधार्थियों को उपाधि प्रदान की जाएगी। साथ ही विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों से शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले चार शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। विश्वविद्यालय के शिक्षकों द्वारा लिखित आठ पुस्तकों का लोकार्पण, दीक्षा उत्सव कार्यक्रम की झलकियां पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन, नवनिर्मित बालगृह ‘किलकारी’ एवं दिव्यांगजन सुविधायुक्त डिजिटलाइज्ड लाइब्रेरी का लोकार्पण भी कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण होंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गोद लिए गए गांवों के बच्चों द्वारा पर्यावरण एवं जल संरक्षण विषयक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया जाएगा। इसके अतिरिक्त आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को किट वितरण का कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर कुलपति प्रो. कविता शाह ने कहा कि, दशम दीक्षांत समारोह केवल उपाधि वितरण का अवसर नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की उपलब्धियों, समाज के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता और नई पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य का उत्सव है। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय शिक्षा, शोध, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व के समन्वय के साथ निरंतर नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। यह दीक्षांत समारोह हमारे विद्यार्थियों, शिक्षकों और समस्त विश्वविद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयासों का गौरवपूर्ण प्रतीक बनेगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>अन्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182237/all-preparations-for-tenth-convocation-ceremony-completed-grand-event-today</link>
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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 22:34:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>37 टॉपर्स को राज्यपाल के हाथों आज मिलेगा गोल्ड मेडल</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>  स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">नेपाल सीमा से सटे तराई क्षेत्र में जब सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की स्थापना की गई थी, तब इसके पीछे सबसे बड़ा उद्देश्य पिछड़े और सीमांत क्षेत्रों के युवाओं, विशेषकर बेटियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना था। एक दशक बाद विश्वविद्यालय का 10वां दीक्षांत समारोह उस उद्देश्य की सफलता की गवाही देता नजर आ रहा है। इस बार दिए जाने वाले 37 स्वर्ण पदकों में 28 पदक छात्राओं के नाम हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  भगवान गौतम बुद्ध की तपोभूमि में स्थित सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की स्थापना 17 जून 2015 में उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद के कपिलवस्तु में</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वर्तमान</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182235/37-toppers-will-get-gold-medal-today-from-the-hands"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1782656585168.jpg" alt=""></a><br /><div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong> स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नेपाल सीमा से सटे तराई क्षेत्र में जब सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की स्थापना की गई थी, तब इसके पीछे सबसे बड़ा उद्देश्य पिछड़े और सीमांत क्षेत्रों के युवाओं, विशेषकर बेटियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना था। एक दशक बाद विश्वविद्यालय का 10वां दीक्षांत समारोह उस उद्देश्य की सफलता की गवाही देता नजर आ रहा है। इस बार दिए जाने वाले 37 स्वर्ण पदकों में 28 पदक छात्राओं के नाम हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> भगवान गौतम बुद्ध की तपोभूमि में स्थित सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की स्थापना 17 जून 2015 में उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद के कपिलवस्तु में एक राज्य विश्वविद्यालय के रूप में की गई थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वर्तमान में विश्वविद्यालय से छह जिलों (सिद्धार्थनगर, महराजगंज, संतकबीरनगर, बस्ती, श्रावस्ती और बलरामपुर) के संबद्ध 289 महाविद्यालयों के माध्यम से लगभग दो लाख विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्रदान कर रहा है।  शिक्षाविदों का कहना है कि यह उपलब्धि केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता का आंकड़ा नहीं है बल्कि उस सामाजिक बदलाव का भी संकेत है, जिसकी उम्मीद विश्वविद्यालय की स्थापना के समय की गई थी। जिन क्षेत्रों में कभी उच्च शिक्षा तक पहुंच सीमित थी, वहां की बेटियां आज विश्वविद्यालय की मेधा सूची में सबसे आगे खड़ी हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> तराई और सीमावर्ती जिलों में लंबे समय तक उच्च शिक्षा के अवसर सीमित रहे। आर्थिक स्थिति, दूरी और सामाजिक परिस्थितियों के कारण बड़ी संख्या में छात्राएं उच्च शिक्षा से वंचित रह जाती थीं। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय और इससे संबद्ध महाविद्यालयों के विस्तार ने इस स्थिति में बदलाव लाने का काम किया। अब छात्राओं को घर के नजदीक ही स्नातक, परास्नातक और शोध स्तर तक पढ़ाई का अवसर मिल रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शिक्षकों का कहना है कि पिछले वर्षों में छात्राओं की भागीदारी लगातार बढ़ी है। इसका परिणाम अब स्वर्ण पदकों और शैक्षणिक उपलब्धियों के रूप में सामने आ रहा है। 37 में 28 स्वर्ण पदक छात्राओं को मिलना इस बात का प्रमाण है कि अवसर मिलने पर बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>अन्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182235/37-toppers-will-get-gold-medal-today-from-the-hands</link>
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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 21:39:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिव्यांग विद्यार्थियों हेतु डिजिटल रीडिंग मशीन एवं किलकारी बाल देखभाल केंद्र का लोकार्पण करेंगी कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर में आगामी 29 जून, 2026 को आयोजित होने वाले दशम दीक्षांत समारोह के अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल  आनंदीबेन पटेल द्वारा विश्वविद्यालय में नवस्थापित केंद्रीय डिजिटल लाइब्रेरी में दिव्यांग विद्यार्थियों की सुविधा हेतु स्थापित डिजिटल रीडिंग मशीन तथा किलकारी बाल देखभाल केंद्र का लोकार्पण किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस संबंध में पुस्तकालय प्रभारी डॉ. आशुतोष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि विश्वविद्यालय का केंद्रीय पुस्तकालय पूर्णतः डिजिटल स्वरूप में विकसित किया गया है। इसमें दिव्यांग विद्यार्थियों के पठन-पाठन को सुगम बनाने के लिए कीबोर्ड सॉफ्टवेयर एवं अत्याधुनिक स्कैनिंग मशीन की</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182169/chancellor-anandiben-patel-will-inaugurate-digital-reading-machine-and-kilkari"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1782570686719-(1).jpg" alt=""></a><br /><div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर में आगामी 29 जून, 2026 को आयोजित होने वाले दशम दीक्षांत समारोह के अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल  आनंदीबेन पटेल द्वारा विश्वविद्यालय में नवस्थापित केंद्रीय डिजिटल लाइब्रेरी में दिव्यांग विद्यार्थियों की सुविधा हेतु स्थापित डिजिटल रीडिंग मशीन तथा किलकारी बाल देखभाल केंद्र का लोकार्पण किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस संबंध में पुस्तकालय प्रभारी डॉ. आशुतोष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि विश्वविद्यालय का केंद्रीय पुस्तकालय पूर्णतः डिजिटल स्वरूप में विकसित किया गया है। इसमें दिव्यांग विद्यार्थियों के पठन-पाठन को सुगम बनाने के लिए कीबोर्ड सॉफ्टवेयर एवं अत्याधुनिक स्कैनिंग मशीन की व्यवस्था की गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस मशीन के माध्यम से किसी भी पुस्तक को स्कैन कर उसे 100 से अधिक भाषाओं में अनुवादित किया जा सकता है। अनुवादित सामग्री को वॉइस सुविधा के माध्यम से सुना भी जा सकता है, जो विशेष रूप से दृष्टिबाधित एवं दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दशम दीक्षांत समारोह की तैयारियों के क्रम में आज विश्वविद्यालय में कार्यक्रम का पूर्ण एवं व्यवस्थित पूर्वाभ्यास (रिहर्सल) भी किया गया। इस वर्ष समारोह स्थल में परिवर्तन किए जाने के कारण पूर्वाभ्यास विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा। पूर्वाभ्यास के दौरान मंच संचालन, अतिथियों के आगमन, पदक एवं उपाधि वितरण, सांस्कृतिक कार्यक्रमों तथा समस्त व्यवस्थाओं का क्रमबद्ध अभ्यास किया गया, जिससे समारोह का सफल एवं गरिमामय आयोजन सुनिश्चित किया जा सके।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182169/chancellor-anandiben-patel-will-inaugurate-digital-reading-machine-and-kilkari</link>
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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 21:45:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राज्यपाल के कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण: डीएम और एसएसपी ने सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा*</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<blockquote class="format1">
<div>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</div>
<div>सिद्धार्थनगर।</div>
</blockquote>
</div>
<div>  </div>
<div>जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जीएन एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा0 अभिषेक महाजन द्वारा  राज्यपाल  के कपिलवस्तु विश्वविद्यालय में प्रस्तावित कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत निरीक्षण किया गया। </div>
<div>  </div>
<div>    प्रदेश की राज्यपाल  आनन्दी बेन पटेल  का जनपद सिद्धार्थनगर में आगमन कपिलवस्तु विश्वविद्यालय थाना कपिलवस्तु जनपद सिद्धार्थनगर में प्रस्तावित कार्यक्रम के दृष्टिगत कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा व्यवस्था एवं अन्य विभिन्न बिन्दुओं (हेलीपैड/कार्यक्रम-स्थल आदि) पर गहनता एवं सूक्ष्मता से निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया।</div>
<div>  </div>
<div>  इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) गौरव श्रीवास्तव, अपर पुलिस अधीक्षक  प्रशान्त कुमार थानाध्यक्ष कपिलवस्तु सहित अन्य अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।</div>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182142/dm-and-ssp-inspected-the-venue-of-governors-program-and"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1782568282099-(1).jpg" alt=""></a><br /><div>
<blockquote class="format1">
<div>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</div>
<div>सिद्धार्थनगर।</div>
</blockquote>
</div>
<div> </div>
<div>जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जीएन एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा0 अभिषेक महाजन द्वारा  राज्यपाल  के कपिलवस्तु विश्वविद्यालय में प्रस्तावित कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत निरीक्षण किया गया। </div>
<div> </div>
<div>  प्रदेश की राज्यपाल  आनन्दी बेन पटेल  का जनपद सिद्धार्थनगर में आगमन कपिलवस्तु विश्वविद्यालय थाना कपिलवस्तु जनपद सिद्धार्थनगर में प्रस्तावित कार्यक्रम के दृष्टिगत कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा व्यवस्था एवं अन्य विभिन्न बिन्दुओं (हेलीपैड/कार्यक्रम-स्थल आदि) पर गहनता एवं सूक्ष्मता से निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया।</div>
<div> </div>
<div> इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) गौरव श्रीवास्तव, अपर पुलिस अधीक्षक  प्रशान्त कुमार थानाध्यक्ष कपिलवस्तु सहित अन्य अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 19:29:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में दीक्षांत उत्सव के उपलक्ष्य में प्रभात फेरी एवं योगाभ्यास का आयोजन</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
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<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर में आगामी 29 जून  को आयोजित होने वाले दशम दीक्षांत समारोह के क्रम में राजभवन से प्राप्त मार्गदर्शन के आधार पर कुलपति प्रोफेसर कविता शाह के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय परिसर में प्रतिदिन प्रातःकाल प्रभात फेरी एवं योगाभ्यास का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में विशेष रूप से विश्वविद्यालय के शोधार्थी एवं विद्यार्थी उत्साहपूर्वक सहभागिता कर रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">प्रातःकाल परिसर स्थित दीक्षांत मंच पर योगाभ्यास के उपरांत प्रभात फेरी निकाली जा रही है। प्रभात फेरी के दौरान भारतीय परंपरा के मंगल गीतों का गायन एवं आध्यात्मिक वातावरण के सृजन</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182097/organization-of-prabhat-pheri-and-yoga-practice-on-the-occasion"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1782309771138.jpg" alt=""></a><br /><div>
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<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर में आगामी 29 जून  को आयोजित होने वाले दशम दीक्षांत समारोह के क्रम में राजभवन से प्राप्त मार्गदर्शन के आधार पर कुलपति प्रोफेसर कविता शाह के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय परिसर में प्रतिदिन प्रातःकाल प्रभात फेरी एवं योगाभ्यास का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में विशेष रूप से विश्वविद्यालय के शोधार्थी एवं विद्यार्थी उत्साहपूर्वक सहभागिता कर रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रातःकाल परिसर स्थित दीक्षांत मंच पर योगाभ्यास के उपरांत प्रभात फेरी निकाली जा रही है। प्रभात फेरी के दौरान भारतीय परंपरा के मंगल गीतों का गायन एवं आध्यात्मिक वातावरण के सृजन का प्रयास किया जा रहा है, जिससे विश्वविद्यालय परिसर में सकारात्मक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक वातावरण का संचार हो रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस कार्यक्रम के संबंध में कुलपति प्रोफेसर कविता शाह ने कहा कि प्रातःकाल विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की सहभागिता से इस प्रकार का सकारात्मक वातावरण निर्मित होने से पूरे विश्वविद्यालय परिसर में शैक्षणिक एवं आध्यात्मिक चेतना का संचार होगा। उन्होंने बताया कि भारतीय ज्ञान परंपरा में शिक्षा केवल ज्ञानार्जन का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व के समग्र विकास, सांस्कृतिक चेतना एवं आध्यात्मिक उन्नयन का भी आधार है। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह किसी भी शिक्षण संस्थान के लिए उत्सव का अवसर होता है और ऐसे अवसरों पर इस प्रकार के मूल्यपरक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम अत्यंत महत्त्वपूर्ण होते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम संयोजक एवं हिंदी विभाग के आचार्य प्रोफेसर सत्येन्द्र दुबे ने बताया कि दीक्षांत समारोह तक प्रतिदिन प्रातःकाल परिसर में प्रभात फेरी, योगाभ्यास एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता को अत्यंत महत्त्वपूर्ण बताते हुए विश्वविद्यालय परिसर में निवासरत सभी शिक्षक परिवारों से भी प्रभात फेरी में सम्मिलित होने का आग्रह किया, जिससे परिसर का सकारात्मक, ऊर्जावान एवं रचनात्मक वातावरण और अधिक सुदृढ़ हो सके।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह की गरिमा एवं उपादेयता की दृष्टि से शैक्षणिक संस्थानों में इस प्रकार का आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण अत्यंत मूल्यवान सिद्ध होता है।</div>
<div style="text-align:justify;">यह जानकारी विश्वविद्यालय के सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी डॉ. अविनाश प्रताप सिंह ने दी है।</div>
</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 15:56:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सिद्धार्थ विश्वविद्यालय ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर निकाली योग जागरूकता यात्रा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर। </strong>सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर में कुलपति प्रो० कविता शाह के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में जन-जागरण योग जागरूकता यात्रा का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवियों एवं विद्यार्थियों द्वारा निकाली गई यह यात्रा विश्वविद्यालय परिसर से प्रारम्भ होकर कपिलवस्तु तक पहुंची। यात्रा का उद्देश्य आम जनमानस को योग के महत्व, उसके स्वास्थ्य लाभों तथा दैनिक जीवन में योग को अपनाने के प्रति जागरूक करना था।</div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर योग आयोजन के समन्वयक प्रो० सत्येन्द्र कुमार दुबे ने अपने उद्बोधन में कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक परंपरा की</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181739/siddharth-university-takes-out-yoga-awareness-tour-on-the-eve"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1781969255734.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर। </strong>सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर में कुलपति प्रो० कविता शाह के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में जन-जागरण योग जागरूकता यात्रा का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवियों एवं विद्यार्थियों द्वारा निकाली गई यह यात्रा विश्वविद्यालय परिसर से प्रारम्भ होकर कपिलवस्तु तक पहुंची। यात्रा का उद्देश्य आम जनमानस को योग के महत्व, उसके स्वास्थ्य लाभों तथा दैनिक जीवन में योग को अपनाने के प्रति जागरूक करना था।</div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर योग आयोजन के समन्वयक प्रो० सत्येन्द्र कुमार दुबे ने अपने उद्बोधन में कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक परंपरा की अमूल्य धरोहर है। योग व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास का आधार है। वर्तमान समय में स्वस्थ जीवनशैली के लिए योग को जन-जन तक पहुंचाना आवश्यक है।</div>
<div style="text-align:justify;">राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ० यशवंत यादव ने कहा कि योग केवल स्वास्थ्य का साधन नहीं, बल्कि एक जागरूक और सशक्त समाज के निर्माण का माध्यम भी है। </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर डॉ० विमल चन्द्र वर्मा, डॉ० जय सिंह यादव, डॉ० मयंक कुशवाहा, डॉ० दिनेश प्रसाद, डॉ० अविनाश प्रताप सिंह, डॉ० कपिल गुप्ता तथा डॉ० अब्दुल हफीज सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवियों एवं  छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 21:06:34 +0530</pubDate>
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