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                <title>Healthcare - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>राजनीति में जनता के असली मुद्दे</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">लोकतंत्र की खूबसूरती इस बात में है कि यहां सत्ता से सवाल पूछे जा सकते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नीतियों की आलोचना की जा सकती है और विपक्ष सरकार के फैसलों पर अपना विरोध दर्ज करा सकता है। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">इसी तरह सरकार को भी अपने निर्णयों का पक्ष रखने और विपक्ष के आरोपों का जवाब देने का पूरा अधिकार है। लेकिन जब राजनीति का केंद्र जनहित के मुद्दों से हटकर केवल आरोप-प्रत्यारोप बन जाता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब लोकतंत्र की मूल भावना कमजोर पड़ने लगती है। आज भारतीय राजनीति के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या राजनीतिक दल जनता के वास्तविक सवालों</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185148/real-issues-of-public-in-politics"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/hindi-divas5.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">लोकतंत्र की खूबसूरती इस बात में है कि यहां सत्ता से सवाल पूछे जा सकते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नीतियों की आलोचना की जा सकती है और विपक्ष सरकार के फैसलों पर अपना विरोध दर्ज करा सकता है। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">इसी तरह सरकार को भी अपने निर्णयों का पक्ष रखने और विपक्ष के आरोपों का जवाब देने का पूरा अधिकार है। लेकिन जब राजनीति का केंद्र जनहित के मुद्दों से हटकर केवल आरोप-प्रत्यारोप बन जाता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब लोकतंत्र की मूल भावना कमजोर पड़ने लगती है। आज भारतीय राजनीति के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या राजनीतिक दल जनता के वास्तविक सवालों को उतनी प्राथमिकता दे रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जितनी प्राथमिकता वे एक-दूसरे पर आरोप लगाने को देते हैं</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">चुनावी राजनीति में आरोप लगना कोई नई बात नहीं है। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">सरकार और विपक्ष के बीच मतभेद लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा हैं। लेकिन समस्या तब पैदा होती है जब राजनीतिक बहस का अधिकांश हिस्सा इस बात पर खर्च होने लगे कि किस नेता ने किस पर क्या आरोप लगाया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">किसने किस बयान का जवाब दिया और किसने किसे कठघरे में खड़ा किया। ऐसे वातावरण में महंगाई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रोजगार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शिक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वास्थ्य</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">किसानों की आय</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">छोटे कारोबार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कानून-व्यवस्था और न्याय में देरी जैसे मुद्दे अक्सर राजनीतिक शोर में दब जाते हैं। एक आम नागरिक के लिए राजनीति का महत्व संसद या विधानसभा की बहसों से कहीं अधिक उसके रोजमर्रा के जीवन में दिखाई देता है। परिवार का बजट बिगड़ता है तो उसे महंगाई की चिंता होती है। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">युवा नौकरी की तलाश करता है तो उसके लिए रोजगार सबसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन जाता है। किसान को फसल का उचित मूल्य</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सिंचाई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मौसम और बाजार की चिंता रहती है। व्यापारी के लिए कारोबार की लागत और नियमों की सरलता महत्वपूर्ण होती है। गरीब परिवार के लिए बेहतर सरकारी अस्पताल और स्कूल किसी भी राजनीतिक भाषण से अधिक मायने रखते हैं। यही वह बिंदु है जहां राजनीतिक दलों को आत्ममंथन करना चाहिए।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">क्या उनकी राजनीतिक भाषा जनता की इन समस्याओं को पर्याप्त स्थान दे रही है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">क्या चुनावी घोषणाओं के बाद भी उन वादों की लगातार समीक्षा होती है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">क्या संसद और विधानसभाओं में उन विषयों पर उतनी गंभीर चर्चा होती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जितनी राजनीतिक आरोपों पर</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">यदि जवाब संतोषजनक नहीं है तो यह केवल किसी एक दल की समस्या नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि पूरी राजनीतिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। आरोप जरूरी हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन प्रमाण और समाधान उससे भी जरूरी विपक्ष का काम सरकार से सवाल पूछना है। यदि किसी सरकारी योजना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नीति या निर्णय में खामी दिखाई देती है तो विपक्ष को उसे सामने लाना चाहिए। भ्रष्टाचार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रशासनिक लापरवाही या किसी गंभीर अनियमितता का संदेह हो तो जांच की मांग भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। लेकिन आरोप और प्रमाण में अंतर होता है। राजनीति में किसी आरोप को बार-बार दोहराना उसे स्वतः सत्य नहीं बना देता। लोकतांत्रिक व्यवस्था में आरोपों की जांच संस्थाओं को करनी होती है और दोष या निर्दोष होने का फैसला निर्धारित कानूनी प्रक्रिया से होना चाहिए। इसी तरह सरकार को भी विपक्ष के हर सवाल को राजनीतिक षड्यंत्र बताकर खारिज करने की प्रवृत्ति से बचना चाहिए।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">लोकतंत्र में स्वस्थ व्यवस्था वही होगी जहां आरोप के साथ प्रमाण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विरोध के साथ वैकल्पिक नीति और आलोचना के साथ समाधान प्रस्तुत किया जाए।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">संसद केवल राजनीतिक मुकाबले का मंच नहीं</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च विधायी मंच है। वहां सरकार की नीतियों पर चर्चा होनी चाहिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कानूनों की समीक्षा होनी चाहिए और जनता से जुड़े मुद्दों पर गंभीर बहस होनी चाहिए। संसद में राजनीतिक असहमति होना जरूरी है। लेकिन असहमति और गतिरोध में फर्क है। सरकार यदि विपक्ष की बात नहीं सुनती तो लोकतांत्रिक संवाद कमजोर होता है। दूसरी ओर विपक्ष यदि हर विषय को विरोध का अवसर बना दे और चर्चा की संभावना ही समाप्त कर दे तो उससे भी जनता का नुकसान होता है। जनता ने अपने प्रतिनिधियों को केवल नारे लगाने के लिए नहीं चुना है। उनसे अपेक्षा है कि वे कानून बनाएं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नीतियों की समीक्षा करें और जनता की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाएं। राजनीतिक दलों को यह समझना होगा कि सदन में बिताया गया समय केवल सत्ता पक्ष या विपक्ष की जीत-हार तय नहीं करता</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">उसका सीधा संबंध देश के करोड़ों नागरिकों के भविष्य से होता है। भारत दुनिया की बड़ी युवा आबादी वाले देशों में है। ऐसे में रोजगार का सवाल केवल आर्थिक मुद्दा नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि सामाजिक और राजनीतिक स्थिरता का भी विषय है। हर साल बड़ी संख्या में युवा शिक्षा पूरी करके नौकरी की तलाश में निकलते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले लाखों युवाओं के लिए परीक्षा की पारदर्शिता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समय पर परिणाम और नियुक्ति प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में राजनीतिक बहस केवल इस बात तक सीमित नहीं रहनी चाहिए कि किस सरकार ने कितनी नौकरियां देने का दावा किया। असली सवाल यह होना चाहिए कि स्थायी और गुणवत्तापूर्ण रोजगार कितने पैदा हुए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">युवाओं की आय कितनी बढ़ी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">निजी क्षेत्र में अवसर कैसे बढ़ेंगे और कौशल प्रशिक्षण को वास्तविक रोजगार से कैसे जोड़ा जाएगा। यदि राजनीतिक दल इस विषय पर ठोस और मापने योग्य योजनाएं सामने रखें तो यह लोकतांत्रिक बहस को एक नई दिशा दे सकता है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Aug 2026 17:13:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन : आत्मनिर्भर युवा, विकसित उत्तर प्रदेश की मजबूत आधारशिला </title>
                                    <description><![CDATA[ युवा शक्ति का कौशल से स्वावलंबन की ओर बढ़ता कदम ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184560/uttar-pradesh-skill-development-mission-under-the-leadership-of-chief"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/whatsapp-image-2026-07-31-at-19.15.33.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong> -आदर अदीब पावेल बन्धु</strong><br /><strong>           (जिला सूचना अधिकारी)</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">युवा केवल किसी राष्ट्र की जनसंख्या का एक वर्ग नहीं, बल्कि उसके उज्ज्वल भविष्य की सबसे अमूल्य पूंजी होते हैं। जब उनके हाथों में कौशल, मन में आत्मविश्वास और सामने अवसरों का विस्तृत आकाश होता है, तब विकास का नया इतिहास रचा जाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने इसी विचार को आधार बनाकर कौशल विकास को जनआंदोलन का स्वरूप दिया है। आज उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन लाखों युवाओं के सपनों को साकार करने वाला ऐसा सशक्त सेतु बन चुका है, जो उन्हें आत्मनिर्भरता, सम्मानजनक आजीविका और राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ रहा है.</p>
<p style="text-align:justify;">भारत की सबसे बड़ी युवा आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश के लिए कौशल विकास केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि आर्थिक प्रगति, रोजगार सृजन और आत्मनिर्भरता का सबसे सशक्त माध्यम है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं को रोजगारपरक कौशल प्रदान करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। इसी उद्देश्य से उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन को अधिक प्रभावी, आधुनिक और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाया गया है। आज मिशन लाखों युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ते हुए प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था तथा विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की ओर अग्रसर कर रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन का गठन उत्तर प्रदेश कौशल विकास नीति-2013 के अंतर्गत व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के अधीन किया गया। मिशन का उद्देश्य 14 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को उनकी योग्यता और रुचि के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। मिशन के अंतर्गत राज्य स्किल डेवलपमेंट फंड (SSDF), दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (DDU-GKY) तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप प्रोजेक्ट प्रवीण जैसी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। प्रोजेक्ट प्रवीण के माध्यम से विद्यालयों के विद्यार्थियों को नियमित पाठ्यक्रम के साथ निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे शिक्षा के साथ-साथ रोजगारपरक दक्षता भी विकसित हो रही है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मिशन ने अभूतपूर्व उपलब्धियाँ अर्जित की हैं। मिशन की स्थापना से अब तक 18 लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है, जबकि 7 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि प्रदेश सरकार कौशल विकास को सीधे रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ने में सफल रही है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर रोजगार मेलों का आयोजन किया गया है। अब तक 1,194 बृहद रोजगार मेलों के माध्यम से 4,52,976 युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया। इनमें 8 जनपदों में आयोजित 8 वृहद रोजगार मेलों के माध्यम से 75,575 युवाओं को रोजगार मिला। इसके अतिरिक्त विश्व युवा कौशल दिवस (15 जुलाई) के अवसर पर प्रदेश के 75 जनपदों में आयोजित रोजगार मेलों के माध्यम से 10,283 युवाओं का सेवायोजन किया गया। इससे स्पष्ट है कि प्रदेश सरकार युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />प्रदेश सरकार ने कौशल प्रशिक्षण की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक और डिजिटल प्लेटफॉर्म का व्यापक उपयोग किया है। प्रशिक्षण प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए 'कौशल दर्पण', 'कौशल दिशा', 'कौशल साथी' तथा 'कौशल दोस्त' जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किए गए हैं। इन प्लेटफॉर्मों के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन, प्रशिक्षण, निगरानी, मूल्यांकन तथा रोजगार संबंधी सेवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही प्रशिक्षण केंद्रों और प्रशिक्षणार्थियों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग से पूरी व्यवस्था अधिक पारदर्शी और उत्तरदायी बनी है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />उद्योगों की बदलती आवश्यकताओं को देखते हुए उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने प्रशिक्षण कार्यक्रमों में निरंतर सुधार किया है। नई तकनीकों, डिजिटल स्किल, ग्रीन एनर्जी, स्वास्थ्य सेवाओं तथा भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए 82 नए प्राइवेट ट्रेनिंग पार्टनर (PTPs) को मिशन से संबद्ध किया गया है। इससे युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध हो रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />राज्य सरकार ने उद्योग और कौशल विकास के बीच मजबूत समन्वय स्थापित किया है। प्रदेश की 53 बड़ी औद्योगिक कंपनियों के साथ मिशन के समझौते किए गए हैं, जिससे प्रशिक्षण के बाद युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त हो रहे हैं। यह पहल 'स्किल टू एम्प्लॉयमेंट' मॉडल को सफल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कौशल प्रशिक्षण की गुणवत्ता को राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने के लिए मिशन ने प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ भी साझेदारी की है। उच्च तकनीकी प्रशिक्षण हेतु IIT कानपुर, MNNIT प्रयागराज, IIT BHU, NIESBUD तथा भारतेन्दु नाट्य अकादमी जैसे संस्थानों के साथ सहयोग स्थापित किया गया है। वहीं सॉफ्ट स्किल, वित्तीय साक्षरता और उद्यमिता विकास के लिए 7 संस्थानों के साथ एमओयू किए गए हैं। इससे युवाओं को तकनीकी ज्ञान के साथ व्यक्तित्व विकास और उद्यमिता का प्रशिक्षण भी प्राप्त हो रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में दिव्यांगजनों के लिए विशेष प्रशिक्षण और रोजगार कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। दिव्यांगजन रोजगार अभियान 2.0 के माध्यम से 1,182 दिव्यांगजनों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। इसी प्रकार निराश्रित महिलाओं, अनुसूचित जाति-जनजाति, अल्पसंख्यक तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के युवाओं को भी विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />प्रदेश सरकार आधुनिक तकनीकों के अनुरूप युवाओं को तैयार करने पर विशेष बल दे रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), ड्रोन टेक्नोलॉजी, डिजिटल मार्केटिंग, साइबर सिक्योरिटी, हेल्थकेयर, लॉजिस्टिक्स, पर्यटन, आतिथ्य, परिधान निर्माण और अन्य आधुनिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विस्तार किया जा रहा है। इससे प्रदेश के युवा भविष्य की वैश्विक अर्थव्यवस्था की आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष बन रहे हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong> नवभारत के निर्माण की नई दिशा </strong></h4>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश ने कौशल विकास के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी अलग पहचान बनाई है। वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता-2026 के लिए प्रदेश से 1,09,249 युवाओं का पंजीकरण हुआ, जो पूरे देश में सर्वाधिक है। यह उपलब्धि बताती है कि प्रदेश के युवाओं में तकनीकी दक्षता और नवाचार की क्षमता निरंतर बढ़ रही है। आगामी वर्षों के लिए भी प्रदेश सरकार ने महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 2026-27 में 4 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें 1 जुलाई 2026 तक 2 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण देने का उद्देश्य निर्धारित किया गया है। साथ ही 1M1B जैसी संस्थाओं के सहयोग से विभिन्न तकनीकी एवं फ्यूचरिस्टिक पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण प्रारंभ किया जा रहा है। अंत्योदय परिवारों, दिव्यांगजनों तथा वंचित वर्गों के युवाओं को विशेष प्राथमिकता देते हुए कौशल विकास कार्यक्रमों का विस्तार किया जा रहा है। निजी आईटीआई एवं अन्य तकनीकी संस्थानों के साथ साझेदारी भी लगातार बढ़ाई जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने यह सिद्ध कर दिया है कि कौशल ही आत्मनिर्भरता का सबसे मजबूत आधार है। लाखों युवाओं को प्रशिक्षण, रोजगार और स्वरोजगार से जोड़कर मिशन ने प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति प्रदान की है। आधुनिक तकनीक, उद्योगों के साथ साझेदारी, डिजिटल नवाचार और रोजगारपरक प्रशिक्षण की बदौलत उत्तर प्रदेश आज देश के अग्रणी कौशल विकास राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है।</p>
<p style="text-align:justify;">आज उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि युवा शक्ति के उज्ज्वल भविष्य का उद्घोष है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह मिशन लाखों युवाओं के सपनों को नई दिशा, नई गति और नई पहचान प्रदान कर रहा है। कौशल से समृद्ध युवा, आत्मनिर्भर परिवार, सशक्त समाज और विकसित प्रदेश—इन्हीं चार स्तंभों पर विकसित उत्तर प्रदेश का भव्य भविष्य निर्मित हो रहा है। यह यात्रा केवल रोजगार प्राप्त करने की नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, सम्मान, स्वाभिमान और समृद्धि की यात्रा है।</p>
<p style="text-align:justify;">          <br />          </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 02 Aug 2026 22:58:50 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>उपचार के दौरान युवक की मौत, परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का लगाया आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">  </p>
<blockquote class="format1"><strong>बिसवां, सीतापुर-कुलदीप अवस्थी </strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">कस्बा बिसवां के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान 35 वर्षीय युवक की मौत हो जाने से परिजनों में आक्रोश फैल गया। परिजनों ने चिकित्सक पर उपचार में लापरवाही बरतने और गंभीर स्थिति के बावजूद समय रहते उच्च केंद्र रेफर न करने का आरोप लगाया है।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार ग्राम कोटरा, थाना बिसवां निवासी सुनीता पत्नी छोटेलाल भार्गव ने पुलिस को दी सूचना में बताया कि उनके पति छोटेलाल भार्गव (35) को पीलिया की बीमारी के उपचार के लिए मोहल्ला शंकरगंज स्थित सीता हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार को उपचार के दौरान उनकी मौत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184037/young-man-dies-during-treatment-family-members-accuse-doctor-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/whatsapp-image-2026-07-24-at-19.33.28.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"> </p>
<blockquote class="format1"><strong>बिसवां, सीतापुर-कुलदीप अवस्थी </strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">कस्बा बिसवां के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान 35 वर्षीय युवक की मौत हो जाने से परिजनों में आक्रोश फैल गया। परिजनों ने चिकित्सक पर उपचार में लापरवाही बरतने और गंभीर स्थिति के बावजूद समय रहते उच्च केंद्र रेफर न करने का आरोप लगाया है।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार ग्राम कोटरा, थाना बिसवां निवासी सुनीता पत्नी छोटेलाल भार्गव ने पुलिस को दी सूचना में बताया कि उनके पति छोटेलाल भार्गव (35) को पीलिया की बीमारी के उपचार के लिए मोहल्ला शंकरगंज स्थित सीता हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।</p>
<p style="text-align:justify;">मृतक के परिजनों का आरोप है कि मरीज की हालत लगातार बिगड़ती रही, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने समय रहते बेहतर उपचार के लिए रेफर नहीं किया, जिससे उनकी जान चली गई। वहीं अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे एक दिन पहले ही बाहर किसी बड़े अस्पताल में दिखाने की सलाह दे दी गई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। पुलिस के अनुसार मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह सामान्य है तथा किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Jul 2026 22:55:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चिकित्सकों ने दी डॉ. सैमुएल हैनिमैन को श्रद्धांजलि</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> होम्योपैथी चिकित्सा प्रणाली के जन्मदाता डॉ. सैमुअल फैड्रिक सी हैनिमैन की पुण्यतिथि शहर के होम्योपैथिक चिकित्सकों ने उनके  चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर मनाई। इस अवसर पर  होम्योपैथिक चिकित्सालय एंड रिसर्च सेंटर इटवा, सिद्धार्थनगर उत्तर प्रदेश के चीफ होमियोपैथिक कंसल्टेंट डा. भास्कर शर्मा ने डॉ. सैमुअल फैड्रिक सी हैनिमैन की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और दो मिनट मौन धारण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  इस दौरान वरिष्ठ होमियोपैथिक डा. भास्कर शर्मा ने कहा कि दुनिया के कई देशों में होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति अपना महत्वपूर्ण स्थान स्थापित कर चुकी है। भारत में इसकी लोकप्रियता दूसरे स्थान पर है। इसमें कोई</div>
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</div>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182611/doctors-paid-tribute-to-dr-samuel-hahnemann"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1783001664606.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> होम्योपैथी चिकित्सा प्रणाली के जन्मदाता डॉ. सैमुअल फैड्रिक सी हैनिमैन की पुण्यतिथि शहर के होम्योपैथिक चिकित्सकों ने उनके  चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर मनाई। इस अवसर पर  होम्योपैथिक चिकित्सालय एंड रिसर्च सेंटर इटवा, सिद्धार्थनगर उत्तर प्रदेश के चीफ होमियोपैथिक कंसल्टेंट डा. भास्कर शर्मा ने डॉ. सैमुअल फैड्रिक सी हैनिमैन की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और दो मिनट मौन धारण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> इस दौरान वरिष्ठ होमियोपैथिक डा. भास्कर शर्मा ने कहा कि दुनिया के कई देशों में होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति अपना महत्वपूर्ण स्थान स्थापित कर चुकी है। भारत में इसकी लोकप्रियता दूसरे स्थान पर है। इसमें कोई संदेह नहीं कि भारत जैसे विकासशील देश में लोग इसे अपनाकर बहुत सारी बीमारियों का इलाज सस्ते में कर रहे हैं और स्वस्थ भी हो रहे हैं। डॉ. हैनिमैन    होम्योपैथी की खोज की और इसे एक प्रभावी उपचार प्रणाली के रूप में विकसित किया। उनकी चिकित्सा पद्धति विश्व भर में लोकप्रिय हुई और आज कई देशों में होम्योपैथी को एक वैध चिकित्सा पद्धति के रूप में मान्यता प्राप्त है।सभी ने डा. हैनिमन को याद किया। इस अवसर पर डॉ. चंद्रशेखर वर्मा, डॉ. महेंद्र शुक्ला, डॉ. मनोज शर्मा, डॉ. अजीत, डॉ .दिनेश कुमार मौर्य, देवी प्रसाद मौर्य, संतोष कुमार, महेश कुमार आदि लोग मौजूद रहे l</div>
</div>
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<div class="hq gt">
<div class="hp" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="eqJbab cZD3Qb" style="text-align:justify;"></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 19:55:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डॉक्टर डे: सफेद कोट में भगवान, धड़कनों के रखवाले को हजार सलाम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>1 जुलाई को भारत में 'राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस' मनाया जाता है। ये दिन सिर्फ कैलेंडर की एक तारीख नहीं है। ये उस भरोसे का दिन है जो एक मरीज सबसे ज्यादा दर्द में भी एक अजनबी पर करता है। उस अजनबी का नाम है: डॉक्टर।<br />ये दिन क्यों ? डॉ. बिधान चंद्र रॉय की विरासत</p>
<p><br />डॉक्टर डे भारत में हर साल 1 जुलाई को पश्चिम बंगाल के दूसरे मुख्यमंत्री और महान चिकित्सक डॉ. बिधान चंद्र रॉय की जयंती और पुण्यतिथि पर मनाया जाता है। डॉ. रॉय MBBS, MRCP और FRCS थे। उन्होंने बिना फीस लिए हजारों मरीजों का इलाज किया।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182495/doctors-day-a-thousand-salutes-to-the-god-in-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/hindi-divas2.jpg" alt=""></a><br /><p>1 जुलाई को भारत में 'राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस' मनाया जाता है। ये दिन सिर्फ कैलेंडर की एक तारीख नहीं है। ये उस भरोसे का दिन है जो एक मरीज सबसे ज्यादा दर्द में भी एक अजनबी पर करता है। उस अजनबी का नाम है: डॉक्टर।<br />ये दिन क्यों ? डॉ. बिधान चंद्र रॉय की विरासत</p>
<p><br />डॉक्टर डे भारत में हर साल 1 जुलाई को पश्चिम बंगाल के दूसरे मुख्यमंत्री और महान चिकित्सक डॉ. बिधान चंद्र रॉय की जयंती और पुण्यतिथि पर मनाया जाता है। डॉ. रॉय MBBS, MRCP और FRCS थे। उन्होंने बिना फीस लिए हजारों मरीजों का इलाज किया। राजनीति में आने के बाद भी वो रोज सुबह 4 बजे उठकर मरीज देखते थे। उनके लिए मरीज भगवान था और सेवा धर्म। इसी सोच को सलाम करने के लिए 1991 से 1 जुलाई को डॉक्टर डे घोषित हुआ। सफेद कोट के पीछे छुपी जिंदगी</p>
<p><br />हम डॉक्टर को सिर्फ OPD में 5 मिनट देखते हैं। पर उसके पीछे क्या है? नींद की कुर्बानी: 36 घंटे की ड्यूटी, इमरजेंसी कॉल, रात 2 बजे उठकर ICU दौड़ना। त्योहार, जन्मदिन, शादी सब हॉस्पिटल की ड्यूटी के आगे सेकेंड पर आ जाता है।</p>
<p><br />दिमाग का बोझ: एक गलत दवा, एक छूटा हुआ लक्षण, और किसी की पूरी दुनिया उजड़ सकती है। इसलिए हर केस में 100% दिमाग लगाना पड़ता है। डिप्रेशन और बर्नआउट डॉक्टरों में सबसे ज्यादा है।</p>
<p><br />जोखिम उठाकर सेवा: कोविड-19 में PPE किट पहनकर 12 घंटे काम करना, संक्रामक बीमारियों के बीच खड़े रहना, कभी-कभी मरीजों के परिजनों का गुस्सा झेलना। फिर भी वो भागते नहीं हैं। यही है मानव सेवा। किताबों से नहीं, जिगर से की जाने वाली सेवा। डॉक्टर सिर्फ इलाज नहीं करते, वो उम्मीद देते हैं। गांव का डॉक्टर : जहां MRI-CT नहीं, वहां स्टेथोस्कोप से बीमारी पकड़ लेता है। 50 रुपये फीस में 1 घंटे समझाता है। सर्जन: 8 घंटे टेबल पर झुका रहता है, ताकि किसी और को जिंदगी मिल जाए। बाल रोग विशेषज्ञ : रोते हुए बच्चे को चॉकलेट देकर इंजेक्शन लगाता है, और मां को हिम्मत देता है।</p>
<p><br />ग्रामीण MBBS डॉक्टर: बाढ़, महामारी, एक्सीडेंट में सबसे पहले वही पहुंचता है, एंबुलेंस से पहले। कोविड से लेकर डेंगू, हार्ट अटैक से लेकर डिलीवरी तक, हर संकट में सबसे आगे वो सफेद कोट ही खड़ा मिला। डॉक्टर भगवान नहीं हैं। वो इंसान हैं। उनसे गलती हो सकती है, वो थक सकते हैं। पर इरादा उनका हमेशा सेवा का ही होता है। भरोसा रखिए, सवाल पूछिए : गूगल डॉक्टर से पहले असली डॉक्टर की सुनिए। इज्जत दीजिए: इमरजेंसी में गाली की जगह धन्यवाद दीजिए। वो भी आपके जैसा इंसान है। सेल्फ-केयर : डॉक्टर को भी आराम, सम्मान और सुरक्षित माहौल चाहिए। हिंसा से उनका मनोबल टूटता है, इलाज नहीं सुधरता। निष्कर्ष: हजार सलाम कम हैं। डॉक्टर वो पुल है जो 'बीमारी' और 'जिंदगी' के बीच बना है। वो रात-रात भर जागकर हमारे अपनों की सांसें गिनते हैं। फीस लेते हैं, पर कई बार उम्मीद फ्री में दे देते हैं। इस 1 जुलाई को अपने फैमिली डॉक्टर, अपने शहर के उस सरकारी हॉस्पिटल के डॉक्टर, या उस जूनियर रेजिडेंट को एक मैसेज कर दीजिए। कहिए: "डॉक्टर साहब, आपकी मानव सेवा को हजार सलाम।" क्योंकि जब सब थक जाते हैं, तब भी धड़कन चलती रहती है। और उस धड़कन को चलाने वाला सफेद कोट होता है। लेकिन हम इसे भी नजरंदाज नहीं कर सकते कि चिकित्सा सेवा का व्यवसायीकरण हो चुका है और आम जनता का कहीं कहीं शोषण भी हो रहा है। आज इलाज मानव सेवा न रहकर बेहद महंगा व्यापार बन चुका है। अत्यधिक व्यवसायीकरण के समय में आज कई निजी अस्पताल व नर्सिंग होम लाभ कमाने का केंद्र बन गए हैं। मरीजों को अनावश्यक रूप से महंगी जांचें और दवाइयां लिखी जातीं हैं, जिससे आम आदमी बहुत परेशान है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 20:52:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सील के बाद भी संचालित हो रहा अमृत हॉस्पिटल सीएमओ बोल बिना आदेश संचालन हुआ तो होगी कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1"><strong>बस्ती।</strong></blockquote>
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<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जनपद के मुंडेरवा थाना क्षेत्र अंतर्गत बस्ती-मुंडेरवा मार्ग स्थित अमृत हॉस्पिटल को सील किए जाने के बाद भी कथित रूप से संचालन किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि करीब दो माह पूर्व एक महिला की मौत के बाद जनपद में हुए बड़े हंगामे के बाद प्रशासन ने अस्पताल पर कार्रवाई करते हुए उसे सील किया था। इस मामले में मुंडेरवा थाने में गंभीर धाराओं में एक नामजद सहित अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया था।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इसके बावजूद बिना किसी सक्षम आदेश के अस्पताल का संचालन दोबारा शुरू होने की बात सामने</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182195/amrit-hospital-is-operating-even-after-seal-cmo-says-action"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260627-wa0052.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1"><strong>बस्ती।</strong></blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जनपद के मुंडेरवा थाना क्षेत्र अंतर्गत बस्ती-मुंडेरवा मार्ग स्थित अमृत हॉस्पिटल को सील किए जाने के बाद भी कथित रूप से संचालन किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि करीब दो माह पूर्व एक महिला की मौत के बाद जनपद में हुए बड़े हंगामे के बाद प्रशासन ने अस्पताल पर कार्रवाई करते हुए उसे सील किया था। इस मामले में मुंडेरवा थाने में गंभीर धाराओं में एक नामजद सहित अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके बावजूद बिना किसी सक्षम आदेश के अस्पताल का संचालन दोबारा शुरू होने की बात सामने आ रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सील के बाद भी अस्पताल में मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।इस मामले में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजीव निगम ने कहा कि अस्पताल संचालन के लिए विभाग की ओर से कोई आदेश जारी नहीं किया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि यदि सील अस्पताल का संचालन किया जा रहा है तो मामले की जांच कराकर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई न होने से परेशान हैअब सवाल उठता है कि आखिर सील अस्पताल किसके आदेश पर संचालित हो रहा है और स्वास्थ्य विभाग की नजर से यह कैसे बचा रहा।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182195/amrit-hospital-is-operating-even-after-seal-cmo-says-action</link>
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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 23:02:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सोरांव की रात्रि ग्राम चौपाल में सांसद प्रवीण पटेल ने सुनीं जनसमस्याएं, विकास योजनाओं पर किया संवाद।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो, प्रयागराज। </strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">सोरांव क्षेत्र में आयोजित रात्रिकालीन ग्राम चौपाल में मुख्य अतिथि के रूप में फुलपुर से सांसद प्रवीण पटेल ने सहभागिता कर ग्रामीणों से आत्मीय संवाद स्थापित किया। चौपाल में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति रही।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के दौरान सांसद प्रवीण पटेल ने ग्रामीणों की समस्याओं, सुझावों एवं आवश्यकताओं को गंभीरता से सुना तथा उनके त्वरित एवं प्रभावी समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने ग्रामीणों से योजनाओं की जानकारी</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181728/mp-praveen-patel-listened-to-peoples-problems-and-discussed-development"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260620-wa0189.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो, प्रयागराज। </strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">सोरांव क्षेत्र में आयोजित रात्रिकालीन ग्राम चौपाल में मुख्य अतिथि के रूप में फुलपुर से सांसद प्रवीण पटेल ने सहभागिता कर ग्रामीणों से आत्मीय संवाद स्थापित किया। चौपाल में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति रही।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के दौरान सांसद प्रवीण पटेल ने ग्रामीणों की समस्याओं, सुझावों एवं आवश्यकताओं को गंभीरता से सुना तथा उनके त्वरित एवं प्रभावी समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने ग्रामीणों से योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने तथा पात्र लाभार्थियों तक उनका लाभ पहुंचाने में सहयोग करने का आह्वान किया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">चौपाल में ग्रामीण विकास, सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, कृषि एवं रोजगार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। ग्रामीणों ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं एवं विकास कार्यों से संबंधित मांगों को सांसद के समक्ष रखा। सांसद ने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के शीघ्र निस्तारण हेतु आवश्यक निर्देश दिए।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस अवसर पर सांसद ने कहा कि ग्राम चौपालें जनप्रतिनिधियों और आम जनता के बीच संवाद का प्रभावी माध्यम हैं। इनके माध्यम से लोगों की वास्तविक समस्याओं की जानकारी मिलती है और विकास कार्यों की प्राथमिकताएं तय करने में सहायता प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए जनता और प्रशासन के बीच समन्वय आवश्यक है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">रात्रि ग्राम चौपाल के दौरान सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी ग्रामीणों को दी गई। अधिकारियों ने योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति से अवगत कराया तथा पात्र लोगों से योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के अंत में सांसद प्रवीण पटेल ने क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त करते हुए विकास कार्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। चौपाल में उपस्थित ग्रामीणों ने भी अपनी बात सीधे सांसद के समक्ष रखने का अवसर मिलने पर संतोष व्यक्त किया। इससे क्षेत्र में विकास एवं जनसमस्याओं के समाधान को लेकर सकारात्मक माहौल देखने को मिला।</div></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL" style="text-align:justify;"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt"><div class="hp"><br /></div><div class="eqJbab cZD3Qb"><br /></div></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 20:49:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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                <title>रात्रि चौपाल में ग्रामीणों ने रखीं समस्याएं, अधिकारियों ने योजनाओं की दी जानकारी</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के विकास खंड बस्ती सदर की ग्राम पंचायत मरहा में शुक्रवार को रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सहभागिता कर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की तथा अपनी समस्याओं एवं सुझावों को अधिकारियों के समक्ष रखा। रात्रि चौपाल का मुख्य उद्देश्य गांवों में व्याप्त मूलभूत समस्याओं जैसे पेयजल, विद्युत व्यवस्था, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सुरक्षा एवं अन्य जनहित से जुड़े मुद्दों की जानकारी प्राप्त कर उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना था। चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं एवं सुझावों को खुलकर अधिकारियों के समक्ष रखा, जिनके निराकरण के लिए</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181709/villagers-raised-their-problems-in-ratri-chaupal-officials-gave-information"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260620-wa0064.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के विकास खंड बस्ती सदर की ग्राम पंचायत मरहा में शुक्रवार को रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सहभागिता कर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की तथा अपनी समस्याओं एवं सुझावों को अधिकारियों के समक्ष रखा। रात्रि चौपाल का मुख्य उद्देश्य गांवों में व्याप्त मूलभूत समस्याओं जैसे पेयजल, विद्युत व्यवस्था, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सुरक्षा एवं अन्य जनहित से जुड़े मुद्दों की जानकारी प्राप्त कर उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना था। चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं एवं सुझावों को खुलकर अधिकारियों के समक्ष रखा, जिनके निराकरण के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस अवसर पर अधिकारियों ने केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। समाज कल्याण, पंचायत राज, ग्रामीण विकास, स्वच्छता, आवास, पेंशन, मनरेगा, शिक्षा तथा अन्य विभागों की योजनाओं के संबंध में ग्रामीणों को जागरूक किया गया। अधिकारियों ने पात्र लाभार्थियों से योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। चौपाल के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा संचालित विकास कार्यों की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों ने गांव में चल रहे कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए अधूरे कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र एवं सतत विकास सुनिश्चित करना है तथा प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। रात्रि चौपाल के दौरान ग्राम पंचायत मरहा का पंचायत सचिवालय, प्राथमिक विद्यालय तथा गांव में कराए गए रंग-रोगन एवं सौंदर्यीकरण कार्य विशेष आकर्षण का केंद्र बने रहे। पंचायत सचिवालय में विकसित जनोपयोगी सुविधाओं, स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित परिसर, आकर्षक दीवार लेखन तथा आधुनिक व्यवस्थाओं की अधिकारियों एवं ग्रामीणों ने सराहना की। वहीं प्राथमिक विद्यालय का स्वच्छ, रंगीन और प्रेरणादायी वातावरण भी लोगों के बीच चर्चा का विषय रहा। ग्रामीणों ने रात्रि चौपाल जैसी पहल को शासन और जनता के बीच संवाद का प्रभावी माध्यम बताते हुए इसकी सराहना की। कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने ग्रामीणों से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने तथा गांव के विकास कार्यों में सक्रिय सहभागिता करने का आह्वान किया। रात्रि चौपाल में प्रमुख रूप से ब्लॉक प्रमुख बस्ती सदर राकेश कुमार श्रीवास्तव, जिला पंचायत राज अधिकारी घनश्याम सागर, जिला समाज कल्याण अधिकारी लालजी यादव, जिला विकास अधिकारी, खंड विकास अधिकारी बस्ती सदर शिवमणि, ग्राम प्रधान लालता प्रसाद यादव, प्रधान प्रतिनिधि अखिल कुमार यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला विकास अधिकारी सुशील कुमार श्रीवास्तव ने किया जबकि नोडल प्रभारी के तौर पर डीपीआरओ बस्ती घनश्याम सागर अखिलेश कुमार शुक्ला ग्राम सचिव उपस्थित रहे।</div>
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                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 20:06:28 +0530</pubDate>
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