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                <title>Tender Irregularities - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Tender Irregularities RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद कानपुर नगर निगम के ठेकेदारों पर चला हंटर, पांच एफआईआर, दो गिरफ्तार </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>कानपुर। </strong>प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कानपुर नगर निगम पर सख्ती के बाद नगर निगम में अवैध वसूली, डराने-धमकाने एवं ठेकों में अनियमितता के संबंध में अब तक कुल छ: अभियोग पंजीकृत किए गए हैं। दो अभियुक्त गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि अभियुक्त गोविंद शर्मा फरार है, जिसकी लोकेशन राजस्थान में मिली है। शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।</div>
<div>  </div>
<div>इस संबंध में अधिक जानकारी देते हुए पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल ने बताया कि जांच में ठेकों को प्रभावित करने, ठेकेदारों पर दबाव बनाने एवं अवैध वसूली के तथ्य सामने आए हैं। नगर निगम की पुरानी ठेका प्रक्रिया समाप्त कर अब</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186357/after-chief-ministers-strictness-hunter-launched-action-against-contractors-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1002241276.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>कानपुर। </strong>प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कानपुर नगर निगम पर सख्ती के बाद नगर निगम में अवैध वसूली, डराने-धमकाने एवं ठेकों में अनियमितता के संबंध में अब तक कुल छ: अभियोग पंजीकृत किए गए हैं। दो अभियुक्त गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि अभियुक्त गोविंद शर्मा फरार है, जिसकी लोकेशन राजस्थान में मिली है। शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।</div>
<div> </div>
<div>इस संबंध में अधिक जानकारी देते हुए पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल ने बताया कि जांच में ठेकों को प्रभावित करने, ठेकेदारों पर दबाव बनाने एवं अवैध वसूली के तथ्य सामने आए हैं। नगर निगम की पुरानी ठेका प्रक्रिया समाप्त कर अब लंबित एवं आगामी कार्यों में ऑनलाइन ई-टेंडरिंग अपनाई जाएगी। लगभग ₹100 करोड़ के टेंडर निरस्त कर शीघ्र रिटेंडरिंग की कार्रवाई की जा रही है।</div>
<div> </div>
<div>पुलिस आयुक्त ने बताया कि प्रकरण में संबंधित फर्मों, बैंक खातों एवं वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है तथा लगभग सात फर्मों को ब्लैकलिस्ट किया गया है। अधिकारियों की संभावित संलिप्तता की भी जांच होगी और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी। माननीय मुख्यमंत्री जी की जीरो टॉलरेंस नीति के अनुरूप प्रकरण में निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।</div>
<div> </div>
<div>यह पूछे जाने के बाद कि क्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद यह एक्शन लिया गया है तो पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल ने कहा कि नगर आयुक्त द्वारा यह जांच पहले से चलाई जा रही थीं लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद इसमें तेजी आई है। उन्होंने कहा कि जीरो टॉलरेंस की नीति है इसलिए किसी भी दबंग, माफिया और भ्रष्टाचारी को बख्शा नहीं जाएगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Aug 2026 18:13:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पी डब्लू डी की सड़क बनने के दूसरे दिन ही उढ़ने लगी। ग्रामीणों में आक्रोश।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">वाराणसी जिलें का गाव पचायत बबतपुर नियार विकास खण्ड चोला पुर में सार्वजनिक निर्माण विभाग वाराणसी द्वारा एक साल से टूटी खराब जर्जर  सड़क के मरम्मत के लिए काफी जाद्दोजहाद के बाद सार्वजनिक निर्माण विभाग ने काम शुरू किया।  परन्तु सड़क बनने  के दूसरे दिन ही सड़क उखड़ने लगी।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  गांव के विरोध और शिकायत के वाद कुछ मरम्मत का कार्य कियागया।सड़क के  मरम्मत केलिए सरकार से छमाही तक आग्रह होता रहा तब कहीं काम शुरू हुआ।</div>
<div style="text-align:justify;">बताते चलें की गिव बाबतपुर गोमती नदी के किनारे बसा गांव है गोमती नदी पर सार्वजनिक निर्माण विभाग ने</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182136/the-pwd-road-started-rising-on-the-second-day-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1001846836.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वाराणसी जिलें का गाव पचायत बबतपुर नियार विकास खण्ड चोला पुर में सार्वजनिक निर्माण विभाग वाराणसी द्वारा एक साल से टूटी खराब जर्जर  सड़क के मरम्मत के लिए काफी जाद्दोजहाद के बाद सार्वजनिक निर्माण विभाग ने काम शुरू किया।  परन्तु सड़क बनने  के दूसरे दिन ही सड़क उखड़ने लगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> गांव के विरोध और शिकायत के वाद कुछ मरम्मत का कार्य कियागया।सड़क के  मरम्मत केलिए सरकार से छमाही तक आग्रह होता रहा तब कहीं काम शुरू हुआ।</div>
<div style="text-align:justify;">बताते चलें की गिव बाबतपुर गोमती नदी के किनारे बसा गांव है गोमती नदी पर सार्वजनिक निर्माण विभाग ने पुल भी बनाया है । जो गाजीपुर और बनारस को जोडता है। इतने महत्व की सड़क को सार्वजनिक निर्माण विभाग ने मात्र तीन मीटर चौहत्तर सेमी चौडा ही बनाया तथा पटरी सड़क की नही बनाया है जिसके कारण हर वारिस में सड़क टूट जाती है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सड़क पर चौबीस घन्टें गाड़ियों का आना जाना बनारस से गाजीपुर और गाजीपुर से बनारस  लगा रहताहै हर रोज हजार की संख्या में वाहन चलते हैं इसी सड़क से गाव के लोग भी नियार बाजार  और बनारस जाते हैं ।लड़के स्कूल  भी जाते हैं वाहनों की भीड़ से पैदल चलना मुश्किल होगया है पटरी नहीं होने से कोई न कोई दूर्घटना आये दिन होती रहती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गांव के लोगों की मांग है कि सड़क पर स्पीड ब्रेकर लगाया जाये परन्तु वह माना नहीं जा रहा है स्पीड ब्रेकर भी नहीं लगा साथ में पुल पर सीसीटी वी कैमरा और मास्क लाईट भी लगाया जाये जिससे अपराधी किस्म के लोगों की पहचान हो सके।गांव की महिलाओं लड़कियों के साथ रआये दिन सडक पर मोटर साइकिल सवार युवा छेड़छाड़ करके गाजीपुर भाग जाते है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> बैरियर नहीं लगा होने से पुलिस केन  रहने से गांव की महिलाओं लड़कियों से लूट छेडछड बढ़ने लगी  है।पुल पर बैरियर कैमरा लाईट सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा लगाया जाये।तभी हर तरह की लूट  बन्द हो  सकतीं हैं </div>
<div style="text-align:justify;">यहां यह भीबतना जरूरी है कि सडका का टेन्डर पूरी सड़क बनाने के लिए हुआ था पटरी भी बननी थी परन्तु सौ मीटर सड़क बनी नहीं।  पटरी दो फीट दोनों तरफ बनी नहीं।आखिर पैसा कहां गया । यह  दो जिलों को जोड़ने वाली सड़क की चौड़ाई कम कैसे कियागया। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सार्वजनिक निर्माण मंत्री के हस्तक्षेप से सड़क का मरम्मत हुआ वह  भी आधाअधूरा ही । </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लोगों की मांग है कि सार्वजनिक निर्माण विभाग सड़क पर वाहनों की संख्या के अनुसार चौड़ी करें‌। साथ में पटरी का निर्माण बारिश होने से पहले किया जाये । तथा जो सौ मीटर सड़क नहीं बनाया है उसको पूरा किया जाये । सड़क की गुणवत्ता की  भी जाच विशेषज्ञों की समिति  करें।जिससे भविष्य में किसी तरह की कोई लापरवाही दो जिलों को जोड़ने वाली सड़क पर न हो।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 20:24:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सिद्धार्थनगर : सिंचाई विभाग में AI  फोटो का इस्तेमाल कर 5 करोड़ का फर्जी भुगतान</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><blockquote class="format1"><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>हरीश कुमार चौधरी</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर ।</strong></div></blockquote></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जिले में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग में कथित तौर पर वित्तीय अनियमितता की खबरें सामने आईं हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में बानगंगा बैराज की नहर प्रणाली और उससे निकलने वाली सभी नहरों में सिल्ट सफाई और ढलान घास कटाई का काम ड्रेनेज खंड सिद्धार्थनगर को सौंपा गया था।</div><div style="text-align:justify;">  काम के नाम पर सिर्फ धोखा किया गया। जहां नहर सड़क को पार करती है, वहां मात्र 100 मीटर इधर-उधर ही सफाई कराई गई। बाकी लंबी-लंबी नहरें सिल्ट भरी हुई जैसी की तैसी छोड़ दी गईं। स्थानीय निवासी जयंत्री  पाण्डेय ने यह</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><h4 style="text-align:justify;"><strong>कागजों</strong></h4>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181682/fake-payment-of-rs-5-crore-using-ai-photo-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1781878450387.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><blockquote class="format1"><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>हरीश कुमार चौधरी</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर ।</strong></div></blockquote></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जिले में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग में कथित तौर पर वित्तीय अनियमितता की खबरें सामने आईं हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में बानगंगा बैराज की नहर प्रणाली और उससे निकलने वाली सभी नहरों में सिल्ट सफाई और ढलान घास कटाई का काम ड्रेनेज खंड सिद्धार्थनगर को सौंपा गया था।</div><div style="text-align:justify;"> काम के नाम पर सिर्फ धोखा किया गया। जहां नहर सड़क को पार करती है, वहां मात्र 100 मीटर इधर-उधर ही सफाई कराई गई। बाकी लंबी-लंबी नहरें सिल्ट भरी हुई जैसी की तैसी छोड़ दी गईं। स्थानीय निवासी जयंत्री  पाण्डेय ने यह आरोप लगाया है। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> ड्रेनेज खंड सिद्धार्थनगर के अधिशासी अभियंता, सहायक अधिशासी अभियंता और जूनियर इंजीनियरों ने सिल्ट सफाई और अन्य कार्यों के नाम पर लगभग 5 करोड़ सरकारी धन का भारी भ्रष्टाचार और बंदरबांट किया गया है। सरकार की मंशा के उलट बड़े पैमाने पर पैसे का दुरुपयोग किया गया। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच हो और दोषी अधिकारियों के खिलाफ उचित विभागीय कार्रवाई की जाए।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> जयंत्री पांडेय ने 12 अप्रैल 2026 को जनसुनवाई (IGRS) पर शिकायत दर्ज कराई, जिसमें सहायक अभियंता चतुर्थ मालविका जैसल और अधिशासी अभियंता पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।  आरोप है कि निविदा शर्तों का खुला उल्लंघन करते हुए बिना कोई वास्तविक काम किए सरकारी धन का गबन किया गया। ट्रेजरी से अवैध भुगतान, कार्यस्थल बदलना, हॉट मिक्स प्लांट और पेवर मशीन का इस्तेमाल न करना, और AI से फर्जी फोटो जेनरेट कर विभाग को गुमराह करना मुख्य आरोप हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><h4 style="text-align:justify;"><strong>कागजों पर AI से काम दिखाया, जमीन पर बदहाल है हाल</strong></h4><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> जयंत्री पांडेय ने कई तकनीति बिंदुओं पर सिंचाई विभाग में धांधली के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि बाणगंगा नहर प्रणाली और जमींदारी नहर प्रणाली की पट्टियों पर सड़क की गड्ढामुक्ति और नवीनीकरण का काम कागजों पर दिखाया गया लेकिन जमीन पर कुछ नहीं हुआ। AI की मदद से बनाई गई तस्वीरों को असली कहकर पेश किया गया। बस्ती के अधीक्षण अभियंता, गंडक बाढ़ मंडल ने 11 सितंबर 2025 को जारी निविदा (नंबर-03/2025-26) जारी की। इसके तहत सिद्धार्थनगर जिले में नहरों और सड़कों की मरम्मत का काम 2.40 करोड़ रुपये की लागत से कराया जाना था। काम में अतरी माइनर, नौगढ़ माइनर, बानगंगा बैराज, अलीदापुर पश्चिमी नहर, बजहा सागर, बटुआ सागर समेत कई नहरों और नौगढ़ कालोनी के सर्विस रोड को गड्ढामुक्त करना था।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/1781878450406.jpg" alt="सिद्धार्थनगर : सिंचाई विभाग में AI  फोटो का इस्तेमाल कर 5 करोड़ का फर्जी भुगतान" width="1080" height="556"></img></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> निर्माण स्थल की कुल लंबाई 13.9 किलोमीटर थी। काम पूरा करने की समयसीमा सिर्फ एक महीने की रखी गई थी। निविदा में साफ शर्त थी कि काम हॉट मिक्स प्लांट और पेवर मशीन से ही होना चाहिए। ठेकेदार को प्लांट अपनी या लीज पर होने का शपथ-पत्र भी देना था।सहायक अभियंता मालविका जैसल और अधिशासी अभियंता की मिलीभगत से बिना जमीन पर हुए किसी काम के ट्रेजरी से भुगतान पूरा कर लिया गया। वाउचर इसकी पुष्टि करते हैं कि धन उस काम के लिए निकाला गया जो जमीन पर हुआ ही नहीं। यह राजकीय धन का खुला गबन है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">  जयंत्री पांडेय ने इस पूरे मामले में भारी अनियमितताओं का आरोप लगाया है।  सहायक अभियंता मालविका जैसल और अधिशासी अभियंता की मिलीभगत से बिना किसी ठोस काम के ट्रेजरी से पूरा पैसा निकाल लिया गया। वाउचर दिखाते हैं कि पैसे तो निकल गए, लेकिन जमीन पर काम हुआ ही नहीं। यह खुला गबन है। अधिशासी अभियंता के पत्रांक 1829 में निविदा में तय जगहों, अतरी माइनर, नौगढ़ माइनर, सिसवा नेउरा आदि पर काम नहीं कराया गया। अधिशासी अभियंता के एक पत्र में दूसरी जगहों का जिक्र किया गया, जिसका फायदा उठाकर असल काम स्थल पर कुछ नहीं किया गया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> फर्जी फोटो और AI का इस्तेमालः काम न होने के बावजूद मालविका जैसल पर आरोप है कि उन्होंने AI टूल और मोबाइल एडिटिंग से फर्जी तस्वीरें बनाईं और विभाग को गुमराह किया। इन फर्जी तस्वीरों के आधार पर भुगतान को वैध ठहराने की कोशिश की गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह अनिश्चित है कि काम कहीं हुआ भी या सिर्फ कागजों पर घर की खेती कर सरकारी पैसा बांट लिया गया।जयंत्री पांडेय ने कहा है कि तकनीकी शर्तों का उल्लंघन किया गया है। निविदा शर्त 31 का खुला उल्लंघन किया गया है। बिना हॉट मिक्स प्लांट और पेवर मशीन के काम दिखाया गया। शर्त साफ थी कि काम इन्हीं मशीनों से होना है। बिना प्लांट के सड़क निर्माण तकनीकी रूप से मानकहीन है।जयंत्री पांडेय ने आरोप लगाया, 'शर्त 28 के तहत अनुबंध निरस्त होना चाहिए था, लेकिन अधिकारियों ने एस्टीमेट और NIT बदलकर उच्च अधिकारियों को बिना बताए काम कराया। कार्यस्थल हटने को शर्त 28 के तहत अनुबंध निरस्तीकरण और विभागीय कार्रवाई का आधार बताया गया। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">नोटिफिकेशन में प्रस्तावित नहर पट्टियों के बजाय बजट अपनी मर्जी से कहीं और खर्च करना तकनीकी अपराध है। बिना भौतिक मापन के पैसा बांट लिया गया।निविदा में जिन जगहों का जिक्र है, उनमें बटुआ सागर, बसंतपुर नहर, नौगढ़ कालोनी की पटरी, अलीदापुर पश्चिमी नहर, सिरवत कोठी, सिसवा नेउरा नहर, अतरी माइनर पर कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ। जयंत्री पांडेय ने तस्वीरें भी साझा की हैं। बटुआ सागर में कच्चे रास्ते दिख रहे हैं, कोई मरम्मत नहीं दिख रहा है। बसंतपुर नहर पर पुरानी सड़क घास से भरी हुई है। अलीदापुर पश्चिमी नहर पर पुरानी टूटी सड़क दिख रही है। सिसवा नेउरा और अतरी माइनर पर भी कच्चे रास्ते या टूटी सड़कें हैं। फोटो में तारीखें अप्रैल 2026 की हैं, जो काम पूरा होने के बाद की स्थिति दर्शाती हैं। इन फोटो में GPS लोकेशन, एलिवेशन, समय आदि डिटेल्स मौजूद हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><h4 style="text-align:justify;"><strong>जहां सफाई का दावा किया गया, वहां घास उगी है</strong></h4><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जयंत्री पांडेय ने केवल IGRS पर ही नहीं, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और अन्य अधिकारियों को पंजीकृत डाक से शिकायतें भेजी हैं।ट्रेजरी वाउचर की जांच कर अवैध भुगतान की रिकवरी मालविका जैसल द्वारा भेजी फोटो की फोरेंसिक जांच दोषी अधिकारियों पर तत्काल कठोर विभागीय और</div><div style="text-align:justify;">अनुशासनात्मक कार्रवाई विभागीय दस्तावेजों में क्या खामी गिनाई गई है?</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">ठेकेदार को कार्यस्थल की जानकारी पहले लेनी होती है। प्री-बिड मीटिंग 18 सितंबर 2025 को बस्ती में होनी थी। टेक्निकल बिड खुलने के 24 घंटे में आपत्ति ईमेल से दर्ज करानी होती है। बजट आवंटन पर ही फाइनेंशियल बिड खुलती है। यह सिर्फ एक सड़क निर्माण का मामला नहीं है। नहर पट्टियों पर बनी सड़कें सिंचाई क्षेत्र में किसानों, आम लोगों की सुविधा के लिए होती हैं। 13.9 किमी सड़क का 4.81 करोड़ का काम अगर कागजों पर रह गया तो विकास योजनाओं का पैसा बर्बाद हो रहा है। AI का इस्तेमाल फर्जी सबूत बनाने में सरकारी विभाग में नई समस्या पैदा कर रहा है। फोरेंसिक जांच जरूरी है ताकि असली और नकली फोटो में फर्क साबित हो। शिकायककर्ता का कहना है कि विभागीय मिलीभगत से ट्रेजरी भुगतान, कार्यस्थल बदले गए, शर्तों की अनदेखी की गई। ये सभी बिंदु ऐसे हैं, जिनकी विभागीय जांच होनी चाहिए।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस मामले की शिकायत अधीक्षण अभियंता गंडक बाढ़ मंडल बस्ती, मुख्य अभियंता गोरखपुर, आयुक्त बस्ती, जिलाधिकारी, एसएसपी आदि को पत्र भेज कर की गई है। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><blockquote class="format2">इस पूरे प्रकरण में जांच के लिए जो टीम गठित की गई थी ।इसी मंडल के ही अधिकारी शामिल थे । जबकि शासनादेश है कि जिस मंडल का मामला होता है उस मंडल के अधिकारियों को जांच नहीं सौंपी जानी चाहिए। जिसे शासन ने संज्ञान में लेते हुए जांच टीम निरस्त कर दी और दूसरी जांच टीम गठित कर दी है। यह जांच टीम सिद्धार्थनगर कभी धमक सकती है।</blockquote></div>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 22:58:57 +0530</pubDate>
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