<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/10206/hindu-temple" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>Hindu temple - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/10206/rss</link>
                <description>Hindu temple RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>राम मंदिर चढ़ावा चोरी - आस्था पर लगा दाग और सवालों के घेरे में सिस्टम</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="gs">
<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL msg6862890073122296727">
<div>
<div lang="en-us" xml:lang="en-us">
<div class="m_6862890073122296727WordSection1">
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी ने सिर्फ पैसे की हेराफेरी का मामला नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ये करोड़ों लोगों की आस्था पर सीधा हमला है। </span>25<span lang="hi" xml:lang="hi">  जून </span>2026<span lang="hi" xml:lang="hi">  को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने </span>8<span lang="hi" xml:lang="hi">  लोगों के खिलाफ पहली </span>FIR <span lang="hi" xml:lang="hi">दर्ज कराई है। सभी आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। बहुत बड़ी विडंबना है कि जो मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है इन चोरों ने उसे भी नहीं छोड़ा। राम मंदिर आंदोलन के बाद से अब तक पूरे देश के हिंदुओं की आस्था इस मंदिर से जुड़ी हुई है। लेकिन </span>FIR <span lang="hi" xml:lang="hi">के बाद भी सवाल</span></p></div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182466/ram-temple-offering-stolen-faith-tainted-and-system-under"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/hindi-divas1.jpg" alt=""></a><br /><div class="gs">
<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL msg6862890073122296727">
<div>
<div lang="en-us" xml:lang="en-us">
<div class="m_6862890073122296727WordSection1">
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी ने सिर्फ पैसे की हेराफेरी का मामला नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ये करोड़ों लोगों की आस्था पर सीधा हमला है। </span>25<span lang="hi" xml:lang="hi"> जून </span>2026<span lang="hi" xml:lang="hi"> को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने </span>8<span lang="hi" xml:lang="hi"> लोगों के खिलाफ पहली </span>FIR <span lang="hi" xml:lang="hi">दर्ज कराई है। सभी आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। बहुत बड़ी विडंबना है कि जो मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है इन चोरों ने उसे भी नहीं छोड़ा। राम मंदिर आंदोलन के बाद से अब तक पूरे देश के हिंदुओं की आस्था इस मंदिर से जुड़ी हुई है। लेकिन </span>FIR <span lang="hi" xml:lang="hi">के बाद भी सवाल खत्म नहीं हुए। बल्कि नए सवाल खड़े हो गए हैं। क्या हुआ था</span>?</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सीसीटीवी में साफ दिखा कि मंदिर के दानपात्रों से निकली नकदी की गिनती करने वाले कर्मचारी ही चोरी कर रहे थे।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आरोपियों में रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लवकुश मिश्रा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अनुकल्प मिश्रा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अविनाश शुक्ला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मनीष यादव</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रमाशंकर मिश्रा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और करुणेश पांडे शामिल हैं। इनमें से छह कैशियर हैं। सुभाष श्रीवास्तव काउंटिंग इंचार्ज था। टिन्नू यादव का काम कैश की गिनती सुपरवाइज़ करके बैंक तक ले जाना था। यानी जिन पर भरोसा था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वही बेईमान निकले। एसआईटी की जांच में खुलासा हुआ कि </span>14,500<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपए महीने की नौकरी करने वाले कर्मचारियों ने </span>5<span lang="hi" xml:lang="hi"> साल में करोड़ों की संपत्ति बना ली। एक ने डेढ़ करोड़ की जमीन खरीदी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दूसरे ने </span>40<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख का प्लॉट लिया। शुरुआती अनुमान </span>200<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ के घोटाले का है। एफआईआर दर्ज हुई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर देर से क्यों</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">ट्रस्ट ने चोरी की जांच के लिए </span>13<span lang="hi" xml:lang="hi"> जून को एसआईटी बनवाई। </span>25<span lang="hi" xml:lang="hi"> जून को एफआईआर हुई। यानी </span>12<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिन लग गए। जागरण की रिपोर्ट बताती है कि इससे पहले भी दो कर्मचारियों को गुपचुप तरीके से पकड़ा गया था। बिना एफआईआर के ही रिकवरी की जा रही थी। पुलिस ट्रस्ट के साथ मिलकर पूछताछ कर रही थी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सवाल ये है: जब चोरी का शक था तो तुरंत पुलिस को क्यों नहीं बताया गया</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">क्या ट्रस्ट पहले अपने स्तर पर मामला दबाना चाहता था</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">बड़े नाम गायब क्यों हैं</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">एफआईआर में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का नाम नहीं है। लेकिन उनका ड्राइवर टिन्नू यादव आरोपी है। विपक्ष का आरोप है कि छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई करके बड़े लोगों को बचाया जा रहा है। बीएनएस की धारा </span>306, 316(5), 317(4), 317(5) <span lang="hi" xml:lang="hi">और </span>61<span lang="hi" xml:lang="hi"> के तहत केस दर्ज हुआ है। इनमें उम्रकैद तक की सजा है। अगर टिन्नू यादव चोरी कर रहा था तो क्या चंपत राय को पता नहीं चला</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">या उन्होंने आंखें बंद कर लीं</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">एसआईटी की दूसरी रिपोर्ट आने तक ये सवाल बना रहेगा। सिस्टम में खामी कहां थी</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">मंदिर के चढ़ावे की गिनती तीन स्तर पर होती है: </span>24<span lang="hi" xml:lang="hi"> प्राइवेट कर्मचारी नोट गिनते हैं। </span>12<span lang="hi" xml:lang="hi"> ट्रस्ट कर्मचारी निगरानी करते हैं। </span>14 SBI <span lang="hi" xml:lang="hi">और </span>TCS <span lang="hi" xml:lang="hi">के ऑडिटर होते हैं। इतनी लेयर के बावजूद चोरी हो गई। जांच में सामने आया कि एक पदाधिकारी ने कैमरे लगाने का विरोध किया था। यानी सिस्टम में पारदर्शिता की कमी थी। </span>CCTV <span lang="hi" xml:lang="hi">थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर निगरानी नहीं थी। ऑडिट था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर भरोसा अंधा था। आगे क्या होना चाहिए</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">पहला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एसआईटी की जांच सिर्फ </span>8<span lang="hi" xml:lang="hi"> आरोपियों तक सीमित न रहे। पूरी चेन की जांच हो। किसके इशारे पर चोरी हुई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पैसा कहां गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ये साफ होना चाहिए। </span>CM <span lang="hi" xml:lang="hi">योगी ने कहा है कि "दूध का दूध</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पानी का पानी" होगा। जनता यही उम्मीद कर रही है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">दूसरा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ट्रस्ट को अपनी वित्तीय व्यवस्था सार्वजनिक करनी होगी। हर महीने कितना चढ़ावा आया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कहां खर्च हुआ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसका डिजिटल डिस्प्ले मंदिर परिसर में लगे। तिरुपति बालाजी मंदिर की तरह रियल टाइम अपडेट सिस्टम बने। तीसरा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कैश हैंडलिंग खत्म हो। </span>QR <span lang="hi" xml:lang="hi">कोड</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऑनलाइन पेमेंट को बढ़ावा दिया जाए। जितना कैश कम होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">चोरी की गुंजाइश उतनी कम होगी। चौथा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ट्रस्ट में सरकारी प्रतिनिधि बढ़ाए जाएं। अभी सिर्फ एक आईएएस अधिकारी है। </span>CAG <span lang="hi" xml:lang="hi">से सालाना ऑडिट अनिवार्य हो। राम मंदिर सिर्फ ईंट-पत्थर की इमारत नहीं है। ये </span>500<span lang="hi" xml:lang="hi"> साल के संघर्ष के बाद मिली आस्था की जीत है। </span>22<span lang="hi" xml:lang="hi"> जनवरी </span>2024<span lang="hi" xml:lang="hi"> को प्राण प्रतिष्ठा के दिन जो भाव देश ने देखा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वो अनमोल है। अगर चंद लोग उस आस्था को कैश कराने लगेंगे तो मंदिर का मतलब खत्म हो जाएगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">FIR <span lang="hi" xml:lang="hi">पहली कार्रवाई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आखिरी नहीं। असली इम्तहान अब शुरू हुआ है - क्या ट्रस्ट दोषियों को सजा दिला पाएगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">चाहे वो कितना भी बड़ा हो</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">क्या व्यवस्था बदलेगी ताकि फिर कोई टिन्नू यादव</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लवकुश मिश्रा आस्था का सौदा न कर सके</span>?</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जनता देख रही है। राम देख रहे हैं। लोग तरह तरह के सवाल उठा रहे हैं और लोगों के सवाल तब ही शांत होंगे जब इस पूरे मामले पय ठीक ढंग से पर्दा उठेगा। फिलहाल उम्मीद है कि जांच सही दिशा में हो रही है।</span></p>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
<div class="WhmR8e"></div>
</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182466/ram-temple-offering-stolen-faith-tainted-and-system-under</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/182466/ram-temple-offering-stolen-faith-tainted-and-system-under</guid>
                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 20:04:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/hindi-divas1.jpg"                         length="173958"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> बार बार हिन्दू मंदिरों पर हमले बड़ा षडयंत्र! </title>
                                    <description><![CDATA[<div>कैलिफोर्निया अमेरिका में एक बार फिर हिंदू मंदिर पर हमला किया गया है।बांग्लादेश पाकिस्तान कनाडा और अब अमेरिका सब जगह हिन्दू मंदिरों में तोड़फोड़ आगजनी हिंसा हिन्दू समाज की सहिष्णुता को चुनौती देने का फिरकापरस्त ताकतों की साजिश है ताकि भारत में इसकी प्रतिक्रिया हो और हिन्दू सिख मुसलिम समुदाय के लोगों के बीच परस्पर घृणा विद्वेष फैलाने में कामयाबी हासिल की जा सके।</div>
<div>  </div>
<div>इस बार दक्षिणी कैलिफोर्निया के सबसे बड़े हिंदू मंदिरों में से एक श्री स्वामीनारायण मंदिर को अपवित्र किया गया और इसकी दीवारों पर भारत विरोधी नारे लिखे गए। पिछले कुछ महीनों में यह इस तरह की</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149785/%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/download-(41).jpg" alt=""></a><br /><div>कैलिफोर्निया अमेरिका में एक बार फिर हिंदू मंदिर पर हमला किया गया है।बांग्लादेश पाकिस्तान कनाडा और अब अमेरिका सब जगह हिन्दू मंदिरों में तोड़फोड़ आगजनी हिंसा हिन्दू समाज की सहिष्णुता को चुनौती देने का फिरकापरस्त ताकतों की साजिश है ताकि भारत में इसकी प्रतिक्रिया हो और हिन्दू सिख मुसलिम समुदाय के लोगों के बीच परस्पर घृणा विद्वेष फैलाने में कामयाबी हासिल की जा सके।</div>
<div> </div>
<div>इस बार दक्षिणी कैलिफोर्निया के सबसे बड़े हिंदू मंदिरों में से एक श्री स्वामीनारायण मंदिर को अपवित्र किया गया और इसकी दीवारों पर भारत विरोधी नारे लिखे गए। पिछले कुछ महीनों में यह इस तरह की दूसरी घटना है। स्वामीनारायण मंदिर प्रबंधन ने अपने बयान में बताया है कि हिंदू समुदाय के खिलाफ नफरत का एक और प्रदर्शन करते हुए आपको बता दें कि कैलिफोर्निया के चिनो हिल्स में उनके मंदिर को निशाना बनाया गया। इसने आगे कहा कि समुदाय कभी भी नफरत को जड़ नहीं जमाने देगा।</div>
<div> </div>
<div>केलीफोर्निया में सबसे बड़े हिंदू मंदिरों में से एक स्वामीनारायण मंदिर में हमले दौरान मंदिर की दीवारों पर भारत विरोधी नारे लिखे गए हैं.जो इन हरकतों के पीछे छिपे राजनीतिक अजेंडा को बताता है। अमेरिका के हिंदू संगठनों ने मंदिर पर हुए हमले की निंदा की है. भारत ने कैलिफोर्निया के चीनो हिल्स में एक हिंदू मंदिर को अपवित्र करने की घटना की रविवार को कड़ी निंदा की और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ ‘‘कड़ी कार्रवाई'' की मांग की. भारत ने घटना के मद्देनजर पूजा स्थलों की पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी आह्वान किया। </div>
<div>उन्होंने कहा, है कि हम स्थानीय कानून प्रवर्तन अधिकारियों से इन कृत्यों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और पूजा स्थलों की पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित करने का आह्वान करते हैं। </div>
<div> </div>
<div>बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) ने शनिवार को कहा कि चीनो हिल्स में श्री स्वामीनारायण मंदिर को अपवित्र को किया गया. ‘बीएपीएस पब्लिक अफेयर्स' ने पोस्ट किया कि एक और मंदिर को अपवित्र किया गया तथा इस बार कैलिफोर्निया के चीनो हिल्स स्थित मंदिर में ऐसी घटना को अंजाम दिया गया है.इसने कहा, “हिंदू समुदाय नफरत के खिलाफ दृढ़ता से खड़ा है. चीनो हिल्स और दक्षिणी कैलिफोर्निया के लोगों के साथ मिलकर हम कभी भी नफरत को जड़ नहीं जमाने देंगे.”मंदिर पर हुए हमले को लेकर चिनो हिल्स पुलिस विभाग ने अभी तक कोई बयान नहीं दिया है।</div>
<div> </div>
<div>उत्तरी अमेरिका के हिंदुओं के संगठन  ने घटना की निंदा करते हुए पोस्ट किया, एक और हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ की गई। इस बार चिनो हिल्स, कैलिफोर्निया में प्रतिष्ठित बीएपीएस मंदिर में। यह दुनिया में एक और दिन है, जहां मीडिया और शिक्षाविद इस बात पर जोर देंगे कि हिंदू विरोधी कोई नफरत नहीं है और हिंदूफोबिया सिर्फ हमारी कल्पना की उपज है।</div>
<div> </div>
<div>आपको बता दें कि उत्तरी अमेरिका की हिंदू संस्थान सीओएचएनए ने एक्स पर अपनी पोस्ट पर लिखा है कि ये कतई चौंकाने वाला नहीं है कि लॉस एंजिल्स में तथाकथित खालिस्तान जनमत संग्रह से पहले ऐसा किया गया है. सीओएचएनए ने अपनी पोस्ट में वर्ष 2022 के बाद से अमेरिका के मंदिरों में तोड़फोड़ कई मामलों की जानकारी दी है और जांच की मांग की है। </div>
<div> </div>
<div>सीओएचएनए उत्तरी अमेरिका में हिंदुओं का एक संगठन है. जो उत्तरी अमेरिका में हिंदू धर्म की समझ को बेहतर बनाने और हिंदू समुदाय को प्रभावित करने वाले मामलों के लिए कार्य करता है इस संगठन ने मंदिरों पर हमलो की क्रमवार जानकारी जारी की है इस के अनुसार 3 अगस्त 2022, श्री तुलसी मंदिर क्वींस, न्यूयार्क 16 अगस्त 2022, श्री तुलसी मंदिर क्वींस, न्यूयार्क 30 अक्तूबर 2022, हरि ओम राधाकृष्ण मंदिर, सेक्रामेंटो, कैलिफोर्निया 23 दिसंबर 2023, एसएमवीएस श्रीस्वामी नारायण मंदिर कैलिफोर्निया एक जनवरी 2024, शिव दुर्गा मंदिर सेंटा क्लारा कैलिफोर्निया 5 जनवरी 2024, श्री आस्था लक्ष्मी मंदिर फ्रेमांट, कैलिफोर्निया 5 जनवरी 2024, विजय शेरावली मंदिर, हेवर्ड, कैलिफोर्निया 11 जनवरी 2024, श्री पंचमुख हनुमान मंदिर डबलिन, कैलिफोर्निया 17 सितंबर 2024, बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर न्यूयार्क 25 सितंबर 2024, बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर, सेक्रामेंटो, कैलिफोर्निया में हिन्दू मंदिरों को निशाना बनाया गया। </div>
<div> </div>
<div> हिंदू संगठन ने इसके खालिस्तान कनेक्शन की ओर इशारा करते हुए आगे लिखा, 'यह आश्चर्य की बात नहीं कि यह तब हुआ जब लॉस एंजिलिस में तथाकथित खालिस्तान जनमत संग्रह का दिन करीब आ रहा है।'</div>
<div>दरअसल प्रतिबंधित आतंवादी संगठन सिख फॉर जस्टिस कनाडा सहित कई देशों में लगतार भारत विरोधी अभियान चला रहा है. 17 नवंबर 2024 को न्यूजीलैंड में भी ऐसा ही अभियान चलाने की कोशिश की गई और भारत विरोधी नारे लगाते हुए खालिस्तान का झंडा लहराया गया।</div>
<div> </div>
<div>लेकिन न्यूजीलैंड के नागरिकों ने इसका विरोध किया. कुछ दिन पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर के लंदर दौरे के समय भी उनकी कार के सामने खालिस्तान समर्थकों ने विरोध दर्ज कराया था. इससे पहले सैनफ्रांसिस्कों में वर्ष 2022 में भी जनमत संग्रह का प्रयास हुआ था. इसमें खालिस्तान समर्थकों के दो गुट आपस में भिड़ गए थे. इस जनमत संग्रह में पूछा जाता है कि क्या भारत में खालिस्तान नाम का स्वतंत्र राष्ट्र बनना चाहिए?अमेरिका में स्थित एक ग्रुप सिख फॉर जस्टिस अब खालिस्तान की मांग करता रहता है. इसे भारत सरकार ने 10 जुलाई 2019 को यूएपीए के तहत प्रतिबंधित किया था. 2020 में खालिस्तानी समूहों से जुड़े कई लोगों को आतंवादी घोषित किया था. यहीं नहीं खालिस्तान समर्थक दर्जनों वेबसाइट को बंद कराया था. खालिस्तान के समर्थन में 2020 में जनमत संग्रह शुरू किया गया था।</div>
<div> </div>
<div>यहां आपको यह भी बता दें कि कनाडा में भी पिछले दिनों इसी तरह हिन्दू मंदिरों पर हमले किए जाते रहे हैं और उन के लिए भी खालिस्तान समर्थक चरम पंथियों को जिम्मेदार बताया जाता रहा है। इस के अलावा पाकिस्तान और बांग्लादेश में तो आए दिन हिन्दू मंदिरों के साथ ही हिन्दू नाबालिग लड़कियों से दुष्कर्म और धर्मांतरण की वारदात को अंजाम दिया जा रहा है। </div>
<div> </div>
<div>भारत के दुश्मन ऐसी हरकतें एक षडयंत्र के तहत करते हैं ताकि भारत में घरेलू अशांति पैदा की जा सके और भारत अपनी तरक्की के रास्ते से हटकर अमेरिका जैसे विश्व शोषक के हाथों की कठपुतली बन जाए इस सब के पीछे कहीं न कहीं विदेशी सरकारों की शह रहती है वरना वहां मंदिरों या हिन्दूओं के खिलाफ पत्ता भी नहीं हिल सकता है भारत  सरकार इन घटनाओं  पर अपना सख्त विरोध दर्ज कराती रही है। देश भर में इन हमलों को लेकर नाराजगी है। सरकार को इस मामले में गंभीरता से सख्त कदम उठाने चाहिए आज का भारत किसी विदेशी ताकत की बिल्लियो की लड़ाई में बंदर की भूमिका स्वीकार नहीं करेगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/149785/%C2%A0</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/149785/%C2%A0</guid>
                <pubDate>Tue, 11 Mar 2025 15:03:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-03/download-%2841%29.jpg"                         length="7899"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हिन्दू मंदिर के सामने नग्न अवस्था मे विदेशी युवक ने किया मेडिटेशन </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Indonesia:</strong> इंडोनेशिया के पर्यटन स्थल  बाली द्वीप पर एक विदेशी नागरिक द्वारा   हिंदू मंदिर के सामने नग्न अवस्था में मेडिटेशन  का वीडियो  वायरल हो  रहा है जिससे लोग भड़क गए हैं । इंडोनेशिया के अधिकारियों ने आरोपी  व्यक्ति की तलाश शुरू कर दी है ।  ‘द बाली सन' नामक समाचार वेबसाइट ने मंगलवार को बताया कि जिस इंस्टाग्राम अकाउंट से सबसे पहले वीडियो साझा किया गया था, उसमें अब कुछ भी नहीं है। लेकिन इस बीच एक नये अकाउंट से विवादास्पद फुटेज के ‘स्पूफ' (मूल वीडियो की नकल) पोस्ट किए गए हैं।</p>
<p>इसमें कहा गया है कि मंदिर में ध्यान</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/135524/foreign-youth-meditated-naked-in-front-of-hindu-temple"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-10/2023_10image_11_34_5087216851-ll.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Indonesia:</strong> इंडोनेशिया के पर्यटन स्थल  बाली द्वीप पर एक विदेशी नागरिक द्वारा   हिंदू मंदिर के सामने नग्न अवस्था में मेडिटेशन  का वीडियो  वायरल हो  रहा है जिससे लोग भड़क गए हैं । इंडोनेशिया के अधिकारियों ने आरोपी  व्यक्ति की तलाश शुरू कर दी है ।  ‘द बाली सन' नामक समाचार वेबसाइट ने मंगलवार को बताया कि जिस इंस्टाग्राम अकाउंट से सबसे पहले वीडियो साझा किया गया था, उसमें अब कुछ भी नहीं है। लेकिन इस बीच एक नये अकाउंट से विवादास्पद फुटेज के ‘स्पूफ' (मूल वीडियो की नकल) पोस्ट किए गए हैं।</p>
<p>इसमें कहा गया है कि मंदिर में ध्यान कर रहे व्यक्ति का मूल वीडियो हटा दिया गया है, लेकिन उससे पहले ही इंटरनेट उपयोगकर्ताओं ने इसे रिकॉर्ड कर लिया था। वेबसाइट ने उस व्यक्ति की पहचान ‘कॉकेशियन' जूलियन जिटलो के रूप में की है जिसके अकाउंट पर 3,76,000 फॉलोअर हैं, लेकिन वहां अब केवल एक पोस्ट है। आव्रजन कार्यालय के प्रमुख टेडी रियांडी ने संवाददाताओं से कहा कि वे उस व्यक्ति का पता लगाने के लिए ‘बाली पुलिस के खुफिया और सुरक्षा निदेशालय के साथ समन्वय' कर रहे हैं। मुस्लिम बहुल इंडोनेशिया में बाली एकमात्र हिंदू-बहुल प्रांत है, जहां की 86.9 प्रतिशत आबादी हिंदू है।  </p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/135524/foreign-youth-meditated-naked-in-front-of-hindu-temple</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/135524/foreign-youth-meditated-naked-in-front-of-hindu-temple</guid>
                <pubDate>Thu, 05 Oct 2023 12:32:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2023-10/2023_10image_11_34_5087216851-ll.jpg"                         length="87574"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        