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                <title>Agriculture Schemes - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Agriculture Schemes RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट बंगा ने गांव हप्पोवाल में किसान गोष्ठी का आयोजन किया</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">एग्रीकल्चर और किसान कल्याण डिपार्टमेंट ब्लॉक बंगा की तरफ से किसानों को खेती की नई तकनीकों की जानकारी देने के लिए चलाई जा रही आत्मा स्कीम के तहत गांव हप्पोवाल में एक बड़ी किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें इलाके के 150 से ज़्यादा किसानों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर, कार्यक्रम के मुख्य मेहमान, डॉ. लेख राज, चीफ एग्रीकल्चर ऑफिसर, शहीद भगत सिंह नगर ने किसानों को जिले में चल रही किसान कल्याण स्कीमों के बारे में बताया, जैसे कि फसल अलग-अलग तरह की स्कीम के तहत 7000 रुपये प्रति एकड़, धान की सीधी बुवाई के लिए 1500</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185692/agriculture-department-banga-organized-atma-kisan-gosthi-in-village-happowal"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1001013884.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">एग्रीकल्चर और किसान कल्याण डिपार्टमेंट ब्लॉक बंगा की तरफ से किसानों को खेती की नई तकनीकों की जानकारी देने के लिए चलाई जा रही आत्मा स्कीम के तहत गांव हप्पोवाल में एक बड़ी किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें इलाके के 150 से ज़्यादा किसानों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर, कार्यक्रम के मुख्य मेहमान, डॉ. लेख राज, चीफ एग्रीकल्चर ऑफिसर, शहीद भगत सिंह नगर ने किसानों को जिले में चल रही किसान कल्याण स्कीमों के बारे में बताया, जैसे कि फसल अलग-अलग तरह की स्कीम के तहत 7000 रुपये प्रति एकड़, धान की सीधी बुवाई के लिए 1500 रुपये प्रति एकड़ और किसानों को बड़े पैमाने पर खेती की मशीनरी दी जा रही है ताकि उन्हें इन स्कीमों का ज़्यादा से ज़्यादा फायदा मिल सके।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस मौके पर बंगा के एग्रीकल्चर ऑफिसर डॉ. लक्ष्मण दास ने धान की बुआई में लेबर की कमी को ध्यान में रखते हुए पैडी ट्रांसप्लांटर मशीनों से धान की रोपाई के बारे में किसानों के साथ टेक्निकल जानकारी शेयर की। डिपार्टमेंट ने गांव अनौखरवाल में इन मशीनों के साथ 25 एकड़ में डेमोंस्ट्रेशन प्लॉट लगाए। एग्रीकल्चर साइंस सेंटर लंगरोआ के डॉ. बलजीत सिंह और डॉ. जसविंदर कुमार ने मौजूदा फसलों धान, बासमती, मक्का और गन्ने के कीड़ों और बीमारियों के कंट्रोल के बारे में जानकारी दी और कहा कि किसानों को खेतों का लगातार सर्वे करना चाहिए और ज़रूरत पड़ने पर बताए गए एग्रीकल्चरल पेस्टीसाइड का इस्तेमाल करना चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गर्म मौसम के कारण धान में ब्लाइट और तेला रोग की संभावना बढ़ जाती है। सुरिंदरपाल सिंह एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन ऑफिसर और विक्रम सिंह एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन ऑफिसर ने किसानों के साथ नेचुरल फार्मिंग, PM किसान योजना आदि के बारे में जानकारी शेयर की। इस मौके पर गगनदीप सिंह लायन क्लब राजा साहिब सेवा बंगा ने अपने साथियों के साथ इस कैंप में हिस्सा लिया और आए हुए मेहमानों और किसानों का धन्यवाद किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस मौके पर, पर्यावरण बचाने में योगदान देने वाले अगावडू के पांच किसानों को सम्मानित किया गया और मौजूद सभी किसानों को मुफ्त छायादार और फलदार पेड़ बांटे गए। इस मौके पर संदीप गंगर ATM, लायन क्लब इंजी. एएसपी सोंधी, रछपाल सिंह, राजेश मक्कड़, प्रिंसिपल चंद्र मोहन, संजीव सूरी, सतनाम सिंह, विजय कुमार और मौजूद किसान सुखदीप सिंह साल कलां, सुरजीत सिंह राय लंगेरी, हरदीप सिंह धंधुहा, सतनाम सिंह बिसला, चरणजीत सिंह मंडेर, सुरजीत सिंह चक मंडेर, गुरदीप सिंह कटारिया, वरिंदर कुमार सरपंच कटारिया, हरजीत सिंह झिक्का, सुखविंदर सिंह झिक्का वगैरह मौजूद थे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Aug 2026 21:20:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जनपद प्रयागराज के समस्त कृषकों से फार्मर रजिस्ट्री कराने की अपील।</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्व कर्मी आधार के अनुसार खतौनी में नहीं कर रहे संशोधन।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182658/appeal-to-all-the-farmers-of-prayagraj-district-to-get"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/pm-kisan-yojana-(19).jpg" alt=""></a><br /><div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उप कृषि निदेशक जनपद प्रयागराज के समस्त कृषक भाइयों एवं बहनों को सूचित किया है कि भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कृषकों के लिए फार्मर रजिस्ट्री तैयार किए जाने का अभियान लगातार संचालित किया जा रहा है जिसमें जनपद के 569000 कृषकों की फार्मर आई०डी० बनी है एवं लगभग एक लाख किसान भाइयों जिनकी फार्मर आई०डी० नहीं बनी है उन सभी पात्र कृषकों से अपील है कि वे शीघ्र अपनी फार्मर रजिस्ट्री बनवाकर यूनिक फार्मर आईडी प्राप्त करें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">फार्मर रजिस्ट्री किसानों की एक प्रमाणित डिजिटल पहचान है, जिसके माध्यम से कृषक की आधार, भूमि अभिलेख एवं अन्य आवश्यक विवरण एकीकृत रूप से उपलब्ध रहते हैं। इससे वास्तविक पात्र किसानों को योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जा सकेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ् प्राप्त करने में सुविधा होगी, जिसमें वर्तमान में महत्वपूर्ण खाद की उपलब्धता हेतु। कृषि विभाग की विभिन्न अनुदान योजनाओं में प्राथमिकता। बीज, उर्वरक, कृषि यंत्र एवं अन्य कृषि आदानों पर उपलब्ध अनुदान का सुगम लाभ। किसान क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा तथा अन्य कृषि सेवाओं में सुविधा। शासन द्वारा भविष्य में संचालित की जाने वाली योजनाओं का त्वरित एवं पारदर्शी लाभ। कृषक की एकल एवं प्रमाणित डिजिटल पहचान (फार्मर आईडी) उपलब्ध होना। पात्र लाभार्थियों की सही पहचान सुनिश्चित होने से योजनाओं का लाभ सीधे वास्तविक किसानों तक पहुँचना।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कृषकों का डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। विभिन्न कृषि योजनाओं एवं सेवाओं को क्रमिक रूप से फार्मर आईडी से जोड़ा जा रहा है, जिससे योजनाओं का लाभ केवल सत्यापित एवं पात्र किसानों को ही प्राप्त हो सके। अतः प्रत्येक कृषक भाई के लिए समय रहते फार्मर रजिस्ट्री कराना अत्यंत आवश्यक है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">*फार्मर रजिस्ट्री कराने हेतु आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर, बैंक खाता विवरण, भूमि अभिलेख (खतौनी/गाटा विवरण) एवं आवश्यकतानुसार अन्य संबंधित अभिलेख आवश्यक है।*</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>कृषक अपनी फार्मर रजिस्ट्री   </strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अपने निकटतम जन सेवा केन्द्र, ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित विशेष शिविर, कृषि विभाग द्वारा आयोजित पंजीकरण शिविर, अधिकृत ऑनलाइन पोर्टल माध्यमों से करा सकते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिन कृषकों की फार्मर आईडी में समस्त गाटों को दर्ज नहीं कराया गया है उनको शीघ्र अतिशीघ्र पोर्टल पर <a href="http://upfr.agristack.gov.in/">upfr.agristack.gov.in</a> पर जाकर स्वयं या जनसुविधा केन्द्र के माध्यम से जुडवा लें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">किसान द्वारा फॉर्मर रजिस्ट्री कराने के बाद भी पेंडिंग रिपोर्ट दिखाई देता है जब की महीनों पहले किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया था।इसमें सबसे बड़ा रोड़ा तहसील का राजस्व विभाग बन गया हैजिसमे लेखपाल की भूमिका सर्वाधिक संदिग्ध और काम चोरी की मिली है।इसमें सबसे अधिक फूलपुर तहसील में रिपोर्ट पेंडिंग में है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">किसानों का आरोप है कि 99% खतौनी मैं सरनेम नहीं अकित है  नाम ही दर्जहै। जबकि आधार कार्ड  में नाम के आगे उसकी जाति जैसे त्रिपाठी मिश्राद दुबे  यादव भारतीय विश्व कर्मा आदि दर्ज हैं ।इसे शुद्ध करने की जिम्मेदारी लेखपाल की निर्धारित की गई है लेकिन वह इसकी आड़ में किसानों से भयादोहन और सुविधा शुल्क  की मांग कर रहा है। कहता है कि इसमें पैसा लगेगा और मुकदमा  करना पड़ेगा।जिसके  कारण से रजिस्ट्रेशन  होने के बावजूद रजिस्ट्रेशन पेंडिंग में है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">क्योंकि प्रमाणित करने के लिए लेखपालों के पास लटका है लेकिन इस पर कोई राजस्व अधिकारी ध्यान नहीं देते जबकि कृषि विभाग बार-बार रजिस्ट्रेशन के लिए अपील करता है लेकिन  सरकारी सिस्टम को ठीक करने के लिए कोई दिशा निर्देश नहीं दियाजाताहै।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 21:29:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्राकृतिक खेती से किसानों की आय बढ़ाने पर जोर, मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने दिलाया विकसित कृषि का संकल्प।।</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जिला पंचायत सभागार, प्रयागराज में शुक्रवार को "प्राकृतिक खेती कार्यशाला एवं विकसित कृषि संकल्प अभियान" का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह उपस्थित रहे। इस दौरान उन्होंने किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल खेती की लागत को कम करती है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता बढ़ाकर किसानों की आय में भी वृद्धि करती है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181676/emphasis-on-increasing-the-income-of-farmers-through-natural-farming"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260619-wa0182-(1).jpg" alt=""></a><br /><div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिला पंचायत सभागार, प्रयागराज में शुक्रवार को "प्राकृतिक खेती कार्यशाला एवं विकसित कृषि संकल्प अभियान" का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह उपस्थित रहे। इस दौरान उन्होंने किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल खेती की लागत को कम करती है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता बढ़ाकर किसानों की आय में भी वृद्धि करती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने तथा कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती के माध्यम से रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों पर निर्भरता कम होगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ लोगों को स्वस्थ एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उपलब्ध हो सकेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यशाला में कृषि विशेषज्ञों ने प्राकृतिक खेती के विभिन्न पहलुओं, जैविक खाद के उपयोग, जल संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन तथा कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। किसानों को प्राकृतिक खेती से मिलने वाले लाभों एवं सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कृषि योजनाओं के बारे में भी जागरूक किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर सांसद प्रवीण पटेल, विधायकगण, विधान परिषद सदस्य (एमएलसी), भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष, महापौर सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी, कृषि विभाग के अधिकारी, किसान एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने कृषि क्षेत्र को अधिक उन्नत, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा किसानों के हित में कार्य करने का संकल्प लिया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 22:14:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>

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