<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/101762/wellness" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>wellness - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/101762/rss</link>
                <description>wellness RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>तनाव के बढ़ते कारण और संतुलित जीवन की आवश्यकता</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">आज का युग विज्ञान तकनीक और भौतिक सुविधाओं का युग है। मनुष्य ने विकास के अनेक नए आयाम स्थापित किए हैं। इसके बावजूद उसका जीवन पहले की अपेक्षा अधिक तनावपूर्ण होता जा रहा है। बाहरी सुख सुविधाओं की वृद्धि के साथ मन की शांति घटती जा रही है। चिंता असंतोष प्रतिस्पर्धा महत्त्वाकांक्षा और जीवनशैली में आए असंतुलन ने मनुष्य को मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर बना दिया है। तनाव अब केवल किसी एक वर्ग की समस्या नहीं रहा बल्कि यह समाज के प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का हिस्सा बन गया है। यदि समय रहते इसके कारणों को नहीं समझा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182702/reasons-for-increasing-stress-and-need-for-a-balanced-life"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/images-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">आज का युग विज्ञान तकनीक और भौतिक सुविधाओं का युग है। मनुष्य ने विकास के अनेक नए आयाम स्थापित किए हैं। इसके बावजूद उसका जीवन पहले की अपेक्षा अधिक तनावपूर्ण होता जा रहा है। बाहरी सुख सुविधाओं की वृद्धि के साथ मन की शांति घटती जा रही है। चिंता असंतोष प्रतिस्पर्धा महत्त्वाकांक्षा और जीवनशैली में आए असंतुलन ने मनुष्य को मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर बना दिया है। तनाव अब केवल किसी एक वर्ग की समस्या नहीं रहा बल्कि यह समाज के प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का हिस्सा बन गया है। यदि समय रहते इसके कारणों को नहीं समझा गया तो यह व्यक्ति परिवार और समाज तीनों के लिए गंभीर संकट का रूप ले सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तनाव का सबसे बड़ा कारण दूषित वातावरण और प्रदूषण है। बढ़ता शोर वायु प्रदूषण और अव्यवस्थित जीवन मनुष्य के साथ साथ पशुओं को भी प्रभावित कर रहा है। लगातार शोर और प्रदूषण से शरीर और मस्तिष्क पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। शांत और स्वच्छ वातावरण मनुष्य के मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसलिए पर्यावरण की रक्षा केवल प्रकृति की सुरक्षा नहीं बल्कि मानव जीवन की सुरक्षा भी है। महत्त्वाकांक्षा जीवन में प्रगति का आधार है लेकिन जब यह असीमित हो जाती है तब यही तनाव का सबसे बड़ा कारण बनती है। प्रत्येक व्यक्ति सम्मान सफलता और प्रतिष्ठा चाहता है। जब उसकी इच्छाएँ पूरी नहीं होतीं तब वह निराशा और तनाव से घिर जाता है। दूसरों से आगे निकलने की अंधी दौड़ मनुष्य को संतोष से दूर ले जाती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वह वर्तमान की उपलब्धियों का आनंद लेने के बजाय भविष्य की कल्पनाओं में उलझा रहता है। यही असंतोष धीरे धीरे उसके जीवन की शांति समाप्त कर देता है। एक किसान की कथा इस सत्य को स्पष्ट करती है। किसान को जितनी भूमि मिलती गई उसकी इच्छा उतनी ही बढ़ती गई। अंत में अधिक भूमि पाने की लालसा में वह लगातार दौड़ता रहा और थककर उसकी मृत्यु हो गई। यह कहानी बताती है कि अनियंत्रित महत्त्वाकांक्षा अंततः जीवन का सुख और शांति दोनों छीन लेती है। आज का मनुष्य भी बिना लक्ष्य और संतोष के इसी प्रकार भाग रहा है। उसे यह सोचने का समय नहीं है कि उसकी दौड़ का उद्देश्य क्या है।</div>
<div style="text-align:justify;">अत्यधिक चिंता और निरर्थक चिंतन भी तनाव का बड़ा कारण है। जो व्यक्ति हर समय भविष्य की आशंकाओं और कल्पनाओं में डूबा रहता है उसका मन कभी शांत नहीं रह सकता। लगातार सोचते रहने से मानसिक ऊर्जा नष्ट होती है और व्यक्ति अवसाद तथा अनेक मानसिक रोगों का शिकार हो जाता है। इसलिए आवश्यक है कि मनुष्य केवल उतना ही चिंतन करे जितना आवश्यक हो और शेष समय सकारात्मक कार्यों में लगाए।क्रोध ईर्ष्या प्रतिशोध और नकारात्मक भावनाएँ भी तनाव को बढ़ाती हैं। जब मनुष्य दूसरों के प्रति द्वेष रखता है तब उसका मन निरंतर अशांत रहता है। प्रतिशोध की भावना वर्षों तक मनुष्य की ऊर्जा को नष्ट करती रहती है। इसके विपरीत क्षमा सहनशीलता और सद्भाव मन को हल्का बनाते हैं तथा तनाव को दूर करते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज समाज में नैतिक मूल्यों का भी तेजी से पतन हो रहा है। लोग अपने अधिकारों की बात तो करते हैं लेकिन अपने कर्तव्यों को भूलते जा रहे हैं। दूसरों की आलोचना करना और स्वयं को श्रेष्ठ मानना सामान्य प्रवृत्ति बन गई है। जब व्यक्ति स्वयं को सुधारने के बजाय दूसरों को बदलने का प्रयास करता है तब उसके भीतर असंतोष और तनाव जन्म लेता है। वास्तविक परिवर्तन की शुरुआत स्वयं से होती है। आत्मानुशासन ही जीवन की सबसे बड़ी शक्ति है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मन का अनुशासन तनाव से मुक्ति का सबसे प्रभावी उपाय है। जो व्यक्ति अपनी इच्छाओं विचारों और व्यवहार पर नियंत्रण रखता है वह कठिन परिस्थितियों में भी शांत रहता है। इसके विपरीत जो व्यक्ति दूसरों पर शासन करना चाहता है वह स्वयं चिंता और असुरक्षा से घिरा रहता है। इसलिए आत्मसंयम और आत्मनियंत्रण जीवन को संतुलित और सुखी बनाते हैं। भोजन का मन और शरीर दोनों पर गहरा प्रभाव पड़ता है। असंतुलित अशुद्ध और तामसिक भोजन शरीर में अनेक विकार उत्पन्न करता है जिससे मानसिक तनाव भी बढ़ता है। भोजन हमेशा शांत मन से संयमपूर्वक और उचित मात्रा में करना चाहिए। ग्रामीण जीवन का उदाहरण बताता है कि सरल सात्त्विक भोजन और नियमित दिनचर्या व्यक्ति को अधिक स्वस्थ और तनावमुक्त बनाए रखती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शारीरिक स्थिति और जीवनशैली भी तनाव को प्रभावित करती है। गलत ढंग से बैठना लगातार काम करते रहना या अत्यधिक विश्राम करना दोनों ही शरीर के लिए हानिकारक हैं। शरीर में ऊर्जा और रक्त का संतुलित प्रवाह तभी संभव है जब व्यक्ति सही मुद्रा में बैठे नियमित व्यायाम करे और पर्याप्त विश्राम भी ले। इसी प्रकार पर्याप्त और नियमित नींद मानसिक तथा शारीरिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। नींद की कमी से चिड़चिड़ापन थकान और तनाव बढ़ता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज आर्थिक असुरक्षा भी तनाव का एक बड़ा कारण बन गई है। बढ़ती महँगाई बेरोजगारी और अधिक धन कमाने की होड़ ने मनुष्य के जीवन को बेचैन बना दिया है। धन आवश्यक है लेकिन जीवन का अंतिम लक्ष्य नहीं। यदि मनुष्य संतोष ईमानदारी और सादगी को अपनाए तो आर्थिक चुनौतियों का सामना भी अधिक धैर्य और आत्मविश्वास के साथ कर सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;">तनाव से मुक्त जीवन का आधार संतुलन है। इच्छाओं में संतुलन विचारों में संतुलन भोजन में संतुलन कार्य और विश्राम में संतुलन तथा जीवन मूल्यों में संतुलन ही स्वस्थ और सुखी जीवन का मार्ग है। मनुष्य यदि वर्तमान में जीना सीखे सकारात्मक सोच अपनाए प्रकृति के निकट रहे और आत्मानुशासन का पालन करे तो वह तनाव पर काफी हद तक विजय प्राप्त कर सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अंततः कहा जा सकता है कि तनाव किसी एक कारण से उत्पन्न नहीं होता बल्कि अनेक छोटी छोटी असंतुलित आदतों और विचारों का परिणाम होता है। इसलिए केवल बाहरी परिस्थितियों को बदलने से समाधान संभव नहीं है। आवश्यकता इस बात की है कि मनुष्य अपने भीतर संतोष संयम सद्भाव और सकारात्मक दृष्टिकोण का विकास करे। जब मन संतुलित होगा तब जीवन भी संतुलित होगा और तभी वास्तविक सुख शांति तथा सफलता प्राप्त की जा सकेगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कांतिलाल मांडोत</strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182702/reasons-for-increasing-stress-and-need-for-a-balanced-life</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/182702/reasons-for-increasing-stress-and-need-for-a-balanced-life</guid>
                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 19:32:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/images-%281%29.jpg"                         length="65394"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर लोटन में योगाभ्यास करते भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div>
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लोटन (सिद्धार्थनगर)।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी लोटन मंडल की ओर से सरस्वती शिशु मंदिर लोटन के परिसर में योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भाजपा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">          कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष बृज बिहारी मिश्र ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। नियमित योगाभ्यास से शरीर निरोग रहता है और मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है। उन्होंने लोगों से योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">भाजपा मंडल</div></div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181826/bjp-officials-and-workers-practicing-yoga-in-lotan-on-international"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1782048431542.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div>
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लोटन (सिद्धार्थनगर)।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी लोटन मंडल की ओर से सरस्वती शिशु मंदिर लोटन के परिसर में योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भाजपा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">     कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष बृज बिहारी मिश्र ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। नियमित योगाभ्यास से शरीर निरोग रहता है और मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है। उन्होंने लोगों से योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भाजपा मंडल अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार शुक्ल के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास किया। वक्ताओं ने कहा कि योग आज पूरी दुनिया में स्वास्थ्य और संतुलित जीवन का माध्यम बन चुका है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर दृगनारायण सिंह, बब्लू पांडेय, प्रदीप मोदनवाल, अनुराग कसौधन, विनोद मिश्रा, रुद्रनारायण पांडेय, शिवम विश्वास, प्रेमचंद मोदनवाल, कृष्णदत्त त्रिपाठी, संतोष पांडेय, सतीश वर्मा, आनंद प्रकाश गौड सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने नियमित योग करने तथा योग के प्रति लोगों को जागरूक करने का संकल्प लिया।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;">           </div>
</div>
</div>
<div class="adL"> </div>
</div>
<div class="adL"> </div>
</div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt">
<div class="hp"> </div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181826/bjp-officials-and-workers-practicing-yoga-in-lotan-on-international</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/181826/bjp-officials-and-workers-practicing-yoga-in-lotan-on-international</guid>
                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 20:32:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/1782048431542.jpg"                         length="643068"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विश्व योग दिवस की तैयारियों में जुटा प्रशासन, प्रशिक्षकों के साथ ब्लॉक शोहरतगढ़ परिसर में लोगों ने किया योगाभ्यास</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर। </strong>12 वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को है। ब्लॉक मुख्यालय शोहरतगढ़ परिसर में योग सप्ताह के तहत चल रहे योगाभ्यास कार्यक्रम में शुक्रवार को लोगों ने योगाभ्यास किया। रविवार को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के भव्य आयोजन को लेकर ब्लाक व तहसील प्रशासन तैयारियों में जुटा है।</div>
<div style="text-align:justify;">मास्टर ट्रेनरों द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के प्रोटोकॉल आधारित योगाभ्यास ब्लॉक परिसर में कराया गया। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून के आयोजन को भव्य रूप देने की तैयारी में लोग लगे हैं।ब्लाक मुख्यालय शोहरतगढ़ व गावं में भी विश्व योग दिवस मनाने की तैयारी जोरों पर है। ब्लाक मुख्यालय</div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181634/people-practiced-yoga-in-block-shohratgarh-complex-along-with-administration"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1781879162465.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर। </strong>12 वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को है। ब्लॉक मुख्यालय शोहरतगढ़ परिसर में योग सप्ताह के तहत चल रहे योगाभ्यास कार्यक्रम में शुक्रवार को लोगों ने योगाभ्यास किया। रविवार को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के भव्य आयोजन को लेकर ब्लाक व तहसील प्रशासन तैयारियों में जुटा है।</div>
<div style="text-align:justify;">मास्टर ट्रेनरों द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के प्रोटोकॉल आधारित योगाभ्यास ब्लॉक परिसर में कराया गया। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून के आयोजन को भव्य रूप देने की तैयारी में लोग लगे हैं।ब्लाक मुख्यालय शोहरतगढ़ व गावं में भी विश्व योग दिवस मनाने की तैयारी जोरों पर है। ब्लाक मुख्यालय शोहरतगढ़ परिसर में मास्टर ट्रेनर अम्बरीश शुक्ला, प्रीती शुक्ला, मुस्तन शेरुल्लाह ,रवि प्रकाश ओझा, योगेंद्र प्रसाद व राकेश कुमार जायसवाल ने एडीओ पंचायत शोहरतगढ़ संजय पटेल की उपस्थिति में लोगों को योगाभ्यास में  प्रोटोकॉल अनुसार शिथिलीकरण अभ्यास में ग्रीवा चालन, स्कंध चालन, कटिचालन, घुटना संचालन, खड़े होकर किए जाने वाले आसन में ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, अर्धचक्रासन, त्रिकोणासन, बैठ कर किए जाने वाले आसन में भद्रासन, वज्रासन, अर्ध उष्ट्रासन, उष्ट्रासन, शशकासन, उत्तान मंडूकासन, वक्रासन/मरीच्यासन पेट के बल लेटकर मकरासन, अर्ध भुजंगासन, भुजंगासन, शलभासन एवं पीठ के बल लेटकर किए जाने वाले आसन में सेतुबंधासन, उत्तान पाद हस्तासन, अर्ध हलासन, शवासन आदि अभ्यास कराये गये। अंत में कपालभांति तथा प्राणायाम में अनुलोम विलोम/ नदीशोधन, शीतली प्राणायाम, भ्रामरी एवं ध्यान भी करवाया गया। 12 वें विश्व योग दिवस के स्वस्थ वृद्धावस्था हेतु योग थीम पर आधारित योगाभ्यास कार्यक्रम में लोगों को योग के महत्व व  होने वाले लाभ की जानकारी भी दी गयी। इस दौरान एडीओ पंचायत संजय पटेल, मास्टर ट्रेनर अम्बरीश शुक्ला, प्रीती शुक्ला, मुस्तन शेरुल्लाह , रवि प्रकाश ओझा, योगेंद्र प्रसाद, राकेश कुमार जायसवाल के साथ सेक्रेटरी अजय भारतीया, संदीप सरोज व अरुण उपाध्याय, मनीष वर्मा, विनय पाण्डेय, नन्दलाल, हरीश चन्द्र, पंचगुलाम, महेश, बहेतू, प्रमोद, कृष्ण कुमार, चैन कुमार, रामछबेले आदि लोग मौजूद रहे।
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181634/people-practiced-yoga-in-block-shohratgarh-complex-along-with-administration</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/181634/people-practiced-yoga-in-block-shohratgarh-complex-along-with-administration</guid>
                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 20:36:40 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/1781879162465.jpg"                         length="373110"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        