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                <title>journalists - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>journalists RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>स्टिंग ऑपरेशन के बाद दर्ज रंगदारी केस में हाईकोर्ट से पत्रकारों को बड़ी राहत</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>भोपाल।</strong> </p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने देवास में कथित भ्रूण लिंग परीक्षण, अवैध गर्भपात और कन्या भ्रूण हत्या के खुलासे से जुड़े स्टिंग ऑपरेशन के बाद दर्ज रंगदारी के मामले में पत्रकारों को महत्वपूर्ण राहत प्रदान की है। न्यायालय ने <strong>तहलका डिजिटल न्यूज</strong> के पत्रकार <strong>विनय अरोड़ा</strong> को अग्रिम जमानत (एंटीसिपेटरी बेल) मंजूर कर दी है। इससे पहले 25 जून को इसी मामले में सह-आरोपी पत्रकार <strong>रजनी</strong> को नियमित जमानत मिल चुकी थी।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दोनों मामलों की सुनवाई मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की एकल पीठ के न्यायमूर्ति <strong>पवन कुमार द्विवेदी</strong> ने की। अदालत ने उपलब्ध अभिलेखों का अवलोकन करते हुए पाया कि स्टिंग</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182652/big-relief-to-journalists-from-high-court-in-extortion-case"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/476977-madhya-pradesh-high-court-gwalior-bench.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>भोपाल।</strong> </p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने देवास में कथित भ्रूण लिंग परीक्षण, अवैध गर्भपात और कन्या भ्रूण हत्या के खुलासे से जुड़े स्टिंग ऑपरेशन के बाद दर्ज रंगदारी के मामले में पत्रकारों को महत्वपूर्ण राहत प्रदान की है। न्यायालय ने <strong>तहलका डिजिटल न्यूज</strong> के पत्रकार <strong>विनय अरोड़ा</strong> को अग्रिम जमानत (एंटीसिपेटरी बेल) मंजूर कर दी है। इससे पहले 25 जून को इसी मामले में सह-आरोपी पत्रकार <strong>रजनी</strong> को नियमित जमानत मिल चुकी थी।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दोनों मामलों की सुनवाई मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की एकल पीठ के न्यायमूर्ति <strong>पवन कुमार द्विवेदी</strong> ने की। अदालत ने उपलब्ध अभिलेखों का अवलोकन करते हुए पाया कि स्टिंग ऑपरेशन के दौरान तैयार किए गए वीडियो एफआईआर दर्ज होने से पहले ही राज्य एवं केंद्र सरकार के संबंधित अधिकारियों को भेजे जा चुके थे। अदालत ने प्रथम दृष्टया इसी तथ्य को राहत दिए जाने का महत्वपूर्ण आधार माना।</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>एफआईआर से पहले अधिकारियों को भेजे गए थे वीडियो</strong></h3><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 2 जुलाई को पारित आदेश में हाईकोर्ट ने उल्लेख किया कि रिकॉर्ड से स्पष्ट है कि 6 अप्रैल 2026 को स्टिंग ऑपरेशन के वीडियो मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य आयुक्त, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की अध्यक्ष, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तथा देवास के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को भेजे गए थे। इसके अतिरिक्त 6 और 7 अप्रैल को भी संबंधित अधिकारियों को वीडियो उपलब्ध कराए गए। इसके बाद 7 अप्रैल को पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अदालत ने इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विनय अरोड़ा को अग्रिम जमानत प्रदान की। इससे पहले पत्रकार रजनी को जमानत देते समय भी न्यायालय ने इसी प्रकार की परिस्थितियों का उल्लेख किया था।</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>क्या है पूरा मामला</strong></h3><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">देवास के कोतवाली थाने में दर्ज एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि पत्रकार विनय अरोड़ा, रजनी और अन्य लोगों ने स्टिंग ऑपरेशन के दौरान रिकॉर्ड किए गए वीडियो के आधार पर शिकायतकर्ता से रंगदारी वसूलने और दबाव बनाने का प्रयास किया।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(5) एवं 308(6) (रंगदारी), धारा 61(2) (आपराधिक साजिश) तथा धारा 3(5) (समान उद्देश्य) के तहत प्रकरण दर्ज किया है।</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>पत्रकारों का पक्ष</strong></h3><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पत्रकारों की ओर से अदालत में दलील दी गई कि स्टिंग ऑपरेशन का उद्देश्य समाज में चल रही कथित अवैध गतिविधियों का पर्दाफाश करना था। उनके अनुसार, स्टिंग के दौरान <strong>पीसीपीएनडीटी अधिनियम, 1994</strong> तथा <strong>मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी) अधिनियम, 1971</strong> के उल्लंघन से जुड़े कथित अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण, गैरकानूनी गर्भपात और कन्या भ्रूण हत्या के मामलों का खुलासा किया गया था।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि स्टिंग ऑपरेशन के वीडियो एफआईआर दर्ज होने से पहले ही संबंधित सरकारी अधिकारियों को सौंप दिए गए थे। ऐसे में रंगदारी के आरोप निराधार हैं और यह कार्रवाई कथित अवैध गतिविधियों के खुलासे के बाद प्रतिशोध स्वरूप की गई है।</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>राज्य सरकार ने जताया विरोध</strong></h3><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">राज्य सरकार की ओर से अग्रिम जमानत का विरोध करते हुए कहा गया कि आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। सरकारी पक्ष का तर्क था कि पत्रकारों ने स्टिंग ऑपरेशन के दौरान रिकॉर्ड किए गए वीडियो का इस्तेमाल शिकायतकर्ता को ब्लैकमेल करने और दबाव बनाने के लिए किया।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हालांकि, हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस स्तर पर मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम टिप्पणी नहीं की जा रही है और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर दोनों पत्रकारों को कानून के अनुरूप राहत प्रदान की गई है।</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>जमानत की शर्तें</strong></h3><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हाईकोर्ट ने अपने 2 जुलाई के आदेश में निर्देश दिया कि यदि विनय अरोड़ा को इस मामले में गिरफ्तार किया जाता है, तो उन्हें 50 हजार रुपये के निजी मुचलके तथा समान राशि के एक सक्षम जमानतदार पर रिहा किया जाए।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">वहीं, 25 जून को पारित आदेश में पत्रकार रजनी को एक लाख रुपये के निजी मुचलके एवं एक सक्षम जमानतदार पर नियमित जमानत देने का निर्देश दिया गया था। साथ ही उन्हें ट्रायल कोर्ट में नियमित रूप से उपस्थित रहने की शर्त का पालन करने को कहा गया है।</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>अधिवक्ताओं ने रखा पक्ष</strong></h3><p style="text-align:justify;">मामले में पत्रकारों की ओर से अधिवक्ता <strong>अमन मालवीय</strong> ने पैरवी की, जबकि राज्य सरकार की ओर से सरकारी अधिवक्ता <strong>सुरेंद्र सिंह अलावा</strong> एवं <strong>हेमंत शर्मा</strong> ने न्यायालय में अपना पक्ष रखा। अब मामले की आगे की सुनवाई ट्रायल कोर्ट में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जारी रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 21:04:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खजनी में पत्रकारों के सम्मान का प्रेरक उदाहरण ,समाजसेवी अधिवक्ता विनोद कुमार पांडेय की पहल ने बढ़ाया चौथे स्तंभ का हौसला</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>  ख़जनी -</strong> गोरखपुर जनपद के खजनी क्षेत्र में पत्रकारों के सम्मान और उनके मनोबल को सशक्त करने की दिशा में एक प्रेरणादायी और सराहनीय पहल सामने आई है। कैथवलिया हरख सिंह स्थित राधा कृष्णा मैरेज लॉन परिसर में आयोजित भव्य समारोह में समाजसेवी एवं प्रख्यात अधिवक्ता विनोद कुमार पांडेय के शौजन्य से खजनी तहसील क्षेत्र में विभिन्न छोटे-बड़े मीडिया बैनरों के अंतर्गत कार्यरत पत्रकारों को सम्मानित किया गया। यह आयोजन न केवल पत्रकारों के लिए सम्मान का प्रतीक बना, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और सहयोग की भावना को भी मजबूती प्रदान करता नजर आया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कड़ाके की ठंड के बीच</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/164656/inspiring-example-of-respect-for-journalists-in-khajni-initiative-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/p--2-,,,-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong> ख़जनी -</strong> गोरखपुर जनपद के खजनी क्षेत्र में पत्रकारों के सम्मान और उनके मनोबल को सशक्त करने की दिशा में एक प्रेरणादायी और सराहनीय पहल सामने आई है। कैथवलिया हरख सिंह स्थित राधा कृष्णा मैरेज लॉन परिसर में आयोजित भव्य समारोह में समाजसेवी एवं प्रख्यात अधिवक्ता विनोद कुमार पांडेय के शौजन्य से खजनी तहसील क्षेत्र में विभिन्न छोटे-बड़े मीडिया बैनरों के अंतर्गत कार्यरत पत्रकारों को सम्मानित किया गया। यह आयोजन न केवल पत्रकारों के लिए सम्मान का प्रतीक बना, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और सहयोग की भावना को भी मजबूती प्रदान करता नजर आया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कड़ाके की ठंड के बीच आयोजित इस सम्मान समारोह में पत्रकारों को ठंड से राहत देने के उद्देश्य से गर्म वस्त्र, रूम हीटर के साथ-साथ उपयोगी पेन और डायरी भेंट की गई। यह पहल पत्रकारों की कठिन कार्य परिस्थितियों को समझने और उनके प्रति संवेदनशीलता का परिचायक बनी। आयोजन स्थल पर उपस्थित पत्रकारों के चेहरे पर उत्साह और संतोष स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">समारोह को संबोधित करते हुए अधिवक्ता विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं और समाज को सच से रूबरू कराने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विषम परिस्थितियों, सामाजिक दबावों और प्राकृतिक चुनौतियों के बावजूद पत्रकार निरंतर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं। ऐसे में समाज का दायित्व बनता है कि वह पत्रकारों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों के लिए आगे आए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अपने संबोधन के दौरान श्री पांडेय ने अपने जीवन से जुड़ा एक भावनात्मक प्रसंग भी साझा किया। उन्होंने बताया कि उनका झुकाव भी कभी पत्रकारिता की ओर था, लेकिन पारिवारिक परिस्थितियों के चलते वे अधिवक्ता बने। बावजूद इसके, उनका मन हमेशा पत्रकारों के संघर्ष और चुनौतियों के साथ जुड़ा रहा है। उन्होंने दो टूक कहा कि पत्रकारों की समस्याओं, अधिकारों और सम्मान की लड़ाई वे आगे भी मजबूती से लड़ते रहेंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में खजनी और सिकरीगंज क्षेत्र के बड़ी संख्या में पत्रकार एक मंच पर एकत्र हुए। इस अवसर ने न केवल आपसी संवाद और विचार-विमर्श को बढ़ावा दिया, बल्कि पत्रकारों के बीच एकजुटता और सहयोग की भावना को भी सशक्त किया। पत्रकारों ने इस आयोजन को अपने लिए सम्मान और प्रेरणा का स्रोत बताया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सम्मानित पत्रकारों ने समाजसेवी अधिवक्ता विनोद कुमार पांडेय के इस कदम की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन पत्रकारों के मनोबल को नई ऊर्जा देते हैं और समाज में पत्रकारिता के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम का समापन सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक वातावरण में हुआ। उपस्थित पत्रकारों ने इस आयोजन को पत्रकारिता और समाज सेवा के बीच मजबूत सेतु बताते हुए कहा कि खजनी क्षेत्र में आयोजित यह सम्मान समारोह आने वाले समय में अन्य समाजसेवियों के लिए भी प्रेरणा बनेगा। यह आयोजन निश्चय ही पत्रकारों के सम्मान की परंपरा को नई दिशा देने वाला साबित होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Dec 2025 19:59:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सरकारी अस्पताल में इलाज कराने गए पत्रकारों को दौड़ा-दौड़ा पीटा</title>
                                    <description><![CDATA[मारपीट से अस्पताल में मची अफरा तफरी धक्का मुक्की और मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/148331/journalists-who-went-to-government-hospital-for-treatment-ran"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-02/hindi-divas17.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>डॉक्टरों और उनके गुर्गों की गुंडई देखकर अस्पताल परिसर में मौजूद मरीज सहम गए</strong></div>
<div><strong>लालगंज (रायबरेली)।</strong> सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार को इलाज कराने पहुंचे दो सोशल मीडिया के पत्रकारों को डॉक्टरों व उनके के सहयोगी गुर्गों ने जमकर पिटाई कर दी। डॉक्टरों और उनके गुर्गों की गुंडई देखकर अस्पताल परिसर में मौजूद मरीज सहम गए और थोड़ी देर के लिए अफरा तफरी का माहौल हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस और अस्पताल में तैनात गार्डों ने किसी तरह दोनों पक्षों को शांत कराया। पत्रकारों से मारपीट और धक्का मुक्की का यह वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है।</div>
<div> </div>
<div>हालांकि.... स्वतंत्र प्रभात समाचार पत्र वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। पीड़ित युवकों ने पुलिस को तहरीर देकर आरोपी डॉक्टरों और उनके सहयोगी युवकों के विरुद्ध कोतवाली में शिकायती पत्र दिया है। गुरबक्शगंज थाना क्षेत्र के पिपरी मजरे गोझरी निवासी विजय प्रताप सिंह अपने साथी राम प्रकाश के साथ अस्पताल में इलाज कराने गए थे।</div>
<div> </div>
<div>उनका कहना है कि बाहर की दवाएं लिखे जाने पर उन्होंने आपत्ति की। इस पर डॉक्टर गौरव पांडेय व उनके सहयोगी युवक मारपीट करने लगे। धक्का मारते हुए उन्हें बाहर तक खदेड़ दिया। इसी बीच डॉ सत्यजीत भी अपने अवांछित गुंडों के साथ पहुंचकर गाली गलौज करते हुए मारपीट की गला दबाकर मार डालने की कोशिश की। मारपीट देखकर वहां मौजूद बड़ी संख्या में मरीज सहम गए अस्पताल परिसर में अफरा तफरी का माहौल हो गया अस्पताल में तैनात उत्तर प्रदेश सैनिक कल्याण निगम के गार्डों ने बीच बचाव कर दोनों पक्षों को शांत कराया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को कोतवाली आने को कहा।</div>
<div> </div>
<div>वहीं सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमल पटेल का कहना है कि ओपीडी में मरीजों की काफी भीड़ थी। दोनों युवक आकर अकारण वीडियो बना रहे थे। डॉक्टरों के पूछने पर झगड़ा करने पर आमादा हो गए। किसी से कोई मारपीट नहीं की गई। युवकों के विरुद्ध तहरीर दी जाएगी। इंस्पेक्टर संजय कुमार सिंह ने बताया कि एक पक्ष से शिकायती पत्र मिला है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Feb 2025 19:12:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मानवाधिकारो को लेकर दिल्ली में PUCL फिर सक्रिय होने की तैयारी में,किया सभा का आयोजन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात। एसडी सेठी।</strong></p>
<p><strong>नई दिल्ली।</strong> एक अर्से तक शांत बैठे पीपुल्स यूनियन फाॅर सिविल लिबर्टीज (PUCL) संगठन की दिल्ली ईकाई की ओर से एक जनसभा नई दिल्ली स्थित राजेन्द्र भवन मेंआयोजित की गई। सभा में  आम नागरिको के  मानवाधिकारो पर हो रहे कुठाराघात के खिलाफ बडी  संख्या में मौजूद एडवोकेट, समाजिक कार्यकर्ता, प्रोफेसर्स, पत्रकार, स्टूडेंट्स, सांस्कृतिक कर्मी, साहित्यकार, कवि लेखक समेत बडी संख्या में मजदूर संगठनों ने गर्मजोशी के साथ शिरकत की।  सभा में सभी वक्ताओ ने जिक्र किया कि वर्तमान में लोगो के मानवाधिकार, पर किस तरह से विभिन्न एक्ट और कानून को लादकर जुबान पर ताले जडे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/143198/pucl-organized-a-meeting-in-delhi-in-preparation-to-become"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-07/20240713_152711.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात। एसडी सेठी।</strong></p>
<p><strong>नई दिल्ली।</strong> एक अर्से तक शांत बैठे पीपुल्स यूनियन फाॅर सिविल लिबर्टीज (PUCL) संगठन की दिल्ली ईकाई की ओर से एक जनसभा नई दिल्ली स्थित राजेन्द्र भवन मेंआयोजित की गई। सभा में  आम नागरिको के  मानवाधिकारो पर हो रहे कुठाराघात के खिलाफ बडी  संख्या में मौजूद एडवोकेट, समाजिक कार्यकर्ता, प्रोफेसर्स, पत्रकार, स्टूडेंट्स, सांस्कृतिक कर्मी, साहित्यकार, कवि लेखक समेत बडी संख्या में मजदूर संगठनों ने गर्मजोशी के साथ शिरकत की।  सभा में सभी वक्ताओ ने जिक्र किया कि वर्तमान में लोगो के मानवाधिकार, पर किस तरह से विभिन्न एक्ट और कानून को लादकर जुबान पर ताले जडे जा रहे है।</p>
<p>बेकसूर को जेलों में डाला जा रहा है,ऐसे कानूनों के दुरूपयोग पर सरकार के खिलाफ खुलकर अपना विरोध जताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पीयूसीएल दिल्ली इकाई के प्रेसीडेंट एनडी पांचौली  ने की। इसके अलावा पीयूसीएल दिल्ली ईकाई के जर्नल सेकेट्री टी.एस.आहूजा,सेकेट्री,अशोक भारती,अमित श्रीवास्तव ,वर्तिका मैनी त्रिपाठी ,कविता श्रीवास्तव भी मंच पर मौजूद थी। इस अवसर पर पीयूसीएल के महासचिव टी.एस.आहूजा ने पीपुल्स यूनियन फाॅर सिविल लिबर्टीज के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पीपल्स यूनियन फाॅर सिविल लिबर्टीज का गठन अक्टूबर,1976 में उस वक्त हुआ था ,जब 25-26 जून की आधी रात को आपातकाल दौरान तब की पीएम इन्दिरा गांधी ने आम नागरिक के मौलिक अधिकारों को पूरी तरह से कुचल दिया था।कोई भी नागरिक अपने अधिकारो के लिए कोर्ट मे न्याय की गुहार तक नहीं लगा सकता था।उस  वक्त के  तमाम विपक्षी राजनीतिज्ञों,बुद्धिजीवियों,सिविल लिबर्टीज एक्टिविस्ट,स्टूडेंट्स लीडर्स, एडवोकेट, गांधीवादी, और वह सब भी जो तब की कांग्रेस सरकार की नीतियो की अलोचना कर रहे थे,।</p>
<p>उन सभी को जेलों में डाल दिया गया था। सूचना के अधिकार को खत्म कर तमाम अखबारो पर सेंसर लगा दिया गया। इस बावत पीयूसीएल जर्नल सेकेट्री टी एस आहूजा ने कहा कि उनको भी तब स्टूडेंट्स यूनियन के लीडर होने के नाते पुलिस ने  डिटेंन कर जेल में डाल दिया था। वह करीब  आठ महीने तक बेवजह जेल में डाल दिए गए। उसी आपातकाल की ज्यादतियों और हालात  की  खिलाफत में  ही एक प्लेटफार्म की जरूरत महसूस हुई, जिस प्लेटफार्म पर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष शुरू किया गया। 17 अक्टूबर,1976 को नई दिल्ली स्थित कंस्टीटयूशनल क्लब में लोकनायक जयप्रकाश नारायण  बतौर फाउंडर मेम्बर और वी एम तारकुंडे के निर्दशन में पीपुल्स यूनियन फाॅर सिविल लिबर्टीज (पीयूसीएल) का गठन किया गया।</p>
<p>इसके बाद इस संगठन के बैनर तले ही कैद किए गए तमाम नागरिक अधिकारों के संघर्ष की गाथा का आगाज किया गया।पीयूसीएल  यानि पीपुल्स यूनियन फाॅर सिविल लिबर्टीज का गठन  जेपी नारायण की निगरानी में पीयूसीएल के पहले कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस वी एम तारकुंडे, और संयोजक कृष्ण कांत संसद सदस्य को बनाया गया। जेपी नारायण गंभीर रूप से अस्वस्थ होने की वजह से नहीं आ पाए।  जेबी कृपलानी के द्वारा अध्यक्षीय भाषण दिया गया ।वहीं हिंदी कवि भवानी प्रसाद मिश्रा,पूर्व वाईस चांसलर और गुजराती लेखक उमाशंकर जोशी, जर्नालिस्ट बीजी वर्गीस, डाॅ.ऊषा मेहता,सर्वोदय लीडर वसंत नरगोलकर समेत अन्य बुध्दिजीवियों द्वारा सभा  को संबोधित किया गया था। 13 जुलाई , शनिवार 2024 को पीयूसीएल दिल्ली यूनिट के अध्यक्ष एनडी पांचौली की अध्यक्षता में भव्य समारोह का आयोजन किया गया।</p>
<p>सभा में उपस्थित वक्ताओ ने एक स्वर से वर्तमान सरकार द्वारा  अपनाए  जा रहे आपातकाल के दौर को दोहराए जाने का आरोप लगाया। सभी ने तीन नए क्रिमिनल लाॅ पर अपना विरोध जताया।साथ ही वर्तमान की मोदी सरकार द्वारा अपने विरोधियो को ठिकाने लगाने की कवायद भर है। डाॅ. सुनीलम ने इन तीन नए क्रिमिनल लाॅ को लाने का मकसद किसान आंदोलन को दबाने के लिए बताया।  उन्सोहोने सोशल एक्टिविस्ट मेघा पाटकर की कहानी भी इसी संदर्भ में साजिश का हिस्सा बताया। सोशल एक्टिविस्ट विनोद ने 9 अगस्त भारत छोडो की तर्ज पर पंजाब से बडा आंदोलन खडा करने का आह्वान किया। आंदोलन कारी रविंद्र कुमार ने कहा की पीएम मोदी  अभी हाल ही में आस्ट्रिया टूर पर गए। वहां उन्होने जनरल बातचीत मे आस्ट्रेलिया क ई बारा पुकारा । इससे उनकी शिक्षा का पता चलता है।</p>
<p>मोदी सरकार नाहक ही ईडी,सीबीआई, का बेजार इस्तेमाल कर रही है।ये संविधान की हत्या है।सांस्कृतिक कर्मी शुभेन्दू ने किसका लहुलुहान है,कौन मरा बतलाओ तो यारो। गाकर सभा मे मौजूद सभी में ऊर्जा का संचार कर दिया। कृष्ण मुरारी जाटव ने शिक्षा,स्वास्थ्य पर सरकार को चेताया। उन्होने कहा कि स्कूलों में परिवर्तन लाना हो तो सिर्फ सरकारी स्कूल मे पढने वाले को ही सरकारी नौकरी में वरियता देनी चाहिए। अगर सरकारी स्कूल पडा आईपीएस, आईएएस,या अन्य सरकारी नौकरी में होगा तो स्कूल अपने आप ठीक हो जाएगे। शिक्षा का निजीकरण बंद होना चाहिए। वही सरकारी अस्पताल भी सुधर जाएगे जब क्षेत्र के एमएलए, सांसद को सरकारी अस्पताल में ही इलाज करवाना अनिवार्य कर दिया जाना चाहिए। अस्पतालों का आयुक्त अपने आप ही हो जाएगा।</p>
<p>वहीं वक्ता अनिल कुमार ने कहा कि ब्राह्मण वाद जन्मानुसार और आंबेडकर वाद कर्मानुसार अब नहीं चलेगा। एडवोकेट के एल बुद्ध ने संविधान पर खुल कर अपनी बात रखी। श्याम दत्त तिवारी ने वर्तमान व्यवस्था में 99 प्रतिशत कर्मचारी,अधिकारियों को भ्रष्ट बतलाया। नेताओ का अपना राग-हिस्सा है। इसके अलावा अन्य वक्ताओ में एडवोकेट प्रत्यक्ष उत्पल ,एडवोकेट पूनम, प्रगतिशील महिला मोर्चा, अनिल दूबे ने ,कामरेड राज व्रत आर्य, ने भी अपने बात रखी।  अन्त में सभा की अध्यक्षता कर रहे पीयूसीएल दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष एनडी पांचौली ने सभा की सफलता पर सभी उपस्थित जन अधिकार वादियों का ह्रदय से धन्यवाद किया। उन्होने कहा लोगों में गुस्सा है। सरकार द्वारा जन अधिकारो पर खुलकर वाॅयलेंस किया जा रहा है।सरकार के तीन क्रिमिनल लाॅ को लादने पर भी  विरोध जताया।</p>
<p>सरकारी ऐजेंसियों जिनमें यूएपीए,पीएमएलए, ईडी,सीबीआई, इन्कम टैक्स  का खुलकर दुरूपयोग किया जा रहा है । वहीं मणी पुर मामले में भी सरकार को घेरा जाएगा। उन्होने कहा कि ईडी,सीबीआई, यू एपीए,इंकम टैक्स,पीएमएलए, जैसी ऐजेंसियो सरकार की पाॅवर का हिस्सा बन गई है। इन एजेंसियों का राजनितिक नेताओ, बुद्धिजीवियों.आंदोलन- कारियों,सोशल एक्टिविस्टो के खिलाफ सरकार दुरूपयोग कर रही है। पीयूसीएल नए सिरे से सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ  अपना संघर्ष तेज करेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jul 2024 16:48:25 +0530</pubDate>
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                <title>पत्रकारों, लेखकों के घरों पर पड़ी Raids, प्रेस क्लब ने कहा चिंता का विषय </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Journalists: </strong>न्यूज़क्लिक और इससे जुड़े पत्रकारों के घरों पर दिल्ली पुलिस के छापों पर पत्रकारों और इनके संगठन ने कड़ी आपत्ति जताई है। प्रेस क्लब ऑफ इंडिया यानी पीसीआई ने कहा है कि वह पत्रकारों के साथ एकजुटता से खड़ा है। इसने सरकार से इस पर विस्तृत बयान जारी करने की मांग की है। प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने कहा है, 'प्रेस क्लब ऑफ इंडिया न्यूज़क्लिक से जुड़े पत्रकारों और लेखकों के घरों पर की गई कई छापेमारी से बेहद चिंतित है। हम घटनाक्रम पर नजर रख रहे हैं और एक विस्तृत बयान जारी करेंगे।' इसने आगे कहा है कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/135459/the-press-club-said-that-raids-on-the-houses-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-10/hindi-divas4.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Journalists: </strong>न्यूज़क्लिक और इससे जुड़े पत्रकारों के घरों पर दिल्ली पुलिस के छापों पर पत्रकारों और इनके संगठन ने कड़ी आपत्ति जताई है। प्रेस क्लब ऑफ इंडिया यानी पीसीआई ने कहा है कि वह पत्रकारों के साथ एकजुटता से खड़ा है। इसने सरकार से इस पर विस्तृत बयान जारी करने की मांग की है। प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने कहा है, 'प्रेस क्लब ऑफ इंडिया न्यूज़क्लिक से जुड़े पत्रकारों और लेखकों के घरों पर की गई कई छापेमारी से बेहद चिंतित है। हम घटनाक्रम पर नजर रख रहे हैं और एक विस्तृत बयान जारी करेंगे।' इसने आगे कहा है कि पीसीआई पत्रकारों के साथ एकजुटता से खड़ा है और सरकार से जानकारी देने की मांग करता है।</p>
<p>न्यूज़क्लिक और इससे जुड़े पत्रकारों पर दिल्ली पुलिस ने मंगलवार सुबह ही कार्रवाई की है। जिनके ख़िलाफ़ यह कार्रवाई की गई है उनमें वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश, अभिसार शर्मा, भाषा सिंह, न्यूज़क्लिक वेबसाइट के संपादक प्रबीर पुरकायस्थ और व्यंग्यकार संजय राजौरा, लेखिका गीता हरिहरन, प्रसिद्ध पत्रकार औनिंद्यो चक्रवर्ती, एक्टिविस्ट और इतिहासकार सोहेल हाशमी आदि शामिल हैं। अधिकतर के फोन और लैपटॉप जब्त किए गए हैं और कुछ को पूछताछ के लिए थाने जाया गया है।</p>
<p>दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल द्वारा समाचार पोर्टल के खिलाफ सख्त गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए के तहत एक नया मामला दर्ज किया गया है। चीन से फंड लेने के आरोपों के बीच न्यूज़क्लिक दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा और प्रवर्तन निदेशालय की जांच के दायरे में है। बहरहाल, इस कार्रवाई को लेकर पत्रकारों ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। </p>
<p>वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने कहा, "दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने न्यूज़क्लिक वेबसाइट से जुड़े कई पत्रकारों/लेखकों के घरों पर छापेमारी की। मोबाइल और लैपटॉप ले गई। पूछताछ जारी। अभी तक कोई वारंट/एफआईआर नहीं दिखाया गया। लोकतंत्र में पत्रकार कब से राज्य के 'दुश्मन' बन गए?"</p>
<p>लेखक अपूर्वानंद ने कहा है, 'सरकार के आलोचकों पर छापे मारे जा रहे हैं। अनिंद्यो, उर्मिलेश, भाषा, अभिसार, परोनजॉय, सोहेल हाशमी, रघुनंदन, संजय राजौरा, तीस्ता, ... के साथ क्या किया जा रहा है, इसको बताने का कोई अन्य तरीका नहीं है।' उन्होंने कहा, 'स्वतंत्र आवाज़ों पर हमला किया जा रहा है। यह वास्तव में वे लोग हैं जो जानकारी और विचारों के उन स्रोतों से वंचित हो रहे हैं जो उन्हें अपना निर्णय लेने में मदद करते हैं। उन्हें अपनी चिंता करने की ज़रूरत है। यह उन पर हमला है!'</p>
<p>सोहित मिश्रा ने लिखा है, 'एक तरफ़ साहब खुद यूट्यूब पर आ रहे हैं, और दूसरी तरफ यूट्यूब पर काम कर रहे पत्रकारों के घर पर छापेमारी हो रही है। सुबह सुबह पत्रकारों के घरों में इन अधिकारियों का पहुंचना, उनके लैपटॉप और फोन को सीज़ करना, यह बताता है कि 2024 की तैयारी शुरू हो गई है और बोलने वालों पर कारवाई होगी...।'</p>
<p>हालाँकि, कुछ पत्रकारों ने सरकार के फ़ैसले को सही ठहराने की कोशिश की है। अशोक श्रीवास्तव ने कहा है, 'कुछ लोग मनीष कश्यप की गिरफ्तारी को सही ठहरा रहे थे यह कह कर कि वो फेक न्यूज फैला रहा था। अब वही लोग अवैध फंडिग के मामले में न्यूज क्लिक के पत्रकारों के खिलाफ कारवाई पर छाती पीट रहे हैं। मनीष की गिरफ्तारी को जो लोग मीडिया पर हमला नहीं मान रहे थे यह कह कर कि मनीष पत्रकार नहीं यूट्यूबर है। अब वही लोग यूट्यूबर अभिसार शर्मा के समर्थन में रूदाली रोना रो रहे हैं कि मीडिया की आजादी खतरे में है।'</p>
<p>बता दें कि न्यूज़क्लिक और इसके पत्रकारों पर दिल्ली पुलिस के छापों को लेकर विपक्षी दलों ने मोदी सरकार की आलोचना की है। विपक्षी दलों ने कहा है कि जो बीजेपी की भजन मंडली में शामिल होने से इनकार करते हैं उनके ख़िलाफ़ इस तरह की कार्रवाई होती है। इन दलों ने कहा है कि सरकार उन लोगों से डरी हुई है जो उनकी विफलताओं पर सरकार से सवाल पूछते हैं। </p>
<p>कांग्रेस ने मोदी सरकार की इस कार्रवाई को पीएम मोदी का डर और घबराहट क़रार दिया है। इसने ट्वीट किया है, 'पीएम मोदी डरे हुए हैं, घबराए हुए हैं। खासतौर से उन लोगों से जो उनकी विफलताओं पर, उनकी नाकामियों पर उनसे सवाल पूछते हैं। वो विपक्ष के नेता हों या फिर पत्रकार, सच बोलने वालों को प्रताड़ित किया जाएगा। आज फिर से पत्रकारों पर छापेमारी इसी बात का प्रमाण है।'</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Oct 2023 16:02:29 +0530</pubDate>
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