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                <title>Public Property Protection - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Public Property Protection RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>केस्को की खुली मनमानी: हाईकोर्ट के आदेशों को ठेंगा दिखाकर पार्क की जमीन पर भूमाफियाओं को थमा दिया अवैध बिजली कनेक्शन</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>​कानपुर। </strong>शहर में सरकारी और सार्वजनिक संपत्तियों को बचाने के लिए चल रहे प्रयासों के बीच कानपुर विद्युत आपूर्ति कंपनी  के अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गोविंद नगर ब्लॉक-8 स्थित सार्वजनिक पार्क के मामले में केस्को के जिम्मेदार अधिकारियों ने कानून, शासन के नियमों और माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों को ताक पर रखकर भूमाफियाओं और अतिक्रमणकारियों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ पहुँचाना शुरू कर दिया है। इस संबंध में पार्क बचाओ समिति के अध्यक्ष प्रकाश वीर आर्य ने उत्तर प्रदेश शासन के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा तथा केस्को के प्रबंध निदेशक  को एक विस्तृत</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186671/the-open-arbitrariness-of-kesco-defied-the-orders-of-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1002254799.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>​कानपुर। </strong>शहर में सरकारी और सार्वजनिक संपत्तियों को बचाने के लिए चल रहे प्रयासों के बीच कानपुर विद्युत आपूर्ति कंपनी  के अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गोविंद नगर ब्लॉक-8 स्थित सार्वजनिक पार्क के मामले में केस्को के जिम्मेदार अधिकारियों ने कानून, शासन के नियमों और माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों को ताक पर रखकर भूमाफियाओं और अतिक्रमणकारियों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ पहुँचाना शुरू कर दिया है। इस संबंध में पार्क बचाओ समिति के अध्यक्ष प्रकाश वीर आर्य ने उत्तर प्रदेश शासन के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा तथा केस्को के प्रबंध निदेशक  को एक विस्तृत और गंभीर पत्र प्रेषित कर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।</div>
<div style="text-align:justify;">​        इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने रिट याचिका संख्या पीआइएल 1023/ 2026 में 22 अप्रैल 2026 को आदेशित किया था कि गोविंद नगर ब्लॉक-8 स्थित सार्वजनिक पार्क को पूरी तरह अतिक्रमणमुक्त कर उसके मूल हरित स्वरूप में बहाल किया जाए। इस कानूनी आदेश की विधिवत प्रति 12 मई 2026 को केस्को के प्रबंध निदेशक को व्यक्तिगत रूप से रिसीव कराई जा चुकी थी, ताकि विभाग को इसकी पूरी जानकारी हो।</div>
<div style="text-align:justify;">​             उच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेश और विभाग को पूर्व में दी गई लिखित चेतावनियों के बावजूद, केस्को के सहायक अभियंता जय प्रकाश और अन्य अधिकारियों ने कथित मिलीभगत के चलते 06 जून 2026 को उक्त विवादित स्थल पर शिवांग गुप्ता के नाम से नया विद्युत संयोजन मीटर संख्या: G9672674, खाता संख्या: 7275-155-436 स्थापित करवा दिया।</div>
<div style="text-align:justify;">​           केस्को की हास्यास्पद जांच आख्या और 'उल्टा चोर कोतवाल को डांटे' वाली तर्ज,​इस पूरे प्रकरण में दिनांक 04 अगस्त 2026 को केस्को के सहायक अभियंता द्वारा जारी की गई जांच आख्या संदर्भ संख्या: 40016426079156 ने विभाग की कार्यप्रणाली को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है:</div>
<div style="text-align:justify;">​ जांच रिपोर्ट में यह खुलासे रूप से स्वीकार किया गया है कि विवादित स्थल पर मंदिर होने का हवाला देकर क्षेत्रीय पार्षद सरोज चड्ढा द्वारा दी गई 'एनओसी' एनओसी के आधार पर यह बिजली कनेक्शन जारी किया गया है। जबकि नियमों के अनुसार सार्वजनिक पार्कों और संपत्तियों के रखरखाव, संरक्षण या स्वामित्व का अधिकार केवल नगर निगम और कानपुर विकास प्राधिकरण  के गजटेड अधिकारियों के पास होता है, न कि किसी स्थानीय पार्षद के पास। जांच रिपोर्ट में हद तो तब पार हो गई जब केस्को अधिकारियों ने यह अजीबोगरीब शर्त रख दी कि "शिकायतकर्ता द्वारा मालिकाना हक से संबंधित प्रपत्र प्रेषित किए जाने के उपरांत ही स्थायी विच्छेदन की कार्यवाही की जाएगी।" अध्यक्ष ने सवाल उठाया है कि जब बिजली का नया संयोजन शिवांग गुप्ता के नाम पर जारी हुआ है, तो विभाग अवैध कब्जाधारियों से दस्तावेज मांगने के बजाय उल्टा शिकायतकर्ता से कागज क्यों मांग रहा है। क्या केस्को अब भूमाफियाओं का बचाव करने वाला विधिक सलाहकार बन गया है।</div>
<div style="text-align:justify;">​पार्क बचाओ समिति के अध्यक्ष ने ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा को  शनिवार को भेजे गए अपने पत्र के माध्यम से मांग की है कि इस अत्यंत गंभीर प्रकरण का स्वतः संज्ञान लिया जाए। साथ ही, केस्को के दोषी सहायक अभियंता जय प्रकाश व अन्य संलिप्त कर्मियों के विरुद्ध उच्च स्तरीय विभागीय एवं सतर्कता जांच बैठाकर व्यक्तिगत जवाबदेही तय की जाए, तथा पार्षद की इस गैरकानूनी 'एनओसी' के आधार पर दिए गए अवैध विद्युत संयोजन को तत्काल प्रभाव से विच्छेदित (निरस्त) किया जाए।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 19:42:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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                <title>हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद भी ब्लॉक-8 पार्क पर कार्रवाई नहीं, शासन पहुंची शिकायत</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> गोविन्द नगर के ब्लॉक-8 स्थित रामदेवी आर्य पार्क का मामला अब शासन स्तर तक पहुंच गया है। पार्क पर हुए अतिक्रमण, कंक्रीट निर्माण, धार्मिक संरचनाओं के विस्तार तथा माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में कथित शिथिलता को लेकर नगर विकास मंत्री कार्यालय ने मामले को प्रमुख सचिव, नगर विकास विभाग को अग्रिम कार्रवाई हेतु प्रेषित कर दिया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जनहित याचिका संख्या 1023/2026 के याचिकाकर्ता एवं गोविन्द नगर व्यापार मंडल के अध्यक्ष प्रकाश वीर आर्य द्वारा भेजे गए विस्तृत प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि नगर निगम एवं केडीए के अभिलेखों में सार्वजनिक पार्क एवं ओपन</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181568/government-did-not-take-action-on-block-8-park-even-after"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1002015129.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> गोविन्द नगर के ब्लॉक-8 स्थित रामदेवी आर्य पार्क का मामला अब शासन स्तर तक पहुंच गया है। पार्क पर हुए अतिक्रमण, कंक्रीट निर्माण, धार्मिक संरचनाओं के विस्तार तथा माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में कथित शिथिलता को लेकर नगर विकास मंत्री कार्यालय ने मामले को प्रमुख सचिव, नगर विकास विभाग को अग्रिम कार्रवाई हेतु प्रेषित कर दिया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जनहित याचिका संख्या 1023/2026 के याचिकाकर्ता एवं गोविन्द नगर व्यापार मंडल के अध्यक्ष प्रकाश वीर आर्य द्वारा भेजे गए विस्तृत प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि नगर निगम एवं केडीए के अभिलेखों में सार्वजनिक पार्क एवं ओपन स्पेस के रूप में दर्ज भूमि पर वर्षों से अवैध कब्जे और निर्माण कार्य होते रहे, लेकिन संबंधित विभाग प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय प्रकरणों का निस्तारण कागजों तक सीमित रखते रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने 22 अप्रैल 2026 को पारित आदेश में ब्लॉक-8 स्थित पार्क में हुए निर्माण कार्यों पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा था कि जिस भूमि को पार्क एवं खेल मैदान के रूप में सुरक्षित रखा गया हो, वहां निर्माण और अतिक्रमण किस प्रकार होने दिया गया। न्यायालय ने संबंधित प्राधिकरणों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि पार्कों और खुले स्थानों को अतिक्रमण मुक्त रखा जाए तथा किए गए अतिक्रमणों को हटाकर उन्हें उनके मूल स्वरूप में बहाल किया जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रकाश वीर आर्य का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश की प्रति 29 अप्रैल को जिलाधिकारी कार्यालय में प्राप्त कराए जाने के बावजूद अब तक पार्क को अतिक्रमण मुक्त कराने अथवा उसके मूल स्वरूप की बहाली के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके विपरीत पार्क क्षेत्र में नई गतिविधियों और कब्जों की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रकरण का एक और गंभीर पहलू तब सामने आया जब केस्को को लिखित शिकायत और न्यायालयीय आदेशों की जानकारी दिए जाने के बावजूद पार्क में स्थित विवादित धार्मिक संरचना पर नया विद्युत संयोजन स्थापित कर दिया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि सार्वजनिक पार्क की विवादित भूमि पर स्थित संरचनाओं को सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने से अवैध कब्जों को अप्रत्यक्ष संरक्षण मिलता है तथा भविष्य में ऐसे कब्जों को स्थायित्व प्रदान करने का आधार तैयार होता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रार्थना पत्र में पार्क में अवैध रूप से निर्मित कंक्रीट ढांचों एवं इंटरलॉकिंग को हटाकर पूरे क्षेत्र को पुनः पार्क के रूप में विकसित करने, नए कब्जों एवं मूर्ति स्थापना पर तत्काल रोक लगाने, विद्युत संयोजन प्रकरण की जांच कराने तथा जिम्मेदार अधिकारियों एवं अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है। नगर विकास मंत्री कार्यालय द्वारा मामले को प्रमुख सचिव, नगर विकास विभाग को भेजे जाने के बाद अब क्षेत्रीय नागरिकों की निगाहें शासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि हाईकोर्ट के आदेशों और शासन स्तर पर संज्ञान लिए जाने के बाद भी पार्क को उसका मूल स्वरूप नहीं मिल पाता, तो यह सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न होगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 16:45:20 +0530</pubDate>
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