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                <title>Defence News - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Defence News RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>दीदी स्मृति की अमेठी आज भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रहा है </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>स्वदेशी सामर्थ्य, सुरक्षित भारत</strong></div>
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<div><strong>अमेठी। </strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए कोरवा, अमेठी की AK-203 राइफल फैक्ट्री में भारत की पहली 100 प्रतिशत स्वदेशी AK-203 ‘शेर’ राइफल का निर्माण और सफल परीक्षण हम सभी अमेठीवासियों के लिए गर्व का क्षण है।</div>
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<div>उक्त जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय महामंत्री एवं अमेठी की पूर्व सांसद दीदी स्मृति ईरानी ने कहा इस उपलब्धि से मेरा एक व्यक्तिगत जुड़ाव भी है।</div>
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<div>जिस फैक्ट्री को अमेठी में स्थापित करने और आगे बढ़ाने की दिशा में हमने लंबे समय तक प्रयास</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186289/didi-smritis-amethi-is-today-writing-a-new-story-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/3-4.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>स्वदेशी सामर्थ्य, सुरक्षित भारत</strong></div>
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<div><strong>अमेठी। </strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए कोरवा, अमेठी की AK-203 राइफल फैक्ट्री में भारत की पहली 100 प्रतिशत स्वदेशी AK-203 ‘शेर’ राइफल का निर्माण और सफल परीक्षण हम सभी अमेठीवासियों के लिए गर्व का क्षण है।</div>
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<div>उक्त जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय महामंत्री एवं अमेठी की पूर्व सांसद दीदी स्मृति ईरानी ने कहा इस उपलब्धि से मेरा एक व्यक्तिगत जुड़ाव भी है।</div>
<div> </div>
<div>जिस फैक्ट्री को अमेठी में स्थापित करने और आगे बढ़ाने की दिशा में हमने लंबे समय तक प्रयास किए, आज उसी धरती से देश की रक्षा सामर्थ्य और स्वदेशी निर्माण क्षमता को नई शक्ति मिलते देखना अत्यंत संतोष का विषय है।अमेठी में निर्मित ‘शेर’ केवल एक राइफल नहीं, बल्कि उस बदलते भारत का प्रतीक है जो अपनी सुरक्षा के लिए अपनी सामर्थ्य, अपने कौशल और अपने निर्माण पर भरोसा करता है। यही नहीं अमेठी के विकास को लेकर पूर्व सांसद एवं भाजपा की राष्ट्रीय महामंत्री दीदी स्मृति ईरानी सदैव प्रयत्नशील रही हैं। सांसद रहते हुए भी और सांसद ना होते हुए भी अमेठी वासियों की चिंता, अमेठी वासियों के सुख-दुख में बराबर भागीदार है और अमेठी का सर्वांगीण विकास किया है और कर रही हैं।</div>
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<div>शायद इसी वजह से भी अमेठी में सांसद न रहते हुए भी मौजूद सांसद से ज्यादा चर्चा दीदी स्मृति के विकास की होती है, यही नहीं अमेठी वासी उन्हें प्यार से दीदी कहते हैं स्मृति दीदी सिर्फ एक नेता नहीं बल्कि अमेठी वासियों के पारिवारिक सदस्य के तौर पर अमेठी में देखी जाती है। अमेठी को अंतर्राष्ट्रीय पटल पर एक अलग पहचान दिलाने वाली तथा अमेठी का सर्वांगीण विकास करने वाली तथा अमेठी को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने वाली तथा अमेठी में संगठन को शीर्ष तक पहुंचने वाली अमेठी में भाजपा को मजबूत करने वाली  दीदी स्मृति ईरानी अमेठी के सर्वांगीण विकास को लेकर आज भी सजग हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Aug 2026 19:57:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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                <title>भारतीय वायुसेना की बढ़ती ताकत</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div dir="ltr"><p align="right" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">महेन्द्र</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">तिवारी</span></strong></p><p align="right" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय वायुसेना को लेकर हाल ही में सामने आई विश्व स्तर की रैंकिंग ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि आधुनिक युद्ध केवल हथियारों की संख्या से नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उनकी गुणवत्ता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संचालन क्षमता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रशिक्षण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तकनीकी दक्षता और रणनीतिक तैयारी से जीते जाते हैं। वर्ल्ड डायरेक्टरी ऑफ मॉडर्न मिलिट्री एयरक्राफ्ट यानी </span>WDMMA <span lang="hi" xml:lang="hi">द्वारा जारी नवीनतम ग्लोबल एयर पावर रैंकिंग में भारत को चीन से ऊपर स्थान दिया गया है। यह उपलब्धि केवल एक रैंकिंग भर नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि पिछले कई वर्षों से भारतीय वायुसेना द्वारा किए जा रहे आधुनिकीकरण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बेहतर</span></p></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183026/the-increasing-strength-of-the-indian-air-force"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/amid-the-growing-air-power-of-india-china-pakistan-a-committee-has-been-formed-to-increase-the-capacity-of-the-indian-air-force_v_jpg--1280x720-4g.webp" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div dir="ltr"><p align="right" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">महेन्द्र</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">तिवारी</span></strong></p><p align="right" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय वायुसेना को लेकर हाल ही में सामने आई विश्व स्तर की रैंकिंग ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि आधुनिक युद्ध केवल हथियारों की संख्या से नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उनकी गुणवत्ता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संचालन क्षमता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रशिक्षण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तकनीकी दक्षता और रणनीतिक तैयारी से जीते जाते हैं। वर्ल्ड डायरेक्टरी ऑफ मॉडर्न मिलिट्री एयरक्राफ्ट यानी </span>WDMMA <span lang="hi" xml:lang="hi">द्वारा जारी नवीनतम ग्लोबल एयर पावर रैंकिंग में भारत को चीन से ऊपर स्थान दिया गया है। यह उपलब्धि केवल एक रैंकिंग भर नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि पिछले कई वर्षों से भारतीय वायुसेना द्वारा किए जा रहे आधुनिकीकरण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बेहतर प्रशिक्षण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तकनीकी उन्नयन और परिचालन क्षमता में निरंतर सुधार की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली मान्यता भी है।</span></p><p align="right" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span>WDMMA <span lang="hi" xml:lang="hi">ने </span>103<span lang="hi" xml:lang="hi"> देशों की </span>129<span lang="hi" xml:lang="hi"> सैन्य वायु इकाइयों तथा लगभग </span>48,082<span lang="hi" xml:lang="hi"> सैन्य विमानों का अध्ययन करके यह मूल्यांकन तैयार किया है। इसमें केवल विमानों की संख्या नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उनकी वास्तविक युद्ध क्षमता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रखरखाव</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उपलब्धता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तकनीकी स्तर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रशिक्षण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हथियार प्रणाली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लॉजिस्टिक सहायता और भविष्य की क्षमता जैसे अनेक पहलुओं को शामिल किया गया है।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">रैंकिंग में अमेरिका की वायुसेना पहले स्थान पर है और उसके बाद अमेरिकी नौसेना तथा रूस की वायुसेना का स्थान आता है। इसके बाद अमेरिकी सेना और मरीन कॉर्प्स की विमानन शाखाएं हैं। भारतीय वायुसेना छठे स्थान पर है जबकि चीन की वायुसेना सातवें स्थान पर है। पहली नजर में यह परिणाम कई लोगों को चौंकाने वाला लग सकता है क्योंकि चीन के पास भारत की तुलना में कहीं अधिक संख्या में सैन्य विमान हैं। </span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">फिर भी भारत को आगे रखा गया है। इसका कारण यह है कि आधुनिक सैन्य मूल्यांकन में केवल संख्या निर्णायक नहीं होती। किसी भी वायुसेना की वास्तविक ताकत इस बात से तय होती है कि वह अपने विमानों का कितनी प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसके पायलट कितने प्रशिक्षित हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसकी युद्धक रणनीति कितनी मजबूत है और वह किसी भी संकट की स्थिति में कितनी तेजी से प्रतिक्रिया देने में सक्षम है।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय वायुसेना की सबसे बड़ी विशेषता उसका व्यापक परिचालन अनुभव है। स्वतंत्रता के बाद से भारत ने अनेक युद्धों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सीमित सैन्य अभियानों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आतंकवाद विरोधी अभियानों तथा मानवीय राहत कार्यों में अपनी वायु शक्ति का सफल उपयोग किया है। चाहे </span>1971<span lang="hi" xml:lang="hi"> का युद्ध हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कारगिल संघर्ष हो या हाल के वर्षों में सीमा पर उत्पन्न तनावपूर्ण परिस्थितियां</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय वायुसेना ने समय पर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सटीक और प्रभावी कार्रवाई करके अपनी क्षमता का परिचय दिया है। इस लंबे अनुभव ने उसे केवल तकनीकी रूप से ही नहीं बल्कि रणनीतिक रूप से भी अधिक परिपक्व बनाया है।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत ने पिछले एक दशक में वायुसेना के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दिया है। आधुनिक लड़ाकू विमान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लंबी दूरी की मिसाइलें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्नत रडार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नेटवर्क आधारित युद्ध प्रणाली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वदेशी तकनीकों का बढ़ता उपयोग और निगरानी क्षमता में उल्लेखनीय सुधार ने भारतीय वायुसेना को नई शक्ति प्रदान की है। फ्रांस से प्राप्त राफेल लड़ाकू विमानों ने भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि की है। इनके साथ आधुनिक मिसाइल प्रणालियां और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली भी जुड़ी हुई हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे किसी भी संभावित संघर्ष में भारत की प्रतिक्रिया क्षमता पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत हुई है। साथ ही तेजस जैसे स्वदेशी लड़ाकू विमान भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत की भौगोलिक स्थिति भी उसकी वायु रणनीति को विशेष महत्व देती है। एक ओर पाकिस्तान की सीमा है तो दूसरी ओर चीन जैसी बड़ी सैन्य शक्ति। उत्तर में ऊंचे पर्वतीय क्षेत्र</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पश्चिम में रेगिस्तान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पूर्वोत्तर के कठिन पर्वतीय इलाके और दक्षिण में विशाल समुद्री क्षेत्र भारतीय वायुसेना के सामने विविध प्रकार की चुनौतियां प्रस्तुत करते हैं। ऐसी परिस्थितियों में किसी भी वायुसेना को बहुआयामी क्षमता विकसित करनी पड़ती है। भारतीय वायुसेना ने इन सभी परिस्थितियों के अनुरूप प्रशिक्षण और संसाधनों का विकास किया है। यही कारण है कि उसकी परिचालन क्षमता को विश्व स्तर पर सराहा जा रहा है।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">चीन के पास विमानों की संख्या अधिक होने के बावजूद भारत का आगे आना यह भी दर्शाता है कि आधुनिक युद्ध में गुणवत्ता का महत्व लगातार बढ़ रहा है। किसी देश के पास हजारों विमान होने से वह स्वतः सबसे शक्तिशाली नहीं बन जाता। यदि उन विमानों का रखरखाव</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रशिक्षण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तकनीकी उन्नयन और युद्ध के समय उनका समन्वित उपयोग प्रभावी नहीं है तो संख्या का लाभ सीमित हो जाता है। </span>WDMMA <span lang="hi" xml:lang="hi">का मूल्यांकन इसी व्यापक दृष्टिकोण पर आधारित है। इसी कारण भारतीय वायुसेना को उसके वास्तविक परिचालन प्रदर्शन और समग्र युद्ध क्षमता के आधार पर बेहतर स्थान मिला है।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">हालांकि यह उपलब्धि महत्वपूर्ण है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन भारत के सामने कई चुनौतियां भी मौजूद हैं। भारतीय वायुसेना लंबे समय से अपने स्वीकृत लड़ाकू स्क्वाड्रनों की संख्या से कम स्क्वाड्रनों के साथ कार्य कर रही है। पुराने लड़ाकू विमानों को चरणबद्ध तरीके से सेवा से हटाया जा रहा है और उनकी जगह नए विमानों की आवश्यकता लगातार बनी हुई है। आने वाले वर्षों में तेजस के नए संस्करण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान कार्यक्रम और पांचवीं पीढ़ी के स्वदेशी लड़ाकू विमान परियोजना जैसे कार्यक्रमों की सफलता भारत की वायु शक्ति को और अधिक मजबूत बनाएगी।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भविष्य के युद्धों का स्वरूप भी तेजी से बदल रहा है। अब केवल लड़ाकू विमान ही निर्णायक नहीं होंगे बल्कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मानव रहित विमान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वार्म ड्रोन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">साइबर युद्ध</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अंतरिक्ष आधारित निगरानी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नेटवर्क आधारित कमान प्रणाली और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध जैसी तकनीकें भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। भारत इन क्षेत्रों में भी तेजी से निवेश कर रहा है। रक्षा अनुसंधान संस्थानों और निजी उद्योगों की भागीदारी बढ़ने से देश की रक्षा उत्पादन क्षमता में सुधार हो रहा है। आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत रक्षा उपकरणों का स्वदेशी निर्माण भविष्य में भारत की सामरिक स्वतंत्रता को और मजबूत करेगा।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय वायुसेना केवल युद्ध लड़ने वाली संस्था नहीं है। प्राकृतिक आपदाओं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बाढ़</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भूकंप</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">महामारी और अन्य संकटों के समय भी उसने हजारों लोगों की जान बचाई है। राहत सामग्री पहुंचाना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दूरदराज के क्षेत्रों से नागरिकों को निकालना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विदेशों से भारतीयों की सुरक्षित वापसी और मानवीय सहायता पहुंचाना उसके नियमित कार्यों का हिस्सा बन चुका है। इस कारण भारतीय वायुसेना की छवि केवल एक सैन्य शक्ति की नहीं बल्कि राष्ट्रीय सेवा के विश्वसनीय संगठन की भी है।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आज दुनिया में सैन्य शक्ति का अर्थ केवल आक्रमण की क्षमता नहीं बल्कि प्रभावी प्रतिरोध की क्षमता भी है। मजबूत वायुसेना किसी भी देश के लिए सुरक्षा कवच का कार्य करती है। यदि किसी देश की वायु शक्ति सक्षम होती है तो संभावित विरोधी भी आक्रामक कदम उठाने से पहले कई बार सोचने को विवश होता है। भारत की बढ़ती वायु शक्ति इसी दृष्टि से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह क्षेत्रीय स्थिरता और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों को मजबूत करती है।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत की उपलब्धि का एक और महत्वपूर्ण पक्ष यह है कि इससे देश के रक्षा उद्योग और वैज्ञानिक समुदाय का मनोबल बढ़ेगा। स्वदेशी तकनीकों के विकास</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अनुसंधान और नवाचार को नई गति मिलेगी। इससे रोजगार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">औद्योगिक विकास और तकनीकी आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिलेगा। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता केवल सैन्य आवश्यकता नहीं बल्कि आर्थिक और रणनीतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यह भी ध्यान रखना आवश्यक है कि किसी भी वैश्विक रैंकिंग को अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता। विभिन्न संस्थाएं अलग</span>-<span lang="hi" xml:lang="hi">अलग मानकों के आधार पर मूल्यांकन करती हैं और उनके निष्कर्ष भी अलग हो सकते हैं। फिर भी यदि किसी प्रतिष्ठित संस्था द्वारा भारत की वायु शक्ति को चीन से बेहतर आंका गया है तो यह भारतीय वायुसेना की पेशेवर क्षमता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अनुशासन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रशिक्षण और तकनीकी दक्षता का महत्वपूर्ण संकेत अवश्य है। यह उपलब्धि संतोष का विषय है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन इसे अंतिम लक्ष्य मानने के बजाय आगे की तैयारी का आधार बनाया जाना चाहिए।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आने वाले वर्षों में भारत को अपने लड़ाकू विमान बेड़े का विस्तार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आधुनिक मिसाइल प्रणालियों का समावेश</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वदेशी विमान निर्माण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ड्रोन तकनीक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित युद्ध प्रणाली और अंतरिक्ष आधारित सैन्य क्षमताओं पर निरंतर निवेश करना होगा। यदि यह गति बनी रहती है तो भारतीय वायुसेना न केवल एशिया बल्कि विश्व की सबसे प्रभावशाली वायु सेनाओं में और मजबूत स्थान प्राप्त कर सकती है। वर्तमान रैंकिंग यह संदेश देती है कि आधुनिक युद्ध की दुनिया में केवल संसाधनों का आकार नहीं बल्कि उनकी गुणवत्ता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तैयारी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रणनीतिक सोच और निरंतर नवाचार ही किसी राष्ट्र को वास्तविक शक्ति प्रदान करते हैं। भारत ने इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाए हैं और यही उसकी सबसे बड़ी उपलब्धि है।</span><strong><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span></strong></p></div></div></div></div><div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 21:37:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किसान के बेटे ने बढ़ाया गोंडा का गौरव, अग्निवीर जीडी में चयनित होकर देश सेवा के लिए नागपुर रवाना</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो गोण्डा।</strong> विकासखंड रुपईडीह अंतर्गत ग्राम पंचायत भवानीपुर उपाध्याय के मजरा छिछुली निवासी किसान परिवार के होनहार पुत्र शशांक शुक्ला का भारतीय सेना की अग्निवीर (जीडी) भर्ती में चयन होने से पूरे क्षेत्र में हर्ष और गौरव का माहौल है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">शशांक 1 जुलाई 2026 से नागपुर प्रशिक्षण केंद्र में सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। देश सेवा के लिए रवाना होने से पूर्व गांव में उनका भव्य सम्मान किया गया। माता-पिता ने तिलक लगाकर, आरती उतारकर और आशीर्वाद देकर उन्हें विदा किया।</div>
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<div style="text-align:justify;">इस दौरान पूरा गांव देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। शशांक शुक्ला ने कहा कि बचपन</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182540/farmers-son-made-gonda-proud-agniveer-got-selected-in-gd"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1007811081.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो गोण्डा।</strong> विकासखंड रुपईडीह अंतर्गत ग्राम पंचायत भवानीपुर उपाध्याय के मजरा छिछुली निवासी किसान परिवार के होनहार पुत्र शशांक शुक्ला का भारतीय सेना की अग्निवीर (जीडी) भर्ती में चयन होने से पूरे क्षेत्र में हर्ष और गौरव का माहौल है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शशांक 1 जुलाई 2026 से नागपुर प्रशिक्षण केंद्र में सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। देश सेवा के लिए रवाना होने से पूर्व गांव में उनका भव्य सम्मान किया गया। माता-पिता ने तिलक लगाकर, आरती उतारकर और आशीर्वाद देकर उन्हें विदा किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस दौरान पूरा गांव देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। शशांक शुक्ला ने कहा कि बचपन से ही उनका एकमात्र सपना भारतीय सेना में भर्ती होकर मातृभूमि की सेवा करना था। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा करना उनके लिए गर्व, सम्मान और सौभाग्य की बात है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों तथा ग्रामीणों के स्नेह और आशीर्वाद को दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शशांक के पिता जग प्रसाद शुक्ला एक मेहनती किसान हैं, जिन्होंने खेती-किसानी करते हुए अपने पुत्र को बेहतर शिक्षा दिलाई और हर कदम पर उसका मनोबल बढ़ाया। उनकी माता मेनका शुक्ला गृहिणी हैं और परिवार का कुशलतापूर्वक संचालन करती हैं। माता-पिता के संस्कार, अनुशासन और त्याग ने ही शशांक के व्यक्तित्व को मजबूत बनाया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शशांक ने अपनी हाईस्कूल की शिक्षा बाबू बच्चा सिंह स्मारक इंटर कॉलेज, देवरिया कला भटपुरवा से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने श्री गाँधी आदर्श विद्यालय इंटर कॉलेज, खरगूपुर से इंटरमीडिएट प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ₹1.80 लाख की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई। आगे उन्होंने नवीन चंद स्मारक महाविद्यालय, इटियाथोक से स्नातक की शिक्षा पूरी की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शशांक का परिवार लंबे समय से राष्ट्र सेवा की भावना से जुड़ा रहा है। उनके बड़े पिताजी बजरंगी शुक्ला उत्तर प्रदेश होमगार्ड में सेवारत हैं। वहीं उनके चाचा बाबूराम शुक्ला भी उत्तर प्रदेश होमगार्ड में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनके छोटे भाई हिमांशु शुक्ला भी राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) में प्रवेश के लिए तैयारी कर रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">देश सेवा के लिए रवाना होने से पहले गांव में भावनात्मक माहौल देखने को मिला। सैकड़ों ग्रामीणों ने शशांक को फूल-मालाएं पहनाकर सम्मानित किया तथा "भारत माता की जय", "वंदे मातरम्" और "जय हिंद" के नारों के बीच उनका उत्साहवर्धन किया। ग्रामीणों ने विश्वास जताया कि शशांक अपने अनुशासन, समर्पण और परिश्रम से गांव, जनपद और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर अमरनाथ तिवारी, प्रबल प्रताप, शशिभूषण, बृजभूषण तिवारी, हिमांशु, शुभांशु, संचित राम तिवारी, दीपक, दीपांशु, प्रयाग दत्त शुक्ला, मुक्तिनाथ शुक्ला, शिवम शुक्ला सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने शशांक को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और सफल सैन्य जीवन की कामना की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों ने कहा कि किसान परिवार से निकलकर सेना में चयनित होना यह संदेश देता है कि कठिन परिश्रम, दृढ़ इच्छाशक्ति और माता-पिता के संस्कार किसी भी युवा को सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं। शशांक शुक्ला की यह उपलब्धि पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और उनमें भी देश सेवा का जज्बा मजबूत करेगी।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
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</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 17:41:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रमोशन, डिपार्टमेंटल परीक्षाएं और नियुक्तियां लागू हों- एआईएएनजीओ</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर। </strong>ऑल इंडिया आयुध निर्माणी नॉन गजेटेड ऑफिसर्स एसोसिएशन (एआईएएनजीओ) के तत्वावधान में गुरुवार को आयुध उपस्कर निर्माणी फूलबाग कानपुर के गेट के सामने मध्यावकाश में चार्जमैनों ने धरना दिया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">धरने में लंबित पदोन्नतियों, विभागीय परीक्षाओं, अनुकंपा नियुक्तियों संबंधी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। धरने में मांग की गई कि यथास्थिति के आदेशों को समाप्त कर चार्जमैन से जूनियर वर्क्स मैनेजर, जूनियर वर्क्स मैनेजर से वरिष्ठ ग्रेड जूनियर वर्क्स मैनेजर तथा वरिष्ठ ग्रेड जूनियर वर्क्स मैनेजर से सहायक वर्क्स मैनेजर तक की वर्ष 2026 की पदोन्नति प्रक्रिया शुरू की जाए।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">साथ ही दिव्यांग कर्मचारियों की पदोन्नति और 5400 रुपये</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182538/promotion-departmental-examinations-and-appointments-should-be-implemented-aiango"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1002054868.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर। </strong>ऑल इंडिया आयुध निर्माणी नॉन गजेटेड ऑफिसर्स एसोसिएशन (एआईएएनजीओ) के तत्वावधान में गुरुवार को आयुध उपस्कर निर्माणी फूलबाग कानपुर के गेट के सामने मध्यावकाश में चार्जमैनों ने धरना दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">धरने में लंबित पदोन्नतियों, विभागीय परीक्षाओं, अनुकंपा नियुक्तियों संबंधी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। धरने में मांग की गई कि यथास्थिति के आदेशों को समाप्त कर चार्जमैन से जूनियर वर्क्स मैनेजर, जूनियर वर्क्स मैनेजर से वरिष्ठ ग्रेड जूनियर वर्क्स मैनेजर तथा वरिष्ठ ग्रेड जूनियर वर्क्स मैनेजर से सहायक वर्क्स मैनेजर तक की वर्ष 2026 की पदोन्नति प्रक्रिया शुरू की जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">साथ ही दिव्यांग कर्मचारियों की पदोन्नति और 5400 रुपये के गैर-कार्यात्मक उन्नयन का लाभ भी दिया जाए। कर्मचारियों ने वरिष्ठ ग्रेड जूनियर वर्क्स मैनेजर की सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा के लंबित 618 पदों को भरने, तकनीकी जूनियर वर्क्स मैनेजर के लिए विभागीय परीक्षाएं आयोजित करने, मास्टर क्राफ्ट्समैन से चार्जमैन पदोन्नति प्रक्रिया शुरू करने तथा भर्ती नियमों में संशोधन और कैडर समीक्षा की मांग की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर AIANGOs ओईएफ कानपुर ब्रांच के सचिव संदीप सिंह, अध्यक्ष  विनोद कुमार, सीपीसीटी सदस्य बिजेन्द्र कुमार सिंह,  अमित निगम, पंकज वर्मा,  अलंकार अवस्थी, सत्येंद्र कुमार, सौरभ शुक्ला , रीतेश पांडेय, सूरज कुमार, सहित AIANGOs के अन्य सदस्य भारी संख्या में उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 17:39:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फिरोजपुर से लेह-लद्दाख के लिए रवाना हो रही 21 सिख रेजिमेंट का MLA लालपुरा ने किया गर्मजोशी से स्वागत*</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>तरनतारन, </strong> फिरोजपुर से अपनी अगली तैनाती के लिए लेह-लद्दाख के लिए रवाना हो रहे 21 सिख रेजिमेंट के ऑफिसर और सैनिक हल्का खडूर साहिब के रसूलपुर नहरों पर कबीला रेस्टोरेंट पहुंचे। इस मौके पर, हल्का खडूर साहिब के MLA मनजिंदर सिंह लालपुरा, जो 21 सिख रेजिमेंट में सेवा दे चुके हैं, ने सभी मिलिट्री ऑफिसर, सैनिकों और पूर्व सैनिकों का गर्मजोशी से स्वागत किया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस दौरान, पूर्व सैनिकों और अभी सेवा दे रहे सैनिकों ने एक-दूसरे से मिलकर पुरानी यादें ताजा कीं। इस मौके पर, सभी सैनिकों ने एक साथ बैठकर लंच किया। इस मौके पर यूनिट के कमांडिंग ऑफिसर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181552/mla-lalpura-warmly-welcomed-the-21-sikh-regiment-leaving-from"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1000910053.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>तरनतारन, </strong> फिरोजपुर से अपनी अगली तैनाती के लिए लेह-लद्दाख के लिए रवाना हो रहे 21 सिख रेजिमेंट के ऑफिसर और सैनिक हल्का खडूर साहिब के रसूलपुर नहरों पर कबीला रेस्टोरेंट पहुंचे। इस मौके पर, हल्का खडूर साहिब के MLA मनजिंदर सिंह लालपुरा, जो 21 सिख रेजिमेंट में सेवा दे चुके हैं, ने सभी मिलिट्री ऑफिसर, सैनिकों और पूर्व सैनिकों का गर्मजोशी से स्वागत किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस दौरान, पूर्व सैनिकों और अभी सेवा दे रहे सैनिकों ने एक-दूसरे से मिलकर पुरानी यादें ताजा कीं। इस मौके पर, सभी सैनिकों ने एक साथ बैठकर लंच किया। इस मौके पर यूनिट के कमांडिंग ऑफिसर (CO) अरज बेनीवाल, कई JCO और दूसरे मिलिट्री ऑफिसर खास तौर पर मौजूद थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस मौके पर 21 सिख रेजिमेंट के सभी एक्स-सर्विसमैन ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब के सामने माथा टेका और रुमाला साहिब भेंट किया। MLA मनजिंदर सिंह लालपुरा और एक्स-सर्विसमैन ने ऑफिसर्स को श्री हरमंदिर साहिब का सुंदर मॉडल देकर सम्मानित किया। इस दौरान यूनिट के कमांडिंग ऑफिसर (CO) अरज बेनीवाल और दूसरे मिलिट्री ऑफिसर्स ने MLA लालपुरा को खास तौर पर मोमेंटो देकर सम्मानित किया और उनका धन्यवाद किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">MLA मनजिंदर सिंह लालपुरा ने इस मौके पर कहा कि 21 सिख रेजिमेंट के साथ बिताया गया समय उनकी ज़िंदगी का गर्व भरा चैप्टर है। उन्होंने कहा कि मिलिट्री कम्युनिटी की एकता, डिसिप्लिन और देशभक्ति हर युवा के लिए इंस्पिरेशन का सोर्स है। उन्होंने देश की रक्षा के लिए सभी सर्विंग और रिटायर्ड सैनिकों के योगदान को सलाम किया, लेह-लद्दाख के लिए रवाना हो रही पूरी यूनिट को शुभकामनाएं दीं और उनकी सुरक्षित और सफल सर्विस के लिए प्रार्थना की। इस मौके पर कैप्टन दयाल सिंह, कैप्टन कुलदीप सिंह, निरवाल सिंह रटोके, धीरा सिंह, कुलदीप सिंह फेलके आदि मौजूद थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">फोटो कैप्शन:</div>
<div style="text-align:justify;">- MLA मनजिंदर सिंह लालपुरा 21 सिख रेजिमेंट के अधिकारियों को सम्मानित करते हुए।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 14:18:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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