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                <title>Government Schools - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Government Schools RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>भाजपा सरकार प्रदेश के लिए संकट, सत्ता परिवर्तन से ही होगा समाधान : अखिलेश यादव</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>लखनऊ।</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी की उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वर्तमान सरकार प्रदेश के लिए संकट बन चुकी है और सत्ता परिवर्तन के बाद ही प्रदेश की समस्याओं का समाधान संभव होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने छात्रों, युवाओं और बेटियों के साथ अन्याय किया है तथा आंदोलनों को दबाने के लिए पुलिस के माध्यम से बर्बर कार्रवाई कराई है।</p>
<p style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार और उसके मंत्रियों ने आंदोलनकारी छात्रों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184537/crisis-for-bjp-government-in-the-state-will-be-solved"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/whatsapp-image-2026-08-02-at-19.00.11.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>लखनऊ।</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी की उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वर्तमान सरकार प्रदेश के लिए संकट बन चुकी है और सत्ता परिवर्तन के बाद ही प्रदेश की समस्याओं का समाधान संभव होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने छात्रों, युवाओं और बेटियों के साथ अन्याय किया है तथा आंदोलनों को दबाने के लिए पुलिस के माध्यम से बर्बर कार्रवाई कराई है।</p>
<p style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार और उसके मंत्रियों ने आंदोलनकारी छात्रों के साथ समझौता कर यह आश्वासन दिया था कि उनके खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया जाएगा और न ही उनका उत्पीड़न होगा। लेकिन अब छात्रों को प्रताड़ित किया जा रहा है, जिससे सरकार की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में यदि सरकार अपने वादों पर कायम नहीं रहती तो जनता का विश्वास कमजोर होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">फतेहपुर की घटना का उल्लेख करते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा कि वहां विद्यालय के बच्चों ने केवल पीने के पानी और कक्षाओं में पंखे लगाने जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग की थी। जब उनकी मांग स्वीकार कर ली गई, तब बच्चों और उनके परिवारों को परेशान करने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने घोषणा की कि समाजवादी पार्टी के विधायक प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों से मिलकर हर संभव सहायता प्रदान करेंगे तथा किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने देंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर बनाने का दावा करने वाली सरकार को पहले सरकारी विद्यालयों में बिजली, पानी, पंखे और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए। उनका कहना था कि विकास के बड़े दावों के बीच शिक्षा व्यवस्था की आधारभूत जरूरतें अब भी पूरी नहीं हो सकी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य में भ्रष्टाचार और भूमाफियाओं के बढ़ते प्रभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले के कई महत्वपूर्ण सरकारी तालाबों और सार्वजनिक भूमि पर कब्जा कर लिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भूमाफियाओं को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है और सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने प्रदेश में बने विभिन्न एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इनके निर्माण में व्यापक भ्रष्टाचार हुआ है। उनका कहना था कि कई परियोजनाओं में निर्माण गुणवत्ता को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आईं और कुछ स्थानों पर सड़कें उद्घाटन के कुछ समय बाद ही क्षतिग्रस्त हो गईं। उन्होंने इसे सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता की कमी का उदाहरण बताया।</p>
<p style="text-align:justify;">अखिलेश यादव ने अयोध्या से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े विषयों में भी पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने दिल्ली में छात्रों और युवाओं पर हुई पुलिस कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक आंदोलनों का दमन उचित नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को भी नसीहत देते हुए कहा कि वे निष्पक्षता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उनके अनुसार सरकारें बदलती रहती हैं, इसलिए अधिकारियों को किसी राजनीतिक दबाव में आकर कार्य नहीं करना चाहिए और कानून के अनुसार निष्पक्ष निर्णय लेने चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">पेपर लीक के मुद्दे पर सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि युवाओं का भविष्य लगातार प्रभावित हो रहा है और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि युवाओं का विश्वास बहाल करने के लिए सरकार को प्रभावी कदम उठाने चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">एक प्रश्न के उत्तर में अखिलेश यादव ने कहा कि यदि प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो कला, साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कलाकारों को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार के कार्यकाल में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लोगों को 'यश भारती सम्मान' प्रदान किया जाता था और भविष्य में भी प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने की परंपरा जारी रखी जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की समस्याओं का समाधान, पारदर्शी शासन, बेहतर शिक्षा व्यवस्था, युवाओं को रोजगार और कानून का निष्पक्ष पालन सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी प्रदेश के लोगों के हितों से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी और जनहित के प्रश्नों पर संघर्ष जारी रखेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 02 Aug 2026 19:13:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[अजय यादव]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भाजपा सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को किया बर्बाद: अखिलेश यादव</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>अजय यादव -लखनऊ</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">  </p>
<p style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने प्रदेश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर दिया है, जिससे छात्रों और युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षा से दूर करना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में 22 हजार से अधिक प्राथमिक विद्यालयों को विलय (मर्जर) और अन्य कारणों का हवाला देकर बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184399/bjp-government-ruined-the-education-system-akhilesh-yadav"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/whatsapp-image-2026-07-31-at-22.00.02.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>अजय यादव -लखनऊ</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने प्रदेश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर दिया है, जिससे छात्रों और युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षा से दूर करना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में 22 हजार से अधिक प्राथमिक विद्यालयों को विलय (मर्जर) और अन्य कारणों का हवाला देकर बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षा के मंदिरों की बदहाली के लिए भाजपा सरकार जिम्मेदार है।</p>
<p style="text-align:justify;">सपा अध्यक्ष ने कहा कि जहां से बच्चों की शिक्षा की शुरुआत होती है, भाजपा सरकार वहीं से व्यवस्था को कमजोर कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी स्कूलों में छात्रों को मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। कई विद्यालयों के भवन जर्जर स्थिति में हैं, कहीं बिजली और पंखों की समस्या है तो कहीं बारिश के दौरान छतों से पानी टपकने की शिकायतें सामने आती रहती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार के एजेंडे में शिक्षा और रोजगार कभी प्राथमिकता नहीं रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की गलत नीतियों के कारण प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर हो रही है और छात्र-नौजवान अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि देशभर के छात्र भाजपा की शिक्षा नीतियों से नाराज हैं और आने वाले समय में युवा इसका जवाब देंगे। अखिलेश यादव ने भाजपा पर नफरत की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस सरकार ने नए स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय बनाने के बजाय पुराने संस्थानों को कमजोर किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">सपा अध्यक्ष ने रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार इसे तोड़ने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि विश्वविद्यालयों को नुकसान पहुंचाने वाले कभी समाज के हितैषी नहीं रहे। उन्होंने शिक्षा संस्थानों की सुरक्षा और मजबूती की मांग की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 22:04:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्कूल चलो अभियान के तहत किया गया एक विशाल पैदल मार्च</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>महराजगंज/रायबरेली। </strong>15 जुलाई, बुधवार को ब्लॉक संसाधन केंद्र पाली से महराजगंज कस्बे तक 'स्कूल चलो अभियान' के तहत एक विशाल पैदल मार्च  का आयोजन किया गया। इस मार्च में सैकड़ों शिक्षकों और उच्च प्राथमिक विद्यालय महाराजगंज के छात्रों ने बैंड-बाजे के साथ उत्साहपूर्वक भाग लिया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">यह पैदल मार्च परिषदीय स्कूलों में नामांकन बढ़ाने और लोगों को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करने के लिए आयोजित किया गया था। मार्च के दौरान, शिक्षकों और छात्रों ने लोगों को सरकार द्वारा परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों और शिक्षा के उन्नयन की योजनाओं के बारे में जानकारी दी।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">खंड शिक्षा अधिकारी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183671/a-massive-foot-march-was-carried-out-under-the-school"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260715-wa0204.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>महराजगंज/रायबरेली। </strong>15 जुलाई, बुधवार को ब्लॉक संसाधन केंद्र पाली से महराजगंज कस्बे तक 'स्कूल चलो अभियान' के तहत एक विशाल पैदल मार्च  का आयोजन किया गया। इस मार्च में सैकड़ों शिक्षकों और उच्च प्राथमिक विद्यालय महाराजगंज के छात्रों ने बैंड-बाजे के साथ उत्साहपूर्वक भाग लिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह पैदल मार्च परिषदीय स्कूलों में नामांकन बढ़ाने और लोगों को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करने के लिए आयोजित किया गया था। मार्च के दौरान, शिक्षकों और छात्रों ने लोगों को सरकार द्वारा परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों और शिक्षा के उन्नयन की योजनाओं के बारे में जानकारी दी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">खंड शिक्षा अधिकारी राम मिलन यादव ने इस अवसर पर शिक्षकों को प्रेरित करते हुए प्रति विद्यालय पांच नए छात्रों का नामांकन बढ़ाए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे शिक्षा के महत्व को समझें और लोगों को अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रोत्साहित करें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस मौके पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के ब्लाक अध्यक्ष मधुकर सिंह, दयाशंकर अवस्थी दिलीप अवस्थी दिव्या प्रताप प्रदीप चौरसिया राकेश गौतम सुरेश द्विवेदी प्रियंका पांडे मीणा राधा रानी सीमा गुप्ता रेखा मौर्य सावित्री आरती जयसवाल पूजा सिंह नीलमा श्रीवास्तव पूनम समेत सैकड़ो शिक्षक शिक्षिकाएं व छात्र मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 21:26:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रदेश के 1.40 लाख विद्यालयों का होगा सुरक्षा ऑडिट, नैनी में तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शुरू।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  प्रदेश के सरकारी एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों को सुरक्षित और आपदा-प्रतिरोधी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत स्कूल सेफ्टी एंड रिस्क असेसमेंट प्रोजेक्ट के अंतर्गत चयनित संस्था बेनेट, कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड (BCCL) द्वारा नैनी स्थित लेट बेला सिंह आईटीआई संस्थान में तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">10 जुलाई से शुरू हुआ यह प्रशिक्षण 12 जुलाई तक चलेगा। इस परियोजना के तहत उत्तर प्रदेश के लगभग 1.40 लाख सरकारी एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों का सुरक्षा एवं जोखिम आकलन (School Safety &amp; Risk Assessment) किया जाएगा। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">प्रयागराज प्रशिक्षण केंद्र</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183172/security-audit-of-140-lakh-schools-of-the-state-will"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260711-wa0142.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> प्रदेश के सरकारी एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों को सुरक्षित और आपदा-प्रतिरोधी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत स्कूल सेफ्टी एंड रिस्क असेसमेंट प्रोजेक्ट के अंतर्गत चयनित संस्था बेनेट, कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड (BCCL) द्वारा नैनी स्थित लेट बेला सिंह आईटीआई संस्थान में तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">10 जुलाई से शुरू हुआ यह प्रशिक्षण 12 जुलाई तक चलेगा। इस परियोजना के तहत उत्तर प्रदेश के लगभग 1.40 लाख सरकारी एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों का सुरक्षा एवं जोखिम आकलन (School Safety &amp; Risk Assessment) किया जाएगा। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रयागराज प्रशिक्षण केंद्र में वर्तमान में प्रदेश के 15 जनपदों से आए फील्ड ऑडिटर एवं डिजास्टर एक्सपर्ट को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को स्कूल सेफ्टी ऑडिट की कार्यप्रणाली, भवनों की स्ट्रक्चरल एवं नॉन-स्ट्रक्चरल सुरक्षा का मूल्यांकन, संभावित आपदा जोखिमों की पहचान, फायर एवं इलेक्ट्रिकल सुरक्षा के मूलभूत सिद्धांत, मोबाइल ऐप के माध्यम से डेटा संग्रह एवं रिपोर्टिंग तथा गुणवत्तापूर्ण ऑडिट रिपोर्ट तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">केंद्र प्रबंधक शिवम शुक्ला एवं परियोजना प्रबंधक सौरभ सिंह ने बताया कि इस बैच के बाद फायर सेफ्टी एक्सपर्ट तथा सिविल एक्सपर्ट के लिए भी तीन-तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण आयोजित किए जाएंगे। प्रशिक्षण पूरा होने के उपरांत तीनों विशेषज्ञों की संयुक्त टीम प्रदेशभर के विद्यालयों में सुरक्षा एवं जोखिम आकलन का कार्य करेगी।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/183172/security-audit-of-140-lakh-schools-of-the-state-will</link>
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                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 20:08:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ग्रामीण भारत की शिक्षा और स्वास्थ्य को ऊर्जा दे सकते हैं सोलर प्लांट</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi"> भारत वर्ष </span>2047 <span lang="hi" xml:lang="hi">तक विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">श्री नरेंद्र मोदी</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हरित ऊर्जा और आधुनिक शिक्षा जैसे अनेक महत्वाकांक्षी अभियान चलाए जा रहे हैं। लेकिन इन सभी योजनाओं की सफलता का आधार एक ही है निर्बाध बिजली आपूर्ति।</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">देश के महानगरों और बड़े शहरों में बिजली की उपलब्धता अपेक्षाकृत बेहतर है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए वहां डिजिटल शिक्षा और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लोगों तक पहुँच रहा है। इसके विपरीत तहसील</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कस्बाई और ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कॉलेज और अस्पताल आज</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182800/solar-plants-can-provide-energy-to-the-education-and-health"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/image1170x530cropped.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi"> भारत वर्ष </span>2047 <span lang="hi" xml:lang="hi">तक विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">श्री नरेंद्र मोदी</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हरित ऊर्जा और आधुनिक शिक्षा जैसे अनेक महत्वाकांक्षी अभियान चलाए जा रहे हैं। लेकिन इन सभी योजनाओं की सफलता का आधार एक ही है निर्बाध बिजली आपूर्ति।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">देश के महानगरों और बड़े शहरों में बिजली की उपलब्धता अपेक्षाकृत बेहतर है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए वहां डिजिटल शिक्षा और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लोगों तक पहुँच रहा है। इसके विपरीत तहसील</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कस्बाई और ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कॉलेज और अस्पताल आज भी बिजली की अनियमित आपूर्ति</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कम वोल्टेज और बार-बार होने वाली तकनीकी खराबियों से जूझ रहे हैं। ऐसे में स्मार्ट क्लास</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डिजिटल लैब</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कंप्यूटर शिक्षा और आधुनिक चिकित्सा उपकरण केवल सरकारी योजनाओं की फाइलों तक सीमित होकर रह जाते हैं।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">विडंबना यह भी है कि एक ओर सरकार सरकारी संस्थानों को हाईटेक बनाने पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहीं दूसरी ओर इन संस्थानों के सुचारू संचालन के लिए सबसे आवश्यक संसाधन बिजली की स्थायी व्यवस्था अब तक नहीं हो सकी है। बिना बिजली के डिजिटल शिक्षा और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की कल्पना अधूरी है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसी स्थिति में सरकार को एक दूरदर्शी निर्णय लेते हुए देश के सभी शासकीय स्कूलों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कॉलेजों और अस्पतालों में</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">रूफटॉप सोलर प्लांट</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">स्थापित करने की राष्ट्रीय योजना लागू करनी चाहिए। यह केवल वैकल्पिक ऊर्जा का उपाय नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि शिक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वास्थ्य और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को एक साथ मजबूत करने वाला ऐतिहासिक कदम होगा।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सोलर प्लांट स्थापित होने से इन संस्थानों को दिनभर निर्बाध बिजली मिलेगी। विद्यार्थियों की पढ़ाई बिना व्यवधान जारी रहेगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्मार्ट क्लास और कंप्यूटर लैब प्रभावी ढंग से संचालित हो सकेंगी तथा अस्पतालों में जीवन रक्षक उपकरण बिजली संकट से प्रभावित नहीं होंगे। इतना ही नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सरकार का हर वर्ष बिजली बिलों पर होने वाला करोड़ों रुपये का व्यय भी काफी हद तक कम हो जाएगा। इससे पर्यावरण संरक्षण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कार्बन उत्सर्जन में कमी और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को भी अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">आज आवश्यकता केवल योजनाएं बनाने की नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उन्हें धरातल पर टिकाऊ बनाने की है। </span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यदि सरकार वास्तव में विकसित भारत का सपना साकार करना चाहती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो ग्रामीण शिक्षा और स्वास्थ्य संस्थानों को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाना होगा। शासकीय स्कूलों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कॉलेजों और अस्पतालों में सोलर प्लांट लगाने की पहल इसी दिशा में एक क्रांतिकारी कदम सिद्ध हो सकती है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">विकसित भारत की मजबूत नींव तभी रखी जाएगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब गांव का विद्यालय और अस्पताल भी शहरों की तरह रोशन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आधुनिक और ऊर्जा संपन्न होंगे।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi"><strong>अरविंद रावल</strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 22:24:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्कूल चलो अभियान के द्वितीय चरण का शुभारंभ, शिक्षा से जोड़ने का दिया गया संदेश।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात  </strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज, ।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए परिषदीय विद्यालयों में अधिकाधिक नामांकन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बुधवार को कम्पोजिट विद्यालय नया कटरा द्वितीय में "स्कूल चलो अभियान" के द्वितीय चरण का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुरेंद्र चौधरी तथा विशिष्ट अतिथि मनीष कुमार वर्मा रहे।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">एमएलसी सुरेंद्र चौधरी ने कहा कि शिक्षा देश की प्रगति और समृद्धि का आधार है तथा आधुनिक सुविधाओं से युक्त परिषदीय विद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बेहतर विकल्प बन चुके हैं। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि "स्कूल चलो अभियान" प्रत्येक बच्चे को शिक्षा से</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182490/inauguration-of-the-second-phase-of-the-school-chalo-campaign"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260701-wa0104.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात  </strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज, ।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए परिषदीय विद्यालयों में अधिकाधिक नामांकन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बुधवार को कम्पोजिट विद्यालय नया कटरा द्वितीय में "स्कूल चलो अभियान" के द्वितीय चरण का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुरेंद्र चौधरी तथा विशिष्ट अतिथि मनीष कुमार वर्मा रहे।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">एमएलसी सुरेंद्र चौधरी ने कहा कि शिक्षा देश की प्रगति और समृद्धि का आधार है तथा आधुनिक सुविधाओं से युक्त परिषदीय विद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बेहतर विकल्प बन चुके हैं। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि "स्कूल चलो अभियान" प्रत्येक बच्चे को शिक्षा से जोड़ने का जनआंदोलन है और सभी से इसे सफल बनाने में सहयोग की अपील की।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर और माला पहनाकर स्वागत किया गया। उन्हें निःशुल्क पाठ्य-पुस्तकें व स्टेशनरी वितरित की गई। सर्वाधिक उपस्थिति दर्ज कराने वाले विद्यार्थियों और प्रथम चरण में सर्वाधिक नामांकन कराने वाले विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को सम्मानित किया गया। अतिथियों ने अभियान रैली एवं प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण भी किया।</div></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182490/inauguration-of-the-second-phase-of-the-school-chalo-campaign</link>
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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 20:43:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मोदी सरकार में वो समस्याएं जो अभी तक नहीं सुधरीं</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>राजीव शुक्ल-संपादक </strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">इस बात में कोई दो राय नहीं है कि 2014 के बाद से अब तक भारत ने काफी तरक्की की है लेकिन इसमें यह भी है कि अभी तक बहुत सी ऐसी समस्याएं हैं जिनमें सुधार होना बाकी है। 2014 से 2026 तक 12 साल की सत्ता में मोदी सरकार ने योजनाओं, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और वैश्विक छवि पर काम किया। लेकिन कुछ संरचनात्मक समस्याएं ऐसी हैं जो चुनावी नारों और सरकारी रिपोर्टों के बावजूद ज़मीन पर बनी हुई हैं। ये समस्याएं आम आदमी की रोज़मर्रा की ज़िंदगी से सीधे जुड़ती हैं। इसमें सबसे पहले आती है बेरोज़गारी और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181929/those-problems-which-have-not-been-improved-yet-in-modi"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/images-(2).jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>राजीव शुक्ल-संपादक </strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">इस बात में कोई दो राय नहीं है कि 2014 के बाद से अब तक भारत ने काफी तरक्की की है लेकिन इसमें यह भी है कि अभी तक बहुत सी ऐसी समस्याएं हैं जिनमें सुधार होना बाकी है। 2014 से 2026 तक 12 साल की सत्ता में मोदी सरकार ने योजनाओं, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और वैश्विक छवि पर काम किया। लेकिन कुछ संरचनात्मक समस्याएं ऐसी हैं जो चुनावी नारों और सरकारी रिपोर्टों के बावजूद ज़मीन पर बनी हुई हैं। ये समस्याएं आम आदमी की रोज़मर्रा की ज़िंदगी से सीधे जुड़ती हैं। इसमें सबसे पहले आती है बेरोज़गारी और अनौपचारिक क्षेत्र की अस्थिरता।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि बेरोजगारी को कम करने के लिए सरकार ने बहुत प्रयास किए हैं लेकिन अभी कई प्रयास करने वाकी हैं। सरकारी आंकड़े कहते हैं कि बेरोज़गारी दर 2017 के मुकाबले घटी है। लेकिन हकीकत में समस्या की प्रकृति बदली है। गुणवत्तापूर्ण रोज़गार की कमी भारतीयों को खल रही है। हर साल 1.2 करोड़ युवा श्रम बाजार में आते हैं, लेकिन प्राइवेट सेक्टर में वेतन बढ़ोतरी धीमी है। आईटी और स्टार्टअप में छंटनी ने मिडिल क्लास की चिंता बढ़ाई है। अनौपचारिक क्षेत्र पर असर: नोटबंदी, GST और कोविड के बाद छोटे दुकानदार, ठेले वाले और दिहाड़ी मजदूर पूरी तरह उभर नहीं पाए। CMIE और NSSO के सर्वे बताते हैं कि स्वरोज़गार बढ़ा है, लेकिन ये ज़्यादातर मजबूरी का स्वरोज़गार है। कृषि संकट और किसान की आय के लिए बहुत समय से बात चल रही है लेकिन अभी तक इस पर कोई ठोस नीति नहीं बन सकी है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />2016 में सरकार ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य रखा था। 2026 तक वो लक्ष्य पूरा नहीं हुआ। MSP की सीमित पहुंच : सिर्फ गेहूं-धान के किसान ही MSP का फायदा ले पाते हैं। दाल, तिलहन, फल-सब्जी वाले किसान मंडी के भाव पर निर्भर हैं। कर्ज और जलवायु जोखिम: को लेकर किसान हमेशा से परेशान रहा है। फसल बीमा योजना ने कुछ राहत दी, लेकिन अतिवृष्टि, सूखा और आवारा पशु की समस्या बनी हुई है। तीन कृषि कानूनों के विरोध के बाद सरकार बैकफुट पर आ गई और बड़े कृषि सुधार रुके हुए हैं।<br />              शिक्षा और स्वास्थ्य में गुणवत्ता का अंतर</p>
<p style="text-align:justify;"><br />शिक्षा: NEP 2020 ने ढांचा बदला, लेकिन सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी, ड्रॉपआउट रेट और लर्निंग आउटकम अब भी कमजोर हैं। ASER रिपोर्ट लगातार बताती है कि कक्षा 5 का बच्चा कक्षा 2 का पाठ नहीं पढ़ पाता। इसी तरह स्वास्थ्य: आयुष्मान भारत ने कवरेज बढ़ाया, लेकिन ग्रामीण इलाकों में डॉक्टर, नर्स और दवाओं की कमी है। निजी अस्पताल महंगे हैं, और आउट-ऑफ-पॉकेट खर्च भारत में अब भी GDP का 50% से ज्यादा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />महंगाई का मध्यम वर्ग पर दबाव बहुत बढ़ता जा रहा है। तेल, सब्जी, दाल और किराये की कीमतों में उछाल ने मध्यम वर्ग को सबसे ज्यादा प्रभावित किया। सरकार ने टैक्स स्लैब बदले, लेकिन प्रत्यक्ष कर का बोझ अब भी वेतनभोगी वर्ग पर ज्यादा है।  <br />कोर महंगाई भले नियंत्रण में रही हो, लेकिन खाद्य महंगाई 2022-2024 में दो बार 10% पार कर गई। RBI के बार-बार रेपो रेट बढ़ाने से EMI बढ़ी और घर खरीदना मुश्किल हुआ। नौकरशाही और भ्रष्टाचार की जड़ें मजबूत हो रहीं हैं। DBT और डिजिटल प्लेटफॉर्म ने बिचौलियों को कम किया, लेकिन ज़मीन-रजिस्ट्री, पुलिस, म्यूनिसिपल सर्विस में भ्रष्टाचार खत्म नहीं हुआ। विपक्ष का आरोप है कि ED, CBI जैसी एजेंसियों का राजनीतिक इस्तेमाल बढ़ा है। वहीं सरकार कहती है कि भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई हो रही है। नतीजा ये है कि आम आदमी का भरोसा सिस्टम पर आंशिक ही बहाल हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />सामाजिक ध्रुवीकरण और संवाद की कमी पिछले 12 साल में धार्मिक और क्षेत्रीय मुद्दे राष्ट्रीय बहस में हावी रहे। इससे विकास और रोज़गार जैसे मुद्दे कई बार बैकसीट पर चले गए। मीडिया और सिविल सोसाइटी का स्पेस सिकुड़ने की शिकायत विपक्ष और पत्रकार संगठनों से आती रही है। सरकार का पक्ष है कि फेक न्यूज़ और अस्थिरता रोकने के लिए नियम जरूरी हैं। राज्य-केंद्र संबंध और संघीय ढांचा<br />GST लागू होने के बाद राज्यों को मुआवज़ा देने का वादा 2022 में खत्म हो गया। अब कई राज्य कहते हैं कि उनका फिस्कल स्पेस सिकुड़ गया है।  केंद्रीय योजनाओं के नाम पर राज्यों की भूमिका सीमित हो गई है, जिससे संघीय संतुलन पर सवाल उठते हैं।  सुधार हुआ, पर असमान गति से मोदी सरकार ने बुनियादी सुविधाओं, डिजिटल ट्रांजैक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर में ठोस काम किया है। उज्ज्वला, जनधन, सड़क, रेल और UPI इसका उदाहरण हैं। लेकिन रोज़गार की गुणवत्ता, कृषि आय, शिक्षा-स्वास्थ्य की ग्राउंड लेवल क्वालिटी, और महंगाई जैसी समस्याएं अभी भी सिस्टम की कमज़ोरी दिखाती हैं। 2026 तक सरकार की सबसे बड़ी चुनौती ये है कि वो कल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ प्रोडक्टिविटी और प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को भी तेज़ करे, ताकि ये समस्याएं चुनावी मुद्दे बनकर न रह जाएं बल्कि हल हों।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 17:33:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>यूपी बोर्ड ने 465 स्कूलों की मान्यता रद्द की; लिस्ट में प्रयागराज के 25 विद्यालय शामिल, एडमिशन पर लगी रोक।</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-family:Mangal, serif;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश ने नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रदेश के </span>465<span lang="hi" xml:lang="hi">  विद्यालयों की मान्यता तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी है. इस बड़ी कार्रवाई की जद में आए हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के मान्यता प्राप्त विद्यालयों में अकेले प्रयागराज जिले के </span>25<span lang="hi" xml:lang="hi">  विद्यालय शामिल हैं.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">परिषद द्वारा कराई गई आंतरिक जांच में यह बात सामने आई है कि इन डिफाल्टर विद्यालयों से पिछले दो वर्षों में एक भी छात्र बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित नहीं हुआ था. उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव ने समीक्षा के बाद मान्यता निरस्त किए गए सभी विद्यालयों की</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181538/up-board-canceled-recognition-of-465-schools-25-schools-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/hindi-divas8.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-family:Mangal, serif;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश ने नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रदेश के </span>465<span lang="hi" xml:lang="hi"> विद्यालयों की मान्यता तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी है. इस बड़ी कार्रवाई की जद में आए हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के मान्यता प्राप्त विद्यालयों में अकेले प्रयागराज जिले के </span>25<span lang="hi" xml:lang="hi"> विद्यालय शामिल हैं.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">परिषद द्वारा कराई गई आंतरिक जांच में यह बात सामने आई है कि इन डिफाल्टर विद्यालयों से पिछले दो वर्षों में एक भी छात्र बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित नहीं हुआ था. उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव ने समीक्षा के बाद मान्यता निरस्त किए गए सभी विद्यालयों की आधिकारिक सूची जारी कर दी है.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">शर्तों का उल्लंघन करने पर भेजा गया था नोटिस: ये सभी प्रभावित विद्यालय उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित विद्यालय मान्यता प्रदान करने की नियमावली के विशेष प्रावधानों के तहत मान्यता प्राप्त थे. बाद में शासन और बोर्ड द्वारा विभिन्न स्तरों पर की गई आकस्मिक जांच और परीक्षण में पाया गया कि संबंधित विद्यालय निर्धारित अनिवार्य शर्तों को पूरा नहीं कर रहे थे.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसे लापरवाह विद्यालयों को बोर्ड द्वारा पहले कारण बताओ नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अंतिम अवसर भी दिया गया था. लेकिन निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रबंधन से कोई संतोषजनक जवाब न मिलने पर अंततः इनकी मान्यता समाप्त करने का कड़ा निर्णय लिया गया.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इतना ही नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">परिषद ने संबंधित सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि इन विद्यालयों में वर्तमान में पठन-पाठन कर रहे विद्यार्थियों के भविष्य की रक्षा की जाए. छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसके लिए उन्हें पास के अन्य सरकारी व मान्यता प्राप्त विद्यालयों में समायोजित (शिफ्ट) कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रयागराज समेत यूपी के </span>21 <span lang="hi" xml:lang="hi">जिलों में हुई कार्रवाई: बोर्ड द्वारा जारी की गई इस ब्लैकलिस्टेड सूची में आगरा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अलीगढ़</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मथुरा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मेरठ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मुरादाबाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बरेली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लखनऊ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कानपुर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रयागराज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कौशांबी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुल्तानपुर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अयोध्या</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गोरखपुर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">देवरिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आजमगढ़</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मऊ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बलिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जौनपुर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गाजीपुर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वाराणसी और मिर्जापुर सहित कुल </span>21 <span lang="hi" xml:lang="hi">से अधिक जिलों के विद्यालय मुख्य रूप से शामिल हैं.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 13:59:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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