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                <title>JNU - Swatantra Prabhat</title>
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                            <item>
                <title>जेएनयू से एबीवीपी साफ लेफ्ट की फिर वापसी</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div><strong>स्वतंत्र प्रभात।  </strong></div>
<div>लोकसभा चुनाव से पहले दिल्ली की जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में भाजपा स्पोर्टिड अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद(एबीवीपी) यूनियन को लेफ्ट ने खदेड दिया है। 4 साल बाद जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी(जेएनयू) में फिर लेफ्ट का लाल झंडा लहरा गया। चुनाव नतीजों में- लेफ्ट-3,बासपा-1,और एबीवीपी का सूपडा साफ हो गया है।</div>
<div>  </div>
<div>लेफ्ट के कब्जे के बाद एक बार फिर ,लाल सलाम की गूंज (जेएनयू ) है। उल्लेखनीय है कि इस बार एबीवीपी को घेरने के लिए  सीपीआईएमएल,की स्टूडेंट विंग आल इंडिया स्टूडेंट्स असोसिएशन (आईसा),सीपीआईएम की विंग स्टूडेंट्स फेडरेशन आफ इंडिया ,(एसएफआईए) सीपीआई की स्टूडेंट्स विंग ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन</div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/139828/abvp-clear-left-returns-from-jnu"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-03/screenshot_20240326_163026_chrome.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div><strong>स्वतंत्र प्रभात।  </strong></div>
<div>लोकसभा चुनाव से पहले दिल्ली की जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में भाजपा स्पोर्टिड अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद(एबीवीपी) यूनियन को लेफ्ट ने खदेड दिया है। 4 साल बाद जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी(जेएनयू) में फिर लेफ्ट का लाल झंडा लहरा गया। चुनाव नतीजों में- लेफ्ट-3,बासपा-1,और एबीवीपी का सूपडा साफ हो गया है।</div>
<div> </div>
<div>लेफ्ट के कब्जे के बाद एक बार फिर ,लाल सलाम की गूंज (जेएनयू ) है। उल्लेखनीय है कि इस बार एबीवीपी को घेरने के लिए  सीपीआईएमएल,की स्टूडेंट विंग आल इंडिया स्टूडेंट्स असोसिएशन (आईसा),सीपीआईएम की विंग स्टूडेंट्स फेडरेशन आफ इंडिया ,(एसएफआईए) सीपीआई की स्टूडेंट्स विंग ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन (एआईएसएफ) और डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स फेडरेशन (डीएस एफ) चारों का यूनाइटेड पैनल, अखिल भारतीय विद्यार्थि परिषद (एबीवीपी) के खिलाफ मिलकर खडा हुआ था।</div>
<div> </div>
<div>लेफ्ट के  दलित प्रेसीडेंट धनंजय, वाईस प्रेसीडेंट अभिजीत घोष, सेकेट्री पद पर प्रियांका आर्या, वही जोईंट सेकेट्री पद पर मौहम्मद साजिद ने बाजी मारी है।बता दें 4 साल बाद हुए चुनाव में 7751 वोटर्स मे से 5600 ने वोट दिए।  चुनाव में वोटिंग प्रतिशत 73 % रही। जो पिछले चुनाव से 5 फीसदी अधिक है। बता दें कि साल 1969 में स्थापित जेएनयू अकादमिक, प्रशासनिक से लेकर बुद्धिजीवी वर्ग का धरातल है।</div>
<div> </div>
<div>वामपंथ शुरू से ही जेएनयू पर हावी रहा है।लेकिन 2016 में एबीवीपी ने अपनी जडे जमानी शुरू कर दी थी। एबीवीपी के बढते प्रभाव को रोकने के लिए ही लेफ्ट के चारों स्टूडेंट्स विंग के गठबंधन ने इस बार भी अपना लाल परचम लहरा दिया।</div>
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<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 Mar 2024 16:53:37 +0530</pubDate>
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                <title>दिल्ली: JNU एक बार फिर बना चर्चा का विषय, दीवारों पर लिखे गए विवादित नारे </title>
                                    <description><![CDATA[<p>राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी एक बार फिर से चर्चा में आ गई है। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में नाफरती मामला एक बार फिर से सामने आया है। यूनिवर्सिटी की दीवारों पर विवादित नारे लिखे जाने का मामला सामने आया है। यूनिवर्सिटी की दीवारों पर लिखे गए तारों को लेकर छात्र संगठनों ने गहरी आपत्ति जताई है। इससे पहले भी कई बार जेएनयू कैंपस में इस तरह के विवादित मामले सामने आते रहे हैं। </p>
<p>जेएनयू में देश विरोधी नई लिखे जाने की खबर के बाद कांग्रेस नेता रिटायर्ड कर्नल रोहित चौधरी ने विवादित बयान दे दिया है। करनाल रोहित</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/135373/delhi-jnu-once-again-becomes-a-topic-of-discussion-controversial"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-10/jnu-campus_large_1526_144.webp" alt=""></a><br /><p>राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी एक बार फिर से चर्चा में आ गई है। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में नाफरती मामला एक बार फिर से सामने आया है। यूनिवर्सिटी की दीवारों पर विवादित नारे लिखे जाने का मामला सामने आया है। यूनिवर्सिटी की दीवारों पर लिखे गए तारों को लेकर छात्र संगठनों ने गहरी आपत्ति जताई है। इससे पहले भी कई बार जेएनयू कैंपस में इस तरह के विवादित मामले सामने आते रहे हैं। </p>
<p>जेएनयू में देश विरोधी नई लिखे जाने की खबर के बाद कांग्रेस नेता रिटायर्ड कर्नल रोहित चौधरी ने विवादित बयान दे दिया है। करनाल रोहित चौधरी ने कहा कि बहुत सी चीज राज्य प्रायोजित होती है। उन्होंने कहा कि आज का समय व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी का समय है जिसमें दुष्प्रचार करने के लिए कई तरह के हथकंडे अपनाए जाते है।</p>
<p>दीवारों पर लिखे गए विवादित नारों की बात सामने आने के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने इस मामले की जांच करने की मांग की है। एबीवीपी ने कहा है कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और जेएनयू प्रशासन से इस मामले की जांच की मांग की है। इस संबंध में एबीवीपी ने जेएनयू प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा है।</p>
<p>जानकारी मिली है कि जो नर जेएनयू की दीवारों पर लिखी गई है वह भारतीय जनता पार्टी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कश्मीर से संबंधित है। बता दे कि अब तक के सामने नहीं आया कि है कि इन तारों को किसने लिखा है और इन नारों को लिखने के पीछे क्या कारण है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Oct 2023 15:40:46 +0530</pubDate>
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