<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/100214/education-sector" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>Education Sector - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/100214/rss</link>
                <description>Education Sector RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अब नहीं होंगे कोचिंग संस्थान सील: LDA का बड़ा आश्वासन, बंद संस्थानों को भी खोला जाएगा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong> राजधानी में कोचिंग संस्थानों पर चल रही सीलिंग कार्रवाई के बीच बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश कोचिंग संघ और उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई वार्ता में लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब बिना उचित कारण किसी भी कोचिंग संस्थान को सील नहीं किया जाएगा। साथ ही पहले से सील किए गए संस्थानों को भी चरणबद्ध तरीके से खोला जा रहा है।</p><div><div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश कोचिंग संघ के प्रदेश प्रवक्ता मनीष राघव एवं प्रदेश मीडिया प्रभारी कमलेश त्रिपाठी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने एलडीए कार्यालय पहुंचकर</div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183313/now-coaching-institutes-will-not-be-sealed-ldas-big-assurance"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1001096888.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong> राजधानी में कोचिंग संस्थानों पर चल रही सीलिंग कार्रवाई के बीच बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश कोचिंग संघ और उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई वार्ता में लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब बिना उचित कारण किसी भी कोचिंग संस्थान को सील नहीं किया जाएगा। साथ ही पहले से सील किए गए संस्थानों को भी चरणबद्ध तरीके से खोला जा रहा है।</p><div><div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश कोचिंग संघ के प्रदेश प्रवक्ता मनीष राघव एवं प्रदेश मीडिया प्रभारी कमलेश त्रिपाठी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने एलडीए कार्यालय पहुंचकर कोचिंग संचालकों की समस्याओं से संबंधित ज्ञापन सौंपा। एलडीए उपाध्यक्ष की अनुपस्थिति में अपर सचिव ज्ञानेंद्र कुमार ने प्रतिनिधिमंडल से विस्तृत वार्ता की।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बैठक के दौरान अपर सचिव ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि यदि किसी आवासीय क्षेत्र में संचालित कोचिंग संस्थान के विरुद्ध कोई शिकायत प्राप्त नहीं होती है, तो उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि बिना पर्याप्त कारण किसी भी संस्थान को सील नहीं किया जाएगा और जो संस्थान पहले से सील किए गए हैं, उन्हें भी नियमानुसार खोला जा रहा है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">एलडीए प्रशासन ने यह भी आश्वस्त किया कि मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए संस्थानों को पर्याप्त समय दिया जाएगा तथा कोचिंग संचालकों की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर उनका समाधान किया जाएगा।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश कोचिंग संघ के प्रदेश प्रवक्ता मनीष राघव ने कहा कि संघ प्रदेश के सभी कोचिंग संचालकों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए पूरी मजबूती से कार्य करता रहेगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी किसी भी संचालक के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए संगठन निरंतर संघर्ष करता रहेगा।</div></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/183313/now-coaching-institutes-will-not-be-sealed-ldas-big-assurance</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/183313/now-coaching-institutes-will-not-be-sealed-ldas-big-assurance</guid>
                <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 20:03:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/1001096888.png"                         length="1237217"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देश की शिक्षा प्रणाली एक्सटोर्शन मशीन, बच्चों को दबाती-कुचलती है, इसे बदलना होगा: राहुल गांधी ।</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">कोचिंग हब</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">के रूप में विख्यात कोटा शहर में छात्रों के साथ संवाद कार्यक्रम </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">छात्रों की गूंज</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">में देश की शिक्षा प्रणाली की प्रासंगकिता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह हमारे बच्चों को दबाती और कुचलती है जो देश के लिए सही नहीं है। उन्होंने देश की शिक्षा प्रणाली को बदलने पर जोर दिया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कहा</span>, ‘‘<span lang="hi" xml:lang="hi">हिंदुस्तान की शिक्षा प्रणाली अपने बच्चों को ‘प्रेशराइज’ (दबाव में) करता है। यह उन्हें ‘स्ट्रेस’ (तनाव) देता है। यह बच्चों को दबाता और कुचलता है</span>,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181544/the-countrys-education-system-is-an-extortion-machine-that-oppresses"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/hindi-divas11.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">कोचिंग हब</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">के रूप में विख्यात कोटा शहर में छात्रों के साथ संवाद कार्यक्रम </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">छात्रों की गूंज</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">में देश की शिक्षा प्रणाली की प्रासंगकिता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह हमारे बच्चों को दबाती और कुचलती है जो देश के लिए सही नहीं है। उन्होंने देश की शिक्षा प्रणाली को बदलने पर जोर दिया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कहा</span>, ‘‘<span lang="hi" xml:lang="hi">हिंदुस्तान की शिक्षा प्रणाली अपने बच्चों को ‘प्रेशराइज’ (दबाव में) करता है। यह उन्हें ‘स्ट्रेस’ (तनाव) देता है। यह बच्चों को दबाता और कुचलता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो देश के भविष्य के लिए बिल्कुल सही नहीं है।’’ उन्होंने कहा</span>, ‘‘<span lang="hi" xml:lang="hi">मैं चाहता हूं कि हम सब मिलकर इसके खिलाफ लड़ाई लड़ें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि आगे से किसी भी बच्चे को </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">आत्मघाती</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">कदम न उठाना पड़े।’’</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इससे पहले राहुल गांधी ने कहा कि उनकी छात्रों और युवाओं के साथ इस संवाद का मकसद राजनीतिक नहीं है। उन्होंने कहा</span>, ‘‘<span lang="hi" xml:lang="hi">यह कोई राजनीतिक बैठक नहीं है। इसमें भारत की शिक्षा प्रणाली पर चर्चा होगी कि इसमें क्या कमियां हैं और क्या सुधार करने की जरूरत है।’’ उन्होंने कहा</span>, ‘‘<span lang="hi" xml:lang="hi">यह बैठक आपके बारे में है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन युवाओं के बारे में है जो अपना भविष्य बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यह शाम आपके बारे में है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन चुनौतियों के बारे में जिनका आप हर दिन सामना कर रहे हैं।"</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षा की तैयार कर रहे पांच छात्रों को मंच पर बुलाया और उनसे बात की। उन्होंने एक छात्रा और उसके अभिभावकों से भी मंच पर बात की। उन्होंने कहा</span>, ‘‘<span lang="hi" xml:lang="hi">हम अभी आज राजनीतिक बात नहीं कर रहे हैं। मैं हिंदुस्तान के भविष्य की बात कर रहा हूं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आपके भविष्य की बात कर रहा हूं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">देश के भविष्य की बात कर रहा हूं। हमें इस (शिक्षा) प्रणाली को बदलना होगा और इस प्रणाली को ठीक करना होगा।’’</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कहा कि हम ऐसी शिक्षा प्रणाली चाहते हैं जो हर भारतीय को बड़ा सपना देखने का मौका दे और उसे पूरा करे। सबसे बड़ी बात आपका यह सपना न्यूनतम लागत पर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बिना आपकी जेब से लाखों करोड़ रुपये छीने करना चाहिए। उन्होंने कहा</span>, ‘‘<span lang="hi" xml:lang="hi">देश की शिक्षा प्रणाली हिंदुस्तान के सबसे गरीब मध्यम वर्ग के लोगों से एक परीक्षा के लिए उतना पैसा छीनता है जितना शिक्षा का बजट है और पांच बड़ी परीक्षा के लिए उतना पैसा छीनता है जितने पांच बड़े मंत्रालयों को बजट मिलता है। ये शर्मनाक है। हमें इसे बदलना होगा।’’</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कहा</span>, ‘‘<span lang="hi" xml:lang="hi">भारत की शिक्षा प्रणाली शोषण (एक्सटोर्शन) मशीन है। ये आपसे पैसे लेने का ‘सिस्टम’ है। ये सिर्फ शिक्षा देने का ‘सिस्टम’ नहीं है। ये परीक्षा के आधार पर आपसे लाखों करोड़ रुपये छीनने का ‘सिस्टम’ है।’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि यह कार्यक्रम इस आंदोलन की शुरुआत है। उन्होंने युवाओं से इससे जुड़ने और अपने सुझाव देने की अपील की कि हम इस प्रणाली को कैसे बदलें।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181544/the-countrys-education-system-is-an-extortion-machine-that-oppresses</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/181544/the-countrys-education-system-is-an-extortion-machine-that-oppresses</guid>
                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 14:05:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/hindi-divas11.jpg"                         length="173958"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपी बोर्ड ने 465 स्कूलों की मान्यता रद्द की; लिस्ट में प्रयागराज के 25 विद्यालय शामिल, एडमिशन पर लगी रोक।</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-family:Mangal, serif;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश ने नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रदेश के </span>465<span lang="hi" xml:lang="hi">  विद्यालयों की मान्यता तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी है. इस बड़ी कार्रवाई की जद में आए हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के मान्यता प्राप्त विद्यालयों में अकेले प्रयागराज जिले के </span>25<span lang="hi" xml:lang="hi">  विद्यालय शामिल हैं.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">परिषद द्वारा कराई गई आंतरिक जांच में यह बात सामने आई है कि इन डिफाल्टर विद्यालयों से पिछले दो वर्षों में एक भी छात्र बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित नहीं हुआ था. उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव ने समीक्षा के बाद मान्यता निरस्त किए गए सभी विद्यालयों की</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181538/up-board-canceled-recognition-of-465-schools-25-schools-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/hindi-divas8.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-family:Mangal, serif;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश ने नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रदेश के </span>465<span lang="hi" xml:lang="hi"> विद्यालयों की मान्यता तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी है. इस बड़ी कार्रवाई की जद में आए हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के मान्यता प्राप्त विद्यालयों में अकेले प्रयागराज जिले के </span>25<span lang="hi" xml:lang="hi"> विद्यालय शामिल हैं.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">परिषद द्वारा कराई गई आंतरिक जांच में यह बात सामने आई है कि इन डिफाल्टर विद्यालयों से पिछले दो वर्षों में एक भी छात्र बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित नहीं हुआ था. उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव ने समीक्षा के बाद मान्यता निरस्त किए गए सभी विद्यालयों की आधिकारिक सूची जारी कर दी है.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">शर्तों का उल्लंघन करने पर भेजा गया था नोटिस: ये सभी प्रभावित विद्यालय उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित विद्यालय मान्यता प्रदान करने की नियमावली के विशेष प्रावधानों के तहत मान्यता प्राप्त थे. बाद में शासन और बोर्ड द्वारा विभिन्न स्तरों पर की गई आकस्मिक जांच और परीक्षण में पाया गया कि संबंधित विद्यालय निर्धारित अनिवार्य शर्तों को पूरा नहीं कर रहे थे.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसे लापरवाह विद्यालयों को बोर्ड द्वारा पहले कारण बताओ नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अंतिम अवसर भी दिया गया था. लेकिन निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रबंधन से कोई संतोषजनक जवाब न मिलने पर अंततः इनकी मान्यता समाप्त करने का कड़ा निर्णय लिया गया.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इतना ही नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">परिषद ने संबंधित सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि इन विद्यालयों में वर्तमान में पठन-पाठन कर रहे विद्यार्थियों के भविष्य की रक्षा की जाए. छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसके लिए उन्हें पास के अन्य सरकारी व मान्यता प्राप्त विद्यालयों में समायोजित (शिफ्ट) कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रयागराज समेत यूपी के </span>21 <span lang="hi" xml:lang="hi">जिलों में हुई कार्रवाई: बोर्ड द्वारा जारी की गई इस ब्लैकलिस्टेड सूची में आगरा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अलीगढ़</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मथुरा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मेरठ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मुरादाबाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बरेली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लखनऊ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कानपुर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रयागराज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कौशांबी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुल्तानपुर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अयोध्या</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गोरखपुर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">देवरिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आजमगढ़</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मऊ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बलिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जौनपुर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गाजीपुर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वाराणसी और मिर्जापुर सहित कुल </span>21 <span lang="hi" xml:lang="hi">से अधिक जिलों के विद्यालय मुख्य रूप से शामिल हैं.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181538/up-board-canceled-recognition-of-465-schools-25-schools-of</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/181538/up-board-canceled-recognition-of-465-schools-25-schools-of</guid>
                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 13:59:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/hindi-divas8.jpg"                         length="173958"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का दिया धरना और दिया ज्ञापन</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>प्रतापगढ़। </strong>अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के आह्वान पर गुरुवार को एन.आई.सी.परिसर में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (प्राथमिक संवर्ग), प्रतापगढ़ के जिलाध्यक्ष अशोक राय के नेतृत्व में विशाल भीड़ एकत्रित होकर जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री,केन्द्रीय शिक्षा मंत्री तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री  को सम्बोधित सेवारत शिक्षक शिक्षिकाओं को शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता के विरोध में ज्ञापन सौंपा गया।  कार्यक्रमों का संचालन जिला महामंत्री जय प्रकाश पाण्डेय ने किया।</div>
<div style="text-align:justify;">उपस्थित शिक्षक समूह को सम्बोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अशोक राय ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 27जुलाई2011और केन्द्रीय सेवाओं में 23 अगस्त 2010 के पूर्व से कार्यरत शिक्षकों, शिक्षिकाओं के लिए भी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181511/the-biggest-loss-in-democracy-is-the-breakdown-of-parties"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260618-wa0119.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>प्रतापगढ़। </strong>अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के आह्वान पर गुरुवार को एन.आई.सी.परिसर में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (प्राथमिक संवर्ग), प्रतापगढ़ के जिलाध्यक्ष अशोक राय के नेतृत्व में विशाल भीड़ एकत्रित होकर जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री,केन्द्रीय शिक्षा मंत्री तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री  को सम्बोधित सेवारत शिक्षक शिक्षिकाओं को शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता के विरोध में ज्ञापन सौंपा गया।  कार्यक्रमों का संचालन जिला महामंत्री जय प्रकाश पाण्डेय ने किया।</div>
<div style="text-align:justify;">उपस्थित शिक्षक समूह को सम्बोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अशोक राय ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 27जुलाई2011और केन्द्रीय सेवाओं में 23 अगस्त 2010 के पूर्व से कार्यरत शिक्षकों, शिक्षिकाओं के लिए भी उच्चतम न्यायालय, द्वारा शिक्षक पात्रता परीक्षा अनिवार्य किया जाना सरासर अन्याय है और यह नैसर्गिक न्याय के विरुद्ध है। उन शिक्षकों पर टेट की अनिवार्यता एक जबर्दस्ती थोपी गई व्यवस्था है, जो कतई स्वीकार्य नहीं है।माध्यमिक संवर्ग के अध्यक्ष प्रभात त्रिपाठी ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने वर्ष 2017 के संसद के जिस संशोधन के आधार पर बेसिक शिक्षकों को बीस-पच्चीस साल तक नौकरी करने के बाद पुनः पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने का निर्णय दिया है , देश में वैसा उदाहरण मिलना असम्भव है। इसमें मानवीय पक्ष को पूरी तरह नकार दिया गया है।माध्यमिक संवर्ग के पूर्व प्रान्तीय कार्यकारी अध्यक्ष अरुण शुक्ल ने कहा कि संसद सर्वोच्च है और  उच्चतम न्यायालय के निर्णय से बड़ी विसंगति पैदा हो गई है।</div>
<div style="text-align:justify;">विशाल एकत्रीकरण कार्यक्रम एवं ज्ञापन कार्यक्रम में आज उपस्थित अन्य प्रमुख पदाधिकारियों में वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक वैश्य, उपाध्यक्ष डा.राज श्री पाण्डेय,जिला महामंत्री जय प्रकाश पाण्डेय,सह संगठन मंत्री गौरव त्रिपाठी, जिला संयुक्त महामंत्री/सदर ब्लाक अध्यक्ष डा.अजय सिंह, जिला मंत्री/बाबा गंज महामंत्री अरूण द्विवेदी,जिला मंत्री/शिवगढ़ अध्यक्ष सुशील द्विवेदी, क्रीड़ा भारती के जिलाध्यक्ष ध्रुव शर्मा,ब्लॉक अध्यक्ष गण-सुरेन्द्र पाण्डेय,रामेन्द्र सिंह, देवेन्द्र पति तिवारी,डा.कामेश्वर मणि त्रिपाठी, रमेश सिंह,अखिलेश सिंह, जीतेन्द्र सिंह, विनोद शर्मा,भागवत प्रसाद, महामंत्री गण-धर्मेन्द्र सिंह, राकेश वर्मा,  मनोज मिश्र, बिहार, राजीव कौशल, मनोज मिश्र,कुण्डा,लालजी यादव विद्याशंकर,बालचन्द्र,अनीस हैदर रिजवी, प्राचार्य कृपाशंकर पाण्डेय,इन्द्र देव सिंह, मीना भारती, कुसुम कुमारी, अनुराधा उपाध्याय,मंजू चौरसिया,जय प्रकाश सिंह आदि रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181511/the-biggest-loss-in-democracy-is-the-breakdown-of-parties</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/181511/the-biggest-loss-in-democracy-is-the-breakdown-of-parties</guid>
                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 20:43:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/img-20260618-wa0119.jpg"                         length="243100"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        