सहारा अस्पताल का कारनामा हिंदू को दिया मुस्लिम का शव मुस्लिम को दिया हिंदू का शव

हिंदू परिवार ने कर दिया अंतिम संस्कार मचा हड़कंप

लखनऊ स्वतंत्र प्रभात ने पिछले कई महीनों से प्राइवेट अस्पतालों के मनमाने कारनामों के लिए अभियान चला रखा है। फिर भी लखनऊ के स्वास्थ्य  आला अधिकारी  प्राइवेट अस्पतालों से मिलकर हर काम को मनमाने ढंग से करवा रहे हैं। पीड़ित अपनी बातों को अगर स्वास्थ्य विभाग तक पहुंचाने की कोशिश भी करता है तो उस पर आगे तक जांच अधिकारियों के साथ इस तरह प्राइवेट अस्पताल सेटिंग करते हैं कि उसका  बाल बांका कोई भी नहीं कर पाता है और अस्पताल अपनी मनमानी और मरीजों का शोषण करने के लिए उतारू रहते हैं।


ऐसा ही मामला लखनऊ के सहारा हॉस्पिटल प्रशासन का सामने निकल कर आया है। जिसमें अस्पताल प्रशासन की घोर लापरवाही से एक बड़ा बखेड़ा खड़ा हो गया है ।सहारा अस्पताल की लापरवाही से मर्च्युरी में रखे महिलाओं के दो शवों में अदला-बदली हो गई, जिसकी वजह से हिंदू परिवार  ने मुस्लिम महिला के शव का दाह संस्कार कर दिया और राख़ विसर्जित करने के लिए संगम चले गए.इधर अस्पताल प्रशासन ने सारी औपचारिकताएं पूर्ण कर जब  मुस्लिम परिवार को इशरत का शव सौंपा तो हड़कम्प मच गया ।

दरअसल जो शव मुस्लिम परिवार को दिया गया वो अर्चना गर्ग का था । मुस्लिम परिवार ने शव लेने से इनकार कर दिया जिस पर अस्पताल प्रशासन की हाथ पांव फूलने शुरू हो गए। लापरवाही से लाश ही बदल गयी है और वह भी दो अलग समुदायों की। आनन फानन में हिंदू परिवार को फोन कर लाश वापस मांगी गई तो उस परिवार के भी होश उड़ गए ।क्योंकि उस परिवार ने तो शव का अंतिम सस्कार कर दिया था और जब उनके पास फोन पहुंचा तो वे अस्थियां विसर्जित करने इलाहाबाद जा रहे थे । वहीं मुस्लिम परिवार ने मामले की शिकायत तत्काल विभूतिखंड पुलिस से की. मौके पर पहुंचे इंस्पेक्टर विभूतिखंड राजीव द्विवेदी ने अस्पताल प्रशासन से बातचीत की तो मामला और उलझ गया ।इधर  मुस्लिम परिवार अर्चना गर्ग की लाश लेने से मना कर दिया और उधर  हिंदू परिवार ने जिस शव का अंतिम संस्कार किया वो उनका था ही नहीं ।


 हिंदू परिवार वापस लखनऊ आया और अर्चना गर्ग की लाश ले कर जा रहा है । परिवार हिंदू रीती रिवाज को दुबारा से निभाकर सारी औपचारिकताएं कर रहा हैं ।हिंदू परिवार को तो अर्चना का शव मिल गया मगर अस्पताल प्रशासन मुस्लिम परिवार को इशरत का शव कहा से दे क्योंकि वो तो हिंदू परिवार ने जला दिया । फिलहाल खबर लिखे जाने तक अस्पताल में हंगामा जारी था । अस्पताल प्रशासन ने  बताया कि दोनों परिवारों और अस्पताल प्रबंधन में बातचीत चल रही है. लेकिन सहारा अस्पताल ने जो किया वह कहां तक और कितना  लापरवाही भरा था और इस पर स्वास्थ्य विभाग क्या एक्शन लेता है?

यह तो देखने वाली बात होगी लेकिन आए दिन होने वाली मरीजों के साथ मनमानी पर अंकुश लगाना सरकार की जिम्मेदारी बनती है जो कि इस पर उत्तर प्रदेश सरकार नाकाम भी रही है।

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