राममंदिर निर्माण के साथ शुरू होगा अयोध्या के विकास का स्वर्णिम युग

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धार्मिक टुरिज्म बढने से पैदा होगें रोजगार के अवसर।


स्वतंत्र प्रभात

अयोध्या अपने आधुनिक इतिहास के सबसे बड़े बदलाव के लिए तैयार है। अयोध्या मे बनने वाले भव्य एवं अनुपम राम मंदिर से जहां एक और पुरे भारतवर्ष के साथ साथ विदेशी श्रद्धालुओं का वर्षों का इंतजार खत्म होगा ,वहीं दूसरी ओर अयोध्या नगरी के लिए विकास के सर्वणीम अवसर पैदा होगें। धार्मिक पर्यटन अयोध्या मे असीम संभावनाएं लेकर आएगा।धर्म से जुड़ी व्यवसायिक गतिविधियों से जंहा लोगो की आय बढेगी वहीं दूसरी और गाईड को रोजगार मिलेगा।धार्मिक टुरिज्म बढने से आय के स्त्रोत बढेंगे। केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित नव्य अयोध्या जिसका विस्तार चार सौ हेक्टेयर मे होगा वह अयोध्या का आधुनिक रूप होगा।जिसमे फाईव स्टार होटल्स, रिवरसाइड रिजार्ट, अवासीय एंव व्यवसायिक प्लाट्स, बेहतरीन सडकें, अंडरग्राउंड ड्रेनेज सिस्टम व अडंरग्राऊंड इलेक्ट्रिसिटी वायर होंगे।इसके साथ साथ नई चौड़ी सड़कें, मल्टीलेबल कार पार्किंग, अच्छा रेलवे स्टेशन और बस अड्डा, सुविधाओं से युक्त परिक्रमा मार्ग, कई रेलवे ओवरब्रिज, जल निकासी और सीवर की अत्याधुनिक सुविधा तैयार की जाएगी।जिससे लोगो के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

अयोध्या के विकास की अन्य महत्वपूर्ण योजनाएं

◆अयोध्या मे सरयू किनारे आधुनिक स्टूडियो टाईप अपार्टमेंट बनेगें ताकि जीवन के आखिरी समय में अयोध्या मे रहने की ईच्छा रखने वाले लोग इनमें रह सकेंगे।
◆लखनऊ से गोरखपुर को जाने वाला सिक्सलेन के अयोध्या से निकलने से सडक कनेक्टिविटी बढेगी।
◆बेहतरीन सुविधाओं से युक्त रेलवे स्टेशन बनेगा।
◆ हवाई पट्टी का विस्तार करके अत्याधुनिक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनेगा।

आपको बता दे कि हिंदू समाज के लिए सिर्फ एक बसावट ना होकर उनका जीवन है,सभ्यता है उनके ईष्ट देव भगवान श्री राम की पावन धरा है।अयोध्या सरयू नदी के किनारे बसा हुआ है जिसका क्षेत्रफल 79.8 वर्ग किलोमीटर है।अयोध्या की समुद्र तल से ऊंचाई 93 मीटर है ।यहां का जनसंख्या घनत्व 700 प्रति वर्ग किलोमीटर है।

अयोध्या के राममंदिर की विशेषताएं

 ◆खजुराहो, सोमनाथ मंदिर,लिंगराज का  मंदिर की तरह ही राममंदिर भी नागर शैली मे बनाया जाएगा।
◆राममंदिर के प्रस्तावित नक्से के हिसाब से प्रथम तल के गर्भ गृह मे भगवान राम की प्रतिमा स्थापित होगी व दूसरे तल के गर्भ गृह मे रामदरबार की स्थापना होगी।
◆ मंदिर निर्माण मे तीन लाख टन बलुआ पत्थर का प्रयोग होगा।
◆मंदिर 360 फीट लंबा, 235 फीट चौडा व 161 फीट ऊंचा होगा ।
◆भगवान राम साढे़ नौ किलो चांदी से निर्मित सिंहासन पर विराजमान होंगे।

  इसमें कोई दो राय नहीं है कि अयोध्या मे राममंदिर समाज के सभी लोगों के लिए विकास और उन्नति के नए रास्ते खोलेगा। अयोध्या भारत के पर्यटन मैप पर प्रमुखता से उभरेगा और इससे हर धर्म और संप्रदाय के लोगों को रोजगार और विकास के साधन उपलब्ध होंगे।