कोरोना के साये में राखी दुकानदारों को ग्राहक के लाले, व्यवसाय से गुजारा नहीं

बिहार-प्रदेश-ही-नहीं-बल्कि-देश-में-भी-कोरोना-संक्रमण-ने-राखी-बेचने-वाले-दुकानदारों-के-माथे-पर-चिंता-की-लकीर-खींच-दी-हैं।
बिहार-प्रदेश-ही-नहीं-बल्कि-देश-में-भी-कोरोना-संक्रमण-ने-राखी-बेचने-वाले-दुकानदारों-के-माथे-पर-चिंता-की-लकीर-खींच-दी-हैं।
  • स्वतंत्र प्रभात/अनुप कुमार

बांका। बिहार प्रदेश ही नहीं बल्कि देश में भी कोरोना संक्रमण ने राखी बेचने वाले दुकानदारों के माथे पर चिंता की लकीर खींच दी हैं। इसी कड़ी में पंजवारा,बाराहाट में दुकानदार ज्यादा मात्रा में राखी नही खरीद रहे हैं।

चुकी डर है कि बाजार सील होने की स्थिति में उनकी दुकानों में रखी राखियां बिक ही नहीं पाएंगी। बाँका  जिले में कोरोना काल के दौरान रक्षाबंधन के लिए सजने वाले बाजारों में भी रौनक नहीं दिख रही है दुकानदार राखी की वेराइटी अधिक संख्या में रखने से डर रहे हैं।

दुकानदारों को डर है कि अगर क्षेत्र कोई आदमी कोरोना पॉजिटिव हुआ तो बाजार सील हो जाएगा और उनका पूरा माल रखा रह जाएगा। इस दौरान एक दुकानदार ने बताया कि इस बार राखी की डिमांड तो है।

लेकिन माल अधिक रखने से हर दुकानदार डर रहा है। पिछले साल के मुकाबले इस बार बाजार में रौनक अभी नहीं दिख रही है।ग्राहक ऑनलाइन ही सामान मंगा रहे हैं। जिस तरह से कोरोना पॉजिटिव केस मिल रहे हैं।

उसे देखते हुए इस बार दुकानदार सीमित माल ही लेकर आ रहे हैं, क्योंकि राखी साल भर में केवल एक बार ही बिकती है। यदि अधिक माल लाए और किसी वजह से वह नहीं बिका तो पूरे साल के लिए पैसा फंस कर रह जाएगा।

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