पुलिस की नाकामी के चलते जनपद बना अवैध हथियारों का गढ़

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हथियार माफिया को नजर अंदाज कर पुलिस कर रही कार्यवाही

थाना जखौरा व पूराकलां क्षेत्र से अवैध हथियार व उपकरण हुए थे बरामद

पांच आरोपित गिरफ्तार दो फरार, एसओजी की कार्यवाही बताई जा रही चुनावी रंजिश

ललितपुर।

कुछ माह से जनपद अवैध हथियारों गढ़ बन चुका है, सबसे शांत जिले ने पूवाँचल के मिर्जापुर का रूप ले लिया है। यह पुलिस द्वारा कुछ ही माह में बरामद हथियार बता रहे हैं। साथ ही पुलिस अपनी कार्यवाही में असलहा फैक्टरी पकडऩे का दावा कर रही है। लेेकिन कहीं पर पुलिस अपनी कार्यवाही में हथियार माफिया का जिक्र नहीं कर रही है। न ही जनपद से इन हथियारों की खपत किन इलाकों व जनपदों में हो रही है।

अगर पुलिस के दावे को सही मानें तो यह चिन्ता जनक बात हैं, क्योंकि उस फैक्टरी में कितने हथियार बन चुके हैं, और उन्हें कहाँ भेजा गया है। साथ ही इन हथियारों से बदमाश बड़ी योजना को अंजाम देने में जुटे हुये हैं। इन सभी पहलुओं पर जाँच की आवश्यकता है। लेकिन वर्तमान में जो एसओजी द्वारा जो कार्यवाही दर्शायी गयी है, उसमें चुनावी रंजीश माना जा रहा है। हालही में बार पुलिस पर भी ऐसे ही आरोप लग चुके हैं। इन आरोपों में अगर कुछ प्रतिशत भी सच्चाई हुई तो यह लोकतंत्र के काफी बड़ा आघात हैं, क्योंकि लोक सेवक द्वारा चुनाव में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से हस्तक्षेप नहीं किया जाना चाहिए।

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आये दिन अवैध हथियार बरामद होने के मामले सामने आने से यह माना जा रहा है, कि जनपद में बड़े पैमाने पर अवैध हथियारों का कारोबार किया जा रहा है। लेकिन बार-बार अवैध हथियार व उपकरण बरामद होने के बाद भी एसओजी टीम व थाना पुलिस अवैध हथियारों के माफिया को गिरफ्तार नही कर सकी है। पुलिस की असफलता को उनका संरक्षण बताया जा रहा है। थाना पूराकलां क्षेत्र में एसओजी व थाना पुलिस ने तीन लोगो को गिरफ्तार कर उन्हें अवैध हथियारों का तस्कर बताया है। तो वही क्षेत्र में एसओजी टीम द्वारा दो व्यक्तियों पर की गई कार्यवाही को चुनावी पैतरा व झूठा फंसाने की बताया कही जा रही है। पूराकलां क्षेत्र में एसओजी द्वारा की गई कार्यवाही को लेकर गिरफ्त में आये लोगो के साथ बेहरेमी से मारपीट करने की बात जबरन फंसाने के आरोप लगाये जा रहे है। तो वही थाना जखौरा पुलिस ने भी एक आरोपित को अवैध तमंचो व उपकरण को बरामद किए है। पुलिस ने थाना पूराकलां व जखौरा क्षेत्र में पकड़े गए आरोपितों को जेल भेज दिया है।

पूराकलां क्षेत्र में की गई कार्यवाही

पुलिस ने बताया कि रविवार जब एसओजी व थाना पूराकलां पुलिस तिराहे पर खड़ी हुई थी, तभी मुखबिर ने तीन व्यक्ति के एक बाइक पर सवार होकर आने की सूचना दी। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर बाइक सवार तीन लोगो को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि पुलिस गिरफ्त में आये ग्राम विजयपुरा निवासी विजय कौशिक पुत्र देवेन्द्र के पास से तलाशी के दौरान 315 बोर का तमंचा व दो जिंदा कारतूस बरामद हुए है, तो वही चुनाव में खड़े होने वाले प्रधान प्रत्याशी राजा भैया पुत्र जयपाल सिंह निवासी ग्राम विजयपुरा के पास से 315 बोर का एक तमंचा व एक कारतूस बरामद होने की बात कही है। तो वही तीसरे आरोपित ग्राम चांदरा निवासी इन्द्रपाल सिंह पुत्र केहर सिंह बुंदेला के पास से 312 बोर का एक तमंचा व छह जिंदा कारतूस बरामद होने की बात कही है।

वही ढ़ावे से गिरफ्तार हुए चौथे आरोपित मनीष भौडेले के पास से एक 315 बोर का एक तमंचा व एक जिंदा कारतूस बरामद कर पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर के खिलाफ चुनाव में खड़े होने की हिम्मत करने वाले राजा भैया के ढ़ावे के पीछे से पुलिस ने छापेमारी के दौरान के पीछे खेत से बोरी में रखी एक बंदूक 315, एक 315 बोर की अधिया, एक 312 बोर का तमंचा, दो देशी पिस्टल बरामद होने की बात कही है। पुलिस टीम ने अवैध हथियारों के कारोबार में मध्यप्रदेश के जिला टीकमगढ़ के ग्राम बिरौरा निवासी शोन्टू राजा व थाना पूराकलां के ग्राम विजयपुरा निवासी गिन्नीराजा पुत्र चेने को बताया जा रहा है।

जखौरा पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही

थाना जखौरा पुलिस ने सोमवार को चेकिंग के दौरान मिली मुखबिर की सूचना पर ग्राम छिपाई के पास से जंगल में एक अवैध हथियारों को तैयार करने वाले एक कारोबारी को गिरफ्तार किया है। पुलिस की पूछताछ में कारोबारी ने अपना नाम जनपद झांसी के दतिया गेट निवासी साबिर उर्फ चोखे पुत्र कल्लन खां बताया है। पुलिस ने अवैध हथियार तैयार कर रहे कारोबारी के पास से दो 315 बोर का तमंचा, एक 312 बोर का तमंचा, 315 बोर की एक देशी अद्द्धी व एक कारतूस एवं अवैध हथियार बनाने में प्रयुक्त होने वाले उपकरण भी बरामद किए है। पुलिस गिरफ्त में आया कारोबारी जनपद झांसी का शातिर अपराधी है। जनपद झांसी में पुलिस गिरफ्त में आये कारोबारी के खिलाफ पूर्व में जघंन्न अपराधों के करीव 39 मामले दर्ज होना बताया गया है। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ सुसंगत धारा में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया है। इस कार्यवाही के दौरान थाना जखौरा में तैनात उपनिरीक्षक संदीप सिंह सेंगर, उपनिरीक्षक अजय कुमार, अधीनस्थ बृजमोहन, सचिन अग्रिहोत्री व पुष्पेन्द्र शामिल रहे।

ग्रामीणों ने एसओजी पर लगाये बेहरेमी से मारपीट करने के आरोप

थाना पूराकलां क्षेत्र में एसओजी टीम द्वारा की गई कार्यवाही को लेकर लोगो ने बताया कि पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर राजा भैया, मनीष भौडेले व विजय कौशिक के साथ बेहरेमी से मारपीट की गई है। पुलिस गिरफ्त में आये मनीष व विजय कौशिक का आपराधिक इतिहास न होने के बाद भी एसओजी टीम द्वारा की गई मारपीट को लेकर ग्रामीणों में रोष व्याप्त बना हुआ है। तो वही राजा भैया को लेकर बताया जा रहा है कि ग्राम चौबारा में रहने वाले एक हिस्ट्रीशीटर के खिलाफ प्रधानी के चुनाव में ताल ठोकने के बाद राजा भैया से रंजिश मानी जा रही थी। परिजनों का आरोप है कि एसओजी टीम ने विपक्षियों से सांठगांठ कर राजा भैया को झूठे मामले में फंसाकर हिस्ट्रीशीटर का रास्ता साफ कर दिया है।

एसओजी की सभी कार्यवाही तालबेहट क्षेत्र में ही क्यों

एसओजी प्रभारी जितेन्द्र चंदेल लम्बे समय तालबेहट प्रभारी रहे हैं। इनका कार्यकाल इस क्षेत्र में विवादित रहा है। साथ ही इन्हें शिकायतों के बाद ही हटाया गया था। एसओजी प्रभारी बनते ही इनका रूझान तालबेहट क्षेत्र में अधिक दिखायी दे रहा है। जिसके चलते एक बार फिर यह चर्चा में आ गये हैं। क्योंकि इनकी अधिकाँश कार्यवाही इसी क्षेत्र में होती है। अन्य थाना क्षेत्रों हो रहे अपराध इसलिए नहीं रोक पा रहे हैं। साथ ही उनके खुलासे में भी रूचि नहीं ले रहे हैं।

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