मस्ती की पाठशाला बन गया है पूर्व माध्यमिक विद्यालय गेरावा

मस्ती की पाठशाला बन गया है पूर्व माध्यमिक विद्यालय गेरावा


गुरूजी पार्टी के प्रचार प्रसार में मस्त, प्राइवेट शिक्षक के सहारे हो रही है पढ़ायी


 एबीएसए अन्जान, ग्रामीणों ने की मुख्यमंत्री से शिकायत

हैदरगढ़, बाराबंकी।

प्रदेश सरकार शिक्षा स्तर का बढ़ावा देने के लिए सर्व शिक्षा अभियान के तहत नाना प्रकार की स्कीम चलाकर प्रदेश की जनता को जागरूक करने का काम कर रही है जिससे प्रदेश के बच्चे शिक्षा से अछूते न रह पाये, लेकिन मुख्यमंत्री की मंशा पर एक शिक्षक सरकार के फैसलों को पलीता लगाने का काम कर रहा है ऐसा मामला बाराबंकी जिले के तहसील हैदरगढ़ में देखने को मिला।

जहां शिक्षक गैर हाजिर होकर अपनी जिम्मेदारी एक 17 वर्षीय किशोर पर सौंप कर पार्टी का प्रचार प्रसार करने मे व्यस्त है। विद्यालय में मिडडे मिल सहित सरकार द्वारा अन्य संचालित सभी स्कीमे कागजो में सिमट गयी। विद्यालय की हालत यह है कि बच्चे स्कूल के समय कन्चा खेलते है, ग्रामीणों में लापरवाह शिक्षक के प्रति जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है।

जानकारी के मुताबिक ब्लाक हैदरगढ़ अन्तर्गत ग्राम पंचायत गेरावां में खुले पूर्व माध्यमिक विद्यालय मे तैनात प्रधानाध्यापक ने अक्टूबर 2016 के लगभग विद्यालय का कार्यभार संभाला था कुछ दिन तक विद्यालय में बच्चो को अच्छी शिक्षा दीक्षा दी, उसके बाद प्रधानाध्यापक एक राजनैतिक पार्टी में जाकर शामिल हो गये,

और उक्त पार्टी के उच्चनेताओं ने शिक्षक को उच्च पद देकर नवाजा, राजनैतिक पार्टी में जबरदस्त सम्मान पाने के बाद से गुरू जी विद्यालय से आये दिन गायब रहने लगे, और स्वयं विद्यालय न आना पडे़ इसके स्थान पर गॉव के ही एक 17 वर्षीय किशोर को विद्यालय की कमान सौंप दी, अब उक्त विद्यालय उसी किशोर द्वारा संचालित किया जा रहा है गुरूजी सिर्फ पार्टी के कार्यक्रमों मे हिस्सा ले रहे है और मौज मस्ती कर रहे है।

जबकि इस विद्यालय मे पढ़ने वाले मासूम नौनिहालो के लिए विद्या मंदिर नही बल्कि मस्ती की पाठशाला बन कर रह गयी है। उक्त विद्यालय में किसी जिम्मेदार शिक्षक के न होने से विद्यालय की षिक्षा व्यवस्था चरमरा गयी, बच्चों को दिया जाने वाला दोपहर का भोजन नियमित नही बनता यही नही राजगीर को मजदूरी का पैसा न दिये जाने की वजह से विद्यालय का रसोईघर अर्धनिर्माणाधीन पड़ा है तो विद्यालय भवन की रंगाई पुताई न होने से भवन जर्जर होने लगा है।

प्रधानाध्यापक की इस कार्यशैली से गॉव के ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोष व्याप्त है ग्रामीणां ने जिलाधिकारी से लेकर षिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों तक को षिकायती पत्र दिया लेकिन प्रधानाध्यापक की मजबूत राजनैतिक पकड़ होने के कारण कोई भी अधिकारी विद्यालय मे आकर जांच करने का साहस नही उठा सका। उक्त विद्यालय के बारे मे गेरावां ग्राम प्रधान से जब जानकारी की गयी तो प्रधान ने बताया कि

कन्वर्जन कास्ट का करीब 65000 बकाया होने से विद्यालय में मिडडे मील पूरी तरह से प्रभावित है और अभिभावकों ने जो विद्यालय में नियमित स्कूल ना आने की शिकायत कर रहे हैं वह सच है इसकी शिकायत मैंने कई बार विभाग के उच्च अधिकारियों से कर चुका हूं लेकिन शिक्षक की शासन के जनप्रतिनिधियों से अच्छी पैठ होने के कारण विभागीय अधिकारी शिक्षक पर कोई कार्यवाही करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।

वहीं इस विद्यालय के सम्बन्ध में जब खंडशिक्षा अधिकारी हैदरगढ़ से जानकारी की गयी तो उनका कहना था कि मामला मेरे संज्ञान में नहीं है अगर इस तरह की बात उक्त विद्यालय में है तो शिकायत मिलने पर जांच करवाकर उक्त शिक्षक पर कार्यवाही की जायेगी।

अब देखना यह है कि विभाग के अधिकारी लापरवाह शिक्षक पर क्या कार्यवाही करते है अथवा विद्यालय के नौनिहाल का भविष्य खेल कूद मे ही विगड़ जायेगा।
 

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