सूखा भूसा खाने को मजबूर गोवंश, सेवादारों को भी नहीं मिल रहा पैसा।

सूखा भूसा खाने को मजबूर गोवंश, सेवादारों को भी नहीं मिल रहा पैसा।

सूखा भूसा खाने को मजबूर गोवंश, सेवादारों को भी नहीं मिल रहा पैसा।

 

औरैया/फफूंद:-  

सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गोवंशों के लिए गोशालाओं में पर्याप्त इंतजाम करने के सख्त निर्देशों का क्षेत्र की गोशालाओं में कोई असर नहीं दिख रहा है। क्षेत्र के ब्लॉक भाग्यनगर की दो अस्थायी गोशालाओं में शरण लिए निराश्रित गोवंशों को सूखा भूसा मिल रहा है। गोशालाओं में पर्याप्त टिन शेड न होने से वह बारिश के पानी में भीगने को मजबूर हैं।

गोशालाओं में काम कर रहे सेवादारों को भी चार महीने से पैसा न मिलने से उनको परिवार चलाना मुश्किल पड़ रहा है। ग्राम प्रधानों का कहना है कि उन्हें 30 रुपये प्रति मवेशी के हिसाब से धनराशि मिल रही है। लागत को देखते हुए दाना व खली के लिए वे लोग अपने जेब से खर्च कर रहे हैं।

 

फफूंद-दिबियापुर मार्ग पर दूल्हाराय का पुर्वा में दो अस्थायी गोशाला बनाई गई हैं। पुरवा गंगू की गोशाला में लगभग ढाई सैकड़ा से अधिक पशु हैं। पुरवा गंगू की गोशाला काफी बड़े क्षेत्रफल में फैली होने से बारिश होते ही टापू बन गई है। वहां मात्र दो टिन शेड होने से गोवंश पानी में भीगने के साथ ही गोशाला के अधिकतर हिस्से में कीचड़ व दलदल होने की वजह से बैठने को भी तरस रहे हैं। मजबूरी में उन्हें कीचड़ पानी में बैठना पड़ रहा है। गोवंशों को खाने के लिए बिना दाना मिला भूसा दिया जा रहा है।

ग्राम पंचायत नियामतपुर बिहारी की गोशाला में लगभग एक सौ तीस गोवंश रह रहे हैं। गोवंशों को खाने को गीला भूसा दिया जा रहा है। पर्याप्त टीन शेड न होने से गोवंश खुले में रहकर बारिश के पानी में भीगने को मजबूर हैं। उन्हें बारिश में कीचड़ में बैठना पड़ रहा है। 

नियामतपुर बिहारी गोशाला के सेवादार जितेंद्र, विश्वनाथ, गोविंद, तेज सिंह, आलोक कुमार व पुरवा गंगू गोशाला के सेवादार सोबरन, राजू, सपूती, रामकिशुन, अजमद, सुरेश, सुनील, मनोज ने बताया कि उन लोगों को जीतोड़ मेहनत करने के बाद भी चार महीने से पैसा नहीं मिला। पैसे के लिए वह प्रधान, सचिव व ब्लॉक के अधिकारियों से भी अपनी फरियाद कर चुके हैं। लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। सेवादारों का कहना था कि अगर उन्हें जल्द ही पैसा नहीं दिया गया तो वह गोशालाओं में कोई काम नहीं करेंगे। 

इस संबंध में ग्राम पंचायत तरई की प्रधान राधा देवी व नियामतपुर बिहारी पंचायत के ग्राम प्रधान संजय दोहरे ने बताया कि गोशालाओं में निर्माण के लिए कोई अतिरिक्त बजट नहीं मिला था। ग्राम पंचायत के खाते से गोशाला में टीन शेड और गोशाला के अन्य कार्यों के लिए इस्टीमेट बन रहा है। गोशाला के पशुओं के लिए तीस रुपये प्रति पशु दिया जा रहा है। उसमें भी खली व दाने के लिए हम लोगों को अपनी जेब से खर्च करना पड़ रहा है। अभी तक जनवरी व फरवरी माह का चारे का पैसा भी नहीं मिला। जिसका कर्जा चढ़ा हुआ है। कई बार अधिकारियों को सूचना देने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई है। सेवादारों के लिए भी खाते में कोई पैसा नहीं आया है। उन्हें कहां से दिया जाए।

 

 

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