क्या आगे भी पाकिस्तान के सड़कों पर देखें जाएंगे दुनिया के मोस्ट वांटेड आतंकवादी

क्या आगे भी पाकिस्तान के सड़कों पर देखें जाएंगे दुनिया के मोस्ट वांटेड आतंकवादी

प्रशांत तिवारी

 

वाशिंगटन : दुनिया के आतंकवादियों को पनाह देने वाला पाकिस्तान के खिलाफ भारत की तरह अमेरिका भी सोच रखता है

 दुनिया के मोस्ट वांटेड आतंकवादियों के खिलाफ भारत की तरह अमेरिका भी निर्णायक फैसले लेने के लिए कई कदम उठा रहा है दुनिया के अलग-अलग देशों में आतंकवादी गतिविधियों को चलाने वाले अपराधियों के खिलाफ अमेरिका भी भारत का साथ देने को और इस मुद्दे पर साझा वार्ता के लिए तैयार है भारत की तरह अमेरिका भी इस मुद्दे पर काफी चिंतित है. 

वहीअमेरिका के विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अमेरिका भी भारत के समान इस बात पर चिंतित है कि पाकिस्तान मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को खुले आम घूमने दे रहा है, जबकि आतंकी गतिविधियों में उसकी भूमिका को देखते हुए अमेरिका ने उस पर ईनाम रखा हुआ है लेकिन फिर भी पाकिस्तान की आतंकवादियों को पनाह देने का अमेरिका कड़ी शब्दों में निंदा करते हुए.

 अमेरिकी अधिकारी का यह बयान उस वक्त आया है जब एक दिन पहले अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने नव निर्वाचित प्रधानमंत्री इमरान खान से मुलाकात करके क्षेत्रीय शांति और स्थायित्व के लिए खतरा बने आतंकवादियों के खिलाफ निरंतर और निर्णायक कदम उठाने के लिए कहा है.

 

पोम्पिओ के साथ यात्रा कर रहे अधिकारी ने नई दिल्ली में कहा, 'हमने आतंकवाद विरोध तथा पदनाम पर वार्ता के लिए पिछले वर्ष भारत के साथ बेहद करीब से काम किया है.' उन्होंने कहा कि आतंकवाद का विरोध यकीनन भारत के साथ साझा हितों का एक मुद्दा है. 

 

अधिकारी ने कहा, 'मुंबई हमले के 10 वर्ष पूरे होने वाले हैं. हम भी भारत के समान इस बात पर चिंतित हैं कि पाकिस्तान मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को खुलेआम घूमने दे रहा है, जबकि आतंकवादी गतिविधियों में उसकी भूमिका को देखते हुए उस पर ईनाम है.'पाकिस्तान में आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि अमेरिका सीमा पार से घुसपैठ और हिंसा पर भारत के समान ही चिंतित है.

उन्होंने कहा, 'मुझे विश्वास है कि आतंकवाद विरोधी सहयोग पर बातचीत होगी और सीमा पार से घुसपैठ और हिंसा पर भारत के समान ही चिंतित है.' अधिकारी ने कहा, 'भारत-पाक संबंधों की बात करें तो हम एक दूसरे से बातचीत करने के दोनों देशों के प्रयासों का स्वागत करते हैं.' अब देखना यह होगा कि पाकिस्तान का रुख क्या भारत और अमेरिका की चिंताओं के साथ है या आगे भी इसी तरह अपराधी पाकिस्तान की सड़कों पर देखे जाएंगे

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