माँ सत्यनारायणी धाम में लगा भक्तों का ताँता,दर्शन को पूर्व जिला पं.अध्यक्ष भी पहुंचे

 

सुल्तानपुर/लंभुआ:-
                 शारदीय नवरात्रि के आखिरी दिन अर्थात नवमी के दिन जिले के लंभुआ तहसील अंतर्गत भगौतीपुर गाँव में माँ सत्यनारायणी धाम पर सुबह से ही भक्तों की कतार लगनी शुरू हो गयी। करीब 5 बजे आरती होने के बाद से दर्शन करने के लिए कई जिले से लोग माता रानी को हलवा पूरी नारियल चुनरी आदि सामग्री लेकर लंबी लाइन में लग कर दर्शन किये। हजारों की संख्या में भक्तगण मंदिर परिसर में मइया रानी के लिये हलवा पूरी सब्जी आदि बना कर चढ़ाये और कन्याओं को भी भोजन कराया। मंदिर परिसर में बहुत भारी मेला भी लगा और भक्तों ने मेले का भी आनंद उठाया। मंदिर में दर्शन के लिए बहुत बड़ी दो कतार लगी थी जिसके बीच में जिले पूर्व जिलाध्यक्ष पृथ्वीपाल यादव ने भी लाइन लगा कर माँ का दर्शन कर आशीर्वाद लिया। कानपुर सपा नगर सचिव रमेेेश यादव नेे लाइन में लगकर भी माँ का आशीर्वाद लिया ।10:30 बजे मंदिर परिसर में चार अतिरिक्त हवन कुण्ड बनाया गया था जिसमे हजारों भक्तों ने पंडित सत्यप्रकाश पाण्डेय के माध्यम से सामूहिक हवन किया।  नवमी के दिन भारी भीड़ और मंदिर परिसर में शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए लंभुआ कोतवाली से दो सिपाही आमोद मिश्र व धर्मपाल की ड्यूटी लगायी गयी  दोनों सिपाही सुबह से जब तक मेला समापन नही हुआ तत्परता से लगे रहे। 
           यहां पर माँ सत्य नारायणी सेवा समिति का गठन किया गया है । जिसके कार्यकर्त्ता पूरी निष्ठा और लगन से नवरात्रि के पहले से ही साफ सफाई से लेकर माँ की सेवा व नवमी के एक दिन पहले रात से ही प्रसाद हेतु पूरी व हलुवा बनाये इस सम्बन्ध में माँ सत्यनारायणी सेवा समिति के अध्यक्ष ने बताया की नवमी के एक दिन पहले रात को ही समिति के सारे कार्यकर्त्ता पूरी रात जग कर भक्तों के लिए प्रसाद तैयार करते हैं और फिर सुबह सामूहिक हवन के लिए कुण्ड बनाते हैं जब तक मेला चलता है मेले में भक्तों के लिए व्यवस्था देखते हैं। समिति में राजेश यादव राकेश यादव राजकुमार रमेश राहुल मनीष गुड्डू आशीष नरेंद्र रवीन्द्र आदि कई कार्यकर्ताओं ने पूरा सहयोग किया। 
              माता  रानी का यह धाम लंभुआ तहसील में बधूपुर बाजार के पास भगौतीपुर गाँव में एक तालाब के किनारे है यहाँ पर प्रत्येक रविवार भक्तों की भारी भीड़ होती है किंतु चैत व अश्विन महीने में नव दिन तक यहाँ पर भक्तों का ताँता लगा रहता है।

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