पढ़ने की कोई उम्र नहीं

78 साल का बुजुर्ग दे रहा बोर्ड परीक्षा

78 साल का बुजुर्ग दे रहा बोर्ड परीक्षा

विशेष संवाददाता गोण्डा – अतीक राईन

गोण्डा –
इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा में बैठे 78 साल के बुजुर्ग रामकरण प्रजापति इस समय क्षेत्र में चर्चा का विषय बने हुए हैं।
एक कहावत कही गई कि पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती है आज उसे सही साबित करने में रामकरण प्रजापति ने अपनी भूमिका निभा दी है।अगर कुछ बनने की ललक हो और कुछ कर गुजरने की इच्छा शक्ति हो तो उम्र का कोई बंधन नहीं होता ऐसा ही कुछ कर दिखाया है गोंडा के विकासखंड इटियाथोक क्षेत्र के दुलमपुर बनकटवा के रहने वाले 78 साल के बुजुर्ग रामकरण प्रजापति।

पेशे से एक मिट्टी के बर्तन बनाने वाले हैं और सन 1997 में इन्होंने हाईस्कूल की परीक्षा पास की थी। यह बहुत ही गरीब परिवार के हैं और अब 2020 की इंटरमीडिएट की परीक्षा में इन्होंने कला वर्ग से इंटरमीडिएट की परीक्षा पास करने के लिए मन में ठानी है और कल इन्होंने हिंदी साहित्य का प्रथम प्रश्न पत्र गोण्डा के मनकापुर क्षेत्र के एपी इंटर कॉलेज में परीक्षा दी है।

इन्होंने मुझेहना शिक्षा क्षेत्र के राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय पेड़ारन से यूपी बोर्ड का परीक्षा का फॉर्म भरा था अब आगे की परीक्षा के घर पर पढ़ाई कर रहे हैं।

रामकरण प्रजापति 78 साल के हैं इनका जन्म 11 जुलाई 1942 में हुआ था और 1997 में जनता इंटर कॉलेज इटियाथोक से हाई स्कूल की परीक्षा पास की थी। मौजूदा समय में एक निजी स्कूल में पढ़ाते थे।इंटर की परीक्षा पास करने के लिए उनकी तमन्ना है।इनके दो बेटे हैं जिसमें से एक बेटा साइकिल का पंचर बनाने का काम करता है।

आज के समय में जहां लोग बड़ी-बड़ी नौकरियों के लिए पढ़ाई के पीछे भागते हैं तो 78 साल की बुजुर्ग ने केवल इंटर की परीक्षा पास करने के लिए ही इंटरमीडिएट का फॉर्म भर दिया और अब परीक्षा की तैयारी करते हुए परीक्षा दे रहे हैं।

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